शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर साहित्यकार सुशील श्रीवास्तव “राही” सम्मानित

HIGHLIGHTS

  • विंध्य संस्कृति शोध समिति ने आयोजित की संगोष्ठी

सोनभद्र। भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती यानी शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर साहित्य, कला, संस्कृति और पर्यावरण के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय ‘ विंध्य संस्कृति शोध समिति’ द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। साहित्यकार सदन में आयोजित इस कार्यक्रम में हास्य-व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर एवं राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज के पूर्व विज्ञान प्रवक्ता सुशील श्रीवास्तव “राही” को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

Advertisement

ट्रस्ट के संस्थापक निदेशक दीपक कुमार केसरवानी, वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शरण राय, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आनंद नारायण सिंह तथा समाजसेवी हर्षवर्धन केसरवानी ने संयुक्त रूप से सुशील “राही” को माल्यार्पण कर अंगवस्त्रम, लेखनी तथा आध्यात्मिक कृति ‘यथार्थ गीता’ की प्रति भेंट कर सम्मानित किया।


सम्मान समारोह के उपरांत आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने शिक्षक दिवस की महत्ता और समाज निर्माण में गुरुओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजनीति में आने से पहले एक प्रख्यात दार्शनिक और शिक्षाविद थे,

Advertisement

जिन्होंने अपने जीवन के करीब 40 वर्ष अध्यापन को समर्पित किए। वर्ष 1962 में राष्ट्रपति बनने के बाद जब उनके शुभचिंतकों ने उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई, तो उन्होंने इसे व्यक्तिगत रूप से मनाने के बजाय देश के सभी शिक्षकों को समर्पित करते हुए ‘शिक्षक दिवस’ के रूप में मनाने का सुझाव दिया। तभी से हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।


संगोष्ठी में बोलते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शरण राय ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों में सही और गलत की पहचान कराने के साथ अनुशासन और आत्मविश्वास का संचार करते हैं। वहीं डॉ. आनंद नारायण सिंह ने संत कबीर दास के दोहों का उदाहरण देते हुए गुरु महिमा का बखान किया और कहा कि विश्व के हर महान व्यक्तित्व के चरित्र निर्माण में गुरु की मुख्य भूमिका रही है।

Advertisement

समाजसेवी हर्षवर्धन केसरवानी ने कहा कि माता-पिता के बाद शिक्षक ही बच्चों के पहले सच्चे मार्गदर्शक होते हैं और एक सशक्त व ज्ञानी समाज के निर्माण में उनका योगदान अप्रतिम है। कार्यक्रम में अरविंद कुमार श्रीवास्तव, आयुषी श्रीवास्तव, राधा श्रीवास्तव, संजय गुप्ता तथा हरीकिशोर सहित कई साहित्यकार, कवि व समाजसेवी उपस्थित रहे।

Advertisement

Advertisement
Advertisement
Advertisement 
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Shree digital desk
Advertisement
Advertisement
Advertisement (विज्ञापन)






Advertisement

शिक्षा प्रशासन में सोनभद्र की राष्ट्रीय छलांग: निपुण भारत डैशबोर्ड पहल को NIEPA ने नई दिल्ली में किया सम्मानित

HIGHLIGHTS

  • शिक्षा प्रशासन में सोनभद्र की राष्ट्रीय छलांग: निपुण भारत डैशबोर्ड पहल को NIEPA ने नई दिल्ली में किया सम्मानित

सोनभद्र। शिक्षा प्रशासन में नवाचार और तकनीक के प्रभावी उपयोग के क्षेत्र में सोनभद्र ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जनपद की निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड आधारित अभिनव पहल को राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए/निपा), नई दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के 22 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से चयनित 84 जिला एवं विकासखंड स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट प्रशासनिक प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया, जिसमें सोनभद्र की इस पहल को विशेष पहचान मिली।

Advertisement
Advertisement


विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की चुनौतियों को देखते हुए सोनभद्र में आंकड़ा आधारित शिक्षा प्रशासन को मजबूत करने के लिए यह निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड विकसित किया गया था। इस डैशबोर्ड के माध्यम से विद्यार्थियों के अधिगम स्तर, उनकी शैक्षणिक प्रगति तथा अपेक्षित परिणाम न देने वाले विद्यालयों की सटीक पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

Advertisement 

आंकड़ों का केवल सूचना के रूप में प्रयोग न कर उन्हें ठोस निर्णय और शैक्षिक सुधार से जोड़ना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। डैशबोर्ड के तकनीकी विकास में एनआईसी सोनभद्र की अहम भूमिका रही, जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय के नेतृत्व में इस पहल को धरातल पर उतारा गया। वहीं, इसके संचालन व अनुश्रवण में डॉ. सूर्य प्रकाश सहित पूरी शिक्षा विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।


सोनभद्र को शिक्षा प्रशासन में आंकड़ों के प्रभावी उपयोग के लिए पूर्व में भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा चुका है। वर्ष 2018-19 में एनआईईपीए के नवाचार संकलन में जनपद को स्थान मिला था, वहीं यूज़ डेटा प्रतियोगिता में आकांक्षी जनपदों की श्रेणी में सोनभद्र ने देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया था।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के डिजिटल नवाचार शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Advertisement

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Shree digital desk
Advertisement
Advertisement
Advertisement (विज्ञापन)






Advertisement

सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देख अलर्ट मोड पर प्रशासन, डीएम व एसपी ने चोपन में तटवर्ती इलाकों का लिया जायजा

HIGHLIGHTS

  • सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देख अलर्ट मोड पर प्रशासन, डीएम व एसपी ने चोपन में तटवर्ती इलाकों का लिया जायजा

सोनभद्र। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और सोन नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर के दृष्टिगत जिलाधिकारी चर्चित गौड़ तथा पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बृहस्पतिवार को चोपन क्षेत्र स्थित सोन नदी के किनारे बसी बस्तियों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान दोनों शीर्ष अधिकारियों ने तटवर्ती क्षेत्रों की जमीनी स्थिति को देखा और संबंधित अधिकारियों को निचले व संवेदनशील इलाकों में सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।

Advertisement

नदी के तेज बहाव और बढ़ते खतरे को देखते हुए तटवर्ती व आवागमन वाले रास्तों पर तत्काल बैरिकेडिंग कराने और चेतावनी बोर्ड लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि कोई भी नागरिक दुर्घटना का शिकार न हो। प्रशासनिक टीम ने आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव तंत्र को पूरी तरह से मुस्तैद रखने के निर्देश दिए हैं।

Advertisement

इस मौके पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों से अपील की कि सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण विशेष सतर्कता बरतें, नदी तट और तेज बहाव वाले स्थानों पर न जाएं तथा बच्चों व पशुओं को भी पानी से दूर रखें।

Advertisement

प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया गया है कि स्थिति पर लगातार 24 घंटे नज़र रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस औचक निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वागीश कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी ओबरा रवि कुमार पासवान, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा और नगर पंचायत चोपन के अधिशासी अधिकारी समेत कई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement 
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Shree digital desk
Advertisement
Advertisement
Advertisement (विज्ञापन)






Advertisement

DIG पूनम ने किया सोनभद्र पुलिस कार्यालय का निरीक्षण, कानून-व्यवस्था व अपराध समीक्षा बैठक में मातहतों को दिए कड़े निर्देश

HIGHLIGHTS

  • डीआईजी पूनम ने किया सोनभद्र पुलिस कार्यालय का निरीक्षण, कानून-व्यवस्था व अपराध समीक्षा बैठक में मातहतों को दिए कड़े निर्देश

सोनभद्र। विन्ध्याचल परिक्षेत्र मीरजापुर की पुलिस उप महानिरीक्षक पूनम ने बृहस्पतिवार को जनपद सोनभद्र के पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का विस्तृत निरीक्षण करने के साथ ही पुलिस लाइन चुर्क स्थित कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में समीक्षा बैठक कर जिले की कानून-व्यवस्था का जायजा लिया।

Advertisement

निरीक्षण के दौरान उन्होंने पत्र व्यवहार, आंकिक, अपराध, अभियोजन, महिला प्रकोष्ठ, विशेष जांच, सीसीटीएनएस, सोशल मीडिया और डायल-112 सहित तमाम शाखाओं के पंजिकाओं व अभिलेखों का गहन अवलोकन कर लंबित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने के आदेश दिए।

Advertisement

इसके बाद आयोजित अपराध समीक्षा गोष्ठी में डीआईजी ने गंभीर अपराधों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वांछितों व वारंटियों की शत-प्रतिशत गिरफ्तारी, तथा महिला व बाल अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Advertisement

उन्होंने हत्या, लूट, डकैती, गौ-तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे सनसनीखेज अपराधों में संलिप्त अभियुक्तों व माफियाओं के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई करते हुए धारा 14(1) के अंतर्गत संपत्ति जब्त करने की हिदायत दी।

Advertisement

आगामी त्योहारों को देखते हुए उन्होंने संवेदनशील स्थानों व धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, पैदल गश्त बढ़ाने, शांति समितियों से संवाद बनाने और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्टों पर 24 घंटे सतर्क निगरानी रखने पर विशेष जोर दिया।

Advertisement

इसके अलावा वर्षा व संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने तथा IGRS, CEIR पोर्टल व सीएम डैशबोर्ड जैसे डिजिटल माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक, समस्त क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारी मौजूद रहे।

Advertisement
Advertisement 
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Shree digital desk
Advertisement
Advertisement
Advertisement (विज्ञापन)






Advertisement

श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया ललही छठ, माताओं ने पुत्रों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखा निर्जला व्रत

HIGHLIGHTS

  • श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया ललही छठ, माताओं ने पुत्रों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखा निर्जला व्रत

सोनभद्र। जनपदभर में पुत्रों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और परिवार की मंगल कामना का महापर्व ललही छठ (हलषष्ठी) अत्यंत श्रद्धा, निष्ठा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि के अवसर पर जिले के शहरी व ग्रामीण अंचलों में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। राबर्ट्सगंज नगर, घोरावल, रामगढ़, ओबरा, चोपन, दुद्धी और अनपरा सहित तमाम क्षेत्रों में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए निर्जला व्रत रखा और भगवान बलराम तथा हलषष्ठी माता की विधिवत पूजा-अर्चना की।

Advertisement


सुबह स्नान-ध्यान के पश्चात व्रती महिलाओं ने पूजा का संकल्प लिया और पूजन स्थलों की ओर रुख किया। महिलाओं ने अपने घरों के आंगन, मंदिरों, पोखरों, तालाबों और कुओं के किनारे पवित्र स्थान को गोबर से लीपकर एक छोटा सा कृत्रिम पोखरा (तालाब) बनाया। इस पोखरे में झरबेरी, पलाश और कुश की शाखाएं गाड़कर महुआ, चना, पसही (तिन्नी) का चावल, मकई, मूंछ और भुने हुए अनाज के अर्घ्य अर्पित किए गए।

समूह में एकत्र हुई महिलाओं ने वैदिक विधि-विधान से धूप, दीप, फूल और फल चढ़ाकर हलषष्ठी माता की कथा सुनी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में इसी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का जन्म हुआ था, जिनका मुख्य शस्त्र हल और मुसल है, इसलिए इस दिन कृषि योग्य भूमि पर उपजे अन्न और गाय के दूध का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहता है।

Advertisement


कथा समापन के उपरांत महिलाओं ने अपने पुत्रों के माथे पर हलषष्ठी माता की वेदी से भस्म, हल्दी और सिंदूर का टीका लगाकर उनकी दीर्घायु, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। इस पावन अवसर पर व्रती महिलाओं ने बिना हल जुते खेत का अन्न यानी तिन्नी (पसही) के चावल, महुआ, चना और केवल भैंस के दूध, दही व घी से बने सात्विक व्यंजनों का सेवन कर अपने व्रत का पारण किया।

Advertisement

जगह-जगह पूजन स्थलों पर महिलाओं के मंगल गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा और पूजा के पश्चात श्रद्धालुओं में चना, महुआ व अन्य प्रसाद का वितरण किया गया।
इसी क्रम में राबर्ट्सगंज स्थित  दुग्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सामूहिक पूजा का भव्य आयोजन हुआ। यहां उमा केसरी, प्रतिभा देवी, सपना, किरण देवी, सीमा, सरिता, रीता, बबीता, निशु एवं सीमा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने एकत्रित होकर विधि-विधान से पूजन अर्चन किया और हलषष्ठी माता की कथा सुनकर अपने संतानों के यशस्वी व दीर्घायु जीवन की कामना की।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement 
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Shree digital desk
Advertisement
Advertisement
Advertisement (विज्ञापन)






Advertisement

नेशनल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दो साल की मासूम की मौत, अस्पताल में परिजनों का हंगामा

HIGHLIGHTS

  • नेशनल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दो साल की मासूम की मौत, अस्पताल में परिजनों का हंगामा

सोनभद्र। जनपद मुख्यालय स्थित नेशनल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दो वर्षीय मासूम बच्ची शगुन की मौत हो गई। चुर्क वार्ड नंबर 1 निवासी सुरेंद्र कुमार की पुत्री शगुन को मौसमी बुखार के कारण परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के अनट्रेंड स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने के तुरंत बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और देर रात 2 से 3 बजे के बीच उसने दम तोड़ दिया।

Advertisement

मासूम शगुन की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया।

अस्पताल परिसर में मची अफरा-तफरी और बढ़ते बवाल को देखते हुए मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम परिजनों को शांत कराने और स्थिति को संभालने के प्रयास में जुट गई। परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मियों की घोर लापरवाही के कारण ही मासूम की जान गई है, जिसके चलते निजी अस्पताल की कार्यशैली और जिले में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement 
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Shree digital desk
Advertisement
Advertisement
Advertisement (विज्ञापन)






Advertisement

आउटसोर्स कार्मिकों को मिलेगा सम्मान, सेवा व सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच: विधायक भूपेश चौबे

HIGHLIGHTS

  • आउटसोर्स कार्मिकों को मिलेगा सम्मान, सेवा व सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच: विधायक भूपेश चौबे

सोनभद्र। श्रम का सम्मान, सेवा की सुरक्षा और श्रमिक परिवारों के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करने की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों के क्रम में बुधवार को विकास भवन स्थित पंचायत रिसोर्स सेंटर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा-सुना गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक एवं आउटसोर्स कार्मिक शामिल हुए।

Advertisement

मुख्यमंत्री द्वारा आउटसोर्स कार्मिकों के लिए निगम गठन, वेतन वृद्धि, चिकित्सा सुविधा और उनके हित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की घोषणा का उपस्थित कार्मिकों ने हर्षोल्लास के साथ तालियों से स्वागत किया।

Advertisement

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि श्रमिक प्रदेश के विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। प्रदेश सरकार श्रमिकों एवं आउटसोर्स कार्मिकों के सम्मान, अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर संकल्पित है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स भर्ती व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी एवं योग्यता-मेरिट आधारित बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

Advertisement

इसके तहत रिक्रूटमेंट, पोस्टिंग, उपस्थिति, वेतन, ग्रेच्युटी, बीमा एवं सेवा लाभों का डिजिटल प्रबंधन किया जाएगा, जिससे कार्मिक अपनी सर्विस डिटेल, बैंक खाता, उपस्थिति, भुगतान एवं वेतन कटौती की पूरी जानकारी एक ही स्थान पर देख सकेंगे।

Advertisement

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय से पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नई व्यवस्था के तहत कार्मिकों का वेतन सीधे उनके बैंक खाते में जाएगा तथा ईपीएफ और ईएसआई का अंशदान नियमित रूप से जमा होगा, जिससे एजेंसी द्वारा सर्विस चार्ज के नाम पर की जाने वाली अनावश्यक कटौती पर पूरी तरह रोक लगेगी।

Advertisement

इसके अलावा मातृत्व अवकाश, दुर्घटना बीमा, वित्तीय सुरक्षा तथा शिकायतों के त्वरित समाधान की पारदर्शी व्यवस्था भी लागू की जा रही है। ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत ने कहा कि निगम की वेबसाइट के लोकार्पण के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों को किसी भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा और हर माह की 5 तारीख तक उनका वेतन सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा।

कार्यक्रम के दौरान मंच से सफाई कार्मिकों को टूल किट तथा निर्माण श्रमिकों को सहायता राशि के डेमो चेक वितरित किए गए। इस महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, ब्लॉक प्रमुख सदर अजीत रावत, मंत्री प्रतिनिधि संजीव त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) वागीश कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय आकांक्षा गौतम सहित कई अधिकारी, निर्माण श्रमिक एवं आउटसोर्स कर्मचारी उपस्थित रहे।

Advertisement 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Shree digital desk
Advertisement
Advertisement
Advertisement (विज्ञापन)






Advertisement

4077 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब के साथ सोनभद्र पुलिस ने किया हरियाणा के तस्कर को गिरफ्तार

HIGHLIGHTS

  • 4077 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब के साथ सोनभद्र पुलिस ने किया हरियाणा के तस्कर को गिरफ्तार

सोनभद्र। जनपद में अवैध मादक पदार्थों और शराब की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन शुद्धि” के तहत थाना पिपरी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुर्धवा-रनटोला मार्ग से एक अंतरराज्यीय शराब तस्कर को गिरफ्तार करते हुए 464 पेटियों में भरी 13,296 शीशी (कुल 4077.36 लीटर) अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है।

जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत करीब 33 लाख रुपये तथा तस्करी में प्रयुक्त डीसीएम आइसर ट्रक की कीमत लगभग 27 लाख रुपये बताई जा रही है, जिससे कुल बरामदगी का मूल्य लगभग 60 लाख रुपये आंका गया है। उक्त पूरे मामले का विस्तृत खुलासा अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया।

Advertisement


प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन, उनके व क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पांडेय के पर्यवेक्षण तथा पिपरी थानाध्यक्ष राजेश जी चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम 2 सितंबर की दोपहर हाईटेक रेलवे क्रॉसिंग के पास चेकिंग कर रही थी।

Advertisement

इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि हरियाणा से अवैध अंग्रेजी शराब लादकर एक डीसीएम ट्रक बिहार व झारखंड की ओर जा रहा है। सूचना पर सतर्क हुई पुलिस ने मुर्धवा तिराहे के पास घेराबंदी की। तभी संदिग्ध डीसीएम ट्रक (संख्या GJ27TD6174) को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए करीब 200 मीटर पीछा कर ट्रक को घेरकर रोक लिया और चालक को हिरासत में ले लिया।

Advertisement


पकड़े गए चालक की पहचान करन सिंह पुत्र सुरेश कुमार निवासी देव नगर, भिवानी (हरियाणा) के रूप में हुई। जब ट्रक का पर्दा हटाकर तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब की पेटियां मिलीं, जिन पर “FOR SALE PUNJAB ONLY” अंकित था।

Advertisement

पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि हरियाणा में एक व्यक्ति ने उसे जलजीरा कोल्ड ड्रिंक लादने की बात कहकर ट्रक सौंपा था, लेकिन बाद में बिहार शराब पहुंचाने का निर्देश दिया। तस्करों के नेटवर्क द्वारा उसे रास्ते की लोकेशन और निर्देश देने के लिए ‘सेठ जी’ के नाम से सेव नंबर वाला एक मोबाइल दिया गया था, जिस पर केवल व्हाट्सऐप कॉल के जरिए संपर्क किया जा रहा था।

Advertisement 


पुलिस ने अभियुक्त के पास से ट्रक व शराब के अलावा एक एंड्रॉइड मोबाइल और 1,200 रुपये नकद बरामद किए हैं। पिपरी थाने में आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Advertisement

इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष राजेश जी चौबे, उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार यादव, मुख्य आरक्षी रामाश्रय यादव, शेष नाथ पांडेय, अमित सिंह, मोहन खरवार, राजेश पासवान और आरक्षी अभिषेक आर्या शामिल रहे।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Shree digital desk
Advertisement
Advertisement
Advertisement (विज्ञापन)






Advertisement

मूसलाधार बारिश ने खोली प्रशासनिक दावों की पोल, एक दशक बाद भी वाराणसी-शक्तिनगर राज्यमार्ग पर जलभराव की समस्या जस की तस

HIGHLIGHTS

  • मूसलाधार बारिश ने खोली प्रशासनिक दावों की पोल, एक दशक बाद भी वाराणसी-शक्तिनगर राज्यमार्ग पर जलभराव की समस्या जस की तस

सोनभद्र।  सोमवार से शुरू हुई तेज बारिश ने एक बार फिर मानसून पूर्व किए गए प्रशासनिक दावों और व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। वाराणसी-शक्तिनगर राज्यमार्ग के चौड़ीकरण, फ्लाईओवर निर्माण और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के तमाम दावों के बावजूद पिछले दस वर्षों से बनी जलभराव की विकराल समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।

Advertisement

जिला मुख्यालय स्थित फ्लाईओवर से जुड़ी सर्विस लेन और इमरती कॉलोनी के आसपास हुए भारी जलभराव से राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उल्लेखनीय है कि मानसून की दस्तक से पूर्व नवागत जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्वयं मौके पर पहुंचकर जलनिकासी का जायजा लिया था और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन पहली ही बारिश में स्थिति बद से बदतर हो गई। वर्ष 2015-16 में फ्लाईओवर निर्माण के दौरान हाईवे के पानी की निकासी के लिए बनाए गए नालों का नगर की मुख्य नालियों से समुचित जुड़ाव न होने के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है।

Advertisement


इस बदहाली को लेकर अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सपा के पूर्व घोरावल विधायक रमेश चंद्र दुबे ने जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर हमला बोला और जनसमस्याओं का समाधान न करा पाने पर जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे की मांग की।

Advertisement

दूसरी ओर, नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद ने जलभराव के लिए सीधे तौर पर फ्लाईओवर की त्रुटिपूर्ण डिजाइन और सीएनडीएस द्वारा निर्माणाधीन नाले की कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि निर्माण की कमियों के कारण ही स्वाभाविक पानी का निकास अवरुद्ध हो रहा है, जिससे निचले इलाकों में लगातार जलजमाव की स्थिति बन रही है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement 
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Shree digital desk
Advertisement
Advertisement
Advertisement (विज्ञापन)






Advertisement

जनशिकायत निस्तारण में सोनभद्र पुलिस लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश में नंबर-1, माह अगस्त की IGRS रैंकिंग में मिले 100 में से 100 अंक

HIGHLIGHTS

  • जनशिकायत निस्तारण में सोनभद्र पुलिस लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश में नंबर-1, माह अगस्त की IGRS रैंकिंग में मिले 100 में से 100 अंक

सोनभद्र। जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में सोनभद्र पुलिस ने एक बार फिर पूरे प्रदेश में परचम लहराया है। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी Integrated Grievance Redressal System (IGRS) की अगस्त-2026 माह की रैंकिंग में सोनभद्र पुलिस ने 100 में से 100 अंक हासिल करते हुए राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

Advertisement

विशेष बात यह है कि इससे पूर्व जुलाई माह की रैंकिंग में भी सोनभद्र पुलिस ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था। लगातार दूसरे महीने मिली इस बड़ी उपलब्धि ने जिले की पुलिसिंग, प्रभावी मॉनिटरिंग और शिकायतों के प्रति जवाबदेही की मिसाल पेश की है।

Advertisement


पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कुशल नेतृत्व और नियमित पर्यवेक्षण के चलते जनशिकायतों के मौके पर सत्यापन और समयबद्ध निस्तारण को प्राथमिकता दी गई। शासन की मंशा के अनुरूप पुलिस अधिकारियों ने फरियादियों से सीधा संवाद कर निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया।

इस शानदार प्रदर्शन में जिले के थानों की भूमिका भी बेहद सराहनीय रही, जहां कुल 22 थानों में से 20 थानों ने 100 में से 100 अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट कार्यशैली का परिचय दिया। लगातार दो महीनों तक प्रदेश में शीर्ष स्थान बनाए रखना सोनभद्र पुलिस की जनसेवा, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement 
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Shree digital desk
Advertisement
Advertisement
Advertisement (विज्ञापन)






Advertisement
Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें