पर्यावरण संरक्षण के साथ कुपोषण मिटाएंगे ‘पोषण वृक्ष’, अति कुपोषित बच्चों के घरों में रोपे गए सहजन के पौधे

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  • पर्यावरण संरक्षण के साथ कुपोषण मिटाएंगे ‘पोषण वृक्ष’, अति कुपोषित बच्चों के घरों में रोपे गए सहजन के पौधे

सोनभद्र। जिले में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘सोनभद्र विकास समिति’ (एसवीएसएस) द्वारा प्रकृति और मानव स्वास्थ्य को जोड़ती हुई एक बेहद सराहनीय और अनूठी पहल सामने आई है। संस्था ने अपने कार्य क्षेत्र की ग्राम पंचायत करमाव के भितरी गांव सहित लौवा, पखरौध, नन्दना, विरनचुआ, रैपुरा, महुअरिया, बढौना और भूईरान गाँवों में एक साथ वृहद पौधारोपण अभियान चलाया है।

इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों से कुपोषण के खात्मे को भी एक साथ जोड़ा गया। ‘पोषण वृक्ष’ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां एक ओर प्रकृति की रक्षा का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक मजबूत संकल्प भी लिया गया, जो आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा।

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इस महा-अभियान के तहत सभी लक्षित गाँवों में एक विशेष रणनीति अपनाई गई, जिसके अंतर्गत गांव के चिन्हित अति कुपोषित (एसएएम) और मध्यम कुपोषित (एमएएम) बच्चों के घरों के पीछे खाली पड़ी जमीन पर अनिवार्य रूप से सहजन (ड्रमस्टिक) के पौधे लगाए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि सहजन की पत्तियों और उसकी फलियों में प्रचुर मात्रा में विटामिन, प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो कुपोषित बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए किसी रामबाण से कम नहीं हैं।

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इसके साथ ही, संस्था के कार्यकर्ताओं ने संबंधित ग्राम पंचायतों से बेहतर तालमेल बिठाकर गर्भवती और धात्री माताओं के आंगन में फलदार पौधों का रोपण कराया। इन महिलाओं को विटामिन-सी और अन्य जरूरी पोषक तत्व घर पर ही आसानी से मिल सकें, इसके लिए अमरूद, पपीता, नींबू और आंवला के औषधीय व फलदार पौधे वितरित कर लगवाए गए।

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पौधारोपण के इस पावन उत्सव में स्थानीय स्तर पर सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के नेतृत्व में भव्य जागरूकता रैलियां भी निकाली गईं। इस दौरान “एक पेड़, माँ के नाम” का गगनभेदी नारा गूंजा, जिसने पूरे माहौल को पर्यावरण के प्रति जागरूक कर दिया। रैलियों के समापन पर ग्रामीणों को न केवल पौधा लगाने, बल्कि उनके बड़े होने और फल देने तक उनकी पूरी जिम्मेदारी व सुरक्षा करने की भावुक शपथ दिलाई गई। इस दौरान आयोजित एक परिचर्चा में वक्ताओं ने यह संदेश दिया कि पेड़ केवल छाया या लकड़ी नहीं देते, बल्कि हमारे बच्चों की सेहत सुधारने की प्राकृतिक चाबी भी हैं।

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इस पूरे अभियान को सफल बनाने में स्थानीय ग्राम प्रधानों और सामाजिक अगुआ नेताओं ने बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया। इस मौके पर एएनएम सुरशरी, आशा कार्यकर्ता चन्दा मौर्या, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्पना यादव और संस्था की तरफ से काउन्सलर साधना सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता रीना शर्मा, सुनीता तथा अमरजीत सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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संस्था के इस भगीरथ प्रयास से एक ही दिन में सैकड़ों परिवारों को सीधे तौर पर प्रकृति और स्वास्थ्य के इस महा-अभियान से जोड़ दिया गया। उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में इन पौधों के बड़े होने पर स्थानीय परिवारों को घर बैठे ही मुफ्त व रसायन मुक्त ताजी सब्जियां और फल मिलेंगे, जिससे बाजार पर उनकी निर्भरता कम होगी और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में भी भारी कमी आएगी।

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पत्नी के प्रेम-प्रसंग से नाराज पति ने चापड़ से रेत डाला अपने ही दोस्त का गला, विण्ढमगंज पुलिस ने 8 घंटे में किया सनसनीखेज मर्डर का खुलासा

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  • पत्नी के प्रेम-प्रसंग में खूनी खेल: सोनभद्र के विण्ढमगंज में युवक की बेरहमी से हत्या, पुलिस ने 8 घंटे में हत्यारे पति को चापड़ के साथ दबोचा

सोनभद्र। जनपद के विण्ढमगंज थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी के प्रेम-प्रसंग से क्षुब्ध होकर एक युवक की चापड़ से काटकर निर्मम हत्या कर दी। विण्ढमगंज थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस सनसनीखेज वारदात का मात्र 8 घंटे के भीतर सफल अनावरण कर दिया है।

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पुलिस ने हत्यारोपी पति को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार आला कत्ल (चापड़), मृतक का मोबाइल फोन और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। इस बड़ी कामयाबी और अंधे कत्ल के खुलासे की विस्तृत जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल ने एक प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि यह त्वरित कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कड़े निर्देशन, उनके स्वयं के व क्षेत्राधिकारी दुद्धी राजेश कुमार राय के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में विण्ढमगंज पुलिस टीम द्वारा अंजाम दी गई है।

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इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की शुरुआत 4 जून 2026 को हुई, जब विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जोरूखाड़ में एक अज्ञात युवक का लहूलुहान शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की शिनाख्त विण्ढमगंज के ही ग्राम पतरिया निवासी अश्वनी गोंड के 24 वर्षीय पुत्र रजनीकान्त के रूप में हुई। घटनास्थल के ठीक पास ही मृतक की हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (संख्या UP 64 B 3004) भी लावारिस हालत में खड़ी मिली थी।

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शव मिलने और हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। क्षेत्राधिकारी दुद्धी राजेश कुमार राय तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के साथ ही घटना के त्वरित अनावरण के लिए टीमों का गठन किया। परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर विण्ढमगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 238(A) के तहत हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर तफ्तीश शुरू की गई।

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मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम ने सुरागरसी-पतारसी, सर्विलांस व तकनीकी साक्ष्यों के संकलन और स्थानीय सूचना तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया। पुलिस टीम के अथक प्रयासों और सटीक घेराबंदी के परिणामस्वरूप घटना के महज 8 घंटे के भीतर मुखबिर की सूचना पर टहानिया खोली स्थित सुनील प्रजापति के एक खाली पड़े मकान के पास से मुख्य अभियुक्त दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़ा गया अभियुक्त दिनेश पुत्र जीत सिंह, उम्र करीब 24 वर्ष, विण्ढमगंज के ही ग्राम केवाल का रहने वाला है।

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जब पुलिस टीम ने हत्यारोपी दिनेश से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कुबूल करते हुए हत्या की जो वजह बताई उसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। दिनेश ने बताया कि उसे काफी समय से यह जानकारी थी कि उसकी पत्नी का मृतक रजनीकान्त के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था, जिसके कारण वह रजनीकान्त से गहरी रंजिश और गुस्सा रखता था।

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अपनी पारिवारिक प्रतिष्ठा और रंजिश के चलते उसने रजनीकान्त को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची। योजना के मुताबिक वह रजनीकान्त को किसी बहाने से फुसलाकर अपने साथ सुनसान जंगल की ओर ले गया और वहां मौका पाकर अपने पास छिपाकर रखे भारी-भरकम चापड़ से उस पर ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

हत्या करने के बाद उसने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से मृतक का वन प्लस मोबाइल फोन, आला कत्ल (चापड़) और घटना के समय पहने अपने खून से सने लोवर व शर्ट को पास की घनी झाड़ियों में छिपा दिया था। पुलिस ने हत्यारे की निशानदेही पर झाड़ियों से शत-प्रतिशत बरामदगी कर ली है। इस अंधाधुंध कत्ल का पर्दाफाश करने वाली टीम में थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के साथ मुख्य आरक्षी सुरेन्द्र प्रजापति, आरक्षी सुनील कुमार और आरक्षी आलोक कुमार शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है।

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घूसखोर कानूनगो का नोट गिनते वीडियो वायरल, एसडीएम ने निलंबन के लिए डीएम को भेजा पत्र, तहसील में हड़कंप

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  • घूसखोर कानूनगो का नोट गिनते वीडियो वायरल, एसडीएम ने निलंबन के लिए डीएम को भेजा पत्र, तहसील में हड़कंप

सोनभद्र। जिले की दुद्धी तहसील से भ्रष्टाचार का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां कार्यरत एक राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) का एक काश्तकार (किसान) से काम के एवज में खुलेआम रुपये लेकर गिनते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के वायरल होते ही प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई, जिसके बाद शुक्रवार को मामले का संज्ञान लेते हुए उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ने आरोपी राजस्व निरीक्षक के निलंबन की संस्तुति जिलाधिकारी (डीएम) को भेज दी है।

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उप जिलाधिकारी निखिल यादव ने इस पूरे प्रकरण की आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की जब प्राथमिक जांच कराई गई, तो उसमें दिख रहे दृश्य बेहद आपत्तिजनक और शासकीय सेवा नियमावली के खिलाफ पाए गए।

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वीडियो में दुद्धी तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक अखिलेश शुक्ला तहसील के ही एक सरकारी कक्ष में बैठकर एक काश्तकार से उसकी जमीन संबंधी कार्य को निपटाने के एवज में रिश्वत की रकम ले रहे हैं और फिर बड़े इत्मीनान से उन नोटों को गिनते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं।

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एसडीएम ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टया आरोपों को अत्यंत गंभीर और भ्रष्टाचार की श्रेणी में मानते हुए आरोपी राजस्व निरीक्षक अखिलेश शुक्ला को तत्काल प्रभाव से उनके मौजूदा क्षेत्र से हटा दिया गया है। इसके साथ ही उनकी सेवाओं को निलंबित करने के लिए जिलाधिकारी सोनभद्र को एक कड़ा संस्तुति पत्र भेजा गया है

ताकि उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सके। एसडीएम द्वारा की गई इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई से पूरी दुद्धी तहसील के भ्रष्ट कर्मचारियों और बिचौलियों के बीच हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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प्रदूषण मुक्त भविष्य के लिए एम्पीयर इलेक्ट्रिक स्कूटी है बेहतरीन विकल्प’- अंकुश सिंघल

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  • विश्व पर्यावरण दिवस पर एम्पीयर इलेक्ट्रिक स्कूटी शो-रूम के प्रोपराइटर अंकुश सिंघल ने दी सोनभद्र वासियों को बधाई, ग्रीन मोबिलिटी अपनाने का किया आह्वान
  • “धुआँ हटाओ, प्रकृति बचाओ; इस पर्यावरण दिवस पर एम्पीयर घर लाओ!”
  • “पेट्रोल का खर्चा अब होगा बंद, जब दौड़ेगी एम्पीयर बुलंद!”
  • “लंबी रेंज, मजबूत LFP बैटरी का वादा; एम्पीयर के साथ बचत होगी सबसे ज़्यादा!”

रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष अवसर पर पूरे देश सहित सोनभद्र जनपद में प्रकृति को बचाने और प्रदूषण कम करने का संकल्प लिया जा रहा है। इसी क्रम में रॉबर्ट्सगंज के उत्तर मोहाल स्थित एम्पीयर इलेक्ट्रिक स्कूटी शो-रूम के प्रोपराइटर अंकुश सिंघल ने पर्यावरण संरक्षण में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की भूमिका पर विशेष चर्चा करते हुए बताया कि एम्पीयर की इलेक्ट्रिक स्कूटी पर्यावरण को सुरक्षित रखने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में एक गेम-चेंजर साबित हो रही है।

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उन्होंने हमारे संवाददाता से बात करते हुए कहा कि पारंपरिक पेट्रोल गाड़ियां हवा में भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और हानिकारक सूक्ष्म कण छोड़ती हैं, जिसके विपरीत एम्पीयर की इलेक्ट्रिक स्कूटी ‘शून्य टेलपाइप उत्सर्जन’ के सिद्धांत पर काम करती है और इसमें से किसी भी प्रकार का धुआं या जहरीली गैस नहीं निकलती, जिससे स्थानीय स्तर पर वायु प्रदूषण को पूरी तरह रोका जा सकता है। इस स्कूटी में कभी आग नहीं लग सकती है और यहां पूरी तरीके से वाटर प्रूफ रहतीहै।

बतादें कि वायु प्रदूषण के साथ-साथ आज के समय में ध्वनि प्रदूषण भी एक बड़ी समस्या बन चुका है क्योंकि पेट्रोल इंजनों की तेज आवाज और कंपन मानसिक तनाव व बहरेपन का कारण बनते हैं, जबकि एम्पीयर इलेक्ट्रिक स्कूटी का इंजन बिल्कुल मूक यानी बिना आवाज के चलता है, जिससे सड़कों पर शांति बनी रहती है।

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चर्चा के दौरान उन्होंने इसके आर्थिक और प्राकृतिक फायदों को जोड़ते हुए कहा कि पेट्रोल एक सीमित प्राकृतिक संसाधन है, जिसे निकालने और रिफाइन करने में पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है, जबकि एम्पीयर स्कूटी को चार्ज करने में बेहद कम बिजली खर्च होती है जो न सिर्फ ग्राहकों के पेट्रोल के भारी-भरकम खर्च को बचाती है, बल्कि जीवाश्म ईंधन पर हमारी निर्भरता को भी कम करती है।

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एम्पीयर की इन इलेक्ट्रिक स्कूटियों की सबसे बड़ी खासियत इनकी किफायती कीमत, बेहतरीन ड्राइविंग रेंज और मजबूत एलएफपी (LFP) बैटरी है, जो साधारण बैटरी की तुलना में काफी लंबे समय यानी लगभग 8 से 12 साल तक चलती है और कंपनी इस पर 8 साल या 1 लाख किलोमीटर तक की वारंटी भी दे रही है। मात्र 3 से 6 घंटे में फुल चार्ज होकर ये स्कूटियां आसानी से 95 से 136 किलोमीटर तक की लंबी दूरी तय करती हैं, जिससे यह दैनिक उपयोग और पूरे परिवार के लिए एकदम उपयुक्त साबित होती हैं।

इसके अलावा ग्राहकों की सुविधा के लिए इसमें लंबी और चौड़ी सीट, बेहतर लेगरूम, एडजस्टेबल सस्पेंशन, हेलमेट रखने के लिए 22 से 33 लीटर तक का बड़ा बूट स्पेस और सड़कों के गड्ढों से बचाने के लिए 165 से 170 एमएम तक का शानदार ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है। 150 किलो तक वजन उठा सकती है आधुनिकता के लिहाज से इसके प्रीमियम मॉडल्स में 7-इंच की ब्राइटेस्ट टीएफटी स्क्रीन, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कॉम्बी-ब्रेकिंग सिस्टम और ट्रैफिक के अनुसार इको, सिटी व पावर मोड्स के साथ-साथ रिवर्स मोड की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

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एम्पीयर के पास बिना लाइसेंस वाली लो-स्पीड स्कूटियों के भी बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं और देशभर के 300 से अधिक शहरों में 800 से अधिक सर्विस सेंटर्स के साथ कंपनी का एक मजबूत नेटवर्क है। उत्तर मोहाल स्थित शो-रूम के प्रोपराइटर अंकुश सिंघल ने पर्यावरण दिवस के मौके पर सोनभद्र वासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि हम सच में अपनी आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ और हरित पर्यावरण देना चाहते हैं,

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तो हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव करना होगा और एम्पीयर इलेक्ट्रिक स्कूटी अपनाना प्रकृति को बचाने की दिशा में एक जिम्मेदार कदम है, इसलिए आइए इस पर्यावरण दिवस पर हम सब मिलकर पेट्रोल छोड़ें और ग्रीन मोबिलिटी को अपनाएं।

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मजदूरों के हक की आवाज: सीजीएम से मिला इंटक का प्रतिनिधिमंडल, न्यूनतम मजदूरी भुगतान पर हुई गंभीर वार्ता

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  • मजदूरों के हक की आवाज: ओबरा के नवागत सीजीएम दूधनाथ यादव से मिला इंटक का प्रतिनिधिमंडल, न्यूनतम मजदूरी भुगतान पर हुई गंभीर वार्ता

ओबरा (सोनभद्र)। औद्योगिक नगरी ओबरा में संविदा श्रमिकों के हितों की रक्षा और उनकी लंबित समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर श्रमिक संगठनों ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। इसी सिलसिले में हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन इंटक के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को ओबरा जल विद्युत परियोजना के नवागत मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) इंजीनियर दूधनाथ यादव से शिष्टाचार मुलाकात की और एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता संपन्न की।

इस बैठक के दौरान यूनियन के पदाधिकारियों ने नवागत मुख्य महाप्रबंधक का ओबरा परियोजना में कार्यभार संभालने पर गर्मजोशी से स्वागत किया और बुके भेंट कर उन्हें बधाई दी। संगठन के नेताओं ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि इं. दूधनाथ यादव के कुशल एवं अनुभवी नेतृत्व में ओबरा परियोजना आने वाले समय में निर्बाध और रिकॉर्ड बिजली उत्पादन के मामले में पूरे प्रदेश में सफलता का एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।

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बधाई और शुभकामनाओं के दौर के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य महाप्रबंधक के समक्ष ओबरा परियोजना में कार्यरत संविदा मजदूरों की ज्वलंत और गंभीर समस्याओं का पुलिंदा रखा। वार्ता के दौरान यूनियन ने सबसे प्रमुखता से संविदा मजदूरों को शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग उठाई।

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पदाधिकारियों ने सीजीएम को अवगत कराया कि कई स्तरों पर श्रमिकों को उनके तय कानूनी अधिकार के मुताबिक मजदूरी मिलने में विसंगतियां आ रही हैं, जिसे तुरंत दूर किया जाना बेहद आवश्यक है। इसके साथ ही, ओबरा सी थर्मल पावर प्लांट में रात-दिन हाड़-तोड़ मेहनत करने वाले मजदूरों को हर महीने समय से मजदूरी का भुगतान न होने की गंभीर समस्या पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

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यूनियन ने जोर देकर कहा कि संविदा कर्मियों के वेतन में होने वाली देरी से उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है, इसलिए ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों को हर महीने की एक निश्चित तारीख तक अनिवार्य रूप से भुगतान करने के कड़े निर्देश दिए जाएं।

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मुख्य महाप्रबंधक इंजीनियर दूधनाथ यादव ने इंटक प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों और मांगों को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने श्रमिक नेताओं को आश्वस्त किया कि मजदूरों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमानुसार उनके सभी जायज हक व न्यूनतम मजदूरी का समयबद्ध भुगतान कराया जाना प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल रहेगा।

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उन्होंने परियोजना के सुचारू संचालन में संविदा श्रमिकों के योगदान को रीढ़ की हड्डी बताया। इस बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक वार्ता में हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन इंटक की ओर से केंद्रीय उपाध्यक्ष हरदेवनारायण तिवारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष संत विजय चंद्रा, क्षेत्रीय महामंत्री राजीव दुबे, उपाध्यक्ष मुन्ना खान, कोषाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार और अरुण कुमार राय सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्य रूप से शामिल रहे, जिन्होंने मजदूरों के अधिकारों के लिए अपनी आवाज बुलंद की।

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आधी रात के बाद राम सरोवर तालाब से मिला मोटर मैकेनिक का शव, किनारे ही डेरा जमाए रहे बेबस परिजन

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  • आधी रात के बाद राम सरोवर तालाब से मिला मोटर मैकेनिक का शव, किनारे ही डेरा जमाए रहे बेबस परिजन

रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। मुख्यालय के कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक रामसरोवर तालाब में एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां नहाते समय गहरे पानी में डूबने से एक 45 वर्षीय मोटर मैकेनिक की असामयिक मौत हो गई। मृतक की पहचान रॉबर्ट्सगंज के अंबेडकरनगर वार्ड निवासी विमलेश के रूप में हुई है।

बुधवार की दोपहर तालाब में डूबे विमलेश का शव लगभग 12 घंटे के कड़े सर्च ऑपरेशन के बाद बुधवार आधी रात के बाद पानी से बाहर निकाला जा सका। इस दौरान पूरी रात मृतक के परिजन और सगे-संबंधी बेहद उम्मीद और भारी मन से तालाब के किनारे ही डेरा जमाए बैठे रहे। बृहस्पतिवार की दोपहर पुलिस ने विमलेश के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए रोते-बिलखते परिजनों को सौंप दिया है। इस असमय और दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है और पूरे वार्ड में मातम पसरा हुआ है।

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जानकारी के अनुसार, विमलेश गाड़ियों की डेंटिंग का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था और वह अपने तीन भाइयों में मंझला था। वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अलग रहकर मेहनत-मजदूरी से गुजर-बसर कर रहा था। बुधवार को वह रोज़ की तरह घर के पास ही स्थित रामसरोवर तालाब में नहाने के लिए गया था।

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स्थानीय निवासियों और परिजनों के मुताबिक, विमलेश एक बेहद कुशल तैराक माना जाता था और वह अक्सर काफी देर तक रामसरोवर के गहरे पानी में तैरता रहता था। यही वजह रही कि जब वह बुधवार को तालाब में काफी देर तक तैरता रहा, तो वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति को उसकी तैराकी पर रत्ती भर भी शक नहीं हुआ और लोग इसे उसका रोज़ का अभ्यास समझते रहे।

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लेकिन जब वह काफी देर तक पानी से बाहर नहीं आया, तब जाकर लोगों को अनहोनी की आशंका हुई और आनन-फानन में पुलिस व स्थानीय गोताखोरों को सूचना दी गई। रात के अंधेरे में चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार आधी रात के बाद उसकी लाश को बरामद किया गया।

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इस भयानक हादसे ने विमलेश के हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह से तबाह कर दिया है और उनके सामने आजीविका का एकमात्र सहारा भी हमेशा के लिए छिन गया है। विमलेश के पीछे उसकी पत्नी सहित तीन मासूम बेटियां और दो छोटे बेटे हैं, जिनके लालन-पालन और पढ़ाई-लिखाई को लेकर अब नात-रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के बीच गहरी चिंता की स्थिति बनी हुई है।
बच्चों की उम्र बेहद कम है; उसकी सबसे बड़ी बेटी अभी कक्षा नौ में पढ़ती है, सबसे छोटी बेटी कक्षा

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पांच की छात्रा है, बड़ा बेटा कक्षा तीन में है, जबकि सबसे छोटे बेटे का अगले साल स्कूल में दाखिला कराने की तैयारी चल रही थी। शव के घर पहुंचते ही पत्नी और मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था, जिन्हें ढांढस बंधाने में पड़ोसियों की आंखें भी नम हो गईं।

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इस संबंध में जानकारी देते हुए रॉबर्ट्सगंज के प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की थी और शव को कब्जे में लेकर नियमानुसार पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

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केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर सजेगी विकास प्रदर्शनी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बांटे गए स्मार्टफोन

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  • केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर सजेगी विकास प्रदर्शनी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बांटे गए स्मार्टफोन

सोनभद्र। केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में जनपद सोनभद्र में एक व्यापक जनकल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान का शंखनाद होने जा रहा है। आगामी 5 जून से लेकर 21 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिले भर में विविध रचनात्मक और विकासपरक कार्यक्रमों की धूम रहेगी।

इस महाभियान को धरातल पर पूरी तरह सफल और प्रभावी बनाने के लिए बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग के मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने समीक्षा बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया।

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कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक में प्रभारी मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि अभियान के दौरान सरकार की उपलब्धियों पर आधारित भव्य विकास प्रदर्शनी लगाई जाए, साथ ही लाभार्थी संपर्क, वृहद स्वच्छता अभियान, सघन पौधरोपण और जन-जागरूकता कार्यक्रमों का ग्रामीण स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।

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इस विशेष बैठक के दौरान एक बेहद महत्वपूर्ण और डिजिटल पहल की शुरुआत करते हुए प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने सांकेतिक रूप से पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को अत्याधुनिक स्मार्ट मोबाइल फोन वितरित किए। इस दौरान उन्होंने तकनीक के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इन डिजिटल उपकरणों के माध्यम से अब आंगनबाड़ी स्तर पर पोषण ट्रैकर और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी महत्वपूर्ण सरकारी एप्लीकेशन का प्रभावी और पारदर्शी संचालन संभव हो सकेगा।

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इन स्मार्टफोन्स की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों तक स्वास्थ्य व पोषण से जुड़ी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बेहद आसानी, गति और सुगमता के साथ सीधे पहुंच सकेगा। बैठक में मौजूद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने इस योजना का विस्तृत ब्योरा देते हुए बताया कि शासन की ओर से सोनभद्र जनपद को कुल 2099 स्मार्ट मोबाइल फोन प्राप्त हुए हैं,

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जिन्हें तय कार्ययोजना के तहत जिले की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को चरणबद्ध तरीके से पारदर्शिता के साथ वितरित कर दिया जाएगा, ताकि जमीनी स्तर पर डिजिटल कामकाज को रफ्तार मिल सके।

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अभियान की प्रशासनिक तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने प्रभारी मंत्री को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन इस 17 दिवसीय विशेष अभियान को पूरे जनपद में बेहद प्रभावी और पारदर्शी ढंग से संचालित करने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है।

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उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को टीम भावना के साथ काम करने की नसीहत देते हुए कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य शासन की इन सभी महत्वाकांक्षी और कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक शत-प्रतिशत पहुंचाना है।

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कलेक्ट्रेट में हुई इस अहम बैठक में विकास और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कई अन्य बिंदुओं पर भी गहन मंथन किया गया, जिससे आने वाले दिनों में सोनभद्र में विकास की एक नई बयार बहने की उम्मीद जताई जा रही है।

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झारखंड से पंजाब तक जुड़े अफीम तस्करी के तार: सोनभद्र पुलिस मुठभेड़ मामले में फरार मुख्य आरोपी समेत तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में डोडा-अफीम की डीलिंग का खुलासा

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  • झारखंड से पंजाब तक जुड़े अफीम तस्करी के तार: सोनभद्र पुलिस मुठभेड़ मामले में फरार मुख्य आरोपी समेत तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में डोडा-अफीम की डीलिंग का खुलासा

सोनभद्र। पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है। पुलिस मुठभेड़ और नशे के अवैध कारोबार के मामले में चोपन थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुठभेड़ के दौरान फरार हुए मुख्य अभियुक्त सहित तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस बड़ी कामयाबी से झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और पंजाब तक फैले अफीम और डोडा के काले कारोबार का एक बड़ा गठजोड़ बेनकाब हो गया है।

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पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन भी बरामद किया है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कड़े निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर कुमार मिश्रा के कुशल पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी गुप्ता की अगुवाई वाली चोपन पुलिस टीम द्वारा अंजाम दी गई।

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इस पूरे सनसनीखेज मामले की शुरुआत 1 जून 2026 को हुई थी, जब चोपन और रॉबर्ट्सगंज थाना पुलिस के साथ-साथ एसओजी की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर मादक पदार्थ तस्करों की घेराबंदी की थी। उस दौरान तस्करों और पुलिस टीम के बीच सीधी मुठभेड़ हुई थी, जिसमें पुलिस ने मौके से एक अभियुक्त प्रिंस सिंह को दबोच लिया था,

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जबकि उसका मुख्य साथी रोहित सिंह अंधेरे और पथरीले पहाड़ी क्षेत्र का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा था। इस घटना के बाद चोपन थाने में एनडीपीएस एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर फरार अपराधियों की तलाश तेज कर दी गई थी। इसी क्रम में पुलिस को मारकुण्डी बस स्टैंड के पास फरार आरोपी के छिपे होने की सटीक सूचना मिली।

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पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर पंजाब के लुधियाना जिले के मेहरबान थाना क्षेत्र के ख्वाजके निवासी रोहित सिंह को गिरफ्तार कर लिया। रोहित से कड़ाई से की गई पूछताछ और विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस पूरे रैकेट के मुख्य सप्लायरों और डीलरों का पता लगाया और दबिश देकर झारखंड के पलामू जिले के पिपराटाड़ थाना क्षेत्र के तितलंगी निवासी पिंटू यादव और पांकी थाना क्षेत्र के जान्जो निवासी सतपाल सिंह खरवार को भी धर दबोचा।

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गिरफ्तार किए गए आरोपियों से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो इस नेटवर्क के काम करने के तरीके को सुनकर अधिकारी भी दंग रह गए। मुख्य तस्कर रोहित सिंह ने कुबूल किया कि वह और उसका साथी प्रिंस सिंह झारखंड के डालटेनगंज से भारी मात्रा में अवैध अफीम और डोडा की खेप लोड कर पंजाब ले जा रहे थे। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर पकड़े जाने के डर से उन्होंने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग की थी।

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रोहित ने बताया कि झारखंड के पिंटू यादव और सतपाल सिंह खरवार ही इस रैकेट के मुख्य सरगना हैं, जो उन्हें भारी मात्रा में माल सप्लाई करते थे। वहीं, सतपाल और पिंटू यादव ने पुलिस के सामने उगला कि वे दोनों मिलकर झारखंड के स्थानीय गरीब किसानों से बेहद कम दामों पर डोडा और अफीम खरीदते थे। सतपाल खुद भी बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती करवाता है।

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वह किसानों से लगभग 200 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से डोडा और 3000 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से कच्ची अफीम खरीदकर स्टॉक करता था। इसके बाद पंजाब और अन्य राज्यों के बड़े तस्करों से संपर्क कर उन्हें लाखों रुपये के ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध रूप से अकूत आर्थिक लाभ कमाते थे।

आरोपियों ने स्वीकार किया कि हाल ही में प्रिंस और रोहित सफेद रंग की गाड़ी से उनके गांव आए थे, जहां उन्हें 2 कुंतल 25 किलोग्राम डोडा और 3 किलोग्राम अफीम की बड़ी खेप सौंपी गई थी। इस हाईप्रोफाइल केस का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी गुप्ता के साथ उपनिरीक्षक रामज्ञान यादव, उपनिरीक्षक अभय यादव, मुख्य आरक्षी अजय यादव, विरेन्द्र, सीताराम यादव तथा आरक्षी मंटू सिंह और आकाश उपाध्याय शामिल रहे। पुलिस अब इस गिरोह के वित्तीय लेन-देन और अन्य मददगारों की तलाश में जुटी है।

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ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के आह्वान पर 4 जून से 12 जून तक सभी तहसीलों के पीएलवी सघन जन जागरूकता हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में कर रहे प्रचार

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  • ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के आह्वान पर 4 जून से 12 जून तक सभी तहसीलों के पीएलवी सघन जन जागरूकता हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में कर रहे प्रचार

ओबरा (सोनभद्र)। ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र सचिव/न्यायाधीश राहुल के आह्वान पर जनपद सोनभद्र के सभी तहसील क्षेत्रों में कार्यरत अधिकार मित्रों/पीएलवी ने अपने तहसील क्षेत्रों में गुरुवार से बाल श्रम निषेध दिवस की शुरुआत कर दी है।
    यह पीएलवी ग्रामीण एवं दूरस्थ तथा दुर्गम अंचलों में जाकर लोगों को जहां बाल श्रम की विभिषिका और दुष्परिणामों से अवगत करा रहे हैं वहीं बाल श्रम कराना‌ अपराध बताते हुए सज़ा और जुर्माना होने की जानकारी दे रहे हैं।

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इतना ही नहीं सामुदायिक और पारिवारिक उन्नति और पीढ़ियों के जीवन स्तर में किस तरह सुधार आदि हेतु बाल श्रमिकों अथवा इसके दूरगामी परिणाम से अंजान माता/पिता/अभिभावकों को बच्चों को पढ़ाने, उनके बचपन को बचाने, उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य आदि पर मार्मिक ढंग से समझाईश देने हेतु अधिकार मित्र/पीएलवी अपने अपने क्षेत्र में पसीना बहा रहे हैं।

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    तहसील ओबरा से पीएलवी कमाल अहमद, श्रीमती निगार, राबर्ट्सगंज से निर्मल कौर, सरिता लाहा, सपना सिंह, दीपन कुमार, भोला, मनोज पाठक, घोरावल से अजय मिश्रा, प्रदीप मिश्रा, सुमन, दुद्धी तहसील से रंजू भारती अभियान की सफलता हेतु सक्रिय रहे। यह जानकारी न्यायाधीश राहुल सचिव ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र ने दी है।

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