HIGHLIGHTS
- महिला सशक्तिकरण पर गरमाई राजनीति, भाजयुमो का उग्र प्रदर्शन, विपक्ष का फूंका पुतला

सोनभद्र। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सोनभद्र की राजनीति में उबाल आ गया है। स्वर्ण जयंती चौक पर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष विशाल पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष पर निशाना साधते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में प्लेकार्ड लेकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष विशाल पाण्डेय ने अधिनियम को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस की महिला विरोधी सोच के कारण ही वे इस बिल का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए दृढ़संकल्पित हैं, जबकि विपक्षी दल अपने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ के चलते इसमें बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।

महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह कानून देश की आधी आबादी को उनके वाजिब राजनीतिक अधिकार देने वाला एक मील का पत्थर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिनियम को लागू करने में हो रही देरी किसी राजनीतिक कारण से नहीं, बल्कि संवैधानिक प्रक्रिया और परिसीमन से जुड़ी है। उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने और संशोधन के नाम पर महिलाओं के अधिकारों को रोकने का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया।

जिला मंत्री प्रमिला जायसवाल ने अधिनियम को महिलाओं के सम्मान और समान भागीदारी का संकल्प बताते हुए कहा कि जो इसके विरोध में खड़े हैं, वे वास्तव में महिला सशक्तिकरण के विरोधी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जागरूक महिलाएं आने वाले समय में ऐसे विरोधियों को लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देंगी। वहीं,

जिला महामंत्री रजनीश रघुवंशी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि महिला सशक्तिकरण में बाधा डालने का सिलसिला जारी रहा, तो भाजपा कार्यकर्ता और अधिक उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसका खामियाजा विपक्ष को आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
इस दौरान जिला महामंत्री संतोष शुक्ला, महेश्वर चन्द्रवंशी, बृजेश श्रीवास्तव, मनोज सोनकर, प्रसन्न पटेल, बलराम सोनी, अमन वर्मा, विपिन तिवारी, कुंवर चतुर्वेदी, हिरेश द्विवेदी, संदीप सिंह, शिवम सिंह राजपूत, अतुल पाण्डेय, रोशन सिंह, गुड़िया त्रिपाठी, रुबी गुप्ता, रंजन पाण्डेय, आशा विश्वकर्मा, मीनू चौबे, अरविन्द सोनी, रीतू अग्रहरी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।


































