अनपरा, सोनभद्र। स्थानीय डायमण्ड कबड्डी क्लब डिबुलगंज के तत्वावधान में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन रामलीला मैदान डिबुलगंज के प्रांगण में प्रारम्भ हो गया है। प्रतियोगिता का शुभारम्भ उर्जान्चल के युवा हृदय सम्राट युवाओं के प्रेरणा श्रोत समाज सेवी सत्यांश शेखर मिश्र द्वारा फीता काट कर किया गया।
Advertisement (विज्ञापन)
अपने उद्बोधन में उन्होंने खेल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उर्जान्चल की इस धरती पर प्रतिभाओं की कोई कमी नही है, बस उन्हें उभारने की जरूरत है। यदि इस परिक्षेत्र में कबड्डी के एक-दो अच्छे कोच हो जाये तो यह कहना अतिसयोक्ति नही होगी कि यहाँ के खिलाड़ी भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाएंगे। इस अवसर पर प्रदीप तिवारी, मिथुन सिंह, पंकज जायसवाल, ऋषभ राय, पुनीत सहित तमाम लोगों ने कबड्डी के खेल का आनन्द लिया।
विंढमगंज, सोनभद्र। स्थानीय बॉर्डर पर सततवाहिनी नदी के पुलिया से झारखंड की ओर गंगटी ग्राम पंचायत में रविवार की सुबह रेलवे के एक कीमैन बीरभूवन पाल उम्र लगभग 48 वर्ष पुत्र बनारसी पाल निवासी बक्सर, चौसा गांव उत्तम नगर की रेलवे ट्रैक की निगरानी के दौरान मूनू मालगाड़ी नम्बर 32750 के चपेट में आने से मौत हो गई।
Advertisement (विज्ञापन)
प्राप्त जानकारी के अनुसार विंढमगंज रेलवे स्टेशन से झारखंड राज्य के गढ़वा जिला अंतर्गत गंगटी ग्राम पंचायत से होकर गढ़वा रोड जंक्शन की ओर जाने वाली रेलवे ट्रेक पोल नंबर 26/ 54 पर रेलवे ट्रैक का निगरानी कर रहा कीमैन वीरभुवन पाल पुत्र बनारसी पाल की मौत रेणुकूट से गढवारोड जंक्शन की ओर जा रही उक्त मालगाड़ी की चपेट में आने से हो गई। मौत की सूचना पर विंढमगंज रेलवे स्टेशन के पीडब्ल्यूआई ए.के. सिन्हा के नेतृत्व में रेल कर्मचारियों ने शव को अपने कब्जे में किया। रेल कर्मचारी में इस बात की चर्चा थी कि उक्त मृतक कीमैन काफी मिलनसार व सीधा-साधा व्यक्ति था। पीडब्ल्यूआई सिन्हा ने कहा कि उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
Advertisement (विज्ञापन)
स्टेशन मास्टर आलोक अकेला ने बताया कि उक्त मालगाड़ी विंढमगंज रेलवे स्टेशन से 6:17 पर रेणुकूट से गढ़वा रोड जंक्शन की ओर जा रही थी, इसी बीच गंगटी गाँव के ग्रामीणों के द्वारा 6:46 पर सूचना मिली की रेलवे ट्रैक की निगरानी कर रहा एक कीमैन की मौत मालगाड़ी से टकरा जाने के कारण हो गई है। मृतक के परिजनों को भी सूचना कर दिया गया है। मौत की सूचना पर देखने के लिए तमाशाबीनों की भीड़ लग गई थी।
डाला, सोनभद्र। वन क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहे हरे पेड़ो की अवैध कटाई से जंगल विरान हो रहे हैं। प्रत्येक वर्ष पौधरोपण के नाम पर विभाग की ओर से लाखों पेड़ तो लगाए जाते हैं। लेकिन अधिकांश पौधे जंगलों में नही बल्कि कागज में ही सिमट जाते है । जमीन पर नजर नही आते। बचेखुचे पेड़ भी विभाग की उदासीनता के चलते प्रति वर्ष आग की भेंट चढ़ जा रहे हैं। अबाड़ी, गौराही पतगड़ी एवं रानीताली का जंगल वन माफियाओं के लिए विभागीय मिलीभगत के कारण सुरक्षित ठिकाना बना हुआ हैं, वही मजे की बात तो यह कि वनों की रखवाली के लिए वन रेंज में वाचर, वन दरोगा के साथ ही अन्य कर्मचारी तैनात हैं। बावजूद इसके जंगलों से प्रतिदिन हरे पेड़ धड़ल्ले से काटे जा रहे है। वर्तमान के छः महीने के अंदर जंगल ज्यादा काटे गए।
Advertisement (विज्ञापन)
वन माफियाओं द्वारा फिर अबाड़ी के जंगल में बेशकीमती पेड़ काटा गया। जिसमें पेड़ व पेड़ का ठूठ भी तश्वीर में देखा जा सकता हैं। अवैध वनों के कटाई से न सिर्फ प्राकृतिक संपदा की छति हो रही है। बल्कि क्षेत्र में गिरते वनों के क्षेत्रफल की वजह से बरसात में भी तेजी से गिरावट आ रही है। कोरोना महामारी के इस दौर में आक्सीजन की कमी से लोगों को दम तोड़ते हुए भी देखा गया है। लेकिन वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी की लापरवाही मिलीभगत में बदलती जा रही हैं। सूत्रों की मानें तो पेड़ों की कटाई होते समय ही सूचना विभाग को मिल जाती है ।
Advertisement (विज्ञापन)
अब सवाल यह है कि जब जिम्मेदार अधिकारी व वनकर्मियों की मिलीभगत से ही जंगल उजड़ रहे है, तो देख रेख करेगा कौन, विभाग को सूखे पेड़ गिरने की सूचना व काटने की व्यवस्था रहती है। लेकिन मौके पर कोई वनकर्मी नहीं पहुंचता। जिसकी वजह से अवैध कटान में लगे लोगों के हौसलें बढ़ गए हैं। समय रहते वनों की कटान पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में जंगल का अस्तित्व खत्म होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
अहरौरा, मिर्जापुर। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी नगर के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु गोविंद सिंह जी दस्तखती साहिब में सिखों के दसवें गुरु सर्वस्व दानी, संत, सिपाही, हिंदू धर्म रक्षक ,दुष्ट दमन ,युगपुरुष, दशम पातशाह श्री गुरु गोविंद सिंह जी का 355 वा जन्म दिवस प्रकाश उत्सव के रूप में मनाया गया। गुरुद्वारा दस्तखती साहिब में शनिवार सुबह से अखंड शबद कीर्तन प्रारंभ हुआ जो रविवार को प्रातः 9:00 बजे प्रसाद वितरण के साथ समाप्त हुआ एवं दोपहर में शब्द कीर्तन के साथ साथ अटूट लंगर का भी आयोजन किया गया।
जिसमें क्षेत्र के काफी संख्या में अनुयायियों ने लंगर छका तथा सायं 4:00 बजे गुरुद्वारा परिसर से एक श्री गुरु गोविंद साहिब महाराज की शोभायात्रा निकाली गई जो नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए देर शाम पुनः गुरुद्वारा परिसर में आकर समाप्त हुई। तदुपरांत चौक बाजार स्थित श्रीनाथ गुप्त साह के आवास पर शबद कीर्तन कर कर प्रसाद वितरण किया गया।
कार्यक्रम में सरदार गुलाब सिंह, सरदार जगजीत सिंह, सरदार महेंद्र सिंह, सरदार करनैल सिंह, सरदार जीत सिंह, सरदार भूपेंदर सिंह, सरदार कमल सिंह, सरदार ईश्वर सिंह, सरदार जसवंत सिंह, सरदार पन्ना सिंह ,सरदार दिलदार सिंह, सरदार नारायण सिंह, सरदार परमजीत सिंह, सरदार प्रिंस सिंह ,सरदार हनी सिंह, सरदार मनी सिंह, सरदार सरबजीत सिंह, सरदार जसप्रीत सिंह तथा सरदार जीत सिंह ने अपनी वाणी से गुरुद्वारा परिसर में उपस्थित सिख समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए श्री गुरु गोविंद सिंह साहेब के जीवन पर प्रकाश डाला तथा उनके द्वारा त्याग एवं बलिदान से सबको सीख लेने की प्रेरणा दी।
वाराणसी। एनटीपीसी के सहायक प्रबंधक (मानव संसाधन) डॉ. मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ‘शिखर’ के पुस्तक “काशी के चौरासी” उर्फ “शिखर बनारस के घाट” का विमोचन संकटमोचन मंदिर के प्रतिष्ठित महंत एवं आईआईटी बीएचयू के प्रो. विश्वम्भर नाथ मिश्र के कर कमलों द्वारा रविवार को आयोजित एक समारोह में किया गया। कवि, लेखक एवं साहित्यकार के रूप में ख्यातिलब्ध रचनाकार ने काशी के सभी घाटों का सचित्र वर्णन अपनी पुस्तक “काशी के चौरासी” में क्रमवार संजोया है। बताते चलें कि पुस्तक के रचनाकार ‘शिखर’ की इसके पूर्व आधे दर्जन काव्य और कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुकी हैं । आज विमोचित हुई इस पुस्तक में काशी के सभी घाटों को चित्रित कर अलग स्वरूप दिया गया है। यह लिखने में तनिक भी गुरेज नहीं की यह पुस्तक देश-विदेश से आने वाले भक्तों एवं पर्यटकों के लिए मार्गदर्शक का कार्य करेगी।
साहित्य शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास की साहित्यिक तपस्थली तुलसी घाट पर आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह के मुख्य अतिथि प्रोफेसर मिश्र जी ने इस पुस्तक को तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने इसे और भी अधिक विस्तृत रुप में प्रकाशित करने तथा अंग्रेजी एवं दक्षिण भारत के अन्य भाषाओं में भी प्रकाशित करने का सुझाव दिया। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी इच्छा जाहिर की कि साहित्यकारों की एक टीम बनाकर काशी के साहित्यिक विकास के लिए विशेष कार्य करें। वहीं विमोचन के पूर्व पुस्तक के रचनाकार ‘शिखर’ जी ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर मिश्र का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्रम् से अभिनन्दन किया। गौरतलब हो कि डॉ. मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ‘शिखर’ द्वारा रचित उक्त पुस्तक का प्रकाशन नोएडा के अंकुर प्रकाशन द्वारा किया गया है।
विमोचन समारोह की अध्यक्षता दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा चेन्नई के पूर्व कुलपति प्रो. राम मोहन पाठक ने की। विमोचन समारोह के प्रो.दया शंकर त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार एवं सोन साहित्य संगम के निदेशक मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पूर्व शिक्षक एवं किशोर न्याय बोर्ड सदस्य ओमप्रकाश त्रिपाठी, सोन साहित्य संगम सोनभद्र के संयोजक यूपी बार काउंसिल के अनुशासन समिति के सदस्य राकेश शरण मिश्र, मिर्जापुर से आनंद ‘अमित’, डॉ.आनंद कुमार श्रीवास्तव, प्रदीप उपाध्याय, रुपेश नागवंशी, हिमांशु मिश्र एवं अशोक पाण्डेय जैसे साहित्य मनीषी साक्षी रहे। पुस्तक के रचनाकार शिखर जी की ओर से उपरोक्त प्रबुद्ध जनों का भी अंगवस्त्रम से अभिनंदन किया गया। सभी वक्ताओं ने पुस्तक की उपादेयता पर प्रकाश डाला।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. राममोहन पाठक ने काशी के अन्य विषयों पर पुस्तक लिखने का सुझाव दिया। संचालन सोनभद्र से पधारे साहित्यकार राकेश शरण मिश्र ने तथा आभार ज्ञापन डॉ. मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ने किया।
सोनभद्र। सोनभद्र जनपद के प्रगतिशील कृषक के रूप में विख्यात जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के पास मानपुर गांव के निवासी बाबूलाल मौर्य को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा राज्य स्तरीय कृषक मेला सिराथू मीठेपुर सराया कौशाम्बी मे औद्यानिक फसलों में उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रगतिशील कृषक द्वारा तैयार खेतीबाड़ी संबंधित चार्ट का अवलोकन करते हुए उन्होंने कहा कि-” देश के लोगों का पेट भरने वाला किसान विपरीत परिस्थिति में खेती- किसानी कर अनाज पैदा करता है, खेती एक पुण्य कार्य है। सोनभद्र जैसे पिछड़े जनपद में निवास करने वाले बाबूलाल मौर्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हुए उत्कृष्ट खेती का कार्य कर रहे हैं जो हमारे लिए गौरव की बात है और अन्य किसानों को इनसे प्रेरणा लेकर खेती- बारी जैसे परंपरागत कार्य को समृद्ध करना चाहिए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषक काफी संख्या में उपस्थित रहे।
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र मुख्यालय ब्लॉक रॉबर्ट्सगंज के ग्राम पंचायत ऊंचडीह के पंचायत भवन का लोकार्पण मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण एवं अनुसूचित जाति जनजाति मंत्री संजीव सिंह गोंड द्वारा किया गया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि घोरावल विधायक डा.अनिल कुमार मौर्य, सदर ब्लाक प्रमुख अजीत रावत, वरिष्ठ पत्रकार मिथिलेश द्विवेदी, विजय शंकर चतुर्वेदी दिवाकर द्विवेदी, सरोज सिंह, चंद्रकांत पांडेय,सुदर्शन देव पांडे, ग्राम प्रधान अर्चना त्रिपाठी, ओम प्रकाश त्रिपाठी, राकेश त्रिपाठी, अनुपम त्रिपाठी सहित ग्राम पंचायत ऊंचडीह के सभी पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, स्थानीय निवासीगण उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार भोला नाथ मिश्रा ने किया।
सोनभद्र। विधान सभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू होते ही जिला प्रशासन आचार संहिता के पालन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जनपद के शहरी ग्रामीण इलाकों में स्थानीय निकायों के कर्मचारियों द्वारा दीवारों पर लिखे गए वॉल पेंटिंग विद्युत पोलों अन्य स्थानों पर टांगे गए होल्डिंग्स बोर्ड को मिटाने, हटाने का कार्य किया गया। नगर पालिका परिषद रावतसर एवं जनपद के समस्त नगर पंचायतों की कर्मचारियों द्वारा तेजी के साथ प्रचार सामग्रियों को हटाने का कार्य किया गया और होर्डिंग्स को तोड़कर कब्जे में ले लिया गया। प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस कार्रवाई से लोगों में उत्सुकता है।
चुनाव आयोग द्वारा 5 राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। यह चुनाव कुल 7 चरणों में होने हैं। जानें आपके राज्य में कब होंगे चुनाव..
5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान
सभी 5 राज्यों में कुल 7 चरणों में होगा मतदान
UP में 7 चरण, मणिपुर में 2 बाकी तीनों राज्य में 1 ही चरण में होंगे चुनाव
नई दिल्ली: जनवरी की कड़कड़ती ठंड में भी पिछले कई दिनों से चुनावों को लेकर माहौल गर्म है। ऐसे में आज मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। बता दें कि 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव होने हैं। कुल 690 विधान सभा सीटों में चुनाव होने हैं। ऐसे में आइए जानते हैं आपके राज्य में कितने चरणों में और कब होने हैं चुनाव। कुल 7 चरणों में होंगे चुनाव
पहले चरण का मतदान 10 फरवरीदूसरे चरण का मतदान 14 फरवरीत
तीसरे चरण का मतदान 20 फरवरी
चौथे तरण का मतदान 23 फरवरी
पांचवे चरण का मतदान 27 फरवरी
छठे चरण का मतदान 3 मार्च
सांतवे चरण का मतदान 7 मार्च
UP में हर चरण यानी सातों चरणों में होगी वोटिंग
पंजाब-गोवा में 1 ही चरण में संपन्न होंगे चुनाव
मणिपुर में 2 चरणों में यानी 27 फरवरी और 3 मार्च को होंगे चुनाव
पंजाब और गोवा में 14 फरवरी को होंगे चुनाव
उत्तराखंड में भी 1 ही चरण यानी 14 फरवरी को चुनाव संपन्न कराए जाएंगे
10 मार्च को आएंगे नतीजे
किस राज्य में कितनी सीटें
उत्तर प्रदेश- 403 विधान सभा सीटें
गोवा- 40 विधान सभा सीटें
मणिपुर- 60 विधान सभा सीटें
पंजाब- 117 विधान सभा सीटें
उत्तराखंड- 70 विधान सभा सीटें
2017 में क्या रहे थे नतीजे आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के पिछले विधान सभा चुनावों में बीजेपी को बड़ी जीत मिली थी. बीजेपी गठबंधन को 325, सपा को 47, बीएसपी को 19, कांग्रेस को 7 और अन्य को 7 सीटों पर जीत मिली थी. वहीं 2017 के विधान सभा चुनाव में पंजाब में कांग्रेस को बहुमत मिला था। कांग्रेस ने 77, आम आदमी पार्टी ने 20, अकाली दल ने 15 और बीजेपी ने 3 सीटों पर जीत हासिल की थी। बता दें कि उत्तराखंड में भी बीजेपी की सरकार है। पिछले विधान सभा चुनाव में बीजेपी को 56, कांग्रेस को 11 और अन्य को 2 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं मणिपुर में 60 विधान सभा सीटों में कांग्रेस ने 28 सीटें जीती थीं तो BJP ने 21 और अन्य ने 11.
इसके अलावा 40 विधान सभा सीटों वाले राज्य गोवा में भाजपा 13 सीटों के साथ सरकार में है तो वहीं कांग्रेस ने 17 सीटें जीती थीं। इसके अलावा अन्य को 10 सीटें मिली थीं, जिन्होंने सत्ताधारी दल को समर्थन दिया।
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के अन्तर्गत संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ, धर्मार्थ कार्य विभाग, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय राग रंग कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। पद्मविभूषण गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में शास्त्रीय संगीत घराना समागम के अन्तिम दिन सभागार सुर लय ताल की नाल यात्रा का साक्षी बना।
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रसिद्ध वायलिन वादक विदुषी कलारामनाथ और शहनाई वादक पंडित राजेन्द्र प्रसन्ना की युगलवन्दी से हुआ। इन्होंने राग मधुवंती से अपनी प्रस्तुति प्रारम्भ किया। इनके साथ तबले पर पं० मिथिलेश जा, दुक्कड पर मंगल प्रसाद तथा शहनाई पर विकास बाबू ने संगत किया।
तत्पश्चात मंच संभाला रामपुर सहसवान घराने के प्रसिद्ध गायक पद्मश्री राशिद खान ने राग पूरिया धनाश्री में निलम्बित एक ताल अब तो रूम मान और छोटे ख्याल में पायलिया झनकार मोरी और अन्त में राग यमन में भजन प्रस्तुत किया। इनके साथ तबले पर पं० रामकुमार मिश्रा, सारंगी पर मुराद अली खान, हारमोनियम पर डॉ० विनय मिश्रा तथा सहगायन में अरमान खां ने सहयोग किया। आज की अन्तिम प्रस्तुति विख्यात सितारवादक पंडित निलाद्री कुमार की रही। इन्होंने राग तिलक कामोद में मसीदखानी गत का वादन किया तत्पश्चात राग नटतिलक में बन्दिश बजाया और अन्त में अपनी प्रस्तुति का समापन उन्होंने राग भैरवी धुन वादन कर किया। उनके साथ तबले पर संगत सत्यजीत तलवरकर ने सहयोग किया।
अतिथियों का स्वागत पद्मश्री डॉ० राजेश्वर आचार्य ने किया। कार्यक्रम का संयोजन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी डॉ० सुभाष चन्द्र यादव एव उ० प्र० संगीत नाटक अकादमी के सचिव तरूण राज तथा संचालन सौरभ चकने किया। इस अवसर पर संकटमोचन दरबार के महन्त प्रोफेसर विशम्भरनाथ मिश्र,, डॉ० लवकुश द्विवेदी, आदि बड़ीसंख्या में लोग उपस्थित थे।कार्यक्रम के संयोजन में अखिलेश यादव, प्रशान्त यादव, प्रशान्त राय, अभिषेक राय, अंगिका मिश्रा, श्रुति प्रकाश, अतुल कुमार, शिवम आदि ने सहयोग प्रदान किया।