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- जनता दर्शन में फरियादियों से सीधे रूबरू हुए एसपी अभिषेक वर्मा, लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को दी कड़ी चेतावनी

सोनभद्र। पुलिस कार्यालय में सोमवार, 15 जून 2026 को आयोजित नियमित जनसुनवाई व जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने जनपद के विभिन्न सुदूर और ग्रामीण थाना क्षेत्रों से आए फरियादियों व आम नागरिकों की समस्याओं को बेहद गंभीरता, संवेदनशीलता और पूरी तत्परता के साथ सुना।
जनता दर्शन के दौरान मुख्य रूप से जमीन से जुड़े आपसी विवाद, पारिवारिक कलह, मारपीट, सोशल मीडिया और ऑनलाइन ठगी से संबंधित साइबर अपराध, गुमशुदगी तथा राजस्व मामलों सहित पुलिस कार्यप्रणाली से जुड़ी दर्जनों शिकायतें अधिकारियों के समक्ष आईं। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक मामले के प्रार्थना पत्र का स्वयं गहनता से संज्ञान लिया और मौके पर मौजूद व फोन के माध्यम से जिले के सभी क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को इन शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए।

फरियादियों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर बल देते हुए पुलिस अधीक्षक ने मातहतों को निर्देशित किया कि थानों पर आने वाली हर एक शिकायत की पूरी ईमानदारी और तथ्यपरक जांच की जाए तथा पीड़ितों को बिना किसी मानसिक प्रताड़ना के त्वरित न्याय दिलाना ही पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने पुलिस कप्तानों और थाना प्रभारियों को यह भी हिदायत दी कि वे जांच के बाद शिकायतकर्ताओं को की गई विधिक कार्रवाई की प्रगति से समय-समय पर अवगत भी कराते रहें, ताकि पुलिस और जनता के बीच का आपसी विश्वास और सुदृढ़ हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने जनसमस्याओं के समाधान में सभी पुलिसकर्मियों को संवेदनशील, मधुर और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने दो टूक शब्दों में सचेत किया कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, ढुलमुल रवैया, अनावश्यक विलंब या फरियादी का उत्पीड़न पाए जाने पर संबंधित दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कठोर दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि जिन गंभीर प्रकरणों में पुलिस का तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है, उनमें बिना समय गंवाए प्राथमिकता के आधार पर त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित को तत्काल सुरक्षा और न्याय की अनुभूति हो सके।





































