HIGHLIGHTS
- तीन दिवसीय भूजल सप्ताह कार्यक्रम का शुभारंभ कल, छायाचित्र प्रदर्शनी व संगोष्ठी का होगा आयोजन
- गुरु नानक बालिका इंटर कॉलेज में तीन दिवसीय भूजल सप्ताह कार्यक्रम का शुभारंभ कल, छायाचित्र प्रदर्शनी व संगोष्ठी का होगा आयोजन

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित भूजल सप्ताह के अंतर्गत ‘जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प’ थीम पर आधारित तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ कल दिनांक 20 जुलाई दिन सोमवार को होगा। जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित गुरु नानक बालिका इंटर कॉलेज में 20 से 22 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग, क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई वाराणसी और क्षेत्रीय अभिलेखागार वाराणसी के संयुक्त तत्वाधान में किया गया है।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएचडब्ल्यू उत्तर प्रदेश के वाइस प्रेसिडेंट डॉक्टर कुसुमाकर श्रीवास्तव करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में इतिहासकार व विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के संस्थापक-निदेशक दीपक कुमार केसरवानी उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही, गुरु नानक बालिका इंटर कॉलेज के प्रबंधक जसवीर सिंह, प्रधानाचार्य जयप्रकाश द्विवेदी, समाजसेवी अजीत कुमार सिंह व विनोद गर्ग विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।

क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी वाराणसी के डॉक्टर रामनरेश पाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस तीन दिवसीय जागरूकता अभियान के प्रथम दिन प्रातः 10:00 बजे आमंत्रित अतिथियों का सम्मान किया जाएगा, जिसके बाद पुरातात्विक धरोहरों पर आधारित एक आकर्षक छायाचित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा।

इसी कड़ी में पहले दिन ‘गिरता भूजल स्तर: कारण एवं निवारण’ विषयक एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया है, जिसके मुख्य वक्ता प्रख्यात पर्यावरणविद व गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट के संस्थापक रवि प्रकाश चौबे होंगे, जो भूजल संकट और उसके समाधान पर अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम के दूसरे दिन छात्राओं के बीच निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जबकि तीसरे और अंतिम दिन सभी विजयी प्रतिभागी छात्राओं को मंच पर पुरस्कृत एवं सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया जाएगा।

डॉक्टर रामनरेश पाल ने बताया कि सरकार की प्राथमिक नीति के अनुसार गिरते भूजल स्तर को समय रहते प्रभावी ढंग से रोकने, वर्षा जल का बड़े पैमाने पर संचयन करने तथा आम जनता को पानी की एक-एक बूंद बचाने के प्रति जागरूक किया जाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

इसी उद्देश्य के साथ छात्र-छात्राओं, स्थानीय नागरिकों और किसानों को जल संरक्षण के बेहतरीन टिप्स दिए जाएंगे। इसके साथ ही, आमजन को जागरूक करने के लिए लगाई जा रही छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से जनपद की भूतात्विक, पुरातात्विक व ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और क्षेत्र में पर्यटन विकास की संभावनाओं के बारे में पुरातत्व विभाग वाराणसी के विशेषज्ञ राजीव रंजन, रूपेश कुमार झा, आशुतोष कुमार और दिनेश कुमार उपस्थित लोगों को विस्तार से तकनीकी व ऐतिहासिक जानकारियां प्रदान करेंगे।


































