• नगर में निकाली गई भव्य तिरंगा यात्रा
• पुष्पवर्षा के बीच बाइक सवारों की निकली तिरंगा यात्रा
हर्षवर्धन केसरवानी
सोनभद्र। हमारे लिए गौरवशाली, स्वाभिमानी भुलाये गये इतिहास की पुनर्स्थापना ही स्वतंत्रता का अमृत है। ‘स्व’ की तलाश और बलिदानियों के योगदान को प्रतिष्ठापित कराना है। स्वदेशी, स्वाभिमान और स्वावलंबन की अवधारणा एक बार फिर स्थापित करनी है। भारत को पुनः विश्व गुरु पद पर आसीन कराना है। राष्ट्र को परम वैभव तक पहुँचाने में हम घटक के रूप में सह भागी बनें इसकी आवश्यकता है। यह विचार काशी प्रान्त के जाने माने समाज सेवी रमेश ने शुक्रवार को जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित तहसील परिसर से ‘स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव’ अभियान के तृतीय चरण में तिरंगा यात्रा को रवाना करते हुए व्यक्त किया।

यात्रा के दौरान भारतमाता की भव्य झांकी के साथ सैकड़ो की संख्या में बाइक सवार नागरिक तिरंगा लिए नगर भ्रमण के लिए निकल पड़े। तिरंगा यात्रा सिविल लाइन रोड से होते हुए स्वर्णजयंती चौक, पिपरी रोड, मुख्य चौराहा से होते हुए पन्नूगंज सड़क तक शहर में तिरंगा यात्रा और भारत माता क जयकारे से लोग प्रभावित दिखे।

महिला थाने के पास से यात्रा पुनः कचहरी परिसर आई। यहाँ भारतमाता की आरती और पूजन के बाद आज का आयोजन पूर्ण हुआ। इसके पूर्व यात्रा में लोग ‘ भारत माता की जय ‘ और ‘वंदेमातरम’ के गगनभेदी नारे लगाते चल रहे थे। जगह – जगह भारतमाता की आरती उतारी गई और लोग पुष्पवर्षा कर यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत किए।

नगर में एक नई चेतना का संचार साफ नजर आया। व्यापारी दुकानों से बाहर निकल कर तिरंगा यात्रा देख रहे थे। नगर भ्रमण के दौरान सड़क की दोनों पटरियों पर लोग खड़े यात्रियों का उत्साहवर्धन कर रहे थे। इसमें अधिवक्ता, अध्यापक, व्यापारी, किसान, मजदूर समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग सहभागी बने। आयोजित तिरंगा यात्रा में प्रवेश, हर्ष अग्रवाल , नंदलाल जी , ब्रजेश सिंह, पंकज, आलोक, सत्या रमण, कीर्तन, योगेश, दयाशंकर, कृष्ण मुरारी गुप्ता, नीरज सिंह, हर्षवर्धन केसरवानी समेत सैकड़ो नागरिक उत्साह के साथ तिरंगा लिए हुए उदघोष के बीच भ्रमण किए। यात्रा के आगे आगे भारतमाता का भव्यता के साथ सजा हुआ रथ आकर्षण के केंद्र में था ।

वही अमृत महोत्सव आयोजन समिति के जिला संयोजक भोलानाथ मिश्र ने बताया कि 18 दिसंबर को नगर स्थित हाइडिल मैदान में अमृत महोत्सव महाअभियान दिन में 12 बजे से 2 बजे तक सामूहिक वंदेमातरम गायन के साथ शानदार व भव्य समापन समारोह होगा जिसमें नगवां, चतरा, छपका, घोरावल और करमा खण्डो से नागरिक हजारों की संख्या में सहभागी बनेगें।


