मुंबई में गूंजी सोनभद्र के फ्लोराइड और प्रदूषण का दर्द, सुभाष घई के थिएटर में डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘हर घर शुद्ध जल’ का भव्य प्रमोशन

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  • मुंबई में गूंजी सोनभद्र के फ्लोराइड और प्रदूषण का दर्द, सुभाष घई थिएटर में डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘हर घर शुद्ध जल’ का भव्य प्रमोशन

संतोष दयाल

म्योरपुर/सोनभद्र। जिले के दक्षिणांचल में दशकों से प्रदूषण और फ्लोराइड की विभीषिका झेल रहे ग्रामीणों की मर्मस्पर्शी दुर्दशा तथा केंद्र सरकार की ‘हर घर नल जल’ योजना के माध्यम से लोगों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के भगीरथ प्रयास पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘हर घर शुद्ध जल’ का मंगलवार की देर शाम मुंबई में भव्य प्रमोशन किया गया। जाने-माने दिग्गज फिल्म निर्माता सुभाष घई के ब्लफ थिएटर में आयोजित इस विशेष स्क्रीनिंग के दौरान सोनभद्र की जमीनी हकीकत को देखकर वहां मौजूद सिनेमा जगत के तमाम दिग्गजों की आंखें नम हो गईं।

फिल्म दुनिया के प्रख्यात निर्माताओं, निर्देशकों, कलाकारों और लेखकों ने इस वृत्तचित्र की भूरि-भूरि सराहना की। इसके साथ ही सोनभद्र की इस ज्वलंत और संवेदनशील समस्या को वैश्विक पटल पर लाने वाले फिल्म निर्माता सुरेंद्र सिंह, निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले मानवाधिकार कार्यकर्ता बंटी श्रीवास्तव और निर्देशक देवेंद्र शिवाजी जाधव के मानवीय प्रयासों की जमकर प्रशंसा की गई।

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डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के अवसर पर मौजूद प्रसिद्ध धारावाहिक ‘महाभारत’ में युधिष्ठिर की कालजयी भूमिका निभाने वाले गजेंद्र चौहान, तीन सौ से अधिक फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुके अभिनेता अली खान, छोटे सचिन, रमेश गोयल, कृष्ण वंशल तथा ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉर्डर’ के सहायक निर्देशक योगेश भारद्वाज ने एक सुर में कहा कि यह फिल्म सोनभद्र की वास्तविक और मर्मस्पर्शी जमीनी हकीकत से जुड़ी है, जो सीधे दिल को छूती है। कार्यक्रम के दौरान फिल्म निर्देशक योगेश भारद्वाज ने सोनभद्र के जाने-माने पर्यावरण कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा से लंबी और विस्तृत वार्ता की।

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उन्होंने इस दौरान सोनभद्र के इतिहास के पन्नों में दबी मंजरी और लेरिक की अनकही व ऐतिहासिक प्रेम कहानी के साथ-साथ फ्लोराइड के डंक से टूटती हड्डियों और बिखरते रिश्तों के मानवीय दर्द पर एक बड़ी फीचर फिल्म बनाने की आधिकारिक घोषणा की। मुंबई के अन्य कई शीर्ष निर्माता-निर्देशकों ने भी इस त्रासदी को करीब से समझने, नई पटकथा लिखने और इस मुद्दे पर प्रोजेक्ट्स तैयार करने के लिए जल्द ही सोनभद्र आने की इच्छा प्रकट की है।

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स्क्रीनिंग के दौरान मौजूद मानवाधिकार कार्यकर्ता बंटी श्रीवास्तव ने फिल्म की यात्रा के बारे में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि सोनभद्र के दर्द को बयां करती यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म अब तक दुनिया के 27 अलग-अलग देशों के फिल्म फेस्टिवल्स में प्रदर्शित की जा चुकी है, जहाँ इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद सराहना मिली है।

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उन्होंने उम्मीद जताई कि इस फिल्म के माध्यम से वैश्विक ध्यान आकर्षित होने के बाद सरकार और प्रशासन इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए धरातल पर और भी अधिक ठोस व प्रभावी कदम उठाएंगे।

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इस प्रभावशाली फिल्म में सोनभद्र की नदियों में बहता हुआ जहरीला राखड़ (फ्लाई एश), बलिया नाला में बहता कोयला युक्त काला पानी, रेणुका नदी की बदहाली और फ्लोराइड के कारण असमय दिव्यांग व कुबड़े हो रहे मासूम बच्चों और बुजुर्गों की दैनिक परेशानियों को बेहद संजीदगी के साथ फिल्माया गया है। फिल्म के सफल निर्माण और अंत में इस मानवीय मुद्दे को सहयोग देने के लिए अश्वनी सिंह, प्रभात कुमार और कौशलेंद्र पाण्डेय आदि के प्रति विशेष आभार प्रकट किया गया है।

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वार्ता के बाद सुलझा आरओबी निर्माण का विवाद, वैकल्पिक रास्तों पर बनी सहमति: डॉ. धर्मवीर तिवारी

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  • वार्ता के बाद सुलझा आरओबी निर्माण का विवाद, वैकल्पिक रास्तों पर बनी सहमति: डॉ. धर्मवीर तिवारी

सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज रेलवे फाटक पर कई दशकों से चली आ रही भीषण जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए बनने वाले बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्पन्न हुआ गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने इस संबंध में बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि स्थानीय नागरिकों और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद सभी दिक्कतों को पूरी तरह सुलझा लिया गया है।

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उन्होंने कहा कि रॉबर्ट्सगंज-पन्नूगंज मुख्य मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में क्षेत्रीय लोगों, स्कूली बच्चों और व्यापारियों का आवागमन होता है, लेकिन रेलवे फाटक बंद होने पर लगने वाले लंबे जाम के कारण हर वर्ग को बेहद नारकीय और कष्टप्रद परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था। जनता की इसी पुरानी और जायज समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने यहाँ ओवरब्रिज निर्माण की मंजूरी देकर कार्य शुरू करने का आदेश दिया, जिससे क्षेत्र के लोगों में भारी खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई थी।

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पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने बताया कि इस जनहित की योजना में उस समय अचानक पेंच फंस गया जब रेलवे विभाग और कार्यदायी संस्था ने धरातल पर काम शुरू करने से पहले क्षेत्रीय जनता के सुगम आवागमन के लिए किसी ठोस बाईपास सड़क या उपयुक्त वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की और सीधे भारी वाहनों की एंट्री बंद कर दी।

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इस अदूरदर्शी कदम से पूरा मामला उलझ गया था और स्थानीय ग्रामीणों व दुकानदारों में प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी व आक्रोश देखा जा रहा था। इस गंभीर जनसमस्या को देखते हुए काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार आज सदर विधायक भूपेश चौबे की गरिमामयी मौजूदगी में रेलवे, राजस्व, नगरपालिका और संबंधित कार्यदायी संस्था के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण मैराथन बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनहित के सारे संवेदनशील मसलों पर बिंदुवार विस्तृत चर्चा की गई, जिसके बाद सभी पक्षों की संतुष्टि के साथ सुव्यवस्थित वैकल्पिक रास्तों को तैयार करने पर पूर्ण सहमति बन गई है।

उन्होंने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त करते हुए साफ कहा कि अब आरओबी निर्माण के रास्ते में आने वाली सभी प्रकार की अड़चनें और गतिरोध पूरी तरह दूर हो चुके हैं। आगामी कुछ ही दिनों के भीतर धरातल पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरी तेजी और युद्धस्तर पर शुरू हो जाएगा, जो आने वाले समय में क्षेत्र के विकास और सुगम यातायात के लिए एक मील का पत्थर और बड़ी सौगात साबित होगा।

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डॉ. धर्मवीर तिवारी ने विकास की इस बड़ी परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के उद्देश्य से सभी व्यापारियों, वाहन स्वामियों और क्षेत्र की सम्मानित जनता से विशेष अपील की है कि वे निर्माण अवधि के दौरान थोड़े समय के लिए धैर्य का परिचय दें और यातायात डायवर्जन नियमों का पालन करते हुए जिला प्रशासन व कार्यदायी संस्था को अपना सकारात्मक सहयोग प्रदान करें।

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आरओबी निर्माण स्थल पर पहुंचे सदर विधायक भूपेश चौबे, अधिकारियों को चेताया— वैकल्पिक व्यवस्था के बिना काम शुरू हुआ तो नहीं होगा बर्दाश्त

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  • आरओबी निर्माण स्थल पर पहुंचे सदर विधायक भूपेश चौबे, अधिकारियों को चेताया— वैकल्पिक व्यवस्था के बिना काम शुरू हुआ तो नहीं होगा बर्दाश्त

सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्रॉसिंग पर बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य शुरू होने और रेलवे फाटक से चार पहिया व भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाए जाने के बाद क्षेत्र में बढ़ी जनचिंताओं के बीच सदर विधायक भूपेश चौबे ने मंगलवार को निर्माण स्थल का औचक स्थलीय निरीक्षण किया।

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रेलवे क्रॉसिंग बंद होने और डायवर्जन लागू होने से स्थानीय जनता व व्यापारियों को हो रही परेशानियों की सूचना मिलते ही विधायक तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सदर, कार्यदायी संस्था के अधिकारियों, कोतवाल तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों को मौके पर तलब कर निर्माण स्थल एवं डायवर्जन के वैकल्पिक मार्गों का बारीकी से जायजा लिया और जनहित में कड़े निर्देश जारी किए।

निरीक्षण के दौरान सदर विधायक भूपेश चौबे ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों के नाम पर आम जनता का उत्पीड़न या असुविधा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि जब तक सुदृढ़ और पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर ली जाती, तब तक ऐसा कोई भी कदम न उठाया जाए जिससे स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और राहगीरों को अनावश्यक और

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नारकीय परेशानी का सामना करना पड़े। उन्होंने याद दिलाया कि इस मुख्य मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं, इसलिए आवागमन की सुगम व्यवस्था बनाए रखना जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसी की संयुक्त जिम्मेदारी है।

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विधायक ने रेलवे क्रॉसिंग पर पैदल यात्रियों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए तत्काल एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित सर्विस लेन विकसित करने के निर्देश दिए ताकि निर्माण अवधि के दौरान दैनिक यात्रियों को कोई असुविधा न हो।

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इसके उपरांत सदर विधायक ने प्रस्तावित डायवर्जन मार्गों का भी भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उन स्थानों की ओर अधिकारियों का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया जहाँ सड़कें काफी संकरी हैं और मोड़ बेहद तीखे हैं। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि ऐसे दुर्घटना बाहुल्य मोड़ों पर तत्काल पर्याप्त संकेतक बोर्ड, रिफ्लेक्टर, बैरिकेडिंग और रात्रि के लिए समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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साथ ही यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस एवं ट्रैफिक विभाग के अतिरिक्त जवानों की तैनाती करने को कहा। विधायक ने कहा कि आरओबी का निर्माण जनपद की एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित परियोजना है, जिसके पूरा होने के बाद शहर को जाम की समस्या से स्थायी मुक्ति मिलेगी, लेकिन निर्माण के दौरान जनता को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करना होगा।

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उन्होंने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने की हिदायत दी। इस मौके पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मवीर तिवारी, जिला उपाध्यक्ष शंभू नारायण सिंह, बलिराम सोनी, अनूप तिवारी, शिबू चौबे सहित रेलवे, राजस्व, नगरपालिका और पीडब्ल्यूडी के तमाम अधिकारी व कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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रॉबर्ट्सगंज में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू, भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्ट, क्रॉसिंग से आवाजाही होगी पूरी तरह बंद

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  • रॉबर्ट्सगंज में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू, भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्ट, क्रॉसिंग से आवाजाही होगी पूरी तरह बंद

सोनभद्र। चोपन-चुनार रेलमार्ग पर रॉबर्ट्सगंज नगर के वासियों को जाम की झाम से मुक्ति दिलाने के लिए बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य मंगलवार से आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। रेलवे दोहरीकरण परियोजना के साथ ही इस ओवरब्रिज का निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था झांझरियां कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा युद्धस्तर पर तैयारियां करते हुए मुख्य मार्ग पर भारी-भरकम मशीनें उतार दी गई हैं।

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इसके साथ ही संस्था द्वारा सुरक्षा और सुगम यातायात के दृष्टिगत विभिन्न डायवर्जन रूटों पर बकायदा संकेतक (साइन बोर्ड) बोर्ड लगाने का काम भी पूरा कर लिया गया है, जिस पर ‘रास्ता बंद है और कार्य प्रगति पर है’ अंकित किया गया है। इन संकेतकों के लगने से रेलवे क्रॉसिंग मार्ग से होकर गुजरने वाले भारी और चार पहिया वाहनों की आवाजाही में काफी कमी आई है।

कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि शिवम शुक्ला ने परियोजना की प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि एक दिन पूर्व ही निर्माण स्थल पर आवश्यक मशीनें और उपकरण पहुंचा दिए गए थे। वर्तमान में मशीनों से संबंधित कलपुर्जों को असेंबल कर उनकी सेटिंग का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।

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मशीनों की सेटिंग का काम मुकम्मल होते ही ओवरब्रिज के पिलर के लिए नींव की खुदाई का मुख्य कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यातायात को सुव्यवस्थित रखने के लिए रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया गया है। इसके तहत चार पहिया वाहनों (कार, जीप आदि) को बेलखुरी से बनौरा होते हुए तेन्दू मार्ग की तरफ डायवर्ट किया गया है,

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जबकि सभी प्रकार के भारी वाहनों (ट्रक, डंपर आदि) के लिए बेलखुरी से मझिगाई होते हुए मधुपुर मार्ग पर रूट डायवर्जन तय किया गया है। वर्तमान में स्थानीय जनता की सुविधा के लिए रेलवे क्रॉसिंग मार्ग से केवल पैदल यात्रियों और दो पहिया वाहनों को ही आने-जाने की सीमित छूट दी जा रही है।

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निर्माण कार्य को गति देने और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर देवेश कुमार ने बताया कि आरओबी का बुनियादी काम अब पूरी तरह धरातल पर शुरू हो चुका है। डायवर्जन रूटों पर पर्याप्त मात्रा में संकेतक और सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं ताकि चालकों को किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न हो।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए आगामी दो दिनों के भीतर रेलवे क्रॉसिंग मार्ग से सभी प्रकार के चार पहिया और भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। संस्था ने सभी वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की है कि वे प्रशासनिक व्यवस्था और डायवर्जन रूट का पालन करते हुए निर्माण कार्य को समय से पूरा कराने में अपना सहयोग प्रदान करें।

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सातवें बड़े मंगलवार पर सुंदरकांड के पाठ से भक्तिमय हुआ सोनभद्र नगर, तीन प्रमुख मंदिरों में गूंजी रामभक्ति की बयार

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  • सातवें बड़े मंगलवार पर सुंदरकांड के पाठ से भक्तिमय हुआ सोनभद्र नगर, तीन प्रमुख मंदिरों में गूंजी रामभक्ति की बयार

सोनभद्र। ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर सोनभद्र नगर में हर तरफ बजरंगबली और प्रभु श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे। इस पावन तिथि पर श्रीराम जानकी संकट मोचन भजन समिति के तत्वावधान में नगर के तीन प्रमुख देवालयों में भव्य संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। समिति के सदस्यों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ हनुमान की पूजा-अर्चना की और विश्व कल्याण की कामना के साथ सुंदरकांड के दोहों का सामूहिक गान किया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति के रस में सराबोर हो उठा। बड़े मंगलवार को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला और सुबह से ही मंदिरों में दर्शन-पूजन का दौर चलता रहा।

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भजन समिति द्वारा सबसे पहले अंबेडकरनगर स्थित कड़े शीतला माता मंदिर परिसर में सुंदरकांड पाठ का शुभारंभ किया गया। यहाँ महाबली हनुमान का भव्य श्रृंगार कर संगीतमय प्रस्तुति दी गई, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस धार्मिक अनुष्ठान में मुख्य रूप से यानमेंद्र नाथ पाण्डेय, योगेश्वर नाथ पाण्डेय, कमला शंकर तिवारी, श्याम बाबू, राज केशरी, राजू कुमार और निलेश कुमार सहित भारी संख्या में स्थानीय भक्तगण उपस्थित रहे और सामूहिक आरती में भाग लिया।

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इसी कड़ी में रामभक्ति की यह दिव्य बयार रॉबर्ट्सगंज नगर के सुप्रसिद्ध वीरेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। महादेव के दरबार में पवनपुत्र हनुमान की आराधना के लिए सुंदरकांड का पाठ अत्यंत श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। यहाँ आयोजित पाठ में डॉ. वैभव शर्मा, ओंकारेश्वर, ऋषभ, अश्मित सोनकर, प्रियांशु केशरी, वरुण त्रिपाठी, देव श्याम पाण्डेय, राहुल ओझा और दीपक कुमार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भक्तों ने ढोलक-मंजीरों की थाप पर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की चौपाइयों का पाठ कर माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।

इसके उपरांत समिति के सदस्यों द्वारा नगर के श्री शिव शक्ति धाम में सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। धाम के पवित्र प्रांगण में हनुमान की आरती उतारी गई और महाप्रसाद का भोग लगाया गया। इस अवसर पर रिशु पाण्डेय, अनुराग पाठक, शिवम् शर्मा, गोलू और शिवेंद्र नाथ पाण्डेय मुख्य रूप से उपस्थित रहकर पूजा-अर्चना की। तीनों ही धार्मिक स्थलों पर सुंदरकांड पाठ की समाप्ति के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं और राहगीरों के बीच बड़े पैमाने पर प्रसाद का वितरण किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ज्येष्ठ मास के बड़े मंगलवार पर इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य सनातन संस्कृति का संरक्षण और समाज में आपसी सौहार्द व सुख-शांति की कामना करना है।

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पंचशील हॉस्पिटल पर गिरेगी गाज, ‘आयुष्मान कार्ड’ धारकों से अवैध वसूली पर मिला 3 दिन का अल्टीमेटम

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  • पंचशील हॉस्पिटल पर गिरेगी गाज, ‘आयुष्मान कार्ड’ धारकों से अवैध वसूली पर मिला 3 दिन का अल्टीमेटम

सोनभद्र। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध पंचशील मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग की जांच में बेहद गंभीर अनियमितताओं और धांधली का बड़ा खुलासा हुआ है। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल में न केवल योजना के कड़े मानकों की घोर अनदेखी पाई गई, बल्कि आयुष्मान कार्ड धारक गरीब लाभार्थियों से इलाज और जांच के नाम पर अवैध धन वसूली के चौंकाने वाले आरोप भी सामने आए हैं।

इस पूरे फर्जीवाड़े को बेहद गंभीरता से लेते हुए नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत एवं डीआईयू टीम ने सख्त रुख अख्तियार किया है और अस्पताल प्रबंधन को तीन कार्यदिवस के भीतर बिंदुवार स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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बीती 8 जून 2026 को स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण में अस्पताल की जमीनी व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की गई थी। जांच टीम ने पाया कि अस्पताल परिसर में आयुष्मान हेल्प डेस्क और मरीजों की सुविधा के लिए शिकायत निवारण संबंधी कोई भी अनिवार्य जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी। इसके अलावा, आयुष्मान कार्ड धारक लाभार्थियों के इलाज के रिकॉर्ड के लिए बनाए जाने वाले आधिकारिक रजिस्टर का रख-रखाव भी सरकारी मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिससे योजना के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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निरीक्षण रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि अस्पताल द्वारा कई जटिल चिकित्सा विभागों में उपचार किए जाने का बड़ा दावा तो किया जा रहा था, लेकिन उन विभागों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियां और लाइसेंस उपलब्ध ही नहीं थे। टीम के पहुंचने पर संबंधित विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक भी अस्पताल से पूरी तरह गायब मिले।

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रिपोर्ट के अनुसार, निरीक्षण के समय अस्पताल में केवल एक स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सक ही उपस्थित थीं, जबकि आईसीयू और जनरल वार्ड जैसे अति संवेदनशील क्षेत्रों में बिना डिग्री वाले बीएएमएस चिकित्सकों द्वारा मरीजों का एलोपैथिक उपचार किया जाता पाया गया। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में पंजीकृत ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग में अब तक किसी भी आयुष्मान लाभार्थी का इलाज नहीं किया गया था और उसके विशेषज्ञ डॉक्टर भी नदारद मिले।

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इस औचक जांच के दौरान टीम ने वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से भी सीधे बातचीत कर हकीकत जाननी चाही, जहां मरीजों ने अस्पताल प्रशासन की पोल खोलकर रख दी। भर्ती दो महिला लाभार्थियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने विभिन्न पैथोलॉजी जांच और अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर उनसे क्रमशः चार हजार और पांच हजार रुपये की नकद वसूली की है।

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गौरतलब है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत मरीजों को सूचीबद्ध समस्त उपचार, दवाएं और जांच सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं, ऐसे में गरीबों से पैसे ऐंठने के आरोपों ने अस्पताल प्रबंधन को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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नोडल अधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को सख्त हिदायत दी है कि निरीक्षण में सामने आई सभी कमियों और वसूली के आरोपों पर तीन दिन में जवाब दें, अन्यथा संतोषजनक उत्तर न मिलने पर पंचशील मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल को आयुष्मान भारत योजना के पैनल से हमेशा के लिए बाहर (डी-एम्पैनलमेंट) कर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से जिले के अन्य निजी अस्पतालों में भी हड़कंप मच गया है।

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योग गुरु योगी संकटमोचन ने बुजुर्गों को कराया प्राणायाम और योगासन

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  • योग गुरु योगी संकटमोचन ने बुजुर्गों को कराया प्राणायाम और योगासन

सोनभद्र। जिला मुख्यालय स्थित वृद्धाश्रम में सोमवार, 15 जून 2026 को एक बेहद भावुक और आनंदमयी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहां अपनों से दूर रह रहे बुजुर्गों के चेहरों पर बरबस ही मुस्कान तैर उठी।

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अवसर था युवा योग गुरु योगी संकटमोचन के आश्रम आगमन का, जिन्होंने वहां रह रहे बेसहारा और एकाकीपन का जीवन काट रहे वृद्ध जनों के बीच पहुंचकर न केवल उन्हें योग की विभिन्न विधाओं से जोड़ा, बल्कि अपनी सुमधुर आवाज में भजनों की प्रस्तुति देकर उनका दिल खुश कर दिया।

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इस अनूठी पहल के जरिए योग गुरु ने संदेश दिया कि वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के जीवन के कष्टों को पूरी तरह खत्म तो नहीं किया जा सकता, लेकिन उनके साथ कुछ पल बिताकर और उनके चेहरों पर मुस्कान लाकर उनके मानसिक व शारीरिक कष्ट को काफी हद तक कम जरूर किया जा सकता है।

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कार्यक्रम के दौरान युवा योग गुरु ने बुजुर्गों की शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए उन्हें बेहद सरल और सुलभ प्राणायाम व सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास कराया, जो उनके गिरते स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में काफी मददगार साबित होते हैं।

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इसके उपरांत, तनाव को दूर भगाने के लिए विशेष रूप से ‘हास्य आसन’ और ‘सिंह आसन’ का सामूहिक अभ्यास कराया गया। जब आश्रम के हॉल में बुजुर्गों ने योग गुरु के साथ मिलकर खुलकर ठहाके लगाए, तो पूरा परिसर सकारात्मक ऊर्जा और जीवंतता से भर उठा।

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काफी समय बाद खुलकर हँसने के कारण वहां मौजूद तमाम वृद्ध जन अत्यंत प्रसन्न और भावुक नजर आए। योग गुरु के इस आत्मीय व्यवहार से अभिभूत होकर कई बुजुर्गों की आंखें छलक आईं और उन्होंने योग गुरु का हाथ थामकर उनसे दोबारा जल्द ही आश्रम आने का भावुक आग्रह भी किया।

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बुजुर्गों के इस अपार स्नेह को देखकर युवा योग गुरु योगी संकटमोचन ने बेहद विनम्रतापूर्वक उनसे कहा कि आपके चेहरों पर यह अनमोल खुशी और संतोष बना रहे, इसी एकमात्र पवित्र उद्देश्य के साथ वह यहां निःशुल्क योग सेवा प्रदान करने आते हैं।

उन्होंने भावविभोर होकर साझा किया कि वह पिछले लगातार 4 वर्षों से बिना किसी स्वार्थ के निरंतर इस वृद्धाश्रम में आते रहते हैं और बीच-बीच में बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उन्हें योग और अध्यात्म से जोड़ने का प्रयास करते हैं।

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उन्होंने समाज के अन्य युवाओं से भी अपील की कि वे अपने व्यस्त समय में से कुछ पल निकालकर इन बुजुर्गों के बीच जरूर आएं, क्योंकि इन्हें भौतिक वस्तुओं से ज्यादा अपनों के साथ और थोड़े से सम्मान व प्यार की आवश्यकता होती है। इस पावन और अनूठे आयोजन के समापन पर आश्रम प्रबंधन ने भी योग गुरु के इस भगीरथ प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

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प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची के लिए 17 जून से सजेंगी ग्राम सभाएं, DM ने दी गड़बड़ी करने वाले सचिवों को निलंबन की चेतावनी

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  • प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची के लिए 17 जून से सजेंगी ग्राम सभाएं, DM ने दी गड़बड़ी करने वाले सचिवों को निलंबन की चेतावनी

सोनभद्र। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 की स्थायी पात्रता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में सोमवार को इस महत्वाकांक्षी योजना को अंतिम रूप देने के

संबंध में जनपद के समस्त खण्ड विकास अधिकारियों (बीडीओ) एवं ग्राम पंचायत सचिवों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कड़े निर्देश जारी करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में आगामी 17 जून से 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाए। इन बैठकों के माध्यम से मौके पर ही पात्र एवं अपात्र लाभार्थियों का स्थलीय सत्यापन, सूची में आवश्यक संशोधन तथा अंतिम प्राथमिकता क्रम का निर्धारण किया जाएगा, ताकि कोई भी जरूरतमंद इस कल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित न रह सके।

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जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बैठक के दौरान जन-सहभागिता पर विशेष जोर देते हुए निर्देशित किया कि ग्राम सभा की बैठक आयोजित होने से ठीक पूर्व संबंधित ग्राम पंचायत के प्रत्येक मजरे और टोले में मुनादी (ढोल बजाकर), सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण इन बैठकों में हिस्सा ले सकें। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह भी अनिवार्य किया गया है कि प्रत्येक ग्राम सभा की बैठक की बाकायदा फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कम से कम 10 स्पष्ट छायाचित्रों के साथ पूरे घटनाक्रम की एक प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) तैयार कर जिला मुख्यालय को प्रेषित करें।

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समीक्षा बैठक में भ्रष्टाचार और अनियमितता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि सभी ग्राम पंचायत सचिव पूरी तरह से निष्पक्ष, न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके से ही पात्रता सूची को तैयार करें। यदि जांच के दौरान सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, अपात्र को लाभ देने की कोशिश या अन्य कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित दोषी कार्मिक और सचिव के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से निलम्बन की कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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इसके अतिरिक्त, बैठकों में संबंधित उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और लेखपालों की भौतिक उपस्थिति को अनिवार्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों के भूमि, पट्टा एवं आय से जुड़े विवादित मामलों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण किया जा सके।

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बैठक के समापन पर आगामी कार्ययोजना साझा करते हुए बताया गया कि ग्राम सभाओं के उपरांत तैयार की गई पात्रता सूची को ग्राम पंचायत सचिवालयों तथा गांवों के अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों की दीवारों पर वाल पेंटिंग के माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि हर नागरिक इसे आसानी से देख सके।

इसके बाद 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक आम लाभार्थियों से आपत्तियां और शिकायतें आमंत्रित की जाएंगी, जिनका जिला स्तरीय उच्चाधिकार समिति द्वारा गहन परीक्षण कर समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा।

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जिलाधिकारी ने समस्त सोनभद्र वासियों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने-अपने गांवों में आयोजित होने वाली ग्राम सभा की बैठकों में भारी संख्या में मौजूद रहकर इस चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने में प्रशासन का सहयोग करें। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, परियोजना निदेशक डीआरडीए एसके राय सहित जिले के समस्त खण्ड विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत सचिव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता न बरतें अधिकारी, असंतोषजनक कार्रवाई पर जिलाधिकारी ने दी कड़ी चेतावनी

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  • आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता न बरतें अधिकारी, असंतोषजनक कार्रवाई पर जिलाधिकारी ने दी कड़ी चेतावनी

सोनभद्र। कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में सोमवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि पोर्टल पर दर्ज होने वाली आम जनता की शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर न किया जाए,

बल्कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाना सुनिश्चित हो। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि का प्रतिशत अधिक से अधिक बढ़ाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर केवल औपचारिकता या खानापूर्ति कतई न बरती जाए।

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जिलाधिकारी ने निस्तारण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए अधिकारियों को विशेष कार्ययोजना पर अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत का निस्तारण करने से पूर्व संबंधित शिकायतकर्ता से सीधे मोबाइल पर संपर्क स्थापित किया जाए, गंभीर मामलों में आवश्यकतानुसार पीड़ित से स्थलीय मुलाकात की जाए और शिकायत बंद करने से पहले उनका वास्तविक फीडबैक प्राप्त करते हुए ही अंतिम प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी फरियादी के मामले में बिना उसका फीडबैक लिए या बिना जमीनी हकीकत जाने गलत रिपोर्ट लगाई गई, तो संबंधित पटल और अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारी इस जनहित के कार्य को रूटीन काम न मानकर अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता सूची में शामिल करें।

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बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राजस्व और भूमि विवादों से जुड़ी शिकायतों के परीक्षण की प्रगति की भी बिंदुवार समीक्षा की। विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के माध्यम से बैठक में बताया गया कि जनपद में परीक्षण हेतु प्राप्त कुल 6545 राजस्व भूमि संबंधी प्रकरणों में से अब तक तत्परता दिखाते हुए 5902 शिकायतों का पूरी तरह से परीक्षण किया जा चुका है,

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जबकि वर्तमान में 643 प्रकरणों का परीक्षण किया जाना अभी शेष है। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए जिले के सभी संबंधित उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि वे खुद की निगरानी में इन लंबित 643 प्रकरणों का अत्यंत शीघ्रता से स्थलीय व विधिक परीक्षण करवाएं।

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उन्होंने कहा कि इन मामलों में बिना विलंब किए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शासन द्वारा तय की गई कड़ी समय सीमा के अंतर्गत ही इन सभी लंबित शिकायतों का शत-प्रतिशत और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण मुकम्मल किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायत निस्तारण के इस शासकीय कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता, ढुलमुल रवैया अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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श्रम विभाग और एएचटीयू की संयुक्त टीम ने 4 बाल श्रमिकों को कराया मुक्त, नियोक्ताओं पर विधिक शिकंजा

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  • श्रम विभाग और एएचटीयू की संयुक्त टीम ने 4 बाल श्रमिकों को कराया मुक्त, नियोक्ताओं पर विधिक शिकंजा

सोनभद्र। जनपद में बाल श्रम के समूल उन्मूलन और बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से एक बड़ा विशेष अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कड़े निर्देशन में सोमवार को श्रम विभाग और थाना मानव तस्करी रोधी इकाई (एएचटीयू) की संयुक्त टीम ने चोपन,

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ओबरा सहित जनपद के विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों और कार्यस्थलों पर औचक छापेमारी करते हुए सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस व्यापक कार्रवाई के दौरान टीम ने विभिन्न दुकानों और होटलों से काम कर रहे 4 नाबालिग बच्चों को चिन्हित कर उन्हें बाल श्रम के दलदल से सुरक्षित मुक्त कराया। इसके साथ ही, इन मासूम बच्चों से जबरन मजदूरी कराने वाले संबंधित नियोक्ताओं और प्रतिष्ठान स्वामियों के खिलाफ श्रम विभाग द्वारा सुसंगत धाराओं में कड़ी विधिक व वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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इस संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने सभी दुकानदारों, व्यवसायियों और आम जनता को बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के कड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति विस्तार से जानकारी दी। टीम ने लोगों को सचेत करते हुए कहा कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना कानूनन संगीन अपराध है, जिसके लिए भारी जुर्माने और जेल का प्रावधान है।

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उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे बच्चों को काम पर रखने के बजाय उन्हें अनिवार्य रूप से शिक्षा से जोड़ें, ताकि उनका भविष्य संवर सके। इस महत्वपूर्ण और सफल रेस्क्यू टीम में श्रम विभाग की ओर से श्रम प्रवर्तन अधिकारी मनोज शर्मा और मोहम्मद रईश शामिल रहे,

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जबकि थाना मानव तस्करी रोधी इकाई (एएचटीयू) सोनभद्र की तरफ से निरीक्षक रामदरश राम, मुख्य आरक्षी धनंजय यादव, आरक्षी पंकज कुमार और महिला आरक्षी शालिनी वैश्य ने तत्परता से अपनी भूमिका निभाई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल श्रम और मानव तस्करी की रोकथाम के लिए इस प्रकार का सघन चेकिंग अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

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