अमर्यादित टिप्पणी पर वकीलों में आक्रोश, न्यायिक कार्य का किया बहिष्कार

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल द्वारा अधिवक्ताओं के विरुद्ध की गई अमर्यादित टिप्पणी पर बुधवार को वकीलों में खासा आक्रोश रहा और न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। जिसकी वजह से कोर्ट का कामकाज प्रभावित रहा और वादकारियों को घोर परेशानी सामना करना पड़ा।

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बता दें कि 14 मई को विशेष सचिव उत्तर प्रदेश सरकार प्रफुल्ल कमल ने प्रदेश भर के जिलाधिकारियों को भेजे पत्रक में अधिवक्ताओं के विरुद्ध अमर्यादित टिप्पणी किया है। जिसकी जानकारी मिलते ही सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद शुक्ला एडवोकेट ने वकीलों की एक आपात बैठक बुलाई और यह निर्णय लिया गया कि विरोध स्वरूप न्यायिक कार्य से अधिवक्ता बुधवार को विरत रहेंगे। वकीलों के कार्य बहिष्कार की वजह से कोर्ट के कामकाज प्रभावित रहा और वादकारी परेशान रहे। यह भी निर्णय लिया गया कि उत्तर प्रदेश बार काउंसिल जैसा भी निर्णय करेगा उसका अक्षरशः पालन किया जाएगा।

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बैठक मिल्डर कमेटी के अध्यक्ष केएन मिश्र, गोविंद प्रसाद मिश्र, रमेश राम पाठक, अखिलेश कुमार मिश्र, रमेश प्रसाद चौबे,चंद्रपाल शुक्ल आदि मौजूद रहे। उधर उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के मनोनीत सदस्य राकेश शरण मिश्र ने कहा कि यूपी बार काउंसिल के आदेश पर 20 मई को प्रदेश भर के अधिवक्ता विरोध स्वरूप न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।

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संग्रहालय, सांस्कृतिक शिक्षा के केंद्र” विषयक पर व्याख्यान का हुआ आयोजन

वाराणसी। आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष एवं चोरा चोरी शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य में लाल बहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय रामनगर में “संग्रहालय, सांस्कृतिक शिक्षा के केंद्र” विषयक पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का प्रारंभ अजय श्रीवास्तव, पूर्व अधीक्षण पुरातत्वविद, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, भारत सरकार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप बोलते हुए अजय श्रीवास्तव ने कहा संग्रहालय हमारे समाज की धरोहर होते हैं, समाज को न शिक्षित करते हैं बल्कि भविष्य के शोध के लिए आधार भूमि का कार्य करते हैं। वही व्याख्यान का संचालन डॉ सुजीत कुमार चौबे द्वारा किया गया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ हरेन्द्र नारायण सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ स्वतंत्र सिंह, शैज़, पंच बहादुर, मनोज कुमार, महेंद्र लाल, विनय, वीरेंद्र, गणेश प्रसाद, प्रदीप कुमार सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

आदि पत्रकार महर्षि नारद की मनाई गई जयंती

HIGHLIGHTS

  • संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का हुआ आयोजन
हर्षवर्धन केसरवानी
(संवाददाता)

सोनभद्र। आदि पत्रकार देवर्षि नारद की जयंती के अवसर पर मंगलवार को जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित सन्त कीनाराम महिला महाविद्यालय में विश्व संवाद केंद्र काशी के आह्वान पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सोनभद्र के प्रचार विभाग के तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें आत्मनिर्भर भारत मे पत्रकारों की भूमिका विषयक विशद संगोष्ठी व पत्रकारों के सम्मान समारोह सँग आयोजित हुई।

वही मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता प्रज्ञा प्रवाह क्षेत्रीय मंत्री उत्तरप्रदेश, बिहार ,झारखण्ड का दायित्व निर्वहन कर रहे रामाशीष जी रहे। सोनभद्र से पाँच पत्रकारों मिथिलेश द्विवेदी, डॉ.परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव “पुष्कर”, विजय शंकर चौबे, भोलानाथ मिश्र व रामनारायण सर्राफ के माल्यार्पण करने के साथ ही स्मृति चिह्न, प्रमाण पत्र व अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।

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मंचस्थ अतिथि उत्तर प्रदेश,बिहार, झारखंड के दायित्व संभाले रामाशीष जी, सन्त कीनाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ.गोपाल सिंह व राजा शारदा महेश इण्टरकालेज प्राचार्य डॉ.ब्रजेश सिंह ने। अतीत से वर्तमान की पत्रकारिता व इनमें आये परिवर्तन परिवर्धन का बारीकी से विश्लेषण करते हुए ब्रह्मा के मानस पुत्र देवर्षि नारद के देव दानव दैत्य सबसे समान अधिकार की बात को गहराई से उकेरा तो सुर असुर श्रृंखला में अधिकार रखते हुए लोक कल्याण की भावना से विशेष कदम उठाते लोककल्याण कामना के साथ सुझाव परामर्श देते जनहित के दृष्टान्तों को प्रस्तुत करते रहे।

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क्षेत्रीय मंत्री रामाशीष ने जनसमान्य में पत्रकार को चौथा सतम्भ की बात तो कही लेकिन सरकार के दायरे में केवल तीन सतम्भ कार्यपालिका, न्याय पालिका, विधायिका के ही दर्ज होने की यथार्थ बात रेखांकित की। पत्रकार आज भी चौथे स्तम्भ में संवैधानिक मानदण्ड से बाहर हैं। सन्त कीनाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ.गोपाल सिंह ने पत्रकारिता के पुरातन से नवीन आयामों को बखूबी व्याख्यायित किया और विभिन्न मानदंडो की परिभाषा को अन्तस्तल से उकेरते हुए राष्ट्रहित मे जनजीवन के अन्यान्य आवश्यक पहलुओं को उजागर करने की बात कही।

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संयोजक डॉ.ब्रिजेश सिंह ने केवल पूंजीवाद की व्यवस्था में सिमट रही वर्तमान पत्रकारिता से विरत रहते हुए पत्रकारिता की आदर्श आचारसंहिता के धरातल पर टिके मूल सिद्धांतों का यथार्थ लेखनीबद्ध करने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार भोलानाथ मिश्रा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सह संयोजक राकेश शुक्ला व अतिथि परिचय कार्यक्रम के आयोजक जिला प्रचार प्रमुख नीरज कुमार सिंह एड0 ने कराया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से विभाग प्रचारक प्रवेश, नन्दलाल, आलोक सिंह, बृजेश सिंह, पंकज पांडेय, महेश शुक्ला, योगेश, नीरज,बृजेश चौबे, गौतम बरनवाल, दीपेश, ललित,शशांक, कृष्णप्रताप व मातृ शक्ति के रूप में असिस्टेंट प्रोफेसर दीपाली, तृप्ति केसरवानी, राधिका सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने राज्यपाल के आगमन के दृष्टिगत सेवा कुंज आश्रम का किया औचक निरीक्षण

HIGHLIGHTS

  • सेवा समर्पण संस्थान सेवा कुंज आश्रम में आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समयान्तर्गत की जाये पूर्ण – जिलाधिकारी

सोनभद्र। जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह व पुलिस अधीक्षक अमरेन्द्र प्रसाद सिंह बीते मंगलवार को सेवा समर्पण संस्थान सेवा कुंज आश्रम कारीडाड़ चपकी में महामहिम राज्यपाल के आगमन के दृष्टिगत की जा रही तैयारियों का जायजा लिया।

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जिलाधिकारी ने इस दौरान आने-जाने के मुख्य द्वार का जायजा लिया व वनाधिकार समितियों के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग हाल सेफ हाउस आदि की बारीकियों का जायजा भी लिया। इसके साथ ही सेवा समर्पण संस्थान सेवा कुंज आश्रम कारीडाड़ चपकी के प्रांत सह सगंठन मंत्री आनन्द जी से कार्यक्रम के सम्बन्ध में विस्तार से विचार-विमर्श भी किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अवर अभियन्ता व सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जो भी कार्य अधूरे पड़े हैं, उसको तत्काल पूर्ण किये जाये। इसके पश्चात जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने प्राथमिक विद्यालय असनहर, आंगनबाड़ी केन्द्र असनहर पहुंचकर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया।

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इस दौरान जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केन्द्र, रसोई घर तथा विद्यालय के कक्षों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को साफ-सफाई व्यवस्था करने के निर्देश दिये। इस दौरान जिलाधिकारी ने आवासीय बालिका विद्यालय बभनी दरनखांड़ में पहुचकर बालिकाओं के आवासीय व्यवस्था का भी जायजा लिया।

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इस दौरान उन्होंने बालिका विद्यालय के मैदान में लगाये गये ट्रांसफार्मर व 11 वोल्टेज के तार को हटवाने का निर्देश भी दिया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी सहदेव मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी विशाल सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिवंश कुमार, उप जिलाधिकारी दुद्धी शैलेन्द्र मिश्रा, तहसीलदार दुद्धी ज्ञानेन्द्र यादव व सेवा समर्पण संस्थान के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहें।

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कल सोनभद्र दौरे पर आएंगी राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह

सोनभद्र। मिशन शक्ति 4.0 के अंतर्गत 18 मई 2022 दिन बुधवार को सरकार द्वारा चलाई जा रही महिलाओं से संबंधित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित कैंप / चौपाल का आयोजन किया जाना है जिसमें बतौर मुख्य अतिथि के रूप में राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह का आगमन होगा सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं का लगाया जाएगा कैंप जिला महिला चिकित्सालय तथा प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित जनपद में संचालित संस्थाओं का करेंगी।

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निरीक्षण इस दौरान राज्य महिला आयोग की सदस्य जनसुनवाई के साथ साथ महिलाओं की चिकित्सकीय स्थिति को भी जमीनी हकीकत से परखेगी व जिला महिला चिकित्सालय तथा प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जनपद में संचालित संस्थाओं का निरीक्षण करेंगी। आयोजित कैंप में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोविड-19, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, के पात्र लाभार्थियों का पंजीयन भी तत्काल कराया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी जिला प्रोवेशन अधिकारी पुनीत टण्डन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।

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22 मई को नि:शुल्क मुख एवं दंत चिकित्सा जांच शिविर का होगा आयोजन

सोनभद्र। मारवाड़ी युवा मंच सोनभद्र द्वारा 22 मई दिन रविवार को जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित आरटीएस क्लब के सामने पशु अस्पताल के बगल में नि:शुल्क मुख एवं दंत चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन प्रातः 10:00 से दोपहर 2:00 बजे तक किया जाएगा। वही शिविर में जांच मुख एवं दांत रोग विशेषज्ञ डॉ रोहित केडिया द्वारा किया जाएगा।

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मारवाड़ी युवा मंच सोनभद्र शाखा के महामंत्री शेखर केडिया ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया है कि मंच द्वारा हर महीने एक नि:शुल्क मुख एवं दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा जिसमें लोगों की मुख एवं दांत की निशुल्क जांच की जाएगी। उन्होंने सभी नगर वासियों से अपील है की शिविर में अपनी उपस्थिति जरूर दर्ज कराएं।

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ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का हुआ शुभारंभ

सोनभद्र। जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित प्रकाश जीनियस पब्लिक इंग्लिश स्कूल परिसर में मंगलवार को ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन प्रबंध निर्देशक राजेंद्र प्रसाद जैन ने दीप प्रज्वलित कर किया। वही क्राफ्ट एंड आर्ट व प्रशिक्षण शिविर मे योग के प्रशिक्षण आचार्य योगी संकटमोचन तथा नृत्य प्रशिक्षक चार्ली ने कार्यक्रम को गति प्रदान की।

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कार्यक्रम का संचालन दीपक कुमार श्रीवास्तव शिविर ने किया। इस कार्यक्रम में लगभग 180 बच्चों ने भाग लिया जिसमें योगा आर्ट एंड क्राफ्ट नृत्य संगीत का भव्य आरंभ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के मुख्य सलाहकार संतोष कुमार पांडे, प्रधानाचार्य अम्बर उपाध्याय, सुरेंद्र यादव, के.डी. पांडे, निर्मला यादव, साधना पांडे, आंचल, आकृति सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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आदि संवाददाता है महर्षि नारद – दीपक कुमार केसरवानी

HIGHLIGHTS

  • कृष्ण पक्ष की द्वितीय तिथि को मनाई जाती है नारद जयंती
  • आदि संपादक हैं महर्षि व्यास
  • लोक कल्याण के लिए समाचार, संदेश, सूचनाओं का होता रहा है प्रसारण
हर्षवर्धन केसरवानी
(संवाददाता)

सोनभद्र। आदिकाल से ही मानव एक दूसरे को संदेश भेजने के नए-नए तरीकों की खोज करता रहा है। संदेश भेजने के पुराने तरीके प्रारंभ में मनुष्य एक दूसरे को संदेश भेजने के लिए चित्रों, ढोल नगाड़ों, धुंआ आदि संकेतों का सहारा लेता था। उसके बाद कबूतर और घुड़सवारों की मदद ली जाती थी।
नारद जयंती के अवसर पर सोनघाटी पत्रिका के प्रधान संपादक/ वरिष्ठ पत्रकार दीपक कुमार केसरवानी अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि-“समाचार, संदेश करता और कारक के रूप में प्राचीन कालीन भारतीय समाज में महर्षि नारद उपस्थित रहे हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, नारद जयंती हर साल कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है।

दीपक कुमार केसरवानी
(वरिष्ठ पत्रकार)

महर्षि नारद आदिकालीन संवाददाता है जो तीनों लोकों में भ्रमण कर पृथ्वी,आकाश, पाताल तीनों लोकों में निवास करने वाले देवी-देवताओं, दानव, मानव तक संकलित समाचार वीणा की धुन पर गायन के माध्यम से सच्चे, निर्भीक, जनकल्याणकारी संवाददाता के रूप में समाचार एक दूसरे तक पहुंचाते थे। इन्होंने देवताओं के साथ-साथ असुरों का भी सही मार्गदर्शन किया।
नारद मुनि. जो कभी भी, कहीं भी पहुंच जाते थे और हर समस्या का निदान सुझा देते थे. वह भी केवल तीन बार नारायण-नारायण-नारायण बोलकर पल भर में कोई भी संदेश कहीं भी पहुंचा देते थे।

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समाचार, सूचनाओं, संवाद, संकलन, संप्रेषण का कार्य रामायण काल मै मै भी किया जाता था।
गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस में राम रावण युद्ध के आरंभ से लेकर अंत तक खबरों के आदान-प्रदान का सिलसिला समाचार, खबर, सुधि (सूचना) के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है।
इस काल में सूचना, समाचार, संदेश, सुधि के करता और कारक (संवाददाता) के रूप में अंगद, हनुमान, जटायु एवं स्त्री संवाददाता के रूप में सरस्वती, सुपनखा, मंथरा सुरसा, लंकिनी आदि थी जिनकी सूचनाओं, खबरों, सुधी के आधार पर रामकथा का घटनाचक्र घूमता रहा है। सरस्वती मां उस काल का मीडिया प्रभारी माना जा सकता है।
महाभारत युद्ध के दौरान संजय द्वारा धृतराष्ट्र को महल में बैठे-बैठे युद्ध के मैदान का आंखों देखा हाल सुनाया गया था। महर्षि वेदव्यास विश्व के पहले संपादक हैं महाभारत की रचना के साथ- साथ वेदों का संपादन किया था।

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मानव एक दूसरे को संदेश भेजने के नए-नए तरीकों की खोज करता रहा है। समाचार संकलन एवं प्रसारण देवी देवता भी की मुख्य भूमिका होती थी वह समय-समय पर जन कल्याण के लिए आकाशवाणी के माध्यम से तीनों लोकों के निवासियों को संदेश देते थे रामायण काल में सीता स्वयंवर के समय आकाशवाणी के माध्यम से यह सूचना प्रसारित हुई थी कि-” हे रावण तुम्हारे लंका में आग लग गई है रावण धनुष यज्ञ छोड़कर लंका की ओर चला गया और भगवान श्री राम ने धनुष को तोड़ा माता सीता के साथ विवाह संपन्न हुआ।
इसी प्रकार महाभारत काल मैं जब कंस अपनी बहन देवकी का विवाह वसुदेव के साथ करके उसे ससुराल पहुँचाने जा रहा था तभी आकाशवाणी हुई थी कि ‘हे कंस! जिस बहन को इतने प्यार से ससुराल पहुँचाने जा रहा है, उसी की आठवीं सन्तान से तुम मारा जाएगा’। अनेकों आकाशवाणी से त्रेता, द्वापर,सतयुग के लोगों का जनकल्याण हुआ।

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समाचार, सूचनाओं के प्रसारण का माध्यम रेडियो, टेलीविजन, समाचार पत्र, आधुनिक माध्यम गूगल, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, ट्विटर, इंटरनेट, लाइव टेलीकास्ट माध्यम है। इस माध्यम का प्राचीन स्वरूप हमारी देश में कायम रहा है।
लोक जन कल्याण का एक सशक्त माध्यम है समाचार का प्रसारण संवाददाता के माध्यम से करने की परंपरा महर्षि नारद से शुरू होकर समाज में आज भी जारी है।

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6 बाल श्रमिकों को बाल श्रम से कराया गया मुक्त

सोनभद्र। मिशन शक्ति फेज 4.0 के अंतर्गत मई माह के ऑपरेशन मुक्ति अभियान के तहत जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के निर्देश के क्रम में निर्धारित अभियान के तहत रेणुकूट व पिपरी मार्केट से 06 नाबालिग बाल श्रमिकों को बालश्रम से मुक्त कराया गया जिसमें 02 बालिका व 04 बालक थे।

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महिला शक्ति केन्द्र से जिला समन्वयक साधना मिश्रा, जिला बाल संरक्षण इकाई शेषमणि दुबे ओआरडब्ल्यू व मानव तस्करी रोधी इकाई से निरीक्षक रामजी यादव, कांस्टेबल धनंजय ,अमन द्विवेदी द्वारा रेणुकूट व पिपरी मार्केट में क्वालिटी स्वीट्स रेस्टुरेंट, गर्ग हार्डवेयर ,बिहारी ब्रदर्स मिस्ठान भंडार आदि दुकानों ,बस स्टैंड का चेकिंग किया गया चेकिंग के दौरान रेणुकूट एवम पिंपरी मार्केट मे नाबालिग बालकों द्वारा दुकानो पर बाल श्रम कराते हुए पाए गए।

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बाल श्रमिकों के संबंध में मौके पर उपस्थित मालिकों व कार्मिकों से बालकों एवम बालिकाओं के उम्र के संबंध में साक्ष्य चाहा गया परंतु उनके द्वारा कोई भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया जिसमें प्रथम दृष्टया देखने पर उक्त सभी बालक व बालिका नाबालिक प्रतीत हो रहे थे। जिसके कारण टीम द्वारा थाना पिंपरी पर सम्बंधित चार नियोक्ताओं के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया गया साथ ही सभी बाल श्रमिकों को मुक्त कराते हुए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु ले जाया गया ।

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ज्ञानवापी मस्जिद केस : जहां पर शिवलिंग मिला, उस क्षेत्र को सील किया जाए, वाराणसी कोर्ट का आदेश

शिवलिंग मिलने के बाद हिंदू पक्ष जिला अदालत पहुंचा था, जहां इसको संरक्षित करने की बात कही गई. बनारस कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा है कि जिस जगह शिवलिंग मिला है, उस स्थान को सील किया जाए.

वाराणसी: ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे मामले में उत्तर प्रदेश की एक अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के उस तालाब को सील करने का आदेश दिया है, जहां “शिवलिंग” पाया गया है. जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे के दौरान मस्जिद के ऊपरी हिस्से में जहां नमाज पढ़ी जाती है, उसके पास वजू करने की एक जगह है. जिसके लिए एक छोटा तालाब बनाया गया है. इस तालाब में एक शिवलिंग मिलने की बात कही जा रही है. शिवलिंग मिलने के बाद हिंदू पक्ष जिला अदालत पहुंचा था, जहां इसको संरक्षित करने की बात कही गई. बनारस कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा है कि जिस जगह शिवलिंग मिला है, उस स्थान को सील किया जाए. कोर्ट ने वाराणसी जिला प्रशासन को ये आदेश दिया हैं. कोर्ट ने शिवलिंग मिलने वाली जगह पर किसी के भी आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

हिंदू याचिकाकर्ता के वकील सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि हम लोगों ने कल ही आपत्ति दर्ज़ कराई थी. हम लोग वजू खाने का पानी सुखा कर देखना चाहते थे.आज हमने अपनी आंखों से देखा कि वहां शिवलिंग है. हमने ये बात बाहर बोलकर या कोर्ट में जाकर कोई contempt नहीं किया है. हमने तो कोर्ट में मांग की कि उस तालाब को सील किया जाए. हमें लग रहा था कोई छेड़छाड़ कर सकता है. हमने जो किया वो कोर्ट के माध्यम से किया. मुस्लिम पक्ष स्वतंत्र है कोर्ट जाने के लिए

ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई

वहीं मुस्लिम पक्ष के वकील आलोक नाथ यादव ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि “मुझे अभी ऑर्डर की कॉपी पढ़नी है. हम तालाब को सील करने के आदेश को रद्द करने के लिए अदालत का रुख करेंगे. हम सभी कानूनी उपाय करेंगे.”
दरअसल आज ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मस्जिद का तीसरे दिन का सर्वे पूरा किया गया है और कल कोर्ट में सर्वे की रिपोर्ट सौंपी जाएगी. वहीं बनारस कोर्ट में हिंदू महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने दावा किया है कि मस्जिद परिसर के अंदर तालाब में एक शिवलिंग मिला है. वकील सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा, “तालाब का इस्तेमाल शुद्धिकरण के लिए किया जाता था.” वहीं इसी जगह को अब सील करने का आदेश दिया गया है.

कल सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे के खिलाफ मस्जिद कमेटी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई भी होनी है. जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पी एस नरसिम्हा की बेंच इस याचिका पर सुनवाई करेगी. ज्ञानवापी विवाद मामले में याचिकाकर्ता अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने ज्ञानवापी में सर्वे पर रोक लगाने की मांग की है

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