सोनभद्र में जनगणना कार्य में ढिलाई बरतने पर 48 प्रगणकों का वेतन रोका, DM ने दी सख्त चेतावनी

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  • लापरवाही पर बड़ा एक्शन: सोनभद्र में जनगणना कार्य में ढिलाई बरतने पर 48 प्रगणकों का वेतन रोका, DM ने दी सख्त चेतावनी

सोनभद्र। जनपद में राष्ट्रीय महत्व के जनगणना कार्य में लापरवाही और उदासीनता बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी  चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मकान सूचीकरण और मकान गणना कार्य की प्रगति की बारीक समीक्षा की गई, जिसमें कई गंभीर खामियां और भारी लापरवाही उजागर हुई।

जनपद की चारों तहसीलों में कार्यरत प्रगणकों और संबंधित प्रभारियों के कार्यों का मूल्यांकन करने पर यह बात सामने आई कि कुल 48 प्रगणकों ने अपने आवंटित ब्लॉकों में प्रथम चरण के इस बेहद महत्वपूर्ण कार्य में कोई खास रुचि नहीं दिखाई और वहां प्रगति अत्यंत निराशाजनक रही। इनमें सबसे खराब स्थिति रावर्टसगंज तहसील की पाई गई जहां के 19 प्रगणक इस लापरवाही के दायरे में आए, जबकि घोरावल के 10, दुद्धी के 10 और ओबरा तहसील के 9 प्रगणक शामिल हैं।

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जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इन प्रगणकों द्वारा एच.एल.ओ. (HLO) ऐप पर परिवारों की संख्या से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़ों को समय पर सिंक नहीं किया गया, जिसके चलते पूरे जिले की ओवरऑल रिपोर्टिंग में कार्य की रफ्तार बेहद सुस्त दर्ज हुई।

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राष्ट्रीय कार्य में इस तरह की घोर शिथिलता पर गहरी नाराजगी और तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से इन सभी संबंधित 48 प्रगणकों के वेतन भुगतान पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने का कड़ा फरमान जारी कर दिया है। इसके साथ ही ग्रासिम इंडस्ट्रीज से जुड़े चार्ज अधिकारियों की रिपोर्ट भी बेहद असंतोषजनक मिलने पर जिलाधिकारी ने उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

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इस कड़े कदम के साथ ही जिलाधिकारी ने सभी संबंधित चार्ज अधिकारियों, सुपरवाइजरों और प्रगणकों को अंतिम मौका देते हुए सख्त हिदायत दी है कि आगामी दो दिनों के भीतर हर हाल में कार्यों की प्रगति में जमीन-आसमान का सुधार दिखना चाहिए।

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उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस निर्धारित समय सीमा के भीतर आंकड़ों को दुरुस्त कर अपेक्षित सुधार नहीं किया गया, तो वेतन रोकने के अलावा संबंधित लापरवाह कार्मिकों के खिलाफ सीधे कठोर प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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जिलाधिकारी ने साफ किया कि जनगणना के इस काम को हर हाल में समयबद्ध और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी स्तर पर की गई हीलाहवाली को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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अनियंत्रित ब्लास्टिंग से सहमी गोंडवाना बस्ती, खदान बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीण पहुंचे DM दरबार

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  • अनियंत्रित ब्लास्टिंग से सहमी गोंडवाना बस्ती, खदान बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीण पहुंचे DM दरबार

सोनभद्र। जिले में ओबरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिल्ली मारकुंडी स्थित खैरटिया ग्राम की गोंडवाना बस्ती में संचालित हो रहीं पत्थर खदानें स्थानीय निवासियों के लिए आफत का सबब बन चुकी हैं। इन खदानों में मानकों को ताक पर रखकर की जा रही अनियंत्रित ब्लास्टिंग और अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश अब फूट पड़ा है।

जान-माल के बढ़ते खतरे से आजिज आकर भारी संख्या में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपा और खदानों को तत्काल बंद कराने की गुहार लगाई। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि खदान संचालक सभी सरकारी नियमों और पर्यावरणीय शर्तों का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे पूरी बस्ती का वजूद ही खतरे में पड़ गया है।

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ग्रामीणों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि इन खदानों में भारी-भरकम मशीनों के साथ लगातार हैवी ब्लास्टिंग (विस्फोट) की जा रही है। इस भयानक विस्फोट के कंपन से ग्रामीणों के पक्के और कच्चे मकानों की दीवारों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। हद तो तब हो जाती है जब ब्लास्टिंग के कारण पहाड़ों के बड़े-बड़े पत्थर उड़कर सीधे लोगों के घरों की छतों, आंगनों और रास्तों पर गिर रहे हैं।

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इससे बस्ती में हर वक्त मौत का साया मंडराता रहता है और लोग अपने ही घरों में रहने को मजबूर हैं। गोंडवाना बस्ती की रहने वाली पार्वती विश्वकर्मा ने एक खौफनाक वाकये का जिक्र करते हुए बताया कि हाल ही में ब्लास्टिंग के दौरान एक विशालकाय पत्थर उनके घर के बेहद करीब आकर गिरा। उस वक्त उनकी मां पास में ही खाना बना रही थीं, जो बाल-बाल बच गईं। उन्होंने रुआंसे मन से कहा कि यदि वह पत्थर किसी मासूम बच्चे या व्यक्ति पर गिर जाता तो मौके पर ही उसकी जान चली जाती।

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प्रशासनिक दरबार में पहुंचे ग्रामीणों ने खदान संचालकों की दबंगई पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब भी स्थानीय लोग इस जानलेवा ब्लास्टिंग का विरोध करते हैं या अपनी सुरक्षा की मांग करते हैं, तो खदान संचालक और उनके कारिंदे ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाने और जान से मारने की धमकियां देते हैं।

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हैरान करने वाली बात यह भी है कि ग्रामीणों को आज तक यह भी नहीं मालूम कि उनके घरों के ठीक बगल में यह खदानें आखिर किसके नाम पर अलॉट हैं और कौन इन्हें अवैध रूप से संचालित कर रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, क्षेत्र में हुई पर्यावरणीय और

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भौतिक क्षति का आकलन कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, इस मामले में शिकायतकर्ताओं ने बताया कि जिलाधिकारी ने उनकी समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना है और त्वरित कार्रवाई का ठोस आश्वासन देते हुए संबंधित खनन अधिकारी को तत्काल रिपोर्ट के साथ तलब किया है।

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पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने सुनीं जनता की शिकायतें, लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

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  • पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने सुनीं जनता की शिकायतें, लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

सोनभद्र। जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में पुलिस कार्यालय सोनभद्र में आयोजित ‘जनसुनवाई और जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक  अभिषेक वर्मा ने खुद कमान संभालते हुए जिले के दूर-दराज के थाना क्षेत्रों से आए पीड़ितों और आम नागरिकों की समस्याओं को बेहद गंभीरता, संवेदनशीलता और पूरी तत्परता के साथ सुना।

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जनता दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने पुलिस कप्तान के सामने अपनी आपबीती रखी, जिस पर उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए मातहतों को कड़े निर्देश जारी किए। इस उच्च स्तरीय जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से जमीन से जुड़े आपसी विवाद, पारिवारिक कलह, मारपीट, तेजी से बढ़ते साइबर अपराध, लोगों की गुमशुदगी और राजस्व से संबंधित गंभीर प्रकरणों सहित पुलिस कार्यप्रणाली से जुड़ी तमाम शिकायतें पुलिस अधीक्षक के समक्ष आईं।

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प्रत्येक मामले की बारीकी से समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक सोनभद्र ने मौके से ही संबंधित क्षेत्राधिकारियों (सीओ) और थाना प्रभारियों को फोन पर और लिखित रूप से कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि जनता से प्राप्त होने वाली हर एक शिकायत का निस्तारण पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और एक निश्चित समय सीमा के भीतर होना चाहिए।

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कप्तान ने मातहतों को दो टूक लहजे में कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य और पहली प्राथमिकता हर पीड़ित को बिना किसी भेदभाव के तथ्यपरक जांच कर तत्काल न्याय दिलाना होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने थानों पर एक नई व्यवस्था लागू करने की बात कही, जिसके तहत शिकायतकर्ताओं को उनकी शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसकी प्रगति रिपोर्ट से समय-समय पर अवगत कराया जाता रहेगा ताकि जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो सके।

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जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से भरा व्यवहार अपनाने की नसीहत देते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा ने जिले के समस्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा अल्टीमेटम भी दिया है।

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उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जनसुनवाई से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर जरा सी भी लापरवाही, ढीला ढाला रवैया, अनावश्यक रूप से मामले को लटकाने या फिर पीड़ित के उत्पीड़न की बात सामने आई, तो दोषी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ बेहद कठोर दंडात्मक और वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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इसके अलावा, जिन संवेदनशील और गंभीर मामलों में पुलिस के तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ितों को राहत पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं, जिससे अपराधियों में खौफ और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके।

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जिले के प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा कल रहेंगे सोनभद्र दौरे पर, विकास कार्यों व केंद्र सरकार के विशेष अभियान की करेंगे समीक्षा

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  • जिले के प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा कल रहेंगे सोनभद्र दौरे पर, विकास कार्यों व केंद्र सरकार के विशेष अभियान की करेंगे समीक्षा

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और सोनभद्र जिले के प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा 4 जून को जनपद के एक दिवसीय सघन दौरे पर आ रहे हैं। अपने इस महत्वपूर्ण प्रवास के दौरान वह जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं का जायजा लेने के साथ ही आगामी जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करेंगे।

तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रभारी मंत्री गुरुवार सुबह 9:00 बजे वाराणसी स्थित सर्किट हाउस से सड़क मार्ग द्वारा प्रस्थान करेंगे और सुबह 10:30 बजे रॉबर्ट्सगंज स्थित सर्किट हाउस पहुंचेंगे। यहां पहुंचने के बाद वह सबसे पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों से मुलाकात करेंगे तथा उनकी समस्याएं सुनने के साथ-साथ जिले के विकास को लेकर उनके अहम सुझावों से भी अवगत होंगे।

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जनसंपर्क के उपरांत प्रभारी मंत्री प्रातः 11:00 बजे रॉबर्ट्सगंज कलेक्ट्रेट सभागार में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक मुख्य रूप से केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून तक चलने वाले ‘जनकल्याण एवं जनजागरूकता अभियान’ की तैयारियों को लेकर आयोजित की जा रही है।

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इस दौरान वह प्रशासनिक समन्वय समिति एवं कोर कमेटी के साथ अभियान की विस्तृत रूपरेखा, कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन और इनमें आम जनमानस की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के उपायों पर गहन मंथन करेंगे तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे।

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इस बैठक के पश्चात दोपहर 1:10 बजे प्रभारी मंत्री वापस सर्किट हाउस पहुंचेंगे, जहां वे विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले में चल रही विकास योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे।

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विकास कार्यों की समीक्षा के बाद दोपहर 2:00 बजे प्रभारी मंत्री का मध्याह्न भोजन का कार्यक्रम निर्धारित है। एक दिवसीय दौरे के सभी निर्धारित कार्यक्रमों को संपन्न करने के बाद अपराह्न 2:45 बजे वे रॉबर्ट्सगंज से वाराणसी के लिए प्रस्थान कर जाएंगे और शाम लगभग 4:30 बजे उनका वाराणसी सर्किट हाउस पहुंचने का कार्यक्रम है। प्रभारी मंत्री के इस दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने प्रोटोकॉल और सुरक्षा की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली

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CDO जागृति अवस्थी ने 100 गर्भवतियों को बांटी पोषण पोटली, 53 महिलाओं को मिला प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ

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  • सीडीओ जागृति अवस्थी ने 100 गर्भवतियों को बांटी पोषण पोटली, 53 महिलाओं को मिला प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ

सोनभद्र।  जनपद के आकांक्षी विकासखंड चतरा में मंगलवार को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने तथा कुपोषण को दूर करने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के विशेष दिशा-निर्देश पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (नई दिल्ली) की सीएसआर पहल के तहत कुंज इनोवेशन ट्रस्ट एनजीओ के सहयोग से 100 गर्भवती महिलाओं को विशेष पोषण पोटली वितरित की गई।

खंड विकास कार्यालय चतरा परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्य विकास अधिकारी (सीओ) जागृति अवस्थी ने अपने हाथों से गर्भवती महिलाओं को पोषण सामग्री की पोटली सौंपी और उन्हें स्वस्थ मातृत्व एवं शिशु देखभाल के प्रति जागरूक किया। महिलाओं को दी गई इस पोषण पोटली में उच्च प्रोटीन और पोषक तत्वों से भरपूर एक-एक किलोग्राम मूंगफली, सोयाबीन, राजमा, गुड़ एवं लाई शामिल थी, जो गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में अत्यधिक सहायक सिद्ध होगी।

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कार्यक्रम के दौरान बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) की ओर से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत एक विशेष पंजीकरण एवं लाभ हस्तांतरण शिविर भी लगाया गया। इस शिविर में प्रथम प्रसव वाली 53 गर्भवती महिलाओं को मौके पर ही योजना के तहत लाभान्वित किया गया, साथ ही विभागीय अधिकारियों ने उपस्थित महिलाओं को योजना की पात्रता, किश्तों के ऑनलाइन भुगतान तथा मातृ स्वास्थ्य संबंधी सरकारी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।

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इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए विशेष चिकित्सा शिविर में आईं सभी गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई, जिसमें हीमोग्लोबिन, रक्तचाप (बीपी) एवं शुगर की मुफ्त जांच शामिल रही। डॉक्टरों की टीम ने महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने, संतुलित आहार लेने और चिकित्सकीय परामर्श का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी।

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इसके साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की टीम ने भी उपस्थित ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

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मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने अपने संबोधन में मातृ स्वास्थ्य पर विशेष बल देते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं सरकारी डॉक्टरों द्वारा सुझाई गई आयरन और कैल्शियम की दवाओं का नियमित सेवन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से रूढ़िवादी व पुरानी अस्वस्थ मान्यताओं से बचने तथा प्रसव के ठीक एक घंटे के भीतर नवजात शिशु को मां का पहला गाढ़ा दूध (स्तनपान) कराने की भावुक अपील की।

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साथ ही उन्होंने समाज में बेटा-बेटी के अंतर को समाप्त करने और दोनों में किसी प्रकार का भेदभाव न करने का कड़ा संदेश भी दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) विनीत कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) एवं अन्य विभागीय योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए शासन लगातार जमीनी स्तर पर प्रयासरत है।

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इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के सीएसआर अधिकारी रविंद्र नाथ गौड़, डीसी एनआरएलएम सरिता सिंह, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) रूपेश मंडल, एमओआईसी चतरा, नीति आयोग की ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मनीषा, डीएमएम एनआरएलएम रवि कुमार सहित भारी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, एएनएम, समूह सखियां एवं लाभार्थी महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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डाला गोलीकांड की 35वीं पुण्यतिथि पर शहीदों को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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  • डाला गोलीकांड की 35वीं पुण्यतिथि पर शहीदों को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

सोनभद्र। सीमेंट निगम के निजीकरण के विरोध में 35 वर्ष पूर्व हुए ऐतिहासिक डाला गोलीकांड के अमर शहीदों की 35वीं पुण्यतिथि पर आज पूरा डाला क्षेत्र देश भक्ति और शहादत के रंग में डूबा नजर आया। मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नगर वासियों, समाजसेवियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने वाराणसी-शक्तिनगर मुख्य मार्ग पर एकत्रित होकर सांकेतिक चक्का जाम किया और शहीदों को अपनी सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।

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इस दौरान ‘डाला तेरा यह बलिदान, याद करेगा हिंदुस्तान’ के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा। इस भावुक और गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा का सफल संचालन वयोवृद्ध वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र नीरव ने किया, जबकि शांति और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए डाला थाने की पुलिस टीम मुस्तैदी से डटी रही।

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आज से ठीक 35 वर्ष पूर्व, तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश सीमेंट निगम की डाला, चुनार और चुर्क सीमेंट फैक्ट्रियों को प्राइवेट सेक्टर के डालमिया ग्रुप को बेचे जाने के विरोध में हजारों कर्मचारी व स्थानीय लोग शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। उसी दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर सुरक्षा बलों ने आंदोलनकारियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं।

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इस भीषण गोलीकांड में एक छात्र समेत नौ लोग मौके पर ही शहीद हो गए थे, जिनमें निगम कर्मचारी रामप्यारे कुशवाहा, शैलेंद्र कुमार राय, सुरेंद्र दुबे, बालगोविंद, रामधारी, रामनरेश राम, नंद कुमार गुप्ता, दीनानाथ और छात्र राकेश उर्फ जयप्रकाश त्रिपाठी शामिल थे। इसके अलावा सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस खूनी संघर्ष की गूंज ने तत्कालीन प्रदेश और केंद्र सरकार की जड़ों को हिलाकर रख दिया था।

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अपने हक और हकूक की लड़ाई में वीरगति को प्राप्त हुए इन कर्मचारियों का नाम आज भी देश के श्रमिक आंदोलनों के इतिहास में बड़े ही गौरव और श्रद्धा के साथ लिया जाता है, जिनकी याद में हर वर्ष 2 जून को पूरा नगर ठहर सा जाता है।

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शहादत के ठीक उसी समय यानी दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों को रोककर प्रतीकात्मक रूप से चक्का जाम किया गया। इसके बाद उपस्थित जनसैलाब ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद स्मारक पर पुष्प और मालाएं चढ़ाकर नम आंखों से अंजलि दी। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह से ही पारंपरिक रूप से की गई थी, जहां डाला निवासी राजू मिश्रा के संयोजन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ, हरि कीर्तन और सुंदरकांड का पाठ कराया गया।

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भीषण गर्मी को देखते हुए सुबह से ही समाजसेवी गायत्री त्रिपाठी, संतोष कुमार बबलू और सभासद अवनीश पाण्डेय के नेतृत्व में राहगीरों और यात्रियों के लिए ठंडे शरबत की स्टॉल लगाई गई। श्रद्धांजलि सभा में पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी, अजीत चौबे, डाला मंडल अध्यक्ष संदीप सिंह पटेल, कांग्रेसी नेता राजेश द्विवेदी, जूली तिवारी, नागेश मणी पाठक, कवि प्रभात सिंह चंदेल, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशांक मिश्रा,

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किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संदीप मिश्रा, सेवानिवृत्त सहायक आयुक्त राजीव कुमार, विकास मिश्रा, अपना दल (एस) नेता आनंद पटेल दयालू, अशोक चौधरी, संजय मित्तल, मुकेश जैन, उत्तम मिश्रा, चंद्रशेखर सिंह, धीरेंद्र सिंह, राकेश सिंह और जुम्मन सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान अचानक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, लेकिन शहीदों के सम्मान में खड़े शोक संतप्त परिवारों और सैकड़ों लोगों के हौसलों को यह बारिश भी नहीं डिगा सकी। बुजुर्गों ने भावुक होकर याद किया कि 35 साल पहले 2 जून के उस काले दिन भी ठीक इसी तरह अचानक आसमान में तेज गर्जना के साथ भारी बारिश हुई थी, मानो प्रकृति भी आज उन शहीदों की याद में आंसू बहा रही हो।

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10 दिवसीय जनजाति शैला नृत्य कार्यशाला का भव्य समापन, गोंड समाज की लुप्त होती आदिम विधा को पुनर्जीवित करने की अनूठी पहल

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  • 10 दिवसीय जनजाति शैला नृत्य कार्यशाला का भव्य समापन, गोंड समाज की लुप्त होती आदिम विधा को पुनर्जीवित करने की अनूठी पहल

सोनभद्र। सांस्कृतिक रूप से समृद्ध सोनभद्र जिले के बभनी विकासखंड अंतर्गत बिछियारी ग्राम स्थित सामुदायिक भवन में मंगलवार, 2 जून 2026 को जनजातीय लोक कला के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित हुआ। उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ) तथा जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान (वाराणसी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय ‘जनजाति शैला नृत्य कार्यशाला’ का अत्यंत गरिमामयी और भव्य समापन हुआ।

संस्कृति और लोक कला को समर्पित इस अनूठी कार्यशाला में कुल 50 जनजातीय छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और निष्ठा के साथ प्रतिभाग कर अपनी पारंपरिक विधा के गुर सीखे। समापन समारोह के शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान (उत्तर प्रदेश सरकार) के माननीय सदस्य डॉ. बृजभान मरावी उपस्थित रहे।

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समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. बृजभान मरावी ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा कि सोनभद्र जिला सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत संपन्न और अनूठा है। यह उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक आदिवासी जनजातीय आबादी वाला गौरवशाली जिला है, जिसकी अनूठी पहचान देश के कोने-कोने में इसकी समृद्ध प्राकृतिक संपदा और विशिष्ट आदिवासी संस्कृति से होती है।

उन्होंने आगे कहा कि इस धरा पर हजारों सालों से निवासरत आदिवासी जनजातीय समाज ने अपनी सांस्कृतिक मजबूती और अनमोल विरासत की पहचान को आज भी पूरी शिद्दत से संजोकर रखा है, जो देश-प्रदेश और दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि ‘शैला नृत्य’ गोंड आदिवासी समाज का एक अत्यंत प्रमुख और ऐतिहासिक लोक नृत्य है, जिसके विलुप्त होने से बचाने और इसके संरक्षण हेतु संस्कृति विभाग के सहयोग से पूरे प्रदेश में पहली बार इस तरह की विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया है, जो अत्यंत सराहनीय और स्वागत योग्य कदम है।

इस विशिष्ट समापन अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित जाने-माने समाजसेवी एवं पूर्व ग्राम प्रधान अशोक आयाम ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इस तरह के गौरवशाली आयोजनों से न केवल ग्रामीण अंचल के प्रतिभावान बच्चों का मान-सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि आधुनिकता की चकाचौंध में दम तोड़ रही हमारी प्राचीन आदिम धरोहर ‘शैला नृत्य’ को पुनर्जीवित करने और इसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखने में एक नई और मजबूत संजीवनी मिली है।

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कार्यक्रम के दौरान कार्यशाला के प्रशिक्षित छात्र-छात्राओं ने मंच पर जब अपनी 10 दिनों की कड़ी मेहनत और शैला नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी, तो पूरा सामुदायिक भवन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस अद्भुत सांस्कृतिक प्रस्तुति के पश्चात मुख्य अतिथियों द्वारा सभी प्रतिभागी कलाकारों को स्मृति स्वरूप विशिष्ट प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिसे पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।

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इस 10 दिवसीय गहन प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में हरिप्रसाद और हरि नारायण ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके साथ ही राम जतन, विजय कुमार, कलंदर, श्रवण कुमार, मोहन कुमार, राकेश कुमार, दीप नारायण, आनंद कुमार तथा महिला संवर्ग से कौशल्या रानी, अनीता, सबिता और रंजना जैसी कर्मठ छात्राओं ने लगातार 10 दिनों तक शिविर में रहकर शैला नृत्य की बारीकियों, इसकी पारंपरिक विशेषताओं और ऐतिहासिक महत्व को आत्मसात किया।

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इस पूरे गरिमामयी सांस्कृतिक कार्यक्रम का कुशल और सफल मंच संचालन अखिलेश कुमार द्वारा बेहद प्रभावी अंदाज में किया गया। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय ग्रामीणों और संस्कृति प्रेमियों ने सरकार की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए इसे जनजातीय गौरव को बढ़ाने वाला एक मील का पत्थर बताया।

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बभनी में ‘जनजाति उत्सव’ का भव्य आयोजन, करमा और शैला नृत्य पर झूमे दर्शक

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  • बभनी में ‘जनजाति उत्सव’ का भव्य आयोजन, करमा और शैला नृत्य पर झूमे दर्शक

सोनभद्र।  जिले के बभनी विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिछियारी में मंगलवार को जनजातीय लोक कला और संस्कृति के संरक्षण की एक बेहद खूबसूरत झलक देखने को मिली। यहां संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार, नई दिल्ली) और ‘निर्मल जनकल्याण एवं सांस्कृतिक समिति, उत्तर प्रदेश’ के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय भव्य ‘जनजाति उत्सव’ का सफल आयोजन किया गया।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के विशेष अनुदान से आयोजित इस सांस्कृतिक महाकुंभ का गवाह बिछियारी ग्राम पंचायत भवन का सभागार बना, जहां पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप और थिरकते कदमों ने समां बांध दिया। इस गरिमामयी कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि बिछियारी के ग्राम प्रधान अशोक कुमार और संस्थान की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्प अर्पित करने और दीप प्रज्वलित करने के साथ किया गया।

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इस जनजाति उत्सव में जनपद के दूर-दराज के क्षेत्रों से आए पांच प्रमुख सांस्कृतिक दलों ने अपनी कला का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। उत्सव के दौरान कलाकारों ने अपनी समृद्ध पारंपरिक वेशभूषा में सज्ज होकर करमा, शैला, मंदार वादन, झूमर जैसी लोक विधाओं पर शानदार रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। इसके अलावा, स्थानीय एकल बच्चों ने भी नृत्य और लोक गीतों की ऐसी मनमोहक प्रस्तुति दी कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

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इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था पिछले लंबे समय से विलुप्त हो रही जनजातीय संस्कृतियों और लोक नृत्यों के संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर कार्य कर रही है, और इसी कड़ी में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए इस विशेष उत्सव का ताना-बाना बुना गया है।

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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की समाप्ति के बाद कलाकारों के उत्साहवर्धन के लिए एक विशेष सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथियों और संस्था की अध्यक्ष द्वारा मंच पर प्रस्तुति देने वाले सभी कलाकारों और लोक नृत्यों की टोली को अंगवस्त्र एवं स्मृति स्वरूप विशेष प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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जनजातीय गौरव और लोक संस्कृति के इस अद्भुत समागम का आनंद उठाने के लिए बिछियारी और उसके आसपास के तमाम गांवों से आए सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों ने हिस्सा लिया और देर शाम तक इस महोत्सव का भरपूर आनंद उठाया। इस पूरे सफल कार्यक्रम का मंच संचालन जाने-माने समाजसेवी मोहन कुमार पवले ने अपने अनूठे और प्रभावी अंदाज में किया। कार्यक्रम को भव्य और सफल बनाने में संस्था के सहयोगी हरिप्रसाद, हरिनारायण, सरवन कुमार, अनिल कुमार, अनीता, कौशल्या, आनंद, अनुराधा और वीरेंद्र समेत कई स्थानीय ग्रामीणों ने अपना महत्वपूर्ण और सराहनीय योगदान दिया।

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केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर सोनभद्र में मनेगा विकास उत्सव, 5 से 21 जून तक चलेगा महाअभियान, DM चर्चित गौड़ ने दी रूपरेखा

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  • केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर सोनभद्र में मनेगा विकास उत्सव, 5 से 21 जून तक चलेगा महाअभियान, डीएम चर्चित गौड़ ने दी रूपरेखा

सोनभद्र। केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने के गौरवशाली अवसर पर सोनभद्र जनपद में आगामी 5 जून से 21 जून 2026 तक भव्य जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा।

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इस वृहद महाअभियान के सफल और प्रभावी संचालन को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों के समन्वय और तैयारियों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सभी कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने के कड़े निर्देश दिए।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मूल उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और सुशासन के आयामों को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अभियान के पूरे खाके की जानकारी देते हुए बताया कि इस महाअभियान का शुभारंभ 5 जून को ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के बेहद शुभ अवसर पर किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पहले दिन जनपद के सभी अमृत सरोवरों, तालाबों, नहरों के किनारों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें आम जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

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इसके बाद, 8 जून से 14 जून तक पूरे जिले में विशेष जनसंपर्क और जन-जागरूकता अभियान की लहर चलाई जाएगी, जिसके तहत सरकारी अमला जनता के बीच पहुंचेगा। इसी कड़ी में 11 जून से 14 जून तक सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक प्रसारित करने के लिए विशेष मीडिया संवाद और संबोधन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि नीतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके।

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जनता को सीधे तौर पर लाभान्वित करने के लिए 14 जून से 16 जून तक जनपद के सभी विकास खंडों (ब्लॉकों) में विशाल जन-कल्याण शिविर और स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में मौके पर ही पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा और उनकी स्वास्थ्य जांच कर मुफ्त दवाएं दी जाएंगी।

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साथ ही, मौके पर ही जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण भी किया जाएगा। इसके तुरंत बाद, 16 और 17 जून को जिले में ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ का आयोजन होगा, जिसमें सुशासन और 12 वर्षों की विकास गाथा को प्रदर्शित किया जाएगा।

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विकास की इस कड़ियों को आगे बढ़ाते हुए 17 जून से 20 जून तक भव्य विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसके साथ ही अन्नदाताओं के लिए प्राकृतिक खेती पर आधारित विशेष कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी, ताकि किसान आधुनिक व रसायन मुक्त खेती के गुण सीख सकें।

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सत्रह दिनों तक चलने वाले इस गौरवशाली जन-कल्याण अभियान का भव्य समापन 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के अवसर पर आयोजित होने वाले वृहद योग कार्यक्रम के साथ किया जाएगा, जिसमें पूरे जनपद में सामूहिक योग सत्र आयोजित होंगे।

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जिलाधिकारी की इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, डीसी मनरेगा रविंद्र सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस पूरे अभियान के दौरान जनभागीदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि सरकार के 12 वर्षों के विकास कार्यों का लाभ और संदेश हर घर तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

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पांचवे बड़े मंगलवार को सातों शीतला माता मंदिर में हुआ सुंदरकांड का पाठ

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  • पांचवे बड़े मंगलवार को सातों शीतला माता मंदिर में हुआ सुंदरकांड का पाठ

सोनभद्र। ज्येष्ठ माह के पांचवे बड़े मंगलवार को सातों शीतला माता मंदिर में सुंदरकांड का पाठ श्री राम जानकी संकट मोचन भजन समिति के तत्वावधान में एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। समिति के सदस्यों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने मिलकर सोनभद्र नगर के सातों शीतला माता मंदिर परिसर में सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर प्रभु श्री राम और भक्त शिरोमणि हनुमान जी के भजनों तथा जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शीतला माता और हनुमान जी के पूजन-अर्चन से हुई, जिसके बाद संगीतमय सुंदरकांड का पाठ शुरू हुआ। ढोलक, मंजीरे और हारमोनियम की सुमधुर लहरियों पर जब भक्तों ने सुंदरकांड की चौपाइयों का गायन किया, तो वहां मौजूद हर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गया।

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इस पावन धार्मिक अवसर पर नगर के प्रबुद्ध जनों और सनातन प्रेमियों ने  अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से यानमेंद्र नाथ पाण्डेय, योगेश्वर नाथ पाण्डेय, कमला शंकर तिवारी, अनुराग पाठक, गोलू, शिवम् शर्मा और अरुण पाठक शामिल हुए, जिन्होंने आरती और पूजन की व्यवस्था संभाली।

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इनके साथ ही वीरेंद्र विक्रम सिंह, रूबी गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, देवानंद सोनी, केतन मोदनवाल, हिमांशू श्रीवास्तव, साहिल पाण्डेय, राजीव सिंह, अभिषेक दुबे, विकास, गौरव, मोनू जयसवाल और पीयूष अग्रहरि सहित भारी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने संगीतमय सुंदरकांड पाठ में बैठकर प्रभु का आशीर्वाद लिया।

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सुंदरकांड पाठ की समाप्ति के बाद समिति द्वारा सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और फिर शीतला माता व संकट मोचन हनुमान जी की भव्य महाआरती उतारी गई। आरती के उपरांत उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और राहगीरों के बीच विधि-विधान से तैयार किया गया विशेष प्रसाद वितरित किया गया।

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