वाराणसी। आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस के अवसर पर संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश और जिला प्रशासन वाराणसी द्वारा बुधवार को राज्य संरक्षित स्मारक गुरुधाम परिसर में पुष्पांजलि और “स्वाधीनता संग्राम के अमर नायक” विषयक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
दो वर्गों में आयोजित चित्र कला प्रतियोगिता में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी; महात्मा गांधी काशीविद्यापीठ, वाराणसी, इंस्टिट्यूट ऑफ़ फाइन आर्ट्स, घमहापुर, गंगापुर, जीवनदीप महाविद्यालय, वाराणसी, धीरेन्द्र महिला महाविद्यालय, वाराणसी आदि संस्थानों के लगभग 150 प्रतिभागियों ने कैनवास पर स्वाधीनता के अमर बलिदानियों को कैनवास पर जीवंत किया।
प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र तथा सभी प्रतिभागियों को भी प्रमाणपत्र प्रदान किया जायेगा। इस अवसर पर उमेश भाटिया और उनके समूह द्वारा भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन के सेनानियों पर आधारित एक नाट्य प्रस्तुति भी की गयी। इसके पुर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ अमर शहीद सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के चित्रों पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम का संयोजन व अतिथियों का स्वागत प्रभारी, क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र डॉ० सुभाष चन्द्र यादव ने किया। वही कार्यक्रम के संयोजन में प्रशांत राय, डॉ० सुजीत कुमार चौबे, मनोज कुमार, बलराम यादव, कुमार आनंद पाल, पञ्चबहादुर आदि ने बहुविध सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कल्याण परिषद् के महामंत्री प्रकाश चन्द श्रीवास्तव, अशोक कपूर, रामानंद तिवारी, अनुराग सिंह, प्रो० सुमन जैन, डॉ० प्रेमनारायण सिंह, शीराज अहमद, अदिति गुलाटी, डॉ० ज्योति सिंह, रामानन्द तिवारी, सत्यप्रकाश आर्य, डॉ० हरेन्द्र नारायण सिंह, नीलेश सिन्हा, साधना मौर्या, कुमार आनंद पाल, पंचबहादुर,प्रदीप कुमार, सोहन मौर्या, सरस्वती देवी सहित आदि लोग उपस्थित रहे।
सोनभद्र। उड़ान सेवा ट्रस्ट द्वारा मंगलवार को मारकुंडी में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने होली फगुआ गीत गाते हुए रंग गुलाल उडा कर होली मिलन समारोह मनाया। इस मौके पर साधना मिश्रा ने सभी को होली शुभकामनाएं देते हुए, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और स्वच्छता अभियान के लिए प्रेरित किया।
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वही कार्यक्रम में उड़ान सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष मीनू चौबे ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि –
भावार्थ- जहाँ स्त्रियों की पूजा होती है वहाँ देवता निवास करते हैं और जहाँ स्त्रियों की पूजा नही होती है, उनका सम्मान नही होता है,वहाँ किये गये समस्त अच्छे कर्म निष्फल हो जाते हैं।
इस अवसर सिमा पाण्डेय, मन्जु राजेश पाण्डेय, सन्जय चौबे, निरज पाण्डेय, राधा, किरन, उड़ान सेवा ट्रस्ट के सरक्षक रामचन्द्र पाण्डेय सहित आदि लोग उपस्थित रहे।
वाराणसी। आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष के अंतर्गत 23 मार्च 2022 दिन बुधवार को सरदार भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के बलिदान दिवस के अवसर पर वाराणसी के भेलपुरी स्थित राज्य संरक्षित स्मारक, गुरुधाम मंदिर परिसर में संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश एवं जिला प्रशासन वाराणसी द्वारा पुष्पांजलि एवं स्वाधीनता संग्राम के अमर नायक विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता दो वर्गों में होगी जिसमें प्रथम वर्ग स्नातक स्तर पर व द्वितीय वर्ग में परास्नातक, शोध छात्र एवं स्वतंत्र कलाकार भाग ले सकते हैं। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 5100 रुपए, द्वितीय स्थान याद करने वाले को 3100 रुपए व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 2100 रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी डॉक्टर सुभाष चंद्र यादव, प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।
सोनभद्र। मुख्य विकास अधिकारी डाॅ0 अमित पाल शर्मा ने राबर्ट्सगंज ब्लाक के ग्राम सभा भटवा टोला में बनाये गये अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने गोवंश आश्रय स्थल पर गोवंशों के सम्बन्ध में जानकारी ली, तो बताया गया कि 69 गोवंश हैं, जिसकी मौके पर ही गणना करायी गयी। निरीक्षण के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया है कि पशुओं को खाने हेतु पर्याप्त मात्रा में चारा-भूसा उपलब्ध नहीं है।
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मौके पर लगभग डेढ़ कुन्तल ही भूसा की कुट्टी पायी गयी। गोवंश आश्रय स्थल पर पशुओं के रख-रखाव कुप्रबन्धन के सम्बन्ध में भटवा टोला के ग्राम प्रधान श्रीमती प्रतिमा देवी तथा ग्राम सचिव जितेन्द्र कुमार से जानकारी ली गयी, तो संतोषजनक उत्तर नहीं दे पायें, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि वह ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत अधिकारी के विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में आख्या प्रस्तुत कराना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि पशुओं को रहने हेतु सेड का विस्तारीकरण व बाउण्ड्रीवाल की आवश्यकता है। जिसके सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी राबर्ट्सगंज को निर्देशित किया कि वे आज ही गोवंश आश्रय स्थल का भ्रमण कर इसके सम्बन्ध में आख्या प्रस्तुत करें।
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इसी प्रकार से मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विकास खण्ड चोपन के अन्तर्गत ग्राम कोटा में भूमि संरक्षण विभाग एवं मनरेगा योजनान्तर्गत कराये जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भूमि संरक्षण अधिकारी, चोपन द्वारा बताया गया कि कोटा पंचम में 18 बन्धियों का कार्य भूमि संरक्षण विभाग चोपन द्वारा कराया जा रहा है। भूमि संरक्षण अधिकारी चोपन ने बताया कि जिला खनिज निधि से 24 लाख की धनराशि प्राप्त होनी थी, जिसके सापेक्ष 12 लाख की धनराशि प्राप्त हुईं। बरसात में सभी चेकडैम भर जाने से क्षेत्र के लगभग 70 हेक्टेयर एरिया के खेतों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी तथा भू-जल स्तर ऊपर हो जाने के कारण हैण्डपम्प व कुओं में पानी का स्तर गर्मी के दिनों में भी बना रहेगा। इसी प्रकार मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत कोटा में प्रधानमंत्री आवास निर्माण सहित कुल 293 कार्यों पर 536 श्रमिक नियोजित हैं, जिसमें चिन्तामणी के घर तक 600 मीटर की लम्बाई में कच्ची सड़क का निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा कराया जा रहा है।
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निरीक्षण के दौरान मौके पर जारी 52 श्रमिकों के मास्टर रोल के सापेक्ष 27 श्रमिक ही कार्य करते हुए पाये गये और 300 मीटर सड़क का निर्माण कार्य होना पाया गया। परन्तु कार्य स्थल पर कोई भी बोर्ड लगा हुआ नहीं पाया गया, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए मौके पर उपस्थित अमरेश चन्द्र पटेल ग्राम पंचायत अधिकारी, प्रहलाद ग्राम प्रधान तथा कौशल पाठक तकनीकी सहायक से तीन दिवस में खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया है। कार्यस्थल पर महिला मेठ द्वारा एम0एम0एस0 के माध्यम से सेन्टरों की हाजिरी नहीं लगायी जा रही थी, जबकि मनरेगा योजनान्तर्गत 20 से अधिक नियोजित श्रमिकों वाले कार्य स्थलों पर एमएमएस के माध्यम से अनिवार्य रूप से हाजिरी लगायी जानी है, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने उपायुक्त श्रम रोजगार को निर्देशित किया कि वह यह व्यवस्था जनपद के समस्त विकास खण्डों में सुनिश्चित करायें।
डाला, सोनभद्र। पुलिस उपमहानिरीक्षक/ पुलिस अधीक्षक द्वारा चलाए जा रहे वांछित अभियुक्तों के विरुद्ध अभियान के अंतर्गत हाथीनाला पुलिस ने थाना कोन पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 8 / 2022 धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम थाना कोन जनपद सोनभद्र से संबंधित वांछित अभियुक्त छोटू शेख (30) पुत्र अलहमदु शेख R/O हथटपाड़ा अमतला थाना नोवादा जनपद मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल हाल पता कस्बा कोन थाना कोन जनपद सोनभद्र को हाथीनाला थानाध्यक्ष रवींद्र प्रसाद ने मय हमराही व SHO रमेश यादव थाना कोन ने संयुक्त रूप से अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।
अनपरा, सोनभद्र। ऊर्जा प्रबंधन द्वारा की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के विरोध में सविनय अवज्ञा आंदोलन के साथ अभियंता संघ एवं जूनियर इंजीनियर्स संगठन द्वारा संयुक्त रुप से विरोध सभा अनपरा तापीय परियोजना के मुख्य द्वार पर प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से 5:00 बजे तक किया जा रहा है । विरोध सभाओं में अभियंताओं ने ऊर्जा विभाग के इंटरप्रेन्योर रिसोर्स प्लानर मामले की सीबीआई जांच कराने की आवाज बुलंद की।
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इसके साथ-साथ अभियंताओं ने सभी पहलुओं पर नजर रखते हुए ऊर्जा विभाग में चल रहे घोटालों के वजह से अभियंताओं ने निम्नलिखित बिंदुओं पर क्रमशः अपना आक्रोश एवं विरोध जताया है। शीर्ष स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर आंख कान बंद रखने के विरूद्ध, बिना समुचित प्रशिक्षण, अपने ही कार्यकाल में ERP लागू कर कमीशन खाने की हड़बड़ी में erp गो लाइव करने के विरूद्ध, संसाधनों की भारी कमी के बावजूद विद्युत दुर्घटना में कार्मिकों पर आई पी सी की संगीन धाराओं में मुकदमा और प्रबंधन बेपरवाह, विद्युत विभाग में बेसिक परिचालन के लिए दी जाने वाली धनराशि जिससे प्रिंटर, स्टेशनरी, इंटरनेट और आकस्मिक खर्चे किए जाते थे विगत 30 महीने से कोई धनराशि निर्गत न करने के विरूद्ध, अव्यावहारिक लक्ष्यों जैसे एक उपकेंद्र पर औसतन २००-४०० संयोजन का विच्छेदन व उसी
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दिन फीडिंग के विरूद्ध, पी एफ घोटाले के प्रमुख आरोपी आई ए एस अधिकारियों को बचाने के विरूद्ध, कार्मिकों से सुबह ६ बजे से रात ११ बजे लगातार वीसी समीक्षा के विरूद्ध, सभी साप्ताहिक अवकाश/सार्वजनिक अवकाश में भी काम कराने के विरूद्ध, मूलभूत सुविधा यथा प्रत्येक उपकेंद्र पर शौचालय, पेयजल, उपभोक्ता के बैठने की व्यवस्था बार बार अनुरोध करने पर न देने के विरूद्ध, संविदाकर्मी लाइनमैन को सुरक्षा उपकरण यथा सेफ्टी बेल्ट, वाकी टाकी, टूल किट इत्यादि अभी तक न उपलब्ध कराने के विरूद्ध, विभागीय जर्जर कालोनियों एवं उपकेंद्रों की मरम्मत न करने के विरूद्ध,
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प्रबंधन धरातल की स्थितियों को नजरंदाज कर अव्यावहारिक लक्ष्य देकर सदस्यों का उत्पीड़न और शोषण कर रहा है। यह लड़ाई कारपोरशन के अस्तित्व की है। वर्क कल्चर को सुधारने की है। उपभोक्ता सेवा बेहतर करने की है। कार्मिकों के जीवन स्तर को सुधारने की है। सदस्यों को उत्पीड़न से बचाने की है। अतः सभी अभियंताओं ने मिलकर अरबों रुपयों के हुए घोटालों को पर्दाफाश करने एवं इसकी सीबीआई जांच कर राज्य विद्युत विभाग के बेहतर कल के लिए अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।
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विरोध कार्यक्रम में अभियंता संघ के इं अभिषेक बरनवाल,इं गजानन श्रीवास्तव, इं अभिषेक त्रिपाठी, रामप्यारे वर्मा, विकास सिंह तथा जूनियर इंजीनियर संगठन से इं सचिन राज, इं सत्यम यादव, इं आशुतोष द्विवेदी, धर्मेंद्र सिंह , अनूप कुमार वर्मा, दीपक बिंद, गिरजेश सिंह, रमाकांत यादव, सुभाष सिंह, कुलदीप ने अपना आक्रोश व्यक्त किया। परियोजना के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन में अभियंता संघ तथा राज्य विद्युत परिषद जूनियर संगठन के सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे।
सोनभद्र। शाहगंज में मंगलवार को एचडीएफसी बैंक की एक नई शाखा के साथ जिले में सातवीं खजुरी खुर्द शाखा खोला। नई शाखा का उद्घाटन मुख्य अतिथि अयोध्या रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कविन्द्र प्रताप सिंह ने फीता काटकर किया। इसके पश्चात उन्होंने बैंक के एटीएम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन करके किया।
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इसके पूर्व एचडीएफसी राबर्ट्सगंज शाखा के ब्रांच मैनेजर ने अतिथियों का सम्मान बुके देकर किया। मुख्य अतिथि ने बैंक के समस्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं प्रदान की और एचडीएफसी बैंक की सुविधाओं को सराहा। उद्घाटन समारोह में एचडीएफसी बैंक वाराणसी के सर्किल इंचार्ज मनीष टंडन बैंक की इस नई उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “बैंक ने तेजी से अपने शाखा नेटवर्क का विस्तार किया है और अपनी डिजिटल बैंकिंग रणनीति को काफी मजबूती से आगे बढ़ाया है।
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उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को हमारी बैंकिंग सेवाओं की पूरी श्रृंखला प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है। इस अवसर पर एडिशनल सीएमओ विद्याकांत, रोहित, राबर्ट्सगंज शाखा के ब्रांच मैनेजर अजय गुप्ता, ब्रांच मैनेजर वीरेंद्र तिवारी, आभूषण ब्रम्ह शाह, प्रधान राम अवध, रविंद्र केशरी, रविंद्र बहादुर सिंह, ज्योति आदि मौजूद रहे।
डफली की थाप पर गाए जाते थे फगुआ के गीतठंडाई पीने, गुझिया खिलाने- पिलाने का दौर देर रात तक चलता था
हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)
सोनभद्र। कल का रॉबर्ट्सगंज कस्बा आज का आधुनिक शहर सोनभद्र नगर है। आधुनिकता की चकाचौंध में यहां की सांस्कृतिक परंपराए बदल चुकी है, यहां के तीज, त्यौहार, व्रत मनाने का रंग ढंग। लगभग 50 वर्ष पूर्व नगर में धार्मिक एकता, प्रेम, सौहार्द की परंपरा कायम थी। नगर का उत्तर मुहाल सांस्कृतिक परंपराओं का गढ़ माना जाता था जहां पर दीपावली, दशहरा, जन्माष्टमी, होली का पर्व बड़े ही धूमधाम, हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता था बिना किसी के आर्थिक सहयोग के, सारे आयोजन का भार वहन करते थे नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी रामसूरत यादव ठेकेदार।
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होली मनाने का शुभारंभ शिवरात्रि से ही हो जाता था, और लोग बड़े ही मर्यादित ढंग से होली पर्व को मनाते थे, बच्चों को रंग, पिचकारी, अबीर, गुलाल, टोपी आदि का वितरण किया जाता था जिसके कारण बच्चे होली पर्व के 15 दिन पूर्व ही होली खेलना शुरू कर देते थे। होली का आज जो विद्रुप रूप देखने को मिलता है वह उस समय नहीं था, नगर के लोग उत्तर मोहाल में रामसूरत यादव ठेकेदार के बैठक मेंआकर शालीनता, मर्यादा के दायरे में रहकर होली पर्व मनाते थे, पुरुष बाहर सड़कों पर तो महिलाएं घरों में होली खेलकर परंपराओं का पालन करती थी। तब बाल्टी में रंग घोलकर पीतल की पिचकारी से एक दूसरे पर रंग डाला जाता था, चेहरे पर रंग, बारनीस पोतकर, बालों में रंग डाल कर होली त्योहार की खुशी जहिर किया जाता था। आज प्रेम, सौहार्द, आपसी भाई चारा मिलन का पर्व होली को मनाने की परंपरा पूरी तरह बदल चुकी है। पुरानी परंपराओं को याद करके नगर के बुजुर्ग अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते हुए पुरानी स्मृतियों में खो जाते हैं, नगर के उत्तर मुहाल से ही बुढ़वा मंगल मनाने की परंपरा की शुरुआत हुई थी। होली का पर्व मोहल्ले में शिवरात्रि से ही शुरू हो जाता था और इसका समापन बुढ़वा मंगल को हर्षोल्लास के साथ होता था। परंपरा को शुरू करने वाले स्वर्गीय राम सूरत यादव ठेकेदार होली और बुढ़वा मंगल के अवसर पर फगुआ के गीत गाने वाले राजकुमार केसरी, शंभूनाथ केसरी, ढपली पर थाप देने वाले मामा भले ही दिवंगत हो चुके हो,लेकिन उत्तर मोहाल के माता प्रसाद सोनी, जवाहिर प्रसाद सोनी, गुलाब प्रसाद केसरी, मोती लाल सोनी, नंदलाल केसरी आज भी अपनी भूली बिसरी दास्तान युवाओं को सुनाते हैं जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है।
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नगर की पुरानी परंपराओं को याद करते हुए इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी बताते हैं कि-“ सोनभद्र नगर का उत्तर महाल संस्कृति, साहित्य, कला, पत्रकारिता का केंद्र बिंदु था। यहीं पर वाराणसी से प्रकाशित आज हिंदी दैनिक के पत्रकार, स्तंभकार निरंजन लाल जालान, महावीर प्रसाद जालान, ओम जालान, दैनिक जागरण के पत्रकार सत्यनारायण जालान, नगर के पूर्व चेयरमैन भोला सेठ, वाइस चेयरमैन एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोहनलाल गुप्ता, समाजसेवी शिव शंकर प्रसाद केसरी, पुरुष होते हुए भी स्त्रियों का स्वांग रचकर हिजड़ो के साथ नाच गाकर जीवन यापन करने वाले अनंत लाल, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रसिद्ध कजली गायक श्री राम (जय श्री) चंडी होटल के मालिक चरणजीत सिंह, अन्य गणमान्य महानुभाव का निवास स्थान था और यह स्थल नगर की हृदय स्थली थी, जहां पर दीपावली, दशहरा, जन्माष्टमी, होली आदि प्रमुख पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता था।
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-नगर का उत्तर मुहाल सांस्कृतिक, साहित्यिक रूप से समृद्ध था, यहां पर निवास करने वाले मिर्जापुर के मूल निवासी रामसूरत यादव ठेकेदार इस नगर में काशी की तर्ज पर बुढ़वा मंगल मनाने की शुरुआत किया था। इस दिन नगर के अढतिया मामा के ढपली की थाप पर फगुआ के गीत राजकुमार केसरी, शंभूनाथ केसरी, रामसूरत ठेकेदार की बैठक में गाते थे इसी दिन यहां पर इतनी होली खेली जाती थी कि बैठक की सफेद चांदनी, मसलद, दीवारें सभी रंगीन हो जाती थी। सुबह नगर के सब लोग रामसूरत ठेकेदार के बैठक में आते थे और एक दूसरे को रंग, अबीर, गुलाल लगाते थे और सम्मान स्वरूप उन्हें होली वाली टोपी पहनाई जाती थी तत्पश्चात सभी लोग बैठकर फगुआ गीत आनंद और गुझिया जैसे लचीज मिष्ठान का स्वाद लेते थे।
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दोपहर के बाद पहलवान द्वारा भांग और ठंडई पीसने का क्रम शुरू हो जाता था, शाम होते-होते भांग और ठंडाई तैयार हो जाती थी नगर के सभी लोग श्वेत वस्त्र धारण कर एक दूसरे को से गले मिलकर ठंडाई का आनंद लेते थे, किसी के साथ कोई जबरदस्ती नहीं, कोई मजाकबाजी नहीं जिसको भांग पसंद हो, जो खाता हो वह स्वेच्छा से भाग लेता था और पूरी महफिल मस्ती में डूब जाती थी यह क्रम देर रात तक चलता था। रामसूरत यादव ठेकेदार द्वारा होली की तैयारी शिवरात्रि से ही कर दी जाती थी, शिवरात्रि के दिन विधि- विधान से नगर के उत्तर मुहाल के सब्जी मंडी के मोड़ पर होलिका गाड़ कर होली पर्व का शुभारंभ किया जाता था। समय के साथ साथ होली पर्व मनाने की परंपरा में परिवर्तन होता चला गया और आज जिस प्रकार होली का पर्व मनाया जाता है वह हम भली भांति जानते हैं। सोनभद्र नगर क इतिहास में बुढ़वा मंगल जैसे पर्व की शुरुआत करने वाले रामसूरत यादव ठेकेदार का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है।
महिलाओं ने एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर, गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दी
हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)
सोनभद्र। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज नगर के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में सोमवार को तरुण महिला केसरवानी क्लब द्वारा रंगारंग होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपना विचार व्यक्त करते हुए महामंत्री शालू केसरी ने कहा कि-“आपसी प्रेम, सौहार्द, भाईचारे का त्यौहार होली आदिकाल से हमारे देश में मनाया जाता रहा है,
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इस त्यौहार के संबंध में अनेक लोक कथाएं, लोक गीत, लोक किंवदन्तियां हमारे भारतीय समाज में प्रचलित है। होली खेलने का उद्देश्य रंग विज्ञान के माध्यम से अपने शरीर को स्वस्थ रखना है। इस परंपरा का पालन आदिकाल होता चला आ रहा है,होली खेलना अब भारतीय संस्कृति का प्रतीक बन चुका है।
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कार्यक्रम में अध्यक्ष श्वेता केसरी, संगठन मंत्री प्रीति केसरी, जिला उपाध्यक्ष शालिनी केसरी,कोषाध्यक्ष विभा केसरी जिला मंत्री पूजा केसरी के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर, गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दी और लजीज व्यंजनों का रसास्वादन किया। ढोलक की थाप पर पारंपरिक गीतों का गायन भी किया। आयोजित होली मिलन समारोह में केशरवानी समाज की महिलाएं उपस्थित रही।
दुद्धी, सोनभद्र। स्थानीय नगर पंचायत के वार्ड नं 7 अघोर सेवा आश्रम दुर्गा मंदिर के पुजारी महंत बाबा रामकृष्ण विश्वकर्मा की सोमवार को अल सुबह हार्ट अटैक आने से मौत हो गयी। घटना से परिजनों सहित दुद्धी क्षेत्र व अघोर सेवा परिवार में भी शोक की लहर दौड़ गयी। बाबा बड़े ही स्वभाव के धनी व्यक्तित्व के आदमी थे।
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आपको बताते चलें कि आर के विश्वकर्मा रेणुकूट हिंडालको में नौकरी करके सेवानिवृत्त हो चुके थे। साथ ही साथ अघोर सेवा मंडल के कई आश्रम रेणुकूट, मंसूरी, दिलदारनगर ,पड़ाव वाराणसी, गाजीपुर आदि आश्रमों में सेवा किया था। वर्तमान में दुद्धी रामनगर स्थित कलकली बहरा अघोर सेवा मंडल आश्रम की जिम्मेदारी इनके ऊपर थी और कुछ साल पहले दुद्धी में आश्रम के ठीक पीछे जमीन लेकर घर मकान बनाकर अपनी पत्नी संग रहते थे, जिनके दो बेटे एक बेटी है।
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सभी का विवाह कर आराम से अपनी पत्नी के साथ संतो की तरह रहा करते थे और आश्रम में पूजा-पाठ देखरेख सारे कार्य इन्हीं के द्वारा किये जाते थे। आर के विश्वकर्मा बड़े ही मृदुभाषी सौम्य स्वभाव मिलनसार सभी से मिलजुल कर रहने वाले इतनी अवस्था होने के बाद भी ऊर्जावान दिव्यवान थे, जो अघोर सेवा मंडल संस्थान स्थित कई आश्रमों में अघोरेश्वर भगवान राम की सेवा कर चुके व कई संतों के सानिध्य में रहे। दुद्धी क्षेत्र के कई लोगों की पारिवारिक सांसारिक समस्याओं का समाधान भी चुटकियों में इनके द्वारा कर दिया जाता था, जो भी दुखियारा मंदिर आश्रम में आता था। वह अपने दुख बाबा से मिलकर भूल जाता था।
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आर के विश्वकर्मा बाबा जी ने दुद्धी क्षेत्र के कई लोगों को इन्होंने अपनी ओर से मदद कर उन को आगे बढ़ाने का कार्य किया। कलकल्ली बहरा मलिन बस्ती के लोगों से भी इनका जुड़ाव था। समय-समय पर आश्रम में भंडारा होने पर सभी को भोजन कराने का कार्य किया जाता था। बाबा जी के आकस्मिक मृत्यु होने से सभी मर्माहत है। सुबह से ही मृत्यु की जानकारी होने पर उनके पार्थिव शरीर के अन्तिम दर्शन करने के लिए सुबह से ही इनके अनुयायियों व शुभचिंतकों की भीड़ उमड़ने लगी थीं।