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- सप्तमी पर मां दक्षिणेश्वर काली का भव्य श्रृंगार, चढ़ा छप्पन भोग, हुई मां की दिव्य आरती

सोनभद्र। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर जनपद के शक्तिपीठों और मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। इसी क्रम में जिला मुख्यालय स्थित तहसील के समीप दंडईत बाबा मंदिर परिसर में स्थित मां दक्षिणेश्वर काली शक्तिपीठ में भक्तों का भारी तांता लगा हुआ है। बुधवार को नवरात्रि की सप्तमी तिथि (महा-सप्तमी) के अवसर पर मंदिर परिसर मां के जयकारों से गुंजायमान रहा।

दिव्य आरती और छप्पन भोग
सप्तमी के विशेष अवसर पर मंदिर के प्रधान पुजारी मृत्युंजय त्रिपाठी द्वारा मां काली का विधि-विधान से दिव्य और भव्य पूजन किया गया। मां का विशेष श्रृंगार करने के पश्चात उनकी महाआरती उतारी गई। इस दौरान मां काली को ‘छप्पन भोग’ का प्रसाद अर्पित किया गया। आरती के समय मंदिर परिसर में उपस्थित सैकड़ों भक्तों ने मां के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

वर्ष 2006 में हुई थी स्थापना
मंदिर के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधान पुजारी मृत्युंजय त्रिपाठी ने बताया कि श्रद्धालुओं की अगाध आस्था को देखते हुए दंडइत बाबा मंदिर परिसर में वर्ष 2006 में मां दक्षिणेश्वर काली मंदिर की स्थापना की गई थी। स्थापना के समय से ही यह मंदिर नगरवासियों और दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है।

भक्तों की रक्षा करते हैं दंडइत बाबा
पुजारी जी ने आगे बताया कि मां के मंदिर के समीप ही स्थित मध्य काशी के कोतवाल दंडइत बाबा का स्थान है। मान्यता है कि दंडइत बाबा अपने भक्तों को समस्त विघ्नों, बाधाओं और कष्टों से बचाकर उनकी रक्षा करते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां प्रतिदिन मेले जैसा दृश्य रहता है। शाम की आरती में शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु सहभागिता करते हैं।



































