सोनभद्र में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल, ईद-उल-अजहा की नमाज के बाद सौहार्द कार्यक्रम में जुटे विभिन्न दलों के गणमान्य लोग

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  • सोनभद्र में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल, ईद-उल-अजहा की नमाज के बाद सौहार्द कार्यक्रम में जुटे विभिन्न दलों के गणमान्य लोग

सोनभद्र।  ईद-उल-अजहा के मुबारक मौके पर आज जनपद में नमाज के उपरांत एक भव्य सौहार्द कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो शहर में आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की एक खूबसूरत मिसाल बन गया। इस विशेष कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों के गणमान्य लोग और प्रबुद्ध जन एक ऐतिहासिक मंच पर साथ नजर आए।

सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की पुरजोश मुबारकबाद दी और पूरे जिले में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, तरक्की तथा खुशहाली की सामूहिक दुआ की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अल ईमान फाउंडेशन के सदर हाजी सलीम हुसैन, सदर मुश्ताक अहमद खान, पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा एवं पूर्व सदर अजहर खान विशेष रूप से उपस्थित रहे और समाज में एकजुटता का संदेश दिया।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अल ईमान फाउंडेशन के सदर हाजी सलीम हुसैन ने कहा कि ईद-उल-अजहा का यह पवित्र त्योहार हमें त्याग, कुर्बानी और इंसानियत का सच्चा सबक सिखाता है। उन्होंने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अल ईमान फाउंडेशन का मूल मकसद ही समाज के हर वर्ग की नि:स्वार्थ सेवा करना और दिलों में आपसी मोहब्बत को बढ़ावा देना है। सोनभद्र की यही विविधता और एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

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वहीं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने अपने संबोधन में सोनभद्र की मिट्टी की सराहना करते हुए कहा कि त्योहारों का असली और एकमात्र मकसद इंसानी दिलों को आपस में जोड़ना है। सोनभद्र की गंगा-जमुनी तहजीब पूरे उत्तर प्रदेश के लिए हमेशा से एक बड़ी नजीर रही है। उन्होंने आह्वान किया कि हमें हर हाल में और हर कीमत पर इस ऐतिहासिक भाईचारे व कौमी एकता को कायम रखना है।

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सौहार्द के इस मंच से सदर मुश्ताक अहमद खान ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि इस पावन और मुकद्दस मौके पर समाज के संपन्न लोगों को अपने आसपास रहने वाले गरीबों, यतीमों और जरूरतमंदों का खास ख्याल रखना चाहिए।

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कुर्बानी का असल और रूहानी मतलब यही है कि हम अपनी खुशियों के दरवाज़े दूसरों के लिए भी खोलें और उन्हें अपनी खुशहाली में शामिल करें। इसके साथ ही पूर्व सदर अजहर खान ने कार्यक्रम की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आज का यह बेहद सकारात्मक माहौल देखकर दिल खुश हो गया है।

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यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई, सभी समुदायों के लोग एक साथ मिलकर त्योहार की खुशियां बांट रहे हैं। यही हमारे सोनभद्र की असली खूबसूरती और विरासत है, जिसे हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा सहेजकर और मजबूत बनाकर रखना है। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने मुल्क में स्थायी अमन-शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए हाथ उठाकर विशेष दुआ मांगी। इस सौहार्द मिलन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और संभ्रांत व्यापारियों ने भी शिरकत कर समाज को अटूट एकता का संदेश दिया।

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बकरीद पर सोनभद्र में सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम, DM चर्चित गौड़ और SP अभिषेक वर्मा ने मस्जिदों व ईदगाहों किया दौरा

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  • बकरीद पर सोनभद्र में सुरक्षा के रहे कड़े इंजाम, DM चर्चित गौड़ और SP अभिषेक वर्मा ने मस्जिदों व ईदगाहों किया दौरा

सोनभद्र। आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को जिले में पूरी तरह सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। त्योहार के मद्देनजर जनपद के सभी संवेदनशील क्षेत्रों, मस्जिदों, ईदगाहों, प्रमुख बाजारों और भीड़-भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।

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इसी सिलसिले में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने भारी पुलिस बल के साथ थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न मस्जिदों, ईदगाहों और आसपास के संवेदनशील इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

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इस दौरान दोनों शीर्ष अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों और नमाजियों से सीधे मुलाकात कर उन्हें बकरीद पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और समाज में आपसी भाईचारा, कौमी एकता व सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की।

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निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर मुस्तैद पुलिस अधिकारियों व जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने हिदायत दी कि सभी संवेदनशील प्वाइंट्स पर विशेष सतर्कता बरती जाए, पुलिस टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त करती रहें और किसी भी तरह के संदिग्ध व्यक्तियों या भ्रामक गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए।

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इसके साथ ही त्योहार के दौरान बाजारों और मुख्य रास्तों पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि आम जनता को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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मुख्यालय के साथ-साथ तहसील और ग्रामीण इलाकों में भी सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ऋषभ रुणवाल ने थाना दुद्धी क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न इलाकों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय पुलिस बल को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।

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इसके अलावा जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारी (सीओ) और थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर सुरक्षा व्यवस्था को संभाल रहे हैं। कानून व्यवस्था में खलल डालने वाले तत्वों से निपटने के लिए सोनभद्र पुलिस द्वारा आधुनिक तकनीकों का भी सहारा लिया जा रहा है।

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पूरे जिले में ड्रोन कैमरों, प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है, ताकि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से कोई भी शरारती तत्व अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित कर जिले का माहौल खराब न कर सके।

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शिक्षकों के सत्यापन कार्य में हो रही प्रताड़ना को लेकर राजकीय शिक्षक संघ ने महानिदेशक को सौंपा ज्ञापन, नए निर्देश जारी करने की मांग

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  • शिक्षकों के सत्यापन कार्य में हो रही प्रताड़ना को लेकर राजकीय शिक्षक संघ ने महानिदेशक को सौंपा ज्ञापन, नए निर्देश जारी करने की मांग

सोनभद्र।  राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को निशातगंज स्थित कार्यालय में स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों के स्थानांतरण, पदोन्नति सहित विभिन्न विभागीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की और उनके त्वरित निस्तारण हेतु एक मांग पत्र सौंपा।

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संघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार गौतम के नेतृत्व में गए इस प्रतिनिधिमंडल में कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. सत्यम् शिवम् सुन्दरम्, प्रदेश महामंत्री डॉ. अशोक कुमार अवाक, प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. अमर सिंह और वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनिल कुमार पासवान मुख्य रूप से शामिल रहे। महानिदेशक को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने पुरजोर मांग की है

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कि शिक्षकों के चयन-वेतनमान, प्रोन्नत-वेतनमान, पदोन्नति एवं अन्य सेवा संबंधी प्रकरणों में गोपनीय आख्या, सेवा अनुभव और अन्य जरूरी अभिलेखों के सत्यापन के लिए नए सिरे से कड़े निर्देश जारी किए जाएं। संघ का कहना है कि इन अभिलेखों को विद्यालय या कार्यालय में पहले से मौजूद रिकॉर्ड और सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) के आधार पर वर्तमान में तैनात उच्चाधिकारियों द्वारा ही सत्यापित किया जाना चाहिए।

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इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए संघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. अशोक कुमार अवाक ने बताया कि महानिदेशक को इस बात से गंभीरतापूर्वक अवगत कराया गया है कि पूर्व अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) अंजना गोयल द्वारा इस विषय में स्पष्ट आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

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इसके बावजूद कतिपय प्रधानाचार्य, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) उक्त शासनादेश की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं। ये अधिकारी कार्य की सुगमता के विपरीत जाकर शिक्षकों से उस समय के तत्कालीन अधिकारियों से अभिलेखों को सत्यापित कराने का दबाव बनाते हैं, जो विधिक और व्यावहारिक दोनों ही दृष्टिकोण से पूरी तरह अनुचित है।

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इस अड़ियल रवैये के कारण प्रदेश भर के शिक्षकों को भारी मानसिक, शारीरिक और आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने महानिदेशक के समक्ष स्पष्ट किया कि इस संबंध में नए और सख्त निर्देश जारी करना बेहद आवश्यक हो गया है,

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ताकि शिक्षकों को दफ्तरों की अनावश्यक दौड़-भाग, पीड़ा, आर्थिक नुकसान और कार्यालयी स्तर पर पनप रहे भ्रष्टाचार से पूरी तरह बचाया जा सके। महानिदेशक मोनिका रानी ने संघ की सभी मांगों और तर्कों को बेहद ध्यानपूर्वक सुना और इस गंभीर प्रकरण पर सकारात्मक विचार करते हुए जल्द ही उचित कदम उठाने का ठोस आश्वासन दिया।

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बालू लदे दो ओवरलोड भारी वाहन सीज, पुलिस और परिवहन विभाग ने की संयुक्त कार्रवाई

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  • शक्तिनगर में पुलिस और परिवहन विभाग की बड़ी संयुक्त कार्रवाई, बालू लदे दो ओवरलोड भारी वाहन सीज

सोनभद्र। जनपद में अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और मानक विहीन भारी वाहनों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत शक्तिनगर पुलिस और उप संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कड़े निर्देशन में जिले भर में अपराध एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ सड़कों पर नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले भारी वाहनों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

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इसी कड़ी में अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के कुशल पर्यवेक्षण में गुरुवार को थाना शक्तिनगर पुलिस और उप संभागीय परिवहन अधिकारी की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में एक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया।

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इस विशेष अभियान के दौरान टीम ने शक्तिनगर क्षेत्र से गुजर रहे बालू लदे दो भारी वाहनों (ट्रेलर/हाईवा) को रोककर उनकी गहनता से जांच की। जांच के दौरान दोनों ही वाहन परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के विपरीत और अत्यधिक ओवरलोड पाए गए। नियमों का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन मिलने पर संयुक्त टीम ने तत्काल विधिक रुख अपनाते हुए दोनों भारी वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया।

सीज किए गए दोनों वाहनों को कड़ी सुरक्षा के बीच थाना शक्तिनगर परिसर में लाकर खड़ा करा दिया गया है। इसके साथ ही परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा संबंधित विभाग को अग्रिम दंडात्मक और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए विस्तृत रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है।

इस सफल संयुक्त कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से उप संभागीय परिवहन अधिकारी और थाना शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक सत्येन्द्र कुमार राय अपनी पूरी पुलिस टीम के साथ शामिल रहे। सोनभद्र पुलिस ने इस कार्रवाई के माध्यम से ओवरलोडिंग करने वाले वाहन स्वामियों और माफियाओं को कड़ा संदेश दिया है।

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पुलिस प्रशासन का साफ कहना है कि सड़कों को क्षतिग्रस्त होने से बचाने और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से मानक विहीन और ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध यह सघन चेकिंग अभियान आगे भी पूरी कड़ाई के साथ निरंतर जारी रहेगा।

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बकरीद पर्व को लेकर सोनभद्र पुलिस हाई अलर्ट पर, एसपी अभिषेक वर्मा की अगुवाई में भारी पुलिस बल ने किया फ्लैग मार्च और एरिया डोमिनेशन

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  • बकरीद पर्व को लेकर सोनभद्र पुलिस हाई अलर्ट पर, एसपी अभिषेक वर्मा की अगुवाई में भारी पुलिस बल ने किया फ्लैग मार्च और एरिया डोमिनेशन

सोनभद्र। ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को जनपद में सकुशल, शांतिपूर्ण और आपसी सौहार्द के वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए सोनभद्र पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में सुरक्षा और सतर्कता को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से जिले के सभी संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों तथा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर व्यापक स्तर पर पुलिस गश्त, चेकिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है।

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इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने भारी पुलिस बल के साथ खुद थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के अंतर्गत फ्लैग मार्च और एरिया डोमिनेशन किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्थानीय नागरिकों व राहगीरों से बातचीत कर उन्हें पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
पर्व की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे जिले को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।

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अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार व क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के नेतृत्व में थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में, अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ऋषभ रुणवाल व क्षेत्राधिकारी दुद्धी राजेश कुमार राय के नेतृत्व में थाना दुद्धी क्षेत्र में, क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के नेतृत्व में थाना पिपरी क्षेत्र में, क्षेत्राधिकारी घोरावल राहुल पाण्डेय द्वारा थाना शाहगंज क्षेत्र में,

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क्षेत्राधिकारी सदर राज सोनकर द्वारा थाना पन्नूगंज क्षेत्र में तथा क्षेत्राधिकारी ओबरा अमित कुमार के नेतृत्व में थाना ओबरा क्षेत्र के अंतर्गत सुरक्षा बलों ने मार्च किया। इसके साथ ही जनपद के अन्य सभी थानों की पुलिस ने भी अपने-अपने इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल के साथ सड़कों पर उतरकर फ्लैग मार्च किया और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को परखा।

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इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य आम जनता के मन में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ करना और समाज में शांति का माहौल तैयार करना था। पुलिस अधिकारियों ने मार्च के दौरान लोगों से अपील की कि वे आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखते हुए इस पावन पर्व को मनाएं। इसके साथ ही पुलिस ने असामाजिक और अराजक तत्वों को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी दी है।

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प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने, धार्मिक भावनाएं भड़काने, सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट डालने, हुड़दंग मचाने या कानून व्यवस्था को हाथ में लेने का प्रयास करने वालों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय व्यापारियों, धर्मगुरुओं, संभ्रांत नागरिकों और आम जनता के साथ सीधा संवाद भी स्थापित किया है। सभी से त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया गया है। कानून व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में निरंतर भ्रमणशील रहें, संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखें और रात की गश्त को और अधिक प्रभावी बनाएं।

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आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए जनपद पुलिस द्वारा ड्रोन कैमरों, प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी और सोशल मीडिया सेल के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को पैदा होने से पहले ही रोका जा सके। सोनभद्र पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें और आसपास दिखने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराएं। जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन हर आवश्यक कदम उठा रहा है।

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रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण कल से होगी शुरू, छह महीने तक रहेगा रूट डायवर्जन, भारी और हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय

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  • रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण कल से होगी शुरू, छह महीने तक रहेगा रूट डायवर्जन, भारी और हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय

सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के पन्नूगंज रोड स्थित जोगियाबीर महाल रेलवे क्रॉसिंग (लेवल क्रॉसिंग संख्या-37) पर बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य गुरुवार से शुरू होने जा रहा है। जनपद में चुनार-चोपन रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण कार्य के अंतर्गत प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण परियोजना को हरी झंडी मिलते ही रेलवे की जमीन पर वर्षों से गुमटी और अस्थाई दुकानें लगाने वाले लोगों ने खुद ही अपना अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया है।

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इस बड़े निर्माण कार्य के मद्देनजर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से अगले छह महीने के लिए व्यापक रूट डायवर्जन लागू करने का आधिकारिक निर्देश जारी कर दिया गया है। ओवरब्रिज निर्माण की अवधि के दौरान होने वाले इस रूट डायवर्जन के कारण नगवां

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और चतरा ब्लॉक के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे बिहार प्रांत के लोगों को रॉबर्ट्सगंज मुख्यालय आने-जाने के लिए अब लंबा सफर तय करना पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में आमजन को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि, जिला प्रशासन और रेलवे निर्माण प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह असुविधा बेहद अस्थाई है और आरओबी का निर्माण पूरा होते ही क्षेत्रवासियों को हमेशा रहने वाले भीषण जाम और बार-बार रेलवे फाटक बंद होने की बड़ी समस्या से स्थाई निजात मिल जाएगी, जिससे भविष्य का आवागमन बेहद सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।

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निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को रास्तों को लेकर किसी प्रकार का भ्रम या परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे निर्माण विभाग और जिला प्रशासन द्वारा संबंधित मार्गों पर जगह-जगह बड़े होर्डिंग्स और संकेतक लगाकर रूट डायवर्जन की अग्रिम जानकारी प्रदर्शित की जा रही है।

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रेलवे निर्माण प्रबंधन के प्रोजेक्ट मैनेजर देवेश कुमार ने बताया कि निर्माण स्थल पर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से हल्के और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।

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प्रशासन द्वारा तय की गई नई यातायात व्यवस्था के अनुसार, पन्नूगंज की तरफ से मिर्जापुर, वाराणसी एवं घोरावल की ओर जाने वाले हल्के वाहनों को वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग से डायवर्ट किया गया है, जो अब तेंदू, बनौरा और बेलखुरी मार्ग का उपयोग करके अपनी मंजिलों तक पहुंच सकेंगे। वहीं दूसरी ओर, ट्रक और डंपर जैसे भारी वाहनों को मधुपुर मझगाई मोड़ से डायवर्ट किया गया है, जिन्हें बनौरा होते हुए बेलखुरी मार्ग से गुजरने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

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जिला प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से पुरजोर अपील की है कि वे निर्माण अवधि के दौरान धैर्य बनाए रखें और निर्धारित किए गए नए रूट डायवर्जन का पूरी कड़ाई से पालन करें। इसके साथ ही वाहन स्वामियों से सड़क पर लगाए गए यातायात संकेतकों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का अनुपालन करने को कहा गया है। प्रशासन ने चालकों को हिदायत दी है कि निर्माण स्थल के आसपास वाहनों की गति बेहद धीमी रखें और वहां अनावश्यक रूप से भीड़ न लगाएं, ताकि विकास कार्य बिना किसी बाधा के तेजी से पूरा किया जा सके।

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डीजल-पेट्रोल के साथ रसोई गैस, दाल और तेल के दाम बढ़े; घरेलू बजट और भोजन का जायका दोनों बिगड़े

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  • डीजल-पेट्रोल के साथ रसोई गैस, दाल और तेल के दाम बढ़े; घरेलू बजट और भोजन का जायका दोनों बिगड़े

अनपरा, सोनभद्र। डीजल और पेट्रोल की कीमतों में लगातार हो रही बेतहाशा वृद्धि ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। ईंधन के दामों में लगी इस आग के कारण अब सफर करना तो महंगा हुआ ही है, साथ ही साथ आम जनमानस की रसोई का बजट भी पूरी तरह से चरमरा गया है। रविवार की देर रात पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा पेट्रोल के दामों में 2.61 रुपये और डीजल के दामों में 2.71 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई है।

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इस ताजा वृद्धि के बाद अब अनपरा और आस-पास के औद्योगिक क्षेत्रों में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 103.50 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 96.72 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। गौरतलब है कि पिछले महज दस दिनों के भीतर ही डीजल की कीमतों में 7.56 रुपये प्रति लीटर का बड़ा उछाल आया है, जिसके कारण मालभाड़े में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर अब खुले बाजार में दिखने लगा है और रोजमर्रा के उपयोग की सभी खाद्य सामग्रियों के दाम आसमान छूने लगे हैं।

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बाजार में महंगाई की मार का आलम यह है कि लोग अभी रसोई गैस की किल्लत और उसकी ऊंची कीमतों के बोझ से उबर भी नहीं पाए थे कि अब अन्य आवश्यक वस्तुओं ने भी आम आदमी को सताना शुरू कर दिया है। क्षेत्र में इन दिनों एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत बनी हुई है, जिसके कारण विवश होकर उपभोक्ताओं को घरेलू गैस की आपूर्ति के लिए ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) का सहारा लेना पड़ रहा है और महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं।

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इस संकट के बीच डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट (परिवहन लागत) बढ़ गई है, जिससे थोक और फुटकर बाजार में सरसों का तेल और रिफाइंड तेल सीधे 5 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो गए हैं। इसी तरह, आम आदमी की थाली का मुख्य हिस्सा मानी जाने वाली विभिन्न दालों की कीमतों में भी 5 रुपये प्रति किलोग्राम की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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केवल तेल और दाल ही नहीं, बल्कि बाजार में मिलने वाले अन्य खाद्यान्नों, मसालों और दैनिक उपयोग की अन्य छोटी-बड़ी वस्तुओं के दामों में भी एक रुपये से लेकर दस रुपये तक का उछाल आया है।
ईंधन और खाद्य पदार्थों के दामों में एक साथ हुए इस चौतरफा हमले से मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।

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स्थानीय निवासियों का कहना है कि आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया वाली स्थिति हो गई है, जिसके कारण अब उन्हें मजबूरन अपने मासिक खर्चों और खान-पान में भारी कटौती करने की योजना बनानी पड़ रही है। गृहिणियों का साफ कहना है कि गैस, तेल और दाल के दाम एक साथ बढ़ जाने से न केवल रसोई का पूरा गणित खराब हो गया है,

बल्कि बढ़ती महंगाई ने भोजन की थाली का स्वाद और जायका भी पूरी तरह से छीन लिया है। यदि सरकार और प्रशासन ने कीमतों को नियंत्रित करने या मालभाड़े पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में आम जनता की मुश्किलें और ज्यादा भयावह रूप अख्तियार कर लेंगी।

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बिना वैकल्पिक व्यवस्था के रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को हटाना न्यायसंगत नहीं, ‘पहले पुनर्वास, फिर हटाओ’ की नीति अपनाए प्रशासन- कौशल शर्मा

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  • बिना वैकल्पिक व्यवस्था के रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को हटाना न्यायसंगत नहीं, ‘पहले पुनर्वास, फिर हटाओ’ की नीति अपनाए प्रशासन- कौशल शर्मा

कुशाग्र कौशल शर्मा

सोनभद्र। नगर क्षेत्र में फ्लाईओवर के नीचे वर्षों से अपनी जीविका चला रहे गरीब रेहड़ी-पटरी एवं छोटे दुकानदारों को हटाने की कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने भारी चिंता व्यक्त की है। संगठन ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इन गरीबों की दुकानों को हटाना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।

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इस गंभीर समस्या के संदर्भ में संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपते हुए जिला अध्यक्ष ने कहा कि फ्लाईओवर के नीचे दुकान लगाने वाले अधिकांश लोग आर्थिक रूप से बेहद कमजोर वर्ग से आते हैं और यह दुकानदारी ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है। ऐसे में बिना किसी पूर्व तैयारी के अचानक अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई से सैकड़ो परिवारों के सामने सीधे रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।

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श्री शर्मा ने प्रशासन को अवगत कराया कि इन आर्थिक रूप से कमजोर दुकानदारों में से कई लोगों ने अपना व्यवसाय चलाने के लिए बैंकों से ऋण (लोन) भी ले रखा है। यदि अचानक उनका यह छोटा व्यवसाय बंद करा दिया जाता है, तो वे कर्ज की किस्तें नहीं चुका पाएंगे। इससे न केवल उनका सिबिल (CIBIL) स्कोर खराब होगा, बल्कि उनके परिवारों के समक्ष भुखमरी की स्थिति भी उत्पन्न हो जाएगी।

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जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की स्पष्ट ‘स्ट्रीट वेंडर नीति’ है। इस नीति के तहत प्रशासन को पहले नगर में व्यवस्थित वेंडिंग जोन स्थापित करना चाहिए, इन गरीब दुकानदारों का सही तरीके से सर्वे कराना चाहिए और उन्हें वैध स्थान आवंटित करना चाहिए। इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही हटाने की कोई कार्रवाई की जानी चाहिए। गरीबों को उजाड़ना किसी भी समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो सकता।

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व्यापार संगठन के अध्यक्ष ने जिलाधिकारी से मांग की है कि प्रशासन को इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और “पहले पुनर्वास, फिर हटाओ” की नीति पर काम करना चाहिए, ताकि शहर के विकास कार्यों के साथ-साथ इन गरीब परिवारों की आजीविका भी सुरक्षित रह सके।

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इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए, चाहे सामने कोई कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि प्रशासन ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानों को जबरन हटाया, तो संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगा।

इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से चंदन चौरसिया, राकेश प्रसाद, दिलीप कुमार, अजय कुमार, दयाराम सोनकर, राजा सोनकर, अनिल सोनकर, सुरेश, राजेश कुमार, विजेंद्र, तेजू, अजय कुमार शर्मा, राजा, सुरेश सोनकर, राम जी केसरी, काशी प्रसाद और आफताब आलम सहित भारी संख्या में व्यापारी और दुकानदार उपस्थित रहे।

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सोनभद्र के किसानों के लिए बड़ी राहत: नाम संशोधन की प्रक्रिया होगी बेहद आसान, DM ने लेखपालों और राजस्व कर्मियों की सुस्ती पर कड़ा रुख अपनाते हुए दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

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  • सोनभद्र के किसानों के लिए बड़ी राहत: नाम संशोधन की प्रक्रिया होगी बेहद आसान, DM ने लेखपालों और राजस्व कर्मियों की सुस्ती पर कड़ा रुख अपनाते हुए दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

सोनभद्र।  जनपद के अन्नदाताओं और किसानों को अपनी ही जमीनों के अभिलेखों और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब तहसीलों के अंतहीन चक्कर काटने से पूरी तरह मुक्ति मिलने जा रही है। किसान हितों को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन ने किसान रजिस्ट्रेशन एवं किसान आईडी में नाम संशोधन की जटिल प्रक्रिया को बेहद सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है।

सोनभद्र के जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपद के समस्त उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) को कड़े दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कहा है कि किसानों को अनावश्यक रूप से तहसीलों और सरकारी दफ्तरों की खाक छानने के लिए मजबूर न होना पड़े। उन्होंने राजस्व विभाग को अल्टीमेटम दिया है कि नाम संशोधन से जुड़े सभी लंबित मामलों का एक निश्चित समय सीमा के भीतर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और इसमें किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही पर सीधे संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

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दरअसल, वर्तमान समय में सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न लाभकारी योजनाओं, रियायती दरों पर उर्वरक, कीटनाशक, बीज और अन्य कृषि इनपुट संबंधी सब्सिडी का सीधा लाभ उठाने के लिए प्रत्येक किसान के पास किसान रजिस्ट्रेशन एवं एक विशिष्ट किसान आईडी का होना अनिवार्य कर दिया गया है।

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लेकिन जनपद के हजारों किसानों के सामने एक व्यावहारिक और बड़ी समस्या यह आ रही थी कि उनके वास्तविक नाम एवं पते राजस्व अभिलेखों की मूल खसरा-खतौनी में कुछ और दर्ज हैं, जबकि अन्य दस्तावेजों में अलग हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत सिंह, कुमार, देवी, रानी, कुमारी जैसे उपनामों (सरनेम) में स्पेलिंग या भिन्नता होने के कारण आ रही थी।

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इस मामूली मानवीय त्रुटि की वजह से कृषि विभाग के पोर्टल पर किसानों के डेटा का मिलान नहीं हो पा रहा था और सीधे-साधे ग्रामीण किसानों को नाम ठीक कराने के लिए महीनों तक लेखपालों, कानूनगो और नायब तहसीलदारों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। इस गंभीर समस्या और राजस्व कर्मियों के उदासीन रवैये को लेकर जिला मुख्यालय और तहसील दिवसों में किसानों द्वारा लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं।

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इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने राजस्व अधिकारियों के पेंच कसे हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि किसान हित प्रशासन के लिए सर्वोपरि है और नाम संशोधन की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुगम बनाया जाए। जिलाधिकारी ने कड़े लहजे में कहा कि किसी भी किसान को एक छोटे से नाम सुधार के लिए अनावश्यक रूप से परेशान करने या राजस्व कर्मियों द्वारा उन्हें बार-बार दौड़ाने की पुरानी प्रवृत्ति पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगाई जाए।

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प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए डीएम ने निर्देशित किया कि किसान द्वारा आवेदन प्राप्त होने की तिथि से लेकर नाम संशोधन का कार्य पूर्ण होने तक की एक सख्त समय सीमा (डेडलाइन) तय की जाए और इसका कड़ाई से शत-प्रतिशत पालन कराया जाए।

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इसके साथ ही उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने स्तर पर लेखपाल, कानूनगो एवं नायब तहसीलदार स्तर पर लंबित पड़े ऐसे सभी पुराने व नए प्रकरणों की हर सप्ताह नियमित समीक्षा (रिव्यू) करें।

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यदि किसी भी स्तर पर बेवजह फाइल रोकने या किसान को टरकाने की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कठोर अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने अंत में दोहराया कि प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को त्वरित, सुलभ और सुगम डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना सोनभद्र प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा जनता के कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता या सुस्ती को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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व्यापारी शहीद दिवस पर उद्योग व्यापार मंडल ने दी श्रद्धाजंलि, आंदोलन में जान गंवाने वाले शहीदों को किया याद

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  • व्यापारी शहीद दिवस पर उद्योग व्यापार मंडल ने दी श्रद्धाजंलि, आंदोलन में जान गंवाने वाले शहीदों को किया याद

सोनभद्र। जनपद मुख्यालय के मेन चौक स्थित इंडियन ट्रेनिंग सेंटर में मंगलवार को ‘व्यापारी शहीद दिवस’ के अवसर पर एक भव्य एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल सोनभद्र के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर के प्रमुख व्यापारी और संगठन के पदाधिकारी एकत्र हुए।

श्रद्धांजलि सभा के दौरान व्यापारियों ने संगठन के विभिन्न ऐतिहासिक आंदोलनों में सरकारी तंत्र व पुलिस की लाठी-गोली का शिकार होकर अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद व्यापारियों के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके सर्वोच्च बलिदान को याद कर नमन किया।

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श्रद्धांजलि सभा को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल सोनभद्र के जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने संगठन के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की स्थापना 24 दिसंबर 1973 को श्रद्धेय लाला विश्वंभर दयाल और श्रद्धेय पंडित श्याम बिहारी मिश्रा द्वारा की गई थी।

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बनारस में मां गंगा के पावन तट पर इस संगठन की नींव रखने का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को तत्कालीन इंस्पेक्टर राज, मानसिक उत्पीड़न और शोषण से पूरी तरह मुक्त कराना तथा समाज में उनके मान-सम्मान व स्वाभिमान को सुरक्षित रखना था। इतिहास के पन्नों को पलटते हुए उन्होंने बताया कि अक्टूबर 1979 में लखनऊ में सेल टैक्स विभाग (बिक्री कर विभाग) की दमनकारी नीतियों और मनमानी के विरोध में चल रहे एक बड़े आंदोलन के दौरान व्यापारी हरिश्चंद्र अग्रवाल पुलिस की बर्बर गोलीबारी का शिकार होकर शहीद हो गए थे, जिनका बलिदान हमेशा व्यापारियों को एकजुट रहने की प्रेरणा देता रहेगा।

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इसी क्रम में संगठन के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष संदीप सिंह चंदेल और जिला महामंत्री राजेश बंसल ने संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा कि व्यापार मंडल के विभिन्न हक की लड़ाइयों और आंदोलनों में अक्टूबर 2003 तक प्रदेश भर के लगभग 14 व्यापारी अलग-अलग समय पर शहीद हुए।

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इन शहीदों ने अपनी जान तो दे दी, लेकिन व्यापारी समाज के स्वाभिमान और अधिकारों से कभी कोई समझौता नहीं किया। उन्हीं के संघर्षों का परिणाम है कि आज व्यापारी समाज एकजुट होकर अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद कर पा रहा है। वहीं जिला कोषाध्यक्ष अजीत जायसवाल और आनंद जायसवाल ने संगठन की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल से संबद्ध ‘भारतीय उद्योग व्यापार मंडल’ वर्तमान समय में पूरे देश का सबसे बड़ा व्यापारिक संगठन है,

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जो बिना किसी भेदभाव के छोटे-बड़े सभी कोटि के व्यापारियों का निष्पक्ष प्रतिनिधित्व करता है और उनके हितों की रक्षा के लिए हमेशा सड़क से लेकर शासन तक संघर्षरत रहता है।

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इस गरिमामय और भावुक कर देने वाली श्रद्धांजलि सभा में व्यापारी समाज ने समाज हित में हमेशा संगठित रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष प्रकाश केशरी, जिला संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह, संगठन मंत्री राजेश सोनी, किराना नगर अध्यक्ष श्यामलाल केशरी, महिला अध्यक्ष रितु अग्रहरी, फल-सब्जी मंडी अध्यक्ष श्याम बाबू, इलेक्ट्रॉनिक संघ के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता, युवा जिला उपाध्यक्ष आनंद गुप्ता, आईटी सेल के अध्यक्ष अजय केशरी तथा सुरेश केशरी समेत विभिन्न व्यापारिक संवर्गों के अध्यक्ष, महामंत्री और भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य व्यापारी उपस्थित रहे।

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