पुलिस ने चार वारंटीयों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

डाला, सोनभद्र। स्थानीय डाला पुलिस चौकी क्षेत्र से तीन वारंटी व चोपन थाना क्षेत्र के सलखन से एक वारंटी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार सुबह लगभग साढ़े आठ बजे डाला नगर से तीन वारंटीयों को अलग अलग जगहों से गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया। इस संबंध में डाला पुलिस चौकी प्रभारी मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि मुख्तार अली उम्र लगभग 30 वर्ष पुत्र स्व दीन बक्स निवासी डाला चुड़ी गली, दूसरा हीरालाल हरिजन उम्र लगभग 38 वर्ष पुत्र रामपती हरिजन निवासी डाला बाड़ी, तीसरा धीरज सिंह चंद्रवंशी उम्र लगभग 35 वर्ष पुत्र जितेंद्र सिंह निवासी डाला चढ़ाई से गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए न्यायलय भेज दिया गया।

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वहीं चोपन थाना के पुलिस द्वारा लवकुश हरिजन उम्र लगभग 30 वर्ष पुत्र स्व अर्जुन निवासी सलखन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस दौरान कुल चार अभियुक्त लोगों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए न्यायालय भेज दिया गया।
टीम में डाला पुलिस चौकी इंचार्ज मनोज कुमार ठाकुर, हे०का० अशोक बिंद, हे०का० महेंद्र यादव आदि शामिल रहें।

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श्याम जागरण में जमकर झूमे भक्त

विंढमगंज, सोनभद्र। श्याम परिवार के शिवनारायण अग्रवाल व संजीव कुमार अग्रहरि के नेतृत्व में खाटू वाले श्याम की भव्य शोभा यात्रा शनिवार की शाम मां काली मंदिर से निकलकर सब्जी गली, रामलीला ग्राउंड, अपर मार्केट, शाहू चौक, हलवाई गली, ग्राम पंचायत भवन से होते रांची रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्याम परिवार के दर्जनों लोगों ने भक्ति में ध्वनि विस्तारक यंत्र पर नाचते गाते मुरली वाले श्याम की जय, राधा कृष्ण की जय, खाटू वाले बाबा श्याम की जय के जयघोष के साथ पूरे नगर का भ्रमण करते हुए मां वैष्णो धर्मशाला में पूर्व नियोजित आयोजन में पहुंचे।

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एक से बढ़कर एक कलाकारों द्वारा भव्य श्याम जागरण की प्रस्तुति दी गई रात्रि जागरण में रेणुकूट, कन्नौज, प्रयागराज, वाराणसी, रॉबर्ट्सगंज से आए हुए कलाकारों ने भक्तिमई गीत “श्याम सपनों में आता क्यों नहीं” “कजरारे कजरारे तेरे काले काले नैना” के गानों पर श्याम परिवार के दर्जनों महिला व पुरुष ने आनंद उठाया कार्यक्रम के पूर्व श्याम परिवार की ओर से विशाल भंडारे के आयोजन में इलाके के सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया इस दौरान मन्नू केसरी, संतोष अग्रवाल, संजय अग्रवाल, अविनाश अग्रवाल, अमल कुमार जयसवाल, राजेश गुप्ता, अमित कुमार, ओम प्रकाश, अजय कुमार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना अमूल्य समय योगदान दिया।

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बाल दिवस पर बच्चों में पाठ्य सामग्री व फल का हुआ वितरण

संस्कृति लाइव संवाददाता, सुकृत (सोनभद्र): रविवार बाल दिवस के शुभ अवसर पर जनपद सोनभद्र के कर्मा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा सुकृत में स्थित “सोनभद्र मानव सेवा आश्रम ट्रस्ट” के केन्द्रीय कार्यालय पर बच्चों में पाठ्य सामग्री एवं फल का वितरण किया गया।

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कार्यक्रम का शुभारम्भ संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम विश्वकर्मा नें पंडित जवाहर लाल नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण व पूजन कर किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पंडित जवाहर लाल नेहरू के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे बच्चों से बहुत प्रेम करते थे। इसलिए उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है। तत्पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी डॉ० लोकपति सिंह पटेल ने बच्चों को बाल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पाठ सामग्री व फल का वितरण किया गया। पाठ्य सामग्री व फल पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।

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आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि राजेन्द्र भारती, ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम विश्वकर्मा, जिला महिला सचिव सोनभद्र राधिका यादव, सदस्य पंकज कुमार, सदस्य अख्तर अली, अनिल विश्वकर्मा, सौरभ विश्वकर्मा सहित भारी संख्या में बच्चे एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

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अजीरेश्वर धाम जन सेवा ट्रस्ट द्वारा निकाले गए शोभा यात्रा में उमड़ा जन समूह

सोनभद्र। जयपुर से विशेष वाहन पर सवार होकर श्री राधाकृष्ण भगवान सहित लक्ष्मी माता, गणेश भगवान, नन्दी महाराज की मनोहारी प्रतिमा जैसे ही अजीरेश्वर धाम जरहा में शनिवार को पहुँची भक्त और ग्रामवासी खुशी से झूम उठे लोगों ने प्रतिमाओं पर फूलों की वर्षा कर मंदिर परिसर में जमकर आतिशबाजी की और खुशियाँ मनाई और इस धरती पर पधारे भगवान का स्वागत अभिनन्दन किया गया।

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अगले दिन पूर्व कार्यक्रम के तहत रविवार को फूलों से सजाए गए वाहन पर नवागत प्रतिमाओं की शानदार स्वागत शोभा यात्रा निकाली गई। सभी देवी देवताओं की शोभा यात्रा अजीरेश्वर धाम जरहा से चल कर सेवकामोड, इंजानी, बखरिहवा होते हुए चेतवा, नेमना, नकटू, बीजपुर, डोडहर आदि स्थानों का नगर ग्राम भ्रमण कर पुनः अजीरेश्वर धाम मंदिर पहुँची इस दौरान एक झलक पाने और दर्शन को बेताब जगह जगह भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी लोगों ने यात्रा को रोक कर फूल मालाओं से वाहन पर सवार सभी देवी देवताओं का स्वागत किया तथा यथा शक्ति अन्न धन चढ़ाए तथा मत्था टेका। बताते चलें कि अजीरेश्वर धाम जरहा में श्रीराधाकृष्ण भगवान का खूबसूरत मंदिर बन कर तैयार है

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जिसमे जयपुर से आए अलौकिक सभी प्रतिमाओं का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम 03 फरवरी को होना है। इस दौरान 27जनवरा से प्रख्यात कथा वाचक साध्वी प्राची जी का सप्ताह भर भागवत कथा का आयोजन भी किया गया है। नौ दिन तक चलने वाले वृहद कार्यक्रम में प्रतिदिन विशाल भण्डारे के अलावा 11 गरीब कन्याओं के सामूहिक विवाह की तैयारी है।

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कार्यक्रम की सफलता के लिए अजीरेश्वर धाम जन सेवा ट्रस्ट द्वारा अभी से तैयारी जोर शोर से जारी है। कार्यक्रम में राजेंद्र सिंह बघेल, आर के सिंह, रवि गुप्ता, एबी सिंह, त्रिभुअन नारायण सिंह, गणेश शर्मा, डॉ ब्रमजीत सिंह, राजकुमार सिंह, श्यामसुंदर जायसवाल, मुन्ना सिंह, अशोक चौरसिया सहित ट्रस्ट के समस्त पदाधिकारी और भारी संख्या में सम्मानित ग्रामीण उपस्थित थे।

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ऑनलाइन संगोष्ठी का हुआ आयोजन

राजेश पाठक

सोनभद्र। बेसिक साहित्य सरगम परिषद मेरठ एवं परिषदीय साहित्यकार मंच सोनभद्र उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में बाल दिवस के अवसर पर बाल शिक्षा संबंधी विचार विषय पर ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

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संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में रहे राम किशुन यादव प्रधानाध्यापक सोनभद्र ने वर्तमान समय में नवाचार के महत्व पर जोर दिया एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में रहे हृदेश कुमार सिंह ARP राबर्टसगंज, द्वारा बाल केंद्रित आधारित शिक्षा पर विचार व्यक्त किया गया व अध्यक्षता कर रही माला सिंह राष्ट्रीय प्रभारी स्टोरी मिरर ने विषय वस्तु को रोचक ढंग से प्रस्तुत करने पर जोर दिया।

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वक्ता गणो में वार्ष्णेय हाथरस, रवेन्द्र पाल “रसिक” मथुरा, राजबहादुर यादव जौनपुर, नम्रता श्रीवास्तव, सुमन कुशवाहा, महेश प्रसाद, प्रेरणा रस्तोगी ने अपने अमूल्य वचनों से पटेल को अभी सिंचित किया। ऑनलाइन संगोष्ठी के संचालन शिक्षक एवं साहित्यकार डॉक्टर बृजेश महादेव ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नवाचार का विचार सब में आता है पर जिस दिन उस पर लोग अमल करना शुरू कर देंगे बच्चों की शिक्षा और रुचिकर हो जाएगी नवाचार को अमल में लाना काफी कठिन है इसीलिए विरले लोग ही इसे कर पाते हैं। अंत में आयोजिका उषा सरगम ने सभी अतिथियों और रचनाकारों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि बेसिक पाठशाला के माध्यम से बाल शिक्षा में आ रही समस्याओं के समाधान को जोड़ने की एक पहल है जो अनवरत जारी रहेगा।

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चित्रकला प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

डाला, सोनभद्र। रविवार बाल दिवस के अवसर पर स्थानी रामलीला मैदान परिसर में डाला नवनिर्माण सेना के तत्वाधान में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें पूरे नगर के प्राइवेट व सरकारी विद्यालयों के बच्चे शामिल हुए। इस दौरान कक्षा 1 से 8 तक के कुल 130 बच्चों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाला नव निर्माण सेना के अध्यक्ष अमृत कुमार पटेल उर्फ अंशु पटेल ने किया।

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आयोजित प्रतियोगिता में कक्षा 1 से 5 तक और कक्षा 5 से कक्षा 8 तक के 6 छात्र छात्राओं को प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान में पुरस्कृत किया गया। जिसमें जूनियर बच्चों में प्रथम स्थान पर मां हंस्वहिनी पब्लिक स्कूल से कक्षा 5 के छात्र बादल कुमार यादव, द्वितीय स्थान पर सरदार भगत सिंह स्कूल से कक्षा 5 वी के छात्र दिलीप यादव,और तृतीय स्थान पर ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल से कक्षा 4थी के छात्र दीपक अगरहरी ने प्राप्त किया व सीनियर बच्चों में प्रथम स्थान पर हिंडलवाली पब्लिक स्कूल से कक्षा 7 की छात्रा लवली सोनी, द्वितीय स्थान पर सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से कक्षा 8 वी की छात्रा खुशी यादव और तृतीय स्थान पर ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल से कक्षा 7वी के छात्र अयान खान ने प्राप्त किया।

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आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता कार्यक्रम मुख्य अतिथि के रूप मेें डाला पुलिस चौकी के चौकी इंचार्ज मनोज कुमार ठाकुर, विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी सुधीर सिंह, भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ० राकेश सिंह, महंत पं० मनोज व भैरव बाबा रहे।
कार्यक्रम में नवनिर्माण सेना के संरक्षक छात्र संघ के पूर्व महामंत्री अनिकेत श्रीवास्तव, महामंत्री प्रशांत कुमार पाल,अवनीश पांडे,श्रीकांत पांडे, आफताब आलम, गोविंद भारद्वाज,सर्वेश पटेल,संजय गुप्ता,अहमद हुसैन,राकेश जायसवाल उर्फ़ बच्चा,चंदू नियाज़ अहमद,सुमित कुमार,गौतम भारद्वाज,राकेश पासवान सहित आदि पदाधिकारी व कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।

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खेल प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

सोनभद्र। जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों में खेल भावना को विकसित करने एवं ग्रामीण अंचलों में छिपी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में शिक्षा क्षेत्र घोरावल के न्यायपंचायत लहास में शनिवार को न्यायपंचायत स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन शनिवार को किया गया। घुवास खेल मैदान परिसर में सुबह से ही क्षेत्र के सबसे बड़े न्याय पंचायत के कुल 40 परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक व प्रतिभागी छात्र प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु इकट्ठा होने लगे।

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कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य एवं जिला शिक्षा समिति के सभापति नीरज श्रीवास्तव ने वाग्देवी सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण कर की।
विद्यालय की छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत गाकर मुख्य अतिथि एवं अन्य सभी अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य अतिथि नीरज श्रीवास्तव ने मशाल प्रज्ज्वलन किया जिसे लेकर धावक द्वारा मैदान का चक्कर लगाते हुए प्रतियोगिता शुरू की। इस दौरान जिला शिक्षा समिति के सभापति नीरज श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों का उत्साह बढाते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर मे स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। खेल बच्चों में स्वास्थ्य के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी जन्म देती है। खेल प्रतियोगिता में बच्चों ने विभिन्न कैटेगरी में दौड़ प्रतियोगिता, कबड्डी, गोला फेक, डिसकस थ्रो आदि खेलों में जोर-आज़माईश का प्रदर्शन किया।

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सैकड़ों की संख्या में उपस्थित जन उनका उत्साहवर्धन करते रहे। देर शाम तक चली खेल प्रतियोगिता के अंत मे विशिष्ट अतिथि खण्ड शिक्षा अधिकारी, घोरावल अशोक सिंह द्वारा प्रथम स्थान पर रहे बच्चों को पुरस्कृत किया गया। बता दें कि इसमें चयनित बच्चों द्वारा ब्लॉक स्तरीय एवं जिला स्तरीय स्तर पर प्रतिभाग किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन दिवाकर तिवारी ने किया।
इस मौके पर सौरभ कार्तिकेय श्रीवास्तव, संजय मिश्रा, रजनीश श्रीवास्तव, नंदकुमार शुक्ल, उदय लहरी, हिमांशु मिश्र, अवधेश कुमार, श्यामनारायण, प्रद्युम्न, बृजेश, प्रभाशंकर, रमेश, प्रवीण सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।

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तुलसी विवाह का हुआ आयोजन

हर्षवर्धन केसरवानी

सोनभद्र। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जनपद सोनभद्र के नगरीय ग्रामीण इलाकों में श्रद्धालु स्त्रियों द्वारा तुलसी विवाह का विधि- विधान के साथ आयोजन किया गया।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने घर आंगन छतों पर लगे हुए तुलसी वृक्ष के चारों ओर मंडप सजाया और देवी तुलसी को लाल चुनरी उड़ाकर सुहाग और श्रृंगार के वस्तुओ को देवी को समर्पित करने के बाद भगवान गणेश की पूजा किया। और शालिग्राम जी को सिंहासन के साथ देवी तुलसी की सात बार परिक्रमा कर तुलसी विवाह का आयोजन किया।

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हिंदू मान्यता के अनुसार दीपावली के बाद आने वाली एकादशी पर देव उठ जाते हैं। इसे देवउठनी एकादशी कहते हैं। इस एकादशी में भगवान विष्णु नींद से जाग जाते हैं और सभी शुभ कार्य जो अब तक रुके हुए होते हैं, वे शुरू किए जा सकते हैं।
तुलसी का पौधा वैसे भी आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है और पूजन में तुलसी का इस्तेमाल काफी शुभ होता है। इस दिन यह संदेश भी दिया जाता है कि औषधीय पौधे तुलसी की तरह सभी के जीवन में हरियाली और ताजगी लौटे।
लोक मान्यता है कि एकादशी के दिन देव अपने दरवाजे खोल देते हैं। देवउठनी एकादशी को छोटी दिवाली के रूप में भी मनाया जाता है। शालिग्राम को भगवान विष्णु का ही एक स्वरुप माना जाता है। तुलसी विवाह में तुलसी के पौधे और विष्णु जी की मूर्ति या शालिग्राम पाषाण का पूर्ण वैदिक रूप से विवाह कराया जाता है। पुराणों में तुलसी जी को विष्णु प्रिया या हरि प्रिया कहा जाता है। विष्णु जी की पूजा में तुलसी की भूमिका होती है।

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जो व्यक्ति तुलसी के साथ शालिग्राम का विवाह करवाता है उनके दांपत्य जीवन में आपसी सद्भाव बना रहता है और मृत्यु के बाद उत्तम लोक में स्थान मिलता है। इस दिन शालिग्राम और तुलसी जी का विवाह कराकर पुण्यात्मा लोग कन्या दान का फल प्राप्त करते है।
साहित्यकार प्रतिभा देवी के अनुसार-” श्रीमद देवी भागवत पुराण में इनके अवतरण की दिव्य लीला कथा भी बनाई गई है। एक बार शिव ने अपने तेज को समुद्र में फैंक दिया था। उससे एक महातेजस्वी बालक ने जन्म लिया। यह बालक आगे चलकर जालंधर के नाम से पराक्रमी दैत्य राजा बना। इसकी राजधानी का नाम जालंधर नगरी था।
दैत्यराज कालनेमी की कन्या वृंदा का विवाह जालंधर से हुआ। जालंधर महाराक्षस था। अपनी सत्ता के मद में चूर उसने माता लक्ष्मी को पाने की कामना से युद्ध किया, परंतु समुद्र से ही उत्पन्न होने के कारण माता लक्ष्मी ने उसे अपने भाई के रूप में स्वीकार किया। वहां से पराजित होकर वह देवी पार्वती को पाने की लालसा से कैलाश पर्वत पर गया।
भगवान देवाधिदेव शिव का ही रूप धर कर माता पार्वती के समीप गया, परंतु मां ने अपने योगबल से उसे तुरंत पहचान लिया तथा वहां से अंतर्ध्यान हो गईं।

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देवी पार्वती ने क्रुद्ध होकर सारा वृतांत भगवान विष्णु को सुनाया। जालंधर की पत्नी वृंदा अत्यन्त पतिव्रता स्त्री थी। उसी के पतिव्रत धर्म की शक्ति से जालंधर न तो मारा जाता था और न ही पराजित होता था। इसीलिए जालंधर का नाश करने के लिए वृंदा के पतिव्रत धर्म को भंग करना बहुत ज़रूरी था।
इसी कारण भगवान विष्णु ऋषि का वेश धारण कर वन में जा पहुंचे, जहां वृंदा अकेली भ्रमण कर रही थीं। भगवान के साथ दो मायावी राक्षस भी थे, जिन्हें देखकर वृंदा भयभीत हो गईं। ऋषि ने वृंदा के सामने पल में दोनों को भस्म कर दिया। उनकी शक्ति देखकर वृंदा ने कैलाश पर्वत पर महादेव के साथ युद्ध कर रहे अपने पति जालंधर के बारे में पूछा।
ऋषि ने अपने माया जाल से दो वानर प्रकट किए। एक वानर के हाथ में जालंधर का सिर था तथा दूसरे के हाथ में धड़। अपने पति की यह दशा देखकर वृंदा मूर्छित हो कर गिर पड़ीं। होश में आने पर उन्होंने ऋषि रूपी भगवान से विनती की कि वह उसके पति को जीवित करें।
भगवान ने अपनी माया से पुन: जालंधर का सिर धड़ से जोड़ दिया, परंतु स्वयं भी वह उसी शरीर में प्रवेश कर गए। वृंदा को इस छल का ज़रा आभास न हुआ। जालंधर बने भगवान के साथ वृंदा पतिव्रता का व्यवहार करने लगी, जिससे उसका सतीत्व भंग हो गया। ऐसा होते ही वृंदा का पति जालंधर युद्ध में हार गया।

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इस सारी लीला का जब वृंदा को पता चला, तो उसने क्रुद्ध होकर भगवान विष्णु को शिला होने का श्राप दे दिया तथा स्वयं सती हो गईं। जहां वृंदा भस्म हुईं, वहां तुलसी का पौधा उगा। भगवान विष्णु ने वृंदा से कहा, ‘हे वृंदा। तुम अपने सतीत्व के कारण मुझे लक्ष्मी से भी अधिक प्रिय हो गई हो। अब तुम तुलसी के रूप में सदा मेरे साथ रहोगी। जो मनुष्य भी मेरे शालिग्राम रूप के साथ तुलसी का विवाह करेगा उसे इस लोक और परलोक में विपुल यश प्राप्त होगा।’
उसी दैत्य जालंधर की यह भूमि जलंधर नाम से विख्यात है। सती वृंदा का मंदिर मोहल्ला कोट किशनचंद में स्थित है। कहते हैं इस स्थान पर एक प्राचीन गुफ़ा थी, जो सीधी हरिद्वार तक जाती थी। सच्चे मन से 40 दिन तक सती वृंदा देवी के मंदिर में पूजा करने से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।
शिक्षिका तृप्ति केसरवानी के अनुसार-‘जिस घर में तुलसी होती हैं, वहां यम के दूत भी असमय नहीं जा सकते। गंगा व नर्मदा के जल में स्नान तथा तुलसी का पूजन बराबर माना जाता है। चाहे मनुष्य कितना भी पापी क्यों न हो, मृत्यु के समय जिसके प्राण मंजरी रहित तुलसी और गंगा जल मुख में रखकर निकल जाते हैं, वह पापों से मुक्त होकर वैकुंठ धाम को प्राप्त होता है। जो मनुष्य तुलसी व आंवलों की छाया में अपने पितरों का श्राद्ध करता है, उसके पितर मोक्ष को प्राप्त हो जाते हैं।

साहित्यकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-” हिंदू धर्म में तुलसी विवाह का विशेष महत्व है। इस दिन माता तुलसी और भगवान विष्णु के शालीग्राम अवतार के विवाह का विधान है। तुलसी विवाह किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु चार माह की योग निद्रा के बाद जाग्रत होते हैं।
माना जाता है कि तुलसी विवाह करने से कन्यादान के समान पुण्य की प्राप्ति होती है। इसलिए अगर किसी ने कन्या दान न किया हो तो उसे जीवन में एक बार तुलसी विवाह करके कन्या दान पुण्य अवश्य प्राप्त करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी विवाह विधि-विधान से संपन्न कराने वाले भक्तों को अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु की कृपा से मनोकामना पूरी होती है। वैवाहिक जीवन में आ रही बाधाओं से मुक्ति मिलने की भी मान्यता है।
पंडित संतोष धर द्विवेदी के अनुसार-“माता तुलसी देवी लक्ष्मी का ही अवतार मानी गई हैं और यही कारण है कि तुलसी माता की पूजा से देवी लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है।

तुलसी विवाह के अवसर पर मां तुलसी एवं शालिग्राम के विवाह के उपलक्ष में ढोलक की थाप पर मंगल गीत गाया और विवाह की सारी रस्में पूरी की गती। रविवार का दिन होने के कारण स्कूल कॉलेज आदि संस्थानों के अवकाश की वजह से इस बार तुलसी विवाह में छात्राओं, कामगार महिलाओं की अधिक भीड़ स्थान- स्थान पर जुटी रही और समूह में पूजा का आयोजन किया गया। विवाह के पश्चात महिलाओं ने प्रसाद का वितरण किया सभी के सुख समृद्धि सफल दांपत्य जीवन की कामना किया।

विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

संस्कृति लाइव संवाददाता, सोनभद्र। जिला प्रोबेशन अधिकारी पुनीत टण्डन के निर्देश पर महिला शक्ति केंद्र, जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा विधिक साक्षरता एवम जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन साईं नर्सिंग होम सजौर गांव में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में सरकार द्वारा संचालित समस्त योजनाओ की जानकारी उपस्थित जनमानस को दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्ण कालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र पंकज कुमार, प्रशासक अखिलेश मिश्रा, ओम प्रकाश त्रिपाठी, सीमा द्विवेदी, साधना मिश्रा, शेष मणि दुबे ,जाहिरुल हसन जैदी, राजन चौबे आदि लोग उपस्थित रहे!

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14 नवंबर से 20 नवंबर तक मनाया जाएगा बाल अधिकार सप्ताह

हर्षवर्धन केसरवानी

सोनभद्र। जिला प्रोवेशन अधिकारी/ जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुनीत टण्डन ने जिला बाल संरक्षण इकाई व महिला शक्ति केन्द्र की बैठक में निर्देश दिया कि जनपद में संचालित बाल गृहों के अधीक्षकों/प्रभारियों/संचालकों से समन्वय स्थापित करते हुए बाल अधिकार सप्ताह के संबंध में निदेशालय द्वारा जारी पत्र का संज्ञान लेते हुए कल दिनांक 14 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक जनपद में संचालित बाल गृहों एवं जनपद स्तर पर विभिन्न स्थानो पर आयोजन करना सुनिश्चित किया जाय। साथ ही मुख्यमंत्री बाल सेवा योजन कोविड 19, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना,सामान्य , प्रधानमंत्री देख- रेख योजना का भी विशेष रूप से प्रचार- प्रसार करते हुये बच्चों का चिन्हाकन कर आवेदन भरवाया जाय।
14 नवंबर बाल दिवस के अवसर पर बाल गृहों में खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा।

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