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- नारी वंदन’ कार्यक्रम का आयोजन, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं का हुआ सम्मान

सोनभद्र। ‘ उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान लखनऊ, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ एवं गुप्त काशी विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में नगर स्थित साईं हॉस्पिटल एण्ड कॉलेज ऑफ नर्सिंग के सभागार में ‘नारी वंदन’ सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पंडित पारसनाथ मिश्र ने की। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय कवि पंडित जगदीश पंथी ने किया।
समारोह की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान नारी सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि विभा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ महिलाओं को निर्णय लेने, शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार प्रदान करना है, जिससे वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि एक सशक्त महिला न केवल अपने परिवार को, बल्कि पूरे समाज को आत्मनिर्भर और विकसित बनाती है।

कार्यक्रम संयोजक एवं गुप्त काशी विकास परिषद के अध्यक्ष पंडित आलोक कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि आज महिलाएं प्रधानमंत्री, अंतरिक्ष यात्री, वैज्ञानिक और उद्यमी बनकर हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्हें घर और बाहर दोनों की जिम्मेदारियों में बराबरी का हक मिलना चाहिए। साईं हॉस्पिटल एण्ड कॉलेज ऑफ नर्सिंग की डायरेक्टर डॉ. अनुपमा सिंह ने समाज में व्याप्त कन्या भ्रूण हत्या, घरेलू हिंसा और लैंगिक असमानता जैसी कुरीतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ पुरुषों के विरोध में होना नहीं, बल्कि समानता के साथ मिलकर एक बेहतर समाज का निर्माण करना है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में पंडित पारसनाथ मिश्रा ने प्राचीन काल से लेकर वैदिक युग तक नारी के सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि मानव समाज रूपी रथ महिला और पुरुष रूपी दो पहियों पर चलता है। इन दोनों का समान रूप से चलना ही प्रगति का आधार है।

कार्यक्रम के दौरान श्वेता कुमारी (वाराणसी) एवं दल द्वारा लोकगायन, सोनी सेठ (वाराणसी) एवं दल द्वारा कत्थक नृत्य तथा रानी सिंह (मिर्जापुर) एवं दल द्वारा कजरी लोकगायन की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। इस अवसर पर विवेक जी, राज सिंह, आशुतोष मोदनवाल, मृगांक दुबे, अनूप तिवारी, नार सिंह, प्रदीप चौबे, ओमप्रकाश दुबे, डॉ. पवन तिवारी, वैभव विशाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
















































