सोनभद्र। सोमवार को अपर जनपद न्यायाधीश/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेंद्र यादव राबर्ट्सगंज स्थित वृद्धाश्रम पहुंचे और विधिक जागरूकता शिविर लगाकर वरिष्ठ नागरिकों को उनके हक़ व हुक़ूक़ की जानकारी दी।
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निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम में कुल 64 वृद्धजनों समेत समस्त स्टाफ उपस्थित पाये गये। न्यायाधीश ने सामुदायिक भाव से वृद्धजनों का हाल जाना और उनके अधिकार के सन्दर्भ में उन्हें बताया कि वयोवृद्धता से संबंधित मैड्रिड अन्तर्राष्ट्रीय कार्य योजना सहित वयोवृद्धता के बारे मे विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय कार्य योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है।
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अभिभावकों और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से संबंधित कानून 2014, इस कानून मे माता-पिता/दादा-दादी को उनके बच्चों से आवश्यकतानुसार गुजारा भत्ता दिलवाने की व्यवस्था है तथा वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 के प्रावधानों एवं शासन द्वारा वृद्धावस्था पेंशन व चिकित्सा संबंधी योजनाओं के संबंध में जागरूक किया गया।
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न्यायाधीश ने मध्यस्थता, स्थाई लोक अदालत और एडीआर की जानकारी देते हुए निस्तारित होने वाली प्रकृति के वादों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया।
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इस अवसर पर डिप्टी चीफ एलडीसी सत्या रमण त्रिपाठी एवं अन्य स्टाफ उपस्थित थे। जानकारी शैलेंद्र यादव अपर जनपद न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र ने दी।
सोनभद्र। “मिशन शक्ति 5.0” एवं “यातायात माह” के अंतर्गत सोनभद्र पुलिस की व्यापक कार्यवाही में सोमवार को कुल 1315 चालानकिए गए।
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बतादें कि पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के आदेशानुसार, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार के निर्देशन में तथा क्षेत्राधिकारी यातायात डॉ० चारू द्विवेदी (नोडल अधिकारी–मिशन शक्ति) के नेतृत्व में को “मिशन शक्ति 5.0” एवं “यातायात माह” के दृष्टिगत जनपदीय यातायात पुलिस द्वारा जनपद में व्यापक चेकिंग एवं जागरूकता अभियान संचालित किया गया।
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इस अभियान के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की गई, जिसके अंतर्गत निम्नलिखित चालान किए गए–
ड्र्रिंक एण्ड ड्राइव-11
बिना नंबर प्लेट-68
अन्य धाराओं में (बिना हेलमेट, तीन सवारी, मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर, सीट बेल्ट, प्रेशर हॉर्न आदि) 1236
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साथ ही पुलिस टीम द्वारा आमजन को यातायात नियमों की जानकारी देकर जागरूक किया गया तथा सुरक्षित ड्राइविंग हेतु पम्पलेट वितरित किए गए।
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इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। वाहन चलाते समय हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा सड़क सुरक्षा के प्रति स्वयं और दूसरों को भी जागरूक करें।
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज सहित विभिन्न कॉलेजों में विश्व श्लोक प्रतियोगिता 2025 में प्रतिभाग करने के लिए आयु 6 से 17 वर्ष तक के स्कूली छात्रों के चरित्र निर्माण हेतु हार्टफुलनेस ट्रेनर एवं गीतोपदेश के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर गोपाल द्वारा प्रेरित किया जा रहा है।
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बच्चों को वैश्विक स्तर पर प्रेरित करने के उद्देश्य से, यह प्रतियोगिता उन्हें भगवत गीता की शाश्वत ज्ञान से जुड़ने का अवसर प्रदान करती है जिसमें वे श्लोक को सिखते हैं उनका उच्चारण करते हैं और उनके अर्थ पर चिंतन करते हैं।
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एक संरक्षित और प्रेरणादायक प्रतियोगिता के माध्यम से गीता की दिव्य ज्ञान से अपनी वाणी को मार्गदर्शित करें की गीतोपदेश ग्लोबल श्लोक उत्सव में सहभागी बने। इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले बच्चों को ट्राफियां, प्रमाण पत्र तथा आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
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इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अपने बच्चों को श्रीमद्भगवत गीता से कोई श्लोक याद करवा कर एवं उसका अर्थ बताकर एक-तीन मिनट का वीडियो तैयार कर ऑनलाइन अपलोड करना है। इसके लिए कृपया गूगल पर Global Sloka Competition_ सर्च करके दिए हुए लिंक पर छात्र का आवश्यक विवरण अंकित करते हुए अपलोड कर दें। आवेदन की अंतिम तिथि 20 नवंबर, 2025 है।
गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट का पंच दिवसीय निःशुल्क पूरक चिकित्सा शिविर लगा
दमन में सप्त दिवसीय 21 कुंडीय शिव शक्ति अर्धनारीश्वर महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का हुआ आयोजन
सोनभद्र। गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट द्वारा दमन में आयोजित सप्तदिवसीय 21 कुंडीय शिव–शक्ति अर्धनारीश्वर महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के पावन अवसर पर ११ से १५ नवम्बर तक पंच दिवसीय निःशुल्क पूरक चिकित्सा शिविर का भव्य आयोजन किया गया।
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विश्व की द्वितीय किन्नर कथावाचक परम पूज्य बहन हेमलता सखी जी के दिव्य सानिध्य में चल रहे इस महायज्ञ में जनकल्याण को सर्वोच्च महत्व दिया गया, जिसमें दूर-दूर से आए सैकड़ों श्रद्धालु लाभान्वित हुए।
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इस चिकित्सा शिविर की विशेषता यह रही कि योगदर्शनाचार्य स्वामी ध्यानानंद जी तथा गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट के संस्थापक, अथर्ववेद धूपन चिकित्सा के अध्यक्ष और विख्यात समाजसेवी रवि प्रकाश चौबे जी ने स्वयं उपस्थित होकर प्राकृतिक आयुर्वेदिक चिकित्सा, योग चिकित्सा एवं फीजियोथेरेपी के माध्यम से सैकड़ों असाध्य रोगियों का उपचार किया।
सबसे उल्लेखनीय तथ्य यह रहा कि रवि प्रकाश चौबे जी लगभग 1800 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करके गुप्तकाशी से दमन/दिऊ पहुँचे और बिना किसी विश्राम के लगातार अनेक रोगियों की सेवा में जुटे रहे। उनकी इस त्यागमयी सेवा भावना से पूरा परिसर भाव-विभोर हो उठा।
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आयोजन समिति के अनुसार, शिविर में—पुरानी दर्द एवं नस-जोड़ संबंधी तकलीफें स्नायविक समस्या,सर्वाइकल, कमर दर्द, घुटना दर्द,श्वसन संबंधी परेशानियाँ तथा अन्य जटिल रोगों का प्राकृतिक व योग आधारित उपचार किया गया।
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शिव–शक्ति अर्धनारीश्वर महायज्ञ के साथ-साथ परम पूज्य कथा व्यास हेमलता सखी जी द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा भी प्रतिदिन चल रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ ले रहे हैं।
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गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट का यह मानव–कल्याणमयी प्रयास समाज में स्वास्थ्य, सेवा और अध्यात्म की त्रिवेणी को सशक्त रूप से स्थापित कर रहा है। आयोजन स्थल पर भक्तों और स्थानीय लोगों ने चिकित्सा सेवा टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
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उक्त अवसर पर वारिष्ठ समाजसेवी रमेश चतुर्वेदी, ट्रस्ट के मिडिया प्रभारी सौरभ कान्त पति तिवारी,पार्थ सारथी, अंगद मिश्रा आदि लोग उपस्थित रहे।
BJP नेता सहित नौ की हिस्सेदारी में चलाई जा रही थी खदान
खदान में नियमों की अनदेखी को लेकर खनन विभाग की ओर से केस दर्ज करने के लिए तहरीर दे दी गई है- DM
जांच के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं- SP
सोनभद्र। जिले के ओबरा के बिल्ली मारकुंडी स्थित मेसर्स श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान का संचालन नौ साझेदारों के माध्यम से हो रहा था। इसमें एक चर्चित BJP नेता, परियोजना कर्मी सहित बड़े नाम भी शामिल हैं।
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हालांकि विभागीय रिकॉर्ड में अनुबंध सिर्फ तीन के नाम है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा घोषित पट्टाधारक घोरावल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख मधुसूदन सिंह का है। इन्हीं तीन पट्टाधारकों ने अपनी साझेदारी छह अन्य लोगों को सौंप रखी है
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सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2016 में जब भूमिधरी पट्टा जारी किया तब तीन लोग साझेदार बने थे। बाद में जब खदान संचालन शुरू हुआ तो दो अन्य को भी जोड़ लिया गया। जो साझेदारी तय की गई थी, उसमें 31 प्रतिशत हिस्सा मधुसूदन सिंह,
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15 प्रतिशत दिलीप केशरी का निर्धारित हुआ। बाद में जोड़े गए दो साझेदारों को 27-27 प्रतिशत का हिस्सा दिया गया। आगे चलकर जरूरत अनुसार यही लोग अपना हिस्सा दूसरों को देते चले गए। साझेदारों की संख्या बढ़कर नौ हो गई। चर्चाओं के मुताबिक वर्तमान में मधुसूदन सिंह की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी एक चर्चित भाजपा नेता ले रखी थी।
इसी तरह दिलीप के 15 प्रतिशत हिस्से में दो प्रतिशत फर्म से जुड़े परिवार के एक व्यक्ति को सौंप दी गई। दस प्रतिशत की साझेदारी एक बड़े अफसर के करीबी रिश्तेदार की है।
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ओबरा के रहने वाले ही 27 प्रतिशत के हिस्सेदार ने पांच प्रतिशत लाभांश एक परियोजना कर्मी को दे रखी है। वहीं दूसरे 27 प्रतिशत के साझेदार ने भी तीन फीसदी हिस्सा एक अन्य व्यक्ति को सौंपा है। विज्ञापन
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खनन विभाग ने भी दी पट्टाधारकों के खिलाफ तहरीर श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में नियमों के विपरीत चल रहे खनन कार्य को लेकर खनन विभाग की ओर से भी ओबरा पुलिस को तहरीर दी गई है। हालांकि देर रात तक इस तहरीर पर कोई मामला दर्ज नहीं हुआ था।
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प्रभारी निरीक्षक विजय चौरसिया ने तहरीर मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि इससे संबंधित एक मामला पहले से दर्ज है, इसलिए खनन विभाग की तहरीर पर मामला दर्ज नहीं किया गया है। आगे विवेचना में इस तहरीर से जुड़े तथ्यों को शामिल कर लिया जाएगा। उधर, एसपी की तरफ से गठित टीमों ने जांच शुरू कर दी है। आरोपियों से जुड़े तीन लाेगों से टीम पूछताछ में जुटी हुई थी। —
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डीएम बद्रीनाथ सिंह ने बताया है कि मलबे में दबे एक व्यक्ति के शव को बाहर निकाल लिया गया है। राहत कार्य जारी है। अवरोध बन रहे बड़े पत्थर को हटा लिया गया है। उसके पीछे छोटी चट्टानें हैं, जिसे हटाने के बाद मलबे में दबे मजदूरों के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी। खदान में नियमों की अनदेखी को लेकर खनन विभाग की ओर से केस दर्ज करने के लिए तहरीर दे दी गई है।
एसपी अभिषेक वर्मा बताया है कि अपनी हादसे के जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी और मामले की जांच के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं। टीम अपने स्तर से काम कर रही है। इस घटना में जिनकी भी संलिप्तता होगी, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
सोनभद्र, ओबरा। ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के कृष्णा माइनिंग वर्क्स में हुए खदान हादसे में पुलिस ने खदान के मालिक और दो पार्टनरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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हादसे में खदान धंसने से 16 मजदूरों ऐप पर पढ़ें आशंका जताई जा रही है, जबकि एक का शव भी मिल गया है। ओबरा थाने के प्रभारी निरीक्षक विजय चौरसिया ने बताया कि छोटू यादव पुत्र शोभनाथ निवासी कर्मसार थाना ओबरा ने तहरीर दी।
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उसकी तहरीर पर कृष्णा माइनिंग वर्क्स के अज्ञात मालिक और पार्टनर मधुसूदन सिंह और दिलीप केशरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है
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वहीं पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने खनन हादसे के दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही दोषियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की है। टीम दोषियों की गिरफ्तारी में जुट गई है। हादसे की जांच और विवेचना की जा रही है।
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पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है। एसपी अभिषेक वर्मा ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।
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सूचना मिलते ही घटना स्थल पर एडीजी जॉन वाराणसी पीयूष मोर्डिया, आईजी मिर्जापुर आरपी सिंह के साथ हा प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
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घटना स्थल पर राहत और बचाव कार्य चल रहा है। वहीं हादसे के दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है।
सोनभद्र। जिले मेंखनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ओबरा के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में शनिवार शाम चार बजे खदान धंसने से वहां काम कर रहे 16 मजदूरों के दबने की आशंका है। हादसे में दो मजदूरों की मौत की बात भी सामने आ रही है।
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हालांकि शव बाहर नहीं निकाले जा सके हैं। घटना के बाद खदान मालिक और पार्टनर मौके से फरार हो गए। हादसे की खबर से अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे। बिना देर किए राहत बचाव कार्य शुरू किया गया। फिलहाल स्थिति गंभीर बनी हुई है
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बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के कृष्णा माइनिंग स्टोन की खदान में शनिवार शाम लगभग चार बजे नौ कंप्रेशर पर 18 मजदूर काम कर रहे थे। इसी बीच ड्रिलिंग के दौरान लगभग 150 फीट से अधिक ऊंचाई से पहाड़ का बड़ा हिस्सा ढहकर नीचे जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही खनन क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोंड, जिलाधिकारी बीएन सिंह, एसपी अभिषेक वर्मा समेत कई बड़े अफसर मौके पर पहुंच गए।
रेस्क्यू के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें मंगाई गईं। खदान में अंधेरा होने की वजह से लाइट की व्यवस्था की गई। इसके बाद लगभग आठ बजे राहत एवं बचाव कार्य शुरू हो सका है। खदान में कार्य कर रहे एक मजदूर छोटू यादव निवासी कर्मसार ने बताया कि उसके दो सगे भाई संतोष और इंद्रजीत भी दब गए हैं। छोटू ने बताया कि खदान कार्य के दौरान कुल नौ कंप्रेशर लगे थे।
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प्रत्येक कंप्रेशर पर दो मजदूर काम कर रहे थे। हादसे के वक्त दो श्रमिक दूर हट गए। ऐसे में कुल 16 मजदूरों के दबे होने की आशंका है। डीएम बीएन सिंह का कहना है कि दो मजदूरों के मौत की सूचना मिल रही है। अभी शव नहीं निकाले जा सके हैं।
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सोनभद्र डीएम बीएन सिंह ने बताया, खदान हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंचा हूं। दो मजदूरों के मौत की सूचना मिल रही है। अभी शव नहीं निकाले जा सके हैं। इसलिए मौत की पुष्टि नहीं की जा सकती है। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम रवाना हो चुकी है। मलबे को हटाने में ओबरा परियोजाना, दुसान और अल्ट्राटेक कंपनी की मदद ली जा रही है।
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डीएम की रोक के बाद भी चल रहा था खनन
पहाड़ी धंसने से मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए राहत बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। इस काम के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को भी बुलाया गया है। डीएम ने बताया कि खनन के दौरान नौ कंप्रेशर मशीन के जरिए करीब 15 मजदूर काम कर रहे थे। सीएम के कार्यक्रम की वजह से खनन पर रोक लगा रखी गई थी। इसके बावजूद कृष्णा माइनिंग स्टोन में काम जारी था। फिलहाल अफसरों ने जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।
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राहत बचाव में बाधा बन सकता है अंधेरा
सोनभद्र में जिस खदान पर मजदूर काम कर रहे थे वह करीब 150 फीट गहराई में मौजूद है। से मजदूरों को सुरक्षित निकालने में अंधेरा बाधा बन सकता है। अंधेरा होने के कारण टीम के लोग नीचे नहीं उतर पा रहे हैं। फिलहाल लाइट की व्यवस्था कराई जा रही है। इस काम में अल्ट्राटेक की भी मदद ली जा रही है।
सोनभद्र। विन्ध्य कन्या महाविद्यालय राबर्ट्सगंज में शनिवार को माँ शारदा शिक्षा एवं सेवा ट्रस्ट राबर्ट्सगंज सोनभद्र द्वारा मूर्धन्य साहित्यकार स्व० ठाकुर प्रसाद सिंह का जन्म शताब्दी समारोह धूम-धाम से मनाया गया।
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कार्यक्रम के प्रारम्भ में मुख्य अतिथि डॉ० खीनंदन सिंह व विशिष्ट अतिथि डॉ० व्यामेश शुक्ल, डॉ० उमेश सिंह, डॉ० नागेश्वर सिंह (अध्यक्ष स्ववित्तपोषित महावद्यिालय) वाराणसी मुख्य ट्रस्टी डॉ० अजय कुमार सिंह महाविद्यालय की प्राचार्या तथा आये हुए अतिथियों द्वारा सरस्वती प्रतिमा पर माल्यापर्ण व दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
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तत्पश्चात् छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात् डॉ० अजय कुमार सिंह व प्राचार्या डॉ० अंजली विक्रम सिंह द्वारा मुख्य अतिथि तथा आये हुए अतिथियों को अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह दे कर सम्मानित किया गया।
तत्पश्चात् मुख्य अतिथि ने व्योमेश शुक्ल ने डॉ यतीन्द्र मिश्र के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की डॉ यतीन्द्र मिश्र की लेखनी में साहित्यकीक विशेषताओं में गहन संवदेनशीलता सामाजिक मुद्दो पर गहरी दृष्टि और भाषा के सरलता शामिल है।
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कलाओ में गहरी रुचि रखने वाले कवि सम्पादक और संगीत अध्येता यतीन्द्र मिश्र के अबतक तीन कविता संग्रह प्रकाशित है। डॉ० उमेश प्रसाद सिंह ने कहा की उन्होने शास्त्री गायीका गिरजा देवी के जीवन और संगीत साधना पर एक गीरजा नामक पुस्तक भी लिखी है।
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उन्होने रीत काल के अंतिक प्रतिनिकिध कवी द्विजदेव की ग्रन्थावली का सन 2000 सहसम्पादन किया। लता मंगेशकर पर लता सुर गाथा पुस्तक उनकी एक और चर्चित कृति है, जिसके लिए उन्हे 64वां राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। वाराणसी से आए डॉ० नागेश्वर सिंह (अध्यक्ष स्ववित्तपोषित महावद्यिालय) वाराणसी ने अपने सम्बोधन में कहा की यतीन्द्र मिश्र की लेखन शैली बहुत ही सरल और पठनीय है,
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उन्होने ने फिल्म निर्देशक एवं गीतकार गुलजार की कविताओं एवं गीतो के चयन में सम्पादन का कार्य भी किया है। इसके पश्चात् ठाकुर प्रसाद सिंह स्मृति साहित्य सम्मान-2025 की घोषणा की गयी। ट्रस्ट द्वारा तृतीय सम्मान हिन्दी के जाने-माने लब्ध प्रतिष्ठित डॉ यतीन्द्र मिश्र की अनुपस्थित मे उनके प्रतिनिधि सहोदर मिश्र के भाई आशुतोष मिश्रा ने ग्रहण किया।
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ट्रस्टी के द्वारा आशुतोष मिश्रा को अंगवस्त्रम, प्रसस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व (एक्यावन हजार) का चेक दे कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पारस नाथ मिश्र ने किया। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में डॉ० रवीनंदन सिंह सम्पादक सरस्वती पत्रिका प्रयागराज ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
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कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की प्राचार्या ० डॉ० अंजली विक्रम सिंह ने ठाकुर प्रसाद सिंह के कृतित्य एवं व्यक्तित्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की ठाकुर प्रसाद जी अदभुत प्रतिभा के धनी थे उनके नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान राष्ट्रीय स्तर का हो इसी शुभकामना के साथ आये हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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कार्यक्रम का संचालन भोलानाथ मिश्र ने किया। इस अवसर पर डा० वी० सिंह, विनोद जालान, बृजेश सिंह, मनोज सिंह, अभयराज सिंह, आनन्द सिंह, डॉ० मालती शुक्ला, डॉ० अरुणेन्द संदल, डॉ० अनुग्रह सिंह, अनीष, मनीष, पंकज, व समस्त कर्मचारी उपस्थित थे।
सोनभद्र। मुख्यमंत्री योगी शनिवार को सोनभद्र में जनजातीय गौरव दिवस एवं बिरसा मुंडा की जयंती पर राष्ट्रीय जनजातीय भागीदारी उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। मंच से ही मुख्यमंत्री ने जिले में 548 करोड़ की 432 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनजातीय समाज के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की डबल इंजन सरकार विकास, सुरक्षा और सुशासन को साथ लेकर आगे बढ़ रही है और जनजातीय समाज को मुख्यधारा के विकास का अग्रणी भागीदार बनाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम कर रही है। ‘धरती आबा’ बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय बाहुल्य जनपद सोनभद्र के चोपन में आयोजित ‘जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम’ में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल स्मरण का नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव को विकास से जोड़ने का है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘धरती आबा’ बिरसा मुंडा जी का संदेश ‘अबुआ देश, अबुआ राज’ आज के नए भारत में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के रूप में प्रकट हो रहा है। डबल इंजन की सरकार जनजातीय समाज की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए उनके साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों से प्रेरित होकर सोनभद्र और पूरे उत्तर प्रदेश का जनजातीय समाज राष्ट्र की एकता, सुरक्षा और समृद्धि के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा और विकास की मुख्यधारा में अग्रणी भागीदार बनेगा।
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‘धरती आबा’ बिरसा मुंडा जी को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 150 वर्ष पहले 1875 में जन्मे धरती आबा ने मात्र 25 वर्ष की आयु में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जो संघर्ष छेड़ा, वह आज भी नए भारत के लिए मार्गदर्शक है। रांची जेल में यातनाओं के बीच उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया, ब्रिटिश हुकूमत को जनजातीय समुदाय के अधिकारों को स्वीकार करने के लिए झुकना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्वतंत्र भारत में वही संघर्ष जनजातीय समाज के सम्मान, हिस्सेदारी और विकास के रूप में आगे बढ़ रहा है और डबल इंजन की सरकार इस विरासत को न्यायपूर्ण नीतियों और ठोस कार्यों में बदल रही है।
सोनभद्र की पावन धरती को उत्तर प्रदेश की ऊर्जा राजधानी, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध संसाधनों के अद्वितीय संगम की संज्ञा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आयोजित ‘जनजातीय गौरव दिवस’ कार्यक्रम में भारी संख्या में उपस्थित जनजातीय बहनों-भाइयों की सहभागिता, बदलाव की आकांक्षा और विश्वास का प्रतीक है। कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वंशजों को सम्मानित किया गया और वन अधिकार कानून के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को जमीन के पट्टे सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सोनभद्र को 548 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई है, जो कनेक्टिविटी से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक, जनपद के समग्र विकास की नई दिशा तय करेंगी।
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सोनभद्र की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल ऊर्जा राजधानी नहीं, बल्कि मानव इतिहास और प्रकृति की अद्भुत धरोहर का भी केंद्र है। सलखन फॉसिल पार्क में 140 करोड़ वर्ष पुराने जीवाश्मों के अवशेष विश्व समुदाय के लिए अद्वितीय आकर्षण हैं और यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया जाना सोनभद्र की वैश्विक पहचान को मजबूत करता है। शिवद्वार पंचमुखी महादेव, ज्वालामुखी शक्तिपीठ,
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इस अवसर पर सोनभद्र के पर्यटन स्थलों पर आधारित पुस्तिका तथा मां विध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मीरजापुर की कुलपति द्वारा लिखित ‘धरती आबा बिरसा मुंडा’ पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। इस अवसर पर ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत महिला पुलिसकर्मियों के लिए 25 स्कूटी को हरी झंडी दिखाई।’ जनजातीय गौरव दिवस’ के इस विशेष अवसर पर अरुणाचल प्रदेश के जनजातीय समूह द्वारा याक नृत्य, छत्तीसगढ़ के सरगुजा जनजातीय समूह तथा सोनभद्र के करमा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की बहुरंगी जनजातीय संस्कृति को मंच पर जीवंत कर दिया।
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हाथी नाला और बायोडायवर्सिटी पार्क जैसे धार्मिक और प्राकृतिक स्थल यहां स्पिरिचुअल और इको-टूरिज्म की अपार संभावनाओं को उजागर करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पाई जाने वाली 15 जनजातियों में से 14 जनजातियां अकेले सोनभद्र में निवास करती हैं और यहां 4 लाख से अधिक जनजातीय बहन-भाइयों का जीवन मानव उद्गम और सभ्यता के इतिहास से जुड़ी एक जीवंत विरासत है।
सोनभद्र की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल ऊर्जा राजधानी नहीं, बल्कि मानव इतिहास और प्रकृति की अद्भुत धरोहर का भी केंद्र है। सलखन फॉसिल पार्क में 140 करोड़ वर्ष पुराने जीवाश्मों के अवशेष विश्व समुदाय के लिए अद्वितीय आकर्षण हैं और यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया जाना सोनभद्र की वैश्विक पहचान को मजबूत करता है।
शिवद्वार पंचमुखी महादेव, ज्वालामुखी शक्तिपीठ, हाथी नाला और बायोडायवर्सिटी पार्क जैसे धार्मिक और प्राकृतिक स्थल यहां स्पिरिचुअल और इको-टूरिज्म की अपार संभावनाओं को उजागर करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पाई जाने वाली 15 जनजातियों में से 14 जनजातियां अकेले सोनभद्र में निवास करती हैं और यहां 4 लाख से अधिक जनजातीय बहन-भाइयों का जीवन मानव उद्गम और सभ्यता के इतिहास से जुड़ी एक जीवंत विरासत है।
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जनजातीय गौरव के संरक्षण के लिए डबल इंजन सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बलरामपुर जनपद के इमलिया कोडर में जनजातीय संग्रहालय और छात्रावास की स्थापना की जा चुकी है तथा इसी प्रकार का ‘जनजातीय गौरव संग्रहालय’ इस कमिश्नरी क्षेत्र में भी स्थापित किया जाएगा, ताकि जनजातीय समाज की कला, लोकवाद्य, जीवनशैली और परंपराओं को संरक्षित कर अगली पीढ़ियों को प्रेरणा दी जा सके। सोनभद्र में आयोजित प्रदर्शनी में जनजातीय समाज से जुड़े वाद्ययंत्रों, लोकसामग्री और सांस्कृतिक प्रतीकों का प्रदर्शन इसी दृष्टि का प्रमाण है।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ की गई ‘पीएम जन मन योजना’ के अंतर्गत ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ उत्तर प्रदेश के जनजातीय बहुल 517 गांवों में बुनियादी सुविधाओं और समग्र विकास का नया अध्याय लिख रहा है। प्रदेश में लगभग 11 लाख की जनजातीय आबादी सोनभद्र, चंदौली, मिर्जापुर, चित्रकूट, बलरामपुर, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, बहराइच सहित विभिन्न जनपदों में निवास करती है और इन सभी क्षेत्रों में योजनाओं को संतृप्तिकरण के लक्ष्य के साथ लागू किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रह जाए।
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उन्होंने कहा कि वन अधिकार कानून में सुधार के बाद जहां पूर्ववर्ती सरकारें निर्णय लेने से बचती रहीं और जनजातीय समुदाय का शोषण होता रहा, वहीं वर्तमान सरकार ने स्पष्ट नीति अपनाते हुए वास्तविक दावेदारों को वन भूमि के पट्टे देने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम में 1,000 से अधिक जनजातीय परिवारों को वन अधिकार पट्टे सौंपे गए हैं और इससे पहले 23,000 से अधिक पट्टे स्वीकृत किए जा चुके हैं। इससे जनजातीय परिवारों को न केवल भूमि पर मालिकाना हक मिला है, बल्कि दशकों पुराना भय और उत्पीड़न का चक्र भी टूट रहा है।
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विकास परियोजनाओं का विस्तृत उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनभद्र, उत्तर प्रदेश की ऊर्जा राजधानी के रूप में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। ओबरा स्थित उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम की इकाई में 1,320 मेगावाट की नई पावर परियोजना स्थापित की गई है, जिसकी लागत 13,005 करोड़ रुपये से अधिक है। इससे प्रदेश की ऊर्जा क्षमता बढ़ने के साथ-साथ हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हुए हैं। कनहर सिंचाई परियोजना पर 3,394 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कार्य हो रहा है,
जिससे रॉबर्ट्सगंज, दुद्धी और ओबरा विधानसभा क्षेत्रों के 108 गांवों के 53,000 से अधिक कृषक परिवारों को लगभग 35,467 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ‘हर घर नल’ योजना के माध्यम से 36,649 घरों को पेयजल से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से अधिकांश परिवारों तक नल कनेक्शन पहुंच चुके हैं और शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण की दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सोनभद्र में पहली बार एक राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा किया गया है और यहां प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। जिला चिकित्सालय को 500 बेड के अस्पताल में विकसित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समय पर मिल सकें।
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निवेश और रोज़गार के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अकेले सोनभद्र के लिए 25,981 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विस्तार का संकेत हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 80,516 आवास, शहरी क्षेत्र में 11,411 आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 23,973 परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 3,51,772 ग्रामीण परिवारों और 4,996 शहरी लाभार्थियों को घर-घर शौचालय प्रदान किए गए हैं, जबकि 669 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण भी कराया गया है।
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ऊर्जा सुरक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 2,51,000 से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिए गए हैं और उत्तर प्रदेश सरकार दीपावली तथा होली पर नि: शुल्क रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराकर परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक राहत दे रही है। सोनभद्र में 6,50,000 से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जिससे गंभीर बीमारी की स्थिति में गरीब परिवारों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिली है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 8,000 से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को सस्ती ऋण सुविधा दी गई है।
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अटल पेंशन योजना के 1,08,324, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के 6,86,087 और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के 3,49,796 लाभार्थी सामाजिक सुरक्षा की मजबूत छतरी के दायरे में आए हैं। प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत 8,30,570 बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 1,38,393 लाभार्थियों को 893 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण प्रदान किया गया है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत 9,000 से अधिक परिवारों को अपने आवासीय भूखंडों के स्वामित्व के दस्तावेज दिए गए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 2,35,573 किसानों को अब तक 712 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है और पीएम कुसुम योजना के तहत 2,646 किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सोनभद्र में 8,324 बेटियों का विवाह सम्मानजनक ढंग से संपन्न कराया गया है। 75,709 वृद्धजन, 26, 432 निराश्रित महिलाएं और 11,017 दिव्यांगजन प्रति वर्ष 12,000 रुपये की पेंशन सुविधा प्राप्त कर रहे हैं।’ बीसी सखी’ जैसी पहलों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं गांव-गांव तक बैंकिंग और सरकारी योजनाओं की सुविधाएं पहुंचा रही हैं, जिससे ग्राम स्तर पर आर्थिक गतिविधि और जागरूकता दोनों बढ़ी हैं।
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कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वंशजों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वन अधिकार पट्टों का वितरण केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि इतिहास के ऋण से मुक्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सोनभद्र के लिए आज 532 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं, जनजातीय समुदाय के लिए चलाई जा रही शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को उन्होंने समग्र विकास के रोडमैप का हिस्सा बताया।
गत दिवस घोषित बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार साझा संस्कृति, साझा विरासत और साझा संकल्प के प्रतीक हैं। प्रभु राम और माता जानकी के पवित्र संबंध की तरह दोनों राज्यों का रिश्ता भी अटूट और सुदृढ़ है। वहां की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर यह संदेश दिया है कि विकास, सुशासन और स्थिरता के लिए डबल इंजन की सरकारों पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रहित व विकास की नीतियों को जनता का सशक्त समर्थन प्राप्त हो रहा है।
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कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गोंड ने मुख्यमंत्री को जनजातीय समाज की पहचान ‘तीर-धनुष’, वाद्य यंत्र ‘मांदर’ और पारंपरिक टोपी भेंट की। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद चौधरी भूपेन्द्र सिंह, प्रभारी मंत्री रविन्द्र जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंश यादव, सदर विधायक भूपेश चौबे, चकिया विधायक कैलाश आचार्य, क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद, पूर्व सांसद राम सकल, नरेंद्र कुशवाहा, जिला अध्यक्ष नंदलाल गुप्ता, जिला प्रभारी अनिल सिंह, जीत सिंह खरवार, श्रवण कुमार, शारदा खरवार, अमरेश चेरो, तीरथ राज, नागेश्वर गौड, विनोद खरवार, क्षेत्रीय अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा काशी क्षेत्र अनूप तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल, रमेश मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में लोकार्पित प्रमुख परियोजनाएं :
घोरावल-शिल्पी-कोड़ारी मार्ग स्थित सोन नदी के कोलियां घाट पर सेतु, बलुई-मीतापुर मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण, उरमौरा-राजपुर रोड वाया बसौली-बहुआर-रघुनाथपुर-सिन्दूरी मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, 48वीं वाहिनी पीएसी में 200 व्यक्तियों की क्षमता वाली बैरक तथा पुलिस लाइन में 150 पुलिसकर्मियों हेतु हॉस्टल/बैरक निर्माण।
जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई:
जिला ग्राम्य विकास संस्थान का आवासीय/अनावासीय भवन, नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय, घोरावल-कोहरथा-शिवद्वार मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण, नवसृजित तहसील ओबरा में आवासीय भवन, थाना जुगैल में टाइप-ए के 3 तथा टाइप-बी के 23 आवास, नगर पालिका परिषद सोनभद्र में कल्याण मंडप ।