HIGHLIGHTS
- 20 मई को भारत बंद को लेकर दवा व्यापारियों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
सोनभद्र। अवैध ई-फार्मेसी के संचालन और कॉरपोरेट घरानों की मनमानी के खिलाफ जिले के दवा व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को जिला सोनभद्र केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में दवा विक्रेताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को बुलंद किया।
व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो आगामी 20 मई को जिले सहित देशभर की दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन दवाओं की अनियंत्रित बिक्री और कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा दी जा रही ‘प्रिडेटरी प्राइसिंग’ (अत्यधिक छूट) ने 12 लाख से अधिक छोटे और मध्यम दवा विक्रेताओं की आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है।

बिना वैध पर्चे के दवाओं की होम डिलीवरी, एंटीबायोटिक और नशीली दवाओं की आसान उपलब्धता न केवल व्यापार के लिए घातक है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। व्यापारियों का तर्क है कि ई-फार्मेसी के कारण मरीज और फार्मासिस्ट के बीच का सीधा संवाद खत्म हो गया है, जिससे दवाओं के भंडारण और उपयोग में अनियमितताएं बढ़ रही हैं।

ज्ञापन के माध्यम से दवा विक्रेताओं ने केंद्र सरकार से 28 अगस्त 2018 की अधिसूचना जीएसआर 817 (ई) और 26 मार्च 2020 की अधिसूचना जीएसआर 220 (ई) को तत्काल वापस लेने की मांग की है। समिति के अध्यक्ष बृजानंद सिंह और महामंत्री अमित कुमार ने कहा कि बड़े व्यापारिक समूह बाजार को प्रभावित करने के लिए अनुचित व्यापार नीतियों का सहारा ले रहे हैं,

जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्ट्रेट परिसर में “दवा विक्रेता समिति जिंदाबाद” के नारों के बीच व्यापारियों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर चंद्रशेखर पांडेय, राहुल पटेल, बिंदु सोनी, सूरज, राजेश कुमार, रोहित, सुग्रीव सिंह और वेद प्रकाश समेत भारी संख्या में केमिस्ट एवं वितरक मौजूद रहे।




































