चित्रकूट में सम्मानित‌ हुए सोनभद्र के वरिष्ठ कर अधिवक्ता राकेश शरण मिश्र

उत्तर प्रदेश कर अधिवक्ता संगठन की 35वीं कार्यकारिणी बैठक एवं 88वीं विधि वाणी सेमिनार चित्रकूट के एक होटल में हुआ संपन्न

बैठक में जीएसटी के खामियां और कुछ उपलब्धियां भी गिनाई गई।

मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश कर अधिवक्ता संगठन की 35वीं कार्यकारिणी बैठक एवं 88वीं विधि वाणी सेमिनार चित्रकूट के एक होटल सभागार में शनिवार को पूरे उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान प्रदेश भर के सभी जिलों से संगठन से जुड़े सैकड़ों अधिवक्ताओं ने ना सिर्फ प्रतिभाग किया बल्कि जीएसटी की खामियों पर जमकर प्रहार किया।

सेमिनार में पहुंचे सोनभद्र के वरिष्ठ कर अधिवक्ता एवं संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने बड़े ही सुंदर एवं साहित्यिक ढंग से सेमिनार का सफल संचालन किया। सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि जगत नारायण पांडेय अध्यक्ष सिविल बार एसोसिएशन कर्वी ने कर अधिवक्ताओं की समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए जीएसटी के खामियां और कुछ उपलब्धियां भी गिनाई। संगठन के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह बघेल ने 35वीं कार्यकारिणी बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन की उपलब्धियों के लिए सभी पदाधिकारियों एवं सम्मानित अधिवक्ताओं को बधाई दी और सभी से इसी ऊर्जा और लगन शीलता के साथ संगठित होकर संगठन को और ऊंचाइयों पर पहुंचाने की अपील भी की।

वही कई अन्य वक्ताओं ने भी अधिवक्ताओ की समस्याओं व जी एस टी विषय पर अपने प्रकाश डालें और जीएसटी की खामियों की वजह से कर अधिवक्ताओं को हो रही दिक्कतों की भी बात उठाई। उत्तर प्रदेश कर अधिवक्ता संगठन प्रदेश पदाधिकारियो एवम जिला कर अधिवक्ता संघ कर्वी के पदाधिकारियों और जनपद सोंनभद्र से सेमिनार में पहुंचे उत्तर प्रदेश कर अधिवक्ता संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य उमापति पांडेय, वरिष्ठ अधिवक्ता अमरनाथ मिश्रा,जोनल चेयरमैन मिथिलेश सिंह, जनार्दन पांडेय समेत कई अन्य कर अधिवक्ताओं ने बैठक का कुशल संचालन कर रहे संगठन के प्रति समर्पित भाव से लगे प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश शरण मिश्र को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम,लक्ष्मण व माँ सीता की पीतल की प्रतिमा भेंट कर तथा अंगवस्त्रम ओढाकर सम्मानित किया। धन्यवाद ज्ञापन चित्रकूट के जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला एवं आयोजन के संयोजक अधिवक्ता कर्वी संजय अग्रवाल ने किया। उक्त जानकारी सेमिनार में प्रतिभाग कर लौटने के बाद रविवार को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अधिवक्ता उमापति पांडेय ने हमारे विशेष संवाददाता को दी। उन्होंने बताया कि इस मौके पर प्रदेश भर के विभिन्न जनपदों से सैकड़ों की संख्या में संगठन से जुड़े कर अधिवक्ता गण मौजूद रहे।

द्वितीय विश्व युद्ध में सोनभद्र के सैनिकों ने दिया था योगदान

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

राबर्ट्सगंज, सोनभद्र। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में जब पूरा राष्ट्र स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले क्रांतिकारियों, देशभक्तों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को व्यापक पैमाने पर सम्मानित कर रहा हो और उनके परिजनों की सुधि ले रहा हो ऐसे
वातावरण में आजादी के पूर्व युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों एवं उनके परिजनों की सुधि भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार एवं सोनभद्र जिला प्रशासन को। लेनी चाहिए।
सोनभद्र जनपद के इतिहास का पन्ना एक के बाद एक खुल रहा। सोनभद्र जनपद के चोपन ब्लाक के लालगंज गांव के मेवा पनिका पुत्र सोबरन पनिका का सैन्य सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान रहा है।
सैनिक मेवा पनिका के 80 वर्षीय पुत्र मनबोध पानिका बताते हैं कि-मेरे पिताजी सहारनपुर डिपो के रीमाउंट सी में भर्ती हुए थे,और द्वितीय विश्व युद्ध में भाग लिया, इस युद्ध में भाग लेने के परिणाम स्वरूप तत्कालीन ब्रिटिश सरकार द्वारा उन्हें चांदी का दो तमगा प्रदान किया गया था। आजादी के बाद मेरे पिताजी मेरठ कैंप में भी तैनात रहे। उनके द्वारा 18 फरवरी 1976 का मेरठ कैंप से प्रेषित मनीऑर्डर की रसीद हमारे पास उपलब्ध है।

सैनिक मेवा पनिका के 80 वर्षीय पुत्र मनबोध पानिका

विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश के निदेशक/इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-मानव जाति की स्वतंत्रता, जानमाल को खतरे में डालने वाला द्वितीय विश्व युद्ध एक संघर्ष था। इस महायुद्ध मे 10 करोड सैनिक सम्मिलित थे। इस युद्ध में लगभग 7 करोड लोग मारे गए।
मित्र राष्ट्रों की ओर से ब्रिटेन ने 3 सितंबर 1939 इंग्लैंड ने जर्मनी के खिलाफ़ युद्ध की घोषणा कर दिया, भारतीयों की इच्छा के विरुद्ध युद्ध में भारत को भी शामिल कर लिया गया।
आजाद हिंद फौज की अभियोग जांच एवं भारतीय सैनिकों का विद्रोह के बावजूद भी ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीय सेना को युद्ध में शामिल करना उसकी मजबूरी बन गई थी और भारतीयों के लिए आजादी का मार्ग इस युद्ध ने प्रशस्त किया। भारतीय सैनिक युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के के लिए लड़ रहे थे कि युद्ध जीतने के बाद हमारा देश स्वतंत्र होगा।
इन्हीं विचारों से ओतप्रोत तत्कालीन जनपद मिर्जापुर वर्तमान जनपद सोनभद्र के सैनिकों ने द्वितीय युद्ध में स्वतंत्रता प्राप्ति की इच्छा शक्ति के साथ वीरता पूर्वक युद्ध किया।

दीपक कुमार केसरवानी निदेशक विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट एवम इतिहासकार

इन सैनिकों में जनपद के सचदेव सिंह (मरकरी) जयराम (बड़का गांव तरावा) घुरहू (अमोखर) रामजी (नई बाजार) जीवन दास (मलदेवा) राम देव सिंह (दुद्धि) अब्दुल जबर खान (देवरी) ठाकुर दास (रॉबर्ट्सगंज) राम नरेश (भरहिया) रामप्रवेश (कसौरी) बद्री प्रसाद (खजुरौल) अब्दुल मजीद (देवाटन) कंचन (रामगढ़) फरीउद्दीन (बराक) अजहर अली (नई बाजार) जगन्नाथ (दुद्धी) अब्दुल रहमान (कोन) कुबेर (सहिजन कला) भग्गू (रामगढ़) अली (पगिया) अल्लाह बख्श एवं देवी सिंह (चुर्क) उस्मांन गनी (महुली) वैजनाथ (महैवा) विश्वनाथ सिंह (गिरवविट) त्रिवेणी राम (परसौटी) वीरता पूर्वक युद्ध में भाग लिया और सन 1945 में मित्र राष्ट्रों की विजय के साथ युद्ध समाप्त हो गया।

सैनिक मेवा पनिका को ब्रिटिश सरकार द्वारा चांदी का दो तमगा प्रदान किया गया था।

दितीय विश्व युद्ध भारत की आजादी का स्वर्णिम अवसर था एक और भारत के रणबांकुरे सैनिक अपने मातृभूमि की आजादी की इच्छा शक्ति को रखते हुए धुर राष्ट्र के सैनिकों से लड़ रहे थे तो दूसरी ओर देश में व्यापक स्तर पर आंदोलन महात्मा गांधी द्वारा चलाया जा रहा था और इस आंदोलन में देशभक्त, क्रांतिकारी वीर बड़े ही मनोयोग से भाग ले रहे थे। द्वितीय विश्व युद्ध के ही काल में सन 1940 में व्यक्तिगत सविनय अवज्ञा आंदोलन और सन 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन आरंभ हुआ
भारतीयों का मानना था कि हमें आजादी हासिल करनी है अभी नहीं तो कभी नहीं यह नारा उन्होंने बुलंद किया।

सैनिक मेवा पनिका द्वारा 18 फरवरी 1976 को मेरठ कैंप से प्रेषित मनीऑर्डर की रसीद।

विश्व युद्ध के विजय के पश्चात ब्रिटेन की आर्थिक बदहाली के कारण एवं भारतीयों के व्यापक पैमाने पर संघर्ष और पूरे विश्व में ब्रिटेन की किरकिरी होने के कारण मात्र 2 वर्षों के अंदर ही हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हो गया।
भारत की आजादी में द्वितीय विश्व युद्ध में भाग लेने वाले भारतीय सैनिकों का महत्वपूर्ण योगदान है या यूं कहें कि उन्होंने आपके वीरता के माध्यम से भारत की आजादी का वातावरण बनाया। जिस समय हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अंग्रेजों से मुकाबला कर रहे थे उस समय हमारे सैनिक सीमा पर धुर राष्ट्र के सैनिकों से लड़ रहे थे।
आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में जनपद सोनभद्र में द्वितीय विश्व युद्ध में भाग लेने वाले सेनानियों की खोज एवं उनके परिजनों का सम्मान किया जाना चाहिए ताकि वे अपने पूर्वजों के वीरतापूर्ण, देशभक्तिपूर्ण कार्य पर गौरवान्वित हो सके।

घोरावल तहसील परिसर में ग्राम न्यायालय का हुआ शुभारंभ


राम अनुज धर द्विवेदी

घोरावल, सोनभद्र। घोरावल तहसील में सोमवार को नवसृजित ग्राम न्यायालय के नवनियुक्त न्यायाधिकारी न्यायाधीश विजय शंकर गौतम का परिसर में आगमन पर अधिवक्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। आपको बता दे कि घोरावल तहसील परिसर में स्थापित ग्राम न्यायालय में विजय शंकर गौतम को न्यायाधिकारी/ मुंसिफ मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।उन्होंने सभा कक्ष में अधिवक्ताओं के साथ बैठक किया। बैठक में मुख्य रूप से यहां की समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया।

वही समस्याओं पर अधिवक्ताओं ने अपना विचार व्यक्त किया। जिस पर न्यायाधिकारी ने अपना सुझाव दिया और सभी ने मिल जुलकर कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि न्यायालय के क्षेत्राधिकार में जिन मुकदमो में दो वर्ष का प्राविधान है वह सब वाद की सुनवाई यहां पर होगी। पशु अतिचार अधिनियम व सिविल प्रक्रिया संहिता से सम्बन्धित क्षेत्राधिकार के अंतर्गत मुकदमे की सुनवाई भी यहां की जाएगी।तहसील अधिवक्ता समिति घोरावल के अध्यक्ष गोविंद नारायण झा ने बताया कि कि घोरावल तहसील परिसर में ग्राम न्यायालय के स्थापना हेतु लंबे समय से अधिवक्ताओं द्वारा मांग किया जाता रहा, जो तहसील निर्माण के 24 साल बाद फलीभूत होने जा रहा है।बहुत जल्द यहां ग्राम न्यायालय का संचालन शुरू हो जाएगा।इस अवसर पर शशि कुमार मिश्रा, राम अनुजधर द्विवेदी, आशुतोष पांडेय, आदिनाथ मिश्रा, जय सिंह, श्रीप्रकाश सिंह, प्रयागदास, हरि प्रकाश वर्मा, सच्चिदानन्द चौबे सहित आदि लोग मौजूद रहे।

सेनानियो के स्मृति में सम्मान एवं विचार गोष्ठी समारोह का हुआ आयोजन

हर्ष वर्धन केसरवानी (संवाददाता)

सलखन, सोनभद्र। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के अंतर्गत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिवनाथ प्रसाद गोंड, शंकर प्रसाद गोंड और भागवत प्रसाद दुबे की स्मृति में सलखन के पंचायत भवन में सम्मान एवं विचार गोष्ठी समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत शिक्षक हरिशंकर शुक्ल ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि-” इस संगोष्ठी में सेनानियों के स्मरण के साथ- साथ सलखन क्षेत्र की खूबियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई, उन्होंने कहा कि बच्चों और किशोरों के बीच इन सेनानियों के त्याग की चर्चा होनी चाहिए ताकि वे इससे प्रेरणा ले सकें।

विशिष्ट अतिथि विजय शंकर चतुर्वेदी ने कहा कि-“धन्य है सलखन की भूमि जहां पे तीन सेनानियों का बलिदान स्तुत्य है जिन्होंने न सिर्फ देश को स्वतंत्र कराने में अपनी भूमिका निभाई बल्कि विद्यालय और अस्पताल के लिए निःशुल्क भूमि दान कर सामाजिक विकास की बुनियाद रखी। सलखन क्षेत्र अपनी विशिष्टताओं के चलते वैश्विक पहचान बना चुका है, अब स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में भी यहां के सेनानियों का त्याग स्वर्णाक्षरों में अंकित होगा।

पत्रकार सनोज तिवारी ने सेनानियों के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि-” शंकर प्रसाद गोंड ने सलखन में विद्यालय की स्थापना हेतु पांच बीघा जमीन दान में दी जबकि शिवनाथ प्रसाद गोंड ने अस्पताल के लिए तीन बीघा जमीन दान में दी, उन्होंने आगे सेनानी भागवत प्रसाद दुबे के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि सेनानी ने कसम खा रखी थी कि जब तक देश आजाद नहीं हो जाएगा तब तक वे शादी नहीं करेंगे ।
संगोष्ठी में गुलाब प्रसाद चन्द्रा और आरडी सिंह ने अपने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रमेश सिंह गौड ने किया।

इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित महादेव प्रसाद चौबे के प्रपौत्र विजय शंकर चतुर्वेदी, डोमखरी के सेनानी बुद्धी सागर के पौत्र अजीत शुक्ला व दीवा के रामनाथ कहार के पौत्र अमरेश प्रसाद, सलखन के सेनानी शिव शंकर प्रसाद गौड़ के पौत्र ओमप्रकाश गोड, राकेश गोड, भागवत प्रसाद दुबे के पौत्र अमरेश चंद्र दुबे, शंकर प्रसाद गौड के पौत्र अरविंद सिंह गौड को कार्यक्रम के आयोजक ने माल्यार्पण कर उनका सम्मान किया।
कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन उदय धर दुबे ने किया।
अयोजित कार्यक्रम में कोमल प्रसाद गौड़, राकेश गोड सहित जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज, सलखन, चोपन सहित आसपास के इलाकों के सेनानी परिजन एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

पतंजलि परिवार की मासिक बैठक एवं सहभोज का कार्यक्रम हुआ संपन्न

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। पतंजलि परिवार रॉबर्ट्सगंज के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ता एवम योग साधको की उपस्थिति में रविवार को संगठन की मासिक बैठक एवम सामूहिक सहभोज का कार्यक्रम भारत स्वाभिमान के जिला संरक्षक सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में सोनभद्र बार सभागार मे संपन्न हुआ। बैठक में पूर्व में बंद हो चुके योग कक्षाओं को पुन: चलाने के लिए योग शिक्षकों द्वारा संकल्प लिया गया। तथा समृद्धि कार्ड बनाने पर भी जोर दिया गया। बैठक को सफल बनाने के लिए पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी रवि प्रकाश त्रिपाठी द्वारा सभी को धन्यवाद दिया गया।

वहीं वरिष्ठ योग साधक संतोष कुमार गिरी द्वारा सोनभद्र बार सभागार के नियमित योग कक्षा के लिए बार के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश द्विवेदी को दो सीलिंग फैन दिया गया। अयोजित बैठक में पतंजलि युवा भारत के जिला प्रभारी आशीष पाठक ,भारत स्वाभिमान के जिला महामंत्री सुमित कुमार चौबे, सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश द्विवेदी ,पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र नाथ दीक्षित, रमेश राम पाठक, ओम प्रकाश यादव ,मिठाई लाल सोनी ,शेषमणि तिवारी,अमरेश चंद्र त्रिपाठी ,बलदाऊ श्रीवास्तव, युवा सोशल मीडिया प्रभारी योगी संकट मोचन ,धनंजय कुमार मिश्रा ,विनोद कुमार मिश्रा, रामसेवक पांडे, चंद्र बहादुर सिंह ,रूप नारायण सिंह ,दिनेश कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार पांडे, देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, दिलीप कुमार सिंह, अजीत कुमार शुक्ला ,सुबोध कुमार मिश्रा , विजय कुमार सिंह अखिलेश कुमार सिंह ,छविंद्र नाथ सिंह ,सुरेश कुमार यादव ,पीयूष त्रिपाठी ,मुनी महेश शुक्ला, विनय कुमार सिंह, सुरेंद्र कुमार तिवारी, जनार्दन यादव,अमित कुमार मिश्रा,माता चरण दुबे ,शिव कुमार सिंह, जंग बहादुर गिरी, नारायण दास, समेत आदि योग साधक उपस्थित रहे।

जिला पंचायत सदस्य ने 600 मीटर पक्की सड़क का किया उद्धघाटन

जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि क्षेत्र का विकास करना मेरी प्रथम प्राथमिकता हैं।

जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि हर घर नल योजना के तहत अपने जिला पंचायत क्षेत्र के घर- घर तक पीने को शुद्ध पानी मुहैया कराना मेरे एजेंडा में शामिल है।

संस्कृति लाइव संवाददाता,म्योरपुर,सोनभद्र। म्योरपुर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत कुंडाडीह में 600 मीटर पक्की सड़क का उद्धघाटन नव निर्वाचित म्योरपुर जिला पंचायत सदस्य सुषमा सिंह द्वारा रविवार को नारियल तोड़ कर किया गया।
जिला पंचायत सदस्य ने आम जनमानस को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैंने जनता से वादा किया था। जब मैं आप सब के बीच में जीत कर आऊंगी तो क्षेत्र का विकास करना मेरी प्रथम प्राथमिकता होगी। उसी प्राथमिकता के आधार पर आज 600 मीटर पक्की सड़क का उद्धघाटन किया गया है। जल्द ही रोड बन कर तैयार हो जायेगा।

उन्होने आगे कहा कि हर घर नल योजना के तहत अपने जिला पंचायत क्षेत्र के घर- घर तक पीने को शुद्ध पानी मुहैया कराना मेरे एजेंडा में शामिल है और जो भी पुराने पगडंडी सड़क है ग्रामीण मुझे उसका लिखित सड़क निर्माण के लिए ज्ञापन दे। उस पगडन्डी सड़क निर्माण कराया जायेगा तथा उसे को मेन रोड से जोड़ा जाएगा। इस दौरान ग्राम प्रधान सुरेन्द्र चन्द्रवंशी, विनेश भारती, राम लखन भारती, लहरू भाई, शहीद हुसैन, राजेश गोड़, समाज सेवी अनुरुद्ध रौनियार, सूरज चन्द्रवंशी, वीरेन्द्र अग्रहरि सहित आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

शिवसेना का ऐलान, UP की सभी सीटों पर लड़ेगी चुनाव, सरकार पर साधा निशाना

प्रदेश प्रमुख अनिल सिंह ने कहा कि शिवसेना प्रदेश की आवाज बनकर जनता के बीच जाएगी। प्रदेश की सभी सीटों पर शिवसेना के प्रत्याशी उतारे जाएंगे। सभी विधानसभाओं में संगठन को मजबूत करने के लिए कोआर्डिनेटर नियुक्त किए जा रहे हैं।

लखनऊ: शिवसेना ने ऐलान किया है कि वह उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जिसकी जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। शिवसेना प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को लखनऊ में हुई। जिसमें प्रदेश और जिला पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

इस बैठक में आगामी चुनाव को लेकर चिंतन किया गया। प्रदेश प्रमुख अनिल सिंह ने इस दौरान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासन में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है और बहन बेटियां सुरक्षित नहीं है। प्रदेश मे चिकित्सा व्यवस्था का बुरा हाल है।

उन्होंने कहा कि शिवसेना प्रदेश की आवाज बनकर जनता के बीच जाएगी। प्रदेश की सभी सीटों पर शिवसेना के प्रत्याशी उतारे जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी विधानसभाओं में संगठन को मजबूत करने के लिए कोआर्डिनेटर नियुक्त किए जा रहे हैं।जल्द ही प्रदेश प्रतिनिधि मंडल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलकर चुनाव व संगठन की रिपोर्ट सौंपेगा।

महाराष्ट्र मॉडल की तर्ज पर यूपी में भी बनाए जा सकते हैं कार्यकारी अध्यक्ष, जानें कांग्रेस का मास्टरप्लान

बीते शनिवार राजधानी लखनऊ में प्रियंका ने पार्टी के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की है।

• अब उम्मीदवारों से टिकट के लिए आवेदन मांगे गए हैं आवेदन के लिए 11 सितंबर से 25 सितंबर तक की तारीख रखी गई है।

लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव 2022 आने से पहले सभी दल जीत की तैयारियों में लग गए हैं। ऐसे में कांग्रेस भी अब एक बड़ा दांव खेलने जा रही है। जानकारी मिल रही है कि प्रियंका गांधी 30 सालों के बाद संगठन का पुनर्गठन कर सकती हैं। इसके लिए गांधी परिवार महाराष्ट्र के मॉडल पर काम करने वाला है। दरअसल, कुछ महीने पहले महराष्ट्र में कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उसी के साथ, 6 कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए गए थे। अब माना जा रहा है कि यूपी में भी इसी तर्ज पर काम होगा।

100 सीटों पर फोकस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बताया जा रहा है कि कांग्रेस के कुछ लोग प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू से नाराज चल रहे हैं. ऐसे में चुनाव से चंद महीने पहले प्रियंका गांधी नहीं चाहतीं कि पार्टी में गुटबाजी हो. अब माना जा रहा है कि पार्टी के असंतुष्ट नेताओं और जातीय समीकरण को साधने जा रही है. वहीं, यह भी बताया जा रहा है कि यूपी की 403 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस पूरा जोर नहीं देगी, बल्कि सिर्फ 100 सीटों पर जीतने की तैयारी करेगी, ताकि वह बाकी पार्टियों के साथ गठबंधन की जरूरत बन सके.

कांग्रेस कम से कम 80 सीटें की कोशिश में
याद हो, साल 2017 के चुनाव में कांग्रेस के पास 7 सीटें ही थीं। लेकिन इस बार कांग्रेस ज्यादा सीटें लाने के लिए पूरी ताकत लगाने वाली है। चुनाव में इस बार प्रियंका गांधी बड़ा चेहरा हैं। मीडिया द्वारा दी जा रही जानकारी के अनुसार, प्रियंका गांधी का यूपी प्लान एक और बड़ी चीज लेकर आ सकता है। माना जा रहा है कि इस बार कांग्रेस सिर्फ 100 जीतने वाले उम्मीदवार तलाश कर रही है। क्योंकि अगर 100 में से 80 सीट भी जीत जाती है, तो उसके बिना सरकार बनना मुश्किल हो जायेगा।

25 सितंबर तक करना होगा आवेदन
गौरतलब है कि बीते शनिवार राजधानी लखनऊ में प्रियंका ने पार्टी के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की है। अब उम्मीदवारों से टिकट के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन के लिए 11 सितंबर से 25 सितंबर तक की तारीख रखी गई है।

गुजरात में नया मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया शुरू,आज शाम अहमदाबाद जाएंगे अमित शाह

• बीजेपी ने रविवार को बुलाई विधायक दल की बैठक।

• गुजरात सीo एमo विजय रुपाणी ने शनिवार को दिया इस्तीफा।

गुजरात,गांधीनगर : गुजरात के सीएम विजय रुपाणी के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद राज्य में हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देर शाम अहमदाबाद पहुंचने वाले हैं। माना जा रहा है कि रविवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक हो सकती है।

विजय रुपाणी ने शनिवार को दिया इस्तीफा-
बताते चलें कि गुजरात के सीएम विजय रुपाणी शनिवार को राज्यपाल भवन पहुंचे और गवर्नर को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे के बाद उन्होंने प्रेस वार्ता करके सारी बातें स्पष्ट की। रुपाणी ने कहा कि संगठन और विचारधारा आधारित दल होने के नाते बीजेपी में समय के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के दायित्व बदलते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि अब पार्टी उन्हें जो भी दायित्व देगी, उसका वे पूरी ऊर्जा के साथ निर्वहन करेंगे। विजय रुपाणी ने कहा, ‘हमारी सरकार ने पारदर्शिता, विकासशीलता और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया है. कोरोना के समय में हमारी सरकार ने जनता की यथासंभव मदद करने का प्रयास किया है।

बीजेपी ने रविवार को बुलाई विधायक दल की बैठक-
उनके इस्तीफे के बाद बीजेपी ने रविवार को पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में नए सीएम के नाम का ऐलान हो सकता है. चर्चाओं के मुताबिक इस रेस में डिप्टी सीएम नितिन पटेल, पुरुषोत्तम रुपाला, सी आर पटेल और मनसुख मांडविया के नाम आगे चल रहे हैं। इसके अलावा कोई नया नाम भी अचानक सामने आ सकता है।

विपक्षी विधायक जिग्नेश मेवाणी ने ली चुटकी-
बीजेपी में अचानक हुई इस हलचल पर विपक्षी विधायक जिग्नेश मेवाणी ने चुटकी ली है।मेवाणी ने ट्वीट करके कहा, ‘गुजरात के सीएम विजय रुपाणी राज्य में कोरोना महामारी को कंट्रोल करने में फेल रहे थे। इसलिए प्रदेश की जनता को अब उनके इस्तीफे की सराहना करनी चाहिए। उनका इस्तीपा अगले साल राज्य में होने जा रहे चुनावों के गुणा-भाग को ध्यान में रखकर लिया गया है।

गाड़ी के नंबर की तरह अब आप पसंदीदा आधार नंबर भी चुन सकेंगे? UIDAI ने दी जानकारी

नई दिल्ली: आधार कार्ड आज के समय में भारत में एक अनिवार्य दस्तावेज है। इसके बिना आप कोई भी सरकारी या गैरसरकारी काम या फिर बैंक से जुड़ा कोई काम नहीं कर सकते हैं। इसलिए आपका आधार से जुड़े हर नियम पर अपडेट होना जरूरी है। यूआईडीएआई समय समय पर आधार कार्ड से जुड़ी हर जानकारी आप तक पहुंचता है जिससे आपको किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इसी बीच अब एक नया मामला सामने आया है कि क्या गाड़ी के नंबर की तरह आधार कार्ड का नंबर भी हम अपनी मर्जी से ले सकते हैं? आइए जानते हैं यूआईडीएआई ने क्या जानकारी दी है।

दिल्ली उच्च न्यायालय में लगाई गई अर्जी
दरअसल, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने एक व्यापारी को नया आधार संख्या जारी करने की मांग संबंधी अर्जी का दिल्ली उच्च न्यायालय में विरोध किया है और कहा कि ऐसा अनुरोध लोगों द्वारा अपनी पसंद की वाहन पंजीकरण संख्या मांगने के जैसा होगा।
नियम बदले गए तो क्या होगा?
प्राधिकरण की ओर से पेश वकील जुहैब हसन ने न्यायमूर्ति रेखा पल्ली के समक्ष कहा, ‘यह किसी कार के लिए फैंसी नंबर प्लेट के डिमांड जैसा होगा। दरअसल, न्यायमूर्ति पल्ली एक अर्जी पर सुनवाई कर रही हैं जिसमें आरोप लगाया गया है कि आधार क्रमांक समेत याचिकाकर्ता के निजी विवरण के साथ समझौता किया गया है। यानी उन्हें उनकी मर्जी का आधार नंबर इशू किया जा रहा है।

हसन ने कहा कि वर्तमान ढांचा आधार कार्ड धारकों को ‘सुरक्षा के कई स्तर’ प्रदान करता है और यदि इस अर्जी को स्वीकार कर लिया गया तो बड़ी संख्या में ऐसे लोग सामने आयेंगे जो अपना आधार क्रमांक बदलवाने की मांग करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि याचिकाकर्ता अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल एड्रेस जुड़वाएं ताकि उसके आधार क्रमांक का गलत जगह उपयोग नहीं हो सके। आपको बता दें कि इस मामले की अगली सुनवाई जनवरी में होगी।

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