बच्चों से ना कराये बाल श्रम, भेजें उन्हें स्कूल – पुनीत टंडन

HIGHLIGHTS

  • 22 श्रमिकों को बालश्रम से मुक्त कराया गया

सोनभद्र। जिला प्रोवेशन अधिकारी/ जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुनीत टण्डन द्वारा मंगलवार को बताया गया की जनपद सोनभद्र में मिशन शक्ति फेज 4.0 के अंतर्गत मई माह के ऑपरेशन मुक्ति अभियान के अन्तर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई, मानव तस्करी विरोधी इकाई, श्रम विभाग व महिला शक्ति केंद्र, के संयुक्त टीम द्वारा जनपद स्तर पर बालकों द्वारा बाल श्रम कराए जा रहे हैं 22 श्रमिकों को बालश्रम से मुक्त कराया गया।

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प्रोबेशन अधिकारी द्वारा बताया गया कि पिछले कुछ सालों से बाल श्रमिकों की दर में कमी आई है। इसके बावजूद बच्‍चों को कुछ कठिन कार्यों में अभी भी लगाया जा रहा है, जैसे बंधुआ मजदूरी, बाल सैनिक (चाइल्‍ड सोल्जर) और देह व्‍यापार व विभिन्‍न उद्योगों में बाल मजदूरों को काम करते हुए पाया जा रहा है, जैसे ईंट भट्टों पर काम करना, गलीचा बुनना, कपड़े तैयार करना, घरेलू कामकाज, खानपान सेवाएं (जैसे होटल, ढाबा, चाय की दुकान पर) खेतीबाड़ी, मछली पालन और खानों में काम करना आदि। इसके अलावा बच्‍चों का और भी कई तरह के शोषण का शिकार होने का खतरा बना रहता है जिसमें यौन उत्‍पीड़न तथा ऑनलाइन एवं अन्य चाइल्‍ड पोर्नोग्राफी शामिल है।

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उन्होंने आगे बताया कि बाल मजदूरी और शोषण के अनेक कारण हैं जिनमें गरीबी, सामाजिक मापदंड, वयस्‍कों तथा किशोरों के लिए अच्‍छे कार्य करने के अवसरों की कमी, प्रवास और इमरजेंसी शामिल हैं। ये सब वजहें सिर्फ कारण नहीं बल्कि भेदभाव से पैदा होने वाली सामाजिक असमानताओं के परिणाम हैं। बच्‍चों का काम स्‍कूल जाना है न कि मजदूरी करना। बाल  मजदूरी बच्‍चों से स्‍कूल जाने का अधिकार छीन लेती है और वे पीढ़ी दर पीढ़ी गरीबी के चक्रव्यूह से बाहर नहीं निकल पाते हैं ।

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बाल मजदूरी शिक्षा में बहुत बड़ी रुकावट है, जिससे बच्‍चों के स्‍कूल जाने में उनकी उपस्थिति और प्रदर्शन पर खराब प्रभाव पड़ता है।
बाल मजदूरी तथा शोषण की निरंतर मौजूदगी से देश की अर्थव्‍यवस्‍था को खतरा होता है और इसके बच्‍चों पर गंभीर अल्पकालीन और दीर्घकालीन दुष्परिणाम होते हैं जैसे शिक्षा से वंचित हो जाना और उनका शारीरिक व मानसिक विकास ना होने देना।
बाल तस्‍करी भी बाल मजदूरी से ही जुड़ी है जिसमें हमेशा ही बच्‍चों का शोषण होता है। ऐसे बच्‍चों को शारीरिक, मानसिक, यौन तथा भावनात्‍मक सभी प्रकार के उत्‍पीड़न सहने पड़ते हैं जैसे बच्‍चों को वेश्‍यावृति की ओर जबरदस्‍ती धकेला जाता है, शादी के लिए मजबूर किया जाता है या गैर-कानूनी तरीके से गोद लिया जाता है, इनसे कम और बिना पैसे के मजदूरी कराना, घरों में नौकर या भिखारी बनाने पर मजबूर किया जाता है और यहां तक कि इनके हाथों में हथियार भी थमा दिए जाते हैं। बाल तस्‍करी बच्चों के लिए हिंसा, यौन उत्‍पीड़न तथा एच आई वी संक्रमण (इंफेक्‍शन) का खतरा पैदा करती है।

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बाल मजदूरी तथा शोषण एकीकृत दृष्टिकोण के माध्‍यम से रोके जा सकते हैं जो बाल सुरक्षा प्रणाली को मज़बूत बनाने के साथ-साथ गरीबी तथा असमानता जैसे मुद्दों, गुणात्‍मक शिक्षा के बेहतर अवसरों, और बच्‍चों के अधिकारों की रक्षा के लिए जन सहयोग जुटाने में मदद करते हैं। उन्होंने आगे बताया किअध्‍यापक तथा शिक्षा व्‍यवसाय से जुड़े अन्‍य लोग भी बच्‍चों के हितों की रक्षा के लिए आगे आ सकते हैं और सामाजिक कार्यकर्ताओं जैसे समाज के हितधारकों को बच्‍चों की उस दयनीय स्थिति से अवगत करा सकते हैं जहां बच्‍चों में निराशा के साथ-साथ देर तक काम करने के संकेत दिखाई देते हैं। बच्‍चों को काम से बाहर निकाल कर उन्‍हें स्‍कूल भेजने के लिए शोषित परिवारों को जागरूक करने के लिए सरकारी नीतियों में व्‍यापक बदलाव करने की जरूरत है।

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यथार्थ गीता का किया गया वितरण

HIGHLIGHTS

  • यथार्थ गीता पर हुई चर्चा
  • जिले में गीता के प्रचार- प्रसार का चल रहा है अभियान
हर्षवर्धन केसरवानी
(संवाददाता)

सोनभद्र। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के अंतर्गत विश्व को शांति का पाठ पढ़ाने वाली ग्रंथ गीता की टीका यथार्थ गीता के प्रचार- प्रसार का अभियान सोनभद्र में जारी है। इस अभियान के अंतर्गत जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज में संचालित इंडसइंड बैंक में विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी द्वारा परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ चुनार के मठाधीश स्वामी अड़गड़ानंद महाराज द्वारा रचित गीता की टीका यथार्थ गीता का वितरण बैंक के प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद शुक्ला सहित अन्य कर्मचारियों को किया गया।

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और वही बताया गया कि आध्यात्मिक ग्रंथ का प्रतिदिन पाठ कर जीवन में खुशहाली, शांति प्राप्त करें। इस अवसर पर हर्षवर्धन,भैरव पांडे, अंजेश कुमार त्रिपाठी, सुमित गोस्वामी, रजत चौबे,अंकित पांडे, सर्वेश सिंह, जुबैदा खातून सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी तय करें प्रधानमंत्री: राकेश शरण

सोनभद्र। देश काल और समाज हित में एक जागरूक नागरिक के उत्तर दायित्व का निर्वहन करते हुए सोनांचल के वरिष्ठ अधिवक्ता, साहित्यकार और पत्रकार राकेश शरण मिश्र प्रायः शासन प्रशासन को पत्र लिखकर वास्तविकता से अवगत कराने का कार्य लंबे समय से करते चले आ रहे हैं।

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इसी कड़ी में उन्होंने मंगलवार को जनप्रतिनिधियों के बारे में एक पत्र देश के प्रधानमंत्री को लिखा है। श्री मिश्र ने उक्त पत्र में अपनी अभिव्यक्ति प्रकट करते हुए कहा है कि घर घर पैर पकड़ कर हाथ जोड़कर जनता से वोट माँग कर चुनाव जीतने वाले अधिकांश जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन नही किया जा रहा है।

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चुनाव जीतने के बाद अधिकांश जनप्रतिनिधि अगले 5 साल में कभी भी अपने क्षेत्र की जनसमस्याओं को दूर करने के लिए जनता से जनसंवाद नही करते, इतना ही नहीं पद पर आसीन होने के बाद कभी भी जनता के दरवाजे या मोहल्ले में नुक्कड़ सभा करके उनकी जनसमस्याओं को नही सुनते। और तो और जब कोई जागरूक नागरिक जनसमस्याओं से इन्हें अवगत कराता है तो उसका संज्ञान भी नही लेते।

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यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी को लिखे पत्र में संयुक्त अधिवक्ता महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं यूपी बार काउंसिल के अनुशासन समिति के सदस्य राकेश शरण मिश्र ने कहा है कि आप जनता द्वारा जनता के लिए चुने गए जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी तय करे, प्रतिवर्ष उनके कार्यो और संपत्तियों का मूल्यांकन जनता से करवाए और संतोषजनक ना पाए जाने पर उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कदम उठाकर इन्हें पद मुक्त करने की कार्रवाई करें।

श्री मिश्र ने प्रधानमंत्री से यह भी अपेक्षा की है कि जनता के लिए जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि पद ग्रहण करते समय भारत के संविधान की, अपने पद की शपथ तो लेते है पर कुछ दिन बाद ही राजनैतिक ग्लैमर, गाड़ी बंगला पाकर जनता से किए गए वादे भूल जाते और निज स्वार्थ में अधिकाधिक धन कमाने के चक्कर मे जनसमस्याओं से पूरी तरह मुख मोड़ लेते हैं । उन्होंने ऐसे जनप्रतिनिधियों को उनके उत्तरदायित्व का निर्वहन कराने का प्रयास जनहित में कराते हुए देश, काल और समाज का भला करने काम करें।

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मिशन शक्ति फेज 4.0 के तहत कैम्प लगाकर सरकारी योजनाओं का किया गया प्रचार- प्रसार

HIGHLIGHTS

  • आयोजित कैंप में महिलाओं को किया गया जागरूक
  • कन्या सुमंगला योजना के तहत 28 फार्म भरे गए

घोरावल, सोनभद्र। महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के तत्वावधान में सोमवार को घोरावल ब्लॉक में मिशन शक्ति फेज 4.0 के तहत महिला स्वावलम्बन कैम्प का आयोजन कर जागरूक किया गया। त्वरित लाभ पहुंचाने की श्रेणी में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के 28 आवेदन फार्म बी. एल. ई. प्रशांत कुमार पाठक द्वारा मौके पर ही भरा गया।

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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे ए. बी. एस. ए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जन्म से लेकर बारहवीं तक के बच्चियों के पढाई लिखाई के लिए सरकार के द्वारा पन्द्रह हजार रुपये का अनुदान राशि कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत दिया जा रहा है।

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वही घोरावल ब्लाक की नोडल अधिकारी साधना मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री बालसेवा सामान्य व मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोविड 19 के बारे में व वृद्धा विधवा दिव्यांग पेंशन के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान सहायक विकास अधिकारी चंद्रदेव पाण्डेय, वरिष्ठ सहायक विंध्यवासिनी मिश्र (लहरी) महिला शक्ति केंद्र से जिला समन्वयक सीमा द्विवेदी, जिला बाल संरक्षण इकाई से सामाजिक कार्यकर्ता रोमी पाठक व रेखा देवी, सुनीता देवी, संजू मौर्या, सुमन सहित आशा आंगनवाड़ी कार्यकर्ती सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।

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पीएम आवास निर्माण को लेकर लेखपाल व जेई ने किया पात्रता की जांच

अजीत कुमार सिंह

ओबरा, सोनभद्र। ओबरा नगर पंचायत में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत ओबरा बिल्ली मारकुंडी में प्रधानमंत्री शहरी आवास निर्माण को लेकर पात्र व्यक्तियों का जांच लेखपाल गामा लाल, डूडा जेई जोगिंदर व नगर पंचायत कर्मी सन्तलाल यादव के द्वारा क्षेत्र के प्रधानमंत्री शहरी आवास निर्माण हेतु पात्र व्यक्तियों का आवास लाभ दिलाने के लिए पात्रों का निरीक्षण किया गया।

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इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण हेतु लोगों की पात्रता की जांच की जा रही है जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजा जाएगा। ताकि गरीब आदिवासियों व पात्र व्यक्तियों को प्रधानमंत्री के इस प्रमुख योजना का लाभ पात्रों तक पहुँच सके।

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सत्ता पत्रकारों के प्रति निरंकुश रहती है : भोलानाथ

सोनभद्र। जनपद के वरिष्ठ पत्रकार भोलानाथ मिश्र ने सोमवार को पत्रकारों पर हो रहे उत्पीड़न को दुर्भाग्य पूर्ण बताते हुए 2 साल पूर्व की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा देवर्षि नारद जी से शुरू हुई पत्रकारित 2020 के मई माह में किस मुकाम तक सफ़र की थी इसे बताने की ज़रूरत नहीं है । गणेश शंकर विद्यार्थी से लगायत सुधीर चौधरी तक को किन-किन मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है यह सब आप जानते हैं ।

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रिपब्लिक टीवी के प्रस्तोता, प्रबन्ध सम्पादक
अर्णव गोश्वामी के विरुद्ध प्रथमिकी महाराष्ट्र में । जी न्यूज के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी के खिलाफ केरल में प्राथमिकी किस अभिव्यक्ति की आज़ादी
को रेखांकित कर रही थी।
भोलानाथ मिश्र का मानना है कि वे लोग जो इस गम्भीरता पर चुप हैं और इसे अनदेखा कर रहे हैं, उनके लिए राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की ए पंक्तियां उचित जान पड़ती हैं….!
यह मत समझो कालचक्र का , दोषी केवल व्याघ्र ,
जो तटस्थ हैं , समय गिनेगा,
उनका भी अपराध।

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पत्रकार एवं शिक्षाविद भोला नाथ जी कहते हैं सोनभद्र में मेरी जानकारी में तक़रीबन एक दर्ज़न पत्रकारों के ख़िलाफ़ मामला खूब चर्चाओं में रहा है। उन्होंने स्वयं की जिक्र करते हुए कहा जब मैं ‘आज’ में था एक सूचना अधिकारी ने लिखित शिकायत जिलाधिकारी , जिला विद्यालय निरीक्षक ,हमारे प्रिंसिपल आदि से की थी। डीएम जाँच कराए। यह स्वीकार करने में कोई हर्ज़ भी नहीं है कि जिलाधिकारी डाँट डपट कर सूचना अधिकारी से मामला वापस कराए थे।

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उन्होंने आगे कहा अन्य पत्रकारों का नाम जान
बूझकर नहीं ले रहा हूँ ।क्योंकि किस पर क्या प्रभाव पड़ेगा मैं नहीं जानता। यह एक दम जरूरी नहीं है कि हम किसी के विचारों से सहमत हों लेकिन किसी के अलग विचार के कारण प्रताड़ित करना सही नही है ।

पत्रकार एवं कवि कामरेड एमए खां की सन 1970 के दशक में कही गई कुछ पंक्तियों से अपनी बात को विराम देता हूँ ,…सेठ का कुत्ता अगर बीमार है, पत्रकारों की कलम तैयार है।जुल्म की आंधी अगर चल जाएगी , यह ख़बर हर्गिज़ नहीं छप पाएगी ।
आज 2022 में सोनभद्र समेत अन्य जनपदों में
पत्रकारों के खिलाफ उत्पीड़न की कार्रवाई हो रही है। राष्ट्रीय स्तर की पत्रकारों की संस्था मीडिया फोरम ऑफ इंडिया न्यास के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी के मार्गदर्शन एवं प्रदेश अध्यक्ष चंद्रमणि शुक्ल के नेतृत्व में संगठन के जिला अध्यक्ष सर्वेश श्रीवास्तव, पत्रकार राजेंद्र कुमार मानव,राकेश शरण मिश्र, राजेश द्विवेदी, पंकज देव पांडेय,प्रभात सिंह चंदेल, ज्ञानदास कनौजिया, रामजी दुबे आदि ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार से मांग की है कि पत्रकारों के उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं को रोकने
के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून बनाकर प्रभावी उपाय करें ।

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राष्ट्रीय संचेतना समिति द्वारा आयोजित कवि गोष्ठी मे कवियों ने पढी एक से बढ़कर एक रचनाएं

सोनभद्र। नगर पालिका परिषद सभागार में रविवार को देर शाम कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय संचेतना समिति के तत्वावधान में डॉ लखन राम जंगली की अध्यक्षता व अशोक तिवारी के
संचालन में विभिन्न रसों की फुहार से श्रोता सराबोर हो उठे। कवि शिवदास ने सुनाकर तान वीणा की हृदय में अर्चना भर दे,,,, के द्वारा मां का स्तवन किया।

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प्रखर रचनाकार प्रद्युम्न त्रिपाठी ने बेटी के विदाई पर सबकी आंखें नम करते हुए अपनी रचना– बज्जर करेजा केतनो आंख भर आई घरवा दुआर छोड़ बेटी जब जाई सुनाकर वाहवाही लूटी । गीतकार सरोज कुमार सिंह ने मात्रि दिवस पर मां को समर्पित रचना सुनाकर लोगों को झकझोरा और बुजुर्गों के सम्मान के प्रति सचेत रहने का संदेश दिया । वरिष्ठ साहित्यकार रामनाथ शिवेंद्र ने सद्भावना की पंक्तियां– हमें रोटिया ही दीजिए बहुत भूख लगी है, दे रहे हैं गीता कुरान किसलिए,,,, सुना कर खूब तालियां बटोरी।

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गीतकार जगदीश पंथी ने राष्ट्रवाद की परिभाषा देते हुए कहा कि आज सभी के लिए राष्ट्रभक्ति होना जरूरी है ,अगर हम राष्ट्र भक्त नहीं होते तो आज तक गुलाम होते आजादी असंभव थी इसलिए राष्ट्रभक्त रहे अंधभक्त ना रहे, छद्म राष्ट्रवाद घातक है। दिवाकर द्विवेदी मेघ विजयगढी हास्य व्यंग की रचना– बीए पढे लागल बा बेटौवा ,,,,, सुनाकर सबको हंसाते हंसाते लोटपोट कर दिया । राम नरेश पाल ने अपने माटी के छंदों से खेत किसान सैनिक जवान हिंदुस्तान सब को नमन करते हुए लोक भाषा में रचना ,,,,,,राजगुरू सुखदेव भगत अउ सुभाष क माटी,,,माटी के खातिर जान गवायेंन पायेन रे विस्वास के माटी,,,सुना कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिए । युवा कवि दिलीप सिंह दीपक ने,,,,, कश्मीरी पंडित हूं मैं हां हां कश्मीरी पंडित हूं मैं,,,,, के द्वारा त्रासदी का वर्णन कर कश्मीरी पंडितों के दुख दर्द का बयान किया ।

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सोन साहित्य संगम के संयोजक राकेश शरण मिश्र, लोकप्रिय गीतकार ईश्वर विरागी, गीतकार अमरनाथ अजेय, धर्मेश चौहान ,प्रभात सिंह चंदेल, सुनील चौचक, दयानंद दयालु आदि कवियों ने श्रेष्ठ काव्य पाठ कर बोसी में चार चांद लगा दिया। अध्यक्षीय काव्य पाठ करते हुए डॉ लखन राम जंगली ने– मधुर बोली बसिया के भौजी के सुनावा,,,, बसिया बहाने भइया मोर गीत गाबा,,, के द्वारा आदिवासी समाज का चरित्र चित्रण करते हुए खाटी भोजपुरी में वनवासियों के ग्राम में जीवन को समर्पित रचना सुनाकर कार्यक्रम को शिखर तक पहुंचाया जिसका उपस्थित श्रोताओं ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। इस अवसर पर रमेश देव पांडेय वेद मणि त्रिपाठी, राधेश्याम बंका, आशुतोष पांडेय मुन्ना, पत्रकार अरुण चौबे , इमरान बख्शी ,खुर्शीद आलम ,ठाकुर कुशवाहा ,रत्नेश मौर्य फारुख अली, ऋषभ त्रिपाठी आदि कविता प्रेमी गोष्टी समापन तक जमे रहे।

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कोविड के बढ़ते मामले को लेकर 560 बेड आरक्षित

सोनभद्र। कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। चौथी लहर की आशंका के बीच जहां एक तरफ टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई गई है, वहीं स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड वार्ड व 560 बेड आरक्षित कर दिया गया है। इसके साथ ही जिले में स्थापित सभी नौ आक्सीजन प्लांट को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है।

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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार तक जिले में कोविड के तीन संक्रमित मरीज मिले। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा आरएस ठाकुर ने बताया कि संभावित खतरे को देखते हुए सभी तैयारी पूरी कर ली है। अस्पताल में चाक चौबंद प्रबंध किया गया है। कोरोना से बचने के लिए ट्रेसिग, ट्रैकिग व ट्रीटमेंट की रणनीति अपनाई जा रही है।

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 560 बेड की तैयारी की गई है। यह व्यवस्था पांच सरकारी व छह निजी अस्पताल में है। सीएचसी अनपरा में 50, सीएचसी म्योरपुर में 50, सीएचसी शाहगंज में 50, सीएचसी मधुपुर में 50, बेड व निजी अस्पतालों में जीवन ज्योति क्रिश्चियन हास्पिटल में 10, साईं हास्पिटल में 10, हिडालको रेनुसागर में 35, हिडालको रेणुकूट में 35, एनटीपीसी शक्तिनगर में 35, एनटीपीसी रिहंद नगर में 35 बेड की क्षमता है।

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आक्सीजन प्लांट सक्रिय
आक्सीजन प्लांट के नोडल अधिकारी डा. अमृत राय ने बताया कि जनपद में कुल नौ आक्सीजन प्लांट हैं। सभी को पीडियाट्रिक आईसीयू, कोविड वार्ड में जोड़ा गया है। जिला अस्पताल में एक हजार 4,45 एलपीएम क्षमता का प्लांट है। जिले में कुल 3706 एलपीएम क्षमता का प्लांट स्थापित है। इसके अलावा 85 आक्सीजन कंसट्रेटर हैं। 22 से अधिक वेंटिलेटर है।

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शिक्षकों ने समस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन

सोनभद्र। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सोनभद्र का एक प्रतिनिधि मण्डल मण्डल अध्यक्ष अखिलेश वत्स, जनपद संयोजक अशोक कुमार त्रिपाठी व सहसंयोजक इन्दु प्रकाश सिंह के नेतृत्व में विन्ध्याचल मण्डल, मीरजापुर के प्रभारी मंत्री माननीय भूपेंद्र सिंह चौधरी जी ( कैबिनेट मंत्री पंचायती राज), दयाशंकर मिश्र ‘ दयालु’ जी (राज्यमंत्री स्वतंत्रप्रभार आयुष मंत्रालय) व माननीय सुरेश राही जी ( राज्यमंत्री कारागार) से रविवार को सर्किट हाउस लोढ़ी, राबर्ट्सगंज में मुलाकात की।

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प्रतिनिधि मंडल मंत्रीगण से मिलकर मा० मुख्यमंत्री जी को सम्बोधित ज्ञापन देकर सोनभद्र बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत् शिक्षक/शिक्षिकाओं से संबंधित जिले के अंदर स्थानान्तरण, पदोन्नति, जो पद रिक्त होने पर भी विगत पांच वर्षों से नही हुई, आकांक्षी जनपद से अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण अथवा विशेषभत्ता या अवकाश देने 17140/18150 वेतन विसंगति दूर करने, 2014 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों को GIS की सुविधा देने व 68500 शिक्षक भर्ती के आवंटन प्रकिया पर वार्ता कर तकनीकी विन्दुओं पर विधिवत चर्चा की। माननीय मंत्रीगणों ने समस्त बिंदुओं को विधिवत सुना व ठोस आश्वासन दिया कि इन विषयों पर प्रमुखता से माननीय मुख्यमंत्री जी व सम्बन्धित माननीय बेसिकशिक्षामंत्री जी से वार्ता कर शीघ्र ही समस्त निदान कराया जाएगा। 

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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सोनभद्र, विन्ध्याचल मण्डल शिक्षकों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए हर स्तर पर प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधि मंडल में अखिलेश ‘वत्स’, अशोक कुमार त्रिपाठी , इन्दु प्रकाश सिंह, संदीप तिवारी, गणेश पांडेय, हिमांशु मिश्र, मनीष राय  आदि शिक्षकगण उपस्थित रहें।

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साहित्यकारों को गोष्ठियों के लिए एक भवन दूंगा: राम शकल

HIGHLIGHTS

  • ‘मुठ्ठी भर मुस्कान’, ‘गरम पहाड़ पर नंगे पाँव’ एवं ‘थाती’ का हुआ विमोचन
हर्षवर्धन केसरवानी
(संवाददाता)

सोनभद्र। नगर पालिका परिषद का निराला सभागार रविवार को साहित्यकारों , पत्रकारों और कवियों से गुलज़ार था। रविवार को पारसनाथ मिश्र की कृति ‘मुट्ठी भर मुस्कान’ स्वर्गीय सूरज धीरा की किताब ‘गरम पहाड़ पर नंगे पाँव’ और स्वर्गीय दयाराम पाण्डेय रचित काव्य संकलन
‘थाती’ का समारोह पूर्वक विमोचन हुआ। इस दौरान चंदौली के जनकवि शिवदास जी को स्वर्गीय दयाराम पाण्डेय स्मृति सम्मान प्रदान किया गया।

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वही राज्य सभा सदस्य रामशकल ने रामनाथ शिवेंद्र के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए साहित्यकारों की गोष्ठियों के लिए एक भवन बनवाने का वायदा किया। भूमि के लिए नगरपालिका परिषद के
अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार जायसवाल से उपलब्ध कराने के लिए अनुरोध किया गया जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया । अध्यक्षता कर रहे प्रख्यात साहित्यकार अजय शेखर के आग्रह पर सदर विधायक भूपेश चौबे ने भी भवन निर्माण में सहयोग देने की मौन स्वीकृति प्रदान की।

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विमोचन समारोह को हरिराम द्विवेदी , डॉ प्रमोद पाण्डेय , डॉ गोपाल सिंह, पारसनाथ मिश्र , जगदीश पंथी , नरेंद्र नीरव , डॉ लखन राम जंगली ,शिवदास जी , रामनाथ शिवेंद्र, भूपेश चौबे विधायक सदर , राज्य सभा सदस्य रामशकल, अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार अजयशेखर समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया। संचालन पत्रकार व शिक्षक भोलानाथ मिश्र ने किया ।

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प्रथम सत्र में सोन साहित्य संगम के संयोजक एवं कवि साहित्यकार राकेश शरण मिश्र समेत दिलीप सिंह दीपक,सुनील चौचक, दयानंद दयालु, अशोक तिवारी, विकाश वर्मा, अमरनाथ अजेय, ईश्वर विरागी , प्रदुम्मन कुमार त्रिपाठी, कौशल्या देवी,
दिवाकर द्विवेदी मेघ विजयगढ़ी, अब्दुल हई, सरोज कुमार सिंह, प्रभात सिंह चंदेल, रामनरेश पाल आदि साहित्य मनीषी मुख्य रूप से उपस्थित रहें।

वाणी वंदना गीतकार ईश्वर विरागी और स्वागत भाषण राष्ट्रीय संचेतना समिति सोनभद्र के अध्यक्ष रमेशदेव पाण्डेय एडवोट ने दिया । जगदीश पंथी
ने आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माल्यार्पण से हुआ। दूसरे सत्र में कवि गोष्ठी में दर्जनों कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों को अभिभूत कर दिया। सब मिलाकर कार्यक्रम सफल रहा । कवि गोष्ठी का सफल संचालन कवि अशोक तिवारी
ने किया ।

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