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- राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी का सोनभद्र दौरा आज: अस्पतालों से लेकर बालगृह तक का लेंगी जायजा, छात्राओं संग संवाद और जनसुनवाई भी

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष (उप मंत्री स्तर) चारु चौधरी सोमवार, 24 अगस्त 2026 को जनपद के एकदिवसीय भ्रमण पर रहेंगी। अपने इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान वह जिले में महिला एवं बालिका सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कल्याण तथा सशक्तिकरण से जुड़ी सरकारी योजनाओं और व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत का बारीकी से निरीक्षण करेंगी।
इसके साथ ही वह छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनका मार्गदर्शन करेंगी और महिला जनसुनवाई आयोजित कर पीड़ित महिलाओं की समस्याओं व शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित कराएंगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आयोग की उपाध्यक्ष पूर्वाह्न 10:30 बजे विन्ध्य कन्या डिग्री कॉलेज, पुसौली (रॉबर्ट्सगंज) पहुंचेंगी, जहां वह छात्राओं के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस दौरान वह बालिका शिक्षा, सुरक्षा मानकों, स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण जैसे अहम विषयों पर छात्राओं से विचार-विमर्श करेंगी तथा उनकी समस्याओं व सुझावों की जानकारी लेंगी।

इसके उपरांत वह जिला महिला चिकित्सालय, रॉबर्ट्सगंज का औचक निरीक्षण करेंगी। अस्पताल में निरीक्षण के दौरान वह मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं, प्रसूति सेवाओं, मुफ्त दवा वितरण, साफ-सफाई, वार्डों की स्थिति और जरूरी चिकित्सीय संसाधनों का जायजा लेकर व्यवस्थाओं को परखेंगी।
दोपहर 1:00 बजे सर्किट हाउस, सोनभद्र में एक विशेष महिला जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। इस जनसुनवाई में जिले के विभिन्न अंचलों से आने वाली महिलाएं अपनी समस्याओं, शिकायतों व उत्पीड़न से संबंधित प्रार्थना पत्र उपाध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगी।

उपाध्यक्ष प्रकरणों की सुनवाई करते हुए मौके पर मौजूद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित व न्यायसंगत कार्रवाई करने के निर्देश देंगी। तत्पश्चात, शाम 5:15 बजे वह इन्द्रपुरी कॉलोनी, रॉबर्ट्सगंज स्थित राजकीय बालगृह (बालिका) का निरीक्षण करेंगी,

जहां संवासिनियों के रहने, खान-पान, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा व अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। महिला आयोग की उपाध्यक्ष के इस सघन दौरे का मुख्य उद्देश्य जनपद में महिलाओं व बालिकाओं से संबंधित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और उनके अधिकारों व सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाना है।







































