सीआईएसएफ ओबरा के आवासीय परिसर में विशाल भंडारा व भजन का आयोजन

अजीत सिंह

ओबरा,सोनभद्र। ओबरा परियोजना से सटे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का आवासीय परिसर स्थित है। जहां स्थित मां दुर्गा के मंदिर में दशकों से सीआईएसएफ बल के जवान एवं उनके परिवार वाले आपसी सहयोग से नवरात्र में पूजा अर्चन करते हैं। और नवमी पर विशाल भंडारे एवं भजन संध्या का आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाता है। इसी क्रम में आज सीआईएसएफ के आवासीय परिसर में आयोजित भंडारे में ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक दीपक कुमार एवं महाप्रबंधक प्रशासन जी के मिश्रा, सीआईएसफ यूनिट ओबरा के कमांडेंट हृदया शंकर शर्मा,असिस्टेंट कमांडेंट आर पी सिंह ,इंस्पेक्टर बी वी गौतम ,आर सी मिश्रा, कुलदीप कुमार ने अपने परिवार के साथ मां दुर्गा का दर्शन पूजन कर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।

उक्त कार्यक्रम में परियोजना के तमाम अधिकारी , कर्मचारी, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रानमती देवी, थाना अध्यक्ष ओबरा अभय सिंह, एवं सीआईएसफ बल के जवान व उनके परिवार के सदस्य एवं तमाम श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।गौरतलब है कि सी आई एस एफ के आवासीय परिसर में आयोजित नवरात्रि कार्यक्रम में बल के जवानो एवं उनके बच्चों द्वारा नौ दिन विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। भाग लेने वाले बच्चों को सी आई एस एफ युनिट ओबरा के कमांडेंट द्वारा पारितोषिक भी प्रदान किया गया जिससे बच्चों और बल के जवानो में काफी उत्साह रहा।

विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान ने अपने नए पदाधिकारी किए घोषित

डॉo शहाबुद्दीन नियाज मोहम्मद शेख अध्यक्ष और डॉ गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी सचिव बनाए गए।

विशेष संवाददाता द्वारा

सोनभद्र। विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान प्रयागराज के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के रिक्त पदों, राष्ट्रीय प्रभारी, प्रदेश प्रभारी, हिन्दी सांसद एवं प्रतिनिधियों का चयन कर लिया गया। संस्थान के सचिव डॉ गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी के अनुसार प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित लखनऊ, बीएस शांताबाई बंगलौर और राजकिशोर भारती प्रयागराज को संरक्षक, डॉ शहाबुद्दीन नियाज़ मुहम्मद शेख पुणे को अध्यक्ष, डॉ ओम प्रकाश त्रिपाठी सोनभद्र, महेन्द्र कुमार अग्रवाल और डॉ सोसन एलिजाबेथ प्रयागराज को उपाध्यक्ष और डॉ गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी प्रयागराज को सचिव निर्वाचित घोषित किया गया है। प्रबंध व वित्त सचिव की जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट जया शुक्ला देवरिया, संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी ईश्वर शरण शुक्ल प्रयागराज और विदेश सचिव की जिम्मेदारी डॉ रेवा नन्दन द्विवेदी प्रयागराज को सौंपी गई है। संस्थान के सचिव डॉ द्विवेदी ने बताया है कि सांस्कृतिक आयोजन प्रभारी -डॉ सुनीता प्रेम यादव औरंगाबाद, (महाराष्ट्र राज्य बाल संसद प्रभारी),

मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी

बाल संसद प्रभारी -डॉ रश्मि चौबे गाजियाबाद, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संसद प्रभारी- पूर्णिमा कौशिक रायपुर,मध्य प्रदेश राज्य बाल संसद प्रभारी – ज्योति तिवारी, इंदौर, बनाई गई हैं ।
इसी तरह सलाहकार परिषद के लिए – डॉ कौशलेन्द्र पाण्डेय लखनऊ, मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी सोनभद्र, डॉ वली उल्ला खां फरोग,सदाशिव विश्वकर्मा को चयनित किया गया है।
इनके अतिरिक्त हिन्दी सांसद व प्रदेश प्रभारी के रूप में महाराष्ट्र से प्रदेश प्रभारी : डॉ भरत त्रयबंक शेणकर अहमदनगर, हिन्दी सांसद : डॉ कामिनी अशोक बल्लाल-औरंगाबाद, डॉ अशोक गायकवाड़
अहमदनगर,
डॉ मेदिनी शशिकांत अंजनीकर मुंबई, डॉ विशाला मनीष शर्माऔरंगाबाद बनाया गया है।
डॉ सरिता सिंधी, डॉ जहरूद्दीन पठान, रोहिणी बालचंद डावरे, डॉ मोहम्मद शाकिर शेख, डॉ सुगंधा घरपनकर प्रतिनिधि के रूप में चयनित की गई है।
मध्य प्रदेश प्रदेश प्रभारी -डॉ वंदना अग्निहोत्री, इंदौर हिन्दी सांसद और ज्योति जैन, डॉ सुमन अग्रवाल प्रतिनिधि चुनी गई हैं।

गोकुलेश्वर कुमार

छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी- डॉ मुक्ता कान्हा कौशिक रायपुर हिन्दी सांसद और डॉ सरस्वती वर्मा-प्रतिनिधि चयनित हुई है।
कर्नाटक हिन्दी सांसद- जी.एस. सरोजा कर्नाटक और डॉ सुमा टी. रोगनवर कर्नाटक प्रतिनिधि चयनित हुए हैं।
राजस्थान : प्रदेश प्रभारी : डॉ जेबा रसीद-जोधपुर, हिन्दी सांसद

ओमप्रकाश त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश : प्रदेश प्रभारी : पुष्पा श्रीवास्तव ‘शैली’, रायबरेली, सहायक प्रभारी : निगम प्रकाश कश्यप, मिर्जापुर, हिन्दी सांसद हिन्दी सांसद : डॉ हितेश कुमार शर्मा, बिजनौर, प्रभाषु कुमार, प्रयागराज हॉट डॉ रश्मि चौबे, कैलाश त्रिपाठी, डॉ पूर्णिमा मालवीय, रश्मि संजय श्रीवास्तव प्रतिनिधि चयनित किए गए हैं।

महेंद्र कुमार अग्रवाल

केरल से हिन्दी सांसद : डॉ प्रिया ए-कोट्टयम और प्रतिनिधि : डॉ0 शबाना हबीब उड़ीसा से हिन्दी सांसद : हरिहर चौधरी गंजाम बिहार से हिन्दी सांसद : डॉ अन्नपूर्णा श्रीवास्तवपटना, प्रतिनिधि : उषा किरण मुजफ्फरपुर
तमिलनाडु से प्रतिनिधि : डॉ जैनब बी चेन्नई का चयन किया गया है। संस्थान के सचिव के अनुसार सभी पदाधिकारियों का कार्यकाल दो वर्ष के लिए अर्थात 15 अक्टूबर 2023 तक मान्य होगा।

शहाबुद्दीन नियाज मोहम्मद शेख

नवरात्रि: महाअष्टमी को हुए विविध आयोजन

महाअष्टमी के शुभ अवसर पर नगर के मां शीतला माता मंदिर में की गई मां शीतला की भव्य आरती की।

नगर के दुर्गा पंडालो में स्थापित मां दुर्गा की विभिन्न स्वरूपों की मूर्तियां आकर्षण का मुख्य केंद्र है।

नगर के स्थानीय रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला में बुधवार को लंका दहन का हुआ प्रसंग।

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। शारदीय नवरात्रि में महाष्टमी को नगर में विविध प्रकार के आयोजन हुए। इसके अंतर्गत नगर के विभिन्न स्थलों पर स्थापित दुर्गा पंडालों में मां दुर्गा विभिन्न रूपों की स्थापित मूर्तियों की भव्य आरती, पूजन, अर्चन किया गया। वहीं दूसरी ओर कुंवारी कन्याओं का पूजन कर भक्तजनों ने पुण्य फल प्राप्त किया।
मंदिरों एवं घरों में दुर्गा अष्टमी के दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरुप की आराधना की गई।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार-” भगवान शिव को पाने के लिए कई वर्षों तक मां पार्वती ने कठोर तप किया था, जिससे उनके शरीर का रंग काला हो गया था। जब भगवान शिव उनकी तपस्या से प्रसन्न हुए तो उन्होंने उनको गौर वर्ण का वरदान भी दिया। इससे मां पार्वती महागौरी भी कहलाईं।”

नगर के स्थानीय रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला का मंचन करते कलाकार।

जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज मे स्थित शीतला माता मंदिर में महा अष्टमी के शुभ अवसर पर मां शीतला की भव्य आरती की गई जिसे देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। वही नगर के स्थानीय रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला में बुधवार को लंका दहन का प्रसंग हुआ। जिसको देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों एवं नगर के लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली।

रामलीला कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्यगण

मिर्जापुर के साहित्यकारों ने हिन्दी को प्रत्येक दृष्टि से समृद्ध किया : उदय प्रताप सिंह

मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी

मिर्जापुर। विन्ध्याचल मण्डलायुक्त के सभागार में हिन्दुस्तानी एकेडेमी प्रयागराज एवं प्रभाश्री ग्रामोदय सेवा आश्रम देवगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘आचार्य रामचन्द्र शुक्ल और मिर्ज़ापुर के साहित्यकार’ विषयक द्विदिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के दूसरे दिन ‘हिन्दी साहित्य में मिर्ज़ापुर के साहित्यकारों का अवदान’ विषय पर तीन सत्रों में विचार-विमर्श हुआ। सर्वप्रथम इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिन्दी प्राध्यापक डॉ. सुजीतकुमार सिंह ने कबीर के भजन से संगोष्ठी शुभारम्भ किया। मण्डलायुक्त योगेश्वरराम मिश्र ने परम विद्वान मुख्य वक्ता डॉ. अनुज प्रताप सिंह एवं डॉ. सभापति मिश्र को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। 
मिर्ज़ापुर के प्रख्यात नवगीतकार गणेश गम्भीर ने सत्रहवीं शताब्दी के बाबा झामदास कृत ‘रामर्णव’, बाबा कृष्णदास कृत ‘मधुर्यलहरी’, पण्डित रामग़ुलाम द्विवेदी  आदि से प्रारम्भ करके चौधरी बदरीनारायण उपाध्याय ‘प्रेमघन’, वामनाचार्य, राजेन्द्रबाला घोष ‘बंगमहिला’, केदारनाथ पाठक, पाण्डेय बेचन शर्मा ‘उग्र’, प्रताप विद्यालंकार, ब्रह्मदेव त्रिपाठी ‘ब्रह्मा’, सत्यदेव मिश्र ‘उपेन्द्र’, डॉ. भवदेव पाण्डेय, डॉ. क्षमाशंकर पाण्डेय, पण्डित उमाशंकर मिश्र ‘रसेन्दु’, गुलाब सिंह आदि तक का विस्तार से उल्लेख किया। 
वाराणसी से पधारे विश्रुत साहित्यकार ओम धीरज ने मिर्ज़ापुर के साहित्यकारों की चर्चा करते हुए चौधरी बदरीनारायण उपाध्याय प्रेमघन के साहित्यावदान पर प्रकाश डाला। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. अमरेन्द्र त्रिपाठी ने हिन्दी की प्रारम्भिक आलोचना के सन्दर्भ में प्रेमघन की आलोचना-दृष्टि पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा कि आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की आलोचना-दृष्टि और उनकी निर्भीकता का बीजांकुरण प्रेमघन की पत्रिका आनन्द कादम्बिनी के द्वारा ही हो गया था।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ. लक्ष्मणप्रसाद गुप्त ने ‘अपनी ख़बर’ के बेबाक लेखक पाण्डेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ के समग्र साहित्य को विवेचित करते हुए कहा कि उग्र जैसा शैलीकार और डॉयनेमिक लेखक पूरे हिन्दी जगत् में कोई दूसरा नहीं हुआ।
परम विद्वान मुख्य वक्ता डॉ. अनुज प्रताप सिंह ने कहा कि मिर्ज़ापुर के साहित्यकारों में प्रेमघन, आचार्य शुक्ल, बंगमहिला और उग्र का साहित्यावदान अविस्मरणीय है। डॉ. सभापति मिश्र ने मिर्ज़ापुर के साहित्यिक सन्दर्भ के साथ साथ यहाँ की पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास का भी उल्लेख किया।
अध्यक्ष मण्डल के वरिष्ठ सदस्य और प्रख्यात विद्वान ब्रजदेव पाण्डेय ने मिर्ज़ापुर के साहित्यकारों के सन्दर्भ में इतिहासकार डॉ. काशीप्रसाद जायसवाल की उन पुस्तकों को विस्तारपूर्वक विश्लेषित किया, जिनसे भारतीय इतिहास-लेखन की दशा और दिशा निर्धारित होती है। 
हिन्दुस्तानी एकेडेमी प्रयागराज के अध्यक्ष प्रो. उदयप्रताप सिंह ने कहा कि जिस तरह गंगा का पानी पहले मिर्ज़ापुर आता है फिर काशी पहुँचता है, उसी तरह हिन्दी साहित्य की नूतन प्रवृत्तियों का उद्भव सर्वप्रथम मिर्ज़ापुर में हुआ फिर काशी और प्रयाग पहुँचा। मिर्ज़ापुर के साहित्यकारों का अद्वितीय योगदान है। जब हिन्दी शैशवावस्था में थी, तब मिर्ज़ापुर के साहित्यकारों ने उसे समृद्ध किया और आज हिन्दी न केवल साहित्य की, अपितु विश्व बाज़ार की बृहत्तर भाषा है। डॉ. उदयप्रताप सिंह ने इस अवसर पर हिन्दुस्तानी एकेडेमी प्रयागराज के द्वारा ‘मिर्ज़ापुर के इतिहास और साहित्य’ को केन्द्र में रखकर एक बृहदाकर सन्दर्भ ग्रन्थ के प्रकाशन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मैं मिर्ज़ापुर के साहित्यकारों से आग्रह करता हूँ कि आप लोग अपना शोधपूर्ण आलेख डॉ. जितेन्द्रकुमार सिंह ‘संजय’ को प्रदान करें, जिससे यथाशीघ्र पुस्तक प्रकाशित हो सके।
कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन प्रभाश्री ग्रामोदय सेवा आश्रम देवगढ़ के सचिव डॉ. जितेन्द्रकुमार सिंह ‘संजय’ ने किया। इस अवसर पर कविराज पण्डित रमाशंकर पाण्डेय ‘विकल’, राष्ट्रकवि डॉ. बृजेश सिंह, डॉ. प्रमोदकुमार मिश्र, पाण्डुलिपि-विशेषज्ञ पण्डित उदयशंकर दुबे, उपायुक्त सुरेशचन्द्र मिश्र, श्रीमती अजिता श्रीवास्तव, राजेशकुमार श्रीवास्तव, अंकेश श्रीवास्तव, रत्नेश पाण्डेय, नाजिर मनोजकुमार शर्मा आदि की गरिमापूर्ण उपस्थित रही। 

गीता मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना प्रारंभ

अनिरुद्ध उपाध्याय / अजीत कुमार सिंह

ओबरा, सोनभद्र। ओबरा नगर पंचायत अंतर्गत सेक्टर 8 गीता मंदिर प्रांगण में गीता मंदिर ट्रस्ट के द्वारा लगभग 35 वर्षों से भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन होता चला आ रहा है जिसमें बाहर से आए कारीगरों व मंदिर समिति के पदाधिकारी व सदस्यों के द्वारा मां दुर्गा की विभिन्न मुद्राओं व झांकियों का चलाई मान प्रदर्शन लोगों के आकर्षण का केंद्र होता है ।इसी क्रम में इस वर्ष भी गीता मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है ,जिसके तहत गीता मंदिर प्रांगण स्थित पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना कर दर्शन पूजन का कार्यक्रम आरंभ हुआ। उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक दीपक कुमार व विशिष्ट अतिथि परियोजना के महाप्रबंधक प्रशासन जी के मिश्रा विशिष्ट अतिथि ओबरा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रानमती देवी, अधीक्षण अभियंता अजय कुमार राय, अधीक्षण अभियंता अदालत वर्मा एवं मंदिर समिति के अध्यक्ष डीडी केसरी व संगठन मंत्री शशि कांत श्रीवास्तव ,नवीन श्रीवास्तव एवं श्री भाई राजीव वैश्य सुनील मिश्रा , जय शंकर भारद्वाज सभी पदाधिकारी तमाम श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मां दुर्गा की प्रतिमा बनकर तैयार, आज पंडालों में विराजेगी मां भवानी

• मां के मूर्ति को अंतिम रूप दे रहे हैं कलाकार।

• कोरोना कि नियमों का भक्तों से पालन कराएंगे पंडाल समिति के सदस्य एवं पदाधिकारी।

• सड़क के किनारे बनाए जा रहे हैं छोटे पंडाल।

• देवी मंदिरों में की जा रही है आकर्षक सजावट।

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। शारदीय नवरात्र में जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के देवी मंदिरों में जहां एक और भारी संख्या में भक्त जनों की भीड़ लग रही है, वहीं दुर्गा पूजा की तैयारी शुरू हो गई है।
नवरात्र की सप्तमी मां कालरात्रि की आराधना के दिन नगर के दुर्गा पंडालों में मां के विभिन्न स्वरूपों की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। मूर्ति स्थापना के लिए आकर्षक पांडाल तैयार कराएं जा रहे हैं, वहीं पर नगर के दीपनगर स्थित कलाकार श्रीराम सोनी, गोलू सोनी द्वारा मां दुर्गा की मूर्ति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

कलाकार गोलू और श्री राम सोनी ने संस्कृति लाइव संवाददाता से बातचीत में बताया कि हम लोगों की मूर्तिकला में रुचि बचपन से ही थी और वर्ष 2012 से हम लोगों ने मां दुर्गा, गणेश लक्ष्मी आदि देवी- देवताओं की मूर्ति का निर्माण शुरू किया, जो आज तक जारी है। कोरोना संक्रमण के कारण गत वर्ष से मूर्ति निर्माण का कार्य ठप बड़ा हुआ था, लेकिन इस वर्ष हमें मूर्ति निर्माण का आर्डर मिला और हम तन्मयता के साथ मूर्ति का निर्माण कर रहे हैं और हमें आशा है कि आगामी दीपावली पर्व पर भी हमें विघ्नहर्ता गणेश, धन की देवी लक्ष्मी की मूर्ति बनाने का काम मिलेगा।

मां दुर्गा की प्रतिमा को अंतिम रूप देते रॉबर्ट्सगंज निवासी कलाकार गोलू सोनी

नगर में दुर्गा पूजा पंडाल की स्थापना और रात्रि में चल रहे रामलीला के आयोजन से नागरिकों में हर्ष व्याप्त है और भक्तजनों द्वारा प्रतिदिन रामलीला मंचन का आध्यात्मिक आनंद, मंदिरों में पूजा, दर्शन, अर्चन एवं पंडाल में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
मां शेरावाली मंडल समिति नई बस्ती रॉबर्ट्सगंज सोनभद्र के संयोजक राजकुमार केसरी के अनुसार- इस वर्ष नई बस्ती में दुर्गा पांडाल की स्थापना की जगह ब्रह्म बाबा मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना होगी और विधि- विधान से मां दुर्गा की पूजा, अर्चना, भंडारा आदि का आयोजन किया जाएगा।”
जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज मे दुर्गा पूजा पंडाल कमेटियों के सदस्यों एवं पदाधिकारियों की विभिन्न राय है । ज्यादातर दुर्गा पंडाल छोटे स्तर पर लगाया जा रहा है और नियमानुसार पंडाल में स्थापित होने वाली मूर्तियों का आकार भी छोटा बनाया जा रहा है और पांडाल सड़कों के मध्य ना लगाकर सड़क की पटरियों के किनारे लगाया जा रहा है साथ ही साथ जहां पर देवी मंदिर अवस्थित है उसे भी भव्य, आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है। ताकि भक्तजन मां का दर्शन कर आध्यात्मिक पुण्य प्राप्त कर सके और कोविड-19 के गाइडलाइन, सोशल डिस्टेंस का पालन भी भक्तों द्वारा किया जा सके।

दूरदर्शन पर कल प्रसारित होगी मां वैष्णो देवी मंदिर डाला पर निर्मित टेलीफिल्म

• डीडी यूपी के चैनल पर 13 अक्टूबर, दिन बुधवार को रात्रि 10:30 बजे से होगा टेली फिल्म का प्रसारण।

• अष्टमी महागौरी के आराधना के दिन होगा टेली फिल्म का प्रसारण।

• पहली बार दर्शक रूबरू हो सकेंगे मां भंडारी देवी एवं मां वैष्णो देवी की महिमा से।

• गत दिनों दूरदर्शन केंद्र वाराणसी द्वारा किया गया था दोनों मंदिरों की शूटिंग।

• मां भंडारी देवी, मां वैष्णो देवी के मंदिरों बढ़ेगी दर्शनार्थियों की संख्या।

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

सोनभद्र। मिर्जापुर मंडल में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य वाराणसी दूरदर्शन केंद्र द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में टेली फिल्म का निर्माण एवं प्रसारण किया जा रहा है जिसके अंतर्गत मंडल के ऐतिहासिक, धार्मिक स्थलों से भरपूर मिर्जापुर मंडल के अंतर्गत अहरौरा नगर के प्राचीन मां भंडारी देवी और सोनभद्र जनपद के डाला स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर का दिव्य दर्शन नवरात्र अष्टमी (मां महागौरी की आराधना के दिन) 13 अक्टूबर, दिन बुधवार को रात्रि 10:30 बजे दूरदर्शन के डीडी यूपी चैनल पर प्रसारित होगा।

संस्कृति, साहित्य, कला के क्षेत्र में अनवरत रूप से कार्यरत विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-गत दिनों अहरौरा नगर के प्राचीन, ऐतिहासिक भंडारी देवी मंदिर एवं सोनभद्र जनपद के डाला स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर की शूटिंग वाराणसी दूरदर्शन केंद्र द्वारा किया गया था और इन दोनों भव्य मंदिर में स्थापित देवियों का प्रथम बार दर्शन भक्तजन अपने टीवी स्क्रीन पर कर सकेंगे।”
वाराणसी दूरदर्शन केंद्र द्वारा गत माह सोनभद्र जनपद स्वाधीनता संग्राम सेनानियों एवं पूर्व में जनपद के पुरातात्विक, ऐतिहासिक स्थलों पर टेलीफिल्म का प्रसारण किया जा चुका है, जिसके कारण स्थानीय दर्शकों सहित देश भर के दर्शकों में जनपद सोनभद्र में अवस्थित पर्यटन केंद्रों पर पर्यटकों की आवाजाही बढी है। मिर्जापुर मंडल के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोग मिर्जापुर मंडल के महत्त्व से परिचित हो सकेंगे।

मलेरिया निरीक्षक पर कार्रवाई हेतु सीएमओ को नितीश कुमार चतुर्वेदी ने सौंपा ज्ञापन

राम अनुज धर द्विवेदी (संवाददाता)

सोनभद्र। पिछले कई वर्षों से तैनात मलेरिया निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोनभद्र को संबोधित ज्ञापन सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा दिया गया। जिसमें कहा गया है कि प्रवीण कुमार सिंह मलेरिया निरीक्षक को किसके वरदहस्त से वार्षिक स्थानांतरण नीति की धज्जियां उड़ाते हुए पिछले 15 साल से ऊपर एक ही जनपद में तैनात है । क्या इनके ऊपर वार्षिक स्थानांतरण नीति लागू नही होती एवं चार चार ब्लाक का चार्ज अपने जेब मे लेकर बैठे है कभी अपने आबंटित क्षेत्र में नही जाते है और न ही कभी मलेरिया विभाग के कार्यों में यह रुचि लेते है।कुछ ही दिन पहले समाचार पत्रों से यह ज्ञात हुआ था कि म्योरपुर गांव के बेलहथी गांव में लोग मलेरिया से मर रहे है जो कि अति पिछड़ा एवम आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है।फिर भी यह सिर्फ बंगले या ट्रेजरी कार्यालय में कार्य करते नजर आते है ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी को आप  जैसे तमाम आये गए मुख्य चिकित्सा धिकारियों द्वारा उक्त कर्मचारी को लगातार क्यो संरक्षण दिया जा रहा है।
जनपद सोनभद्र के सीएमओ कार्यालय में गाड़ियों एवं जनरेटर में तेल के नाम पर हो रहा खेल पिछले 10 वर्षों का रिकार्ड अगर देखा जाय तो प्रतिवर्ष कई लाख का डीजल पेट्रोल का बिल लगाकर भुगतान किया जाता है।तेल का वितरण करने वाले प्रवीण कुमार सिंह कौन होते है या  इन्हें किस आधार पर नियुक्त किया गया है। पिछले कई वर्षों से गैर विभागीय लोगों को तेल बांट कर अपनी चोरी छिपाने के लिए सबको खुश कर रहे है ऐसा क्यों हो रहा है। उपरोक्त बातें सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने ज्ञापन में कहा। साथ ही यह भी कहा कि जनपद सोनभद्र में तैनात चिकित्सक पैरामेडिकल या चतुर्थ श्रेणी को जनपद में ही इस ब्लाक से उस ब्लाक में ट्रांसफर पोस्टिंग की भी जिम्मेदारी इन्ही के कंधो पर आखिर क्यों दिया गया है जिसके नाम पर यह लोगों से धन उगाही करते है। यह अपने  किसी रिश्तेदार के नाम से गाड़ी खरीदकर नगवा सामुदायिक केंद्र पर गाड़ी संम्बद्ध किये हुए है ऐसे भ्रष्टतम कर्मचारी से इतनी हमदर्दी आखिर क्यों दिखाई जा रही है।
उक्त प्रकरण जो कि जनहित में है। इसका तत्काल न्यायोचित कार्यवाही करने की मांग की गई।अन्यथा प्रार्थी गण आंदोलन के लिए बाध्य होंगें। इस अवसर पर विजय विनीत नीतीश कुमार चतुर्वेदी,अनुराग पांडेय,सत्यम पांडेय,आनंद शुक्ला, प्रेम प्रकाश राय, दीपक पंडित, मयंक देव पांडेय, प्रशांत पांडेय, अखिलेश्वर देव, अनुराग पांडेय(विक्की),विपिन पांडेय,संतोष जायसवाल, संतोष पांडेय, अतुल तिवारी, मिथिलेश सिंह, कपिल जायसवाल समेत अन्य जनपदवाशी उपस्थित रहे।

गौतम विश्वकर्मा द्वारा शिक्षा, पत्रकारिता एवं समाज सेवा के क्षेत्र में किया जा रहा अभूतपूर्व कार्य

सुकृत, सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के कर्मा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा सुकृत में एक साधारण किसान परिवार में जन्में श्री गौतम विश्वकर्मा द्वारा शिक्षण कार्य के साथ-साथ, गरीब शिक्षार्थियों को सुबह- शाम नि:शुल्क कोचिंग पढ़ा कर छात्रों के शैक्षिक विकास के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व कार्य किया जा रहा है। इनके द्वारा 29 अगस्त 2018 को समाज की सेवा हेतु अपने निवास स्थान ग्राम सभा सुकृत में “सोनभद्र मानव सेवा आश्रम (ट्रस्ट)” की स्थापना की गई तथा ट्रस्ट के माध्यम से समाज सेवा का कार्य भी किया जाता रहा है, जैसे- गरीबों में ठंड के मौसम में नि:शुल्क कंबल का वितरण, कोविड-19 महामारी के समय नि:शुल्क दवाओं का वितरण, नि:शुल्क मच्छरदानी का वितरण, नि:शुल्क सैनिटाइजर एवं साबुन का वितरण, नि:शुल्क मास्क का वितरण, नि:शुल्क खाद्य सामग्री वितरण, गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षण सामग्री का वितरण, बुजुर्गों में नि:शुल्क दवा का वितरण, नि:शुल्क पीने का पानी का वितरण, शारीरिक विकास के लिए बालीबाल प्रतियोगिता, स्कूलों में संसार ज्ञान परीक्षा, पेटिंग प्रतियोगिता, प्राथमिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, गरीब बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग तथा महिलाओं के विकास हेतु आत्मनिर्भर बनाने के दृष्टिकोण से सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र खुलवाना, वृक्षारोपण कार्यक्रम इत्यादि कार्य करते हुए एक मिसाल पेश किया जा रहा है।

इनका जन्म 8 फरवरी, 1985 को उत्तर प्रदेश राज्य के सोनभद्र जनपद के रावर्टसगंज तहसील अंतर्गत ग्राम सभा सुकृत के विश्वकर्मा परिवार में हुआ था इनके पिता का नाम श्री बलिराम विश्वकर्मा व माता का नाम श्रीमती सुशीला देवी था। इन्होंने बताया कि हमारे दो बड़े भाई दयाराम विश्वकर्मा व शिवमुनि विश्वकर्मा हैं तथा एक सबसे बड़ी बहन कलावती देवी हैं। इनके पत्नी का नाम श्रीमती शांति देवी तथा दोनों पुत्रों के नाम गोरख नाथ व रविशंकर है।

इन्होने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के उपरांत 16 सितंबर सन् 2002 से ही शिक्षण का कार्य प्रारंभ किया गया। शिक्षण कार्य के साथ-साथ एम०ए० (आचार्य) की उपाधि, डीएलएड व कम्प्यूटर विषय में D.C.A.तथा C.C.C. डिप्लोमा कोर्स उत्तीर्ण किया। वर्तमान में सुकृत में स्थित विद्यालय “शिवा एकेडमी, सुकृत- सोनभद्र में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं और यह एक पत्रिका के प्रधान संपादक भी हैं।
उपरोक्त जानकारी गौतम विश्वकर्मा ने भेंटवार्ता के दौरान कही।

आदिवासियों को सिर्फ पर्यटन का केंद्र न बनाया जाय : अर्चना सिंह

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र): आदिवासी बाहुल्य जनपद सोनभद्र मे निवास करने वाली अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जातियो के शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, एवं इनके चतुर्मुखी विकास हेतु इस क्षेत्र में कार्य करने वाले समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों को आगे आना चाहिए।
उपरोक्त विचार शमशेर बहादुर सिंह मेमोरियल ट्रस्ट की सदस्य एवं हाईकोर्ट इलाहाबाद की वरिष्ठ अधिवक्ता अर्चना सिंह ने जनपद मुख्यालय स्थित अपने आवास पर आयोजित बैठक में व्यक्त किया।

उन्होंने निकट भविष्य में ट्रस्ट की आगामी योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि-“उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में निवास करने वाली आदिवासी जातियों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में रखा गया है, सरकार द्वारा
इनके सामाजिक आर्थिक उत्थान हेतु आरक्षण भी प्रदान किया गया है, लेकिन शिक्षा, जागृति, जानकारी के अभाव में ये लोग सरकार द्वारा दिए जा रहे आरक्षण का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं जिसके कारण यह आज भी पिछड़े हुए हैं और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए पर्यटन का केंद्र बने बने हुए हैं। इन्हें शिक्षा प्रदान कर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य किया जाना चाहिए।
जब अनुसूचित जनजाति कोटे में में शिक्षित अभ्यर्थी नौकरी के लिए नहीं मिलते हैं तो उसका आरक्षण अनुसूचित जाति के कोटे में स्थानांतरित कर दिया जाता है, इस प्रकार शिक्षा के अभाव में आदिवासी जाति के लोग सरकारी आरक्षण का लाभ नहीं उठा पाते हैं।
हमारे सोनभद्र जनपद के आदिवासी युवक और युवतियां कद- काठी से मजबूत, निर्भीक, बहादुर होने के बावजूद भी शिक्षा के अभाव में फौज और पुलिस की नौकरी में नहीं जा पाते है और अभाव का जीवन जी रहे हैं।
आदिवासी जातियों में जन जागृति के लिए ट्रस्ट द्वारा सुदूर जंगली इलाकों में शिविर का आयोजन कर इनको शिक्षा, स्वास्थ्य के प्रति जागृत किया जाएगा एवं इनके शिक्षा के लिए कोटेश्वर धाम बहुआर के निकट एक आदिवासी इंटर कॉलेज, छात्रावास एवं इनको रोजगार परक बनाने के लिए प्रशिक्षण इत्यादि की व्यवस्था किया जाएगा।
संस्कृति, साहित्य, कला, पर्यटन के क्षेत्र में अनवरत दो दशकों से कार्यरत विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि-“सोनभद्र में निवास करने वाली आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार- प्रसार समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आदि सरकारी विभागों के माध्यम से होना चाहिए, ताकि इस क्षेत्र में निवास करने वाले आदिवासी एवं अन्य जातियों के लोगों को जानकारी प्राप्त हो सके और इसका इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।

सोनभद्र कानूनी परामर्श केंद्र के सचिव जितेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि-“केंद्र सरकार की सूची में हमारा सोनभद्र जनपद पिछड़े जनपद के रूप में सूचीबद्ध है और इस जनपद निवास करने वाले लोगों को कानून से संबंधित जानकारी प्रदान करने की आवश्यकता है। सामाजिक संगठनों द्वारा विधि विशेषज्ञों के माध्यम से शिविर, सेमिनार आदि के माध्यम से इनको विधिक जानकारी प्रदान किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता अर्चना सिंह को विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी द्वारा आदिवासी जीवन पुस्तक, सोन घाटी पत्रिका के यादगार अंक एवं ऑक्सीजन प्लांट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी हर्षवर्धन केसरवानी ने किया।
इस अवसर पर अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शरण राय, रविकांत सिंह, प्रेम प्रकाश राय, सहिय अन्य विशिष्ट जन उपस्थित रहे।

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