भागवत कथा के तीसरे दिन श्रीकृष्ण का हुआ अभिषेक, मनीष शरण महाराज ने सुनाया प्रहलाद चरित्र
सोनभद्र। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर बरैला महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस भक्तिमय माहौल में यजुर्वेद के पुरुषसूक्त वेद मंत्रों के सस्वर पाठ के साथ भगवान श्री कृष्ण चंद्र जी का दिव्य और भव्य अभिषेक किया गया, जिसके बाद बरैला नाथ का अलौकिक श्रृंगार कर पूजन-आरती की गई।
महायज्ञ में अयोध्या धाम से पधारे प्रख्यात कथाव्यास मनीष शरण महाराज ने अपने प्रवचनों से भक्तों को भावविभोर कर दिया। उन्होंने तीसरे दिन की कथा के दौरान भक्त प्रहलाद चरित्र और माता सती के चरित्र की अत्यंत मर्मस्पर्शी और ज्ञानवर्धक व्याख्या की।
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कथा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मनीष शरण महाराज ने रामचरितमानस की चौपाई ‘एक बार त्रेता युग माही, शंभू गए कुम्भज् ऋषिपाहीं’ का उल्लेख किया। उन्होंने इसका अर्थ समझाते हुए कहा कि त्रेतायुग में स्वयं देवाधिदेव महादेव, जगत जननी माता भगवती के साथ अगस्त्य (कुंभज) ऋषि के आश्रम में भगवान की कथा सुनने गए थे।
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महाराज जी ने कहा कि जब साक्षात भगवान शिव कथा श्रवण के लिए अपना कैलाश पर्वत छोड़कर जा सकते हैं, तो संसार के हर मनुष्य का यह परम कर्तव्य है कि जहां भी भगवान की कथा, पूजन, यज्ञ या कन्या का विवाह हो, वहां प्रत्येक सनातनी को अवश्य जाना चाहिए।
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इसके साथ ही उन्होंने भक्त प्रहलाद का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि प्रहलाद ने निशाचर (राक्षस) कुल में जन्म लेने के बाद भी भगवान श्री हरि की अनन्य भक्ति प्राप्त की, जिसका मुख्य कारण उनकी माता का अत्यंत धर्मपरायण और ईश्वर भक्त होना था। माता के संस्कार ही संतान के जीवन की दिशा तय करते हैं।
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यज्ञ समिति के संरक्षक अरविंद शरण सिंह ने इस पावन अवसर पर क्षेत्रवासियों से विशेष अपील की। उन्होंने निवेदन किया कि पुरुषोत्तम मास में बरैला नाथ के सानिध्य में हो रहे इस दिव्य आयोजन का लाभ उठाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में क्षेत्रवासी मंदिर प्रांगण में पहुंचें और कथा रूपी रसपान का आनंद लें। इस धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन में भगवान का आशीर्वाद लेने और कथा श्रवण करने के लिए हीरामणि पांडे, नटवर सिंह, आशुतोष शुक्ला, श्याम सुंदर पांडे, लक्ष्मी सिंह, अरुणा मिश्रा सहित भारी संख्या में श्रद्धालु, संभ्रांत नागरिक और माताएं-बहनें उपस्थित रहीं।
सोनभद्र। **सोनभद्र।** उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2026 की लिखित परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सोनभद्र का पुलिस व प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद रहा। जनपद के कुल 06 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा विगत 08 जून 2026 से दो पालियों में आयोजित की जा रही थी। परीक्षा के अंतिम दिन जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का व्यापक जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अभ्यर्थियों की प्रवेश व्यवस्था, सघन चेकिंग एवं फ्रिस्किंग, सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही निगरानी, प्रश्नपत्रों व अत्यंत गोपनीय सामग्री की सुरक्षा, सुगम यातायात प्रबंधन, कंट्रोल रूम के संचालन तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी तमाम तैयारियों का गहराई से अवलोकन किया। दोनों अधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों, संबंधित अधिकारियों और परीक्षा केंद्रों पर तैनात प्रभारी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा को पूर्णतः नकलविहीन, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में ही संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी सतर्कता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ करें। इसके साथ ही अफसरों को कड़े निर्देश दिए गए कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अव्यवस्था अथवा सुरक्षा संबंधी चुनौती की स्थिति सामने आने पर तत्काल अत्यंत प्रभावी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और कड़ा अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। अभ्यर्थियों की सुविधा और सहायता को ध्यान में रखते हुए केंद्रों के बाहर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सतत पेट्रोलिंग और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत भी दी गई, जिससे कि परीक्षा बिना किसी व्यवधान के अत्यंत शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
कलयुग में केवल हरि नाम ही मोक्ष का आधार: बरैला महादेव मंदिर में संगीतमय भागवत कथा, यज्ञाचार्य सौरभ भारद्वाज बोले- भागवत श्रवण से ही सार्थक होगा जीवन**
रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। जनपद के स्थानीय बरैला महादेव मंदिर प्रांगण में पुरुषोत्तम मास (मलमास) के पावन और आध्यात्मिक अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ एवं संगीतमय प्रवचन में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए यज्ञाचार्य सौरभ भारद्वाज ने व्यासपीठ से कहा कि भागवत कथा के मुख्य वक्ता सुकदेव जी महाराज ने राजा परीक्षित को एक बहुत बड़ा मर्म समझाया था कि हर मनुष्य को यह जानना बेहद जरूरी है कि संसार में जीवन के केवल ७ दिन ही निर्धारित हैं, चाहे वह सोमवार से लेकर रविवार तक का कोई भी दिन हो।
इसका सीधा और आध्यात्मिक मतलब यह है कि मृत्यु निश्चित है और हम सभी को अपने इस मानव जीवन को सार्थक व धन्य बनाने के लिए अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार पूरी श्रद्धा से श्रीमद् भागवत सप्ताह का श्रवण जरूर करना चाहिए। उन्होंने तुलसीदास जी की अमर चौपाई “कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिरी सुमिरी नर उतरहीं पारा” का उल्लेख करते हुए कहा कि कलयुग में केवल भगवान का पावन नाम ही एकमात्र परम सत्य है,
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इसलिए प्रभु का नाम जपने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से हमेशा सुखी, शांत एवं आध्यात्मिक रूप से संपन्न रहता है। उन्होंने इतिहास और पुराणों का उदाहरण देते हुए समझाया कि नल-नील, महर्षि वाल्मीकि, माता द्रौपदी, केवट, माता शबरी और भक्त प्रहलाद जैसे महान चरित्र सिर्फ भगवान के नाम की महिमा को लेकर ही इस भवसागर से पार हो गए, क्योंकि सच्चे मन से हरि का नाम लेने मात्र से ही जीव का परम कल्याण हो जाता है।
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इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान के तहत प्रातः ९:०० बजे से दोपहर २:०० बजे तक आचार्य वीरेंद्र देव पांडेय द्वारा अत्यंत पवित्रता के साथ भागवत जी का पारण संपन्न किया जा रहा है। महायज्ञ के मुख्य यजमान एवं यज्ञ कमेटी के संरक्षक अरविंद शरण सिंह, चिंतेश बहादुर सिंह और बृज बहादुर सिंह ने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य मंडप पूजन का कार्य संपन्न किया।
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इसके पश्चात, श्रीधाम अयोध्या से विशेष रूप से पधारे प्रख्यात कथाव्यास मनीष शरण महाराज ने पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को श्री सुखदेव जी महाराज के प्राकट्य (जन्म) की कथा एवं राजा परीक्षित के जन्म की अलौकिक कथा विस्तार पूर्वक सुनाई। उन्होंने ‘परीक्षित’ शब्द की व्याख्या करते हुए बहुत ही सुंदर बात कही कि जो पहले अच्छी तरह शिक्षित होता है, फिर समाज में प्रशिक्षित होता है और उसके बाद जिसकी परीक्षा होती है, वही वास्तव में परीक्षित बनता है।
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राजा परीक्षित तो माता के गर्भ के भीतर ही साक्षात भगवान के दर्शन पाकर गर्भ में ही शिक्षित हो गए थे, इसीलिए उनका नाम परीक्षित पड़ा। कथाव्यास ने आगे सुखदेव मुनि के रहस्य को समझाते हुए बताया कि वे महान पुराणों के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी के सुपुत्र हैं। उन्होंने कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि एक बार स्वयं भगवान शंकर माता पार्वती को जो अमर कथा सुना रहे थे, वही परम पावन अमर कथा सुखदेव जी ने भी सुन ली थी और
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वही अमर कथा आज के समय में साक्षात श्रीमद् भागवत कथा के रूप में हमारे सामने है। यह कथा इतनी महिमामयी है कि हर व्यक्ति को अपने कल्याण के लिए इसे जीवन में एक बार जरूर सुनना और सुनाना चाहिए। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान सहयोगी यजमान के रूप में नटवर सिंह ने अपने पूरे परिवार के साथ भगवान की दिव्य पूजन और महाआरती संपन्न की।
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इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में मंदिर के पुजारी देवनाथ बाबा, रूपेश्वर तिवारी, रवि प्रकाश पांडेय, रमेश बाबा और अनिल त्रिपाठी ने मुख्य भूमिका निभाई। कथा और आरती की पूर्णाहुति के पश्चात मोदनवाल टेंट हाउस के मालिक के सौजन्य से पंडाल में उपस्थित सभी भक्तों और राहगीरों के बीच भारी मात्रा में पवित्र प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे पाकर श्रद्धालु निहाल हो गए।
ओबरा में 25 दिवसीय सहयोग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का 20वां दिन
सोनभद्र। पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के कुशल निर्देशन में पतंजलि सोनभद्र के विभिन्न संगठनों द्वारा स्थानीय चिल्ड्रेन पार्क स्थित योग भवन में आयोजित किए जा रहे 25 दिवसीय सहयोग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर ने आज अपने 20वें दिन में प्रवेश कर लिया। प्रतिदिन की भांति आज का सत्र भी आध्यात्मिक ऊर्जा और योग साधना के अनूठे संगम से सराबोर रहा।
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कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि युवा भारत के जिला महामंत्री व मीडिया प्रभारी संकट मोचन तथा चुर्क से पधारे बाल योगी अमृत राज (रामपुर, वैनी) द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। शिविर के मुख्य अतिथि संकट मोचन ने आज के विशेष सत्र में उपस्थित समस्त योग शिक्षकों और साधकों को संबोधित करते हुए महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित ‘अष्टांग योग’ के गूढ़ रहस्यों और मानव जीवन में इसके महत्व को बेहद सरल शब्दों में समझाया।
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उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए प्राणायाम को अनिवार्य बताते हुए इसकी सूक्ष्म बारीकियों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने साधकों को भस्त्रिका, कपालभाति, बाह्य प्राणायाम, अग्निसार और उज्जायी प्राणायाम का गहन अभ्यास कराया, साथ ही अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उद्गीथ और प्रणव ध्यान से होने वाले वैज्ञानिक व शारीरिक लाभों से सभी को विस्तार से अवगत कराया।
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सत्र को आगे बढ़ाते हुए पतंजलि के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक जितेन्द्र सिंह ने आधुनिक जीवनशैली के कारण उत्पन्न होने वाली गंभीर बीमारियों से मुक्ति के लिए विशेष रोगानुसार आसनों का अभ्यास कराया। उन्होंने आज के दौर की प्रमुख समस्या कमर दर्द से पीड़ित लोगों के लिए मकरासन, भुजंगासन, शलभसन, धनुरासन, मर्कटासन और पवनमुक्तासन का अभ्यास कराया, जबकि मधुमेह (शुगर) के रोगियों के लिए मंडूकासन, शशकासन, गोमुखासन और वक्रासन का गहन व त्रुटिहीन अभ्यास कराया गया। इसी क्रम में शिविर के दौरान बाल योगियों द्वारा किए गए
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अत्यंत कठिन और विस्मयकारी आसनों के प्रदर्शन ने वहां उपस्थित सभी साधकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। बाल योगी अमृत राज ने पेट की मांसपेशियों को घुमाने वाली अत्यंत जटिल नौली क्रिया के साथ-साथ शीर्षासन, मयूरासन, उत्तान कूर्मासन और गर्भासन का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिनकी अद्भुत कला को देखकर योग शिक्षिका मीनाक्षी मौर्य और ऋचा वर्मा ने उन्हें मंच पर सम्मानित किया। वहीं, युवा बालिका योग शिक्षिका खुशी वर्मा ने भूमि नमन आसन, चक्रासन, बकासन, स्कन्धपादासन, ध्रुवासन और गरुड़ासन का शानदार अभ्यास कराया।
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उनकी इस प्रतिभा के लिए ओबरा परियोजना के लालजी और इंजीनियर बबलू प्रजापति द्वारा उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। शिविर के दौरान परस्पर सम्मान और उत्साहवर्धन का दौर भी देखने को मिला, जहां पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के सम्मानित सदस्य धुरंधर शर्मा ने योग प्रशिक्षक संकट मोचन को अंगवस्त्र भेंट किया, तो वहीं ओबरा परियोजना के इंजीनियर इन्द्रजीत ने उन्हें ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपहार स्वरूप दीं।
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क्षेत्र की खबरों को पूरी निष्पक्षता से समाज के सामने रखने वाले सजग पत्रकार अजीत कुमार सिंह को भी पतंजलि योगपीठ के योग प्रशिक्षक जितेन्द्र सिंह और धुरंधर शर्मा ने अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इसके अलावा योगी वीरेंद्र द्वारा पत्रकार को परम श्रद्धेय स्वामी रामदेव महाराज का पावन चित्र और अंगवस्त्र भेंट किया गया।
इसी कड़ी में अतिथि धुरंधर शर्मा को नरेंद्र, राजकुमार और अरविंद गुप्ता ने योग आसनों का एक सुंदर चार्ट भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का एक बेहद खूबसूरत संदेश देते हुए ओबरा परियोजना के इंजीनियर इन्द्रजीत ने वरिष्ठ योग प्रशिक्षक जितेन्द्र सिंह को केले का एक हरा-भरा पौधा भेंट किया।
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शिविर के अंतिम और सबसे ऊर्जावान चरण में सभी साधकों ने सामूहिक रूप से सिंहासन किया और मानसिक तनाव को पूरी तरह दूर करने के लिए हास्यासन का ठहाके लगाकर जोरदार अभ्यास किया, जिससे पूरा योग भवन खिलखिला उठा। अंत में सभी के कल्याण की कामना के साथ सामूहिक विश्व शांति पाठ के साथ 20वें दिन के इस सफल योग शिविर को विराम दिया गया।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बढ़ावा: जिलाधिकारी ने की खेल विकास कार्यों की समीक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों में मिनी स्टेडियम निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
सोनभद्र। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सोमवार देर रात्रि कैम्प कार्यालय में जनपद की खेल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं स्पोर्ट्स स्टेडियमों के विकास कार्यों की एक विस्तृत और महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में रॉबर्ट्सगंज स्थित मुख्य स्पोर्ट्स स्टेडियम सहित जनपद के विभिन्न खेल परिसरों में उपलब्ध सुविधाओं, खिलाड़ियों के आवास, प्रशिक्षण व्यवस्थाओं तथा खेल अवसंरचना के व्यापक विस्तार पर गहन चर्चा की गई।
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खिलाड़ियों को खेल के अनुकूल माहौल देने और उनके कौशल को निखारने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने बैडमिंटन हॉल, छात्रावासों के सुदृढ़ीकरण एवं खेल मैदानों के बेहतर रखरखाव के संबंध में उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनपद के प्रतिभावान खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बैडमिंटन कोर्ट, टेनिस एवं अन्य खेल गतिविधियों के लिए जरूरी सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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साथ ही सभी खेल परिसरों में स्वच्छता, सुरक्षा, शुद्ध पेयजल एवं अन्य जरूरी मूलभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ व बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने को मुख्यमंत्री की मन्शा के अनुरूप ग्रामीण अंचलों की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया।
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उन्होंने जिले के सभी उप जिलाधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि प्रत्येक विकासखंड में मिनी स्टेडियम स्थापना हेतु भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर मिनी स्टेडियम के लिए भूमि पहले ही उपलब्ध हो चुकी है,
वहां बिना किसी देरी के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारम्भ कराया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को भी अपनी खेल प्रतिभा निखारने के लिए शहरों की तरह बेहतर अवसर एवं आधुनिक खेल सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि खेल संबंधी बुनियादी ढांचों के विकास में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में क्रीड़ा अधिकारी शमीम अहमद, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बगीश कुमार शुक्ला सहित खेल विभाग और प्रशासन के अन्य संबंधित जिम्मेदार अधिकारीगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहगंज का CMO ने किया औचक निरीक्षण
सोनभद्र। स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहगंज का औचक निरीक्षण किया गया। इस आकस्मिक कार्रवाई से अस्पताल परिसर में दोपहर के समय अचानक हड़कंप मच गया।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी दोपहर ठीक 1:30 बजे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और उन्होंने मेडिसिन, पैथोलॉजी, एक्स-रे, प्रसव वार्ड सहित ओपीडी में मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति का बेहद बारीकी से क्रमशः निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले ओपीडी का रुख किया, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सौरभ सिंह सहित अन्य सभी कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका की जांच की। इसके उपरांत उन्होंने अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों से बातचीत कर फीडबैक लिया और अस्पताल के सभी वार्डों का बारी-बारी से सघन मुआयना किया।
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निरीक्षण के इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रसव वार्ड में पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती मरीज दिव्या सिंह से अस्पताल द्वारा दी जा रही सुविधाओं, दवाओं और भोजन आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद जब वे पैथोलॉजी लैब में पहुंचे, तो वहां स्थापित अत्याधुनिक मशीनों और पूरी लगन से कार्य करते कर्मचारियों को देखकर वे काफी प्रभावित और गदगद हुए।
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वहीं, एक्स-रे विभाग के निरीक्षण के दौरान टेक्नीशियन मनीष कुमार सिंह ने उन्हें अपनी कार्यप्रणाली से अवगत कराते हुए बताया कि आपात स्थिति में तत्काल मरीजों का डिजिटल एक्स-रे किया जाता है, जिसे स्क्रीनिंग के माध्यम से तुरंत डॉक्टरों के मोबाइल पर भेज दिया जाता है ताकि मरीज का इलाज बिना समय गंवाए शुरू हो सके। तकनीक के इस बेहतर इस्तेमाल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सराहना की।
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अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने मेडिसिन विभाग का भी सघन निरीक्षण किया। वहां तैनात अनिल कुमार से स्टॉक में मौजूद दवाइयों की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के साथ ही उन्होंने खुद अपने हाथों से एक-दो दवाइयों को उठाकर उनकी एक्सपायरी डेट की जांच की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मरीजों को दी जाने वाली दवाएं वास्तव में प्रयुक्त करने योग्य हैं अथवा नहीं।
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राहत की बात यह रही कि औचक निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉक्टर अशोक कुमार, अमित कुमार एवं शिव मूरत मौके पर पूरी मुस्तैदी से मौजूद मिले। इसके साथ ही पैथोलॉजी और अन्य विभागों में विनोद श्रीवास्तव, अंकित द्विवेदी, विनय कुमार, विमलेश पटेल, कृष्ण कुमार और वार्ड ब्वॉय कमला भी अपने-अपने काउंटरों पर उपस्थित पाए गए।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पूरी टीम की उपस्थिति और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह पूरी ईमानदारी, स्वच्छता और संवेदनशीलता के साथ मरीजों की सेवा करने के कड़े निर्देश दिए।
रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने यात्रियों के पर्स से नकदी उड़ाने वाले शातिर गिरोह को दबोचा, महिला समेत तीन गिरफ्तार
सोनभद्र। ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन के साधनों में यात्रा करने वाले बेगुनाह यात्रियों को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर चोर गिरोह का रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर कुमार मिश्रा के पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रॉबर्ट्सगंज पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है।
पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी करते हुए इस गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी की गई धनराशि का एक हिस्सा भी बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि बीते 6 जून 2026 को रॉबर्ट्सगंज मंडी गेट क्षेत्र के पास ऑटो में यात्रा कर रही एक महिला यात्री के पर्स से शातिरों ने नजरें बचाकर 10,000 रुपये नगद और एक कीमती चाँदी का लॉकेट पार कर दिया था।
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इस चोरी की घटना के संबंध में पीड़ित महिला की शिकायत पर थाना रॉबर्ट्सगंज में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर मामले की तफ्तीश की जा रही थी। विवेचना के दौरान आज उपनिरीक्षक योगेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि घटना में शामिल संदिग्ध बिजौली-चुर्क सम्पर्क मार्ग स्थित एक अर्द्धनिर्मित मकान के पास देखे गए हैं।
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सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर एक महिला सहित तीन अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया, जिनकी अमली तलाशी के दौरान चोरी की घटना से संबंधित 4,000 रुपये नगद बरामद हुए। पुलिस हिरासत में कड़ाई से की गई पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए अपनी पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा किया।
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उन्होंने बताया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं और ऑटो या अन्य भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक वाहनों में सफर करने वाले सीधे-साधे यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को अपना निशाना बनाते थे। सफर के दौरान जैसे ही गाड़ी में भीड़ बढ़ती या सवारी का ध्यान भटकता, वे बेहद सफाई से उनके पर्स की चेन खोलकर नकदी व जेवरात उड़ा देते थे।
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आरोपियों ने स्वीकार किया कि 6 जून को ऑटो में महिला के पर्स से उन्होंने ही 10,000 रुपये और चाँदी का लॉकेट चोरी किया था, जिसे बाद में उन्होंने आपस में बांट लिया था। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान प्रियंका पत्नी दिनेश वर्मा (निवासी बभनगवां, पन्नूगंज), सूरज पुत्र जयश्री (निवासी सोनारी, रॉबर्ट्सगंज) और जितेन्द्र पुत्र सालिगराम (निवासी पथरहा, पन्नूगंज) के रूप में हुई है।
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पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेज दिया है। इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक योगेन्द्र पाण्डेय, हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र कुमार, कांस्टेबल मनीष यादव और महिला आरक्षी रेखा सरोज मुख्य रूप से शामिल रहीं।
सोनभद्र में उद्यमी-व्यापारी संवाद कार्यक्रम संपन्न: उपायुक्त उद्योग ने सुनीं समस्याएं, व्यापार संगठन के अध्यक्ष कौशल शर्मा ने उठाई स्थानीय रोजगार और बंद उद्योगों को पुनर्जीवित करने की मांग
सोनभद्र। जिला मुख्यालय स्थित जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के स्थानीय कार्यालय पर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण उद्यमी व व्यवसायी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपायुक्त उद्योग विनोद चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में उद्योग एवं व्यापार जगत से जुड़े तमाम प्रमुख प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
बैठक के दौरान व्यापारियों और उद्यमियों ने अपने बहुमूल्य सुझाव, व्यावहारिक समस्याएं और प्रशासनिक अपेक्षाएं विभागीय अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से रखीं। इस संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा उद्योग, व्यापार, निवेश, रोजगार तथा एमएसएमई (MSME) क्षेत्र के विकास के लिए संचालित की जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना और धरातल पर आ रही अड़चनों को दूर करना था।
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इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि पिछले वर्षों में सरकार द्वारा उद्योग स्थापना की जटिल प्रक्रियाओं को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे क्षेत्र में निवेश बढ़ा है और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।
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संवाद के दौरान मौजूद उद्यमियों एवं व्यापारियों ने वित्तीय सहायता मिलने में होने वाली देरी, बैंक ऋण स्वीकृति की जटिल प्रक्रिया, सिंगल विंडो सिस्टम की जमीनी प्रभावशीलता, औद्योगिक आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा विपणन (मार्केटिंग) सहायता जैसे गंभीर मुद्दों को प्रशासनिक अधिकारियों के सामने उठाया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए बेहद महत्वपूर्ण और नीतिगत सुझाव दिए।
उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों के विपणन एवं उनकी ब्रांडिंग के लिए विभाग द्वारा जो भी कार्य योजना तैयार की गई है, उसे केवल कागजों तक सीमित न रखकर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जाए, ताकि आम व्यापारियों को उसकी पूरी जानकारी मिल सके।
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श्री शर्मा ने पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि सोनभद्र जैसे भारी औद्योगिक जनपद में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को यहां के उद्योगों में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिलाने तथा स्थानीय छोटे उद्यमियों को बड़े उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) से जोड़ने के लिए उद्योग विभाग एवं रोजगार कार्यालय को मिलकर एक ठोस व प्रभावी कार्य योजना तैयार करनी चाहिए, जिससे यहां के मूल निवासियों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर मिल सकें।
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अपनी मांगों को आगे बढ़ाते हुए व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने प्रशासन से अपील की कि बाहर से आने वाले बड़े निवेशकों और स्थानीय व्यापारियों के बीच समन्वय (तालमेल) बढ़ाने के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया जाए।
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इसके साथ ही, उन्होंने जिले में लंबे समय से बंद पड़े या बीमार उद्योगों को चिन्हित कर उन्हें दोबारा पुनर्जीवित करने की मांग उठाई, ताकि बंद पड़े रोजगार के रास्ते फिर से खुल सकें। उन्होंने बुनियादी ढांचे में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि उद्यमियों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एक प्रभावी मॉनिटरिंग तंत्र सक्रिय किया जाए तथा जिले के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं चौबीसों घंटे मुहैया कराई जाएं।
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उन्होंने यह भी मांग की कि एमएसएमई इकाइयों को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी और योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से स्थानीय लोगों को दिया जाए तथा नए व उभरते उद्यमियों को तकनीकी सहायता व निशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।
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विभागीय अधिकारियों ने व्यापारियों और उद्यमियों द्वारा उठाए गए सभी संवेदनशील मुद्दों को गंभीरता से नोट किया और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण का ठोस आश्वासन दिया। उपायुक्त उद्योग विनोद चौधरी ने कहा कि जिले में उद्योग और व्यापार के अनुकूल एक सुरक्षित व सुदृढ़ वातावरण तैयार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए जल्द ही बैंकों व अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर एक साझा कार्ययोजना पर काम शुरू किया जाएगा।
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इस महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से अधिशासी अभियंता (विद्युत वितरण खंड), लीड बैंक अधिकारी (एलडीएम) सहित उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल से विमल अग्रवाल, मनोज जालान, उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता, आनंद जायसवाल तथा उद्योग व्यापार संगठन से शरद जायसवाल, नागेंद्र मोदनवाल, विनय जायसवाल, दिनेश सिंह सहित भारी संख्या में जनपद के नामचीन व्यापारी, विनिर्माता और उद्यमी उपस्थित रहे।
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर सोनभद्र में व्यापारी-उद्यमी संवाद, बैंकों के असहयोग पर भड़के व्यापारी, उपायुक्त ने दिया कार्ययोजना का भरोसा
सोनभद्र। जिले में केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिला उद्योग केंद्र (उपायुक्त उद्योग कार्यालय) पर एक महत्वपूर्ण ‘व्यापारी-उद्यमी संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों और व्यापारियों को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न रोजगारपरक और कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देना तथा व्यापारिक क्षेत्र में आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर मंथन करना था।
संवाद कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, सोनभद्र के जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने जिले के औद्योगिक पिछड़ेपन को लेकर बेहद गंभीर मुद्दे उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर बैंकिंग व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बैंकों द्वारा स्थानीय उद्यमियों को उचित और समय पर सहयोग नहीं मिलने के कारण ही सोनभद्र जिला नया उद्योग लगाने के मामले में लगातार पिछड़ता जा रहा है, जो कि बेहद चिंताजनक है।
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व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने जोर देकर कहा कि सरकार की बेहतरीन योजनाओं का लाभ तब तक अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकता, जब तक कि उनके प्रचार-प्रसार के लिए सही रणनीति न अपनाई जाए।
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उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योग लगाने के लिए उचित माहौल तैयार करने हेतु समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और अन्य आधुनिक संचार संसाधनों का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जाना चाहिए, तभी योजनाएं समाज के हर जरूरतमंद व्यापारी तक पहुंच सकेंगी और लोग उनका वास्तविक लाभ उठा पाएंगे।
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उन्होंने पुरजोर मांग उठाई कि सोनभद्र के विकास के लिए स्थानीय निवेशकों को हर स्तर पर सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसके साथ ही स्थानीय छोटे-बड़े व्यापारियों को अपना कारोबार बढ़ाने के लिए बैंकों तथा उद्योग विभाग के द्वारा हर संभव प्रशासनिक व आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने जिले में एक नया और सुव्यवस्थित ‘औद्योगिक क्षेत्र’ बनाए जाने पर विशेष ध्यान देने की मांग करते हुए कहा कि इसे अतिशीघ्र धरातल पर उतारा जाए ताकि नए उद्योगों की स्थापना को गति मिल सके।
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बैठक में व्यापारियों द्वारा उठाए गए इन सभी महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषयों को उपायुक्त उद्योग ने बेहद ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने व्यापारियों की चिंताओं को जायज ठहराते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और अतिशीघ्र सभी पात्रों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
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उन्होंने बैंकों के साथ भी समन्वय स्थापित कर ऋण प्रक्रियाओं को सरल बनाने का भरोसा दिया। इस महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम में व्यापार जगत के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे, जिनमें वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष संदीप सिंह चंदेल, जिला उपाध्यक्ष प्रकाश केशरी, नगर अध्यक्ष आनंद जायसवाल, इलेक्ट्रॉनिक एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता सहित भारी संख्या में स्थानीय व्यापारी और गणमान्य उद्यमी उपस्थित थे।
ज्येष्ठ के छठवें बड़े मंगलवार पर शीतला धाम में गूंजा सुंदरकांड का पाठ
सोनभद्र। जिला मुख्यालय के मेन चौक पर स्थित प्राचीन व ऐतिहासिक शीतला माता धाम में ज्येष्ठ माह के छठवें बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर श्री राम जानकी संकट मोचन भजन समिति के तत्वावधान में मंदिर परिसर में एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान और संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। ज्येष्ठ मास के बड़े मंगलवार की महत्ता को देखते हुए समिति के सदस्यों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने मिलकर सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ किया।
इस दौरान भक्ति की ऐसी बयार बही कि पूरा मंदिर परिसर प्रभु श्री राम और उनके परम भक्त शिरोमणि वीर हनुमान जी के गगनभेदी जयकारों और सुमधुर भजनों से लगातार गुंजायमान होता रहा। धार्मिक अनुष्ठान शीतला माता और संकटमोचन हनुमान जी के भव्य पूजन-अर्चन, श्रृंगार एवं आरती के साथ हुई।
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इसके उपरांत, संगीत मंडली द्वारा ढोलक, मंजीरे और हारमोनियम की सुमधुर जुगलबंदी के साथ संगीतमय सुंदरकांड का पाठ प्रारंभ किया गया। जब कलाकारों और भक्तों ने सुर-ताल के साथ सुंदरकांड की पावन चौपाइयों का सामूहिक गायन शुरू किया, तो वहां मौजूद हर एक श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति रस में पूरी तरह सराबोर हो गया। पूरे पाठ के दौरान मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए अनवरत दर्शन-पूजन का सिलसिला भी चलता रहा और लोग हनुमान जी की भक्ति में लीन होकर झूमते नजर आए।
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इस अवसर पर यानमेंद्र नाथ पाण्डेय, योगेश्वर नाथ पाण्डेय, कमला शंकर तिवारी, अनुराग पाठक, गोलू, शिवम् शर्मा, अरुण पाठक, सचिन गुप्ता, आयुष केशरवानी, स्वयं शुक्ला, हरि हर तिवारी, देवानंद सोनी, केतन मोदनवाल, हिमांशु श्रीवास्तव, साहिल पाण्डेय, राजीव सिंह, अभिषेक दुबे, विकास, गौरव, मोनू जयसवाल और पीयूष अग्रहरि सहित भारी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु शामिल रहे।