दुद्धी, सोनभद्र। ग्राम मल्देवा में कैशपर माइक्रो फाइनेंस कंपनी द्वारा समूह की महिलाओं के गोष्ठी का आयोजन कैशपार माइक्रो फाइनेंस शाखा दुद्धी ऑफिस परिसर में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलभूषण पांडेय एडवोकेट, जबकि अध्यक्षता कंपनी के प्रवीण मिश्रा क्षेत्रीय प्रबंधक व आंचलिक प्रबंधक शैलेश सिंह व शाखा प्रबंधक अनुराग जयसवाल के मार्गदर्शन में एजीएस मैनेजर अनंत कुमार द्वारा आयोजित फाइनेंस कंपनी के गोष्ठी में समूह की महिलाओं ने न्यूनतम ब्याज दर पर फाइनेंस कंपनी द्वारा सस्ता और सुलभ तरीके से धन विषम परिस्थिति में समूह की महिलाओं को लाखों रुपए धन उपलब्ध कराकर मानो सम्पूर्ण मनोरथ को पूर्ण करने का कार्य किया।
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जिसका जीवंत उदाहरण समूह की महिला मनीषा पत्नी लक्ष्मी शंकर वार्ड 5 दुद्धी सोनभद्र व सीतारा पत्नी कमाल निवासी वार्ड नंबर 7 दुद्धी सोनभद्र, मीरा देवी पत्नी लक्ष्मण प्रसाद निवासी मेदनीखाड़ विंढमगंज सोनभद्र आदि द्वारा कहा गया कि जब करोना में पिता का साया सिर से उठ गया
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और अपनों ने मुंह फेर लिया ऐसी स्थिति में कैशपार माइक्रो फाइनेंस ने सहाराबन जिंदगी सवारी कंपनी के सहयोग से समूह की महिलाओं द्वारा छोटी-छोटी दुकानें आदि संचालित कर अपने बाल बच्चों को इंजीनियर बीटेक आदि बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका फाइनेंस कंपनी द्वारा प्राप्त धन के माध्यम से बच्चों के भविष्य मारने में सफलता अर्जित की और जीवन स्तर को सुधार कर नारी सशक्तिकरण की मिसाल कायम की और अपने पति, मा – बाप का गंभीर बीमारियों में इलाज आदि भी कर जीवन बचाने में सफलता अर्जित की।
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कुछ महिलाओं द्वारा लोक गीत प्रस्तुत कर फाइनेंस कंपनी की मुक्त कंठ से प्रशंसा किया। अति पिछड़े आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास, शौचालय निर्माण, गंभीर बीमारियों में परिजनों का उपचार, बच्चों के शैक्षिक उत्थान, कुटीर उद्योग द्वारा जीविकोपार्जन कर जिंदगी संवारने आदि का कार्य समूह की महिलाओं, जनकल्याणकारी, लोक कल्याणकारी कार्य कर माइक्रो फाइनेंस कंपनी द्वारा क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया जा रहा। शानदार गोष्ठी के आयोजन में फाइनेंस कंपनी के विकास सोनी,रोहित अतहर, रामचंद्र, भगवान दास आदि सहित सैकड़ों समूह की महिलाएं उपस्थित थी।
महुली, सोनभद्र। पुलिस उपमहानिरीक्षक व पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नक्सली गतिविधियों की रोक थाम हेतु शुक्रवार को विन्ढमगंज थाना प्रभारी सूर्यभान ने पुलिस व पीएसी के साथ झारखंड बार्डर से सटे गांवों बरखोरहा व धरती डोलवा के जंगलों में कांबिंग किया। पुलिस द्वारा क्षेत्र में भ्रमण करने से ग्रामीण भय मुक्त हो रहें हैं।
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थाना क्षेत्र के झारखंड बॉर्डर से सटे हुए गांवो के आस पास पुलिस के चहलकदमी से झारखंड के लोगों में भी दहसत बना रहता है। आस-पास के गांवों में ग्रामीणों से पूछताछ करते हुए क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों के बारे में जानकारी लिया। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से कहा कि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखता है तो तत्काल उसकी सूचना पुलिस को दें। जिससे समय रहते कारवाई किया जा सके। सूचना देने वाला व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
आईएएस अधिकारी चंद्र विजय सिंह को सोनभद्र का नया जिला अधिकारी नियुक्त किया गया है. शासन की ओर से यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है. सोनभद्र के पूर्व जिलाधिकारी को भ्रष्टाचार के आरोप में गुरुवार दोपहर नियुक्ति विभाग की ओर से निलंबन करने का आदेश जारी किया गया था. इसके बाद तत्काल नए जिलाधिकारी को सोनभद्र में तैनाती दी जारही है
लखनऊ। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक रहे आईएएस अधिकारी चंद्र विजय सिंह को सोनभद्र का नया जिला अधिकारी नियुक्त किया गया है. शासन की ओर से यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है. सोनभद्र के पूर्व जिलाधिकारी को भ्रष्टाचार के आरोप में गुरुवार दोपहर नियुक्ति विभाग की ओर से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया था. इसके बाद तत्काल नए अधिकारी को सोनभद्र में तैनाती की गई है.
आईएएस चंद्र विजय के चुनाव के दौरान मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की कमान संभालने की सूचना दी गई थी. आईएएस चंद्र विजय सिंह को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम का एमडी बनाया गया था. वह पहले फिरोजाबाद के जिलाधिकारी थे. उन्हें भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जिलाधिकारी पद से हटाया गया था. इसके बाद उनको मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की कमान सौंपी गई थी.
भारत निर्वाचन आयोग ने जनवरी में तत्कालीन डीएम चंद्र विजय को हटाया था. बाद में उन्हें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम का एमडी बना दिया गया. चंद्र विजय सिंह के स्थान पर सूर्यपाल गंगवार को फिरोजाबाद के डीएम पद पर नियुक्त किया गया. चंद्र विजय सिंह सरकार के पसंदीदा अधिकारियों में से एक हैं जिन्हें लेकर विपक्षी नेताओं ने चुनाव के दौरान पक्षपात संबंधित आरोप लगाए थे. इन शिकायतों को आधार मानते हुए चुनाव आयोग ने उनको पद से हटा दिया था. अब सोनभद्र में सरकार को एक बेहतर अधिकारी की तलाश थी. इस दौरान चंद्र विजय को एक बार फिर जिला अधिकारी पद पर मौका दिया गया है.
22 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर दो वर्ष की अतिरिक्त कैद
अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी
राजेश पाठक
सोनभद्र। छह वर्ष पूर्व दलित महिला के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र अशोक कुमार की अदालत ने बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी आनन्द चौहान को उम्रकैद एवं 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक शाहगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 25 अप्रैल 2016 को थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 24 अप्रैल 2016 को शाम 4 बजे अपनी पत्नी के साथ हैंडपंप पर कपड़ा धोने गया था तो वहां पर शाहगंज थाना क्षेत्र के सदारी गांव निवासी आनन्द चौहान पुत्र श्री राम आ गया और उसकी पत्नी का हाथ पकड़कर जबरजस्ती खींचने लगा। जब विरोध किया तो धारदार चाकू से प्राणघातक हमला कर दिया और शोरगुल की आवाज सुनकर आसपास के कई लोग आ गए तब जाति सूचक शब्दों से गाली देते हुए जान मारने की धमकी देकर भाग गया। एक दिन पूर्व आनन्द चौहान ने उसकी पत्नी के साथ जबरन दुष्कर्म किया था।
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लेकिन लोक लाज के चलते इसकी सूचना नहीं दिया। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी आनन्द चौहान को उम्रकैद एवं 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता सी. शशांक शेखर कात्यायन ने बहस की।
सोनभद्र। सीजेएम सूरज मिश्र की अदालत ने छल के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए राबर्ट्सगंज कोतवाल को एफआईआर दर्ज कर विधि अनुरूप विवेचना का आदेश दिया है। साथ ही आगामी 14 जून 2022 को आख्या तलब किया है। उक्त आदेश ओबरा थाना क्षेत्र के आर्य समाज रोड ओबरा की आरती देवी पत्नी इस्मार खां के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दी है।
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बता दें कि 4 सितंबर 2019 को आरती देवी ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में अवगत कराया है कि उसकी शादी वर्ष 2009 में चोपन में हुई है। उसका पति 23 फरवरी 2018 को दूसरी शादी कर लिया है। जब इसकी जानकारी करने के लिए 24 फरवरी 2018 को चोपन पति के घर गई तो पति समेत ससुराल वालों ने मारपीट कर भगा दिया। इस तहरीर पर ओबरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया और पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था।
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इसी मामले में जब न्यायालय में हाजिर होकर जमानत कराने के लिए अभियुक्तगण आए तो सकीना नाम की लड़की रानी बनकर हाजिर होकर जमानत करा ली। न्यायालय ने इस प्रकरण की जांच सीओ ओबरा से कराई जिसमें आख्या आई कि सकीना का नाम रानी नहीं है। बल्कि फरजाना का नाम रानी है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने गम्भीर प्रकृति का अपराध मानते हुए राबर्ट्सगंज कोतवाल को एफआईआर दर्ज कर विधि अनुरूप विवेचना करने एवं कृत कार्यवाही से अवगत कराने का आदेश दिया है। साथ ही सुनवाई के लिए 14 जून 2022 की तिथि नियत किया है।
अनपरा, सोनभद्र। उप्र के ऊर्जा निगम प्रबन्धन द्वारा अभियन्ताओं पर अव्यवहारिक एवं असम्भव लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिए प्रबन्धन द्वारा एकतरफा तैयार किये गये एमओयू पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य करने से अभियन्ताओं में रोष एवं आक्रोश और बढ़ गया है। जिसके विरोध में विगत 12 दिन से चल रहे सविनय अवज्ञा आन्दोलन में एमओयू की प्रतियों की होली जलाकर विरोध किया गया तथा मांग की गयी कि प्रबन्धन पहले मानक के अनुरूप आवश्यक मैन, मनी एवं मैटीरियल उपलब्ध कराये।
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उन्होंने प्रबन्धन एवं अधीनस्थ विभागीय कार्मिकों के मध्य इस प्रकार के एमओयू साइन कराने पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए इसे औचित्यहीन करार दिया। विदित हो कि उप्र के ऊर्जा निगमों में शीर्ष स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार तथा प्रबन्धन द्वारा तानाशाहीपूर्ण ढंग से अन्याय व उत्पीड़न किये जाने के विरोध में विगत 12 दिन से सभी ऊर्जा निगमों के अभियन्ता व अवर अभियन्ता सविनय अवज्ञा/असहयोग आन्दोलन कर रहे हैं। जिसके तहत आगामी 04, 05 एवं 06 अप्रैल को सभी जूनियर इंजीनियरों एवं अभियन्ताओं ने सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर जाने की घोषणा की है। इस क्रम में प्रार्थना पत्रों को एकत्र किये जाने का सिलसिला जारी है एवं लगभग 6000 प्रार्थना पत्र एकत्र हो चुके हैं।
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उप्र के बिजली अभियन्ताओं एवं जूनियर इंजीनियरों ने प्रदेश में मा0 योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व वाली नई सरकार के ऊर्जा मंत्री मा. ए के शर्मा जी से प्रदेश की जनता को बेहतर उपभोक्ता सेवा एवं सुचारू विद्युत आपूर्ति प्रदान करने हेतु ऊर्जा निगमों में व्याप्त नकारात्मक, दण्डात्मक, उत्पीड़नात्मक कार्य प्रणाली को समाप्त कर मनोबल बढ़ाने वाली प्रोत्साहनात्मक व स्वस्थ कार्य प्रणाली प्रदान करने हेतु सार्थक हस्तक्षेप किये जाने की अपील की है।
संगठनद्वय के पदाधिकारियों वी0पी0 सिंह, जी0बी0 पटेल, प्रभात सिंह, जय प्रकाश ने वृहस्पतिवार को जारी बयान में बताया कि बिजली अभियन्ता एवं जूनियर इंजीनियर प्रबन्धन द्वारा की जा रही समीक्षा बैठकों/वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का बहिष्कार कर रहे हैं। यदि समस्याओं के निस्तारण हेतु सार्थक कार्यवाही न हुई तो सविनय अवज्ञा आन्दोलन एवं प्रबन्धन के साथ पूर्ण असहयोग के क्रम में आगामी 04, 05 एवं 06 अप्रैल 2022 को घोषित सामूहिक अवकाश हेतु बाध्य होना पड़ेगा। जिसके लिए बड़े पैमाने पर आवेदन एकत्र हो रहे हैं, जिन्हें जल्द ही प्रबन्धन को सौंपा जायेगा। उ0प्र0 के ऊर्जा निगमों के प्रबन्धन द्वारा ईआरपी प्रणाली खरीद एवं बिजली क्रय करने में उच्च स्तर पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है।
ईआरपी प्रणाली पर अरबों रूपये खर्च करने के बाद भी विभागीय कार्यप्रणाली अनुरूप नहीं है, ना ही इसका समुचित प्रशिक्षण दिया गया है और न ही इसके क्रियान्वयन हेतु आवश्यक मूलभूत इंफ्रास्ट्रक्चर एवं मैन पावर दी गयी है। इसके बावजूद निजी कम्पनी द्वारा कारपोरेशन को दिये गये सॉफ्टवेयर के अनुरूप ही दबाव डालकर अभियन्ताओं को कार्य करने हेतु बाध्य किया जा रहा है।
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पदाधिकारियों ने आगे बताया कि ऊर्जा निगमों में विद्युत उत्पादन एवं विद्युत आपूर्ति के लिए आवश्यक न्यूनतम मैन, मनी, मैटीरियल उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने में ऊर्जा निगम प्रबन्धन पूर्ण रूप से विफल रहा है एवं अपनी विफलता छुपाने के लिए व संसाधनों की मांग करने वालों व विरोध करने वालों पर दण्डात्मक कार्यवाही की जा रही है। इससे जहां प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप सबको बिजली हरदम बिजली के लक्ष्य को पूर्ण कर पाने में बिजली कर्मियों को काफी दिक्कतें आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा निगमों में भययुक्त वातावरण एवं नकारात्मक कार्य प्रणाली स्थापित हो रही है। यह न तो प्रदेश हित में है और न ही ऊर्जा निगमों के हित में है।
संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश के नवनियुक्त ऊर्जा मंत्री से ऊर्जा निगमों में प्रबन्धन द्वारा उत्पन्न किये गये। अनावश्यक औद्योगिक अशान्ति समाप्त करने तथा ऊर्जा निगमों में कार्य का स्वस्थ वातावरण प्रदान करने हेतु आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
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आंदोलन को सफल बनाने के लिए अनपरा तापी परियोजना के मुख्य द्वार पर अभियंता संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष रोहित राय, अभिषेक बरनवाल, विनोद कुमार, मनोज यादव, अभिषेक त्रिपाठी, मृदुरंजन श्रीवास्तव, मनोज कुमार वर्मा, बनी सिंह, विनोद कुमार, अरविंद वर्मा, सचिन केसरवानी एवं जूनियर इंजीनियर संगठन से के शाखा अध्यक्ष इंजीनियर सचिन राज, सत्यम यादव, नित्यानंद सिंह, सत्यम, आशुतोष द्विवेदी, लालचंद कुशवाहा, राकेश सिंह, योगेश कुमार, अरविंद कुमार, मेहता राम, गोविंद मौर्य, ज्ञानेंद्र पटेल के साथ सैकड़ों की संख्या में सदस्य मौजूद रहे।
सोनभद्र। जिलाधिकारी टीके शिबू के विरुद्ध जिले में खनन और अन्य निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही थी। इसे संज्ञान लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। योगी आदित्यनाथ ने दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के एक सप्ताह के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने सोनभद्र जिलाधिकारी टीके शिबू को खनन मामले में अनियमितता के आरोप में निलंबित कर दिया है।
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2012 बैच के आईएएस अधिकारी टीके शिबू के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि पूर्व की भांति ही भष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति इस कार्यकाल में भी सक्ती से लागू रहेगी। इस कार्रवाई के बाद डीएम के ऊपर विभागीय जांच बैठा दी गई है। वाराणसी के कमिश्नर को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है।
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उत्तर प्रदेश शासन की तरफ से कहा गया है कि सोनभद्र जिलाधिकारी टीके शिबू के विरुद्ध जिले में खनन और अन्य निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही थी। इसके अलावा इनके खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी करप्शन करने की शिकायत की थी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान भी जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में भी उन्होंने लापरवाही बरती थी। पोस्टल बैलेट पेपर सील नहीं किया गया जिसके कारण पूरे जिले का मतदान निरस्त करने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
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इस वजह से सार्वजनिक स्थल पर उसकी तस्वीरें वायरल हो गई थीं। इस मामले को विंध्याचल मंडल मीरजापुर क्षरा जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर दोबारा सील किया गया था। जनसामान्य तथा जनप्रतिनिधियों से भी इनकी दूरी की शिकायत मिल रही थी।
सरकार की तरफ से कहा गया है कि सोनभद्र जिलाधिकारी टीके शिबू के खिलाफ भ्रष्टाचारों के आरोपों की जांच विंध्याचल मंडल के कमिश्नर ने की थी। जांच में आइएएस टीके शिबू को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया था। इसके बाद उन्हें निलंबित किया गया है।डीएम पर लगे आरोपों की जांच के लिए वाराणसी मंडल के कमिश्नर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच पूरी होने तक वह राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ से सम्बद्ध रहेंगे। इस दौरान वह बिना किसी लिखित अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सोनभद्र के डीएम टीके शिबू को सस्पेंड कर दिया है. टीके शिबू पर अवैध खनन कराने का आरोप था. इस मामले की जांच वाराणसी के कमिश्नर करेंगे.
HIGHLIGHTS
DM टीके शिबू को किया गया सस्पेंड
वाराणसी मंडल के कमिश्नर करेंगे जांच
गाजियाबाद के SSP भी किए गए सस्पेंड
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की वापसी के बाद अब भ्रष्ट अफसरों पर चाबुक चलने लगा है. अवैध खनन और विधानसभा चुनाव के दौरान पोस्टल बैलेट को सील न करने के मामले में सोनभद्र के डीएम टीके शिबू को सस्पेंड कर दिया गया है. इसके साथ ही डीएम के ऊपर विभागीय जांच बैठा दी गई है. वाराणसी के कमिश्नर को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है. वहीं गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार भी सस्पेंड हो गए हैं.
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘डीएम टीके शिबू के खिलाफ खनन और अन्य निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें जनप्रतिनिधियों द्वारा की जाती रही है. इसके साथ ही विधानसभा चुनाव में पोस्टल बैलेट पेपर सील न करके लापरवाही की गई, जिससे पूरे जिले का मतदान निरस्त करने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी.’
सरकार ने कहा, ‘इस मामले की जांच विंध्याचल मंडल के कमिश्नर ने की थी, जिसमें जिलाधिकारी टीके शिबू दोषी पाए गए. इस वजह से उन्हें निलंबित किया जाता है. इसके साथ ही विभागीय कार्यवाही में जांच के लिए वाराणसी मंडल के कमिश्नर को जांच अधिकारी नियुक्त किया जाता है. टीके शिबू को राजस्व परिषद से अटैच कर दिया गया है.’
इससे पहले यूपी सरकार ने चार आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए थे. पुलिस मुख्यालय से एडीजी नवनीत सिकेरा को एडीजी पीटीएस उन्नाव के पद पर भेजा गया है. पुलिस महानिदेशक के जनरल स्टॉफ ऑफिसर (जीएसओ) एडीजी रवि जोसफ लोक्कू को एडीजी सतर्कता अधिष्ठान बनाया है.
इस पद पर तैनात एन रविंदर को जीएसओ डीजीपी बनाया गया है. डीआईजी रूल्स एंड मैन्युवल धर्मेंद्र सिंह को डीआईजी आरटीसी चुनार के पद पर तैनाती दी गई है. आने वाले समय में कई आईपीएस और आईएएस अफसरों के तबादले हो सकते हैं, क्योंकि कई अफसर रिटायर होने वाले हैं.
सोनभद्र। करमा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पटेहरा में प्रेम नाथ की पत्नी उर्मिला देवी उम्र 45 वर्ष रोज की भांति 26 मार्च को भोजन करने के बाद अपने मढ़हे में सोने चली गई। सुबह होने पर जब घर वालों ने देखा कि उर्मिला घर पर नहीं है, तो लोगों ने खोजबीन शुरू किया। पता नहीं चलने पर लोगों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट करमा थाने में दर्ज कराया था।
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लेकिन बुधवार की सुबह कैलाश मौर्य के खेत से आने के बाद अपने कुएं पर पानी लेने के लिए गए, तो देखा कि कुएं में एक महिला की लाश उतराई हुई है। उन्होंने इसकी सूचना आसपास के लोगों को व परिजनों को दिया। उसके बाद सूचना करमा थाने को दिया गया। सूचना पाते ही मौके पर थाना प्रभारी प्रदीप सिंह मय हमराही व सीओ घोरावल संजीव कटियार मौके पर पहुंच लाश को कुएं से बाहर निकलवाया, साथ ही पंचनामा भर कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल राबर्ट्सगंज भेज दिया।
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परिजनों का कहना है कि हत्या कर शव को कुएं में फेका गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही मामला साफ हो पायेगा की हत्या है या आत्महत्या। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले का कितना जल्द खुलासा करती है।
सोनभद्र। मुख्य विकास अधिकारी डाॅ0 अमित पाल शर्मा विकास खण्ड नगवां कस्तुरबा गाॅधी बालिका विद्यालय नन्दना व ग्राम पंचायत पड़री का औचक निरीक्षण किया। कस्तुरबा गाॅधी विद्यालय के निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालय में तैनात अध्यापिकाओें से छात्राओं के उपस्थित के सम्बन्ध में जानकारी ली, तो उनके द्वारा बताया गया कि विद्यालय में कक्षा-6, 7 एवं 8 के अन्तर्गत 100 छात्राओं हेतु हास्टल सुविधा उपलब्ध है, परन्तु मौके पर 52 छात्राएं ही उपस्थित मिलीं। इसके सम्बन्ध में बताया गया कि इस बार छात्राओं का इनरोलमेन्ट कम हुआ है, जिसके सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि उक्त छात्राओं के संख्या के सम्बन्ध में इनरोलमेन्ट के कमी के कारण की स्थिति को स्पष्ट करने के निर्देश दियें।
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मुख्य विकास अधिकारी ने स्कूल में उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया, जिसमें कुल 11 कार्मिकों के नाम अंकित पाये गयें। वार्डेन विजय लक्ष्मी ने 29 एवं 30 मार्च को रोटेशनल अवकाश का प्रार्थना-पत्र दिया था, जबकि सप्ताह में एक दिन ही यह अवकाश अनुमन्य है। श्रीमती सुधा गुप्ता 29 एवं 30 को आकस्मिक अवकाश पर थी। लेखाकार क्षितीज सिंह लेखाकार के बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि यह मुख्यालय स्थित कार्यालय से सम्बद्ध हैं। विद्यालय में छात्राओं के लिए फर्निचर उपलब्ध नहीं थे, जिससे सभी छात्राएं टाट-पट्टी पर बैठकर पठन-पाठन का कार्य कर रही थी। उक्त के सम्बन्ध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिवंश कुमार ने बताया कि जनपद के पांच विद्यालयों में फर्निचर की व्यवस्था नहीं है,
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जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा को निर्देशित किया कि सी0एस0आर0 फण्ड से फर्नीचर क्रय किये जाने की कार्यवाही तीन दिवस के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाये। छात्रावास में छात्राओं हेतु मच्छरदानी की व्यवस्था नहीं थी, जिसके बी0एस0ए0 को निर्देशित किया गया कि दो दिवस के अन्दर व्यवस्था कर ली जाये। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने शौचालय, बाथरूम, किचन आदि का निरीक्षण किया तथा प्रभारी वार्डेन को साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश दियें। कस्तुरबा गाॅधी विद्यालय पर पहुचने हेतु सड़क के निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा था। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सड़क निर्माण का कार्य में तेजी लाया जाये। इसी प्रकार से मुख्य विकास अधिकारी ने नगवां ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक पाठशाला पड़री का औचक निरीक्षण किया। विद्यालय में कुल 180 छात्र पंजीकृत थे, जिसके सापेक्ष 88 छात्र उपस्थित पाये गये और विद्यालय के सभी अध्यापकगण, रसोईयां उपस्थित थे। कक्षा-1 व 2 के छात्र-छात्राओं के लिए फर्नीचर की व्यवस्था उपलब्ध थी, जिस पर शेष कक्षाओं के लिए व्यवस्था नहीं थी, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को फर्नीचर की व्यवस्था यथाशीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दियें।
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विद्यालय में स्थित शौचालय काफी गंदा पाया गया, उपयोग की स्थिति में नहीं पाया गया, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत अधिकारी को चेतावनी देते हुए कहा कि तीन दिवस के भीतर इसे ठीक कराकर खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से आख्या प्रस्तुत करें। इसी प्रकार से मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खण्ड नगवां के उप स्वास्थ्य केन्द्र पिपरीडीह के सरईगाढ़ गांव का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य केन्द्र पर पिपरीडीह पर बुधवार को बी0एच0एन0डी0 का आयोजन किया गया था, जिसके सम्बन्ध में उपस्थित एएनएम संत कुमारी से पूछताछ की गयी, तो उन्होंने बताया कि तीन बच्चों का नाम अंकित किया गया है, लेकिन कोई भी बच्चा बुधवार को उप स्वास्थ्य पर उपस्थित नहीं पाया गया, स्वास्थ्य केन्द्र पर सभी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बच्चों के वजन एवं लम्बाई नापने हेतु उपकरा उपलब्ध है। केन्द्र में खिड़की के परदा ग्राम प्रधान द्वारा क्रय किया जाना है, परन्तु अभी तक क्रय नहीं किया गया है, जिस कार्य हेतु मुख्य विकास अधिकारी द्वारा डी0पी0आर0ओ0 को निर्देशित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री ललिता देवी से पुष्टाहार वितरण के सम्बन्ध में जानकारी ली, तो उनके द्वारा बताया गया कि माह फरवरी से अब तक यानी सात माह से तीन वर्ष तक के 45 बच्चों को पोषाहार वितरण किया जा चुका है।
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लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा सैम/मैम बच्चों का विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बाबूलाल बाल विकास परियोजना अधिकारी नगवां के मार्च माह का वेतन अग्रिम आदेशों तक अवरूद्ध किये जाने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह को निर्देशित किये और इस शिथिलता पर श्रीमती ललिता देवी की सेवा से पृथक किये जाने पर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने के लिए निर्देशित किये। निरीक्षण के दौरान शेषनाथ चैहान उपायुक्त मनरेगा, विशाल सिंह जिला पंचायत राज अधिकारी, अजीत सिंह जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।