विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान का दो दिवसीय रजत जयंती समारोह

सम्मानित हुई साहित्यिक विभूतिया।

समारोह में देश के कई राज्यों से आए साहित्यकारों ने अपना वक्तव्य दिया।

समारोह में संगीत के कलाकारों ने मोहा सबका मन, मंत्रमुग्ध कर देने वाली दी प्रस्तुति।

• मुख्य वक्ता ओमप्रकाश त्रिपाठी ने कहा भौतिकता के विकास में हम न भूल पर्वों की जड़ें।

ब्यूरो, प्रयागराज। विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान की ओर से शनिवार को दो दिवसीय रजत जयंती समारोह का शुभारंभ हिंदुस्तानी एकेडेमी में हुआ। समारोह का उद्घाटन अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर काव्य सम्राट प्रतियोगिता, पुस्तक विमोचन और भारतीय त्योहारों की वैज्ञानिकता विषय पर संगोष्ठी एवं उपाधि एवं सम्मान समारोह आयोजित की गई।

उद्घाटन सत्र में सरस्वती वंदना श्रीमती नुपूर मालवीय ने प्रस्तुत की। सर्वप्रथम काव्य सम्राट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उसके बाद ‘भारतीय त्योहार एवं उनकी वैज्ञानिकता’ विषयक परिचर्चा का आयोजन किया गया। उ0प्र0 के सोनभद्र जिले से आए हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ओमप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि भारत का अतीत गौरवशाली रहा है। यहां का प्रत्येक दिन किसी न किसी पर्व, त्योहार से पूर्ण है। यहां की प्रकृति एवं प्राकृतिक वस्तुएं मानव जीवन के लिये संजीवनी है। यहां के समस्त पर्व न केवल पूरी धरा को कुछ नवीन स्वरुप देते है वरन मानव और प्रकृति के बीच अन्योन्याश्रित सम्बन्ध के द्वारा पूरी धरा को अनुपम वरदान स्वरुप आबद्ध किए है।
बिहार के पटना जिले से आई प्रो0 सुधा सिन्हा ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय त्योहार अपनी वैज्ञानिकता की सिघूफा के साथ जनमानस में सौहाद्र की भावना निर्माण करती है। वे हमें आध्यात्मिक बनाते है।
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ0 विनय कुमार पाठक ने कहा कि भारतीय त्योहार वैज्ञानिकता से युक्त है, जो प्रकृति से परिपूक्तता बनाए हुए जीवन दर्शन को पुष्ट करते है।
वहीं छत्तीसगढ़ से आई हुई डॉ0 अनूसूया अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि युगों से भारत के पर्वोत्सव राष्ट्रीय चेतना और एकता के प्रतीक, यहाँ के सांस्कृतिक चेतना के आध्यात्मिक रुप रहे है। भारत के जनमानस ने प्रकृति से अपना सीधा और सगा नाता जोड़े रखा है और यहां के प्राकृतिक उपादानों सूर्य, चंद्र, नदी, पहाड़, पेड़-पौधों की निरंतर पूजा पर्वोत्सव के उपलक्ष्य में होती है। ये पर्वोत्सव हमारी बौद्धिक चेतना व आंतरिक उर्जा को परिपुष्ट करते है।
परिचर्चा की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य, डॉ0 शहाबुद्दीन नियाज़ मुहम्मद शेख, पुणे ने कि भारतीय त्योहार पूरे विश्व में मनाए जाते है। इन त्योहारों के उपलक्ष्य में पारस्परिक रूप से जुड़ते हुए हम हर्षोल्लास के साथ त्योहार मनाने के साथ भारतीय संस्कृति का पालन भी करते है। प्रारंभ में संस्थान के सचिव डॉ0 गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी ने प्रस्तावना में विषय के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।

समारोह का दूसरा दिन
देवनागरी लिपि लिप्यंतरण की दृष्टि से अत्यंत सरल व व्यवस्थित होने के बावजूद देवनागरी लिपि में लिप्यंतरण तो नहीं, बल्कि उसका व्यापकस्तर पर लोकातंरण हो रहा है। यह बड़े आश्चर्य की बात है। इस आशय का प्रतिपादन हिंदुस्तानी एकेडमी, प्रयागराज के अध्यक्ष डा. उदय प्रताप सिंह, राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त, उ.प्र.सरकार ने किया। वे विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान, प्रयागराज के रजत महोत्सव के भौतिक समारोह में अध्यक्ष के रूप में अपना मंतव्य दे रहे थे। डा. सिंह ने आगे कहा कि, पच्चीस वर्ष का यह संस्थान युवावस्था में पहुंचा है, जिससे संस्थान में नए उमंग व उल्लास का भाव दिखाई देता है। देश की स्वैच्छिक हिंदी संस्थाएं ऐसा प्रयास करें कि हिंदी के माध्यम से देश व संस्कृति मजबूत हो जाये हैं।
‘हिन्दी प्रेम की भाषा है। भाईचारे की भाषा है। सद्भाव की भाषा है। हिन्दी लोकजन की भाषा बनेगी तब और समृद्ध होगी। देवनागरी लिपि वैज्ञानिक लिपि है। लेकिन वास्तव में देवनागरी की बजाय रोमन का प्रयोग किया जा रहा है। उक्त उद्गार आयोजन की अध्यक्षता कर रहे डा0 उदय प्रताप सिंह ने कहीं।

आयोजन के दूसरे सत्र का शुभारंभ निशा ज्योति संस्कार भारती विद्यालय के छात्राओं दीपिका गुप्ता, दिव्यांशी साहू, शिवांशी मिश्रा और रिया मौर्या द्वारा सुमधुर स्वरों में सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि राजभाषा आयोग, छ.ग. के पूर्व अध्यक्ष डा. विनय कुमार पाठक, विशिष्ट अतिथि किशोर न्यायालय के सदस्य ओमप्रकाश त्रिपाठी तथा अध्यक्षता कर रहे हिंदुस्तानी एकेडमी के अध्यक्ष (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) डा. उदय प्रताप सिंह ने की। मंच पर संस्थान के अध्यक्ष डॉ0 शहाबुद्दीन नियाज़ शेख भी मंचासीन रहे।
द्वितीय सत्र में संस्थान के कुलगीत का लोकार्पण अध्यक्ष डॉ0 उदय प्रताप सिंह ने किया।

वही संस्थान के रजत स्मारिका का विमोचन डॉ0 उदय प्रताप सिंह, डॉ0 विनय कुमार पाठक, ओम प्रकाश त्रिपाठी, डॉ0 शहाबुद्दीन नियाज़ मुहम्मद शेख, डॉ0 गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी एवं डॉ0 मुक्ता कान्हा कौशिक द्वारा किया गया। इस अवसर पर राकेश मिश्रा की पुस्तक ‘मुक्तक माला’ का लोकार्पण भी किया गया।
समारोह में काव्य सम्राट प्रतियोगिता का भी अयोजन किया गया। प्रतियोगिता कई प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिसमे की पुष्पा श्रीवास्तव प्रथम स्थान प्राप्त कर शैली काव्य सम्राट की विजेता बनी और दूसरे स्थान पर डा. वन्दना श्रीवास्तव वान्या-लखनऊ, तीसरे स्थान पर अर्चना कृष्ण पांडेय रहीं। काव्य सम्राट प्रतियोगिता प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली पुष्पा श्रीवास्तव को अतिथियों द्वारा सम्राट की पगड़ी, 11000/रुपये नगद, स्मृति चिह्न, अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया।

वही लघुकथा प्रतियोगिता में संयुक्त स्थान पाने वाली संतोष शर्मा ‘शान’-हाथरस, उ.प्र तथा पूनम रानी शर्मा-कैथल, हरियाणा को दो हजार पांच सौ रुपये देकर लघु कथा सम्राट से सम्मानित किया गया।

आयोजित समारोह में साहित्यिक विभूतियों को सम्मानित किया गया जिसमें डॉ0 चन्द्र देव कवडे़-औरगाबाद, महाराष्ट्र, डॉ0 विनय कुमार पाठक-रायपुर, छ0ग0, नागरी लिपि परिषद-नई दिल्ली, डॉ0शांति चौधरी-प्रयागराज को रजत पदक, साहित्य रत्न- कुशलेन्द्र श्रीवास्तव-नरसिंहपुर, म.प्र., साहित्य श्री, डॉo सीमा वर्मा-लखनऊ, उ0प्र0, शिक्षकश्री-डॉoसिकन्दर लाल- प्रतापगढ़, उ.प्र., डा0 अन्नपूर्णा श्रीवास्तव-पटना, बिहार, डॉ0 राम नरेश सिंह ‘मंजूल’ -बस्ती, उ0प्र0, विजय कृष्ण त्रिपाठी-प्रयागराज, उ0प्र0, दीप्ति मिश्रा- प्रयागराज, उ0प्र0 को तथा कलाश्री जयराम पटेल-छ.ग. रहे।

समारोह में रामचंद्र-पुणे, महाराष्ट्र, कुसुम वर्मा-लखनऊ, वेदांग उदय कुलकर्णी-औरंगाबाद, महाराष्ट्र, सुधांशु अनंत परलीकर-औरंगाबाद, महाराष्ट्र, प्रमोद वसल-समाजश्री, डॉ0 सुनीता सिंह को शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया और आभासी नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम आने पर समृद्धि तिवारी, प्रयागराज को प्रथम तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम आने पर शुभ द्विवेदी-प्रयागराज को सम्मानित किया गया।
पवहारी शरण द्विवेदी स्मृति न्यास द्वारा नरेन्द्र भूषण, लखनऊ-कैलाश गौतम सम्मान-2020, डॉ0 प्रभाषु कुमार, प्रयागराज-राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान, वंदना श्रीवास्तव, लखनऊ-महादेवी वर्मा सम्मान, मीडिया फोरम ऑफ इंडिया तथा आनंदराम साहू, छ0ग0, को पत्रकारश्री से सम्मानित किया गया।
आयोजन में प्रसिद्ध लोक गायिका कुसुम वर्मा द्वारा लोकगीत, फिल्म संगीतकार आदि रामचंद्र-पुणे एवं उनके सहयोगी बांसुरी पर वेदांग कुलकर्णी एवं तबला पर सुधांशु परलीकर द्वारा गीत एवं ग़ज़ल प्रस्तुति की गई।

प्रारंभ में संस्थान के सचिव एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ0 गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी ने संस्थान के 25 वर्ष की विजयगाथा को विस्तार से रखते प्रकाश डाला। एक तरफ उन्होंने अपने सभी पूराने सहयोगियों को उनके योगदान के लिए स्मरण किया तथा वर्तमान पदाधिकारियों के योगदान की भी चर्चा की। इस यात्रा के अपने खट्टे-मीठे अनुभवों का साझा करते हुए कहा किसी भी व्यक्ति या संस्थान को सफल होने में दो तरह के लोगों का हाथ व साथ महत्वपूर्ण होता है पहला वे हाथ जो पैर खींचने के लिए प्रयोग किए जाते है तथा दूसरा वे हाथ जो सर पर पगड़ी पहनाने में प्रयोग किए जाते है। उन्होंने इन पंक्तियों से अपनी वाणी को विराम दिया कली कली महक रही गुलों पे भी निखार है, ये मौसम-ए-बहार है ये मौसम ए बहार है।

अतिथियों का स्वागत डॉ0 पूर्णिमा मालवीय और धन्यवाद ज्ञापन डॉ0 सीमा वर्मा ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ0 मधु शंखधर एवं डॉ0 वंदना श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर नुपुर मालवीय- प्रयागराज, पुष्पा श्रीवास्तव ‘शैली’ रायबरेली, सदाशिव विश्वकर्मा, निगम प्रकाश कश्यप-मिर्जापुर, उ.प्र., ईश्वर शरण शुक्ला, पूर्णिमा कौशिक-रायपुर, छ0ग0, डॉ0 उषा श्रीवास्तव मुजफ्फरपुर, बिहार, डॉ0 मुक्ता कान्हा कौशिक-रायपुर, छ0ग0,मु0 तारिक जिया-जौनपुर, शिखा भारती, डॉ0पूर्णिमा मालवीय, मोहित गोस्वामी, डॉ0 रेवा नन्दन द्विवेदी, आलोक चतुर्वेदी, दिव्यांशी श्रीवास्तव, पूर्णिमा मालवीय, अनिल गर्ग, विजय मालवीय, डीo वंसत कुमार साव, एम.एस.खान, शरत चन्द्र श्रीवास्तव, सतीश कुमार मिश्र, अनुकूल नितीन वारखेड़े, राकेश शरण मिश्र, राजीव कुमार शर्मा, गुलाम सरवर, सन्तोष यादव, कृष्ण कान्त गुप्ता सहित आदि उपस्थित रहे।

जिन्ना को लेकर AMU में फिर से विवाद, BJP कार्यकर्ताओं ने खून से PM को लिखी चिट्ठी

• अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के यूनियन हॉल में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी है जिसे हटाने की मांग फिर से शुरू हो गई है।

• आने वाले यूपी चुनाव में ये मुद्दा महत्वपूर्ण हो सकता है।


अलीगढ़: उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में जिन्ना की तस्वीर को लेकर एक बार फिर से विवाद शुरू हो गया है। अलीगढ़ के बीजेपी कार्यकर्ताओं ने खून से चिट्ठी लिखकर ये मांग की है कि एएमयू से जिन्ना की तस्वीर हटाई जाए। ये चिट्ठी पीएम मोदी के नाम लिखी गई है और इस चिट्ठी को उन्होंने जिला प्रशासन को भी सौंपा है।

एएमयू से जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग तेज
आपको बता दें कि AMU के यूनियन हॉल में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है, जिसको लेकर कई बार विवाद हो चुका है। अब जबकि 14 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अलीगढ़ जाने वाले हैं, ऐसे में एक बार फिर जिन्ना की तस्वीर पर विवाद शुरू हो गया है।

देश की यूनिवर्सिटी में जिन्ना का क्या काम?
एक बार फिर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जंग शुरू हो गई है। मुद्दा वही है आखिर देश की यूनिवर्सिटी में देश के टुकड़े करने वाले मोहम्मद अली जिन्ना का क्या काम है? वही जिन्ना जिसने पाकिस्तान बनाकर हिंदुस्तान के दो टुकड़े करवाए। जिन्ना मजहब के नाम पर अपना मुल्क तो ले गए लेकिन अपनी मौजूदगी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के यूनियन हॉल में छोड़ गए। दरअसल यूनिवर्सिटी के यूनियन हॉल में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी है जिसे हटाने की मांग फिर से शुरू हो गई है।

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने की ये मांग
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी को खून से चिट्ठी लिखी है और AMU से जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग की है।बीजेपी कार्यकर्ता ने साफ कहा है कि अगर प्रशासन जिन्ना की तस्वीर AMU से नहीं हटाता है तो वो खुद ही ये काम कर देंगे।

जान लें कि इससे पहले भी जिन्ना की तस्वीर पर सियासी बवाल हो चुका है। अलीगढ़ से बीजेपी सांसद सतीश गौतम ने तस्वीर हटाने की मुहिम शुरू की थी लेकिन मुस्लिम तुष्टिकरण की सियासी रोटी पर टिकी पार्टियों ने झंडा बुलंद कर लिया।लेकिन अब खून की चिट्ठी बता रही है कि यूपी चुनाव से पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी फिर से सियासत का अड्डा बनने जा रही है। बीजेपी कार्यकर्ता शिवांग तिवारी ने खून से खत लिखकर पीएम मोदी से मांग की है कि जिन्ना की तस्वीर हटवाई जाए।

आपको बता दें कि 14 सितंबर को प्रधानमंत्री अलीगढ़ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वो जाट राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का उद्घाटन करेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम से ठीक पहले AMU से जिन्ना की तस्वीर हटाने का मुद्दा फिर से गरमाया है। ऐसे में देखना होगा कि क्या इस बार देश की एकता को तोड़ने वाले खलनायक को फिर से कुछ तथाकथित सेक्युलर पार्टी नायक बना पाएंगी या सरकार AMU से जिन्ना की तस्वीर हटाने का फैसला ले लेगी।

पतियों की लंबी आयु के लिए पत्नियों ने रखा हरतालिका तीज का व्रत

हरितालिका तीज के अवसर पर बाजारों और मंदिरों में दिखी रौनक।

महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और घर में सुख समृद्धि के लिए रखा तीज का व्रत।

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)



रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र।  जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज में बृहस्पतिवार को हरितालिका तीज के अवसर पर नगर की बाजारों एवं मंदिरों में रौनक देखने को मिली। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, स्वस्थ सुखद दांपत्य जीवन एवं सुख समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखकर घरों और मंदिरों में माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ का विधि विधान से पूजन- अर्चन किया।
 

हरतालिका तीज की पूजा करती महिलाएं

  महिलाओं ने दिन भर निर्जला व्रत रखकर हरितालिका तीज पूजा की तैयारी किया और शाम को पारंपरिक परिधान में सज धज कर भगवान भोलेनाथ के मंदिरों में पूजन- अर्चन कर घर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की।
  इस अवसर पर महिलाओं ने घरों, मंदिरो, सर्वजनिक स्थानों पर तीज व्रत से जुड़ी  लोककथाओ का वाचन एवं  लोक गीतों का गायन किया।
  

हरतालिका तीज की पूजा करती महिलाएं

  वही साहित्यकार प्रतिभा देवी ने बताया कि भादव मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज मनाई जाती है। यह दो शब्दों के मेल से बना है हरत एवं आलिका। हरत का मतलब हरण से है और आलिका का मतलब सखियों से हैं।

हरतालिका तीज की पूजा करती महिलाएं

मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती की सहेलियां उनका हरण कर उन्हें जंगल में ले गई थीं। जहां पर माता पार्वती ने भगवान शिव को वर रूप में पाने के लिये कठोर तप किया था। जब जंगल में स्थित गुफा में माता पार्वती भगवान शिव की कठोर आराधना कर रही थी तो उन्होंने रेत के शिवलिंग को स्थापित किया था।

मान्यता है कि यह शिवलिंग माता पार्वती द्वारा हस्त नक्षत्र में भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि को स्थापित किया था इसी कारण इस दिन को हरतालिका तीज के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सुहागिन महिलाओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। और उन्हे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ये व्रत कुंवारी कन्याओं द्वारा भी योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए रखा जाता है।

रॉबर्ट्सगंज के शिव मंदिर में पूजन- अर्चन करती महिलाए

कैसे होता है साटिका रोग,जानें लक्षण और उपचार योग शिक्षक योगी संकटमोचन से

साटिका रोग की उत्पत्ति- साइटिका नसों में होने वाला ऐसा दर्द है जो कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर पैरों के नीचे तक जाता है। यह कोई रोग नहीं बल्कि सैक्रोलाइटिस, डिस्कप्रोलेप्स, स्पाइनल इंफेक्शन आदि रोगों का लक्षण हो सकता है।

कारण- अधिक मेहनत करने या भारी वजन उठाने से यह समस्या होती है। खराब जीवनशैली व खानपान, उठने-बैठने के गलत मुद्रा से भी दर्द हो सकता है।

रोग के लक्षण-
1- दर्द मध्यम तथा अत्यधिक तलवार के काटने जैसा भी होता है।

2- दर्द एक टांग और टांग के बाहरी तरफ होता है

3- प्रतिदिन के कार्य जैसे उठना,बैठना, चलना, सोना इत्यादि।

4- चलने में कठिनाई तेज दर्द, छींकते, खांसते समय श्वास लेने में दर्द, पैर भारी वह सुन प्रतीत होते हैं

योग चिकित्सा-
इसमें आप भुजंगासन, अर्ध शलभासन, सर पासन, सरल धनुरासन,वज्रासन, उष्ट्रासन, वक्रासन, त्रिकोणासन,गरुड़ासन, गोमुखासन।

प्राणायाम कौन-कौन सा करें –
अनुलोम विलोम, सूर्यभेदन और भ्रष्ट इका प्राणायाम ध्यान में अफजा जब ओम का उच्चारण और शर्ट क्रिया कपालभाति,अग्निसार बस्ती,शंख प्रक्षालन इत्यादि।

विशेष सावधानी बरतने वाली बात-
इसमें कुर्सी पर बैठकर अत्यधिक कार्य न करें आगे झुकना भी वर्जित है।

एक्यूप्रेशर द्वारा हल-
तलवे में जहां से एड़ी का भाग प्रारंभ होता है वहां दबाव डालें एड़ियों के मध्य भाग अंगूठे से या किसी उपकरण से दबाव देना बहुत ही लाभकारी होता है अंगूठे के समीप वाली दो अंगुलियों पर दबाव दें हथेलियों रखने के बिल्कुल नीचे कुछ सेकेंड तक दबाते रहे।

योग शिक्षक योगी संकट मोचन
(जिला महामंत्री एवम् सोशल मीडिया प्रभारी पतंजलि योगपीठ सोनभद्र युवा भारत)

साइटिका रोग में आहार कौन-कौन सा लेना चाहिए-
सात सब्जियों का रस, खिचड़ी का सेवन करना चाहिए और रोग में सुधार आने पर चावल दाल रोटी का सेवन करना चाहिए तथा कब्ज वर्धक भोजन लेना चाहिए।
और मांस, पनीर, तेल तथा प्रोटीन वर्धक जैसे अंडा, दूध, घी इत्यादि का सेवन नही करना चाहिए।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

पत्रकारों को कोरोना वारियर्स घोषित किया जाए : कृपाशंकर सिंह

• पत्रकारों को कोरोना वारियर्स घोषित किया जाए : कृपाशंकर सिंह।

• महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री ने पत्रकार सुरक्षा कानून की वकालत की।

ब्यूरो,लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित यूपी प्रेस क्लब में बृहस्पतिवार को लखनऊ वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन द्वारा आयोजित ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ आज के परिदृश्य में क्यों अनिवार्य, विषय पर आयोजित गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह रहे। सर्वप्रथम आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि को यूनियन के उच्च पदाधिकारियों द्वारा माल्यार्पण कर अंगवस्त्रम और बुके भेंट कर सम्मानित किया गया

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे महाराष्ट्र के पूर्व राज्य गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारों को कोरोना वारियर्स घोषित किया जाये। किसी भी इमर्जेन्सी की स्थिति में जान की परवाह किये बिना चौथे स्तम्भ के ये पत्रकार हर जगह सबसे पहले पहुंचते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान सम्भव है, लेकिन शर्त यह है कि गुटों में बंटकर काम करने की जगह पत्रकारों की एक समन्वय समिति बनाकर अपनी बात को सरकार के सामने उठायें और गुट बनाना मनुष्य का स्वभाव है, लेकिन जब बात बड़ी हो तो एक मंच पर आकर मांग उठायें ताकि समस्या का समाधान निश्चित रूप से निकल सके। उन्होंने अपने संबोधन में आगे बढ़ते हुए कहा कि मान्यता और गैरमान्यता पत्रकारिता का मानक नहीं है। पत्रकार की मान्यता उसकी लेखनी के जोर से ही मानी जाती है। उसी से पत्रकार को लोक और समाज मे प्रतिष्ठा और नैतिक मान्यता प्राप्त होती है। संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की असली आवाज है कि- मुझे सूली पर चढ़ाने की जरूरत क्या है, कलम छीन लो मर जाऊंगा, लेकिन आज विभिन्न कारणों से इसमे काफी फर्क आया है। साथ ही जो फर्क पत्रकारिता के इस सिद्धांत में आया है उतना ही फर्क पत्रकारिता के सम्मान और महत्व में भी आया है। ऐसे में यदि पत्रकारिता जैसे पेशे को लोभ और लालच का जरिया बनाया जाएगा तो फिर पत्रकारिता का अहित ही होना है।

गोष्ठी में पत्रकारों को संबोधित करते महाराष्ट्र के पूर्व राज्य गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह

वही यूपी वर्किग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून की आज बहुत बड़ी जरूरत है। इस कानून में उन सभी विषयों पर प्राविधान बनाये जाने चाहिए जो पत्रकारिता की शुचिता और पत्रकारों की जानमाल की सुरक्षा के साथ उसके रोजगार को भी संरक्षण प्रदान कर सकें।
पत्रकार गोविन्द पंत राजू ने कहा कि आज की पत्रकारिता में संवाददाताओं के लिए खतरा बढ़ा है। इसका मुख्य कारण सामाजिक व्यवस्था में आया बदलाव है। अब माफिया-भ्रष्टाचारी, पत्रकार को अपना व्यक्तिगत दुश्मन मान लेते हैं। इस कारण से भी पत्रकार सुरक्षा कानून और पत्रकारिता की परिभाषा को पुनः परिभाषित किये जाने की जरूरत है। उन्होंने पत्रकारों की मान्यता के नियमो में भी बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया। इसलिए पत्रकार सुरक्षा कानून में यह भी तय किये जाने की जरूरत है कि पत्रकारिता सरकारी मान्यता की मोहताज नहीं है।
पत्रकार नवलकान्त सिन्हा ने कहा कि 1990 से अब तक ही लगभग डेढ़ हजार पत्रकारों की हत्या हुई है। जिनमें से अनेक मामलों में कुछ भी नहीं हो सका। इस प्रकार से पत्रकारिता में आज तमाम तरह की चुनौतियां है। पत्रकारों को सुरक्षा देने वाले एक कानून की बड़ी आवश्यकता है।

वरिष्ठ पत्रकार परवेज अहमद अपना विचार व्यक्त करते हुए ने कहा कि कभी किसी शायर ने कहा था कि
जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो-
परन्तु आज सच्ची खबर लिखे जाने पर तलवारों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में चीजों को पूरे तौर पर समझे जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक बड़ी आवश्यकता पत्रकारों को अपने में एक और अनुशासित होने की भी है।
वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह ने कहा अपने वक्तव्य में कहा कि आज बात जब पत्रकार सुरक्षा कानून की हो रही है, तो यह कहना भी जरूरी होगा कि यह कानून बने परन्तु सुरक्षा सिर्फ पत्रकारों-खबर लिखने वालों की होनी चाहिए। सम्मान पाने के लिए, सम्मान देना होगा। हमें पत्रकारिता की सुरक्षा के साथ-साथ शुचिता की भी निहायत जरूरत है।
वही लखनऊ वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष शिवशरण सिंह ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कहा कि वर्तमान सरकार की इस बात के लिए तारीफ की जा सकती है कि उसने कोरोना काल मे दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को मान्यता-ग़ैरमान्यता का भेदभाव किये बिना आर्थिक मदद की है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि 60 वर्ष से ऊपर के पत्रकारों को पेंशन दी जाये।


भाजपा यूपी के प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि इस गोष्ठी में तीन मुख्य बातें निकल कर आई हैं। पत्रकारो में शुचिता की बात, उनकी सुरक्षा की आवश्यकता और उनके रोजगार की सुरक्षा। यहां पर मैने एक बात समझी है कि आज पत्रकारो को जन विश्वसनीयता एवं एकजुटता की बड़ी आवश्यकता है। गुटों में भले बंटे रहें परन्तु आम पत्रकार के हित में पत्रकारों को एक साथ रहना जरूरी ही नहीं अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त नवल कान्त सिन्हा, परवेज अहमद, विश्व देव राव सहित आदि ने अपने-अपने विचार रखे। गोष्ठी का सफल संचालन प्रेमकान्त तिवारी ने किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे महाराष्ट्र के पूर्व राज्य गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह को पत्रकारो द्वारा पत्रकार सुरक्षा कानून बनवाने लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को सम्बोधित दो ज्ञापन भी सौंपे गये।

आजीवन अविवाहित रहकर देश सेवा के लिए संकल्प लिया था भागवत प्रसाद दुबे ने

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज ,सोनभद्र। देश को आजाद कराने के लिए महान क्रांतिकारियों, देशभक्तो, स्वतंत्रता सेनानी जो संकल्प लिया उसका अनुपालन आजीवन करते रहे।
ऐसे ही हमारी एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भागवत प्रसाद दुबे रहे, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन की सहभागिता, देश सेवा, समाज सेवा के लिए आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया और जीवन भर इसका पालन करते रहे।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भागवत प्रसाद दुबे का जन्म सन 1938 में आदिवासी बाहुल्य गांव सलखन में हुआ था, इनके पिता का नाम पंडित भगवानदास, माता का नाम सुगंता देवी था।
इनके माता-पिता इनका विवाह करना चाहते थे, लेकिन भागवत प्रसाद दुबे के सर पर भारत माता की हथकड़ियों, बेडियो को तोड़ने का जुनून सवार था और इन्होंने विवाह करने से साफ साफ मना कर दिया और कहा कि-” जब तक भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त नहीं करा देते तब तक हम शादी नही करेंगे और पूरा जीवन भारत माता को समर्पित करते हुए ये सन 1938 ईस्वी में आजादी की जंग में कूद पड़े, सन 1941 ईस्वी के सत्याग्रह में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया, सन 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में अंग्रेज सिपाहियों द्वारा 129 दफा के तहत नज़रबंद कर लिया गया था और आजीवन अविवाहित रहते हुए स्वतंत्रता आंदोलन की लड़ाई लड़ते रहे। इस महान क्रांतिकारी का निधन 1955 ईस्वी को हो गयी।

भाजपा के हटते ही सब कुछ ठीक हो जाएगा:‌ इंद्रजीत सरोज

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के जनसंदेश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब।

• सपाइयों ने राष्ट्रीय महासचिव के जनपद में प्रथम आगमन पर किया भव्य स्वागत।

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज,सोनभद्र। आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज का जनसंदेश यात्रा जनपद सोनभद्र में पहुंचा और मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के विजयगढ़ वाटिका में संपन्न हुआ, जिसकी अध्यक्षता समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष विजय यादव ने किया और संचालन जिला महासचिव मोहम्मद सईद कुरैशी ने किया।जनसंदेश यात्रा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज ने कहा कि भाजपा के सत्ता से हटते ही सब कुछ ठीक हो जाएगा। भाजपा राज में परेशानियों को झेल चुकी जनता हर हाल में भाजपा को सत्ता से बेदखल करेगी जनता तो बस चुनाव का इंतजार कर रही है। राष्ट्रीय सचिव ने आगे संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का समय खत्म हो गया है ।जनता इस बात का इंतजार कर रही है कब वोट डालें और कब सरकार को हटाए। योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर रही है तथा प्रदेश में किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई है महंगाई लगातार बढ़ती ही चली जा रही है,नौजवान नौकरी के लिए परेशान है लेकिन किसी को भी नौकरी नहीं मिल रही है ।इसके बाद भी योगी सरकार लगातार दावा कर रही है कि उनकी सरकार बड़ी तादाद में बेरोजगारों को नौकरी देने में जुटी हुई है। भाजपा सरकार से नौजवान, किसान, मजदूर महिलाएं, व्यापारी पूरी तरह से परेशान है और महंगाई चरम सीमा पर है। भाजपा सरकार में किसी वर्ग का भला होने वाला नहीं है। यह सरकार केवल झूठे वादा करती है और करती रहेगी। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज की उपस्थिति में भाजपा एवं बसपा पार्टी को छोड़कर आए कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज का स्वागत करते पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी

सदस्यता ग्रहण करने वालों को राष्ट्रीय महासचिव ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया और उन्हें कहा कि आप लोग जिस तरह से अन्य दल छोड़कर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव में आस्था रखते हुए समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण किए हैं उसी तरह से आज से ही आप लोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कै नीतियों को गांव- गांव जाकर बताने का काम करें और आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के घोषित प्रत्याशियों को भारी मतों से विजई बनाने का काम करें, जिससे समाजवादी पार्टी की सरकार बन सके। वही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रॉबर्ट्सगंज के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा एवं घोरावल के पूर्व विधायक रमेश चंद दुबे ने कहा कि भाजपा सरकार में किसी का भला होने वाला नहीं है। भाजपा सरकार हमेशा झूठ बोलकर आम जनता को ठगने का काम करती है।

जनसंदेश यात्रा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज

बैठक को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि जिस तरह से इस कार्यक्रम में जनसैलाब उमड़ा है उसी तरह से आप लोग एकजुट होकर क्षेत्र में जाकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश के नीतियों को बताने का काम करें,जिससे आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को अधिक से अधिक वोट मिले और जीत का इतना अंतर हो कि कोई मुकाबला ना कर सके।

जनसंदेश यात्रा को संबोधित करते समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज

वही भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण वाले संजय शुक्ला के नेतृत्व में संजय चौबे, बृजेश यादव, अमरदीप सिंह, आशीष सिंह, शैलेश राय, गुलाम रिजवान, राजेश विश्वकर्मा,रामविलास महेंद्र, रामविलास बिहार, जसवीर प्रेम कुमार ने बसपा छोड़कर श्री नारायण भारती,राजकरण भारती, राजबली गुप्ता, रामविलास भारती,गुलाब,संत कुमार भारती,त्रिभुवन भारती, बुधीराम भारती, रामकेश भारती, रामनरेश भारती,ओम प्रकाश भारती, त्रिवेणी विहार, राम मूरत सरकार, संजय भारती, ओम प्रकाश भारती, दशरथ पासवान, राजेश कुमार भारती, रंजीत भारती, अवधेश पटेल, सुरेश विश्वकर्मा, शिवकुमार भारती, राजेश गौड़ के साथ दर्जनों कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

कार्यक्रम में उपस्थित समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओ का जन सैलाब

अयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से राम निहोर यादव, ओबरा पूर्व विधायक प्रत्याशी रवि कुमार गौड़, श्याम बिहारी यादव, रामप्यारे सिंह पटेल, रमेश यादव, ओम प्रकाश त्रिपाठी, जुबेर आलम, बाबू लाल यादव, अनिल प्रधान,रमाशंकर, रामसेवक यादव,कुमारी मंदाकिनी पांडे, रुखसाना खान, कुमारी निधि पांडे, रंजन पांडे,रामा,सुनील गौड़, त्रिपुरारी गौड़, सदर ब्लॉक अध्यक्ष अशोक पटेल, अनीता राकेश, विजय जैन, श्री नारायण सिंह कुशवाहा, कामरान खान, अनवर कुरेशी, मुनीर अहमद,रघुराज पारसी, मानिकचंद कनौजिया, बुद्धि नारायण यादव, सुरेश पटेल, सुरेश कुशवाहा, शंभू जगत पटेल, बबलू धागर, सूरज मिश्रा, पवन पटेल, ज्यूतेस गौतम, अमरजीत, प्रदीप कनौजिया, मुनीर अहमद, रमेश वर्मा, अजीत मौर्य, राजेश, कृपाशंकर चौहान सहित जिला पदाधिकारी, विधानसभा पदाधिकारी, जिला प्रकोष्ठ पदाधिकारी, सेक्टर पदाधिकारी, नगर पदाधिकारी आदि लोग उपस्थित रहे।

बीजेपी कल करेगी प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का आयोजन


प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह होंगे।

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज,सोनभद्र। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को ‌लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां जोरों- शोरों प्रारम्भ कर दी है। इसी तैयारियों के मद्देनजर रखते हुए कल दोपहर 12:00 बजे भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का आयोजन होगा।आयोजित सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के ग्रामीण विभाग के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह (मोती सिंह) की उपस्थिति रहेगी। उक्त आशय की जानकारी भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी अनूप तिवारी ने दी है।

राजेंद्र प्रताप सिंह
(कैबिनेट मंत्री उo प्रo सरकार)

सलखन गांव के दो महान सपूत

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

सोनभद्र।आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में सोनभद्र जनपद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों द्वारा किए गए त्याग, तपस्या, देशसेवा, क्रांतिकारी आंदोलनों में सहभागिता, दानशीलता की गौरव गाथा सोनभद्र के इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज है।
आजादी के पूर्व सोनभद्र जनपद के आदिवासी बाहुल्य गांव सलखन के दो भाइयों ने स्वाधीनता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए देशभक्त एवं समाजसेवी होने का परिचय दिया था।
इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-“
शंकर प्रसाद गोड का जन्म सन 1913 में ग्राम सलखन में हुआ था। आपके पिता का नाम श्री शिव गोविंद प्रसाद और माता का नाम सोनिया देवी था।
आप सन 1937 में कांग्रेस में आएं । सन 1938 में ग्राम सलखन में अभावग्रस्त बालकों की शिक्षा के लिए सन 1938 में एक विद्यालय की स्थापना किया। इसमें बालक- बालिकाएं शिक्षा प्राप्त करते थे। सन 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के कारण आपको पुलिस द्वारा नजरबंद कर दिया गया और आपकी बंदूक भी जप्त कर ली गई थी। जिसके कारण आप द्वारा स्थापित विद्यालय संचालन एवं आर्थिक संकट के अभाव में बंद हो गया।
सलखन में सन 1951 में देशभक्त, स्वतंत्रा संग्राम सेनानी, गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा स्थापित सर्वेंट ऑफ़ इंडिया सोसाइटी के तत्कालीन अध्यक्ष ह्रदय नाथ कुंजरू मंत्री श्री रमाशंकर मिश्र तहसील दुद्धी और रॉबर्ट्सगंज के आर्थिक, सामाजिक सर्वेक्षण के लिए आए और इस सर्वेक्षण के परिणाम स्वरूप रॉबर्ट्सगंज तहसील के ग्राम सलखन में एक जूनियर हाई स्कूल की स्थापना किया ।
सन 1954 ईस्वी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शंकर प्रसाद गोड ने विद्यालय की स्थापना के लिए 5 बीघा जमीन, ग्रामीणों, शिक्षकों के सहयोग से तीन शिक्षण कक्ष खपरैल का बरामदा बनवा कर दान में दे दिया था।
इस समाजसेवी, देशभक्त, सेनानी की मृत्यु सन 1965 ईस्वी में हुई।
वर्तमान समय में यह विद्यालय राजा बलदेव दास बिरला इंटरमीडिएट कॉलेज पटवध के नाम से संचालित है।

शिवनाथ सिंह गोंड (1890-1979)

इनके चचेरे भाई शिवनाथ प्रसादगोंड का जन्म 1912 ईस्वी में सलखन में हुआ था इनके पिता का नाम दुखनती राम गोंड, माता श्रीमती पंचू देवी था।
आप 1940 में गांधी जी के आवाहन पर कांग्रेस में आए।
सन 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन भाग लेने के कारण आपको भारत प्रतिरक्षा कानून की धारा 34/38 के तहत गिरफ्तार कर 1 वर्ष की कड़ी कैद और 200 रुपया का जुर्माने की सजा दी गई ।
आजादी के आंदोलन के अलावा इन्होंने अनेक सामाजिक कार्य किया। सलखन बाजार में अपनी 3 बीघा जमीन दान देकर अस्पताल का निर्माण कराया (जो आज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र- सलखन के नाम से जाना जाता है) और सलखन में दो तालाब और मारकुंडी स्थित- बलुई बांध बनवाने में भी इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इनकी मृत्यु कैंसर जैसे असाध्य रोग के कारण सन 1989 में हुई ।
इन दोनों महान देशभक्त, क्रांतिकारियों, समाजसेवियों की गौरव गाथा आज भी लोगों की जुबान पर है ।

शंकर प्रसाद गोंड (1880-1965)

आबकारी मंत्री ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना, कहा- वंदे मातरम नहीं बोल सकते, हिंदुत्व की बात क्या करेंगे


एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि हमारे देश में जो भी मुस्लिम हैं, वे तलवार की धार पर धर्मांतरण करके ही बने हैं। आज भी कई मुस्लिम परिवारों की रिश्तेदारियां सनातन धर्म के लोगों से हैं।

मैनपुरी, उत्तर प्रदेश: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान के समर्थन में आबकारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री भी खड़े नजर आए। उन्होने एक न्यूज चैनल से एक्सक्लूजिव बातचीत में कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाला हर आदमी हिंदू है, फिर चाहे वह किसी भी जाति या धर्म से हो। दरअसल, हाल ही में मोहन भागवत ने हिंदू और मुस्लिमों के पूर्वज एक ही होने की बात कही थी।

“जैसे जापान में जापानी, वैसे ही हिंदुस्तान में हिंदू”
आबकारी मंत्री रामनरेश अग्रिहोत्री ने कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू ही है। लेकिन, उसका धर्म, जाति या पूजन विधि अलग-अलग हो सकती है। उन्होंने कहा कि कोई धर्म हिंदू नहीं है, धर्म सनातन है। रामनरेश कहते हैं कि जब चीन में रहने वाला चीनी, जापान में रहने वाला जापानी, अमेरिका में रहने वाला अमेरिकी इसी तरह जो भी हिंदुस्तान में रहता है वह हिंदू है।

“मुस्लिम परिवारों की जिम्मेदारी सनातन धर्म से”
एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि हमारे देश में जो भी मुस्लिम हैं, वे तलवार की धार पर धर्मांतरण करके ही बने हैं। आज भी कई मुस्लिम परिवारों की रिश्तेदारियां सनातन धर्म के लोगों से हैं। उन्होंने मोहन भागवत के बयान को भी सही बताया।

“अखिलेश और शिवपाल हो चुके हैं फ्लॉप”
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा भाजपा को भ्रम फैलाने वाला बताया गया था।वे जब सुबह घर से निकलते हैं, तो अगरबत्ती लगाकर निकलते हैं। जबकि बीजेपी के नेता ऐसा नहीं करते। इस पर आबकारी मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव अगर हिंदुत्व के समर्थक हैं तो वंदे मातरम क्यों नहीं बोलते? ऐसे में अगरबत्ती किस काम की? वहीं, अखिलेश और शिवपाल के एक होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब दोनों ही फ्लॉप हो चुके हैं। आगामी चुनाव में योगी को ही जनता का आशीर्वाद मिलेगा।

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें