कक्षा 10 वीं की छात्रा नन्दिनी का हुआ राष्ट्रीय विद्यालय तीरंदाजी अंडर 17 प्रतियोगिता में चयन
सोनभद्र। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य वंदना सिंह ने बुधवार को बताया कि पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कालेज सोनभद्र की दसवीं की छात्रा नन्दिनी मौर्या राष्ट्रीय विद्यालय तीरंदाजी अंडर 17 छात्र-छात्रा प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर खेलने हेतु चयनित हुई है।
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राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रतियोगिता नडियाड गुजरात में आयोजित की जाएगी। नन्दिनी मौर्या के चयन से विद्यालय के लिए अत्यंत हर्ष एवं गौरव का क्षण है।
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इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या व समस्त शिक्षिकाओं द्वारा छात्रा को सम्मानित किया गया एवं सभी छात्राओं को खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। वही विद्यालय की प्रधानाचार्या वंदना सिंह ने चयनित छात्रा के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दी।
राबर्ट्सगंज ब्लाक के कस्तुरबा गांधी विद्यालय, जिला महिला चिकित्सालय, वनस्टाॅप सेन्टर सहित विभिन्न स्थानों का करेंगी निरीक्षण
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात का जनपद सोनभद्र में भ्रमण कार्यक्रम 06 व 07 नवम्बर को निर्धारित है। सदस्या द्वारा 06 नवम्बर,2024 को प्रातः 10.00 बजे जनपद के राबर्ट्सगंज ब्लाक के कस्तुरबा गांधी विद्यालय, जिला महिला चिकित्सालय, वनस्टाॅप सेन्टर का निरीक्षण किया जायेगा।
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इसी प्रकार से सदस्या द्वारा 7 नवम्बर, 2024 को प्रातः 10.00 बजे कस्तूरबा गांधी विद्यालय ब्लाक म्योरपुर, महिला थाना बन्दीगृह दुद्धी, सी0एच0सी0 प्रसुतिगृह एवं अन्य बालिका विद्यालयों का निरीक्षण किया जायेगा।
न्यायालय से गैर जमानती वारंट मे फरार चल रहे करीब दो दर्जन अभियुक्तो को थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया।
सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय एवं क्षेत्राधिकारी नगर सोनभद्र के पर्यवेक्षण मे मंगलवार को करीब दो दर्जन फरार चल रहे को भिन्न-भिन्न स्थानो से राबर्ट्सगंज पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने मे सफलता हासिल की है। बतादें कि न्यायालय के करीब दो दर्जन वारंट का निस्तारण किया गया है। न्यायालय द्वारा अभियुक्तो के विरुद्ध गिरफ्तारी हेतु गैर जमानती वारण्टी व धारा जा0फौ0 जारी किया गया था।
पुलिस अधीक्षक ने चोपन छठ घाट का किया निरीक्षण,दिए आवश्यक निर्देश।
चोपन, सोनभद्र। छठ महापर्व के लिए चोपन स्थित छठ घाट पर तैयारियों का जायजा लेने पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, अपर जिलाधिकारी सहदेव मिश्रा, और एडिशनल एसपी कालू सिंह पहुंचे।
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इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, घाट की सफाई, बैरिकेडिंग, गोताखोर की व्यवस्था और अन्य आवश्यक इंतजामों की बारीकी से जांच की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि घाट पर साफ-सफाई के साथ ही पूरे छठ घाट परिसरों मे पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए।
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साथ ही महिला छठ व्रतियों की सुविधा के मद्देजनर पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम की भी व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए ताकि श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि जहां गहराई ज्यादा हो वहां पर मजबूत बैरिकेडिंग कराना सुनिश्चित करें ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
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ज्यादा गहराई वाले जगहों पर इसके आगे जाना खतरनाक है की तख्ती लगवाना भी आवश्यक है ताकि सभी श्रद्धालुओं को स्पष्ट रूप से दिखाई दें। इसके साथ ही गोताखोरों की भी व्यवस्था की जाए।
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चेयरमैन उस्मान अली व अधिशाषी अधिकारी मधुसूदन जायसवाल ने घाट पर की गई तैयारियों और आवश्यक व्यवस्थाओं के बारे में अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को घाट पर भक्तों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष प्रबंध करने का आश्वासन दिया।
चोपन, सोनभद्र। जनपद में चोपन थाना क्षेत्र के तेलगुड़वा चौराहे पर स्थित दो किराना दुकानों में चोरों ने खाने पीने के सामान सहित हजारों रुपए की सामग्री व नगद रुपए पर हाथ साफ कर दिया। चोरों ने दोनों दुकान की छत पर लगे एस्बेस्टस शीट को उखाड़ कर घटना को अंजाम दिया।
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वही प्रमुख चौराहे पर चोरी की घटना से अन्य दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। इस घटना की सूचना पुलिस को दी गयी तो मौके पर पहुंच कर पुलिस ने घटना के बारे में गहनता से पूछताछ कर जांच किया।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार स्टेट हाइवे 5A हाथीनाला-नारायणपुर मार्ग के सम्पर्क मार्ग चोपन थाना क्षेत्र के तेलगुड़वा चौराहे पर किराना की दो दुकान में चोरी की घटना से दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
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पीड़ित दुकानदार जसवंत पासवान पुत्र उमेश पासवान निवासी तेलगुड़वा ने चोपन थाना पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि बीती रविवार की रात चोरों ने मेरे व मेरे पिता उमेश पासवान पुत्र स्वर्गीय किशुनदेव पासवान की किराना दुकान की छत पर लगे एस्बेस्टस सीट को उखाड़ कर दुकान में बेचने के लिए रखा हुआ गुटखा,
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रिफाइन, सर्फ आदि खाने-पीने की सामग्रियों जिसकी कीमत लगभग 55 हजार रुपये है सहित करीब 5000 रुपया नगद चोरी कर लिया गया है जबकि चौराहे पर सीसी टीवी कैमरा भी लगा हुआ है।
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वही चोपन थाना के उप निरीक्षक रविन्द्र देव पाण्डेय व बलजीत भारद्वाज ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
17 नवंबर को कोटा ग्राम पंचायत के बसुधा गांव में मनाई जाएगी बिरसा मुंडा की जयंती
जिला कार्यालय तेलगुड़वा में गोड़वाना गणतंत्र पार्टी की हुई बैठक में बनी रणनीति
सोनभद्र। गोड़वाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) सोनभद्र 18 नवंबर को वाराणसी में होने वाले प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में अबकी बार अपनी दावेदारी करेगा। इसके लिए अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं को वाराणसी पहुंचकर दमखम दिखाने का आहवान किया गया है। इसके अलावा 17 नवंबर को कोटा ग्रान पंचायत के बसुधा गांव में बिरसा मुंडा की जयंती मनाने का निर्णय लिया गया है।
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जिला कार्यालय तेलगुड़वा में गोड़वाना गणतंत्र पार्टी की हुई बैठक में मुख्य अतिथि प्रदेश उपाध्यक्ष रमाशंकर पोया ने कहा कि 18 नवंबर को वाराणसी में प्रदेश अध्यक्ष का चयन होना है। अबकी बार सोनभद्र से अपना एक उम्मीदवार रहेगा। इसके लिए अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को वाराणसी पहुंचकर अपना दमखम दिखाना होगा।
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जिलाध्यक्ष रामनरेश पोया ने कहा कि सोनभद्र में सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति के लोग निवास करते हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण सोनभद्र के चार विधानसभा क्षेत्र में से दो विधानसभा ओबरा और दुद्धी अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। इसलिए सोनभद्र जिले का प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहिए।
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जिला प्रवक्ता एडवोकेट संतोष कुमार ने कहा कि सोनभद्र की चार और चंदौली जिले की एक विधानसभा को मिलाकर रॉबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्र बना है जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, बावजूद इसके इस सीट पर अनुसूचित जनजाति का उम्मीदवार जीत हासिल किया हैं। जिससे साफ जाहिर होता है कि अनुसूचित जनजाति के लोगों की संख्या अधिक है। इसलिए सोनभद्र का प्रदेश अध्यक्ष होना निहायत जरूरी है।
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युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष ज्ञानी सिंह पोया ने बताया कि 17 नवंबर को बिरसा मुंडा की जयंती कोटा ग्राम पंचायत के बसुधा गांव में मनाई जाएगी। वक्ताओं ने सदस्यता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को सदस्य बनाने के साथ ही 18 नवंबर को अधिक से अधिक संख्या में वाराणसी पहुंचने का आहवान किया।
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बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामनरेश पोया व संचालन जिला प्रवक्ता एडवोकेट संतोष कुमार ने किया।
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बैठक में हीरालाल मरपची, रामचंद्र टेकाम, शिव प्रसाद अरमो, देवा सिंह ओइके, श्रीराम टेकाम, हीरालाल मरकाम, दयाशंकर सिंह कोरचो,देव कुमार आयम, सूर्यबली मरपची, रामरतन केराम,अमर सिंह, श्याम बिहारी मरकाम आदि मौजूद रहे।
सोनभद्र। वन विभाग में जिला गंगा समिति के परियोजना प्रबंधक महेंद्र गौतम की पत्नी प्रियंका की सोमवार को संदिग्ध हाल में मौत हो गई। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के उरमौरा स्थित किराए के मकान में गिरी पड़ी थीं। अगल बगल के लोग विवाहिता को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने मृत घोषित वे कर दिया। घटना के बाद से मृतका के पति का पता नहीं है। उनका मोबाइल भी बंद है। सूचना मायके की वालों को दी गई है।
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मूल रूप से सीतापुर जिले के में रहने वाले महेंद्र देव गौतम (32) वन विभाग के अंतर्गत जिला गंगा समिति के जिला परियोजना की प्रबंधक (डीपीओ) के पद पर तैनात हैं। करीब छह माह से वह रॉबर्ट्सगंज के उरमौरा स्थित एक की किराए के मकान में पत्नी प्रियंका वी (28) के साथ रहते थे। लंबे समय से पति-पत्नी में विवाद चल रहा था। दिवाली पर दोनों अपने घर गए हुए थे, त्यौहार बीतने के बाद दोनों पति पनि वापस घर आए और फिर से दोनों में कहासुनी हो गई
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सूचना पर पहुंचे लोढ़ी चौकी प्रभारी संजय सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए और मृतका के मायके वालों को सूचना दी। जानकारी मिलते ही मायके के लोग सोनभद्र के लिए रवाना हो गए हैं। फोन पर बातचीत में रोते बिलखते उन्होंने सिर्फ इतना ही बताया कि महेंद्र प्रियंका से रिश्ता तोड़ने और छोड़ कर जाने का दबाव बने रहे थे। उन्होंने प्रताड़ना का आरोप लगाया है
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छुट्टी खत्म होने के बाद महेंद्र रविवार की सुबह कमरे पर लौटे थे तो वहीं शाम को प्रियंका भी अकेले पहुंची थीं। पड़ोसियों के मुताबिक सोमवार की सुबह पति-पत्नी में किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके महेंद्र अपने दफ्तर चले गए, वहां से वे कुछ जरूरी काम होने की बात कहकर निकल गया। इस बीच किराएदार प्रियंका के चीखने की आवाज सुनकर जब कमरे में पहुंचे तो वह बेसुध होकर नीचे गिरी थीं।
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पुलिस को सूचना देते हुए आस-पास के लोग उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर जहर के सेवन से मौत की आशंका जताई गई है। प्रियंका का शव देर शाम तक अस्पताल में पड़ा रहा। पुलिस मायके वालों के आने का इंतजार कर रही है
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विवाहिता के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की भेज दिया गया है। मायके वालों को सूचना दी गई है। उनके तहरीर और और पोस्टमार्टम के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी – सतेंद्र राय (थाना प्रभारी राबर्ट्सगंज)
सोन साहित्य संगम ने मशूहर शायर स्मृति शेष मुनीर बख्श आलम की पांचवी पुण्यतिथि पर घोषित सम्मान किया भेंट
सोंनभद्र। सोन साहित्य संगम के तत्वाधान में रविवार को जिले के मशहूर शायर दिवंगत मुनीर बख्श आलम की पांचवी पुण्यतिथि पर घोषित आलम स्मृति साहित्य गौरव सम्मान 2024 राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवा निवृत शिक्षक एवं किशोर न्याया बोर्ड सोनभद्र के पूर्व सदस्य कवि एवम साहित्यकार पंडित ओम प्रकाश त्रिपाठी को सोन साहित्य संगम के नगर स्थित कार्यालय में संस्था के पदाधिकारियों द्वारा देर शाम दिया गया।
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उक्त संबंध में संस्था के संयोजक राकेश शरण मिश्र ने बताया कि संस्था द्वारा 10 जून 2019 को दिवंगत शायर मुनीर बख्श आलम की स्मृति में 2020 से उनकी प्रथम पुण्यतिथि पर शुरू किया गया पहला सम्मान कवि व शिक्षक सुशील राही रॉबर्ट्सगंज, दूसरी पुण्यतिथि पर दूसरा सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली डाला की उपक्रम एजूकेशनल फाउंडेशन की सह संस्थापिका साहित्यकार किरण तिवारी को,
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तीसरी पुण्यतिथि पर तीसरा सम्मान वरिष्ठ साहित्यकार गीतकार एव शिक्षक पंडित ईश्वर विरागी को एवं चौथा पुरस्कार सीमेंट निगम चुर्क सोनभद्र से सेवा निवृत लेखाकार वरिष्ठ साहित्यकार कवि पंडित चंद्रकांत दिवेदी को दिया जा चुका है।
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इस अवसर पर संस्था के निदेशक पंडित मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी, संयोजक राकेश शरण मिश्र,कवि दिवाकर दिवेदी मेघ विजयगड़ी एवं विंध्य संस्कृति शोध समिति ट्रस्ट के निदेशक दीपक केशरवानी ने पंडित ओम प्रकाश त्रिपाठी को माल्यार्पण, अंगवस्त्रम स्मृति चिन्ह,सम्मान पत्र एवम श्रीमदभागवतगीता भेंट कर ‘आलम स्मृति साहित्य गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया।
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सम्मान से अभिभूत मे ओम प्रकाश त्रिपाठी ने सोन साहित्य संगम की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि सोनभद्र में इस साहित्यिक संस्था सोन साहित्य संगम द्वारा साहित्य के क्षेत्र में किये जा रहे अनुकरणीय कार्यो की जितनी सराहना की जाए कम है।
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मैं संस्था के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए संस्था के पदाधिकारियों व सदस्यो के प्रति इस सम्मान के लिए कृतज्ञता प्रकट करता हूँ। कार्यक्रम में उपस्थित कवि दिवाकर दिवेदी मेघ विजयगढ़ी एवं दीपक केशरवानी ने भी ओम प्रकाश त्रिपाठी को अपनी अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की।
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अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्था के निदेशक पंडित मिथिलेश प्रसाद दिवेदी ने कहा कि आज संस्था द्वारा शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान कर के जनपद सोनभद्र का नाम पूरे भारत में फैलाने वाले पंडित ओम प्रकाश त्रिपाठी को ‘आलम स्मृति साहित्य गौरव सम्मान’ से सम्मानित कर संस्था गौरवान्वित है।
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मैं संस्था के पदाधिकारियों का इस सम्मान हेतु उनके चयन के लिए आभार व्यक्त करता हूं। कार्यक्रम का संचालन संस्था के संयोजक राकेश शरण मिश्र ने किया। इस अवसर पर अनुपम त्रिपाठी,अनिल मिश्र, हिमांशु मिश्र, नीलेश मिश्र सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
बीजपुर(सोनभद्र): स्थानीय बाजार सहित आवासीय परिसर स्थित कुछ चिन्हित मेडिकल स्टोर संचालक चोरी छिपे नशीली दवाओं की बिक्री के भरोसे बाजार में अपना सिक्का चला रहे हैं तो एक मेडिकल स्टोर संचालक पति पत्नी दम्पति डॉक्टर बन कर ग्रामीण मरीजों का शोषण पर आमादा हैं।
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बताया तो यहाँ तक जा रहा है कि डोडहर मोड़ से लेकर बीजपुर बाजार तक बगैर लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोरों में एक्सरे मशीन खून जाँच के लिए स्थापित लैब हड्डी फ्रेक्चर होने पर ऑपरेशन प्लास्टर तक किया जाता है और दवा उपचार के नाम पर मोटी रकम गरीब ग्रामीण मरीजों से ऐंठा जा रहा है।
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सूत्रों पर भरोसा करें तो बीजपुर परिक्षेत्र के 30 किलो मीटर क्षेत्रफल में कहीं भी सरकारी सीएचसी अथवा पीएचसी पर सस्ती और अच्छी चिकित्सा ब्यवस्था न होने के कारण झोला छाप डॉक्टर आदिवासी क्षेत्र होने का भरपूर लाभ ले रहे हैं।बताते चले कि एनटीपीसी रिहंद में आलीशान धन्वन्तरि हॉस्पिटल जरूर है
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लेकिन वहाँ महंगी चिकित्सा और हल्की फुल्की बीमारी वाले मरीजों को भी भेदभाव पूर्ण रवैया के कारण रेफर करने वाले डॉक्टरों के कारण ग्रामीणों के पहुँच से यह चिकित्सालय दूर है।बीजपुर पुनर्वास और चेतवा में पीएचसी है लेकिन वहाँ पर लंबे अर्से से तैनात कर्मियों के कुटिल राजनीति एवं लापरवाही से पीएचसी खुद बीमार चल रहा है।
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जनचर्चा पर गौरकरें तो बाजार सहित एनटीपीसी परियोजना परिसर स्थित कुछ मेडिकल स्टोर से नशीली दवाएं कोरेक्स सिरप की खेप पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के युवाओं तक धड़ल्ले से पहुचाई जा रही है।इतना ही नही बगैर डॉक्टरों की पर्ची लिखे नशीली और प्रतिबधित दवाओं के बिक्री से युवा वर्ग नशे की बुरी लत के दलदल में फंसता जा रहा है।
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सम्भ्रांत जनों ने सीएमओ सोनभद्र का ध्यान दिलाते हुए आवश्यक कार्रवाई की माँग की है।इसबाबत एडिशनल सीएमओ डॉ कीर्ति आजाद बिंद ने कहा कि शिकायत मिली है जल्द गोपनीय जाँच और कार्रवाई का रिजल्ट सामने आएगा।
योगी कैबिनेट ने चयन नियमावली 2024 को मंजूरी दे दी है अब यूपी सरकार ही सीधे डीजीपी का चयन कर सकेगी यूपीएससी को नहीं भेजना पड़ेगा अधिकारियों का नाम
योगी आदित्यनाथ सरकार ने चयन नियमावली 2024 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत यूपी में डीजीपी पद के लिए यूपीएससी को अधिकारियों के नाम नहीं भेजने पड़ेंगे। सरकार खुद अपनी पसंद के आईपीएस अफसर को डीजीपी बना सकेगी। इसके लिए छह सदस्यीय चयन कमेटी बनाई गई है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने डीजीपी की नियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयन नियमावली 2024 को मंजूरी दे दी है। इससे डीजीपी की नियुक्ति अब राज्य स्तर से ही हो सकेगा। यूपीएसएसी को पैनल नहीं भेजना पड़ेगा। डीजीपी का कार्यकाल भी दो साल का रहेगा।
रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय कमेटी डीजीपी का चयन करेगी। कमेटी में मुख्य सचिव, यूपीएसएसी की तरफ से नामित एक अफसर, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या उनकी ओर से नामित व्यक्ति, अपर मुख्य सचिव या प्रमुख गृह सचिव और एक रिटायर्ड डीजीपी शामिल रहेंगे।आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में पिछले तीन सालों से स्थायी डीजीपी की नियुक्ति नहीं की जा सकी है। अब नई नियमावली बनने के बाद अब सरकार को स्थायी तौर पर डीजीपी की नियुक्ति के लिए यूपीएसएसी की मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
2006 में सुप्रीम कोर्ट ने कही थी ये बात वर्ष 2006 में सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी की नियुक्ति को लेकर एक याचिका की सुनवाई के दौरान पुलिस व्यवस्था को सभी दबाव से मुक्त करने के लिए राज्य सरकारों से नई व्यवस्था बनाने की अपेक्षा की थी। इसके बाद आंध्र प्रदेश, पंजाब और तेलंगाना की सरकारों ने डीजीपी की नियुक्ति से संबंधित नियमावली बना रखी है।
नियमावली बनाने वाला देश का चौथा राज्य इस तरह से डीजीपी की नियुक्ति के लिए नई नियमावली बनाने वाला उत्तर प्रदेश चौथा राज्य बन गया है। इस नियमावली में स्पष्ट किया गया है कि अब डीजीपी की नियुक्ति आईपीएस अफसर के बेहतर सेवा रेकॉर्ड और अनुभव के आधार पर की जाएगी। उन्हीं अफसरों को नियुक्ति के लिए तवज्जो दी जाएगी जिनका कम से कम छह महीने का कार्यकाल बचा हो। डीजीपी की नियुक्ति कम से कम दो साल के लिए की जाएगी, लेकिन काम से असंतुष्ट होने पर यूपी सरकार उन्हें पद से हटा भी सकती है।
अभी तक इस तरह चुना जाता था डीजीपी इससे पहले यूपी में डीजीपी चयन की यह व्यवस्था थी कि सरकार पुलिस सेवा में 30 साल पूरा कर चुके उन अफसरों का नाम यूपीएससी को भेजती थी जिनका कम से कम छह महीने का कार्यकाल शेष बचा हो। यूपीएससी सरकार को तीन अफसरों के नाम का पैनल भेजा था, जिसमें से सरकार किसी एक अफसर को डीजीपी बनाती थी।
कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार के नाम पर हो सकता है विचार इस समय प्रशांत कुमार यूपी के कार्यवाहक डीजीपी हैं। वह 31 मई, 2025 को रिटायर होने वाले हैं। अभी उनके रिटायर होने में छह महीने से ज्यादा समय है, इसलिए नई नियमावली लागू होने पर चयन कमेटी प्रशांत कुमार के नाम पर भी विचार कर सकती है।