सोनभद्र में औद्योगिक निवेश को रफ्तार देने के लिए DM की बड़ी पहल, अडानी, जेएसडब्ल्यू और ग्रीनको परियोजनाओं की अड़चनें होंगी दूर

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  • सोनभद्र में औद्योगिक निवेश को रफ्तार देने के लिए जिलाधिकारी की बड़ी पहल, अडानी, जेएसडब्ल्यू और ग्रीनको परियोजनाओं की अड़चनें होंगी दूर

सोनभद्र। जनपद में प्रस्तावित और संचालित बड़ी औद्योगिक एवं ऊर्जा परियोजनाओं की प्रगति को रफ्तार देने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में देश की प्रतिष्ठित कंपनियों जैसे अडानी, जेएसडब्ल्यू (JSW), अबाडा और ग्रीनको की परियोजनाओं की स्थापना व संचालन में आ रही विभिन्न प्रशासनिक, राजस्व एवं वन भूमि से जुड़ी जटिलताओं पर बिंदुवार विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) ओबरा व राबर्ट्सगंज, उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ओबरा व राबर्ट्सगंज, जीएम डीआईसी तथा डीएलआरसी सहित संबंधित विभागों के आला अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सभी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की गहन पड़ताल की और धरातल पर आ रही व्यावहारिक दिक्कतों के बारे में अधिकारियों से एक-एक कर जानकारी ली।

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उन्होंने कड़े लहजे में स्पष्ट निर्देश दिए कि औद्योगिक निवेश और विकास से जुड़ी इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक लेटलतीफी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए हर समस्या का समयबद्ध और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

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जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र में हो रहे इस भारी-भरकम निवेश से न केवल सोनभद्र में रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी, जिससे पूरे जनपद के विकास को एक नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप निवेशकों के लिए एक सकारात्मक, सुरक्षित और पूरी तरह पारदर्शी वातावरण तैयार करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

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इसी क्रम में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि भूमि आवंटन से जुड़े प्रकरण, वन विभाग की अनापत्ति व स्वीकृतियां, राजस्व अभिलेखों के संशोधन से जुड़े मुद्दे और अन्य तमाम कागजी व प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अविलंब पूरा कराया जाए, ताकि कंपनियां बिना किसी बाधा के अपना कार्य समय पर आगे बढ़ा सकें।

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जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी ताकीद की कि वे केवल इस बैठक तक ही सीमित न रहें, बल्कि सभी संबंधित विभाग नियमित रूप से आपस में समन्वय बैठकें आयोजित कर इन मामलों की सतत मॉनिटरिंग करें और लंबित फाइलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करें। बैठक के अंत में विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े तकनीकी, प्रशासनिक एवं विकासात्मक पहलुओं पर गहन मंथन करते हुए धरातल पर कार्य शुरू कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

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दो वर्ष पूर्व हुए ललिता हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी पति को 10 वर्ष की बामशक्कत कैद और अर्थदंड

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  • दो वर्ष पूर्व हुए ललिता हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी पति को 10 वर्ष की बामशक्कत कैद और अर्थदंड

सोनभद्र। स्थानीय जनपद के दुद्धी थाना क्षेत्र के अंतर्गत करीब दो वर्ष पूर्व हुए सनसनीखेज ललिता हत्याकांड के मामले में शुक्रवार को सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्ध पाते हुए हत्यारे पति रामप्यारे को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है,

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साथ ही दोषी के ऊपर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय के आदेशानुसार अर्थदंड न देने की स्थिति में दोषी को तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी, जबकि उसके द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को इस मुख्य सजा में समाहित किया जाएगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना एक अप्रैल 2023 की शाम करीब 7 बजे की है,

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जब कोरची टोला बियादामर निवासी शिवकुमार के बड़े भाई रामप्यारे ने अपनी 45 वर्षीय पत्नी ललिता को अनायास ही गाली-गलौज देते हुए डंडे से बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया था। सिर में गंभीर चोट आने के कारण जब परिजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी ललिता ने दम तोड़ दिया। इस मामले में मृतका के देवर शिवकुमार की तहरीर पर दुद्धी कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था,

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जिसके बाद पुलिस ने पर्याप्त सबूत जुटाकर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान जहां बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अभियुक्त का पहला अपराध बताते हुए कम से कम सजा की याचना की,

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वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने इसे जघन्य अपराध करार देते हुए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयानों और पत्रावली का गहन अवलोकन करने के बाद पति रामप्यारे को अपनी ही पत्नी की हत्या का दोषी पाते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया।

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SP ने शुक्रवार परेड की सलामी लेकर परखीं सुरक्षा व्यवस्थाएं,  जांबाज आरक्षी को किया सम्मानित

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  • SP ने शुक्रवार परेड की सलामी लेकर परखीं सुरक्षा व्यवस्थाएं,  जांबाज आरक्षी को किया सम्मानित

सोनभद्र।  पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन चुर्क में आयोजित साप्ताहिक शुक्रवार परेड की सलामी ली और कानून व्यवस्था व सुरक्षा उपकरणों का सघन निरीक्षण किया। पुलिस कर्मियों को शारीरिक रूप से फिट, चुस्त-दुरुस्त और अनुशासित बनाए रखने के उद्देश्य से एसपी ने खुद परेड का बारीकी से जायजा लिया और जवानों से दौड़ व टोलीवार ड्रिल कराई।

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इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के क्रम में यूपी-112 और विभिन्न थानों से आए पुलिस वाहनों की गहन चेकिंग की गई। एसपी ने वाहनों में मौजूद दंगा नियंत्रण उपकरण, वायरलेस सेट, प्राथमिक उपचार किट और अन्य जीवन रक्षक संसाधनों की कार्यशीलता को स्वयं परखते हुए वाहन चालकों व पुलिस कर्मियों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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इसके उपरांत पुलिस अधीक्षक ने क्वार्टर गार्द, परिवहन शाखा, स्टोर, पुलिस रेडियो मेल, रेडियो केंद्र, साइफर केंद्र, बैरक और पूरे पुलिस लाइन परिसर का भ्रमण कर साफ-सफाई तथा शासकीय अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव की स्थिति देखी। उन्होंने पुलिस मेस का औचक निरीक्षण कर वहां बन रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की और पुलिस कर्मियों के शस्त्र तथा बीट बुक का भी अवलोकन किया।

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कानून व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परिसर को हमेशा स्वच्छ और व्यवस्थित रखने की ताकीद की। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस लाइन में आयोजित एक सादे समारोह के दौरान एसओजी सोनभद्र में तैनात आरक्षी अजीत यादव को उनकी त्वरित सूझबूझ और तत्परता के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

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उल्लेखनीय है कि आरक्षी अजीत यादव ने अपनी बहादुरी और सटीक सूचना तंत्र के बल पर शुक्रवार को ही कुल 52.2 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद कर नशे के सौदागरों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की थी। उनके इसी सराहनीय और उत्कृष्ट कार्य के लिए एसपी ने उनकी पीठ थपथपाई और प्रशस्ति पत्र देकर पूरी फोर्स का उत्साहवर्धन किया।

साप्ताहिक परेड और निरीक्षण के इस महत्वपूर्ण अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन डॉ. चारू द्विवेदी, क्षेत्राधिकारी घोरावल राहुल पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी दुद्धी राजेश कुमार राय और प्रतिसार निरीक्षक मो. नदीम सहित जनपद के विभिन्न थानों के थाना प्रभारी, उपनिरीक्षक और बड़ी संख्या में पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारीगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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झारखंड के चार अंतर्राज्यीय गौतस्कर गिरफ्तार, क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे 15 गोवंश बरामद

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  • झारखंड के चार अंतर्राज्यीय गौतस्कर गिरफ्तार, क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे 15 गोवंश बरामद

सोनभद्र। जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने तथा अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोन थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कड़े निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी ओबरा अमित कुमार के कुशल मार्गदर्शन में कार्य करते हुए पुलिस टीम ने चार शातिर अंतर्राज्यीय गौतस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से क्रूरतापूर्वक पैदल हांककर वध हेतु ले जाए जा रहे कुल 15 गोवंशों को सकुशल मुक्त कराया है, जिनमें 09 बैल, 03 गाय, 02 बछिया एवं 01 बछड़ा शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार की रात करीब 9:00 बजे कोन थाना प्रभारी संजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम ससनई में घेराबंदी कर पैदल गोवंशों को ले जा रहे तस्करों को दबोच लिया। पकड़े गए तस्करों की पहचान पड़ोसी राज्य झारखंड के गढ़वा जनपद अंतर्गत थाना मेराल के ग्राम हासनदाग निवासी 40 वर्षीय बबलू चौधरी व 58 वर्षीय विष्णु चौधरी और थाना रमना के ग्राम हरादाग कला निवासी 40 वर्षीय रामलाल चौधरी व 51 वर्षीय धुरमल चौधरी के रूप में हुई है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि ये सभी आरोपी उत्तर प्रदेश की सीमा से गोवंशों को एकत्र कर झारखंड के रास्ते अन्य राज्यों में तस्करी के लिए ले जा रहे थे।
इस बड़ी कामयाबी और बरामदगी के बाद कोन पुलिस ने चारों तस्करों के खिलाफ संबंधित थाने पर मुकदमा अपराध संख्या-99/2026 के तहत उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं (3/5ए/5बी/8) में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस ने बरामद सभी गोवंशों का डॉक्टरी परीक्षण कराने के बाद उन्हें नियमानुसार सुरक्षित सुपुर्दगी में दे दिया है। वहीं, पकड़े गए चारों अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक विधिक कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए शुक्रवार को उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश पर चारों को जेल भेज दिया गया है।
इस सराहनीय और सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार सिंह के साथ चौकी चकरिया के उपनिरीक्षक शिवप्रकाश यादव, चौकी प्रभारी चननी उपनिरीक्षक वृजनाथ यादव, चौकी प्रभारी पोखरिया उपनिरीक्षक वीरेन्द्र राय, हेड कांस्टेबल राजेश यादव, हेड कांस्टेबल विपिन जायसवाल, कांस्टेबल सूरज कुमार और कांस्टेबल राजेश कुमार मुख्य रूप से शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए पूरी टीम की सराहना की है।

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सोनभद्र पुलिस की बड़ी कामयाबी: गुमशुदा मोबाइल बरामदगी में प्रदेश में मिला दूसरा स्थान, पीड़ितों को वापस दिलाए करोड़ों रुपये

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  • सोनभद्र पुलिस की बड़ी कामयाबी: गुमशुदा मोबाइल बरामदगी में प्रदेश में मिला दूसरा स्थान, पीड़ितों को वापस दिलाए करोड़ों रुपये

सोनभद्र। साइबर अपराधों पर नकेल कसने और आम जनता की सुरक्षा को लेकर सोनभद्र पुलिस ने एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कुशल निर्देशन में जनपद पुलिस ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर यानी CEIR पोर्टल के माध्यम से गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी करने में पूरे उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।

पुलिस की इस त्वरित और तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की बदौलत चालू वर्ष 2026 में अब तक कुल 638 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपये आंकी गई है।

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पुलिस कार्यालय में जब इन बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा गया, तो उनके चेहरे खिल उठे और उन्होंने सोनभद्र पुलिस की इस तत्परता की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

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मोबाइल बरामदगी के साथ-साथ सोनभद्र पुलिस की साइबर सेल और साइबर थाना टीम ने ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए मासूम लोगों को भी बड़ी राहत पहुंचाई है। डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए पुलिस ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल के माध्यम से इस वर्ष अब तक करीब 1 करोड़ 2 लाख रुपये की भारी-भरकम धनराशि साइबर ठगी के शिकार हुए पीड़ितों के बैंक खातों में सकुशल वापस कराई है।

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साइबर थाना और साइबर सेल की टीमें हेल्पलाइन नंबर 1930 और एनसीआरपी पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों का तत्काल संज्ञान ले रही हैं।

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इसके बाद विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से बेहद कम समय में समन्वय स्थापित कर फ्रॉड की गई रकम को होल्ड कराया जाता है और फिर विधिक प्रक्रिया पूरी कर उसे पीड़ितों के खातों में रिफंड कराया जा रहा है, जिससे जनता का पुलिस और कानून पर विश्वास और मजबूत हुआ है।

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इस शानदार सफलता के बीच सोनभद्र पुलिस ने आम जनता की सुरक्षा के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी और अपील भी जारी की है। पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से ‘जागरूक रहिये, सुरक्षित रहिये’ का आह्वान करते हुए कहा है

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कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी, फर्जी लॉटरी या इनाम के कॉल, संदिग्ध लिंक्स, या अनजान ऑनलाइन फ्रॉड के झांसे में न आएं और हमेशा सतर्क रहें। यदि किसी के साथ किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी की घटना घटित होती है,

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तो वे बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं ताकि त्वरित एक्शन लिया जा सके।

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इसके साथ ही पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि यदि आपका मोबाइल फोन कहीं गिर जाता है या खो जाता है, तो उसे तुरंत ब्लॉक कराने और बरामदगी की संभावना बढ़ाने के लिए भारत सरकार के आधिकारिक सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर जरूर पंजीकृत करें।

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इंटरनेट पर अश्लीलता परोसने वालों पर सोनभद्र पुलिस का कड़ा एक्शन, चाइल्ड पोर्नोग्राफी व अश्लील वीडियो अपलोड करने वाले दो अभियुक्त गिरफ्तार

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  • इंटरनेट पर अश्लीलता परोसने वालों पर सोनभद्र पुलिस का कड़ा एक्शन, चाइल्ड पोर्नोग्राफी व अश्लील वीडियो अपलोड करने वाले दो अभियुक्त गिरफ्तार

सोनभद्र। महिलाओं और बच्चों के यौन शोषण से जुड़े अपराधों पर अंकुश लगाने और इंटरनेट को सुरक्षित बनाने की दिशा में सोनभद्र की साइबर थाना और साइबर सेल टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

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पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कड़े निर्देशों के बाद सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील व पोर्नोग्राफिक सामग्री अपलोड करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे निगरानी अभियान के तहत पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

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गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (NCMEC) पोर्टल और साइबर ट्रिपलाइन प्रणाली से मिली गुप्त सूचनाओं के आधार पर एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल के जरिए पुलिस को दो संदिग्ध इनपुट्स मिले थे, जो सोनभद्र जिले से संबंधित थे। इसके बाद साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपियों की पहचान की।

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जांच के दौरान साइबर सेल की टीम ने संबंधित सोशल मीडिया यूजर्स की मोबाइल डिटेल, आईपी एड्रेस और प्रोफाइल विवरण खंगाला। इस तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म के जरिए इंटरनेट पर अश्लील और चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी बेहद आपत्तिजनक सामग्री अपलोड कर रहे थे।

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आरोपियों की सटीक लोकेशन मिलते ही प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना धीरेन्द्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने स्थानीय थानों से समन्वय स्थापित कर घेराबंदी की, जिसके परिणामस्वरूप दुद्धी थाना पुलिस ने सैफ पुत्र खजमुद्दीन (निवासी वार्ड नंबर-09, रामनगर दुद्धी) को दुद्धी कस्बा से और ओबरा थाना पुलिस ने राहुल कुमार पुत्र रामकिशुन (निवासी गुरुद्वारा गली, चोपन रोड ओबरा) को ओबरा क्षेत्र से धर दबोचा।

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पुलिस ने इनके पास से अश्लीलता फैलाने और वीडियो अपलोड करने में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन और डिवाइस भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस की कड़ी पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि उनका दोस्तों का एक सोशल मीडिया ग्रुप है, जिसमें वे इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे माध्यमों से एक-दूसरे को आपत्तिजनक वीडियो भेजते थे।

आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अधिक व्यूज (Views) पाने, सोशल मीडिया पर अपनी पहुंच बढ़ाने और इसके जरिए अनुचित आर्थिक लाभ कमाने के लालच में इन अश्लील वीडियो को विभिन्न वेबसाइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड व शेयर करते थे।

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इस गंभीर मामले में पुलिस ने साक्ष्यों और बरामदगी के आधार पर थाना दुद्धी में मुकदमा अपराध संख्या 148/2026 के तहत बीएनएस की धारा 77, 294 और 67A आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है, वहीं थाना ओबरा में मुकदमा अपराध संख्या 112/2026 के अंतर्गत धारा 77, 294 बीएनएस और 67B आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर दोनों को जेल भेज दिया है।

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इस बेहद संवेदनशील और सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में साइबर थाना प्रभारी धीरेन्द्र कुमार चौधरी, दुद्धी थाना प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार सिंह, ओबरा थाना प्रभारी सदानन्द राय, दुद्धी चौकी प्रभारी हरिकेश राम आजाद, मुख्य आरक्षी संतोष पटेल, मुख्य आरक्षी शिवनन्दन सिंह, आरक्षी अखिलेश यादव, सुनील रावत और अभिषेक तिवारी शामिल रहे।

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इस बड़ी कामयाबी के बाद सोनभद्र पुलिस ने आम जनता और युवाओं से बेहद कड़क लहजे में अपील की है कि वे भूलकर भी किसी भी प्रकार की अश्लील, आपत्तिजनक या विशेषकर बाल यौन शोषण (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) से संबंधित सामग्री को सोशल मीडिया पर अपलोड, शेयर अथवा फॉरवर्ड न करें।

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पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि डिजिटल दुनिया में ऐसी गतिविधियों पर देश की खुफिया एजेंसियों और पुलिस की चौबीसों घंटे पैनी नजर रहती है और ऐसा करना एक गैर-जमानती व गंभीर साइबर अपराध है, जिसमें पकड़े जाने पर सीधे कठोर कानूनी कार्रवाई और जेल की सजा का प्रावधान है।

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रॉंग साइड ड्राइविंग रोकने के लिए सोनभद्र पुलिस ने लगाया अनोखा सेल्फी स्टेशन, अनूठे स्लोगन्स से किया जागरूक

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  • गलत दिशा में गाड़ी तो सही दिशा में शर्मिंदगी: रॉंग साइड ड्राइविंग रोकने के लिए सोनभद्र पुलिस ने लगाया अनोखा सेल्फी स्टेशन, अनूठे स्लोगन्स से किया जागरूक

सोनभद्र।  सड़क हादसों पर लगाम लगाने और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति संवेदी बनाने के लिए सोनभद्र पुलिस ने एक बेहद अनूठी और आकर्षक पहल शुरू की है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में जनपद में चलाए जा रहे विशेष सड़क सुरक्षा अभियान के तहत गुरुवार को थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के चुर्क मोड़ सपा तिराहा पर एक विशेष यातायात जागरूकता “सेल्फी स्टेशन और फोटो बूथ” स्थापित किया गया।

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इस अनूठे प्रयोग का उद्देश्य आम जनता को पारंपरिक नसीहतों के बजाय बेहद दिलचस्प और युवाओं को आकर्षित करने वाले स्लोगन्स के जरिए यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना है, जो आज शहर में चर्चा का विषय बना रहा।

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इस जागरूकता अभियान के दौरान फोटो बूथ पर “Wrong Side Driving Champion”, “गलत साइड = हादसे की फास्ट ट्रैक टिकट”, “भइया, सड़क शॉर्टकट नहीं होती”, “गलत दिशा में गाड़ी, सही दिशा में शर्मिंदगी”, “मेरी जल्दी किसी की जिंदगी से बड़ी नहीं” तथा “जिंदगी फिल्म नहीं है, रीटेक नहीं मिलेगा” जैसे बेहद मारक और दिल को छू लेने वाले स्लोगन्स प्रदर्शित किए गए थे।

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इन नारों ने वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींचा। बड़ी संख्या में आम लोगों और युवाओं ने इस सेल्फी स्टेशन पर खड़े होकर तस्वीरें खिंचवाईं और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा कर सड़क सुरक्षा का संदेश प्रसारित करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही, यातायात पुलिसकर्मियों ने नियमों का पालन करने वाले अनुशासित वाहन चालकों को गुलाब के फूल और पानी की बोतल भेंट कर सम्मानित किया, जिससे लोग बेहद उत्साहित नजर आए।

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इस विशेष अभियान के दौरान खुद पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने भी मौके पर मौजूद रहकर आम जनता से सीधा संवाद किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें और भूलकर भी शॉर्टकट के चक्कर में रॉंग साइड (गलत दिशा) में वाहन न चलाएं, क्योंकि आपकी एक छोटी सी लापरवाही किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।

इस बेहद सफल और प्रभावी कार्यक्रम के दौरान क्षेत्राधिकारी यातायात डॉ. चारू द्विवेदी, यातायात निरीक्षक नरेन्द्र कुमार सिंह सहित भारी संख्या में यातायात पुलिस के कर्मचारीगण मौजूद रहे। सोनभद्र पुलिस प्रशासन का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से इस प्रकार के रचनात्मक और प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों और चौराहों पर निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।

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आरटीई के तहत चयनित बच्चों का निजी स्कूलों में शत-प्रतिशत दाखिला कराएं सुनिश्चित, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: जिलाधिकारी

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  • आरटीई के तहत चयनित बच्चों का निजी स्कूलों में शत-प्रतिशत दाखिला कराएं सुनिश्चित, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: जिलाधिकारी

सोनभद्र। निःशुल्क एवं बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट) 2009 के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के चयनित बच्चों को गैर सहायतित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन दिलाने को लेकर जिला प्रशासन बेहद गंभीर है।

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शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा-1 तथा पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों के दाखिले की समीक्षा, यूनिफॉर्म व पाठ्य पुस्तकों हेतु सहायता राशि और विद्यालयों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में निजी विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

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बैठक में जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आरटीई एक्ट के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों के साथ स्कूलों में पूर्ण रूप से समानता का व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर भेदभाव या असमानता की शिकायत मिलने पर संबंधित विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम विकास खंड चतरा में चयनित बच्चों के नामांकन की स्थिति जानी, जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने अवगत कराया कि चतरा ब्लॉक में कुल 92 बच्चों का प्रवेश होना था, जिसमें से 79 बच्चों का दाखिला हो चुका है और 13 बच्चों ने विभिन्न कारणों से प्रवेश नहीं लिया है। इस पर जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके से ही चतरा ब्लॉक की दो बालिकाओं,

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अनन्या मौर्या और प्रिया मौर्या के अभिभावकों से खुद मोबाइल फोन के माध्यम से सीधा संवाद किया। उन्होंने अभिभावकों से पूछा कि आपने आरटीई एक्ट के तहत अपने बच्चे का प्रवेश संगम एकेडमी में क्यों नहीं कराया? अभिभावक द्वारा बताया गया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा परिवहन चार्ज (वेन शुल्क) अत्यधिक मांगे जाने के कारण वे बच्चे का दाखिला कराने में असमर्थ रहे।

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इसी प्रकार, जिलाधिकारी ने विकास खंड रॉबर्ट्सगंज की समीक्षा की, जहां खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि ब्लॉक में निर्धारित 665 बच्चों के सापेक्ष 566 बच्चों का प्रवेश कराया जा चुका है, जबकि 99 बच्चे अभी शेष हैं। जिलाधिकारी ने यहाँ की छात्रा आरूषी पटेल के अभिभावक से भी फोन पर वार्ता कर प्रवेश न लेने के कारणों की पड़ताल की। उन्होंने मौके पर उपस्थित प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे ऐसे गरीब व शोषित वर्ग के बच्चों का दाखिला प्राथमिकता पर करें और परिवहन जैसी समस्याओं का त्वरित समाधान निकालें।

जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विकास खंडों में संचालित निजी स्कूलों के प्रबंधकों से तत्काल समन्वय स्थापित करें। सत्र 2026-27 के लिए लॉटरी में चयनित सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन आगामी तीन दिनों के भीतर पूर्ण कराते हुए पोर्टल पर फीडिंग की कार्रवाई पूरी की जाए।

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इसके साथ ही, नामांकन पूरा होते ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी नव-प्रवेशित और पूर्व से अध्ययनरत बच्चों का भौतिक सत्यापन एक सप्ताह के अंदर अनिवार्य रूप से कर लें। उन्होंने बताया कि बच्चों को यूनिफॉर्म व पाठ्य पुस्तकों हेतु सहायता राशि और निजी विद्यालयों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति की वित्तीय सहायता के लिए शासन से बजट का आवंटन प्राप्त हो चुका है।

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जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) को निर्देशित किया कि जैसे ही विकास खंडों से सत्यापन आख्या प्राप्त हो, उसके एक सप्ताह के भीतर बच्चों और विद्यालयों को देय धनराशि नियमानुसार उनके खातों में प्रेषित कर उपभोग प्रमाण पत्र शासन को भेज दिया जाए।

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बैठक के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय ने तकनीकी और डिजिटल डेटा अपडेशन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने समस्त विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया कि स्कूलों में पढ़ रहे सभी बच्चों की अपार आईडी (APAAR ID), फैमिली आईडी का अंकन, यू-डायस (U-DISE) पोर्टल पर प्रोग्रेशन एक्टिविटी को समय से पूरा करना और नए छात्रों का विवरण पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य है, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।

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इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा अजय यादव, जिला आरटीई प्रभारी विवेक कुमार तिवारी सहित भारी संख्या में निजी विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

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जनसुनवाई में DM चर्चित गौड़ ने दिव्यांग मुन्ना शाह को तत्काल प्रदान की बैसाखी, दिए सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश

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  • जनसुनवाई में DM चर्चित गौड़ ने दिव्यांग मुन्ना शाह को तत्काल प्रदान की बैसाखी, दिए सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश

सोनभद्र।  जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित नियमित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मानवीय संवेदना और तत्परता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। जनसुनवाई में पहुंचे फरियादियों की गंभीर समस्याओं को जिलाधिकारी ने बेहद संवेदनशीलता के साथ एक-एक कर सुना और उनके त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए।

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इसी दौरान विकास खंड कोन के ग्राम खरौधी निवासी दिव्यांग मुन्ना शाह पुत्र स्वर्गीय मदन शाह अपनी फरियाद लेकर जिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित हुए और अपनी लाचारी व शारीरिक कठिनाइयों को साझा किया।

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दिव्यांग मुन्ना शाह की पीड़ा को देखते ही जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने गहरी मानवीय संवेदना का परिचय दिया और बिना किसी प्रशासनिक देरी के तत्काल मौके पर ही उन्हें नई बैसाखी उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई।

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अचानक मिली इस त्वरित सहायता और प्रशासनिक संवेदनशीलता को देखकर दिव्यांग मुन्ना शाह बेहद भावुक हो उठे और उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने इस मानवीय सहयोग के लिए जिलाधिकारी के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया।

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इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से सचेत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद, गरीब, असहाय एवं दिव्यांगजनों तक सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और पूरी ईमानदारी के साथ पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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उन्होंने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि वे ऐसे संवेदनशील मामलों में पूरी तत्परता दिखाएं और मानवता के दृष्टिकोण से कार्य करते हुए जिले के सभी पात्र व्यक्तियों को पात्रता के अनुसार प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से हर हाल में लाभान्वित करना सुनिश्चित करें।

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पेट्रोलियम बचत एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर DM की अनूठी पहल, खुद पैदल पहुंचे कलेक्ट्रेट और अधिकारियों से की सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील

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  • पेट्रोलियम बचत एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर DM की अनूठी पहल, खुद पैदल पहुंचे कलेक्ट्रेट और अधिकारियों से की सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील

सोनभद्र। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा ऊर्जा संरक्षण, पेट्रोलियम बचत एवं पर्यावरण सुरक्षा के संबंध में किए जा रहे राष्ट्रव्यापी आह्वान के क्रम में जनपद सोनभद्र में भी प्रशासन द्वारा एक बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायी पहल प्रारम्भ की गई है।

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इसी क्रम में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता का सीधा संदेश देते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ आज अपने आवास से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पैदल पहुंचे। उनके इस कदम ने कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद सभी अधिकारी-कर्मचारियों को राष्ट्रहित में ऊर्जा बचाने के प्रति बेहद प्रभावित किया। जिलाधिकारी ने इस दौरान कहा कि राष्ट्रहित में किए गए हमारे छोटे-छोटे प्रयास भी भविष्य में बड़े परिवर्तन का मजबूत आधार बनते हैं और ईंधन की बचत करना प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपद के समस्त विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से विशेष अपील की है कि पेट्रोलियम उत्पादों की बचत हेतु आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि अधिकारी संयुक्त रूप से गाड़ियों का पूल बनाकर क्षेत्र भ्रमण, आधिकारिक बैठक, सम्पूर्ण समाधान दिवस, थाना दिवस, किसान दिवस एवं अन्य मासिक समीक्षा बैठकों में प्रतिभाग करें, जिससे अलग-अलग गाड़ियों के इस्तेमाल से होने वाली अनावश्यक ईंधन की भारी खपत को प्रभावी रूप से कम किया जा सके।

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इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से यह भी अपेक्षा की है कि वे सप्ताह में कम से कम दो दिवस ऐसे अनिवार्य रूप से निर्धारित करें, जब किसी प्रकार का फील्ड भ्रमण न हो। उन निर्धारित दिनों में सभी लोग अपने कार्यालय आने-जाने के लिए व्यक्तिगत वाहनों के स्थान पर बस, ई-रिक्शा एवं अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करें।

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उन्होंने समय और सरकारी संसाधनों की बचत पर जोर देते हुए कहा कि विभागीय बैठकों को भी अब अधिकाधिक ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही आयोजित किए जाने पर बल दिया जाये, ताकि आवागमन में लगने वाले समय, संसाधन एवं पेट्रोलियम की बचत सुनिश्चित की जा सके।

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जिलाधिकारी ने सभी को जागरूक करते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पाद अत्यंत सीमित प्राकृतिक संसाधन हैं, जिनका दोहन आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकता है। अतः हम सभी को छोटी दूरी तय करने के लिए पैदल चलने, साइकिल चलाने एवं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की आदत को अपने दैनिक जीवन में विकसित करना चाहिए।

ईंधन की बचत केवल देश की आर्थिक मजबूती के लिए ही आवश्यक नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण एवं हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित व स्वस्थ भविष्य से भी जुड़ा हुआ एक बेहद गंभीर विषय है।

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