सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के मामले में शक्तिनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, शांति भंग की आशंका में एक आरोपी गिरफ्तार
सोनभद्र। जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से शक्तिनगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है।
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पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कड़े निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के कुशल पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना शक्तिनगर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के संबंध में त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।
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पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र भ्रमण, बैंक चेकिंग एवं इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे उक्त वायरल वीडियो की सघन जांच के दौरान शक्तिनगर पुलिस पीडब्ल्यूडी मोड़ चिल्का बस्ती क्षेत्र में पहुंची और मामले की जमीनी हकीकत जानी। मौके पर की गई विस्तृत जांच के दौरान पुलिस को ज्ञात हुआ कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के संबंध में स्थानीय नागरिकों और जनमानस में गहरा आक्रोश व्याप्त है,
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जिससे क्षेत्र की कानून एवं शांति व्यवस्था के पूरी तरह प्रभावित होने की प्रबल संभावना बनी हुई थी। इलाके में किसी भी प्रकार के तनाव और शांति भंग की आशंका को तत्काल समाप्त करने के उद्देश्य से पुलिस टीम ने त्वरित कदम उठाते हुए संत कुमार पुत्र स्वर्गीय राम जी साहू, निवासी चिल्काटांड़ बस्ती थाना शक्तिनगर, उम्र करीब 55 वर्ष को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी के विरुद्ध धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय भेजा गया। इस त्वरित व सफलतापूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में मुख्य रूप से उपनिरीक्षक दिनेश गौतम, रिजर्व कांस्टेबल आशीष मिश्रा और महिला आरक्षी पूजा कनौजिया शामिल रहीं।
पुजारी राजकुमार पांडे के संयोजन में हुआ संकट मोचन हनुमान जी का भव्य श्रृंगार
मंगला आरती में रही भक्तों की भारी भीड़
भक्तों में किया गया प्रसाद का वितरण
सोनभद्र। नगर के मध्य स्थित श्री राम जानकी संकट मोचन मंदिर में ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार को मंदिर के पुजारी राजकुमार पांडे के कुशल संयोजन में संकट मोचन हनुमान जी महाराज का अत्यंत आकर्षक और अलौकिक श्रृंगार कर मंगला आरती की गई। वहीं बजरंगबली के इस भव्य रूप के दर्शन पाने के लिए भोर से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के आने का तांता लगा रहा, जिससे पूरा वातावरण ‘जय श्री राम’ और ‘जय बजरंगबली’ के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
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इसी क्रम में मंदिर परिसर में भक्तों द्वारा अत्यंत भावपूर्ण तरीके से सुंदरकांड का सस्वर पाठ भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसके पश्चात देर शाम ढलते ही संकट मोचन हनुमान जी की भव्य सांध्य कालीन आरती हुई। महाआरती के दौरान भक्तों की भारी भीड़ मौजूद रही, जो झांझ-मंजीरों और शंखध्वनि के बीच पवनपुत्र की भक्ति में सराबोर नजर आई। आरती संपन्न होने के बाद उपस्थित सभी भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
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इस अवसर पर बड़े मंगलवार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पंडित राजकुमार पांडे ने बताया कि सनातन धर्म में ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाले मंगलवार का एक अत्यंत विशिष्ट और पौराणिक महत्व है। उन्होंने कहा कि मान्यताओं के अनुसार इसी महीने में भगवान राम से हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी, इसलिए इसे ‘बड़ा मंगलवार’ या ‘बुढ़वा मंगल’ भी कहा जाता है।
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इस पवित्र दिन पर जो भी श्रद्धालु पूरी निष्ठा, नियम और सच्चे मन से हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना, व्रत और सुंदरकांड का पाठ करते हैं, बजरंगबली उनके जीवन के सभी संकटों को हर लेते हैं और उनकी हर मनोकामना अवश्य पूर्ण करते हैं।
इस अवसर पर शिवा पाण्डेय, शिवम, केतन, हिमांशु, दादे, अभिषेक, राहुल, शिवम,आत्माराम, अमरेश गुप्ता, देवानंद, अजय, अरुण, कन्हैया, मनीष, गोलू, राजा, मोनू, अभिषेक, राजीव, प्रखर, अमन, अर्पित गुप्ता और राहुल ओझा सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
उद्योग बंधु की बैठक में व्यापार मंडल ने लघु उद्यमियों के लिए औद्योगिक क्षेत्र और नगर की जलजमाव समस्या को लेकर उठाई आवाज
सोनभद्र। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय उद्योग बंधु की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने की। बैठक में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल सोनभद्र के जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने जनपद के उद्यमियों और व्यापारियों की विभिन्न गंभीर समस्याओं व कठिनाइयों से जिलाधिकारी को विस्तार से अवगत कराया।
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राजेश गुप्ता ने प्रमुखता से बात रखते हुए कहा कि व्यापार मंडल पिछले लगभग तीन वर्षों से जनपद में छोटे उद्योगों के विकास के लिए एक समर्पित औद्योगिक क्षेत्र बनाए जाने की मांग लगातार करता आ रहा है। उन्होंने ध्यानाकर्षण कराते हुए कहा कि सोनभद्र में बड़े कारखानों और औद्योगिक घरानों को तो आसानी से जमीनें मिल जा रही हैं,
लेकिन छोटे व मध्यम स्तर के स्थानीय उद्यमियों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने मांग की कि लघु उद्यमियों के लिए भी एक विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर उन्हें स्थान आवंटित किया जाए, जिससे जनपद के स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिल सकें और पलायन पर रोक लगे। व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष ने इसके साथ ही जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज नगर की एक बड़ी बुनियादी समस्या को उठाते हुए कहा कि सीएनडीएस संस्था द्वारा नगर में नालियों का निर्माण तो करा दिया गया है,
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लेकिन सड़क के पानी को नालियों में जाने के लिए सही व्यवस्था व कट्स नहीं बनाए गए हैं। इसके कारण आगामी मानसून और बरसात के दिनों में पूरे नगर को भारी जलजमाव और कीचड़ का सामना करना पड़ेगा, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने बैंकों की मनमानी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थियों को बैंकों के चक्कर काटने के बाद भी ऋण का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
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इसके विपरीत, बैंकों द्वारा छोटे लोन आवेदकों का मानसिक उत्पीड़न और शोषण किया जा रहा है, जिससे सरकार की जनकल्याणकारी स्वरोजगार योजनाएं दम तोड़ रही हैं। बैठक के दौरान पर्यटन विभाग की शिथिलता पर भी सवाल उठाए गए। व्यापारियों ने मांग की कि पर्यटन अधिकारी जनपद के सभी होटल व्यवसायियों के लंबे समय से लंबित पड़े हुए लाइसेंसों को तत्काल प्रभाव से जारी करें ताकि वे बिना किसी प्रशासनिक व्यवधान के अपना व्यवसाय संचालित कर सकें।
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राजेश गुप्ता ने केंद्र व राज्य सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन फूड’ योजना के अंतर्गत सोनभद्र के चयन पर एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि वर्तमान में फूड कैटेगरी में जनपद का चयन गुलाब जामुन के लिए हुआ है, जबकि इसकी जगह यदि सोनभद्र की प्रसिद्ध ‘गुड़ की जलेबी और समोसा’ का चयन किया जाए,
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तो इससे स्थानीय स्तर पर काम करने वाले सैकड़ों छोटे हलवाइयों और व्यापारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और सोनभद्र के पारंपरिक स्वाद को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिल सकेगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप सिंह चंदेल, जिला महामंत्री राजेश बंसल, जिला कोषाध्यक्ष अजीत जायसवाल, जिला उपाध्यक्ष प्रकाश केशरी, नगर अध्यक्ष आनंद जायसवाल और किराना अध्यक्ष श्यामलाल केशरी सहित भारी संख्या में संगठन के पदाधिकारी व व्यापारी उपस्थित रहे।
सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से जिलाधिकारी ने की विकास कार्यों की समीक्षा, दिए समय सीमा में लक्ष्य पूर्ण करने के कड़े निर्देश
सोनभद्र। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कलेक्ट्रेट सभागार में नवीन व्यवस्था के अंतर्गत सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से जनपद के विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने कड़े रुख में कहा कि जिन विभागों को शासन द्वारा जो भी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, वे उसे शत-प्रतिशत और निर्धारित समय अवधि के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
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बैठक में पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने बैंकों के माध्यम से मिलने वाली सब्सिडी आदि की सुविधाओं को तत्काल सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एलडीएम को स्पष्ट निर्देशित किया कि इस योजना के अंतर्गत जो भी लक्ष्य तय हैं, उनका शत-प्रतिशत निस्तारण बैंकों के माध्यम से प्राथमिकता पर कराया जाए।
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इसके साथ ही जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों की प्रगति को भी परखा। उन्होंने परियोजना निदेशक डीआरडीए को सख्त निर्देश दिए कि जो आवास अभी तक अपूर्ण स्थिति में हैं, उन्हें तीव्र गति से शीघ्र पूर्ण कराने की कार्रवाई की जाए और इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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जनपद में सैम-मैम श्रेणी के कुपोषित बच्चों के चिह्नीकरण और उनके स्वास्थ्य परीक्षण के कार्य को भी उन्होंने प्राथमिकता पर रखने की बात कही और जिला कार्यक्रम अधिकारी को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी लोन योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने उपायुक्त उद्योग और एलडीएम को निर्देशित किया कि योजना के लाभार्थियों की पत्रावलियों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द किया जाए।
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जनसुनवाई को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त तेवर दिखाए। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली जनशिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन अधिकारियों द्वारा निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है
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या जिनके संदर्भ में जनता से असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हो रहा है, उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि विकास कार्यों, लाभार्थीपरक और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति में तेजी लाएं, अन्यथा लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संतपाल वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह, डीसी मनरेगा रवीन्द्र वीर सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए एसके राय और जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
अब सुप्रीम कोर्ट भी आयोजित करेगा ‘समाधान समारोह’, मामलों के निपटारे के लिए 31 मई तक भरें गूगल फॉर्म
सोनभद्र। न्याय को सरल एवं सुलभ तरीके से आम जनता के घर-घर तक पहुँचाने तथा आपसी सहभागिता व सहमति से न्याय की भावना को मूर्त रूप देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस), सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली के कुशल निर्देशन में सम्पूर्ण भारतवर्ष में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित वादों को सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित किया जायेगा।
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उक्त आशय की अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के पूर्णकालिक सचिव व न्यायाधीश राहुल ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित वादों को आपसी रजामंदी से निस्तारित कराने हेतु बीते 21 अप्रैल 2026 से ही ‘समाधान समारोह 2026’ का ऐतिहासिक शुभारम्भ किया जा चुका है।
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प्राधिकरण सचिव राहुल ने इस विशेष अभियान की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि उक्त अभियान आगामी 21, 22 तथा 23 अगस्त 2026 को तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत के भव्य आयोजन के साथ संपन्न होगा। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि इस विशेष लोक अदालत का मुख्य आयोजन नई दिल्ली स्थित सर्वोच्च न्यायालय परिसर में ही किया जाएगा,
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जिसमें केवल वही मामले शामिल किए जाएंगे जो वर्तमान में देश की शीर्ष अदालत यानी सर्वोच्च न्यायालय में लंबित चल रहे हैं। इस मुख्य आयोजन से पहले, वादों के सुचारु निस्तारण के लिए विशेष लोक अदालत पूर्व सुलह बैठकों का दौर भी शुरू होगा, जिनका आयोजन विभिन्न राज्यों, जिलों और तालुकों की उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकार समितियों में स्थित मध्यस्थता केंद्रों में किया जायेगा।
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न्यायाधीश राहुल ने आम जनमानस से पुरजोर अपील करते हुए कहा है कि जो भी व्यक्ति सर्वोच्च न्यायालय में लंबित अपने मामलों को इस समाधान समारोह के जरिए सौहार्दपूर्ण ढंग से हल कराना चाहते हैं, वे सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर वहां उपलब्ध कराए गए गूगल फॉर्म को अविलंब भर सकते हैं।
इस राहतकारी योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों द्वारा गूगल फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने जनपदवासियों को स्थानीय व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा विशेष लोक अदालत पूर्व सुलह बैठकों का आयोजन इसी माह दिनांक 22, 26 तथा 30 मई 2026 को किया जायेगा। ऐसे में इच्छुक आवेदक किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी अथवा सहयोग के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के कार्यालय से सीधे सम्पर्क कर सकते हैं।
नीति आयोग की रैंकिंग में सोनभद्र बना देश का नंबर-1 आकांक्षी जिला: समग्र विकास में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि
सोनभद्र। जनपद ने विकास की नई इबारत लिखते हुए पूरे देश में अपनी अलग पहचान स्थापित की है। नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत जारी दिसंबर 2025 की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट में सोनभद्र ने देश के 112 आकांक्षी जिलों को पीछे छोड़ते हुए समग्र विकास में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
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यह उपलब्धि न केवल जनपद बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सोनभद्र का ओवरऑल स्कोर नवंबर 2025 के 57.3603 से बढ़कर दिसंबर 2025 में 65.0066 पहुंच गया। जिले ने 7.646 का सर्वाधिक डेल्टा स्कोर अर्जित किया, जो देश के सभी आकांक्षी जिलों में सर्वाेच्च रहा। यही ऐतिहासिक प्रदर्शन सोनभद्र को राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान तक पहुंचाने का आधार बना।
जनपद ने विशेष रूप से कृषि एवं जल संसाधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। कृषि क्षेत्र में जिले का स्कोर 37.9523 से बढ़कर 42.7207 हो गया तथा 4.768 अंकों का प्रभावी सुधार दर्ज किया गया। किसानों के हित में संचालित योजनाओं, जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास कार्यों का सकारात्मक प्रभाव इस उपलब्धि में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
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स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में भी सोनभद्र ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश में छठी रैंक हासिल की। जिले का स्वास्थ्य स्कोर 68.2721 से बढ़कर 86.4586 पहुंच गया, जो 18.187 अंकों की बड़ी वृद्धि को दर्शाता है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, पोषण अभियानों के प्रभावी संचालन तथा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का यह परिणाम माना जा रहा है।
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हालांकि शिक्षा, वित्तीय समावेशन एवं आधारभूत संरचना जैसे कुछ क्षेत्रों में अभी और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है, लेकिन समग्र रूप से सोनभद्र ने यह सिद्ध कर दिया है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति, सतत मॉनिटरिंग एवं जनसहभागिता के माध्यम से किसी भी जनपद को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
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इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता सोनभद्र की जनता, अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। हमारा प्रयास रहा है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ पहुंचे।
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नीति आयोग की यह रैंकिंग जनपद के निरंतर विकास कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है। आने वाले समय में शिक्षा, आधारभूत संरचना एवं वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में और अधिक मजबूती के साथ कार्य कर सोनभद्र को विकास के आदर्श मॉडल जनपद के रूप में स्थापित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि के लिए समस्त जनपदवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे सोनभद्र का सम्मान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनपद आने वाले समय में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा तथा देश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
राष्ट्रहित में स्वर्ण आयात संतुलन को लेकर सोनभद्र प्रशासन व सर्राफा व्यापारियों की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न
सोनभद्र। देशहित में प्रधानमंत्री के आह्वान तथा मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुपालन में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा की उपस्थिति में सर्राफा व्यापारियों, बुलियन कारोबारियों, राज्य कर विभाग के अधिकारियों एवं सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव तथा सोने के आयात में संतुलन बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
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बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि भारत विश्व के प्रमुख स्वर्ण आयातक देशों में शामिल है तथा प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा सोने के आयात पर व्यय होती है। वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध, वैश्विक अस्थिरता एवं डॉलर की बढ़ती मांग के कारण आयात लागत में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव उत्पन्न हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में राष्ट्रहित सर्वाेपरि रखते हुए प्रत्येक नागरिक एवं व्यापारी वर्ग की जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। जिलाधिकारी ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में स्वर्ण की कीमतों में लगातार उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका प्रभाव आम जनमानस एवं बाजार व्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
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उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यदि बुलियन अर्थात सोना-चांदी की ईंट एवं बिस्कुट की अनावश्यक खरीद-बिक्री तथा निवेश को सीमित किया जाए तो सोने के आयात में कमी लाकर विदेशी मुद्रा की बचत की जा सकती है तथा देश की आर्थिक मजबूती को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकता है।
बैठक में उपस्थित सर्राफा व्यापारियों एवं एसोसिएशन प्रतिनिधियों ने प्रशासन की अपील का स्वागत करते हुए राष्ट्रहित में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। व्यापारियों ने कहा कि सोनभद्र जनपद में अधिकांश व्यापार स्वर्ण एवं रजत आभूषणों की खरीद-बिक्री पर आधारित है, जहां बड़ी संख्या में उपभोक्ता पुरानी ज्वेलरी के बदले नई ज्वेलरी खरीदते हैं।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर बुलियन व्यापार नहीं किया जाता है तथा व्यापारी वर्ग सदैव शासन एवं प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करता रहा है। व्यापारियों ने यह भी कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों एवं युद्धजनित आर्थिक प्रभावों को देखते हुए वे देशहित को सर्वाेपरि मानते हुए शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी अपीलों का पालन करेंगे तथा आम जनमानस को भी अनावश्यक बुलियन निवेश से बचने हेतु जागरूक करेंगे।
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बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा व्यापारियों को आश्वस्त किया गया कि प्रशासन द्वारा व्यापारिक गतिविधियों के सुचारु संचालन, सुरक्षा व्यवस्था एवं आवश्यक प्रशासनिक सहयोग को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही सभी व्यापारियों से अपेक्षा की गई कि वे शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
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बैठक के अंत में राष्ट्रहित, आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित सभी व्यापारियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प व्यक्त किया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के सामान्य होने तक वे प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की अपील के अनुरूप कार्य करते हुए राष्ट्रहित में पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।
संयुक्त अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष में दोषी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों पर दंडात्मक कारवाई की मांग की
सोनभद्र। रविवार को राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं के चैंबरों पर जिस प्रकार बिना समुचित पूर्व सूचना, बिना वैकल्पिक व्यवस्था तथा बिना मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखे बुलडोजर चलाया गया एवं विरोध कर रहे अधिवक्ताओं पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया गया इसका संज्ञान लेते हुए संयुक्त अधिवक्ता महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि यह करवाई अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
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अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था का अभिन्न अंग है। न्यायालय परिसर में वर्षों से कार्यरत अधिवक्ताओं के चैंबर केवल ईंट-पत्थर की संरचना नहीं होते, बल्कि अधिवक्ताओं की आजीविका, मेहनत, विधिक दस्तावेजों एवं मुवक्किलों के विश्वास का केंद्र होते हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा अचानक बुलडोजर कार्रवाई कर चैंबरों को ध्वस्त करना अधिवक्ता समाज का अपमान है।
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श्री मिश्र ने कहा कि मैं इस घटना की घोर भर्त्सना करता हूँ तथा माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग करता हूँ कि जिन अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़े गए हैं, उन्हें उचित आर्थिक मुआवजा एवं वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल उपलब्ध कराई जाए। लाठीचार्ज एवं बल प्रयोग के दोषी पुलिसकर्मियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए तथा
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भविष्य में अधिवक्ताओं के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट नीति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक/प्रशासनिक जांच कराई जाए। लोकतंत्र में संवाद और संवेदनशीलता प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होती है, न कि दमनात्मक कार्रवाई।
अधिवक्ता समाज अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव एकजुट रहेगा। प्रदेश अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने कहा कि यदि जल्द से जल्द दोषी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कारवाई नहीं की गई तो पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं को एकजुट होकर आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसकी समस्त जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी।
रॉबर्ट्सगंज से ब्रॉमली काउंसिल तक: कंज़र्वेटिव पार्टी के टिकट पर लंदन में काउंसलर चुने गए सुमीत जालान
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और जनजातीय बहुल जिले सोनभद्र के मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के लिए यह वैश्विक पटल पर अत्यंत गौरव और ऐतिहासिक हर्ष का क्षण है। नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी राजकुमार जालान और सरोज जालान के सुपुत्र सुमीत जालान ने सात समंदर पार यूनाइटेड किंगडम (यूके) के लंदन बरो ऑफ ब्रॉमली में काउंसलर निर्वाचित होकर जिले सहित पूरे देश का नाम रोशन किया है।
हाल ही में संपन्न हुए यूके के स्थानीय निकाय चुनावों में सुमीत जालान ने वहां की प्रमुख राजनीतिक पार्टी ‘कंज़र्वेटिव पार्टी’ के टिकट पर ऐतिहासिक विजय प्राप्त की है। इस शानदार जीत के बाद अब वे लंदन के बेहद प्रतिष्ठित और रहने के लिहाज से सर्वश्रेष्ठ माने जाने वाले ब्रॉमली के चेल्सफ़ील्ड क्षेत्र के निवासियों का प्रतिनिधित्व करेंगे, जहां वे स्थानीय जनसमस्याओं को उठाने के साथ-साथ ब्रॉमली काउंसिल की नीतिगत निर्णय प्रक्रिया और विकास कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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रॉबर्ट्सगंज के एक साधारण परिवेश में जन्मे और यहीं की गलियों में पले-बढ़े सुमीत जालान की यह यात्रा किसी छोटे शहर के युवा के लिए सात समंदर पार जाकर सार्वजनिक सेवा के सर्वोच्च पद तक पहुँचने की एक बेहद प्रेरणादायक और जादुई कहानी जैसी है। यह सफलता उनके कठिन परिश्रम, अटूट दृढ़ संकल्प और समाज सेवा के प्रति उनके शुरुआती संस्कारों को दर्शाती है।
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सुमीत जालान की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा सोनभद्र में ही हुई, जिसके बाद वे वर्ष 2003 में उच्च शिक्षा के तहत एमबीए (MBA) की पढ़ाई करने के लिए यूनाइटेड किंगडम चले गए। वहां उन्होंने ‘यूनिवर्सिटी ऑफ वेल्स’ से प्रतिष्ठित एमबीए की डिग्री हासिल की।
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उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने वैश्विक स्तर पर निवेश बैंकिंग (इन्वेस्टमेंट बैंकिंग) और बिज़नेस स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में कदम रखा और लगभग दो दशकों तक एक बेहद सफल अंतरराष्ट्रीय करियर बनाया। इस दौरान उन्होंने दुनिया के कई प्रमुख और दिग्गज वित्तीय संस्थानों के साथ काम किया तथा भारत एवं मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कदम रखने वाली वैश्विक कंपनियों के लिए रणनीतिक सलाहकार के रूप में अपनी बड़ी पहचान बनाई।
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व्यावसायिक जीवन की बुलंदियों को छूने के साथ-साथ सुमीत का मन हमेशा समाज सेवा और मानवता की भलाई में लगा रहा। वैश्विक महामारी कोविड-19 के बेहद संकटपूर्ण दौर में जब पूरी दुनिया थम गई थी, तब सुमीत जालान ने लंदन में मानवता की मिसाल पेश की।
उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए लॉकडाउन के दौरान लंदन के विभिन्न इलाकों में अत्यंत ज़रूरतमंद और लाचार परिवारों तक 2,000 किलोग्राम से अधिक खाद्य सामग्री और राशन पहुँचाने का अभूतपूर्व कार्य किया। उनकी इस निस्वार्थ सेवा के लिए औरपिंगटन क्षेत्र के ब्रिटिश सांसद गैरेथ बेकन (Gareth Bacon, MP) ने सुमीत को सार्वजनिक मंच से “लोकल हीरो” के विशिष्ट सम्मान से नवाजा था।
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इसके अतिरिक्त, सुमीत ने लंदन में भारतीय संस्कृति की खुशबू बिखेरने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए ‘बिगजलेबी दिवाली’ नामक एक बेहद अनूठे वार्षिक सामुदायिक उत्सव की स्थापना की। यह आयोजन न केवल वहां प्रवासी भारतीयों को सांस्कृतिक एकता के सूत्र में पिरोता है, बल्कि विभिन्न चैरिटी और सामाजिक कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर धन जुटाने का एक प्रमुख माध्यम भी बन चुका है।
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लंदन की धरती पर लगातार किए जा रहे इन्हीं निस्वार्थ सामाजिक कार्यों और जनसेवा के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता ने अंततः उन्हें यूके की मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश करने के लिए प्रेरित किया।
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मई 2026 में आयोजित हुए यूके के स्थानीय चुनावों में चेल्सफ़ील्ड क्षेत्र के नागरिकों ने उनकी सेवाभावना पर अटूट विश्वास जताते हुए उन्हें भारी मतों से ब्रॉमली काउंसिल में अपना आधिकारिक प्रतिनिधि चुन लिया।
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इस ऐतिहासिक और गौरवमयी जीत के बाद सुमीत जालान ने भावुक होते हुए सोनभद्र से जुड़े अपने सगे-संबंधियों और मित्रों के माध्यम से कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि उनके माता-पिता के आशीर्वाद और उनके दिवंगत भाई संकेत जालान की स्मृतियों को समर्पित है,
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जो आज भी उनके जीवन में हर मोड़ पर प्रेरणा और मार्गदर्शन का सबसे बड़ा स्रोत हैं। उन्होंने चेल्सफ़ील्ड के मतदाताओं और स्थानीय निवासियों द्वारा जताए गए इस अगाध विश्वास के लिए दिल से आभार व्यक्त किया और संकल्प लिया कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ वहां की जनता की सेवा करेंगे।
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सुमीत की इस अंतरराष्ट्रीय कामयाबी की खबर जैसे ही रॉबर्ट्सगंज और सोनभद्र जनपद में फैली, पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई और उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
अनुदेशकों का मानदेय बढ़कर हुआ 17 हजार, कलेक्ट्रेट में राज्यमंत्री ने वितरित किया चेक
सोनभद्र। जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में उच्च प्राथमिक शिक्षा की रीढ़ कहे जाने वाले अंशकालिक अनुदेशकों के लिए सम्मान का एक नया अध्याय लिखा गया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के कुल 24,517 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में की गई ऐतिहासिक वृद्धि के क्रम में जिला प्रशासन एवं बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह एवं मानदेय वितरण शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस निर्णय से अकेले जनपद सोनभद्र के 460 कार्यरत अनुदेशकों को सीधे तौर पर बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलना आरम्भ हो गया है। कार्यक्रम के दौरान यह तथ्य भी रेखांकित किया गया कि बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कक्षाओं में 100 या उससे अधिक छात्र नामांकन होने पर ही अनुदेशकों का पद सृजित होता है,
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जहाँ नियमानुसार अधिकतम तीन अनुदेशकों की नियुक्ति का प्रावधान है। ये अनुदेशक खेल, कला, गृहशिल्प और कार्यानुभव जैसे विषयों के विशेषज्ञ हैं, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पूर्व में कुल 41,000 अनुदेशकों के सापेक्ष अब प्रदेश में केवल 24,296 अनुदेशक ही शेष रह गए हैं, ऐसे में इस संवर्ग की सेवा सुरक्षा और आर्थिक सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
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समारोह के दौरान राज्य स्तर (लखनऊ) पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में बड़ी स्क्रीन पर किया गया, जिसे उपस्थित समस्त अनुदेशकों ने बेहद उत्साह के साथ देखा। जैसे ही लखनऊ से प्रदेश के समस्त अनुदेशकों के कल्याण और मानदेय वृद्धि की आधिकारिक घोषणा की गई, पूरा कलेक्ट्रेट परिसर अनुदेशकों की करतल ध्वनि और खुशी से गूंज उठा।
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इस गरिमामयी अवसर पर जनपद के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अनुदेशकों को मंच पर आमंत्रित कर मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों द्वारा अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह का मुख्य आकर्षण अनुदेशकों को अप्रैल माह के बढ़े हुए मानदेय के रूप में 17,000 रुपये का प्रतीकात्मक चेक वितरित करना रहा, जिसे पाकर सोनभद्र के अनुदेशकों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़ ने दीप प्रज्वलित कर समारोह की शुरुआत की।
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उन्होंने अनुदेशकों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री संत भाव से प्रदेश के विकास और मानदेय कर्मियों के कल्याण की सौगात देते हैं। हमारे अनुदेशक साथी पूरी निष्ठा के साथ नियमित रूप से विद्यालय में रहकर शिक्षा व्यवस्था में अपना अमूल्य योगदान देते हैं।
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समाज की मुख्य धारा से अंतिम पायदान के समस्त बच्चों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की राह में उनका यह समर्पण अतुलनीय है। इसी को देखते हुए सरकार ने सभी कार्यरत शिक्षकों व कर्मियों को 5 लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा देने और मानदेय को बढ़ाकर 17,000 रुपये करने का यह ऐतिहासिक कदम उठाया है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर अनुदेशक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र बहादुर सिंह द्वारा मानदेय को 17,000 रुपये करने के इस कल्याणकारी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के प्रति विशेष रूप से आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से प्रदेश के हजारों अनुदेशक परिवारों में आर्थिक संबल और सम्मान की नई किरण जागी है।
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समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अनुदेशकों और शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि बच्चे हमेशा अपने शिक्षकों के व्यवहार का अनुकरण करते हैं और उन्हें देखकर ही अपना व्यक्तित्व ढालते हैं, इसलिए सभी शिक्षक और अनुदेशक बच्चों को मूल्य आधारित शिक्षा दें। शिक्षण कार्य के दौरान बच्चों की रुचि, उनकी क्षमता और उनके सीखने के स्तर (लर्निंग लेवल) का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि हर बच्चे का प्रभावी और सकारात्मक विकास हो सके।
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इस दौरान सदर विधायक भूपेश चौबे ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अनुदेशक साथियों को इस नई शुरुआत के लिए हार्दिक बधाई दी। अनुदेशकों को उनके बड़े दायित्वों के प्रति प्रेरित करते हुए सदर विधायक ने कहा कि आप सभी पर कृषि, खेल और कला के भी हम केक्षेत्रों में छात्रों की प्रतिभा को निखारने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।
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आप सभी विद्यालय स्तर पर सड़क सुरक्षा, ‘प्लास्टिक मेरी जिम्मेदारी’, स्वच्छता और जल संकर्षण (वॉटर हार्वेस्टिंग) जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर चर्चा करके बच्चों के भीतर एक सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन ला सकते हैं। आपकी दी हुई यह सीख राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभाएगी।
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कार्यक्रम में उपस्थित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह, विशिष्ट अतिथि जिलाध्यक्ष भाजपा नन्द लाल गुप्ता और घोरावल विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र मौर्य ने भी सरकार की इस जनहितैषी और शिक्षक-हितैषी योजना की सराहना की।
उन्होंने कहा कि 17,000 रुपये की यह सम्मानजनक राशि अनुदेशक साथियों के सामाजिक और आर्थिक सम्मान को और सुदृढ़ करेगी तथा इससे उनका मनोबल और ऊंचा होगा। इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे और कार्यक्रम के अंत में आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभिन्न अनुदेशक व शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी, भारी संख्या में जनपद के अनुदेशक और विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।