सीओ सिटी रणधीर मिश्रा ने पुलिस टीम के साथ किया पैदल गश्त, व्यापारियों से संवाद कर सुरक्षा का दिलाया भरोसा
रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा आम जनमानस में सुरक्षा की भावना उत्पन्न करने के उद्देश्य से क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस बल ने राबर्ट्सगंज कस्बे के मुख्य मार्गों और व्यस्त बाजारों में पैदल गश्त किया। इस दौरान नगर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और स्थानीय व्यापारियों व आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर सुरक्षा का अहसास कराया।
गश्त और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी देते हुए सीओ सिटी रणधीर मिश्रा ने बताया कि नियमित चेकिंग और पैदल गश्त के साथ-साथ दुकानों के बाहर होने वाले अस्थायी अतिक्रमण को हटाने के प्रति दुकानदारों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि मुख्य मार्गों पर आवागमन सुगम बना रहे और जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संचालन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीओ सिटी ने आम जनमानस व व्यापारी वर्ग से अपील की कि किसी भी प्रकार की असुविधा या संदिग्ध गतिविधि दिखने पर नागरिक तत्काल नजदीकी पुलिस टीम या आपातकालीन सेवा डायल 112 पर सूचना दें। इस फ्लैग मार्च के दौरान स्थानीय कोतवाली पुलिस, भारी संख्या में पुलिसकर्मी एवं महिला पुलिस बल के जवान मुस्तैद रहे।
जिले में धूमधाम के साथ मनाई गई श्री कृष्ण जन्माष्टमी
रात 12:00 बजाते ही हुआ श्री कृष्ण का जन्म, होने लगा शंखनाद, बजने घण्ट घड़ियाल
सोनभद्र। जिले में शुक्रवार को श्री कृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान जिले के हर थानों, मंदिरों, घरों में श्री कृष्ण जन्म उत्सव की भव्य झांकी सजाई गई। रात के 12:00 बजते ही पूरा जनपद नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की। हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की। के स्वर से गुंजायमान रहा। इस दौरान महिलाओं ने सोहर गाकर श्री कृष्ण के जन्म की खुशियां मनाई।नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, श्री कृष्ण के भक्ति में डूबा सोनभद्र
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बतादें कि चुर्क पुलिस लाइन, जिला कारागार सहित जिले के हर थानों में श्री कृष्ण जन्म उत्सव धूमधाम के साथ गया।वही जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में श्री कृष्ण जन्म उत्सव की भव्य झांकी सजाई गई इस दौरान भजन कीर्तन बिरहा का आयोजन किया गया और इसके पश्यात भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर जितेंद्र सिंह, पवन जैन, प्रमोद गुप्ता, राकेश कुमार गुप्ता, आनंद मिश्रा, रविंद्र केसरी, कृष्ण मुरारी गुप्त, चंदन केसरी, सहित अन्य भक्तजन उपस्थित रहे।
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दूसरी ओर नगर के राम जानकी, संकट मोचन मंदिर पर पुजारी राजकुमार पांडे के नेतृत्व में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की मंदिर परिसर में भव्य झांकी सजाई गई। अर्धरात्रि होते ही श्री कृष्ण का जन्म हुआ और पूरा मंदिर प्रांगण श्री कृष्ण के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
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इस अवसर पर पुजारी राजकुमार पांडे ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी का एक दिन का व्रत रखने से कई व्रतों का फल मिल जाता है।हमारे शास्त्रों में कृष्ण जन्माष्टमी को सभी व्रत का राजा यानि ‘व्रतराज’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन बाल गोपाल को झूला झुलाने का बहुत ही महत्व है, लोगों में कृष्ण भगवान को झूला झुलाने का बहुत उत्साह रहता है।
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कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति पालने में भगवान को झुला दे तो उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इस दौरान शारदा तिवारी, शिवा पाण्डेय, आयुष्मान द्विवेदी, ऋषि जयसवाल, अर्पित गुप्ता, शुभम् चौरसिया, प्रियांशु श्रीवास्तव, रोहित केशरवानी, राहुल ओझा, अंकित त्रिपाठी, सर्वेश देव पाण्डेय, देवानंद सोनी, मोनू जयसवाल, सचिन जयसवाल, पवन सोनी, अंकित गुप्ता, पीयूष अग्रहरि, प्रथम यादव, आशु मोदनवाल, राहुल जालान, गोलू मोदनवाल और मानस भजन समिति के सदस्यों सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
दूसरी ओर नगर के उत्तर मोहाल स्थित दूग्धेश्वर धाम के बगल में श्री कृष्ण जन्म उत्सव की भव्य झांकी सजाई गई। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु श्री कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी देखने के लिए पहुंचे। इस अवसर पर गोविंद केसरी, अनुराग, प्रियांशु सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। नगर के श्री साईं बाबा मंदिर व नई बस्ती के श्री राम जानकी मंदिर के समीप भी भव्य श्री कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी सजाई गई।
नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की: श्रीकृष्ण भक्ति में सराबोर हुआ सोनभद्र, मंदिरों और थानों में सजीं भव्य झांकियां
सोनभद्र। जनपद भर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। रात के ठीक 12 बजते ही जैसे ही बाल गोपाल का प्राकट्य हुआ, पूरा सोनभद्र ‘नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की’ और ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों, शंखनाद तथा घंट-घड़ियालों की गूंज से भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर महिलाओं ने सोहर और मंगल गीत गाकर जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं। जनपद के थानों, प्रमुख मंदिरों और घरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की मनमोहक व भव्य झांकियां सजाई गईं।
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रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित राम जानकी व संकट मोचन मंदिर में पुजारी राजकुमार पांडे के नेतृत्व में भव्य झांकी सजाई गई। अर्धरात्रि होते ही श्रीकृष्ण के जन्म पर पूरा मंदिर प्रांगण जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर पुजारी राजकुमार पांडे ने बताया कि शास्त्रों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को ‘व्रतराज’ यानी सभी व्रतों का राजा कहा गया है।
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मान्यता है कि इस दिन बाल गोपाल को पालने में झूला झुलाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दौरान शारदा तिवारी, शिवा पाण्डेय, आयुष्मान द्विवेदी, ऋषि जयसवाल, अर्पित गुप्ता, शुभम् चौरसिया, प्रियांशु श्रीवास्तव, रोहित केशरवानी, राहुल ओझा, अंकित त्रिपाठी, सर्वेश देव पाण्डेय, देवानंद सोनी, मोनू जयसवाल, सचिन जयसवाल, पवन सोनी, अंकित गुप्ता, पीयूष अग्रहरि, प्रथम यादव, आशु मोदनवाल, राहुल जालान, गोलू मोदनवाल और मानस भजन समिति के सदस्यों सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इसके अलावा नगर के उत्तर मोहाल स्थित दुग्धेश्वर धाम के पास श्री कृष्ण जन्मोत्सव की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर गोविंद केसरी, अनुराग और प्रियांशु सहित अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं, नगर के श्री साईं बाबा मंदिर व नई बस्ती स्थित श्री राम जानकी मंदिर के समीप भी भव्य झांकियां सजाई गईं, जहां देर रात तक श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सोनभद्र। भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती यानी शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर साहित्य, कला, संस्कृति और पर्यावरण के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय ‘ विंध्य संस्कृति शोध समिति’ द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। साहित्यकार सदन में आयोजित इस कार्यक्रम में हास्य-व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर एवं राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज के पूर्व विज्ञान प्रवक्ता सुशील श्रीवास्तव “राही” को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
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ट्रस्ट के संस्थापक निदेशक दीपक कुमार केसरवानी, वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शरण राय, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आनंद नारायण सिंह तथा समाजसेवी हर्षवर्धन केसरवानी ने संयुक्त रूप से सुशील “राही” को माल्यार्पण कर अंगवस्त्रम, लेखनी तथा आध्यात्मिक कृति ‘यथार्थ गीता’ की प्रति भेंट कर सम्मानित किया।
सम्मान समारोह के उपरांत आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने शिक्षक दिवस की महत्ता और समाज निर्माण में गुरुओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजनीति में आने से पहले एक प्रख्यात दार्शनिक और शिक्षाविद थे,
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जिन्होंने अपने जीवन के करीब 40 वर्ष अध्यापन को समर्पित किए। वर्ष 1962 में राष्ट्रपति बनने के बाद जब उनके शुभचिंतकों ने उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई, तो उन्होंने इसे व्यक्तिगत रूप से मनाने के बजाय देश के सभी शिक्षकों को समर्पित करते हुए ‘शिक्षक दिवस’ के रूप में मनाने का सुझाव दिया। तभी से हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
संगोष्ठी में बोलते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शरण राय ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों में सही और गलत की पहचान कराने के साथ अनुशासन और आत्मविश्वास का संचार करते हैं। वहीं डॉ. आनंद नारायण सिंह ने संत कबीर दास के दोहों का उदाहरण देते हुए गुरु महिमा का बखान किया और कहा कि विश्व के हर महान व्यक्तित्व के चरित्र निर्माण में गुरु की मुख्य भूमिका रही है।
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समाजसेवी हर्षवर्धन केसरवानी ने कहा कि माता-पिता के बाद शिक्षक ही बच्चों के पहले सच्चे मार्गदर्शक होते हैं और एक सशक्त व ज्ञानी समाज के निर्माण में उनका योगदान अप्रतिम है। कार्यक्रम में अरविंद कुमार श्रीवास्तव, आयुषी श्रीवास्तव, राधा श्रीवास्तव, संजय गुप्ता तथा हरीकिशोर सहित कई साहित्यकार, कवि व समाजसेवी उपस्थित रहे।
शिक्षा प्रशासन में सोनभद्र की राष्ट्रीय छलांग: निपुण भारत डैशबोर्ड पहल को NIEPA ने नई दिल्ली में किया सम्मानित
सोनभद्र। शिक्षा प्रशासन में नवाचार और तकनीक के प्रभावी उपयोग के क्षेत्र में सोनभद्र ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जनपद की निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड आधारित अभिनव पहल को राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए/निपा), नई दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के 22 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से चयनित 84 जिला एवं विकासखंड स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट प्रशासनिक प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया, जिसमें सोनभद्र की इस पहल को विशेष पहचान मिली।
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विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की चुनौतियों को देखते हुए सोनभद्र में आंकड़ा आधारित शिक्षा प्रशासन को मजबूत करने के लिए यह निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड विकसित किया गया था। इस डैशबोर्ड के माध्यम से विद्यार्थियों के अधिगम स्तर, उनकी शैक्षणिक प्रगति तथा अपेक्षित परिणाम न देने वाले विद्यालयों की सटीक पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
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आंकड़ों का केवल सूचना के रूप में प्रयोग न कर उन्हें ठोस निर्णय और शैक्षिक सुधार से जोड़ना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। डैशबोर्ड के तकनीकी विकास में एनआईसी सोनभद्र की अहम भूमिका रही, जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय के नेतृत्व में इस पहल को धरातल पर उतारा गया। वहीं, इसके संचालन व अनुश्रवण में डॉ. सूर्य प्रकाश सहित पूरी शिक्षा विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सोनभद्र को शिक्षा प्रशासन में आंकड़ों के प्रभावी उपयोग के लिए पूर्व में भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा चुका है। वर्ष 2018-19 में एनआईईपीए के नवाचार संकलन में जनपद को स्थान मिला था, वहीं यूज़ डेटा प्रतियोगिता में आकांक्षी जनपदों की श्रेणी में सोनभद्र ने देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया था।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के डिजिटल नवाचार शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देख अलर्ट मोड पर प्रशासन, डीएम व एसपी ने चोपन में तटवर्ती इलाकों का लिया जायजा
सोनभद्र। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और सोन नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर के दृष्टिगत जिलाधिकारी चर्चित गौड़ तथा पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बृहस्पतिवार को चोपन क्षेत्र स्थित सोन नदी के किनारे बसी बस्तियों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान दोनों शीर्ष अधिकारियों ने तटवर्ती क्षेत्रों की जमीनी स्थिति को देखा और संबंधित अधिकारियों को निचले व संवेदनशील इलाकों में सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
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नदी के तेज बहाव और बढ़ते खतरे को देखते हुए तटवर्ती व आवागमन वाले रास्तों पर तत्काल बैरिकेडिंग कराने और चेतावनी बोर्ड लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि कोई भी नागरिक दुर्घटना का शिकार न हो। प्रशासनिक टीम ने आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव तंत्र को पूरी तरह से मुस्तैद रखने के निर्देश दिए हैं।
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इस मौके पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों से अपील की कि सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण विशेष सतर्कता बरतें, नदी तट और तेज बहाव वाले स्थानों पर न जाएं तथा बच्चों व पशुओं को भी पानी से दूर रखें।
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प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया गया है कि स्थिति पर लगातार 24 घंटे नज़र रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस औचक निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वागीश कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी ओबरा रवि कुमार पासवान, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा और नगर पंचायत चोपन के अधिशासी अधिकारी समेत कई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे।
डीआईजी पूनम ने किया सोनभद्र पुलिस कार्यालय का निरीक्षण, कानून-व्यवस्था व अपराध समीक्षा बैठक में मातहतों को दिए कड़े निर्देश
सोनभद्र। विन्ध्याचल परिक्षेत्र मीरजापुर की पुलिस उप महानिरीक्षक पूनम ने बृहस्पतिवार को जनपद सोनभद्र के पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का विस्तृत निरीक्षण करने के साथ ही पुलिस लाइन चुर्क स्थित कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में समीक्षा बैठक कर जिले की कानून-व्यवस्था का जायजा लिया।
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निरीक्षण के दौरान उन्होंने पत्र व्यवहार, आंकिक, अपराध, अभियोजन, महिला प्रकोष्ठ, विशेष जांच, सीसीटीएनएस, सोशल मीडिया और डायल-112 सहित तमाम शाखाओं के पंजिकाओं व अभिलेखों का गहन अवलोकन कर लंबित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने के आदेश दिए।
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इसके बाद आयोजित अपराध समीक्षा गोष्ठी में डीआईजी ने गंभीर अपराधों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वांछितों व वारंटियों की शत-प्रतिशत गिरफ्तारी, तथा महिला व बाल अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने हत्या, लूट, डकैती, गौ-तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे सनसनीखेज अपराधों में संलिप्त अभियुक्तों व माफियाओं के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई करते हुए धारा 14(1) के अंतर्गत संपत्ति जब्त करने की हिदायत दी।
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आगामी त्योहारों को देखते हुए उन्होंने संवेदनशील स्थानों व धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, पैदल गश्त बढ़ाने, शांति समितियों से संवाद बनाने और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्टों पर 24 घंटे सतर्क निगरानी रखने पर विशेष जोर दिया।
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इसके अलावा वर्षा व संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने तथा IGRS, CEIR पोर्टल व सीएम डैशबोर्ड जैसे डिजिटल माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक, समस्त क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारी मौजूद रहे।
श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया ललही छठ, माताओं ने पुत्रों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखा निर्जला व्रत
सोनभद्र। जनपदभर में पुत्रों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और परिवार की मंगल कामना का महापर्व ललही छठ (हलषष्ठी) अत्यंत श्रद्धा, निष्ठा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि के अवसर पर जिले के शहरी व ग्रामीण अंचलों में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। राबर्ट्सगंज नगर, घोरावल, रामगढ़, ओबरा, चोपन, दुद्धी और अनपरा सहित तमाम क्षेत्रों में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए निर्जला व्रत रखा और भगवान बलराम तथा हलषष्ठी माता की विधिवत पूजा-अर्चना की।
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सुबह स्नान-ध्यान के पश्चात व्रती महिलाओं ने पूजा का संकल्प लिया और पूजन स्थलों की ओर रुख किया। महिलाओं ने अपने घरों के आंगन, मंदिरों, पोखरों, तालाबों और कुओं के किनारे पवित्र स्थान को गोबर से लीपकर एक छोटा सा कृत्रिम पोखरा (तालाब) बनाया। इस पोखरे में झरबेरी, पलाश और कुश की शाखाएं गाड़कर महुआ, चना, पसही (तिन्नी) का चावल, मकई, मूंछ और भुने हुए अनाज के अर्घ्य अर्पित किए गए।
समूह में एकत्र हुई महिलाओं ने वैदिक विधि-विधान से धूप, दीप, फूल और फल चढ़ाकर हलषष्ठी माता की कथा सुनी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में इसी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का जन्म हुआ था, जिनका मुख्य शस्त्र हल और मुसल है, इसलिए इस दिन कृषि योग्य भूमि पर उपजे अन्न और गाय के दूध का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहता है।
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कथा समापन के उपरांत महिलाओं ने अपने पुत्रों के माथे पर हलषष्ठी माता की वेदी से भस्म, हल्दी और सिंदूर का टीका लगाकर उनकी दीर्घायु, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। इस पावन अवसर पर व्रती महिलाओं ने बिना हल जुते खेत का अन्न यानी तिन्नी (पसही) के चावल, महुआ, चना और केवल भैंस के दूध, दही व घी से बने सात्विक व्यंजनों का सेवन कर अपने व्रत का पारण किया।
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जगह-जगह पूजन स्थलों पर महिलाओं के मंगल गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा और पूजा के पश्चात श्रद्धालुओं में चना, महुआ व अन्य प्रसाद का वितरण किया गया। इसी क्रम में राबर्ट्सगंज स्थित दुग्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सामूहिक पूजा का भव्य आयोजन हुआ। यहां उमा केसरी, प्रतिभा देवी, सपना, किरण देवी, सीमा, सरिता, रीता, बबीता, निशु एवं सीमा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने एकत्रित होकर विधि-विधान से पूजन अर्चन किया और हलषष्ठी माता की कथा सुनकर अपने संतानों के यशस्वी व दीर्घायु जीवन की कामना की।
नेशनल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दो साल की मासूम की मौत, अस्पताल में परिजनों का हंगामा
सोनभद्र। जनपद मुख्यालय स्थित नेशनल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दो वर्षीय मासूम बच्ची शगुन की मौत हो गई। चुर्क वार्ड नंबर 1 निवासी सुरेंद्र कुमार की पुत्री शगुन को मौसमी बुखार के कारण परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के अनट्रेंड स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने के तुरंत बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और देर रात 2 से 3 बजे के बीच उसने दम तोड़ दिया।
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मासूम शगुन की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया।
अस्पताल परिसर में मची अफरा-तफरी और बढ़ते बवाल को देखते हुए मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम परिजनों को शांत कराने और स्थिति को संभालने के प्रयास में जुट गई। परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मियों की घोर लापरवाही के कारण ही मासूम की जान गई है, जिसके चलते निजी अस्पताल की कार्यशैली और जिले में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
आउटसोर्स कार्मिकों को मिलेगा सम्मान, सेवा व सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच: विधायक भूपेश चौबे
सोनभद्र। श्रम का सम्मान, सेवा की सुरक्षा और श्रमिक परिवारों के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करने की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों के क्रम में बुधवार को विकास भवन स्थित पंचायत रिसोर्स सेंटर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा-सुना गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक एवं आउटसोर्स कार्मिक शामिल हुए।
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मुख्यमंत्री द्वारा आउटसोर्स कार्मिकों के लिए निगम गठन, वेतन वृद्धि, चिकित्सा सुविधा और उनके हित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की घोषणा का उपस्थित कार्मिकों ने हर्षोल्लास के साथ तालियों से स्वागत किया।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि श्रमिक प्रदेश के विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। प्रदेश सरकार श्रमिकों एवं आउटसोर्स कार्मिकों के सम्मान, अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर संकल्पित है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स भर्ती व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी एवं योग्यता-मेरिट आधारित बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
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इसके तहत रिक्रूटमेंट, पोस्टिंग, उपस्थिति, वेतन, ग्रेच्युटी, बीमा एवं सेवा लाभों का डिजिटल प्रबंधन किया जाएगा, जिससे कार्मिक अपनी सर्विस डिटेल, बैंक खाता, उपस्थिति, भुगतान एवं वेतन कटौती की पूरी जानकारी एक ही स्थान पर देख सकेंगे।
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जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय से पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नई व्यवस्था के तहत कार्मिकों का वेतन सीधे उनके बैंक खाते में जाएगा तथा ईपीएफ और ईएसआई का अंशदान नियमित रूप से जमा होगा, जिससे एजेंसी द्वारा सर्विस चार्ज के नाम पर की जाने वाली अनावश्यक कटौती पर पूरी तरह रोक लगेगी।
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इसके अलावा मातृत्व अवकाश, दुर्घटना बीमा, वित्तीय सुरक्षा तथा शिकायतों के त्वरित समाधान की पारदर्शी व्यवस्था भी लागू की जा रही है। ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत ने कहा कि निगम की वेबसाइट के लोकार्पण के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों को किसी भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा और हर माह की 5 तारीख तक उनका वेतन सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा।
कार्यक्रम के दौरान मंच से सफाई कार्मिकों को टूल किट तथा निर्माण श्रमिकों को सहायता राशि के डेमो चेक वितरित किए गए। इस महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, ब्लॉक प्रमुख सदर अजीत रावत, मंत्री प्रतिनिधि संजीव त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) वागीश कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय आकांक्षा गौतम सहित कई अधिकारी, निर्माण श्रमिक एवं आउटसोर्स कर्मचारी उपस्थित रहे।