मतदान केंद्रों के प्रस्तावों पर राजनीतिक दलों के साथ बैठक संपन्न, 21 में से 8 स्वीकृत और 13 प्रस्ताव निरस्त

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  • मतदान केंद्रों के प्रस्तावों पर राजनीतिक दलों के साथ बैठक संपन्न, 21 में से 8 स्वीकृत और 13 प्रस्ताव निरस्त

सोनभद्र।  मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र घोरावल (400), रॉबर्ट्सगंज (401), ओबरा (402) एवं दुद्धी (403) के मतदेय स्थलों के आलेख्य प्रकाशन के बाद प्राप्त सुझावों व आपत्तियों के परीक्षण हेतु बुधवार को कलेक्ट्रेट में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में माननीय सांसद, माननीय विधायकगण तथा सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक में राजनीतिक दलों को अवगत कराया गया कि जनपद में वर्तमान में कुल 1,563 मतदान स्थल और 973 मतदान केंद्र निर्धारित हैं। इससे पूर्व 01 जुलाई को भी इस विषय पर सभी दलों के साथ विस्तृत चर्चा की गई थी और 04 जुलाई को आलेख्य प्रकाशन कर इसे जिला वेबसाइट पर अपलोड करते हुए 12 जुलाई तक लिखित आपत्तियां मांगी गई थीं।

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इस निर्धारित अवधि के दौरान समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और आम आदमी पार्टी की ओर से विभिन्न मतदान केंद्रों में बदलाव या संशोधन को लेकर कुल 21 प्रस्ताव जिला निर्वाचन कार्यालय को प्राप्त हुए थे। निर्वाचन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किए गए गहन स्थलीय व तकनीकी जांच के उपरांत इनमें से 08 प्रस्तावों को वैध मानते हुए स्वीकृत कर लिया गया, जबकि शेष 13 प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग के कड़े मानकों और नियमों के अनुरूप न पाए जाने के कारण सर्वसम्मति से निरस्त कर दिए गए।

बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने मौजूद सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से एक बार फिर अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों की सूची का गहराई से अध्ययन कर लें। यदि अभी भी किसी केंद्र के संबंध में कोई व्यावहारिक या आवश्यक परिवर्तन अपेक्षित है, तो अगले दो दिनों के भीतर अपना लिखित सुझाव जिला निर्वाचन कार्यालय को सौंप दें, ताकि समय रहते उनका परीक्षण कर 18 जुलाई तक जनपद के सभी मतदान केंद्रों व स्थलों की सूची को अंतिम रूप प्रदान किया जा सके।

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रॉबर्ट्सगंज को जलभराव से मिलेगी स्थायी निजात, 23.62 करोड़ की लागत से बनेगा 4.46 किमी लंबा नाला

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  • रॉबर्ट्सगंज को जलभराव से मिलेगी स्थायी निजात, 23.62 करोड़ की लागत से बनेगा 4.46 किमी लंबा नाला

सोनभद्र।  नगर पालिका परिषद रॉबर्ट्सगंज में बरसात के दिनों में होने वाले भीषण जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ) फंड से करीब 23.62 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले 4.46 किलोमीटर लंबे आरसीसी नाला निर्माण को हरी झंडी दे दी है।

गौरतलब है कि विगत दिनों जिलाधिकारी ने स्वयं मौके पर जाकर इमरती कॉलोनी और उसके आस-पास के जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया था। इस दौरान स्थानीय नागरिकों ने इमरती कॉलोनी हाईवे, पुसौली-बढौली चौराहे और मिशन अस्पताल के सामने होने वाली जलभराव की गंभीर समस्या से उन्हें अवगत कराया था। नगरवासियों की इस पुरानी और बड़ी तकलीफ को दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने तत्काल जल जीवन मिशन (शहरी) के अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित कर वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर एक विस्तृत ड्रेनेज प्लान और कार्ययोजना तैयार करने के कड़े निर्देश दिए थे।

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जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर के लिए एक आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करने के उद्देश्य से गहन फीजिबिलिटी स्टडी की गई। इस वैज्ञानिक अध्ययन के दौरान भू-स्तर (लेवल सर्वे), हाइड्रोलॉजी, कंटूर मैप, सैटेलाइट सर्वे तथा पिछले 30 वर्षों के वर्षा के आंकड़ों का विस्तृत तकनीकी विश्लेषण किया गया। अध्ययन के दौरान नगर क्षेत्र से पानी निकासी के लिए तीन संभावित ड्रेनेज मार्गों का परीक्षण किया गया, जिसमें पहले दो विकल्पों को तकनीकी खामियों और अव्यावहारिक होने के कारण खारिज कर दिया गया।

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तकनीकी विशेषज्ञों ने तीसरे विकल्प ‘नीलकंठ रेस्टोरेंट से कचहरी ड्रेन रूट’ को सर्वाधिक उपयुक्त और व्यावहारिक पाया, क्योंकि इस मार्ग पर भूमि का प्राकृतिक ढाल लगातार नीचे की ओर है, जिससे बिना किसी खर्चीली पंपिंग व्यवस्था के वर्षा जल गुरुत्वाकर्षण के सहारे आसानी से बह सकेगा। इस प्रस्तावित ड्रेन के माध्यम से पूरे शहर का वर्षा जल कचहरी ड्रेन होते हुए सजौर पोखरा के पास स्थित मुख्य सिंचाई नाले में जाकर गिरेगा, जिससे शहर को जलभराव से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

इस महत्वाकांक्षी ड्रेनेज परियोजना की कुल लंबाई लगभग 4,461 मीटर होगी, जिसके अंतर्गत विभिन्न आकार की मजबूत आरसीसी नालियों का निर्माण, आवश्यक कल्वर्ट, रेलवे एवं नहर क्रॉसिंग, साइफन निर्माण, मार्ग में आने वाले विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर की शिफ्टिंग तथा पेयजल पाइपलाइनों का स्थानांतरण सहित सभी आवश्यक आधारभूत कार्य शामिल किए गए हैं।

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तकनीकी अनुमान के अनुसार, परियोजना की मूल निर्माण लागत लगभग 17.95 करोड़ रुपये है, जो डिजाइन, वेटिंग शुल्क, श्रम उपकर और जीएसटी आदि को मिलाकर कुल 23.62 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि रॉबर्ट्सगंज के नागरिकों को जलभराव के नारकीय जीवन से स्थायी राहत दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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वैज्ञानिक और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर इस महापरियोजना को धरातल पर उतारने के लिए आगे की सभी जरूरी प्रशासनिक कार्रवाई तेजी से सुनिश्चित की जा रही है, जिससे भविष्य में रॉबर्ट्सगंज नगर को एक सुदृढ़ और अत्याधुनिक जलनिकासी व्यवस्था मिल सकेगी।

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हिंदुआरी में 1.60 करोड़ की लागत से बनेगी आत्मनिर्भर वृहद गौशाला, जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने दी मंजूरी

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  • हिंदुआरी में 1.60 करोड़ की लागत से बनेगी आत्मनिर्भर वृहद गौशाला, जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने दी मंजूरी

सोनभद्र। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में सोनभद्र जिला प्रशासन ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने नई हिंदुआरी में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ) फंड से एक वृहद और आत्मनिर्भर गौशाला के निर्माण को वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस पूरी महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 1 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत आएगी, जिसका निर्माण कार्य जल्द ही धरातल पर शुरू करा दिया जाएगा।

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जिलाधिकारी ने परियोजना की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस प्रस्तावित गौशाला का मुख्य उद्देश्य निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय देने के साथ-साथ उनके संवर्धन और समुचित पुनर्वास की एक स्थायी व्यवस्था खड़ी करना है।

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गौशाला परिसर में गोवंश के सुरक्षित आवास के लिए दो आधुनिक शेडों का निर्माण किया जाएगा, जिस पर 82.88 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, साल भर चारे की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 12.67 लाख रुपये की लागत से एक बड़ा चारा भंडारण कक्ष भी बनाया जाएगा।
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका आत्मनिर्भर मॉडल होना है।

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जिलाधिकारी ने बताया कि गौशाला को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से परिसर में लगभग 15 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक वर्मी कम्पोस्ट (केंचुआ खाद) यूनिट स्थापित की जाएगी। यहाँ गोबर से बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जाएगी, जिसे बाजार में बेचकर आय अर्जित की जाएगी।

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इस बिक्री से प्राप्त होने वाली कमाई का सीधा उपयोग गौशाला में रह रहे गोवंश के चारे, शुद्ध पेयजल, उपचार और वहां काम करने वाले श्रमिकों के मानदेय जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं पर किया जाएगा। इससे गौशाला का संचालन लंबे समय तक बिना किसी बाहरी वित्तीय संकट के सुदृढ़ और आत्मनिर्भर तरीके से चल सकेगा।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि गौशाला में गोवंश के लिए स्वच्छ पेयजल, नियमित टीकाकरण और 24 घंटे पशु चिकित्सा सुविधा की मुकम्मल व्यवस्था की जाए। प्रशासन की यह अनूठी पहल गोवंश संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा, जैविक खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया संबल देने में मील का पत्थर साबित होगी।

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SP अभिषेक वर्मा ने नगर सर्किल का किया अर्दली रूम, लंबित विवेचनाओं और जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

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  • SP अभिषेक वर्मा ने नगर सर्किल का किया अर्दली रूम, लंबित विवेचनाओं और जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

सोनभद्र।  जिले में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण तथा पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व जनोन्मुखी बनाए जाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने मंगलवार की देर रात रॉबर्ट्सगंज थाने में नगर सर्किल का अर्दली रूम लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान उन्होंने रॉबर्ट्सगंज और चोपन थाना क्षेत्रों की पुलिसिंग और विभिन्न मामलों की गहन समीक्षा की। अर्दली रूम में मुख्य रूप से अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार, क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा, वाचक पुलिस अधीक्षक लक्ष्मण पर्वत, दोनों थानों के प्रभारी निरीक्षक, सर्किल के समस्त चौकी प्रभारी तथा अन्य उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए लंबित विवेचनाओं, प्रार्थना-पत्रों और जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक मामले की विवेचना निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित होनी चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही महिला एवं बालिकाओं से संबंधित अपराधों में संवेदनशीलता बरतते हुए त्वरित एवं प्रभावी विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

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बैठक में मिशन शक्ति अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कप्तान ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़े कार्यक्रमों को धरातल पर प्रभावी ढंग से संचालित करने को कहा। उन्होंने महिला हेल्पलाइन व अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पीड़ितों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने की बात कही। वहीं वर्तमान समय की बड़ी चुनौती बने साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए उन्होंने पुलिस टीम को साइबर फ्रॉड से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल एक्शन लेने, पीड़ितों की ठगी गई धनराशि को यथाशीघ्र वापस कराने और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 के प्रति आमजन को लगातार जागरूक करने के निर्देश दिए।

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जनसुनवाई की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि थानों पर आने वाले प्रत्येक शिकायतकर्ता के साथ बेहद शालीन और संवेदनशील व्यवहार किया जाए। आईजीआरएस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और अन्य सरकारी पोर्टलों से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए वांछित अपराधियों की त्वरित गिरफ्तारी, वारंटों की तामीली, हिस्ट्रीशीटरों की सतत निगरानी, सघन चेकिंग अभियान और नियमित रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक के समापन पर पुलिस अधीक्षक ने सभी मातहतों को पूरी ईमानदारी, अनुशासन और जनसेवा की भावना के साथ काम करने की सीख दी।

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सोनभद्र में 1 अगस्त से बदलेंगे सर्किल रेट, नई मूल्यांकन सूची पर डीएम ने मांगे सुझाव व आपत्तियाँ

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  • सोनभद्र में 1 अगस्त से बदलेंगे सर्किल रेट, नई मूल्यांकन सूची पर डीएम ने मांगे सुझाव व आपत्तियाँ

सोनभद्र। जनपद में भूमि एवं भवनों के पंजीकरण को अधिक पारदर्शी, व्यवहारिक और वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। वर्ष 2026-27 की नई प्रस्तावित मूल्यांकन सूची (सर्किल रेट) पूरी तरह से तैयार कर ली गई है। इस प्रस्तावित सूची पर अंतिम निर्णय लेने से पहले जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने आमजन, जनप्रतिनिधियों एवं अन्य सभी हितधारकों से एक सप्ताह के भीतर अपने सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं।

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प्रशासन को प्राप्त होने वाले सभी सुझावों और आपत्तियों का गहन परीक्षण करने के बाद आवश्यक संशोधन किए जाएंगे, जिसके उपरांत अंतिम मूल्यांकन सूची को आगामी 1 अगस्त, 2026 से पूरे जनपद में प्रभावी कर दिया जाएगा।

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इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि जनपद के सभी उपजिलाधिकारियों एवं उपनिबंधकों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सर्किल रेट के संशोधन, परिवर्तन एवं विलोपन संबंधी प्रस्ताव तैयार कर जिला मुख्यालय को उपलब्ध करा दिए हैं। इस बार की प्रस्तावित मूल्यांकन सूची को बेहद यथार्थवादी और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है।

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इसके लिए खसरा संख्या आधारित अद्यतन आंकड़ों व अभिलेखों, भूमि की वास्तविक उपयोगिता, संबंधित क्षेत्र में हुए विकास, सड़क संपर्क तथा वर्तमान में प्रचलित बाजार मूल्यों को प्रमुख आधार बनाया गया है, ताकि संपत्तियों का मूल्यांकन किसी भी स्तर पर वास्तविक परिस्थितियों से अलग न हो। जिला प्रशासन की इस पहल से जहां एक ओर संपत्तियों के पंजीकरण में पारदर्शिता आएगी, वहीं दूसरी ओर आम जनता को भी बाजार के वास्तविक नियमों के अनुसार अपनी संपत्तियों के मूल्यांकन का सही अवसर मिल सकेगा।

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इमरती कॉलोनी स्थित अवैध अस्पताल में ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत, संचालक पर FIR दर्ज

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  • अवैध अस्पताल में ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत, संचालक शोभित सिंह पर मुकदमा दर्ज

सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज नगर के इमरती कॉलोनी स्थित अवैध रूप से संचालित सिंह हेल्थ केयर अस्पताल में ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल संचालक शोभित सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह विधिक कार्रवाई अस्पतालों के पंजीकरण के नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव की तहरीर पर की गई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन विवेचना शुरू कर दी है।

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घटना के संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार, रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बेलखुरी गांव निवासी 35 वर्षीय मीना देवी को गत गुरुवार को प्रसव पीड़ा होने पर उनके परिजन उन्हें उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। वहां चिकित्सकों ने महिला की हालत को बेहद गंभीर देखते हुए उन्हें उच्च स्तरीय इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया था।

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परिजनों का गंभीर आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के बाहर सक्रिय एक दलाल ने उन्हें गुमराह किया। वाराणसी ले जाने के बजाय वह उन्हें इमरती कॉलोनी में स्थित अवैध रूप से संचालित सिंह हेल्थ केयर अस्पताल ले गया।

परिजनों का कहना है कि इसी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान पहले एक मृत नवजात का जन्म हुआ और उसके कुछ ही देर बाद प्रसूता मीना देवी की भी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल अस्पताल परिसर की जांच की।

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जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अस्पताल का संचालन बिना किसी वैध पंजीकरण के किया जा रहा था, जिसके बाद टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। इसके पश्चात पंजीकरण के नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव ने मंगलवार को कोतवाली में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने संचालक शोभित सिंह के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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चिलचिलाती धूप और उमस से बेहाल हुआ सोनांचल, तापमान बढ़ने के साथ अस्पतालों में उमड़ी मौसमी मरीजों की भीड़

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  • चिलचिलाती धूप और उमस से बेहाल हुआ सोनांचल, तापमान बढ़ने के साथ अस्पतालों में उमड़ी मौसमी मरीजों की भीड़

सोनभद्र। सोनांचल में पिछले कई दिनों से लगातार निकल रही चिलचिलाती धूप और भारी उमस के कारण आम जनमानस का हाल बेहाल हो गया है। बारिश के बाद अचानक मौसम में आए इस तीखे बदलाव और उमस भरी गर्मी से लोगों को न तो दिन में चैन मिल रहा है और न ही रात को राहत नसीब हो रही है। पूरे दिन लोग पसीने से तर-बतर नजर आ रहे हैं और दोपहर के समय तेज धूप के कारण घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है।

मौसम में आए इस अचानक परिवर्तन का सीधा असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है, जिसके चलते जिला अस्पताल सहित विभिन्न निजी चिकित्सालयों में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ने लगी है।

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लगातार खिल रही कड़क धूप की वजह से जनपद के तापमान में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मौसम विभाग के प्रेक्षक राजन सिंह द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे पूर्व सोमवार को अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री व न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री था, जबकि रविवार को अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

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तापमान का यह बढ़ता ग्राफ और वातावरण में मौजूद भारी नमी लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ा रही है।
तेज धूप और उमस के इस दोहरे प्रकोप के कारण क्षेत्र में मौसमी बीमारियों ने तेजी से पांव पसारना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल के ओपीडी काउंटर से लेकर दवा वितरण कक्षों तक मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

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चिकित्सकों के अनुसार, इन दिनों मुख्य रूप से सर्दी, जुकाम, तेज बुखार, उल्टी और दस्त जैसी दिक्कतों से ग्रसित सैकड़ों मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए अस्पताल पहुँच रहे हैं। मंगलवार को भी सुबह से ही तीखी धूप खिली रही, जिसने पूरे दिन लोगों को उमस से बेचैन रखा और देर शाम तक भी लोगों को इस चिपचिपी गर्मी से कोई खास राहत मिलती नजर नहीं आई। डॉक्टरों ने इस मौसम में खान-पान के प्रति विशेष सावधानी बरतने और धूप में निकलते समय शरीर को ढक कर रखने की सलाह दी है।

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इनर व्हील क्लब ऑफ रॉबर्ट्सगंज आर्या ने बढ़ाया मदद का हाथ, कैंसर पीड़ित के परिवार को दी आर्थिक सहायता

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  • इनर व्हील क्लब ऑफ रॉबर्ट्सगंज आर्या ने बढ़ाया मदद का हाथ, कैंसर पीड़ित के परिवार को दी आर्थिक सहायता

सोनभद्र। समाज सेवा में सदैव अग्रणी रहने वाले इनर व्हील क्लब ऑफ रॉबर्ट्सगंज, आर्या की महिलाओं द्वारा सोमवार को एक सराहनीय पहल की गई। क्लब की सदस्याओं ने नगर स्थित रामलीला मैदान के बांके बिहारी मंदिर परिसर में एक कैंसर पीड़ित के इलाज के लिए नगद आर्थिक सहायता प्रदान की। क्लब की ओर से यह सहायता धनराशि पीड़ित के परिवार के सदस्य को सौंपी गई, ताकि संकट की इस घड़ी में उन्हें संबल मिल सके।

इस पुनीत कार्य के अवसर पर क्लब की अध्यक्ष रीतु अग्रवाल ने कहा कि इनर व्हील क्लब हमेशा से समाज के जरूरतमंद, असहाय और शोषित लोगों की मदद के लिए पूरी तत्परता से तैयार रहता है। उन्होंने आगे कहा कि कैंसर जैसी बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी के इलाज में आर्थिक तंगी मरीज और उसके पूरे परिवार के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाती है।

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इसी मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए क्लब की सभी महिलाओं ने मिलकर यह सहायता राशि उपलब्ध कराई है, जिससे मरीज के उचित उपचार में परिवार को कुछ आर्थिक राहत मिल सके। क्लब भविष्य में भी इस तरह के जनसरोकार से जुड़े कार्यों को जारी रखेगा। इस सेवाभावी कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से क्लब की उपाध्यक्ष पूजा गहरी, आईएसओ कीर्ति त्रिवेदी, संपादक दीपा मेहता सहित मधुलिका अग्रवाल, रिकी जलान, रीतु जयसवाल, अनिता गुप्ता, बीना गुप्ता समेत क्लब की अन्य सम्मानित सदस्याएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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पत्नी से मिलने की जिद में कलेक्ट्रेट परिसर में युवक ने की आत्मदाह की कोशिश, सुरक्षाकर्मियों ने दबोचा

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  • पत्नी से मिलने की जिद में कलेक्ट्रेट परिसर में युवक ने की आत्मदाह की कोशिश, सुरक्षाकर्मियों ने दबोचा

सोनभद्र। कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार सुबह उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी कार्यालय के ठीक सामने एक विक्षिप्त युवक ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेलकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। इससे पहले कि युवक माचिस जलाकर कोई आत्मघाती कदम उठा पाता, वहाँ मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे दबोच लिया और अनहोनी को टाल दिया।

युवक मूल रूप से गाजीपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंधऊ का रहने वाला आशीष कुमार यादव बताया जा रहा है, जो सोनभद्र जिले में तैनात एक महिला सफाई कर्मी को अपनी पत्नी बताते हुए उससे मुलाकात कराने की जिद पर अड़ा था। सूचना पर तत्काल पहुँची रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस काफी मशक्कत के बाद उसे काबू में कर थाने ले गई, जहाँ पूछताछ के बाद शांति भंग की आशंका में उसका चालान कर दिया गया। पुलिस के अनुसार युवक अत्यधिक नशे में था और उसके मनोरोगी होने की भी प्रबल आशंका है।

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घटनाक्रम के अनुसार, आशीष कुमार यादव सुबह करीब 11 बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचा था। जिलाधिकारी को वहां न पाकर वह उनके कार्यालय के सामने बरामदे में ही बैठ गया और देखते ही देखते उसने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया। पकड़े जाने के बाद युवक चिल्ला-चिल्लाकर आरोप लगाने लगा कि उसकी पत्नी शाहगंज क्षेत्र के एक गांव में सफाईकर्मी है और वह पिछले तीन दिनों से उससे मिलने के लिए दर-दर भटक रहा है।

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युवक का दावा था कि वह अपनी कथित पत्नी से मिलने के लिए गाजीपुर से पैदल चलकर यहाँ तक आया है और तीन दिनों से शाहगंज क्षेत्र के ही एक प्राथमिक विद्यालय के पास जमा हुआ था, लेकिन उसकी पत्नी उससे मुलाकात नहीं कर रही है। खुद को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए उसने महिला को मौके पर बुलाने की मांग उठाई।

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वहाँ मौजूद अधिकारियों और लोगों ने उसे समझाने-बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन जब वह अपनी जिद से टस से मस नहीं हुआ तो रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस को बुलाया गया। कोतवाली में हुई गहन पूछताछ में पुलिस को पता चला कि यह पूरा प्रकरण गाजीपुर में रहने के दौरान के एक कथित प्रेम संबंध से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर युवक मानसिक संतुलन खो बैठा है।

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जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए जोरदार प्रदर्शन, आदिवासियों का एक भी घर उजाड़ने नहीं दिया जाएगा: संदीप मिश्र

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  • जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए जोरदार प्रदर्शन, आदिवासियों का एक भी घर उजाड़ने नहीं दिया जाएगा: संदीप मिश्र

सोनभद्र।  नगवा ब्लॉक के पपड़हवा ग्राम पंचायत में आज “पेड़ है तो प्राण है” अभियान के तहत सभी स्थानीय परिवारों को फलदार पौधों का वितरण किया गया। इसके साथ ही किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में पल्हारी के ग्रामीणों ने एकजुट होकर जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस जनसभा को संबोधित करते हुए मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया।

उन्होंने कहा कि सोनभद्र की प्राकृतिक संपदा और यहाँ की वादियों का सौदा किसी भी कीमत पर कारपोरेट घरानों के साथ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि विकास के नाम पर एक भी आदिवासी परिवार का घर उजाड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनपद में विन्ध्य पर्वत श्रृंखला के पहाड़ और सोन नदी से काफी दूरी पर ऐसी भूमि उपलब्ध है जहाँ न तो किसी को विस्थापित करना पड़ेगा और न ही पेड़ काटने पड़ेंगे, तो फिर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों को ही क्यों उजाड़ा जा रहा है? सरकार जन सहयोगी होती है, इसलिए इस प्रकार का जन उत्पीड़न का रवैया कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी अपनी आवाज बुलंद की। ग्राम प्रधान सुदामा चेरो ने साफ तौर पर कहा कि क्षेत्र में स्थानीय हितों की अनदेखी कर एक भी कंपनी स्थापित नहीं होने दी जाएगी। बीडीसी बिंदु अगरिया ने भावुक होते हुए कहा कि जान चली जाएगी, लेकिन हम अपनी पहचान और अपने जंगलों को कटने नहीं देंगे।

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वहीं वरिष्ठ ग्रामीण राम बहाल खरवार ने जंगलों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कोरोना काल के संकट के समय इन्हीं औषधीय पौधों और जंगलों के कारण इस पूरे क्षेत्र में एक भी मरीज गंभीर नहीं हुआ था। ऐसे जीवनदायी औषधीय जंगलों को हम कुल्हाड़ियों की भेंट नहीं चढ़ने देंगे। उन्होंने वर्तमान व्यवस्था पर असंतोष जताते हुए कहा कि जमीनी हकीकत दावों से कोसों दूर है।

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इस विरोध प्रदर्शन और पौधा वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से राम बहाल खरवार, बिंदु अगरिया, गुलाब चेरो, मुनिया खरवार, प्रमिला खरवार, शत्रुघ्न बिंद, आकाश चौहान, दिनेश चेरो, सुरेश मौर्य सहित भारी संख्या में क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण व आदिवासी समुदाय के लोग उपस्थित रहे।

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