दुद्धी, सोनभद्र। स्थानीय नगर पंचायत वार्ड 1 में संचालित प्राइवेट हॉस्पिटल में एक 25 वर्षिय महिला का एक नवजात बच्ची को जन्म देते ही कुछ देर में मौत हो गई।जानकारी के मुताविक मृतक सफिकुन निशा उम्र(25)पत्नी जमालुद्दीन निवासी ग्राम डुमरडीहा की रहने वाली है। गौर तलब हो कि रात्रि में महिला को लेबर पेन अचानक हुआ।
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आनन फानन में परिजनों द्वारा निजी हॉस्पिटल में इलाज हेतु लाया गया। देर रात्रि लेबर रूम से महिला एक नवजात बच्ची को जन्म देकर वार्ड में जैसे ही आई गई, अचेता अवस्था में परिजनों ने महिला को पाया। तदपश्चात महिला की स्थिति बिगड़ता देख अस्पताल संचालक द्वारा अन्यत्र हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया। जहाँ रास्ते में महिला की मृत्यु हो गई।
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इस आशय की जानकारी मृतक महिला की बहन ने मीडिया को दिये बयान में बताया। ज्ञात कराना हैं कि मृतक के शव को लेकर रविवार को प्रातः परिजनों का निजी हॉस्पिटल में शव को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। इस बीच भारती जनता पार्टी के नेता सुरेंद्र कुमार अग्रहरि मौके पर पहुच कर अस्पताल संचालक के खिलाफ जमकर भड़ास निकाले और गैर जिमेदार अस्पताल के खिलाफ उचित कार्यवाही की मांग की हैं। वही मौके पर पहुचीं दुद्धी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राघवेंद्र सिंह व उप निरीक्षक मनोज कुमार ,एनामुल खान व सन्दीप रॉय मय हमराहियों के साथ मौके पर पहुँच कर शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए मर्चरी पहुँचे। इधर अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गए।
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परिजनों ने सेंटर संचालक के खिलाफ उचित कार्यवाही की मांग की हैं। इधर दुद्धी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि इस सम्बंध में तहरीर नही पड़ा हैं। तहरीर पड़ने पर जाँच कर कार्यवाही की जायेगी।
डाला,सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एवं क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में चोपन थाना में पंजीकृत मु0अ0स0 167/21 धारा 3 (1) उ0प्र0 गैंगस्टर एक्ट में इनामिया वांछित अभियुक्त राममूरत घसिया पुत्र कल्लू घसिया निवासी भिलाई बंधा चुर्क मोड़ को घसिया बस्ती गुरमुरा से दो किलों तीन सौ ग्राम नाजायज गांजा के साथ एवं उसके साथी रमेश गुप्ता पुत्र स्व0 रामदुलारे निवासी डाला चढ़ाई को एक किलों सात सौ ग्राम अवैध गांजा के साथ शनिवार को डाला चढ़ाई चरक पथरी मोड़ से सर्विलांस टीम की मदद से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार राममूरत घसिया के गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा पन्द्रह सौ रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
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गिरफ्तार करने वाले टीम में चोपन थाना प्रभारी किरण कुमार सिंह, चौकी प्रभारी मनोज कुमार ठाकुर, हे0का0 सुरेन्द्र प्रताप यादव, का0 अर्पित मिश्रा, का0 रविकांत यादव, का0 कौशल कुमार मौजूद रहे।
घोरावल। दो दिवसीय जनपदीय क्रीड़ा प्रतियोगिता मे शनिवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय औराही घोरावल के छात्रों ने अपना वर्चस्व कायम रखते हुए 100 मीटर दौड़ 200 मीटर दौड़ और रिले रेस मे स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही कुल पांच पदकों पर कब्ज़ा जमाया।
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जबकि प्रतियोगिता मे जिले के 10 ब्लॉकों मे आल ओवर चैंपियन घोरावल ब्लॉक रहा.ज्ञ्यातव्य है कि उच्च प्राथमिक औराही घोरावल के छात्र पूर्व मे भी मंडल और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता मे अपना परचम कायम कर चुके हैं.।इनको तराशने मे इनके कोच नर्वदेश्वर प्रसाद पाठक का पूरा योगदान रहा है। पाठक जी ने अपने छात्रों से कहा कि आप से यहीं उम्मीद है कि आप अपना प्रदर्शन मंडल और राज्य स्तर पर भी कायम रखेंगे।100 मीटर 200 मीटर मे सूरज ने स्वर्ण पदक एव्ं आशीष की टीम ने रिले रेस मे स्वर्ण पदक और लंबी कूद मे पदक प्राप्त किया। इस जीत पर विद्यालय के बच्चों में उत्साह व खुशी है।
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के उपलक्ष्य संस्कृति विभाग उ०प्र० द्वारा संस्कृति मंत्री के निर्देशन में भजन संध्या की श्रृंखला के आयोजन क्रम में रविवार को भजन संध्या के पांचवे दिन काल भैरव मंदिर और श्री बटुक भैरव मंदिर कमच्छा में भव्य भजन संध्या के का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। काल भैरव मंदिर में व्यास जी मौर्य ने भजन प्रस्तुत किया और उनके साथ तबले पर हंस राज, बैंजो पर लक्ष्मण पांडे, पैड पर विकास ने संगत किया। वही कलाकारों का सम्मान मंदिर के मुख्य पुजारी नवीन गिरी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मंदिर से जुड़े लोगों के साथ बड़ी संख्या में भक्त जन भजनो के रस में डूबे रहे। व्यास जीने हे भैरव बाबा तुम्हारी इच्छा से द्वार तुम्हारे आये हैं…. से प्रारंभ किया। फिर आगे , तेरा सहारा सदा चाहिए…, बाबा भोलेनाथ………. ….. जैसे कई भजनों से लोग भक्ति के रस में डूबे रहे। “बम बम बोल रहा है काशी …..”से उन्होंने अपनी प्रस्तुति को विराम दिया।
भजन संध्या इस श्रृंखला क्रम में कमच्छा के श्री बटुक भैरवमंदिर में गायिका ममता शर्मा द्वारा भजन गायन की प्रस्तुति की गई। इनके साथ ढोलक पर विशाल शर्मा, ऑर्गम पर सावन भारद्वाज, पैड पर सूरज वर्मा एवं गायन में पुनिल कृष्ण जेटली ने साथ दिया। भजन गायन का आरम्भ गणेश वंदना से हुआ जिसके बोल थे घर मे पधारो गजानन जी। इसी क्रम में शिव भजन की प्रस्तुति हुई जिसके बोल थे मनमेरा मंदिर शिव मेरा पूजा। राम भजन- रामनाम अति मीठा है कोई गा कर देख ले, शिव भजन- बम बोले हरी सबकी कामना पूरी करें…, आदि विभिन्न भजन की प्रस्तुति किया गया। मंदिर के पुजारी श्री विजय गिरी द्वारा सभी कलाकारों का माल्यार्पण से सम्मानित किया गया।
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भजन संध्या का संयोजन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी डॉ० सुभाष चन्द्र यादव के नेतृत्व में डॉ० हरेंद्र नारायण सिंह, अतुल कुमार सिंह, प्रदीप कुमार सहित आदि द्वारा संपादित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।
सोनभद्र। ऊँचडीह में एक भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण होगा जिस पर क्रांति पथ से जुड़े सभी एक दर्जन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का नाम अंकित होगा, यह घोषणा विधायक अनिल कुमार मौर्या ने तियरा स्थित गौरव वाटिका में किया। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक पँ महादेव चौबे की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जयघोष भी किया।
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रविवार को दस बजे विधायक का काफिला मड़ई तियरा स्थित गौरव वाटिका पहुंचा जहां विजय शंकर चतुर्वेदी ने उन लोगों का स्वागत किया। सेनानियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के पश्चात उन्होंने कहा कि ऊँचडीह में बनने वाले प्रवेश द्वार पर बड़े अक्षरों में क्रांति पथ भी लिखवाया जाएगा।
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वरिष्ठ पत्रकार और शहीद उद्यान ट्रस्ट के चेयरमैन विजय शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि इस मार्ग पर स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक पँडित महादेव चौबे व सेनानीगण प्रभाशंकर शर्मा, देवेन्द्रनाथ चौबे, गौरीशंकर देव पांडेय, बालगोविंद पांडेय, अक्षयवर उपाध्याय, कालीचरण शुक्ल, राधा प्रसाद शर्मा, मटुकधारी पांडेय, यज्ञनरायन सिंह, रामप्रताप सिंह व लाल सिंह जैसे सेनानियों के गांव स्थित हैं। इसी मार्ग पर पड़ने वाले गांव देवरी खुर्द में वर्ष 1930 में अंग्रेजों का विरोध करते हुए नमक कानून भंग किया गया था, देवरी कला के दूधनाथ पांडेय परिवर्तन समाचार पत्र में कम्पोजर थे और अंग्रेजों से छिपकर रात में ही अखबार बाँट दिया करते थे।
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श्री चतुर्वेदी ने बताया कि 1941 के व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन में पँडित महादेव चौबे अपने दोनों पुत्रों सहित कड़ी कारावास की यातना झेल रहे थे फिर भी अंग्रेजों का जुल्म कम नहीं हो रहा था और कच्चे घर को भी जमींदोज कर दिया गया था, जीवन यापन के लिए श्रीमती शिवकुमारी चौबे ने एक मड़ई बनाई, तभी से यह स्थान मड़ई नाम से जाना जाने लगा। श्री चतुर्वेदी ने कहा कि यह क्रांति पथ सिर्फ सोनभद्र का नहीं बल्कि देश का गौरवपथ है।
भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी सामाजिक समता के सबसे बड़े नायक थे जातिवाद छुआ छूत को दूर करने के संघर्ष के साथ-साथ एक महान शिक्षाविद विचारक बाबा साहब अंबेडकर महान राष्ट्रवादी और दलित शोषित पीड़ित लोगों के उत्थान के लिए समर्पित रहे बाबा साहब अपने जीवन काल में सामाजिक और राष्ट्र जीवन के अनेक विषयों पर महत्वपूर्ण कार्य किए लेकिन कुछ लोगों ने उनके जीवन को एक विषय पहलू पर बांधने का प्रयास किया जो उनके साथ घोर अन्याय है और उनके बारे में अनुचित विश्लेषण है बाबा साहब ने अभाव अपमान और बाधाओं का बंधन तोड़ कर अपने सामर्थ्य के बल पर अपनी सर्वोच्चता सिद्ध की उन्होंने 1935 में यह घोषणा की थी कि मैं हिंदू में जन्म तो अवश्य लिया हूं लेकिन हिंदू के रूप में मरुंगा नहीं उन्होंने नागपुर में दीक्षा भूमि में बौद्ध धर्म स्वीकार किया।
लेखक : डॉ० धर्मवीर तिवारी (एडवोकेट)
उन्होंने कहा कि इतिहास मुझे विध्वंसक के नाते पहचाने ऐसी मेरी अच्छा नहीं है। बाबा साहब जिस प्रकार संविधान को बनाने वाले शिल्पकार हैं उसी प्रकार भारतीय परंपरा के महान धर्म पुरुष भी है। बाबा साहब हमेशा आत्मनिर्भरता की बात करते रहे उन्होंने स्वतंत्रता के पूर्व ही 1935 में ही आत्म निर्भर भारत और आधुनिक भारत की नीव रख दी थी उनकी सोच के अनुसार ऐसा भारत जो आर्थिक रुप से संपन्न और तकनीकी रूप से उन्नत सभी को अवसर प्रदान करने वाला राष्ट्र हो।
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बाबासाहेब का जीवन भारत माता के ऐसे सपूत के रूप में था कि जो यह कहा करते थे अगर सामान्य व्यक्ति को ऊपर उठाना है उसके लिए शिक्षा अत्यावश्यक है, उन्होंने सीखने की शिक्षा दी। वह खुद भी एम ए, पी एचडी, एम एस सी, सीडीएससी, बैरीस्टर ऑफ लॉ, एल एल डी आदि की उपाधि अर्जित किया था। बाबा साहब ने अपने जीवन पर्यंत निचले तबके के लोगों को जगाया समाज में ऐसे दबे कुचले मनुष्यों को सोचने की एक नई दिशा दी ।उनके अंदर आत्मसम्मान की एक ज्योति जगाई और मूल्यों पर जीने की राह बताइ, ये पक्षपात पूर्ण समाजिक ढांचे के खिलाफ थे ।बाबा साहब ने कहा कि अस्पृश्यता को सम आपसे दूर भगाना होगा तभी हिंदू समाज बलशाली होगा और सब हम शक्तिशाली भारत का स्वप्न साकार कर सकते हैं । बाबा साहब ने यह बीज 1920 में ही बो दिया था। आज समाज के निचले सबके के लोग राष्ट्रपति राज्यपाल मंत्री कुलपति ऐसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन हो रहे देश के हर क्षेत्र में साहित्य संगीत कला सिनेमा नाट्य आर्थिक संस्था के साफ-साफ समाज के हर क्षेत्र में निचले शक्ति के लोग पहुंच रहे।
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इस राष्ट्र नायक की राष्ट्र सेवा का कोई मोल नहीं आक सकता। बाबा साहब का मानना था कि हिंदू समाज अनगिनत जातियों से बना है लेकिन हमारी संस्कृति एक है हम सब उसी से बंधे हैं ।समरस समाज जाति रहित समाज ही अधिक शक्तिशाली बनता है तभी हम कुछ अच्छे की उम्मीद कर सकते हैं । बाबा साहब ने सामान नागरिक संहिता पर बल दिया । उनका मानना था व्यक्ति के जीवन पर नियंत्रण का अधिकार धर्म का नहीं है। बाबा साहब ने एक राष्ट्र की संकल्पना की लोकतंत्र वादी होने के साथ ही उनकी अवधारणा ही की । स्वतंत्रता- समता और बंधुता ही लोकतंत्र का आधार है । राष्ट्र के निर्माण में बाबासाहेब आंबेडकर का योगदान अत्यंत अलौकिक है।
लखनऊ। यूपी पुलिस विधानसभा चुनावों के मोड में आ गई है। डीजीपी मुकुल गोयल ने शनिवार को विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर प्रदेश के आला पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चुनाव ड्यूटी में शामिल होने वाले सभी पुलिसकर्मियों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना सुनिश्चित करें।
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डीजीपी ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कहा कि जिलों में उपलब्ध पुलिस बल की समीक्षा कर आवश्यकता का आकलन कर लिया जाए। चुनाव को ध्यान में रखते हुए तकनीकी संसाधनों जैसे बॉडीवार्न कैमरा, ड्रोन कैमरा, वायरलेस व अन्य उपकरणों का आकलन कर लिया जाए। जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मतदान केंद्रों, नामांकन स्थलों एवं स्ट्रांग रूम का भौतिक सत्यापन संयुक्त रूप से किया जाए।
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सभी तैयारियों को पूरा करने के निर्देश केंद्रों की क्रिटिकल, वल्नेरबिलिटी मैपिंग पूर्ण कर ली जाए। केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की कंपनियों एवं जिलों से प्राप्त पुलिस बल के ठहराये जाने वाले स्थानों को चिन्हित करके आवश्यक संसाधन पहले से ही जुटा लिए जाए। अंतरराष्ट्रीय, अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों के साथ समन्वय गोष्ठी कर अपेक्षित सहयोग लिया जाए। शस्त्र लाइसेंस का मिलान डीएम कार्यालय से करा लिया जाए।
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट Omicron का पहला केस मिला है, जिससे हड़कंप मच गया है। 12 लोगों के सैंपल जीनोम सिक्वेसिंग के लिए भेजे गए थे, जिसमें से 1 शख्स Omicron से संक्रमित पाया गया है। ये सभी 12 लोग विदेश से लौटे थे। दिल्ली में पाए गए Omicron के 1 केस को मिलाकर देश में अब तक कोरोना के नए वैरिएंट के 5 केस पाए जा चुके हैं।
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Omicron से दिल्ली में दहशत! दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के हिसाब से 1 Omicron संक्रमित दिल्ली में है। 12 लोगों की जीनोम सिक्वेंसिंग हुई है। एक में Omicron मिला है जो तंजानिया से आया था। शुरुआती रिपोर्ट है कि एक टेस्ट और होगा। उसकी रिपोर्ट कल (सोमवार को) आएगी।
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मुंबई के धारावी पर भी Omicron का संकट? ईस्ट अफ्रीका के तंजानिया से मुंबई लौटा एक यात्री कोविड संक्रमित पाया गया है। उसके सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए कस्तूरबा हॉस्पिटल भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है. जान लें कि कर्नाटक के बेंगलुरु में Omicron संक्रमित 2, मुंबई में 1, गुजरात के जामनगर में 1 और दिल्ली में 1 मामला मिल चुका है।
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महाराष्ट्र से Omicron से जुड़ी अहम जानकारी मुंबई से सटे डोंबिवली में Omicron संक्रमित पाए गए शख्स ने कोविड की वैक्सीन नहीं ली थी। उसे Omicron के लक्षण भी काफी हल्के थे। उसे सिर्फ हल्का बुखार था। अब तक उसके 12 हाई रिस्क क्लोज कॉन्टैक्ट्स को ट्रेस किया गया है और राहत की बात है कि उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके अलावा उसके 23 लो रिस्क कॉन्टैक्ट्स को ट्रेस करने के बाद उनकी कोविड रिपोर्ट भी निगेटिव आई है।
Omicron से संक्रमित शख्स फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में है लेकिन उसे कोई खास परेशानी नहीं है। ऐसे में मुंबई की मेयर किशोरी पेडणेकर ने भी कहा कि घबराने की या डरने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्क रहें।
ओबरा, सोनभद्र। पतंजलि परिवार सोनभद्र के तत्वाधान में रविवार को ओबरा स्थित चित्रगुप्त मंदिर प्रांगण मे 25 दिवसीय योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का शुभारम्भ हुआ। शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि संतोष कुमार सैनी प्रवक्ता डिग्री कॉलेज ओबरा सोनभद्र, व डॉक्टर कामना शुक्ला व डॉक्टर रोली मिश्रा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
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वही शिविर में पतंजलि परिवार के सभी संगठनों के प्रभारी योग साधको द्वारा हवन पूजन का कार्यक्रम बहुत ही भव्य पूर्ण तरीके से संपन्न किया गया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि डॉक्टर संतोष कुमार सैनी द्वारा योग की महिमा पर प्रकाश डाला गया।
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इस अवसर पर भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी रवि प्रकाश त्रिपाठी, भारत स्वाभिमान के जिला महामंत्री सुनील कुमार चौबे, जिला कोषाध्यक्ष जितेंद्र, महिला पतंजलि योग समिति के जिला संगठन मंत्री पूनम, उर्मिला, अनुरोध त्रिपाठी एडवोकेट हाई कोर्ट, नगर संरक्षक राजाराम, जिला योग संरक्षक झललन शर्मा, शुभम मिश्रा, अनिल कुमार, प्रमोद कुमार, नरेंद्र बहादुर सिंह सहित आदि लोग उपस्थित रहे,
वाराणसी। काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के उपलक्ष्य में संस्कृति विभाग उ०प्र० द्वारा संस्कृति मंत्री के निर्देशन पर भजन संध्या की श्रृंखला का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को भजन संध्या के चौथे दिन चौक स्थित श्री राम मंदिर में भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन का प्रारंभ गायक गणेश प्रसाद मिश्र एवं तबला वादक सिद्धांत मिश्रा, सह गायन में शुभ मिश्र का माल्यार्पण मंदिर के पुजारी पारस नाथ मिश्रा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मंदिर से जुड़े लोगों के साथ बड़ी संख्या में भक्त जन भजनो के रस में डूबे रहे। गायक गणेश प्रसाद मिश्र ने अपनी प्रस्तुति पवन तनय संतन हितकारी…. से प्रारंभ किया। फिर आगे जिनके हिय में सिया राम बसे, तीन और के नाम लिए न लिए…, राम भजन कर मन…., सावरिया मन भायो,………….., बनारसी दादरा पग रोके कन्हैया…., डिमिक डिमिक डमरू बाजे……., ….. जैसे भजनों से लोग भक्ति के रस में डूबे रहे। “धन्य भाग सेवा का अवसर पाए…..”से उन्होंने अपनी प्रस्तुति को विराम दिया।
इसी क्रम में श्रीराम मंदिर, खोजवा में गायिका आराधना सिंह द्वारा भजन गायन की प्रस्तुति किया गया। इनके साथ तबला पर गोपाल मिश्रा, ऑर्गन पर संदीप पांडेय, पैड पर अजय दुबे ने संगत किया। गायन का आरम्भ राम भजन से किया जिनके बोल थे यदि त्रेता राम न हो द्वापर घनश्याम न होते….। इसके उपरांत सीता राम सीता राम सीता राम कहिए जाहि विधि राखे राम एवं चोरी चोरी घर मे आये माखन मोरा सारा खाये मटकी फोड़ गये दईया ,दईया हाय सखी रे कन्हैया आदि विभिन्न भजनों की प्रस्तुति किया गया।
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भजन संध्या का संयोजन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी डॉ० सुभाष चन्द्र यादव के नेतृत्व में डॉ० हरेंद्र नारायण सिंह, अतुल कुमार सिंह, प्रदीप कुमार आदि के द्वारा संपादित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।