पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

  • सोनभद्र के 5 साहित्यकारों की पुस्तके हुई विमोचित
  • शेख जैनुलाब्दीन को जैनुल आब्दीन को दिया गया मुनीर बख्श आलम सम्मान।
  • कवि गोष्ठी में वही काव्य रसधार।

हर्षवर्धन केसरवानी

सोनभद्र। रविवार को असुविधा हिन्दी साहित्यिक पत्रिका परिवार के तत्वावधान में नगर पालिका परिषद के सभागार में पांच पुस्तकों का लोकार्पण सम्पन्न हुआ ।
मंचासीन अतिथियों को असुविधा परिवार के सदस्य एवं विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी ने माल्यार्पण कर अंग वस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में प्रख्यात शायर मरहूम मुनीर बख्स आलम की कृति “हम रहें न रहें” का लोकार्पण तथा प्रथम आलम स्मृति सम्मान गाजीपुर से आये वरिष्ठ साहित्यकार शेख जैनुल आब्दीन को ग्यारह हजार रुपया, स्मृतिचिन्ह ,अंग वस्त्रम व दर्जनों साहित्यिक कृतियां प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार, शिक्षाविद डा० अर्जुनदास केशरी, संचालन असुविधा के सम्पादक वरिष्ठ कथाकार व साहित्यकार रामनाथ शिवेन्द्र ने किया।

संगोष्ठी में असुविधा के सम्पादक व कथाकार रामनाथ शिवेन्द्र की कृति धरती कथा व आदिवाशी पक्ष और समय तथा साहित्यकर अमरनाथ अजेय की पुस्तक “लोक का आलोक” एवं शहीद प्रबन्धन ट्रस्ट करारी द्वारा प्रकाशित डा० वीरेन्द्र प्रकाश सिंगला की कृति “प्रेरणा” का लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम में रामनाथ शिवेंद्र की विमोचित कृतियों की समीक्षा वाचन विंध्य संस्कृति समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी द्वारा
किया गया।

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कार्यक्रम विशिष्ट अतिथि डा० वी सिंह, ओम प्रकाश त्रिपाठी, समाजसेवी इन्द्रदेव सिंह, महेशानंद भाई, नरेन्द्र नीरव, व्योमकेश शुक्ला, ओम प्रकाश पाठक ने विचार व्यक्त किया।
द्वितीय सत्र में शायर अशोक तिवारी के संचालन में कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें कवियों का माल्यार्पण एवं अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
काव्य गोष्ठी में रामनाथ शिवेन्द्र, पारसनाथ मिश्र, नरेन्द्र नीरव, जगदीश पंथी, ईश्वर विरागी, राकेश शरण मिश्र, दीपक कुमार केसरवानी, प्रदुम्न त्रिपाठी, विकास वर्मा, प्रभात सिंह चन्देल, दिलीप सिंह दीपक, अरुण तिवारी, दिवाकर द्विवेदी मेघ, सरोज सिंह, कमल नयन तिवारी, आनन्द पाण्डेय, दयाराम दयालु, धर्मेश चौहान, कवियित्री कौशिल्या देवी ने एक से बढ़कर एक बेहतरीन रचनाओं को सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया गया।
इस अवसर पर डा० कुसुमाकर श्रीवास्तव,आशुतोष कुमार, सुरेश तिवारी, इमरान बख्सी, आलोक सिंह, राम विलास सहित सैकड़ों साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

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वाराणसी : भजन संध्या के आठवें दिन लक्खा और अग्निहोत्री बंधुओं ने जमाया रंग

वाराणसी। रविवार को राजेन्द्र प्रसाद घाट पर श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के अंतर्गत संस्कृति विभाग, उ0प्र0 द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं धर्मार्थ कार्य विभाग, उ0प्र0 के सहयोग से आयोजित भजन संध्या के अठावें दिन पर प्रथम प्रस्तुति अग्निहोत्री बंधु लखनऊ के गायन से आरम्भ हुई। राकेश – देवेश अग्निहोत्री ने गायन का आरम्भ किया गणपति गणेश की आराधना करें , जग के कल्याण की कामना करें। उसके बाद अब तो पलक उठाओ भगवन बेड़ा पार लगाओ भगवन।और भी भजन सुनाते हुए समापन नमामि शमीशं से किया। इनके साथ तबले पर प्रतीक सम्मदर , कीबोर्ड पर विजय सैनी , ढोलक पर प्रखर सिंह, साइड रिदम पर कृष्णमोहन रहे।

दूसरी प्रस्तुति “प्रिय बंधु” पंडित माता प्रसाद मिश्र और पंडित रवि शंकर मिश्र की युगल कथक नृत्य की थी। डिमिग डिमिग डमरू कर बाजे प्रेम मगन नाचे भोला के बाद घोड़े की चाल, रेलगाड़ी की चाल दिखाया। इनके साथ तबला उदय शंकर मिश्र, सारंगी अनीश मिश्र, पखावज चंदन मिश्र , गायन और हारमोनियम पर संतोष मिश्र ने साथ दिया।

तीसरी प्रस्तुति लखबीर सिंह लक्खा की थी। अपने सुप्रसिद्ध भजनों की झड़ी लगा दी।
आरम्भ किया जो भी आया तेरे द्वारे से बाबा विश्वनाथ की नमन किया। उंसके बाद जय शम्भू जय जय शम्भू सुनाया। दर्शकों की मांग पर प्यारा सजा है द्वार भवानी के साथ श्री राम जानकी बैठे है मेरे सीने में। अपना प्रचलित भजन अरे द्वारपालों कन्हइया से कह दो सुनकर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ० लवकुश द्विवेदी, निदेशक अयोध्या शोध संस्थान एवं डॉ सुभाष चंद्र यादव प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा एवं कार्यक्रम में सहयोग अतुल सिंह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन अंकिता खत्री ने किया।

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वाराणसी : दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ शुभारंभ

  • काशी एवं भगवान विश्वनाथ विषय पर विद्वानों ने किया चर्चा

वाराणसी। संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार), वैदिक विज्ञान केन्द्र (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय), संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन, वाराणसी के संयुक्त तत्त्वावधान में काशी कॉरिडोर उद्घाटन महोत्सव के महीने भर चलने वाले कार्यक्रम के अन्तर्गत “काशी एवं भगवान् विश्वनाथ” विषयक द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का रविवार को उद्घाटन सुबह 10.30 बजे मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश शासन के पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य एवं प्रोटोकाल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ० नीलकण्ठ तिवारी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर प्रो0 आलोक त्रिपाठी, अपर महानिदेशक (भारत सरकार) ने स्वागत करते हुए कहा कि काशी अद्भुत अद्वितीय और अकल्पनीय है। आपने इतिहास, पुरातत्त्व, चित्रकला, संगीत और लोक कला की चर्चा करते हुए अविनाशी, अविमुक्त, आनन्दकानन और महाश्मशान की विस्तृत व्याख्या की। कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन वैदिक विज्ञान केन्द्र के समन्वयक प्रो0 उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने किया। उन्होंने काशी को मोक्ष एवं ज्ञान की नगरी बताया तथा काशी की सांस्कृतिक सीमाओं का वर्णन करते हुए पंचक्रोशी, अन्तरगृही यात्राओं की विस्तृत व्याख्या की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नीलकण्ठ तिवारी, उत्तर प्रदेश शासन के पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य एवं प्रोटोकाल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने कहा कि इस समय सम्पूर्ण देश ही नहीं अपितु पूरा विश्व उत्साह मना रहा है। काशी इस समय नभ पर चन्द्र की तरह चमक उठी है। इस समय बाबा के दर्शन के लिए सभी उद्दत हैं। काशी सबसे पुरातन और प्राचीन है जहाँ सभी देव-देवी विराजमान हैं। यहाँ के हर कंकण में रुद्र का स्वरूप देखा जा सकता है। यही कारण है कि विदेशी आक्रान्त यहाँ कि सांस्कृतिक, आध्यात्मिक परम्परा को छिन्न-भिन्न करने का प्रयास किया, जिसका काशीवासियों ने प्रबल विरोध किया था साथ ही काशी के समन्वय और समभाव का विशद् वर्णन किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो० हृदय रंजन शर्मा, मानोन्नत आचार्य, वेद विभाग ने कहा कि हमारा ‘स्व’ भाव और प्राण शक्ति’ एक है हम सब ‘स्व’ भाव में प्रतिष्ठित हैं। उन्होंने सृष्टि के तीन स्तरों की चर्चा करते हुए कहा कि चराचर जगत् आधिदैविक सत्ता में विराजमान है, साथ ही काशी और वाराणसी के नामों की विशद् चर्चा किया और काशी को ज्ञान की पूर्णता प्रदान करने वाली नगरी बताया। आगे कहा कि वेदों की प्रारंभिक सत्ता प्राणात्मक है। कालान्तर में अक्षम होने पर लिपि आदि का विकास हुआ। “कृणवन्तो विश्वमार्यम” की अवधारणा ही हमारी विशेषता है।

कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि प्रो० कमलेश झा, संकाय प्रमुख, संस्कृतविद्या धर्मविज्ञान संकाय ने कहा कि सारी सृष्टि को तीन भागां में बाँटकर देखा जाता है। साधक, सिद्ध, सुजान। मान्यतानुसार महाकुम्भ में सभी सन्त प्रयाग से काशी आकर अपने स्थान को लौटते है। शिव का दर्शन कर ही यात्रा पूर्ण होती है। प्रस्थानत्रयी के सारस्वत रूप भगवान विश्वनाथ काशी में पार्वती के साथ उपस्थित हैं। भवानी के बिना शिव पूज्य नहीं है क्योंकि वे शव रूप हो जाता है। शिव भाव लाने वाली अन्नपूर्णा यहा विराजमान है। वेदश्रुति और तंत्र श्रुति की बात कहीं और भगवान शिव के स्वपनादेश से काशी के निर्माण की चर्चा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो० विजय कुमार शुक्ल ने कहा कि काशी! काशी विश्वनाथ के बिना अधूरी है। आपने काशी के तीन खण्डों ओमकार खण्ड, केदार खण्ड तथा विश्वेश्वर खण्ड की विस्तृत व्याख्या की तथा सुश्रुत की चर्चा करते हुए काशी को तीन शक्तियां से पूर्ण बताया। सुश्रुत की चर्चा करते हुए सर्जरी की व्याख्या की तथा प्रथम सर्जरी का उदाहरण भगवान श्री गणेश को बताया। उद्घाटन सत्र का सफल संचालन प्रो० सुमन जैन, प्राचार्या, हिन्दी विभाग, महिला महाविद्यालय, का.हि.वि.वि. एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ० सुभाष चन्द्र यादव, क्षेत्रीय पुरातत्त्व अधिकारी, वाराणसी ने किया। तत्पश्चात् दो शैक्षणिक सत्रो का संचालन किया गया, जिसमें 18 विद्वानो ने काशी के विविध आयामों पर विस्तृत चर्चा की और काशी एवं भगवान् विश्वनाथ की ऐतिहासिकता को प्रतिष्ठापित किया।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र की अध्यक्षता प्रो० श्याम गंगाधर बापट, पूर्व अध्यक्ष, पुराणेतिहास विभाग, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी ने किया। इस सत्र में वक्ता डॉ0 प्रभाकर उपाध्याय ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में काशी, डॉ0 विनोद जायसवाल, काशी विश्वनाथ की ऐतिहासिकता, प्रो० माधव जनार्दन रटाटे, काशी एवं काशी विश्वनाथ का स्वरूप, प्रो० शीतला प्रसाद शुक्ल, शिव तत्त्व : काशी के परिप्रेक्ष्य में, प्रो0 संतोष कुमार शुक्ल, पुराणों में काशी, प्रो0 गिरिजा शंकर शास्त्री, काशी विश्वनाथ का अध्यात्मिक स्वरूप पर अपना व्याख्यान दिया। इस सत्र का संचालन डॉ० नारायण प्रसाद भट्टराई एवं धन्यवाद ज्ञापन शुभम तिवारी ने किया। कार्यक्रम का द्वितीय सत्र की अध्यक्षता प्रो० कौशलेन्द्र पाण्डेय, पूर्व अध्यक्ष, साहित्य विभाग, सं.वि.ध.वि. संकाय, का.हि.वि.वि. ने किया। इस सत्र में वक्ता डॉ० प्रभात कुमार मिश्र, काशी में साहित्य और साहित्य में काशी, डॉ0 दयाशंकर त्रिपाठी, काशी की सतत् जीवनचर्या एवं पर्यावरण, प्रो० उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी, काशी की वैदिक पाण्डित्य परम्परा, प्रो0 भगवतशरण शुक्ल, काशी विश्वनाथ एवं देव दिपावली, प्रो० सीताराम दूबे, शिव का आयुध प्रतीक एक सांस्कृतिक विमर्श, प्रो० मारूति नन्दन तिवारी, श्री काशी विश्वनाथ धाम का नूतन स्वरूप असम्भव से सम्भव पर अपना विशद् वक्तव्य दिया। इस सत्र का संचालन डॉ० मयंक प्रताप एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री कृष्ण मुरारी त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर प्रो0 विजय शंकर शुक्ल, क्षेत्रीय निदेशक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, वाराणसी, प्रो0 विभा त्रिपाठी, प्रो0 सुमन जैन, प्राचीन इतिहास विभाग, प्रो0 श्रवण कुमार शुक्ला, डॉ0 उत्तम कुमार द्विवेदी, डॉ0 अभीजित दीक्षित, विजय पाण्डेय, पवन कुमार मिश्र एवं कार्यक्रम में विभिन्न विद्वान्, प्रतिभागीगण एवं वैदिक विज्ञान केन्द्र के कर्मचारीगण उपस्थित रहें।

सोनभद्र मानव सेवा आश्रम ट्रस्ट के प्रधान कार्यालय पर नागरिकों को लगाये गए कोविड- 19 के टीके

गौतम विश्वकर्मा

सुकृत-सोनभद्र‌। जनपद सोनभद्र के करमा ब्लाक अंतर्गत ग्राम सभा सुकृत में स्थित “सोनभद्र मानव सेवा आश्रम ट्रस्ट” के केंद्रीय कार्यालय पर आज दिनांक 19 दिसम्बर 2021 को नागरिकों का टीकाकरण हुआ।
टीकाकरण का शुभारम्भ ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम विश्वकर्मा ने वैक्सीन की दूसरी खुराक (डोज) लगवा कर किया। श्री विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कोविड-19 के टीके की दोनों खुराक लगवाना बहुत जरूरी है तभी इस विश्व व्यापी कोरोना महामारी कोविड- 19 के संक्रमण से बचा जा सकता है। इसके बाद ट्रस्ट की सह संस्थापिका श्रीमती शांति देवी ने भी कोविड-19 की दूसरी खुराना लगवायीं।

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इस मौके पर ग्राम प्रधान सुकृत हीरावती देवी, स्वास्थ्य विभाग की टीम में एनम रेनू देवी, आशा रेखा देवी, ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम विश्वकर्मा, “सोनभद्र मानव सेवा आश्रम ट्रस्ट” की सह संस्थापिका श्रीमती शांति देवी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता, जिला सचिव सोनभद्र दिनेश कुमार, सदस्य पंकज कुमार, सदस्य सरवरे अख्तर, अनिल विश्वकर्मा, रमाशंकर पटेल (रिटायर्ड फ़ौजी), पूर्व प्रधान सुकृत इकबाल अहमद, अलीम शाह ( पूर्व बीडीसी), पंचायत मित्र कसमुद्दीन तथा ग्रामीण मौजूद रहे।

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वाराणसी: राजेंद्र प्रसाद घाट पर आयोजित भजन संध्या का सातवा दिन

वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के अंतर्गत संस्कृति मंत्रालय, जिला प्रशासन वाराणसी के सहयोग से उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित 10 दिवसीय भजन संध्या के सातवें दिन का कार्यक्रम श्रोता को मंत्रमुग्ध कर दिया।
संगीत एवं मंच कला संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की डॉ० विधि नागर एवं उनके शिष्यों ने कथक नृत्य से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

गंगाष्टकम् से नृत्य का आरम्भ कर, शिव पंचाक्षरी पर नृत्य प्रस्तुत कर प्रभु चरणों की वन्दना की। उसके बाद बनारस की कजरी “बरसन लागी बदरिया” एवं तराना के माध्यम से नृत्य कुशलता की छाप छोड़ी।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में प्रयागराज से आए भजन गायक मनोज गुप्ता ने राम जी मिले ना हनुमान के बिना, अच्युतम केशवम, शिव शंकर को जिसने पूजा जैसे भजन की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति हेतु मुम्बई से आए अतिथि कलाकार, विख्यात पार्श्व गायक पद्मश्री से सम्मानित सुरेश वाडकर ने मंच सम्भाला।
ओ रे राही तुझे जाना है काशी नगरिया, राम तेरी गंगा मैली हो गई, इतनी शक्ति हमें देना दाता, सुख के सब साथी दुख में ना कोई, ज्योत से ज्योत जलाते चलो, तू प्यार का सागर है मैं हूँ प्रेम रोगी मेरे वैद्य को बुलाओ, तुमसे मिलके ऐसा लगा तुमसे मिलके, लगी आज सावन की ऐसी झड़ी हैपायो जी मैंने राम रतन धन पायो जैसे गीत गाकर उन्होंने श्रोताओं को बीते दौर की ख़ूबसूरत सैर कराई। कार्यक्रम का संयोजन
डॉ० लवकुश द्विवेदी एवं डॉ० सुभाष चन्द्र यादव क्षेत्रीय सांस्कृतिक अधिकारी एवं संचालन सौरभ चक्रवर्ती ने किया। देर रात तक ठंडी हवा के बीच श्रोताओं की भीड़ ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।

निबंध प्रतियोगिता हुई संपंन्न

सुकृत, सोनभद्र। सोनभद्र मानव सेवा आश्रम ट्रस्ट” के द्वारा विद्यालयी बच्चों के बौद्धिक विकास के क्रम में आज दिनांक 18 दिसंबर 2021 को कर्मा ब्लाक अंतर्गत ग्राम सभा सुकृत में स्थित शिवा एकेडमी विद्यालय में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें कक्षा 5 से लेकर कक्षा 8 तक के बच्चों ने प्रतिभाग किया। निबंध प्रतियोगिता में गाय, वृक्ष हमारे जीवन साथी, जनसंख्या वृद्धि तथा प्रदूषण विषय पर बच्चों द्वारा निबंध लिखा गया।

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निबंध प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़- चढ़ कर हिस्सा लिया।
आपको बता दें कि इस निबंध प्रतियोगिता में कुल 24 बच्चों ने भाग लिया था जिसमें कक्षा 5 में राहुल कुमार प्रथम, अर्पित सिंह द्वितीय तथा साहिल तृतीय, कक्षा 6 में खुशी सिंह प्रथम, अवधेश कुमार बिन्द द्वितीय तथा दिब्या भारती ने तृतीय स्थान, कक्षा 7 में रविशंकर प्रथम, रुबीना द्वितीय तथा वंदना तृतीय स्थान, कक्षा 8 में शिवधन बिन्द प्रथम, शिवधनी चौहान द्वितीय तथा स्नेहा बानो ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र/ छात्राओं को ट्रस्ट की तरफ से प्रमाण- पत्र प्रदान किया गया।
इस मौके पर संस्था के सदस्य अनिल कुमार तथा विद्यालय शिवा एकेडमी के प्रधानाचार्य गौतम विश्वकर्मा, सहायक अध्यापक कुमार गुप्ता, दीपक कुमार, कृति पाठक तथा विद्यालय के छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।

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स्वच्छता अभियान के ब्रांड एंबेसडर ने किया विद्यालय का निरीक्षण।

उमेश केशरी

अहरौरा, मिर्जापुर। नगर पालिका इंटर कालेज में शौचालय की स्थिति दुरुस्त कराने के लिए चेयरमैन गुलाब मौर्या एवं सभासद कुमार आनंद के साथ पहुंचे। इस दौरान विद्यालय में एक नया शौचालय निर्माण कराने के लिए कर्मचारियों को निर्देशित किया। वही पुराने शौचालय की टंकी चोक लेने पर उसका तत्काल मरम्मत कराया गया। चेयरमैन गुलाब मौर्य ने बताया कि विद्यालय में आने वाले बच्चो को शौचालय की असुविधा नहीं हो, इसको प्राथमिकता के साथ कराने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान विद्यालय में एम डी एम की स्थिति का जायजा लिया। नगर में स्वच्छता अभियान को सुदृढ़ बनाने हेतु पालिका द्वारा बनाए गए ब्रांड एंबेसडर कुमार आनंद ने बताया कि विद्यालय में स्वच्छता बनाए रखने के लिए बच्चो को जागरूक किया गया।जिससे विद्यालय को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिल सके। विद्यालय परिसर की रंगाई पुताई के लिए भी आवश्यक दिशा निर्देश गया है।

चोरी के दो पहिया वाहन के साथ एक अभियुक्त गिरफ्तार

  • अभियुक्त के पास से तीन बाइक, तमंचा एवं कारतूस बरामद

उमेश केशरी

अहरौरा, मिर्जापुर। पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर के द्वारा अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण हेतु चलाए जा रहे अभियान का अनुपालन करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन एवं क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह ने मय फोर्स वाराणसी शक्तिनगर मार्ग स्थित लखनिया दरी मोड़ के पास 17 दिसंबर की रात्रि मैं सघन चेकिंग के दौरान वाराणसी की ओर से आ रहे बाइक सवार को रोका, पुलिस को देखते ही भागने का प्रयास किया, पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ने के बाद कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्त ने अपना नाम अजय कुमार गुप्ता उर्फ सोनू पुत्र स्वर्गीय दुर्गा प्रसाद निवासी शाहगंज सोनभद्र के रूप में बताया तथा जामा तलाशी के बाद उसके पास से एक तमंचा एवं एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ तथा उसके घर से दो अन्य चोरी की बाइक भी बरामद की गई। अहरौरा पुलिस ने बताया कि अभियुक्त अपराधी प्रवृत्ति का है जो कई बार जेल जा चुका है। अभियुक्त के खिलाफ थाने में मुकदमा अपराध संख्या 135 / 2021 धारा 3 / 25 के अंतर्गत जेल भेजा गया। गिरफ्तारी करने वालों में प्रमुख रूप से सब इंस्पेक्टर गिजेंद्र राय, हेड कांस्टेबल अनुप, सुशील, प्रदीप यादव ,गोपाल व सुमन देवी रही।

लॉर्ड बुद्ध इंस्टिट्यूट में कराया गया योगाभ्यास व छात्र छात्राओं को बताया गया ब्लड प्रेशर शुगर की जांच करना

रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के अंतर्गत शनिवार को पतंजलि योगपीठ सोनभद्र व युवा भारत के जिला महामंत्री व सोशल मीडिया प्रभारी योगी संकट मोचन द्वारा लॉर्ड बुद्धा इंस्टीट्यूट में महिलाओं और छात्र छात्राओं को विभिन्न प्रकार के रोगों से मुक्ति के लिए योगासन बताया गया। जिसमें मंडुक आसन शुगर के लिए, चक्रासन,हलासन,सूक्ष्म व्यायाम, शवआसन, ताड़ आसन, कोण आसन, त्रिकोण आसन इत्यादि योगासन करने के लिए संकल्प दिलाया गया।

वही साई अस्पताल से आई नर्सिंग एक्सपर्ट संध्या ने बच्चियों का ब्लड प्रेशर माप कर उन्हे खुद से ब्लड प्रेशर, शुगर, पल्स, ऑक्सीजन लेवल कितना रहना चाहिए और और कैसे चेक कर सकते हैं बताया।

इस अवसर हुए ब्यूटी देवी, अनीता देवी, बिंदु मौर्या, हसन बृजेश, सौरभ मोनी, कविता कुमारी, अंजनी, शुभम जायसवाल, संध्या, रिया जयसवाल, सुप्रिया जयसवाल, अंजलि, रंजू दुर्गा, भागीरथी, सविता, श्वेता, चंपा ज्योति, कविता निषाद, सुलेखा, प्रतिमा, चिंता, अंजली पांडे अर्चना, संजू, बबली, इंद्रावती, नीतू, पूनम, किरण, शबाना रुखसार‌ सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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भारत माता की आरती व वंदे मातरम गीत के साथ संपन्न हुआ अमृत महोत्सव कार्यक्रम

  • भारत माता की पूजन और आरती से आरंभ हुआ कार्यक्रम।
  • विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट ने किया अतिथियों को सम्मानित।
  • भारत माता की जय वंदे मातरम के नारों से गूंजा हाइडिल मैदान।

हर्षवर्धन केसरवानी

सोनभद्र। स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर जनपद सोनभद्र मे स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव समापन जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के हाईडिल मैदान में आयोजित भव्य, देशभक्ति से परिपूर्ण वातावरण में भारत माता के पूजन आरती के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, वक्ता प्रोफेसर ज्ञान प्रकाश मिश्र (पत्रकारिता विभाग बीएचयू) अध्यक्ष प्रख्यात समाजसेवी शिव शंकर गुप्त, अतिथि अंजली विक्रम सिंह, संजीव सर्राफ को विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी के स्वागत, सम्मान व समाजसेवी हर्षवर्धन केसरवानी के पौधा वितरण से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि-“भारत के भविष्य युवा हैं, अमर सेनानी वीर सावरकर, सरदार भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस आदि महान विभूतियां देश के युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं। आजादी हमें कितनी कठिनाई और संघर्षों के बाद मिली है, यह हमारा इतिहास बताता है, 1000 वर्ष के संघर्ष का इतिहास मुसलमानों, अंग्रेजों के अत्याचार, सांस्कृतिक विरासत को लूटने का इतिहास हम सभी जानते हैं।

आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले आदिवासियों गिरीवासियों,मजदूरों, दलितों, पिछड़ों सेनानियों के योगदान के इतिहास को हाशिए पर रख दिया गया। हमारी सभ्यता और संस्कृति विश्व में सबसे प्राचीन हैं, हम कभी किसी अत्याचारी के सामने रुके, नहीं झुके, हमारे देश का इतिहास सल्तनत काल, मुगल काल के आक्रमणकारियों के संघर्ष का इतिहास है।

हमारा इतिहास स्वालंबन, सुचिता, विश्व बंधुत्व का रहा है
आज इन महान देशभक्तों, क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, तपस्या, बलिदान को स्मरण करने का अवसर अमृत महोत्सव है जो सोनभद्र जनपद में 19 नवंबर (महारानी लक्ष्मी बाई की जयंती) से आरंभ हुआ और आज समाप्त रहा है ऐसे वीर सपूतों को हम नमन करते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी शिव शंकर गुप्ता ने कहा कि-“ आज हमें अपने सनातन धर्म पर गर्व है और देश में जहां एक ओर आर्थिक समृद्धि बढ़ रही है वहीं काशी कारिडोर, राम मंदिर, मथुरा कारिडोर, उत्तराखंड के चारो धाम आदि की स्थापना, जीर्णोद्धार, उद्घाटन हमें अपने देश की गौरवशाली संस्कृति से पूरा दिन विश्व परिचित हुआ।

कार्यक्रम का सफल संचालन अमृत महोत्सव आयोजन समिति के जिला संयोजक शिक्षक/ पत्रकार भोलानाथ मिश्र ने किया तथा आभार हर्ष अग्रवाल ने व्यक्त किया। आयोजित कार्यक्रम में शिवधारी शरण राय, नंदलाल, , बृजेश सिंह, आलोक, पंकज पांडेय, नीरज सिंह, महेश, योगेश, संतोष, सत्यारमण, प्रवेश, जितेंद्र, ज्ञानेंद्र शरण राय, ललित, अखिलेश, अमित, हरिओम, अभिषेक, मनीष, पुष्पा,अनिल सिंह, गुरुशंकर, रवि आदि उपस्थित रहे।

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