सपा सांसद ने सोनभद्र में वन अधिकार कानून के उल्लंघन का लगाया आरोप, संसद में उठाया मुद्दा

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  • सोनभद्र में वन अधिकार कानून के उल्लंघन के आरोपः सांसद ने उठाया मुद्दा

सोनभद्र। सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने शीतकालीन सत्र में वन अधिकार अधिनियम के तहत आदिवासियों को मिले अधिकारों के कथित हनन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रॉबर्टसगंज, चंदौली, चकिया, चंदप्रभ, नौगढ़,

ओबरा, दुध्धी और नगवा ब्लॉक में वन विभाग के रेंजरों द्वारा गरीब, दलित और आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जा रहे हैं तथा उन्हें पुश्तैनी वन भूमि से बेदखल किया जा रहा है। हिनौत घाट व नौगढ़ के कुछ गाँवों में पट्टा नहीं दिया गया, जबकि धमकी और गिरफ्तारी की भी खबरें हैं।

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सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा इन मामलों की उचित जांच नहीं की जा रही और कई मुकदमे समाप्त कर दिए गए। सपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व मुलायम सिंह यादव के बात पर कांग्रेस पार्टी ने बना अधिकार कानून लाई थी

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उन्होंने मांग की कि वन अधिकार अधिनियम के तहत अधिकतम भूमि पट्टा दिया जाए, 75-वर्षीय दस्तावेज़ की सीमा को घटाकर 25 वर्ष किया जाए और सभी प्रभावितों को पुनः सर्वे के बाद पट्टा प्रदान किया जाए। इस विषय पर अभी तक कोई आधिकारिक दोषसिद्धि या अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं हुआ है।

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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में 188 जोड़ों की हुई शादी

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  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में प्रति जोड़ा 1 लाख रुपये खर्च.

चोपन, सोनभद्र। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शुक्रवार को चोपन ब्लॉक के रेलवे मैदान में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मुस्लिम जोड़ों सहित कुल 170 दूल्हा-दुल्हन पूरे रीति-रिवाज के साथ परिणय सूत्र में बंधे। सुबह से ही वर-वधू और उनके परिवार के सदस्य शादी मंडप में पहुंचने लगे थे।ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कुल 188 जोड़ों की शादी का लक्ष्य निर्धारित किया था।

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हालांकि, अपात्र पाए जाने के कारण कुछ जोड़ों को निराशा हाथ लगी। इस योजना के तहत प्रति जोड़े पर खर्च की जाने वाली धनराशि बढ़ाकर अब एक लाख रुपये कर दी गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग ने इस लक्ष्य को सभी ब्लॉक और नगरीय निकायों में आवंटित किया है। शासनादेश के अनुसार, प्रति जोड़े पर 1,00,000 रुपये खर्च करने का प्रावधान है।

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इसमें से 60,000 रुपये की सहायता राशि कन्या के दाम्पत्य जीवन में खुशहाली और गृहस्थी स्थापित करने के लिए सीधे उसके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। इसके अतिरिक्त, कन्या को वैवाहिक उपहार सामग्री के लिए 25,000 रुपये खर्च किए जाते हैं। शेष 15,000 रुपये प्रति जोड़े पर कार्यक्रम के आयोजन, जैसे भोजन, पंडाल, फर्नीचर, पेयजल, विद्युत/प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर व्यय किए जाते हैं।

इस योजना के लिए आवेदन की कुछ निर्धारित पात्रता शर्तें हैं। कन्या के अभिभावक उत्तर प्रदेश के मूल निवासी होने चाहिए। कन्या या उसके परिवार की वार्षिक आय 3.00 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। विवाह की तिथि पर कन्या की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष पूरी हो चुकी हो। आयु की पुष्टि के लिए विद्यालय का शैक्षिक रिकॉर्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जीब कार्ड या आधार कार्ड मान्य होंगे।

आवेदन के लिए कन्या का बैंक खाता और कन्या व वर के पासपोर्ट माइज फोटो आवश्यक है। इस योजना में निर्धन परिवार की अविवाहित कन्याओं के विवाह के साथ-साथ विधवा, परित्यक्ता या कानूनी रूप से तलाकशुदा महिलाओं का पुनविवाह भी शामिल है। अनुसूचित जाति/जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

निराश्रित कन्याओं, विधवा महिलाओं की पुत्रियों, दिव्यांग अभिभावकों की पुत्रियों और स्वयं दिव्यांग कन्याओं को विवाह के लिए प्राथमिकता दी जाती है। इस दौरान. समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोड, सदर विधायक भूपेश चौबे, जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, मंडल अध्यक्ष चोपन भगवान दास केसरी सहित भाजपा के पदाधिकारियों और विभाग से सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले में दोषी जुल्फिकार उर्फ कल्लू को हुई 20 वर्ष की कठोर कैद

HIGHLIGHTS

  • 50 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
  • अर्थदंड की धनराशि में से 40 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी
  • तीन आरोपी साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त
  • करीब तीन वर्ष पूर्व से 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कई बार दुष्कर्म कर गर्भवती होने पर गर्भपात कराने का मामला

सोनभद्र। करीब 3 वर्ष पूर्व से 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कई बार हुए दुष्कर्म और गर्भवती होने पर गर्भपात कराने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी जुल्फिकार उर्फ कल्लू को 20 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर 50 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है।

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अर्थदंड अदा न करने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।  अर्थदंड की धनराशि में से 40 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। वहीं तीन आरोपियों राजा, राजकुमार सिंह व आंचल मौर्या को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक घोरावल कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 23 सितंबर 2024 को घोरावल कोतवाली में दी तहरीर में अवगत कराया था कि वह और उसकी पत्नी मजदूरी करने घर से रोज मार्केट चले जाते हैं।

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उसकी 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर जुल्फिकार उर्फ कल्लू पुत्र इजहार निवासी बनौरा, थाना पन्नूगंज, जिला सोनभद्र हाल पता ग्राम जुडिया, थाना घोरावल, जिला सोनभद्र करीब 2 वर्ष से शारीरिक संबंध बनाता रहा।जब बेटी गर्भवती हो गई तो 23 सितंबर 2024 को घर से ले जाकर जबरजस्ती गर्भपात करवा दिया।

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इस तहरीर पर घोरावल कोतवाली पुलिस ने 24 सितंबर 2024 को दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान राजा, राजकुमार सिंह व आंचल मौर्या का नाम प्रकाश में आया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने  जुल्फिकार उर्फ कल्लू, राजा, राजकुमार सिंह व आंचल मौर्या के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।

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मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर पॉक्सो एक्ट में दोषी जुल्फिकार उर्फ कल्लू (20) वर्ष को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं  50 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 40 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। वहीं तीन आरोपियों राजा, राजकुमार सिंह व आंचल मौर्या को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी व नीरज कुमार सिंह  ने बहस की।

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प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में चार महीने के बच्चे को दे दी छह महीने पहले एक्सपायर हो चुकी दवा

HIGHLIGHTS

  • पीएचसी में चार महीने के बच्चे को दे दी छह महीने पहले एक्सपायर हो चुकी दवा

सोनभद्र। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चतरा में मासूमों को बुखार की एक्सपायर दवा देने का मामला सामने आया है। यह दवा बच्चों को टीका लगने के बाद संभावित बुखार से बचाव के लिए दी जाती है। एक्सपायर दवा देने की शिकायत के बाद विभाग में खलबली मची है।

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चतरा ब्लॉक के ओरगाई गांव निवासी अभिनंदन अपनी पत्नी के साथ अपने चार महीने के बच्चे शिवांश को टीका लगवाने के लिए पीएचसी चतरा पहुंचे थे। टीका लगाने के बाद स्टाफ ने बच्चे को बुखार की आशंका बताकर पैरासीटामाॅल सिरप दे दिया।

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परिजन जब घर में बच्चे को दवा पिलाने लगे तो उनकी नजर शीशी पर अंकित विवरण पर गई। उसमें उत्पादन तिथि जून 2023 और एक्सपायरी मई 2025 दर्ज थी। यानी दवा करीब छह महीने पहले ही एक्सपायर हो चुकी थी।

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इससे घबराये परिजनों ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। बच्चे के चाचा अभिषेक पासवान ने आशंका जताई कि पीएचसी में पिछले कई महीनों से छोटे बच्चों को यही एक्सपायरी सिरप दिया जा रहा था। हालांकि यह दवा कितने बच्चों को दी जा चुकी है, यह स्पष्ट नहीं हुआ है।

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इस संबंध में चतरा पीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश पटेल ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। किसने यह दवा दी, इस बारे में जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सीएमओ डॉ. पीके राय का कहना था कि यह गंभीर लापरवाही है। पीएचसी प्रभारी से मामले की जानकारी ली जाएगी। जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

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विशेषज्ञों ने बताया खतरनाक

विशेषज्ञों ने एक्सपायर दवा को बच्चों की सेहत के लिए खतरनाक बताया है। उनके अनुसार एक्सपायर हो चुकी दवा बेअसर हो जाती है और उसके सेवन उल्टी, दस्त, एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नवजातों में यह जोखिम और अधिक गंभीर होता है।

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विद्युत विभाग में छंटनी से नाराज लाइनमैन पोल पर चढ़ा, कहा- आकर देख लें, पोल पर चढ़ सकता हूं या नहीं; जानें पूरा मामला…

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  • विद्युत विभाग में छंटनी से नाराज लाइनमैन पोल पर चढ़ा, कहा- आकर देख लें, पोल पर चढ़ सकता हूं या नहीं; जानें पूरा मामला…

सोनभद्र। विद्युत उपकेंद्र सलखन में संविदा पर तैनात पांच कर्मचारियों की छंटनी का मामला गुरुवार को तूल पकड़ गया। नाराज लाइनमैन उपकेंद्र के सामने ही लगे 11 हजार लाइन के पोल पर चढ़ गया। उसका कहना था कि पोल पर न चढ़ पाने की स्थिति का हवाला देकर उन्हें हटाया जा रहा है। अब आकर निगम के अफसर खुद सच्चाई देख लें।

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उसकी हरकत से बिजली निगम कर्मी सकते में आ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत की। करीब आधे घंटे बाद उसे नीचे उतारा जा सका। सलखन फॉसिल्स पार्क मार्ग पर स्थापित उपकेंद्र से जुड़े संविदा लाइनमैन सुरेंद्र कुमार (35) का कहना था कि उसके साथ प्रदीप, रुप कुमार, रोहित, छविंदर को जेई ने यह कहकर निकाल दिया कि वह विद्युत पोल पर नहीं चढ़ सकते।


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कई वर्षों तक सेवा देने के बाद अचानक से इस तरह हटाया जाना उचित नहीं है। साजिश के तहत झूठे आरोप लगाकर उन्हें हटाया जा रहा है जबकि वह पोल पर चढ़ने में सक्षम हैं और लगातार काम भी कर रहे हैं। बिजली निगम के अफसर आकर खुद सच्चाई जांच लें। संविदा लाइनमैन के पोल पर चढ़ने से निगम कर्मचारी सकते में आ गए।

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सूचना पर चोपन एसओ कुमुद शेखर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसडीओ रॉबर्ट्सगंज धर्मेंद्र सिंह से फोन पर बात की। एसडीओ ने सभी संबंधित कर्मचारियों को रॉबर्ट्सगंज उप खंड कार्यालय पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा। आश्वस्त किया कि काम करने वाले किसी व्यक्ति को हटाया नहीं जाएगा।

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मूल संघ की हुई प्रान्तीय बैठक

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  • मूल संघ की प्रान्तीय बैठक सम्पन्न

बीते रविवार को विधायक निवास, दारुल शफा, लखनऊ में राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश मूल संघ की प्रान्तीय बैठक प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता एवं प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कुमार गौतम के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुई। बैठक का संचालन संघ के प्रान्तीय महामन्त्री एवं विधायक प्रतिनिधि केदारनाथ तिवारी ने किया। बैठक में राजकीय शिक्षकों से सम्बन्धित विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श के उपरान्त सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित हुए।

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इनमें राजकीय शिक्षक संघ का प्रान्तीय अधिवेशन अनिवार्य रूप से कराया जाना,समूह ख की पदोन्नति कोटे में खण्ड शिक्षा अधिकारियों का कोटा 34% तक बढ़ाने के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ में योजित याचिका के साथ यह लड़ाई अन्तिम स्तर तक लड़ने,पुरानी पेंशन योजना पुनः लागू करने , एल.टी. ,प्रवक्ता एवं अधीनस्थ राजपत्रित संवर्ग की पदोन्नति समयबद्ध ढंग से करने, संघ के सदस्यता अभियान में और तेजी लाने एवं सदस्यों से प्रत्येक स्तर पर सदस्यता शुल्क जमा कराने की अपील की गई।
   

मूल संघ को सशक्त करने एवं विस्तार हेतु कई जिलों एवं मण्डलों में नए पदाधिकारियों के नियुक्ति की घोषणा की गई। बैठक को प्रान्तीय कार्यकारी महामन्त्री डॉ अशोक कुमार अवाक, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ सत्यम शिवम सुन्दरम, प्रान्तीय कोषाध्यक्ष राहुल जैन, प्रान्तीय विधि मन्त्री राजपूत सिंह राजपूत, प्रयागराज मण्डल के मण्डलीय अध्यक्ष डॉ सुनील कुमार बिझला, विन्ध्याचल मण्डल के मण्डलीय अध्यक्ष  अमर सिंह, मण्डलीय उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह,

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वाराणसी मण्डल की मण्डलीय अध्यक्ष डॉ विजय भारतीय सिंह (ऑनलाइन माध्यम से) एवं मण्डलीय मन्त्री वेद प्रकाश राय, अमेठी के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी, बाराबंकी की जिलाध्यक्ष अंजू रानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ रेनू शुक्ला,जिला मन्त्री डॉ श्रीकान्त शर्मा , कोषाध्यक्ष राकेश प्रकाश शर्मा, संगठन प्रवक्ता डॉ रिपु दमन सिंह, बलरामपुर के जिलाध्यक्ष कन्हैया प्रसाद,

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कन्नौज के जिलाध्यक्ष फैज सिद्दीकी, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार निषाद, जिला संरक्षक अनिल कुमार सिंह जी, सौरभ कुशवाहा, उन्नाव से नीतू मिश्रा, पूर्व प्रान्तीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश चतुर्वेदी, हमीरपुर से अंजलि प्रिया गौतम, आरती, बहराइच से पंकज यादव, महोबा के जिलाध्यक्ष सतीश मिश्र आदि ने सम्बोधित किया। सभी वक्ताओं ने प्रदेश के सभी राजकीय शिक्षकों से,अपने हितों और सम्मान के संरक्षण हेतु संगठित होकर मूल संघ के बैनर तले एकजुट होने का आह्वान किया।

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यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों का तनाव दूर करेगा परीक्षा हेल्प डेस्क, जिले के हर ब्लाक और जिला स्तर पर किया जाएगा स्थापित

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  • यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों का तनाव दूर करेगा परीक्षा हेल्प डेस्क, जिले के हर ब्लाक और जिला स्तर पर किया जाएगा स्थापित

सोनभद्र। यूपी बोर्ड परीक्षाओं की उलटी गिनती शुरू होते ही विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव को देखते हुए शिक्षा विभाग ने विशेष पहल शुरू की है। इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों की पढ़ाई से लेकर मानसिक तनाव तक को कम करने के लिए जिले के हर ब्लाक और जिला स्तर पर परीक्षा सहायता हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा।

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इसको लेकर उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन किया जा रहा है। काल, वीडियो पर छात्राओं की शंकाएं दूर होगी। बोर्ड परीक्षा को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के निर्देश के क्रम में हाईस्कूल व इंटर के मीडिएट में सम्मिलित होने वाले छात्र-छात्राओं के मन में परीक्षा के नाम पर उत्पन्न भय, तनाव, कुंठा, चिंता दूर करने व आत्मविश्वास बढ़ाने, परीक्षा की तैयारी बेहतर करने, कौशल पूर्ण निर्णय लेने की क्षमता की वृद्धि तथा समय प्रबंधन के लिए जनपद में हेल्प डेस्क का गठन किया जाएगा।

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हेल्प डेस्क में विभिन्न विषयों के उन उत्कृष्ट शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिनका पढ़ाने का तरीका और परिणाम लगातार बेहतर रहा है। छात्र-छात्राएं परीक्षा की तैयारी के दौरान किसी भी विषय में होने वाली समस्या को अब आसानी से साझा कर सकेंगे।

हेल्प डेस्क पर विद्यार्थी वीडियो काल, आडियो काल और व्हाट्सएप काल के जरिए सीधे विषय विशेषज्ञ शिक्षकों से जुड़कर अपनी कठिनाइयों का समाधान पा सकेंगे। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, समाजिक विज्ञान जैसे कठिन विषयों में भी शिक्षक सरल भाषा में समझाकर छात्रों की पूरी मदद करेंगे।

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जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के निर्देशन में बनने वाले इन हेल्प डेस्कों से न केवल पढ़ाई से जुड़ी उलझनें दूर होंगी, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर परीक्षा को लेकर होने वाला मानसिक दबाव भी कम होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने बताया कि जनपद स्तर पर छात्र-छात्राओं के लिए हेल्प डेस्क का गठन किया जा रहा है। यह हेल्प डेस्क 16 दिसंबर से शुरू होकर 15 फरवरी तक सक्रिय रहेगा।

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सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक छात्र-छात्राएं काल कर शिक्षकों से मदद ले सकते हैं। डीआईओएस ने बताया कि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के उत्कृष्ट शिक्षिक-शिक्षिकाओं का चयन कर उन्हें छात्र-छात्राओं ये सीधे संपर्क के लिए उनके मोबाइल व व्हाट्सएप नंबर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे विद्यालयों में किसी भी विषय में कठिनाइयों होने पर छात्र-छात्राएं परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षक-

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शिक्षिकाओं को भी यह निर्देश दिया जाएगा कि परीक्षा उपयोगी शिक्षण अधिगम एवं संज्ञानतम कौशल के विकास के लिए छात्र-छात्राओं के लिए परामर्श प्रदान करेंगे। आवश्कता पड़ने पर जिला विद्यालय निरीक्षक से भी संपर्क कर मनोवैज्ञानिक लाभ उठा सकते हैं। जिले में इस बार होने वाली परीक्षा के लिए कुल 71 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं।

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जनपद में कुल 47900 परीक्षार्थी यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल होंगे। इसको लेकर तैयारी विभाग की तरफ से जोरों पर की जा रही है। जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षा में बैठने वाले छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में आ रही कठिनाइ, मानसिक तनाव आदि समस्याओं को लेकर हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा। 16 दिसंबर से 15 फरवरी तक हेल्प डेस्क सक्रिय रहेगा। जयराम सिंह, डीआईओएस।

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दोषी नक्सली संरक्षणकर्ता संत कुमार चेरो को उम्रकैद

HIGHLIGHTS

  • 20 हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
  • जेल में बितायी अवधि सजा में होगी समाहित
  • तीन नक्सली अनिल ठाकुर, लालब्रत कोल व मुन्ना विश्वकर्मा साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त
  • करीब साढ़े 16 वर्ष पूर्व हुए उमेश चौधरी हत्याकांड का मामला

सोनभद्र। करीब साढ़े 16 वर्ष पूर्व हुए उमेश चौधरी हत्याकांड  के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी नक्सली संरक्षणकर्ता संत कुमार चेरो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 20 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं तीन नक्सलियों अनिल ठाकुर, लालब्रत कोल व मुन्ना विश्वकर्मा को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।

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अभियोजन पक्ष के मुताबिक दीनानाथ चौधरी पुत्र स्वर्गीय रामपति निवासी कन्हौरा , थाना चोपन , जिला सोनभद्र ने 25 जनवरी 2009 को थानाध्यक्ष चोपन को दी तहरीर में अवगत कराया था कि 24 जनवरी 2009 को शाम 7 बजे संत कुमार चेरो पुत्र तेजबली व बाबा पुत्र तेजबली चेरो निवासी कन्हौरा, थाना चोपन, जिला सोनभद्र उसके परचून की दुकान पर आए और दुकान पर बैठी पत्नी चंचला को बकाया 50 रुपये दिया और फिर से उधार सामान मांगने लगे।

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जब पत्नी ने देने से इनकार कर दिया तो जबरन कुर्सी उठाकर ले जाने लगे। जिसपर उसका बेटा उमेश चौधरी ने उन्हें रोका और दो झापड़  मारपीट कर कुर्सी छुड़ाकर भगा दिया। करीब एक घण्टे बाद शाम 8 बजे पुनः दोनों आए और उसके बेटे उमेश चौधरी को बुलाकर ले गए और कुछ दूर ले जाकर गोली मार दिया। गोली की आवाज सुनकर जब कुछ लोगों के साथ जाने लगे तो संत कुमार चेरो की मां ने रोक दिया। बाद में जब वहां जाकर देखा तो बेटे की लाश पड़ी थी।

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तब सूचना दे रहा हूं।आवश्यक कार्रवाई करें। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान  विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर  कोर्ट में नक्सलियों के संरक्षणकर्ता संत कुमार चेरो, उसके भाई बाबा, नक्सली अनिल ठाकुर, नक्सली लालब्रत कोल व नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा के विरुद्ध  चार्जशीट दाखिल किया था। आरोपी बाबा पुत्र तेजबली चेरो के गायब होने की वजह से उसकी पत्रावली अलग कर दी गई।

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मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, 8 गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी नक्सली संरक्षणकर्ता संत कुमार चेरो को आजीवन कारावास  की सजा सुनाई।

कोर्ट ने उसके ऊपर 20 हजार रुपये अर्थदण्ड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं तीन नक्सलियों अनिल ठाकुर, लालब्रत कोल व मुन्ना विश्वकर्मा को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया।अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील विनोद कुमार पाठक ने बहस की।

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अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

HIGHLIGHTS

  • जाति धर्म, रुप-रंग लिंग भाषा, अमीरी-गरीबी, क्षेत्रीयता भिन्न भले हो, तब भी सभी को है मानवाधिकार, समानता का अधिकार-अपर जनपद न्यायाधीश
  • इस वर्ष का केन्द्रित विषय Human Rights, Our Every Day Essentials है

सोनभद्र। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार को विन्ध्य विधि महाविद्यालय सोनभद्र में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। अध्यक्षता कर रहे अपर जनपद न्यायाधीश/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेंद्र यादव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने 10 दिसम्बर 1948 को विश्व मानवाधिकार घोषणा पत्र जारी कर प्रथम बार मानवों के अधिकार के बारे में बात रखी थी। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस दिन की घोषणा 1950 में हुई।

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संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 दिसम्बर 1948 को घोषणा पत्रको मान्यता दिए जाने पर 10 दिसम्बर का दिन मानवाधिकार दिवस के लिए निश्चित किया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा मानवाधिकार के संबंध में इस वर्ष का केन्द्रित विषय Human Rights, Our Every Day Essentials रखा गया है तथा उनके द्वारा यह भी बताया गया है ।

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श्री यादव ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस का मुख्य उद्देश्य है कि प्रत्येक व्यक्ति जाति धर्म, रुप-रंग लिंग भाषा, अमीरी-गरीबी तथा क्षेत्रीयता के आधार पर भिन्न होने के बाद भी मानवाधिकार का हकदार है तथा सभी को समानता का अधिकार प्राप्त है।

कार्यक्रम के दौरान विन्ध्य विधि महाविद्यालय के समस्त स्टाफ तथा उपस्थित विधि के छात्र-छात्राओं को नालसा द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं तथा नालसा Jagriti Unit व DAWN Unit के संबंध में जागरूक किया तथा इन योजनाओं के प्रचार-प्रसार करने का आवाह्न किया।

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र राम सुलीन सिंह के दिशा-निर्देशन में शैलेन्द्र यादव अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र की अध्यक्षता में आयोजित विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम के पश्चात लीगल एड क्लीनिक एवं मूट कोर्ट का निरीक्षण किया गया।

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इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ शैलेन्द्र यादव, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित से किया। इस अवसर पर सत्यारमण त्रिपाठी डिप्टी चीफ एल. एल. डी. सी. सोनभद्र, प्राचार्य अंजली विक्रम, विन्ध्य विधि महाविद्यालय, प्रबन्धक अजय सिंह, संरक्षक डॉ. वीर सिंह आदि सहित विधि छात्र-छात्रायें एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

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कार्यक्रम का संचालन सत्यारमण त्रिपाठी डिप्टी चीफ एल. एल. डी. सी. सोनभद्र ने किया। 
यह जानकारी शैलेन्द्र यादव अपर जनपद न्यायाधीश / सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र ने दी है।

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जनता दर्शन में आए फरियादियों की SP ने सुनी समस्याएं

HIGHLIGHTS

  • जनता दर्शन में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र ने सुनी जनता की समस्याएं
  • शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा द्वारा बुधवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना गया।

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जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि—

👉प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
👉शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
👉फरियादियों को न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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पुलिस अधीक्षक महोदय ने यह भी निर्देशित किया कि—

जनसुनवाई एवं महिला हेल्पडेस्क को और अधिक संवेदनशील, प्रभावी व सुलभ बनाया जाए, ताकि आमजन को बार-बार पुलिस कार्यालय आने की आवश्यकता न पड़े और उनकी समस्याओं का समाधान थाना स्तर पर ही हो सके।

अभिषेक वर्मा ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि
“थाना जनता का पहला संपर्क बिंदु है। अतः शिकायतकर्ताओं के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता अनिवार्य है।”

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इसी क्रम में जनपद के सभी क्षेत्राधिकारीगण एवं थाना प्रभारियों द्वारा भी अपने-अपने थानों/कार्यालयों में नियमित रूप से जनसुनवाई करते हुए आमजन से प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
जनसुनवाई की इस व्यवस्था से पुलिस व जनता के मध्य विश्वास, सहयोग एवं संवाद की भावना और अधिक मजबूत हुई है।

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