कैसे होता है साटिका रोग,जानें लक्षण और उपचार योग शिक्षक योगी संकटमोचन से

साटिका रोग की उत्पत्ति- साइटिका नसों में होने वाला ऐसा दर्द है जो कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर पैरों के नीचे तक जाता है। यह कोई रोग नहीं बल्कि सैक्रोलाइटिस, डिस्कप्रोलेप्स, स्पाइनल इंफेक्शन आदि रोगों का लक्षण हो सकता है।

कारण- अधिक मेहनत करने या भारी वजन उठाने से यह समस्या होती है। खराब जीवनशैली व खानपान, उठने-बैठने के गलत मुद्रा से भी दर्द हो सकता है।

रोग के लक्षण-
1- दर्द मध्यम तथा अत्यधिक तलवार के काटने जैसा भी होता है।

2- दर्द एक टांग और टांग के बाहरी तरफ होता है

3- प्रतिदिन के कार्य जैसे उठना,बैठना, चलना, सोना इत्यादि।

4- चलने में कठिनाई तेज दर्द, छींकते, खांसते समय श्वास लेने में दर्द, पैर भारी वह सुन प्रतीत होते हैं

योग चिकित्सा-
इसमें आप भुजंगासन, अर्ध शलभासन, सर पासन, सरल धनुरासन,वज्रासन, उष्ट्रासन, वक्रासन, त्रिकोणासन,गरुड़ासन, गोमुखासन।

प्राणायाम कौन-कौन सा करें –
अनुलोम विलोम, सूर्यभेदन और भ्रष्ट इका प्राणायाम ध्यान में अफजा जब ओम का उच्चारण और शर्ट क्रिया कपालभाति,अग्निसार बस्ती,शंख प्रक्षालन इत्यादि।

विशेष सावधानी बरतने वाली बात-
इसमें कुर्सी पर बैठकर अत्यधिक कार्य न करें आगे झुकना भी वर्जित है।

एक्यूप्रेशर द्वारा हल-
तलवे में जहां से एड़ी का भाग प्रारंभ होता है वहां दबाव डालें एड़ियों के मध्य भाग अंगूठे से या किसी उपकरण से दबाव देना बहुत ही लाभकारी होता है अंगूठे के समीप वाली दो अंगुलियों पर दबाव दें हथेलियों रखने के बिल्कुल नीचे कुछ सेकेंड तक दबाते रहे।

योग शिक्षक योगी संकट मोचन
(जिला महामंत्री एवम् सोशल मीडिया प्रभारी पतंजलि योगपीठ सोनभद्र युवा भारत)

साइटिका रोग में आहार कौन-कौन सा लेना चाहिए-
सात सब्जियों का रस, खिचड़ी का सेवन करना चाहिए और रोग में सुधार आने पर चावल दाल रोटी का सेवन करना चाहिए तथा कब्ज वर्धक भोजन लेना चाहिए।
और मांस, पनीर, तेल तथा प्रोटीन वर्धक जैसे अंडा, दूध, घी इत्यादि का सेवन नही करना चाहिए।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

पत्रकारों को कोरोना वारियर्स घोषित किया जाए : कृपाशंकर सिंह

• पत्रकारों को कोरोना वारियर्स घोषित किया जाए : कृपाशंकर सिंह।

• महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री ने पत्रकार सुरक्षा कानून की वकालत की।

ब्यूरो,लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित यूपी प्रेस क्लब में बृहस्पतिवार को लखनऊ वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन द्वारा आयोजित ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ आज के परिदृश्य में क्यों अनिवार्य, विषय पर आयोजित गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह रहे। सर्वप्रथम आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि को यूनियन के उच्च पदाधिकारियों द्वारा माल्यार्पण कर अंगवस्त्रम और बुके भेंट कर सम्मानित किया गया

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे महाराष्ट्र के पूर्व राज्य गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारों को कोरोना वारियर्स घोषित किया जाये। किसी भी इमर्जेन्सी की स्थिति में जान की परवाह किये बिना चौथे स्तम्भ के ये पत्रकार हर जगह सबसे पहले पहुंचते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान सम्भव है, लेकिन शर्त यह है कि गुटों में बंटकर काम करने की जगह पत्रकारों की एक समन्वय समिति बनाकर अपनी बात को सरकार के सामने उठायें और गुट बनाना मनुष्य का स्वभाव है, लेकिन जब बात बड़ी हो तो एक मंच पर आकर मांग उठायें ताकि समस्या का समाधान निश्चित रूप से निकल सके। उन्होंने अपने संबोधन में आगे बढ़ते हुए कहा कि मान्यता और गैरमान्यता पत्रकारिता का मानक नहीं है। पत्रकार की मान्यता उसकी लेखनी के जोर से ही मानी जाती है। उसी से पत्रकार को लोक और समाज मे प्रतिष्ठा और नैतिक मान्यता प्राप्त होती है। संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की असली आवाज है कि- मुझे सूली पर चढ़ाने की जरूरत क्या है, कलम छीन लो मर जाऊंगा, लेकिन आज विभिन्न कारणों से इसमे काफी फर्क आया है। साथ ही जो फर्क पत्रकारिता के इस सिद्धांत में आया है उतना ही फर्क पत्रकारिता के सम्मान और महत्व में भी आया है। ऐसे में यदि पत्रकारिता जैसे पेशे को लोभ और लालच का जरिया बनाया जाएगा तो फिर पत्रकारिता का अहित ही होना है।

गोष्ठी में पत्रकारों को संबोधित करते महाराष्ट्र के पूर्व राज्य गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह

वही यूपी वर्किग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून की आज बहुत बड़ी जरूरत है। इस कानून में उन सभी विषयों पर प्राविधान बनाये जाने चाहिए जो पत्रकारिता की शुचिता और पत्रकारों की जानमाल की सुरक्षा के साथ उसके रोजगार को भी संरक्षण प्रदान कर सकें।
पत्रकार गोविन्द पंत राजू ने कहा कि आज की पत्रकारिता में संवाददाताओं के लिए खतरा बढ़ा है। इसका मुख्य कारण सामाजिक व्यवस्था में आया बदलाव है। अब माफिया-भ्रष्टाचारी, पत्रकार को अपना व्यक्तिगत दुश्मन मान लेते हैं। इस कारण से भी पत्रकार सुरक्षा कानून और पत्रकारिता की परिभाषा को पुनः परिभाषित किये जाने की जरूरत है। उन्होंने पत्रकारों की मान्यता के नियमो में भी बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया। इसलिए पत्रकार सुरक्षा कानून में यह भी तय किये जाने की जरूरत है कि पत्रकारिता सरकारी मान्यता की मोहताज नहीं है।
पत्रकार नवलकान्त सिन्हा ने कहा कि 1990 से अब तक ही लगभग डेढ़ हजार पत्रकारों की हत्या हुई है। जिनमें से अनेक मामलों में कुछ भी नहीं हो सका। इस प्रकार से पत्रकारिता में आज तमाम तरह की चुनौतियां है। पत्रकारों को सुरक्षा देने वाले एक कानून की बड़ी आवश्यकता है।

वरिष्ठ पत्रकार परवेज अहमद अपना विचार व्यक्त करते हुए ने कहा कि कभी किसी शायर ने कहा था कि
जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो-
परन्तु आज सच्ची खबर लिखे जाने पर तलवारों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में चीजों को पूरे तौर पर समझे जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक बड़ी आवश्यकता पत्रकारों को अपने में एक और अनुशासित होने की भी है।
वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह ने कहा अपने वक्तव्य में कहा कि आज बात जब पत्रकार सुरक्षा कानून की हो रही है, तो यह कहना भी जरूरी होगा कि यह कानून बने परन्तु सुरक्षा सिर्फ पत्रकारों-खबर लिखने वालों की होनी चाहिए। सम्मान पाने के लिए, सम्मान देना होगा। हमें पत्रकारिता की सुरक्षा के साथ-साथ शुचिता की भी निहायत जरूरत है।
वही लखनऊ वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष शिवशरण सिंह ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कहा कि वर्तमान सरकार की इस बात के लिए तारीफ की जा सकती है कि उसने कोरोना काल मे दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को मान्यता-ग़ैरमान्यता का भेदभाव किये बिना आर्थिक मदद की है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि 60 वर्ष से ऊपर के पत्रकारों को पेंशन दी जाये।


भाजपा यूपी के प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि इस गोष्ठी में तीन मुख्य बातें निकल कर आई हैं। पत्रकारो में शुचिता की बात, उनकी सुरक्षा की आवश्यकता और उनके रोजगार की सुरक्षा। यहां पर मैने एक बात समझी है कि आज पत्रकारो को जन विश्वसनीयता एवं एकजुटता की बड़ी आवश्यकता है। गुटों में भले बंटे रहें परन्तु आम पत्रकार के हित में पत्रकारों को एक साथ रहना जरूरी ही नहीं अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त नवल कान्त सिन्हा, परवेज अहमद, विश्व देव राव सहित आदि ने अपने-अपने विचार रखे। गोष्ठी का सफल संचालन प्रेमकान्त तिवारी ने किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे महाराष्ट्र के पूर्व राज्य गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह को पत्रकारो द्वारा पत्रकार सुरक्षा कानून बनवाने लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को सम्बोधित दो ज्ञापन भी सौंपे गये।

आजीवन अविवाहित रहकर देश सेवा के लिए संकल्प लिया था भागवत प्रसाद दुबे ने

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज ,सोनभद्र। देश को आजाद कराने के लिए महान क्रांतिकारियों, देशभक्तो, स्वतंत्रता सेनानी जो संकल्प लिया उसका अनुपालन आजीवन करते रहे।
ऐसे ही हमारी एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भागवत प्रसाद दुबे रहे, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन की सहभागिता, देश सेवा, समाज सेवा के लिए आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया और जीवन भर इसका पालन करते रहे।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भागवत प्रसाद दुबे का जन्म सन 1938 में आदिवासी बाहुल्य गांव सलखन में हुआ था, इनके पिता का नाम पंडित भगवानदास, माता का नाम सुगंता देवी था।
इनके माता-पिता इनका विवाह करना चाहते थे, लेकिन भागवत प्रसाद दुबे के सर पर भारत माता की हथकड़ियों, बेडियो को तोड़ने का जुनून सवार था और इन्होंने विवाह करने से साफ साफ मना कर दिया और कहा कि-” जब तक भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त नहीं करा देते तब तक हम शादी नही करेंगे और पूरा जीवन भारत माता को समर्पित करते हुए ये सन 1938 ईस्वी में आजादी की जंग में कूद पड़े, सन 1941 ईस्वी के सत्याग्रह में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया, सन 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में अंग्रेज सिपाहियों द्वारा 129 दफा के तहत नज़रबंद कर लिया गया था और आजीवन अविवाहित रहते हुए स्वतंत्रता आंदोलन की लड़ाई लड़ते रहे। इस महान क्रांतिकारी का निधन 1955 ईस्वी को हो गयी।

भाजपा के हटते ही सब कुछ ठीक हो जाएगा:‌ इंद्रजीत सरोज

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के जनसंदेश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब।

• सपाइयों ने राष्ट्रीय महासचिव के जनपद में प्रथम आगमन पर किया भव्य स्वागत।

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज,सोनभद्र। आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज का जनसंदेश यात्रा जनपद सोनभद्र में पहुंचा और मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के विजयगढ़ वाटिका में संपन्न हुआ, जिसकी अध्यक्षता समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष विजय यादव ने किया और संचालन जिला महासचिव मोहम्मद सईद कुरैशी ने किया।जनसंदेश यात्रा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज ने कहा कि भाजपा के सत्ता से हटते ही सब कुछ ठीक हो जाएगा। भाजपा राज में परेशानियों को झेल चुकी जनता हर हाल में भाजपा को सत्ता से बेदखल करेगी जनता तो बस चुनाव का इंतजार कर रही है। राष्ट्रीय सचिव ने आगे संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का समय खत्म हो गया है ।जनता इस बात का इंतजार कर रही है कब वोट डालें और कब सरकार को हटाए। योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर रही है तथा प्रदेश में किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई है महंगाई लगातार बढ़ती ही चली जा रही है,नौजवान नौकरी के लिए परेशान है लेकिन किसी को भी नौकरी नहीं मिल रही है ।इसके बाद भी योगी सरकार लगातार दावा कर रही है कि उनकी सरकार बड़ी तादाद में बेरोजगारों को नौकरी देने में जुटी हुई है। भाजपा सरकार से नौजवान, किसान, मजदूर महिलाएं, व्यापारी पूरी तरह से परेशान है और महंगाई चरम सीमा पर है। भाजपा सरकार में किसी वर्ग का भला होने वाला नहीं है। यह सरकार केवल झूठे वादा करती है और करती रहेगी। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज की उपस्थिति में भाजपा एवं बसपा पार्टी को छोड़कर आए कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज का स्वागत करते पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी

सदस्यता ग्रहण करने वालों को राष्ट्रीय महासचिव ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया और उन्हें कहा कि आप लोग जिस तरह से अन्य दल छोड़कर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव में आस्था रखते हुए समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण किए हैं उसी तरह से आज से ही आप लोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कै नीतियों को गांव- गांव जाकर बताने का काम करें और आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के घोषित प्रत्याशियों को भारी मतों से विजई बनाने का काम करें, जिससे समाजवादी पार्टी की सरकार बन सके। वही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रॉबर्ट्सगंज के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा एवं घोरावल के पूर्व विधायक रमेश चंद दुबे ने कहा कि भाजपा सरकार में किसी का भला होने वाला नहीं है। भाजपा सरकार हमेशा झूठ बोलकर आम जनता को ठगने का काम करती है।

जनसंदेश यात्रा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज

बैठक को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि जिस तरह से इस कार्यक्रम में जनसैलाब उमड़ा है उसी तरह से आप लोग एकजुट होकर क्षेत्र में जाकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश के नीतियों को बताने का काम करें,जिससे आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को अधिक से अधिक वोट मिले और जीत का इतना अंतर हो कि कोई मुकाबला ना कर सके।

जनसंदेश यात्रा को संबोधित करते समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज

वही भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण वाले संजय शुक्ला के नेतृत्व में संजय चौबे, बृजेश यादव, अमरदीप सिंह, आशीष सिंह, शैलेश राय, गुलाम रिजवान, राजेश विश्वकर्मा,रामविलास महेंद्र, रामविलास बिहार, जसवीर प्रेम कुमार ने बसपा छोड़कर श्री नारायण भारती,राजकरण भारती, राजबली गुप्ता, रामविलास भारती,गुलाब,संत कुमार भारती,त्रिभुवन भारती, बुधीराम भारती, रामकेश भारती, रामनरेश भारती,ओम प्रकाश भारती, त्रिवेणी विहार, राम मूरत सरकार, संजय भारती, ओम प्रकाश भारती, दशरथ पासवान, राजेश कुमार भारती, रंजीत भारती, अवधेश पटेल, सुरेश विश्वकर्मा, शिवकुमार भारती, राजेश गौड़ के साथ दर्जनों कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

कार्यक्रम में उपस्थित समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओ का जन सैलाब

अयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से राम निहोर यादव, ओबरा पूर्व विधायक प्रत्याशी रवि कुमार गौड़, श्याम बिहारी यादव, रामप्यारे सिंह पटेल, रमेश यादव, ओम प्रकाश त्रिपाठी, जुबेर आलम, बाबू लाल यादव, अनिल प्रधान,रमाशंकर, रामसेवक यादव,कुमारी मंदाकिनी पांडे, रुखसाना खान, कुमारी निधि पांडे, रंजन पांडे,रामा,सुनील गौड़, त्रिपुरारी गौड़, सदर ब्लॉक अध्यक्ष अशोक पटेल, अनीता राकेश, विजय जैन, श्री नारायण सिंह कुशवाहा, कामरान खान, अनवर कुरेशी, मुनीर अहमद,रघुराज पारसी, मानिकचंद कनौजिया, बुद्धि नारायण यादव, सुरेश पटेल, सुरेश कुशवाहा, शंभू जगत पटेल, बबलू धागर, सूरज मिश्रा, पवन पटेल, ज्यूतेस गौतम, अमरजीत, प्रदीप कनौजिया, मुनीर अहमद, रमेश वर्मा, अजीत मौर्य, राजेश, कृपाशंकर चौहान सहित जिला पदाधिकारी, विधानसभा पदाधिकारी, जिला प्रकोष्ठ पदाधिकारी, सेक्टर पदाधिकारी, नगर पदाधिकारी आदि लोग उपस्थित रहे।

बीजेपी कल करेगी प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का आयोजन


प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह होंगे।

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज,सोनभद्र। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को ‌लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां जोरों- शोरों प्रारम्भ कर दी है। इसी तैयारियों के मद्देनजर रखते हुए कल दोपहर 12:00 बजे भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का आयोजन होगा।आयोजित सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के ग्रामीण विभाग के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह (मोती सिंह) की उपस्थिति रहेगी। उक्त आशय की जानकारी भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी अनूप तिवारी ने दी है।

राजेंद्र प्रताप सिंह
(कैबिनेट मंत्री उo प्रo सरकार)

सलखन गांव के दो महान सपूत

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

सोनभद्र।आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में सोनभद्र जनपद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों द्वारा किए गए त्याग, तपस्या, देशसेवा, क्रांतिकारी आंदोलनों में सहभागिता, दानशीलता की गौरव गाथा सोनभद्र के इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज है।
आजादी के पूर्व सोनभद्र जनपद के आदिवासी बाहुल्य गांव सलखन के दो भाइयों ने स्वाधीनता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए देशभक्त एवं समाजसेवी होने का परिचय दिया था।
इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-“
शंकर प्रसाद गोड का जन्म सन 1913 में ग्राम सलखन में हुआ था। आपके पिता का नाम श्री शिव गोविंद प्रसाद और माता का नाम सोनिया देवी था।
आप सन 1937 में कांग्रेस में आएं । सन 1938 में ग्राम सलखन में अभावग्रस्त बालकों की शिक्षा के लिए सन 1938 में एक विद्यालय की स्थापना किया। इसमें बालक- बालिकाएं शिक्षा प्राप्त करते थे। सन 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के कारण आपको पुलिस द्वारा नजरबंद कर दिया गया और आपकी बंदूक भी जप्त कर ली गई थी। जिसके कारण आप द्वारा स्थापित विद्यालय संचालन एवं आर्थिक संकट के अभाव में बंद हो गया।
सलखन में सन 1951 में देशभक्त, स्वतंत्रा संग्राम सेनानी, गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा स्थापित सर्वेंट ऑफ़ इंडिया सोसाइटी के तत्कालीन अध्यक्ष ह्रदय नाथ कुंजरू मंत्री श्री रमाशंकर मिश्र तहसील दुद्धी और रॉबर्ट्सगंज के आर्थिक, सामाजिक सर्वेक्षण के लिए आए और इस सर्वेक्षण के परिणाम स्वरूप रॉबर्ट्सगंज तहसील के ग्राम सलखन में एक जूनियर हाई स्कूल की स्थापना किया ।
सन 1954 ईस्वी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शंकर प्रसाद गोड ने विद्यालय की स्थापना के लिए 5 बीघा जमीन, ग्रामीणों, शिक्षकों के सहयोग से तीन शिक्षण कक्ष खपरैल का बरामदा बनवा कर दान में दे दिया था।
इस समाजसेवी, देशभक्त, सेनानी की मृत्यु सन 1965 ईस्वी में हुई।
वर्तमान समय में यह विद्यालय राजा बलदेव दास बिरला इंटरमीडिएट कॉलेज पटवध के नाम से संचालित है।

शिवनाथ सिंह गोंड (1890-1979)

इनके चचेरे भाई शिवनाथ प्रसादगोंड का जन्म 1912 ईस्वी में सलखन में हुआ था इनके पिता का नाम दुखनती राम गोंड, माता श्रीमती पंचू देवी था।
आप 1940 में गांधी जी के आवाहन पर कांग्रेस में आए।
सन 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन भाग लेने के कारण आपको भारत प्रतिरक्षा कानून की धारा 34/38 के तहत गिरफ्तार कर 1 वर्ष की कड़ी कैद और 200 रुपया का जुर्माने की सजा दी गई ।
आजादी के आंदोलन के अलावा इन्होंने अनेक सामाजिक कार्य किया। सलखन बाजार में अपनी 3 बीघा जमीन दान देकर अस्पताल का निर्माण कराया (जो आज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र- सलखन के नाम से जाना जाता है) और सलखन में दो तालाब और मारकुंडी स्थित- बलुई बांध बनवाने में भी इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इनकी मृत्यु कैंसर जैसे असाध्य रोग के कारण सन 1989 में हुई ।
इन दोनों महान देशभक्त, क्रांतिकारियों, समाजसेवियों की गौरव गाथा आज भी लोगों की जुबान पर है ।

शंकर प्रसाद गोंड (1880-1965)

आबकारी मंत्री ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना, कहा- वंदे मातरम नहीं बोल सकते, हिंदुत्व की बात क्या करेंगे


एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि हमारे देश में जो भी मुस्लिम हैं, वे तलवार की धार पर धर्मांतरण करके ही बने हैं। आज भी कई मुस्लिम परिवारों की रिश्तेदारियां सनातन धर्म के लोगों से हैं।

मैनपुरी, उत्तर प्रदेश: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान के समर्थन में आबकारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री भी खड़े नजर आए। उन्होने एक न्यूज चैनल से एक्सक्लूजिव बातचीत में कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाला हर आदमी हिंदू है, फिर चाहे वह किसी भी जाति या धर्म से हो। दरअसल, हाल ही में मोहन भागवत ने हिंदू और मुस्लिमों के पूर्वज एक ही होने की बात कही थी।

“जैसे जापान में जापानी, वैसे ही हिंदुस्तान में हिंदू”
आबकारी मंत्री रामनरेश अग्रिहोत्री ने कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू ही है। लेकिन, उसका धर्म, जाति या पूजन विधि अलग-अलग हो सकती है। उन्होंने कहा कि कोई धर्म हिंदू नहीं है, धर्म सनातन है। रामनरेश कहते हैं कि जब चीन में रहने वाला चीनी, जापान में रहने वाला जापानी, अमेरिका में रहने वाला अमेरिकी इसी तरह जो भी हिंदुस्तान में रहता है वह हिंदू है।

“मुस्लिम परिवारों की जिम्मेदारी सनातन धर्म से”
एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि हमारे देश में जो भी मुस्लिम हैं, वे तलवार की धार पर धर्मांतरण करके ही बने हैं। आज भी कई मुस्लिम परिवारों की रिश्तेदारियां सनातन धर्म के लोगों से हैं। उन्होंने मोहन भागवत के बयान को भी सही बताया।

“अखिलेश और शिवपाल हो चुके हैं फ्लॉप”
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा भाजपा को भ्रम फैलाने वाला बताया गया था।वे जब सुबह घर से निकलते हैं, तो अगरबत्ती लगाकर निकलते हैं। जबकि बीजेपी के नेता ऐसा नहीं करते। इस पर आबकारी मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव अगर हिंदुत्व के समर्थक हैं तो वंदे मातरम क्यों नहीं बोलते? ऐसे में अगरबत्ती किस काम की? वहीं, अखिलेश और शिवपाल के एक होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब दोनों ही फ्लॉप हो चुके हैं। आगामी चुनाव में योगी को ही जनता का आशीर्वाद मिलेगा।

विश्व साक्षरता दिवस’ पर CM योगी ने दी बधाई, जानें कब हुई इस दिन की शुरुआत?


आज दुनिया भर में विश्व साक्षरता दिवस मनाया जा रहा है।

समाज में शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से विश्व साक्षरता दिवस भारत में बड़े स्तर पर मनाया जाता है।

भारत का सर्व शिक्षा अभियान इस दिशा में सराहनीय कदम हैं

सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा-‘विश्व साक्षरता दिवस’ की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आइए, आज इस अवसर पर हम सभी समाज के कोने-कोने को साक्षरता के आलोक से आलोकित करने का संकल्प लें, ताकि ‘सभी पढ़ें-सभी बढ़ें’ की संकल्पना साकार हो सके।

लखनऊ: हर साल 8 सितंबर को ‘विश्व साक्षरता दिवस’ (International Literacy Day) दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाता है. यह दिन साक्षरता के महत्व को चिह्नित करने और यह याद दिलाने के लिए मनाया जाता है कि साक्षरता एक अधिकार है।यूपी के सीएम योगी ने विश्व साक्षरता दिवस की बधाई दी है। इस वर्ष साक्षरता दिवस की थीम है ‘डिजिटल विश्व में साक्षरता’भारत का सर्व शिक्षा अभियान इस दिशा में सराहनीय कदम हैं।

“ह्यूमन सेंटर्ड रिकवरी के लिए साक्षरता: डिजिटल डिवाइड को कम करना” है।ILD 2021 की थीम डिजिटल साक्षरता के बारे में लोगों में अधिक जागरूकता पैदा करने के लिए निर्धारित है। बता दें कि कोरोना संकट काल में बच्चों, युवाओं और वयस्कों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हुई।


साक्षरता दिवस का इतिहास
पहली बार यूनेस्को ने 7 नवम्बर 1965 में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाने का फैसला लिया था।इसके लिए एक दिन निर्धारित किया गया।जिसके बाद हर साल 8 सितम्बर को विश्व साक्षरता दिवस को मनाया जाने लगा. यूनेस्को के इस फैसले के अगले साल से ही यानी 1966 से पहली बार साक्षरता दिवस मनाने की शुरुआत की गई।

पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक आज, कई महत्वपूर्ण फैसलों की संभावना


केंद्रीय मंत्रिमंडल गेहूं और दलहन सहित रबी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि पर चर्चा कर सकता है।

• केंद्रीय मंत्रिमंडल बुधवार को अत्यधिक तनाव वाले दूरसंचार क्षेत्र और कपड़ा क्षेत्र के लिए राहत पैकेज देने पर भी विचार किया जा सकता है।

नई दिल्ली, एएनआइ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज सुबह 11 बजे केंद्रीय कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले किए जाने की संभावना है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल गेहूं और दलहन सहित रबी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि पर चर्चा कर सकता है।

किसीन पिछले साल 26 नवंबर से तीन नए कृषि कानूनों- किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020; किसानों (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 और आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020 के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।


इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल बुधवार को अत्यधिक तनाव वाले दूरसंचार क्षेत्र और कपड़ा क्षेत्र के लिए राहत पैकेज देने पर भी विचार किया जा सकता है। सरकार इस क्षेत्र को राहत पैकेज देने के लिए बैंकों सहित कई हितधारकों के साथ बातचीत कर रही है। वोडाफोन आइडिया भारी नुकसान और उच्च कर्ज के साथ संकट से जूझ रहे हैं। जानकारों के अनुसार सरकार का विचार है कि इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बनी रहनी चाहिए और एकाधिकार की किसी भी संभावना को टाला जाना चाहिए।

पिछले हफ्ते वोडाफोन आइडिया के पूर्व चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की थी। 1 सितंबर को हुई बैठक के दौरान बिड़ला और वैष्णव ने सेक्टर की सेहत और सरकारी हस्तक्षेप की तत्काल जरूरत पर चर्चा की।
सरकार की ओर से राहत उपायों की संभावना से मंगलवार को टेलीकाम शेयरों में तेजी आई। बीएसई पर वोडाफोन आइडिया के शेयरों में करीब 15 फीसदी की तेजी आई। दिन के कारोबार के अंत में, इसके शेयर 8.28 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए, जो पिछले बंद से 14.68 प्रतिशत अधिक है। दूसरी ओर, भारती एयरटेल के शेयर 2.48 प्रतिशत बढ़कर 670.70 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।

एनएसयूआई के प्रदेश सचिव द्वारा छात्रों की परीक्षा व शिक्षक भर्ती की अनियमितता को लेकर किया गया प्रदर्शन

संस्कृति लाइव संवाददाता,रॉबर्ट्सगंज(सोनभद्र) भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन व राष्ट्रीय सचिव व प्रभारी उत्तर प्रदेश अविनाश यादव के आह्वान पर इलाहाबाद JEE पेपर लीक होने तथा NEET परीक्षा को रद् करने व 69000 शिक्षको के भर्ती में सरकार द्वारा कि जा रही अनियमितता के विरूद्ध प्रदेश सचिव व सह प्रभारी काशी विद्यापीठ वाराणसी व फतेहपुर शुभम शुक्ला द्वारा संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के स्वर्ण जयंती चौक पर धरना प्रदर्शन व आन्दोलन कर सरकार को चेताया गया की राजनैतिक फायदे के लिये सरकार द्वारा किया जा रहा यह कार्य बहुत ही निंदनीय और गलत हैं। इन महत्वपूर्ण विषयों पर अगर कार्यवाही न हुई तो एनएसयूआई का यह आन्दोलन वृहद रूप लेने पर बाध्य होगा। प्रदर्शनकारियों में रिषभ सिंह, शुभम प्रताप सिंह, रोहित मिश्रा, रिजवान अहमद खान, अभिषेक दूबे, विकास चतुर्वेदी आदि छात्र नेता व शिक्षक समाज के लोग उपस्थिति रहे।

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