अजीत सिंह
ओबरा, सोनभद्र। रविवार को अमृत महोत्सव समिति ओबरा द्वारा नगर में तिरंगा ध्वज के साथ सैकड़ों राष्ट्र प्रेमियों द्वारा एक भव्य तिरंगा यात्रा दोपहिया वाहन से निकाला गया। यात्रा आकाशवाणी मैदान से प्रारंभ हुआ और आर्य समाज, सुभाष तिराहा, शारदा मंदिर, बिल्ली गांव ,क्लब नंबर 4 स्टेडियम मार्ग, क्लब नंबर-1 से होते हुए गांधी मैदान कार्यक्रम के अतिथियों द्वारा भारत माता की आरती के साथ संपन्न हुआ। तिरंगा यात्रा के दौरान भारत माता की जय व वंदे मातरम के गगन भेदी जय उद्घोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति मय हो गया। वही नगर में यात्रा के दौरान नगर वासियो व व्यवसायियो द्वारा जगह जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया।

वही काशी से आए हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भोलेंद्र ने स्वाधीनता के महत्व, स्वाधीनता के संघर्ष ,आजाद हिंद फौज और देश के लिए बलिदान हुए वीर सपूतों के ऊपर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया की स्वाधीनता के संघर्ष में बहुत से लोगों के बलिदान को भुला दिया गया जिन्हें हमें आज याद करने की जरूरत है। देश को स्वतंत्रता एक समझौते के तहत प्राप्त हुई जिसमें ब्रिटिश हुकूमत ने अपने सारे हित सुरक्षित रखें और ऐसे नियम भारत संविधान में जोड़ कर गए कि अंग्रेजों का साथ देने वाले कभी कटघरे में खड़े नहीं किए जा सके।

काकोरी कांड का उन्होंने जिक्र किया । गांधीजी के असहयोग आंदोलन और अचानक उसे स्थगित करने का जिक्र किया और बताया कि देश की स्वधीनता में सिर्फ गांधीजी और भारत छोड़ो आंदोलन के सेनानियों से ही नहीं बल्कि हर अंचल से असंख्य लोगों का हमारी स्वाधीनता के संघर्ष में बहुमूल्य योगदान रहा जिनका नाम समय की रेत में दब गया। आज हमें उन्हें याद करने की जरूरत है।

कार्यक्रम में संजय बैसवार, सत्येंद्र पांडे,निखिल तिवारी एडवोकेट ,कपूरचंद एडवोकेट ,दीपेश दीक्षित, प्रमोद त्रिपाठी,आशीष जी, रामबाबू जी, सुशील मिश्रा,शशिकांत श्रीवास्तव, ओम प्रकाश यादव, पंकज राय, अनिरुद्ध उपाध्याय, राजेश वर्मा, संजीत चौबे ,संजय बैसवार ,दारा शिकोह, सतीश पांडेय ,धुरन्धर शर्मा, गीतांजली चौबे, सुनीता पांडेय, अज़ीम खान,मनोज ,राजेश, सिंह ,पंकज और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।




