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- सोनभद्र में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल, ईद-उल-अजहा की नमाज के बाद सौहार्द कार्यक्रम में जुटे विभिन्न दलों के गणमान्य लोग

सोनभद्र। ईद-उल-अजहा के मुबारक मौके पर आज जनपद में नमाज के उपरांत एक भव्य सौहार्द कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो शहर में आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की एक खूबसूरत मिसाल बन गया। इस विशेष कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों के गणमान्य लोग और प्रबुद्ध जन एक ऐतिहासिक मंच पर साथ नजर आए।
सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की पुरजोश मुबारकबाद दी और पूरे जिले में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, तरक्की तथा खुशहाली की सामूहिक दुआ की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अल ईमान फाउंडेशन के सदर हाजी सलीम हुसैन, सदर मुश्ताक अहमद खान, पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा एवं पूर्व सदर अजहर खान विशेष रूप से उपस्थित रहे और समाज में एकजुटता का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अल ईमान फाउंडेशन के सदर हाजी सलीम हुसैन ने कहा कि ईद-उल-अजहा का यह पवित्र त्योहार हमें त्याग, कुर्बानी और इंसानियत का सच्चा सबक सिखाता है। उन्होंने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अल ईमान फाउंडेशन का मूल मकसद ही समाज के हर वर्ग की नि:स्वार्थ सेवा करना और दिलों में आपसी मोहब्बत को बढ़ावा देना है। सोनभद्र की यही विविधता और एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

वहीं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने अपने संबोधन में सोनभद्र की मिट्टी की सराहना करते हुए कहा कि त्योहारों का असली और एकमात्र मकसद इंसानी दिलों को आपस में जोड़ना है। सोनभद्र की गंगा-जमुनी तहजीब पूरे उत्तर प्रदेश के लिए हमेशा से एक बड़ी नजीर रही है। उन्होंने आह्वान किया कि हमें हर हाल में और हर कीमत पर इस ऐतिहासिक भाईचारे व कौमी एकता को कायम रखना है।

सौहार्द के इस मंच से सदर मुश्ताक अहमद खान ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि इस पावन और मुकद्दस मौके पर समाज के संपन्न लोगों को अपने आसपास रहने वाले गरीबों, यतीमों और जरूरतमंदों का खास ख्याल रखना चाहिए।


कुर्बानी का असल और रूहानी मतलब यही है कि हम अपनी खुशियों के दरवाज़े दूसरों के लिए भी खोलें और उन्हें अपनी खुशहाली में शामिल करें। इसके साथ ही पूर्व सदर अजहर खान ने कार्यक्रम की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आज का यह बेहद सकारात्मक माहौल देखकर दिल खुश हो गया है।


यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई, सभी समुदायों के लोग एक साथ मिलकर त्योहार की खुशियां बांट रहे हैं। यही हमारे सोनभद्र की असली खूबसूरती और विरासत है, जिसे हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा सहेजकर और मजबूत बनाकर रखना है। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने मुल्क में स्थायी अमन-शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए हाथ उठाकर विशेष दुआ मांगी। इस सौहार्द मिलन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और संभ्रांत व्यापारियों ने भी शिरकत कर समाज को अटूट एकता का संदेश दिया।

































