वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम लोकार्पण के उपलक्ष्य में आयोजित विविध कार्यक्रमों के अन्तर्गत शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर में 1051 शंखवादकों द्वारा शंखनाद किया गया है। इस कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के अतिरिक्त मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा के भी कलाकारों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ० नीलकण्ठ तिवारी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति, पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं प्रोटोकॉल, विद्यासागर राय, महानगर अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी, प्रो० सुरेश शर्मा, दनिदेशक, उ म क्षे सांस्कृतिक केंद्र, डॉ गौरी बासु, निदेशक, पूर्वी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। लगभग 35 मिनट तक शंखनाद का आयोजन किया गया। शंखवादक पुरुष, महिलाएं, बच्चे सभीे पारम्परिक वेशभूषा में थे।
अतिथियों का स्वागत गुलाब चन्द, अपर जिलाधिकारी (नगर), बच्चू सिंह अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकाल), गिरीश उपजिलाधिकारी सदर ने अंग वस्त्र व रुद्राक्ष की माला प्रदान कर किया। कार्यक्रम का संयोजन वह संचालन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, डॉ० सुभाष चन्द्र यादव ने किया। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु स्रोता वह दर्शक उपस्थित थे। कार्यक्रम के संयोजन में शील द्विवेदी, तापस बासु, पियूष तिवारी, अमित कुमार, प्रशान्त राय, के०डी०, अंगिका मिश्रा, श्रुति प्रकाश, अतुल कुमार सिंह, अभिषेक राय, जितेंद्र, शिवम यादव, योगेश, कुमार आनंद पाल, पंचबहादुर सहित आदि ने विशेष सहयोग प्रदान किया।
राबर्ट्सगंज, सोनभद्र। नगर के आटीएस क्लब मैदान में चल रहे श्री राम चरित मानस नवाह पाठ महायज्ञ के सातवे दिन श्री राम दरबार का भव्य श्रृंगार किया गया। इसके पश्चात मंचासीन आचार्यों एवं भक्तों गणों ने दिव्य आरती उतारा और यजमान अजय शुक्ला धर्मपत्नी माधुरी शुक्ला संघ मंच पर रुद्राभिषेक भी किया गया। तत्पश्चात परम पूज्य व्यास जी महाराज ने भूदेवो के साथ मानस पाठ प्रारंभ कराया। श्री सूर्य लाल मिस्र के आचार्यत्व में सुंदर काण्ड महिला मंडल ग्रूप सहित अन्य भक्तजनों ने मंच पर बैठकर सुंदरकांड का सास्वर पाठ किया।
सुंदरकांड का पाठ करती सुंदर काण्ड महिला मंडल ग्रूप की सदस्यगण
आज की कथा सुंदरकांड पर आधारित थी जिसमें हनुमानजी का लंका को प्रस्थान, सुरसा मान जी के बल बुद्धि की परीक्षा,छाया पकड़ने वाली राक्षसी का वर्णन, लेकिनी पर प्रहार, लंका में प्रवेश हनुमान विभीषण संवाद, हनुमान जी का अशोक वाटिका में सीता को देखकर दुखी होना और रावण का सीता कोभय दिखाना, सीता – हनुमान संवाद, हनुमान, जी द्वारा अशोक वाटिका विध्वंस अक्षय कुमार का वध और मेघनाथ हनुमान जी को नागपाश में बांध कर सभा में ले जाना, हनुमान रावण संवाद, लंका दहन आदि।
रात्रि प्रवचन में मानस मंच पर उपस्थित समिति के पदाधिकारी गण, सदस्य गण एवं अतिथि
महत्वपूर्ण दोहे पर प्रकाश डालते हुए कहा की- गोस्वामी तुलसीदास कृत श्रीरामचरितमानस में सुंदरकांड एक महत्वपूर्ण कांड हनुमान रावण संवाद, लंका दहन आदि महत्वपूर्ण दंगों पर प्रकाश डालते हुए कहा की- गोस्वामी तुलसीदास कृत श्री रामचरितमानस में सुंदरकांड एक महत्वपूर्ण कांड हैं जहां पर सभी राम भक्तों की आस्था और विश्वास की झलक उनके कृत्यो से मिलती है, जिसमें राम भक्त हनुमान का प्रमुख स्थान है। जामवंत के कहने पर हनुमानजी को उन्हें अपना बल याद आया और वे हृदय में श्री रघुनाथ जी को धारण कर हर्षित होकर लंका की ओर प्रस्थान किए। श्री हनुमान जी की बुद्धि बल की परीक्षा लेने के लिए देवताओं ने सुरसा नामक सर्पों की माता को भेजा सुरसा की परीक्षा में सफल रहे। और उसने आशीर्वाद देते हुए कहा राम काजु सबु करहु तुम्ह बल बुद्धि निधान। आशीष देई गई सो हरसी चले वह हनुमान।।
मानस मंच पर यजमान अजय शुक्ला पत्नी माधुरी शुक्ला संघ रुद्राभिषेक करते हुए
सुरसा के आशीर्वाद से हर्षित होकर हनुमानजी लंका की और प्रस्थान किये और लंका में अपनी वीरता का प्रदर्शन करते हुए वे माता का दर्शन कर उनसे उनका संदेश चूड्रामण लेकर समुद्र पार करके वापस आ गए। इसके पूर्व रात्रि प्रवचन में प्रसिद्ध कथा वाचक गोरखपुर से पधारे हेमंत तिवारी और जौनपुर से पधारे विद्यार्थी जी ने भरत जी द्वारा चरण पादुका लेकर राज्य का संचालन, जटायु उद्धार की कथा बड़े ही मार्मिक ढंग से सुनाया।
श्री रामचरितमानस नवाह पाठ महायज्ञ समिति के कार्यकारिणी सदस्य गण
इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय सह मंत्री अमरीश सिंह, रामचरित मानस नवाह पाठ महायज्ञ समिति के महामंत्री सुशील पाठक, डॉक्टर कुसमाकर श्रीवास्तव, इन्द्र देव सिंह, रतन लाल गर्ग, अयोध्या दुबे, मिठाई लाल सोनी, राकेश त्रिपाठी, सत्य प्रताप सिंह, दीपक कुमार केसरवानी, बलदेव सिंह विमलेश पटेल, रविन्द्र पाठक, मन्नु पाण्डेय, चंदन चौबे, शुभम शुक्ला, ऋषभ सिंह, मोहित केडिया, हर्षवर्धन केसरवानी, तनु पांडे, सत्यम शुक्ला सहित आदि लोग उपस्थित रहे। नवाह पाठ महायज्ञ का सफल संचालन आचार्य संतोष कुमार द्विवेदी ने किया।
मानस मंच पर प्रभु श्री राम दरबार की मंगला आरती के पश्चात उपस्थित समिति के संरक्षक गण, पदाधिकारी गण, सदस्य गण एवं अतिथिगणAdvertisement (विज्ञापन)Advertisement (विज्ञापन)
रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। नगर के आटीएस प्रांगण में आयोजित श्री रामचरितमानस नवाह पाठ महायज्ञ के छठे दिन महायज्ञ के व्यास श्री सूर्य लाल मिश्र द्वारा भगवती सीता की खोज का वर्णन करते हुए कहा कि-“छल और कपट से भगवती सीता का अपरहण लंकेश द्वारा कर लिया गया। पंचवटी के जंगल में भगवान श्री राम माता जानकी को खोजते हुए विलाप कर रहे हैं- हे खग मृग से मधुकर श्रेनी। तुम देखी सीता मृगनैनी।। खंजन सूक कपोत मृगमीना मधुप निकल कोकिला प्रवीणा।।
सीता जी को खोजते- खोजते मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम- अनुज लक्ष्मण रावण के प्रहार से घायल गिद्धराज जटायु के पास पहुंचे जटायु ने भगवान श्रीराम को बताया कि- तब कह गीध बचन धरी धीरा। सुनहु राम भजन भव भीरा। नाथ दशानन यह गति किन्हीं। तेहि खल जनक सुता हरि लीन्हीं।। भगवान श्रीराम को यह सूचना देकर जटायु परलोक सिधारजाता है और उसे सद्गति प्रदान कर भगवान श्री राम शबरी के आश्रम में पहुंचते हैं जहां पर सबरी उनका स्वागत- सत्कार करते हुए उन्हें जंगली फल- फूल भोजन के रूप में पर परोसती हैं। श्री राम को निर्जन वन में विलाप करते देख महर्षि नारद को बहुत ही पश्चाताप होता है, क्योंकि उनके शाप के कारण भगवान श्रीराम को यह दिन देखना पड़ा। इसी के साथ छठे दिन के श्री रामचरितमानस का पाठ संपन्न हुआ
वही मानस मंच पर रात्रि प्रवचन में गोरखपुर से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक हेमंत तिवारी एवं जौनपुर से पधारे विद्यार्थी जी ने जटायु उद्धार, सबरी उद्धार आदि कथा प्रसंगों को बड़े ही सुंदर ढंग से सुनाया। इस अवसर पर मानस पांडाल में भारी संख्या में भक्तों ने कथा का श्रवण किया और आनंद उठाया।
इस अवसर पर समिति के महामंत्री शुशील पाठक, यजमान अजय शुक्ला, संरक्षक इंद्रदेव सिंह, अयोध्या दुबे, मिठाई लाल सोनी, राकेश त्रिपाठी, मन्नु पाण्डेय, सुधाकर दुबे, महेश दुबे, शलफ खंडेवाल, चंदन चौबे, ऋषभ सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। वही सुन्दर कांड महिला मंडल की राधा थरड, शीला जैन, सुमन गुप्ता, विमला अग्रवाल, सुचिता खेतान, रोशनी अग्रवाल, निर्मला सिंघल, अन्नू केडिया सहित अन्य सदस्यों द्वारा भोग का प्रसाद चढ़ाया गया।
सोनभद्र। जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के ग्राम मड़रा के रहने वाले गणेश उर्फ संजय पुत्र शिव कुमार उर्फ छांगुर गुप्ता उम्र 15 वर्ष जो 1 वर्ष पूर्व अपने घर से लापता हो गया जिस के संबंध में गणेश के पिता द्वारा बाल कल्याण समिति सोनभद्र के यहां सूचना दिया गया था। सूचना के आधार बाल कल्याण समिति द्वारा जिला बाल संरक्षण इकाई सोनभद्र को बच्चे के संबंध में जानकारी के लिए निर्देशित किया गया बाल कल्याण समिति व जिला बाल संरक्षण इकाई सोनभद्र के अथक प्रयास से बाल कल्याण समिति छपरा द्वारा जानकारी प्राप्त हुआ कि उक्त बालक वहां पर आवासीत है बाल कल्याण समिति छपरा द्वारा 27 दिसंबर 2021 को बाल कल्याण समिति के समक्ष उक्त बालक को प्रस्तुत कराया गया। बाल कल्याण समिति सोनभद्र द्वारा बालक गणेश उर्फ संजय को बुधवार को उसके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया गया। उपरोक्त के संबंध में जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुनीत टंडन द्वारा जिला बाल संरक्षण इकाई को निर्देशित किया गया कि बालक के फॉलोअप के साथ-साथ सरकार द्वारा चलाई जा रही है विभिन्न योजनाओं से भी अच्छादित कराना सुनिश्चित करें व ग्राम बाल संरक्षण समिति से समन्वय स्थापित करते हुए ऐसे बच्चों का चिन्हाकन करें जिनका उम्र 18 वर्ष से कम हो व घर से लापता हो उनका आंकड़ा एकत्रित कर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिससे उन लापता बच्चों के बारे में जानकारी प्राप्त कर पारिवारिक पुनर्वासन कराया जा सके।
रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज नगर के आटीएस क्लब में चल रहे श्री रामचरितमानस नवाह पाठ महायज्ञ के पांचवे दिन मुख्य व्यास आचार्य श्री सूर्य लाल मिश्र द्वारा सीता हरण के प्रसंग का संगीतमय वाचन किया गया। सुपनखा रावण कै बहिनी। दुष्ट ह्रदय दारून जस अहिनी।। पंचवटी सो गई सारा। देखी विकल भाई जुगल कुमारा।।
सुपनखा नामक रावण की एक बहन थी जो नागिन के समान भयानक और दुष्ट हृदय की थी वह एक बार पंचवटी में गई और दोनों राजकुमार को देखकर विकल (काम पीड़ित) हो गई। अवसर देखकर मर्यादा पुरुषोत्तम राम के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा, लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने इस प्रस्ताव पर अपनी असहमति जताई और उसे छोटे भाई लक्ष्मण के पास भेज दिया। सुपनखा के बार-बार प्रणय निवेदन से लक्ष्मण क्रोध में आकर सुपनखा का नाक काट देते हैं।
सुपनखा जब अपने भाई रावण को नाक काटने की सूचना देती है तो रावण क्रोध में आकर अपने समान बलवान खर- दूषण को भेजता है और इस युद्ध में खर दूषण मारे आते हैं। तत्पश्चात वह अपने मायावी मामा मारीच को भेजता है और मरीच सोने के हिरण का रूप बनाकर पंचवटी के आसपास विचरण करता है भगवती सीता भगवान श्रीराम को हिरण का चर्म लाने का निवेदन करती हैं।
भगवान श्री राम मायाबी हिरण के पीछे भागते हैं। और तीर चलाते हैं अंत समय में मायावी मारीच राम- राम का नाम लेकर सीता और लक्ष्मण के ह्रदय में संदेह उत्पन्न करता है। भगवती सीता भगवान श्री राम के प्राण रक्षा के लिए कहती हैं मर्म वचन जब सीता बोला। हरि प्रेरित लक्ष्मण मन डोला।। बंन दिसी देव सौपिही सब काहू। चले जहां रावण सशि राहु ।।
अनुज लक्ष्मण सीता माता के कटु वचन सुनकर श्री राम के आदेशों का उल्लंघन कर जंगल में उन्हे ढूढने जाते है और दूसरी ओर दशानन रावण साधु वेश पर भिक्षा मांगने के बहाने आता है और तमाम प्रकार के लोभावन बातें करके सीता जी को लक्ष्मण रेखा से बाहर निकलने के लिए प्रेरित करता है जब सीता जी फल लेकर लक्ष्मण रेखा के बाहर जाती हैं तो रावण उन्हें जबरदस्ती पुष्पक विमान में बैठाकर लंका की ओर चल देता है। इसी के साथ पांचवे दिवस का प्रसंग संपन्न हुआ।
इस अवसर पर समिति के महामंत्री शुशील पाठक, यजमान अजय शुक्ला, रतन लाल गर्ग, डॉo जे० एस० चतुर्वेदी, ओम प्रकाश त्रिपाठी, मिठाई लाल सोनी, ठाकुर अग्रहरी, शिशू त्रिपाठी, अजीत सिंह भण्डारी, विकास मितल, नरेंद्र गर्ग, महेश दुबे, विमलेश सिंह, शुशील पाठक (लोढ़ी), विमलेश सिंह पटेल, रविन्द्र पाठक, मन्नु पाण्डेय, शुभम शुक्ला, चंदन चौबे, सुधाकर दुबे, हर्षवर्धन केसरवानी, ऋषभ सिंह, मनीष केडिया, तनु पाण्डेय, सत्यम शुक्ला, सहित आदि लोग उपस्थित रहे। नवाह पाठ महायज्ञ का संचालन संतोष कुमार द्विवेदी ने किया।
घोरावल,सोनभद्र। तहसील अधिवक्ता समिति घोरावल के वर्ष 2021-2022 के चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। मंगलवार को अध्यक्ष, पद के लिए मतदान कराया जाएगा। तथा उसी दिन मतगणना होगी और विजयी पदाधिकारी की घोषणा की जाएगी। एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन आदिनाथ मिश्र व हरि प्रकाश वर्मा व राम किंकर पाठक व मदन गोपाल सिंह की निगरानी में मुख्य निर्वाचन अधिकारी राम अनुज धर द्विवेदी संतोष कुमार पाठक,जय सिंह एडवोकेट व राजेश कुमार सिंह के मौजूदगी में चुनाव कराया जायेगा। अध्यक्ष, पद पर चुनाव होना है। अध्यक्ष पद के 3 प्रत्याशियों के बीच त्रिकोणीय लड़ाई होना है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने चुनाव में शान्ति ब्यवस्था कायम किये जाने हेतु अपील किया है।
रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। नगर के आरटीएस क्लब में चल रहे श्रीरामचरितमानस नवाह पाठ के चतुर्थ दिवस कार्यक्रम के संयोजक शिशु तिवारी (राकेश त्रिपाठी) ने राम दरबार का भव्य श्रृंगार किया और भगवान के वनवास झांकी का दर्शन भक्तजनों ने किया।रामचरितमानस के दोहा और चौपाई का गायन करते हुए मुख्य आचार्य सूर्यलाल मिश्र ने कहा कि भगवान श्रीराम का वनवास ना होता तो विश्व का कल्याण ना होता। ऋषि-मुनियों और ब्राह्मणों को सताने वाले राक्षसों का नाश ना होता। इसका माध्यम बनी उनकी माता केकई और कैकई को वनवास का सुझाव देने वाली मंथरा थी।
इस मार्मिक दृश्य को सुनकर, देखकर भक्तजनों की आंखे भर आई तथा जो केकई और मंथरा ने भगवान श्री राम के 14 वर्ष के वनवास के लिए दोषी थी, उन्हें कटु शब्दो से संबोधित करने लगे। यह कथा लोक में प्रचलित है और हजारों वर्ष बीत जाने के बाद भी आज भी कोई अपने पुत्री का नाम कैकेई और मंथरा नही रखता है। जबकि प्रभु श्री राम के ह्रदय में माता कैकेई और दासी मंथरा के प्रति अगाध प्रेम था। जिसे तुलसी दास जी ने अपने ग्रंथ श्री रामचरितमानस में उद्धित किया है।
वहीं मानस के मंच पर रात्रि प्रवचन में प्रसिद्ध कथा वाचक हेमंत त्रिपाठी और विद्यार्थी जी द्वारा राम वनवास के कथा का सुंदर वर्णन किया गया। इस अवसर पर महामंत्री सुशील पाठक, यजमान अजय शुक्ला, इंद्र देव सिंह, पप्पु पांडेय, संगम गुप्ता, घनश्याम सिंघल, अशोक गुप्ता, परमेश जैन, कृपा शक्कर जयसवाल, अरविन्द तिवारी, अजीत सिंह भण्डारी, मन्नु पाण्डेय, रविंद्र पाठक, ऋषिकेश चौबे, शुभम शुक्ला, मिडिया प्रभारी हर्षवर्धन केसरवानी, महेश दुबे, सुधाकर दुबे सहित आदि लोग रहे। संचालन संतोष कुमार द्विवेदी ने किया। इस दौरान मानस पाठ में उपस्थित भक्तजनों को महामंत्री सुशील पाठक के नेतृत्व में कोविड 19 के मद्देनजर देखते हुए मास्क का वितरण किया गया।
आचार्य सूर्य लाल मिश्र,भूदेव सहित स्त्रियों ने गाये बधाई एवं विवाह गीत।
विवाह अवसर पर प्रसाद स्वरूप वितरित किया गया श्रृंगार सामग्री।
श्रीराम विवाह की दिखाई गई आकर्षक झांकी।
हर्षवर्धन केसरवानी
सोनभद्र। जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के स्थानीय आरटीएस क्लब मैदान में चल रहे रामचरितमानस नवाह पाठ के तृतीय दिवस के अवसर पर मानस पांडाल में श्री राम जानकी का विवाह उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लेत चढ़ावत खैचत गाढै। काहू न लखा देख सब ठाढे।। तेहि छन राम मध्य धनु तोरा। भरे भुवन धुनि घोर कठोरा।। इसी दोहे के साथ शिव का धनुष भंग हुआ और लोगों में उत्सव मनाया जाने लगा देवी- देवता दर्शन के लिए आने लगे और माता जानकी- भगवान श्रीराम ने एक दूसरे के गले में वरमाला डाला, विवाह संस्कार पूर्ण हुआ हुआ। झांझ, मृदंग शंख शहनाई। मेरी री ढोल दूदूभी सुहाई।। बाजहि बहू बाजने सुहाये। जह तह जुबतिनह मंगल गाये।।
आचार्य सूर्य लाल मिश्र के मुखारविंद उद्धृत गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के बालकांड की चौपाई के साथ मानस पांडाल में भक्तजनों में हर्ष का माहोल छा गया और उपस्थित भक्तजन बधाई एवं विवाह गीत गाने लगे।
श्री राम के विवाह उत्सव के खुशी में प्रसाद स्वरूप स्त्रियों में श्रृंगार की वस्तुएं वितरित की गई और राम विवाह की झांकी बड़े सुरुचि पूर्ण ढंग से सजाई गई। राम- लक्ष्मण-परशुराम संवाद, राजा दशरथ के पास जनकजी का दूत भेजना, अयोध्या से बारात का प्रस्थान, बारात का जनकपुर में आना और स्वागत आदि, सीता राम विवाह, अयोध्या लौटना और अयोध्या में आनंद आदि प्रसंगो का संगीतमय गायन मुख्य व्यास एवं भूदेवो ने किया।यजमान रवि जालान ने राजा जनक और सुनैना के रूप चित्रा जालान ने प्रभु श्रीराम की कृपा विधि के उपरांत पाव पखारकर कन्यादान करने के रस्म को निभाया। जयकारा और पटाखों की ध्वनि से नगर गूंज रहा है,राजा दशरथ के रूप मैं सुशील पाठक बारातियों के साथ मंडप की शोभा बढ़ा रहे थे और पूज्य वादा व्यास जी ने महामंत्री सुशील पाठक के द्वारा गुरु वशिष्ठ और शतानंद को अंग वस्त्र भेंट कर स्वागत कराया।
वही प्रवचन के दूसरे दिन पिछली रात्रि को प्रसिद्ध कथा वाचक हेमंत त्रिपाठी द्वारा नारद मोह एवं राम जन्म उत्सव की कथा का वाचन किया गया। जिसको सुनकर भक्त मंत्रमुक्ध होगए। हेमंत त्रिपाठी द्वारा सोहर गीत गाए गए जिससे सभी भक्तगण पंडाल में झूमने लगे। मुख्य यजमान अजय शुक्ला सपत्नी माधुरी शुक्ला सग रहे। इस अवसर पर महामंत्री सुशील पाठक, मिठाई लाल सोनी, गोपाल जालान, राम सकल चौबे, कृष्णानंद त्रिपाठी, शिशू त्रिपाठी, दुर्गा परसू राम पुरिया, कपिल मुनि मिश्रा श्री रामचरितमानस नवाह्न पाठ महायज्ञ समिति के मीडिया प्रभारी हर्षवर्धन केसरवानी, शुभम शुक्ला, चंदन चौबे, मन्नू पांडेय, सुधाकर दुबे, रविन्द्र नाथ पाठक,शिवली पाठक, शैल पाठक, सुनीता, मीना, प्रतिभा केसरवानी, शैल्जा शुक्ला, शिवांगी, आदि लोग उपस्थित रहे।
• गीत कस्तूरी साहित्यिक संस्थान ने आयोजित की काव्य गोष्ठी
• रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाकर लोगों की बटोरी तालियां
मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी
सोनभद्र। जनपद की ‘गीत कस्तूरी’ साहित्यिक संस्थान के तत्वाधान में रविवार को उरमौरा स्थित ‘गीत गंगा’ सभागार में वरिष्ठ साहित्यकार पंडित पारस नाथ मिश्र की अध्यक्षता में एक काव्य गोष्ठी आयोजित की गई । माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण तथा वीणा वादिनी की वंदना से गोष्ठी की शुरुआत की गई।
इस दौरान जाने वाले साल 2021 को सलाम करते हुए जनपद के स्थापित और युवा रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं पढ़कर गोष्ठी को भव्यता प्रदान की । संस्थान की अध्यक्ष गीतकार कवयित्री डॉ रचना तिवारी ने सभी कवियों-साहित्यकारों एवं पत्रकारों को अंगवस्त्रम ओढा कर स्वागत किया । गजलकार शिव नारायण ‘शिव’ ने गरीबों के घर मे निवाला नहीं है–कविता सुना कर लोगों की तालियां बटोरी, वही शायर अब्दुल हई ने जब तलक आपके एहसास के पहरे होंगे — पढ़ कर सबका मन मोहा, दिवाकर द्विवेदी ‘मेघ’ ने जागो हिंदुस्तान अपनी तरुणाई से– पढ़कर देश प्रेम के भाव जगाया ,अमरनाथ अजेय ने वही पनघट वही पोखर– गीत पढ़कर वातावरण शांत कर दिया । गीतकार सुशील राही ने अस्वस्थता में भी भाव विभोर कर देने वाला काव्य पाठ किया ..युवा रचनाकार जयश्री राय ने ओज की रचना और अलका केसरी ने ज़िंदगी एक रंगमंच है बस किरदार निभाना है ,सरोज कुमार सिंह ने सब बीमार हैं दवा नहीं है पढ़ी तो लोग आत्म विभोर हो उठे।
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गोष्ठी के मुख्य अतिथि पत्रकार एवं साहित्यकार मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी ने ठंड से तन कांपता है और मन भी कांपता … सुना कर कविता प्रेमियों को ठंड के मौसम का एहसास कराया। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक तीरथ राज ,अति विशिष्ट अतिथि चंद्रकांत शर्मा ने भी रचनाएं पढ़ी और वाहवाही लूटी । काव्य गोष्ठी का सफल संचालन कवि अशोक तिवारी ने किया।
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इस मौके पर कविता के प्रति अनुराग रखने वाले नीतीश चतुर्वेदी अमरनाथ सिंह ,अरुण सिंह ,अरविंद तिवारी ,दिनेश तिवारी ,निशा रॉय, सुनील केसरी ,आशा देवी ,मेघना त्रिपाठी ,गोपाल त्रिपाठी ,राकेश राय और रामानुज धर द्विवेदी सहित दर्जनों लोग अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर इस सफल काव्य गोष्ठी के साक्षी बने। संस्था की अध्यक्ष डॉ रचना तिवारी ने ‘दरवाज़ा है बंद हमारा खिड़की भी भीड़काई है, लौटोगे तुम इसीलिए तो सांकल नहीं लगाई है’ जैसे मनमोहक गीतों को पढ़कर जहां सबको आत्म विभोर कर दिया वहीं गोष्ठी को सफल बनाने के लिए सबके प्रति आभार व्यक्त किया ।
मुख्य व्यास श्री सूर्यलाल मिश्र के साथ भक्तों ने गाए सोहर।
मुद्राएं और खिलौने मानस पांडाल में लूटाए गए।
सोंठ के लड्डू प्रसाद स्वरूप बांटे गए।
जन्म की खुशी में पटाखे भी छुड़ाए गए।
हर्षवर्धन केसरवानी
सोनभद्र।श्री रामचरितमानस नवाह पाठ महायज्ञ के द्वितीय दिवस के अवसर पर श्री राम जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया- नवमी तिथि मधुमास पुनीता। शुक्ल पक्ष अभिजीत हरिप्रीता मध्य दिवस अति शीत न घामा। पावन काल लोक विश्रामा। दीनों पर दया करने वाले कौशल्या जी के हितकारी कृपालु प्रभु प्रगट हुए-
भए प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी। हर्षित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप निहारी। लोचन अभिराम तनु घनश्यामा निज आयुध भुज चारी। भूषण मन वनमाला नयन भूषण वनमाला नैन विशाला शोभा सिंधु खरारी। व्यास आचार्य सूर्य लाल मिश्र के मुखारविंद से निकले इसी छंदों के साथ श्रीराम का जन्म हुआ।श्री सालिक राम को पाल पालने में झूला कर जन्म उत्सव की झांकी दिखाई गई, यजमान अजय शुक्ला, सहधर्मीणी माधुरी शुक्ला ने पालने की डोर पकड़ कर रस्म निभाई।
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इस अवसर पर मानस पांडाल में राम जन्म उत्सव की झांकी सजाई गई, मुद्राएं एवं खिलौने लुटाए गए और सोंठ के लड्डू बांटे गए, पटाखे भी छुड़ाए गए। मुख्य व्यास, मंच आचार्य, पाठ कर रहे भू देवों के साथ मंच पर उपस्थित महामंत्री सुशील पाठक सहित पंडाल में उपस्थित भक्त जनों ने सोहर गीत गाए और भगवान श्री राम के जन्म उत्सव की झांकी का दर्शन किया। इस अवसर पर समिति के महामंत्री शुशील पाठक, समिति के संरक्षक इंद्र देव सिंह, मिठाई लाल सोनी, राजेश सोनी, कन्हैया चौबे, राकेश त्रिपाठी, दीपक कुमार केसरवानी, संगम गुप्ता, राजकुमार अग्रवाल, सुमन केशरी समिति के मीडिया प्रभारी हर्ष वर्धन केसरवानी आदि लोग उपस्थित रहे।