ओबरा सोनभद्र। रविंद्र गर्ग को भारतीय जनता पार्टी सोनभद्र का जिला कार्यकारिणी सदस्य बनाए जाने पर पार्टी के ओबरा मंडल अध्यक्ष सतीश पांडे, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के ओबरा मंडल अध्यक्ष अरविंद सोनी व महामंत्री समीर माली द्वारा अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया।
• नही आते सफाईकर्मी साफ करने और ना हैं जिम्मेदारों का ध्यान
• बस्ती के निवासी आंदोलन करने को बाध्य
डाला,सोनभद्र। विकास खण्ड चोपन अंतर्गत ग्राम पंचायत बिल्ली मारकुंडी के टोला बाड़ीं में अघोर सेवा सदन के पीछे नई बस्ती में बने नाली का गन्दा पानी रोड पर बहने व जमा होने से बस्तीवासी परेशान हैं। जहां सरकार स्वच्छता अभियान को लेकर तरह- तरह के कदम उठा रही है, वही लगभग 6 वर्ष पूर्व बना नाली सफाई के बिना बीमारीयों का घर बनता जा रहा है। बस्ती के रहसवासियों ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को इस सम्बंध में बताया गया। परन्तु ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों के कान पर जु नही रेंगता और आजतक कोई सुनवाई नही हुई। नाली का गंदा पानी रास्ते पर जमा होने से स्कूल के बच्चों को आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। कभी कभी तो गिर कर चोटिल भी हो जा रहे है।
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बस्ती के लोगों का यह कहना हैं कि ग्राम पंचायत बिल्ली मारकुंडी के लिए यह टोला बाड़ीं(अघोर सेवा सदन) अछूता सा हो गया है और विकास व सफाई के नाम पर पंचायत के जिम्मेदार लोग में किसी का ध्यान इस ओर नही जाता। प्रदर्शन में रियाज अहमद मो0 इरफान, साबिरअली, संतोषचंद्रवंशी ,रितेश, प्रकाश ,गुड्डू, शुभम कुशवाहा, मो0 इमदाद, राधामोहन, हेमंत आदि लोग शामिल रहे।
डाला, सोनभद्र। स्थानीय चौकी क्षेत्र बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र डाला बाड़ी के ई-टेंडरिंग खदान में बार्डर समेत भूमिधरी को लेकर चल रहे विवाद में खनन जांच टीम मौके पर पहुँचकर निरीक्षण किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को लगभग बारह बजे के खनन विभाग के सर्वेयर अपने टीम के साथ आर जे खदान स्वामी के द्वारा शिकायत पर टीम मौके पर पहुँचकर ई टेडरिंग खदान समेत स्थल का निरीक्षण कर जांच में जुट गई।
डाला,सोनभद्र। स्थानीय पुलिस चौकी क्षेत्र के पतेराटोला कजरहट मार्ग पर बीते 23 नवम्बर को दो बाइक की आमने सामने से जोड़दार टक्कर हो गई थी। जिसमें दो लोग घायल हो गये थे। जिसमें एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। चोपन थाना के अनुसार शनिवार को बाबूलाल पुत्र रामस्नेही निवासी अम्माटोला का इलाज के दौरान वाराणसी बीएचयू में मौत हो गई। जिसको लेकर मृतक के चाचा गोपीचंद केवट पुत्र स्व0 बचई निवासी अम्मा टोला ने तहरीर के माध्यम से चोपन सूचना दिए और तहरीर के आधार पर चोपन थाना पुलिस ने अज्ञात के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
म्योरपुर, सोनभद्र। विकास खंड के मकरा गांव में होने वाली मौत को नरसंहार बताते हुए पूर्वांचल नव निर्माण मंच के किसान नेता गिरीश पाण्डेय ने जिलाधिकारी सोनभद्र सहित मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, प्रधानमंत्री भारत सरकार, प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन तथा उत्तर प्रदेश सरकार के मीडिया प्रभारी शलभ मणि त्रिपाठी को उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर टैग करते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को मकरा गांव में होने वाली मौतों की जानकारी देते हुए गरीब आदिवासी समाज की लगातार होने वाली मौतों पर असंवेदनशील स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सुनिश्चित कराते हुए दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की है।
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उन्होंने बताया है कि उक्त मकरा गांव में पूर्व में भी कई बार मलेरिया बुखार से लोगों की मौत होती रही हैं। यदि स्वास्थ्य विभाग उक्त गांव में अक्सर फैलते मलेरिया के बाबत हाट स्पॉट चिन्हित करते हुए यदि समय रहते बरसात के मौसम के बाद मलेरियारोधी उपाय यथा एंटी लार्वा व डी डी टी का छिड़काव और मच्छरदानी का वितरण करा दिया गया होता तो शायद इतनी मौतों को रोका जा सकता था। परन्तु स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही इन आदिवासियों पर भारी पड़ गयी और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के नतीजे के रूप में इन्हें असमय अपनी जान गवानी पड़ रही है।
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गिरीश पाण्डेय ने जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच कमेटी की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए यह भी बताया कि अपने उत्तरदायित्वों के प्रति जल निगम से अधिक स्वास्थ्य विभाग असंवेदनशील तथा गैरजिम्मेदार है। यहां आपको बता दें कि जांच रिपोर्ट में मकरा में होने वाली मौतों के पीछे दूषित पानी कारण बताया गया है। गिरीश पाण्डेय ने कहा कि जल निगम के सिर पर ठीकरा फोड़कर स्वास्थ्य विभाग अपना काला दामन साफ करने की नाकामयाब कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्यवाही किये जाने की मांग की है।
• पीएम मोदी ने COVID-19 स्थिति पर एक बैठक की अध्यक्षता की
• उन्हें ओमाइक्रोन संस्करण के बारे में जानकारी दी गई
• उन्होंने अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंधों को कम करने के लिए योजनाओं की समीक्षा का आदेश दिया
नई दिल्ली: केंद्र द्वारा विदेशों से आने वाले यात्रियों पर प्रतिबंधों में ढील देने की घोषणा के कुछ दिनों बाद, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (27 नवंबर) को शीर्ष सरकारी अधिकारियों से आदेश की समीक्षा करने के लिए कहा।
यह नए COVID-19 वैरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ के खतरे के बीच आता है जिसे पहले दक्षिण अफ्रीका में रिपोर्ट किया गया था और बाद में बोत्सवाना, बेल्जियम, इज़राइल आदि देशों में पाया गया था। लगभग 2 घंटे तक चली COVID स्थिति पर सरकारी अधिकारियों के साथ मोदी की बैठक के बाद एक बयान में , PMO ने कहा कि उन्हें नए ‘वेरिएंट ऑफ़ कंसर्न’ ओमाइक्रोन के साथ-साथ इसकी विशेषताओं और विभिन्न देशों में देखे गए प्रभाव के बारे में जानकारी दी गई थी।
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“पीएम ने नए संस्करण के आलोक में सक्रिय रहने की आवश्यकता के बारे में बात की। पीएम ने कहा कि नए खतरे के आलोक में, लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है और मास्किंग और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी उचित सावधानी बरतने की जरूरत है, ”पीएमओ ने एक बयान में कहा।
“पीएम ने सभी अंतरराष्ट्रीय आगमन की निगरानी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, दिशानिर्देशों के अनुसार उनका परीक्षण, ‘जोखिम में’ पहचाने गए देशों पर विशेष ध्यान देने के साथ। पीएम ने अधिकारियों से उभरते नए सबूतों के आलोक में अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंधों में ढील देने की योजना की समीक्षा करने को भी कहा।
पीएमओ ने कहा कि पीएम को टीकाकरण में प्रगति और ‘हर घर दस्तक’ अभियान के तहत किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया गया, पीएमओ ने कहा, “पीएम ने निर्देश दिया कि दूसरी खुराक कवरेज बढ़ाने की जरूरत है और राज्यों को जरूरत पर संवेदनशील होने की जरूरत है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि जिन लोगों को पहली खुराक मिली है, उन्हें दूसरी खुराक समय पर दी जाए।”
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बैठक में राजीव गौबा, कैबिनेट सचिव, डॉ वीके पॉल, सदस्य (स्वास्थ्य), नीति आयोग, एके भल्ला, गृह सचिव, राजेश भूषण, सचिव (MoHFW), सचिव (फार्मास्युटिकल), डॉ राजेश गोखले, सचिव (जैव प्रौद्योगिकी) ने भाग लिया। और डॉ बलराम भार्गव, डीजी आईसीएमआर आदि।
• नई दिल्ली में किसान संघों की बैठक के बाद यह फैसला आया है।
• एसकेएम ने राज्य सरकारों से विरोध करने वाले किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का भी आह्वान किया।
• केंद्र 29 नवंबर को संसद में कृषि कानून निरसन विधेयक पेश करेगा।
नई दिल्ली: किसान संघों के एक छत्र निकाय संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार (27 नवंबर, 2021) को संसद में ट्रैक्टर रैली को स्थगित करने का फैसला किया, जो कि 29 नवंबर को होने वाली थी, नई दिल्ली में किसान दर्शन पाल सिंह ने कहा।
भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए नई दिल्ली में किसान संघों की बैठक के बाद यह निर्णय आया क्योंकि केंद्र ने विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा की।
किसान संघ ने इस महीने की शुरुआत में फैसला किया था कि 29 नवंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान हर दिन कम से कम 500 किसान शांतिपूर्ण ट्रैक्टर मार्च में भाग लेंगे।
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किसान संगठन ने प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने के लिए राज्य सरकारों और रेलवे को भी आड़े हाथों लिया।
संयुक्त किसान मोर्चा के एक नेता ने कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी को राज्य सरकारों और रेलवे को विरोध के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का निर्देश देना चाहिए।”
मामलों और मुआवजे के बारे में, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेश तोमर ने शनिवार को कहा कि कानूनी मामले राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में हैं और वे अंतिम निर्णय लेंगे।
धरना समाप्त करने पर किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि अगर केंद्र ने एमएसपी पर कोई बदलाव नहीं किया तो आंदोलन जारी रहेगा।
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19 नवंबर को, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुपर्व के अवसर पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के दौरान घोषणा की कि किसानों के बीच देशव्यापी आक्रोश पैदा करने वाले तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लिया जाएगा।
इस बीच, यह बताया गया है कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सोमवार, 29 नवंबर को संसद में कृषि कानून निरसन विधेयक पेश करेंगे ।
• गौरव वाटिका मे आयोजित होगी विचार गोष्ठी एवं कवि गोष्ठी।
• साहित्यकारों, पत्रकारों, कवियों का लगेगा महाकुंभ।
•तिरंगा यात्रा में अधिक से अधिक लोगों की से भाग लेने की अपील।
हर्षवर्धन केसरवानी
सोनभद्र। आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर देश भर में मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के अंतर्गत अमृत महोत्सव आयोजन समिति सोनभद्र के तत्वाधान में आयोजित तिरंगा यात्रा 28 नवंबर को जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के ग्राम जमसोकर शिव मंदिर से सुबह 10:00 बजे प्रारंभ होगी। यह यात्रा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गांव ओइनी मिश्र, महुरेशर, दुरावल, गौरीशंकर,ऊँचडीह, देवरी कला, देवरी खुर्द होते हुए मड़ई , तियरा स्थित गौरव वाटिका में पहुंच कर सभा में तब्दील हो जाएगी ।
कार्यक्रम के आयोजक विजय शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि-“गौरव वाटिका में साहित्यकार अजय शेखर की अध्यक्षता में एक विचार गोष्ठी एवं कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया है। जिसमें आकाशवाणी केंद्र ओबरा के निदेशक अजय प्रताप कटियार, विंध्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अंजलि विक्रम सिंह, गीतकार जगदीश पंथी, ईश्वर विरागी, सुशील राही,दिवाकर द्विवेदी मेंघ विजयगढी, विकास वर्मा, प्रदुम त्रिपाठी, दयानंद सिंह दयालु, कौशल्या कुमारी चौहान, धर्मेश कुमार चौहान, प्रभात सिंह चंदेल, कुमारी तृप्ति केसरवानी सहित अन्य साहित्यकार, विद्वान, कवि गण विचार गोष्ठी एवं कवि गोष्ठी में सम्मिलित होंगे।
कार्यक्रम के सह आयोजक दीपक कुमार केसरवानी ने बताया कि ऊँचडीह – ओइनी मिश्र को क्रांति पथ के नाम से जाना जाता है, क्योंकि 3 किमी के अंदर इसी रास्ते पर अविभाजित मिर्जापुर के महानायक पँडित महादेव चौबे सहित कुल आठ सेनानियों का निवास है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए त्याग की अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत किया था।
तिरंगा यात्रा के अंतर्गत मिर्जापुर के गांधी कहे जाने वाले प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पँ महादेव चौबे, प्रभाशंकर शर्मा, देवेन्द्रनाथ चौबे, गौरीशंकर देव् पांडेय, बाल गोविंद पांडेय, अक्षयवर उपाध्याय, राधप्रसाद शर्मा और मटुकधारी शर्मा के निवास तक पहुंच कर तिरंगा यात्री गगनभेदी जयकारा का उद्घोष करेंगे।
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कार्यक्रम के संयोजक भोलानाथ मिश्रा के अनुसार-“16 मई 1921 को गौरी शंकर मंदिर पर देशभक्तों, क्रांतिकारियों, सेनानियों की एकत्रित, आक्रोशित भीड ने गुलामी से मुक्ति के लिए विदेशी वस्त्रों की होली जलाई थी। ऐतिहासिक देवरी खुर्द में सन1930 में पंडित महादेव प्रसाद चौबे के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामवासियों ने नमक कानून भंग किया था।
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इस यात्रा के मार्ग पर स्वतंत्रता के महानायक प० महादेव चौबे सहित कुल आठ सेनानियों का घर है । सेनानियों के गांव से यह यात्रा गुजरेगी और यह यात्रा विजय शंकर चतुर्वेदी द्वारा पूर्वजों के स्मृति में निर्मित ग्राम तियरा के मड़ई स्थित गौरव वाटिका मे पहुंचेगी। श्री मिश्र ने सोनभद्र वासियों से अपील किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में तिरंगा यात्रा में भाग लेकर समापन स्थल तक पहुंच कर संगोष्ठी, कवि गोष्ठी का अमृत पान करें।
• मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर पूर्व सीमेंट कर्मचारियों की ग्यारह सदस्यीय बनाई टीम।
• पावनो से सम्बंधित हो रही परेशानियों से मुख्यमंत्री को अवगत करना उद्देश्य।
डाला, सोनभद्र। पावनो के भुगतान के लिए परेशान उत्तर प्रदेश राज्य सीमेन्ट निगम के पूर्व कर्मचारियों द्वारा डाला सेक्टर सी स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में बैठक की गईं। बैठक में आगामी तीन दिसंबर को मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर पूर्व सीमेंट कर्मचारियों की ग्यारह सदस्यीय टीम बनाई और आपस में विचार विमर्श किया गया। साथ ही बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है मां. मुख्यमंत्री जी से मिलने लखनऊ जाने वाले में केदारनाथ, रामनिवास भारती, राजबली, स्वतंत्र कुमार, अनिल सिंह सजावल पाठक, समीम अख्तर, राजेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, भगवान राम बैजनाथ शामिल रहेंगे। जो कि डाला के पूर्व सीमेंट कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति व उनके जीवन में हो रही सबसे बड़ी पावनो से सम्बंधित परेशानियों से अवगत करवाते हुए पूर्व सीमेंट कर्मचारियों के अवशेष बकाया भुगतान व समायोजन एवं सेवा निवृत्त के समस्त लाभ सहित पेंशन लागू करने का मांग किया जा सके।
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काफी सालों से चली आ रही परेशानी जो खत्म होने का नाम नहीं ले रही और यूपी सीएम से इसी आस और विश्वास के साथ मिलकर पावनो की समस्या का समाधान जल्द से जल्द हो सके। इस दौरान पूर्व सीमेंट कर्मी केदारनाथ, रवि सिंह, रामनरेश पास रामशा पांडे, अनिल सिंह, रामशा पांडे, रामनिवास भारती, राजबली, स्वतंत्र कुमार, भगवान दास, बैजनाथ, घमंडी यादव, देव नाथ चंद्रवंशी, समीम अख्तर खां, बिनोद पाल, सितमा प्रसाद, शिवधारी आदि लोग मौजूद रहे।
डाला,सोनभद्र। शुक्रवार को यातायात माह नवम्बर के तहत सरदार भगत सिंह विद्या मंदिर लक्ष्मण नगर डाला में कार्यक्रम आयोजित कर चौकी प्रभारी मनोज कुमार ठाकुर ने छात्रों को वर्तमान समय मे हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात सम्बन्धित नियम क़ानून की जानकारी देकर जागरूक किया एवं सड़क पर लगे यातायात चिन्हों आदेशात्मक, आदेश का उल्लंघन करने पर दंड, सूचनात्मक सुख सुविधाओं से वंचित, संकेतात्मक तथा वाहनों चालको द्वारा वाहन चालते समय दिए जाने वाले संकेतों के बारे में जानकारी दी गयी तथा मोटर व्हेकिल एक्ट में दिए गए क़ानून दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट लगाना, चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाना, बिना लाइसेन्स के वाहन न चलाना, नशीले पदार्थ का सेवन कर वाहन न चलाना, निधारित गति से अधिक वाहन न चलाना, नीद की हालत में वाहन न चलाना, अपने बाये पटरी से चलना, अनावश्यक व लापरवाही पूर्वक ओवरटेक न करना, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करना, दो पहिया वाहन पर तीन सवारी के साथ यात्रा न करना की जानकारी दी गयी एवं सड़क दुर्घटना हो जाने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस को नंबर 112, 1073, तथा 108 नंबर एम्बुलेंस को देने हेतु दायित्व एवं जिम्मेदारी के बारे में बताया गया । सभी छात्रों ने जमकर सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा का नारा लगाया।