5 राज्यों में विधान सभा चुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान, 7 चरणों में होगा मतदान

चुनाव आयोग द्वारा 5 राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। यह चुनाव कुल 7 चरणों में होने हैं। जानें आपके राज्य में कब होंगे चुनाव..
  • 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान
  • सभी 5 राज्यों में कुल 7 चरणों में होगा मतदान
  • UP में 7 चरण, मणिपुर में 2 बाकी तीनों राज्य में 1 ही चरण में होंगे चुनाव

नई दिल्ली: जनवरी की कड़कड़ती ठंड में भी पिछले कई दिनों से चुनावों को लेकर माहौल गर्म है। ऐसे में आज मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। बता दें कि 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव होने हैं। कुल 690 विधान सभा सीटों में चुनाव होने हैं। ऐसे में आइए जानते हैं आपके राज्य में कितने चरणों में और कब होने हैं चुनाव। कुल 7 चरणों में होंगे चुनाव

  • पहले चरण का मतदान 10 फरवरीदूसरे चरण का मतदान 14 फरवरीत
  • तीसरे चरण का मतदान 20 फरवरी
  • चौथे तरण का मतदान 23 फरवरी
  • पांचवे चरण का मतदान 27 फरवरी
  • छठे चरण का मतदान 3 मार्च
  • सांतवे चरण का मतदान 7 मार्च
  • UP में हर चरण यानी सातों चरणों में होगी वोटिंग
  • पंजाब-गोवा में 1 ही चरण में संपन्न होंगे चुनाव
  • मणिपुर में 2 चरणों में यानी 27 फरवरी और 3 मार्च को होंगे चुनाव
  • पंजाब और गोवा में 14 फरवरी को होंगे चुनाव
  • उत्तराखंड में भी 1 ही चरण यानी 14 फरवरी को चुनाव संपन्न कराए जाएंगे
  • 10 मार्च को आएंगे नतीजे

किस राज्य में कितनी सीटें

  1. उत्तर प्रदेश- 403 विधान सभा सीटें
  2. गोवा- 40 विधान सभा सीटें
  3. मणिपुर- 60 विधान सभा सीटें
  4. पंजाब- 117 विधान सभा सीटें
  5. उत्तराखंड- 70 विधान सभा सीटें

2017 में क्या रहे थे नतीजे
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के पिछले विधान सभा चुनावों में बीजेपी को बड़ी जीत मिली थी. बीजेपी गठबंधन को 325, सपा को 47, बीएसपी को 19, कांग्रेस को 7 और अन्य को 7 सीटों पर जीत मिली थी. वहीं 2017 के विधान सभा चुनाव में पंजाब में कांग्रेस को बहुमत मिला था। कांग्रेस ने 77, आम आदमी पार्टी ने 20, अकाली दल ने 15 और बीजेपी ने 3 सीटों पर जीत हासिल की थी। बता दें कि उत्तराखंड में भी बीजेपी की सरकार है। पिछले विधान सभा चुनाव में बीजेपी को 56, कांग्रेस को 11 और अन्य को 2 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं मणिपुर में 60 विधान सभा सीटों में कांग्रेस ने 28 सीटें जीती थीं तो BJP ने 21 और अन्य ने 11.

इसके अलावा 40 विधान सभा सीटों वाले राज्य गोवा में भाजपा 13 सीटों के साथ सरकार में है तो वहीं कांग्रेस ने 17 सीटें जीती थीं। इसके अलावा अन्य को 10 सीटें मिली थीं, जिन्होंने सत्ताधारी दल को समर्थन दिया।

वाराणसी: त्रिदिवसीय राग रंग कार्यक्रम का हुआ भव्य समापन

• काशी में प्रवाहित हुई घरानों की सुर सरिता

वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के अन्तर्गत संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ, धर्मार्थ कार्य विभाग, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय राग रंग कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। पद्मविभूषण गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में शास्त्रीय संगीत घराना समागम के अन्तिम दिन सभागार सुर लय ताल की नाल यात्रा का साक्षी बना।

कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रसिद्ध वायलिन वादक विदुषी कलारामनाथ और शहनाई वादक पंडित राजेन्द्र प्रसन्ना की युगलवन्दी से हुआ। इन्होंने राग मधुवंती से अपनी प्रस्तुति प्रारम्भ किया। इनके साथ तबले पर पं० मिथिलेश जा, दुक्कड पर मंगल प्रसाद तथा शहनाई पर विकास बाबू ने संगत किया।

तत्पश्चात मंच संभाला रामपुर सहसवान घराने के प्रसिद्ध गायक पद्मश्री राशिद खान ने राग पूरिया धनाश्री में निलम्बित एक ताल अब तो रूम मान और छोटे ख्याल में पायलिया झनकार मोरी और अन्त में राग यमन में भजन प्रस्तुत किया। इनके साथ तबले पर पं० रामकुमार मिश्रा, सारंगी पर मुराद अली खान, हारमोनियम पर डॉ० विनय मिश्रा तथा सहगायन में अरमान खां ने सहयोग किया।
आज की अन्तिम प्रस्तुति विख्यात सितारवादक पंडित निलाद्री कुमार की रही। इन्होंने राग तिलक कामोद में मसीदखानी गत का वादन किया तत्पश्चात राग नटतिलक में बन्दिश बजाया और अन्त में अपनी प्रस्तुति का समापन उन्होंने राग भैरवी धुन वादन कर किया। उनके साथ तबले पर संगत सत्यजीत तलवरकर ने सहयोग किया।

अतिथियों का स्वागत पद्मश्री डॉ० राजेश्वर आचार्य ने किया। कार्यक्रम का संयोजन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी डॉ० सुभाष चन्द्र यादव एव उ० प्र० संगीत नाटक अकादमी के सचिव तरूण राज तथा संचालन सौरभ चकने किया। इस अवसर पर संकटमोचन दरबार के महन्त प्रोफेसर विशम्भरनाथ मिश्र,, डॉ० लवकुश द्विवेदी, आदि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के संयोजन में अखिलेश यादव, प्रशान्त यादव, प्रशान्त राय, अभिषेक राय, अंगिका मिश्रा, श्रुति प्रकाश, अतुल कुमार, शिवम आदि ने सहयोग प्रदान किया।

श्रीमद्भागवत गीता स्वाधीनता आंदोलन की सूत्रधार रही है।

  • वर्तमान समय में स्वामी अड़गड़ानंद द्वारा रचित गीता भाष्य यथार्थ गीता पठनीय है।
  • आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के अंतर्गत यथार्थ गीता का निशुल्क वितरण किया जा रहा है।

हर्षवर्धन केसरवानी

सोनभद्र। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के अंतर्गत विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट द्वारा भगवान श्री कृष्ण के मुखारविंद से प्रकट हुई श्रीमद् भागवत गीता का भाष्य परमहंस आश्रम के स्वामी अड़गड़ानंद द्वारा लिखित “यथार्थ गीता” का निशुल्क वितरण किया जा रहा है।
इस पुण्य कार्य में आश्रम से जुड़े डॉ बी सिंह, डॉक्टर कुसुमाकर श्रीवास्तव, गीतकार जगदीश पंथी, पत्रकार पीयूष त्रिपाठी,अरुण चौबे सहित अन्य गीता प्रेमी सहयोग कर रहे हैं।

सदर विधायक भूपेश चौबे को यथार्थ गीता भेंट करते हुए दीपक कुमार केसरवानी

शोधकर्ता दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-“भारत की स्वाधीनता आंदोलन की अगुवाई करने वाले मोहनदास करमचंद गांधी को उनकी माता कस्तूरबा बाई द्वारा बचपन से ही गीता का ज्ञान दिया गया था जिससे गांधी जी प्रभावित हुए और उनमें नि:स्वार्थ सेवा की भावना जागृत हुई थी।
वे गीता को ‘गीता मैया’ कहा करते थे। बापू एक स्थान पर लिखते हैं-मेरी मां तो बचपन में ही दिवंगत हो गईं थीं। मां के न रहने पर प्यार-दुलार, संसार का ज्ञान और मार्गदर्शन मुझे मिला है गीता मैया से। गीता भाष्य गीता माता की रचना किया।

भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मवीर तिवारी को यथार्थ गीता भेंट करते हुए दीपक कुमार केसरवानी

नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावक: न चैनं क्लेदयन्त्यापो ने शोषयति मारुत:।।
अर्थात-वह आत्मा जिसे शस्त्र काट नहीं सकता, अग्रि जला नहीं सकती, पानी गीला नहीं कर सकता और वायु सुखा नहीं सकती है।

प्रोफेसर ज्ञान प्रकाश मिश्र( पत्रकारिता विभाग बीएचयू) को यथार्थ गीता भेंट करते हुए दीपक कुमार केसरवानी

इसी श्लोक को मूल मंत्र मानकर हमारे देश के क्रांतिकारियों, देशभक्तों, बलिदानयो ने फांसी के फंदे को चूम लिया और स्वतंत्रता के बलिवेदी पर शहीद हो गए।गीतारहस्य नामक पुस्तक की रचना लोकमान्य बालगंगाधर तिलक ने माण्डले जेल (बर्मा) में की थी। इसमें उन्होने श्रीमदभगवद्गीता के कर्मयोग की वृहद व्याख्या की।
गीतारहस्य को महज पांच महीने में पेंसिल से ही उन्होंने लिख डाला था।
उनका मानना था कि-“जब देश गुलाम हो, तब आप अपने लोगों से मोक्ष की बात नहीं कर सकते। उन्हें तो कर्म में लगाना होता है। वही तिलक ने किया। उन्होंने
थके हुए गुलाम समाज को जगाने के लिए वह गीता को संजीवनी बनाया।

प्रसिद्ध कथा वाचक मुरारी जी शास्त्री को यथार्थ गीता भेंट करते हुए दीपक कुमार केसरवानी

गीता अनुपम आत्मविश्वास जाग्रत करके मनुष्य को निर्भय बनाने वाला ग्रंथ है।
सर्वाधिक लेखन गीता के ज्ञान पर ही हुआ है। गीता पर विश्वभर में अनेकों व्याख्‍यान, भाष्य, टिकाएं लिखी गई ।
शंकराचार्य द्वारा गीता का सबसे पहला ज्ञात भाष्य आद्य शंकराचार्य ने जिसे शंकर भाष्य कहा जाता है।
अन्तर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कान) के संस्थापक तथा हरे राम हरे कृष्ण आन्दोलन के प्रवर्तक श्रील प्रभुपाद के विश्वप्रसिद्ध गीता-भाष्य- ‘श्रीमद्भागवत गीता यथा रूप’की रचना की है।
ओशो रजनीश दिए गए गीता के प्रवचन का संकलन ‘गीता दर्शन’ में संकलित है।

आचार्य संतोष कुमार द्विवेदी को यथार्थ गीता भेंट करते हुए दीपक कुमार केसरवानी

विदेशी लेखक गीता का अंग्रेजी में अनुवाद कराया। एडविन अर्नाल्ड नामक अंग्रेज विद्वान ने भी पूर्व ‘द सांग सेलेस्टियस’ शीर्षक से अंग्रेजी भाष्य लिखा, वैज्ञानिक राबर्ट ओपन हीमर तक सभी गीता ज्ञान से इमर्सन पादरी ने गीता को ‘यूनिवर्सल बाइबिल’ कहा और गीता का अनुवाद भी किया था।
भारतीय संत, महात्माओं, विद्वानों ने रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, निम्बार्काचार्य, भास्कराचार्य, वल्लभाचार्य, श्रीधर स्वामी, आनन्द गिरि, संत ज्ञानेश्वर, बलदेव विद्याभूषण, आदि अनेक मध्यकालीन आचार्यों ने भी तत्कालीन युगानुकूल आवश्यकतानुसार भगवद्गीता के भाष्य प्रस्तुत किया।
महर्षि अरविंद, रवीन्द्रनाथ ठाकुर, स्वामी,स्वामी दयानंदन सरस्वती, प्रो. सत्यव्रत सिद्धांतालन्कार, गुरुदत्त ने प्रवचन और गीता पर भाष्य लिखा।

शिव शंकर गुप्ता (r.s.s.) को यथार्थ गीता भेंट करते हुए दीपक कुमार केसरवानी

विख्यात वैष्णवाचार्य जगद्गुरु वेदान्ताचार्य वेंकटनाथ ने रामानुज गीता भाष्य पर ‘तात्पर्य-चन्द्रिका’ नामक उप-भाष्य लिखा। रामानुजाचार्य ने अपने परमगुरु श्रीयामुनमुनि द्वारा लिखित संक्षिप्त ‘गीतार्थ-संग्रह’ का अनुसरण किया।
आनन्दतीर्थ ने गीता भाष्य लिखा, जिस पर जयतीर्थ ने ‘प्रमेय-दीपिका’, आचार्य जयतीर्थ ने ‘भगवद्गीता-तात्पर्यनिर्णय’, मध्वाचार्य के शिष्य कृष्णभट्ट विद्याधिराज ने ‘गीता-टीका’, सुधीन्द्र यति के शिष्य राघवेन्द्र स्वामी ने ‘गीता-विवृति, गीतार्थसंग्रह और गीतार्थविवरण’,
वल्लभाचार्य, विज्ञानभिक्षु तथा निम्बार्काचार्य मत के केशवभट्ट ने ‘गीता-तत्व-प्रकाशिका’, आंजनेय ने हनुमद्भाष्य, कल्याणभट्ट ने रसिकमंजरी, जगद्धर ने भगवद्गीता-प्रदीप, जयराम ने गीतासारार्थ-संग्रह, मधुसूदन सरस्वती ने गूढार्थदीपिका, बलदेव विद्याभूषण ने गीताभूषण-भाष्य, सूर्य पंडित ने परमार्थप्रपा, नीलकण्ठ ने भाव-दीपिका, ब्रह्मानन्दगिरि, मथुरानाथ ने भगवद्गीता-प्रकाश, दत्तात्रेय ने प्रबोधचन्द्रिका, रामकृष्ण, मुकुन्ददास, रामनारायण, विश्वेश्वर, शंकरानन्द, शिवदयालु श्रीधर स्वामी ने सुबोधिनी, सदानन्द व्यास ने भावप्रकाश और राजानक एवं रामकण्ठ ने सर्वतोभद्र,आचार्य अभिनव गुप्त और नृसिंह ठाकुर द्वारा भगवद्गीतार्थ-संग्रह, गोकुलचन्द्र का भगवद्गीतार्थ-सार, वादिराज का भगवद्गीता-लक्षाभरण, कैवल्यानन्द सरस्वती का भगवद्गीता-सार-संग्रह, नरहरि द्वारा भगवद्गीता-सार-संग्रह, विठ्ठल दीक्षित का भगवद्गीता-हेतु-निर्णय, आधुनिक काल में मिथिला के प्रख्यात विद्वान् पंडित धर्मदत्त झा ने ‘गूढार्थ-दीपिका’ नामक व्याख्या लिखी।

प्रसिद्ध कथा वाचक हेमंत त्रिपाठी को यथार्थ गीता भेंट करते हुए दीपक कुमार केसरवानी

विशिष्टाद्वैत सिद्धान्त के महान् आचार्य श्रीयामुन मुनि ने गीता के एक-एक अध्याय का वर्णन किया है, जो उनके ‘गीतार्थ-संग्रह’ ग्रंथ में है।
गीता के श्लोक को मूल मंत्र मानकर स्वाधीनता आंदोलन में भाग लेने वाले देशभक्तों, बलिदानियों,क्रांतिकारियों के बलिदान के बल पर हमें 15 अगस्त 1947 को आजादी प्राप्त हुई।

पंडित शिवकुमार शास्त्री को यथार्थ गीता भेंट करते हुए दीपक कुमार केसरवानी

आजादी के पश्चात देश ने राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, तकनीकी, सांस्कृतिक, साहित्यिक विकास करते हुए 75 वर्ष का सफरनामा तय किया।
आज हम आजादी के सूत्रधार श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक को आजादी का मूल मंत्र मानने वाले बलिदानों के त्याग, तपस्या, के बल पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं।

साहित्यकार शेख जैनुल आबदीन को यथार्थ गीता (उर्दू लिपि) भेंट करते हुए दीपक कुमार केसरवानी
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बसपा नगर अध्यक्ष बने अवधेश विश्वकर्मा

मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी

सोनभद्र। राबर्ट्सगंज नगर कमेटी का पुनर्गठन करते हुए बसपा के मुख्य सेक्टर प्रभारी मिर्जापुर मंडल बी सागर ने समर्पित युवा बसपा कार्यकर्ता अवधेश विश्वकर्मा के कंधे पर डाल दिया। उन्होंने नई नगर कमेटी के लिए शंकर भारती को नगर प्रभारी और अवधेश विश्वकर्मा को नगर अध्यक्ष का दायित्व सौंपा है। इनके अतिरिक्त नवीन चौबे उपाध्यक्ष, मनोज कुमार गोंड़ महासचिव, किशन सोनकर सचिव और शैल कुमारी को कोषाध्यक्ष बनाया है। सभी नए पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी के घोषित उम्मीदवारों को विजई बनाने में जुट जाने का निर्देश भी दिया है।
अवधेश विश्वकर्मा को बसपा नगर अध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी से जुड़े युवाओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है और विश्वास दिलाया है कि पार्टी को मजबूत करने के लिए नगर के युवा कंधे से कंधा मिलाकर उनका साथ देंगे।

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प्रियंका श्रीवास्तव बनी सपा लोहिया वाहिनी की राष्ट्रीय सचिव

मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी

सोनभद्र। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने इंदिरा नगर, लखनऊ की युवा अधिवक्ता प्रियंका श्रीवास्तव को समाजवादी लोहिया वाहिनी में पुनः राष्ट्रीय सचिव के पद पर मनोनीत किया गया। सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी लोहिया वाहिनी प्रदीप तिवारी ने सपा प्रदेश कार्यालय में प्रियंका श्रीवास्तव को मनोनयन पत्र प्रदान किया । प्रियंका श्रीवास्तव ने दूरभाष पर हमारे विशेष संवाददाता बातचीत करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने मुझे लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव की जो जिम्मेदारी सौंपी है उसका मैं पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ निर्वहन करूंगी।

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आगे यह भी कहा कि प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध में बेतहाशा वृद्धि हुई है। सत्ता में बैठे लोग धृतराष्ट्र के अनुयायी व महिला विरोधी मानसिकता के समर्थक हैं। कहा कि सब कुछ बेचने वाले ही अब आत्मनिर्भर का नारा दे रहे हैं। समाजवादी सरकार के विकास कार्यों का फीता काटकर फोटो खिंचवाने में ही पांच वर्ष का कार्यकाल बिताने वाले अहंकारियों को सत्ता से बेदखल करना हम सबकी जिम्मेदारी है। भरोसा दिया की सपा सरकार बनी तो सभी वर्ग के विकास के लिए कार्य किया जाएगा।
एडवोकेट प्रियंका श्रीवास्तव को समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव बनाये जाने पर अभिषेक श्रीवास्तव, शिवांशी श्रीवास्तव, प्रखर श्रीवास्तव, मुकेश गोंड़, अनीता द्विवेदी, राहुल पाण्डेय,धीरज,नेहा, ज्योति पांडेय आदि ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई दी है।

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वाराणसी : बनारस तीर्थ में शास्त्रीय संगीत का महासम्मेलन

  • शास्त्रीय संगीत के विभिन्न घरानों का सम्मेलन राग रंग कार्यक्रम के दूसरे दिन हुआ भव्य आयोजन

वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के अन्तर्गत संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ, धर्मार्थ कार्य विभाग, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय राग रंग कार्यक्रम के द्वितीय दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ ग्वालियर घराने की प्रतिनिधि कलाकार डॉ० शिवानी शुक्ला के गायन से हुआ। पद्मश्री से सम्मानित डॉ० राजेश्वर आचार्य के शिष्य परम्परा की योग्य कलाकार शिवानी शुक्ला ने राग जोग में निबद्ध रचना की विलम्बित एवं मध्य लय में प्रस्तुति दी तत्पश्चात् तराना की प्रस्तुति दी। उनको तबले पर बनारस घराने के वरिष्ठ कलाकार पंडित नन्द किशोर मिश्र, हारमोनियम पर डॉ पंकज शर्मा एवं तानपुरे पर सुश्री राजश्री नाथ एवं उजाला तिवारी ने सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम के द्वितीय कड़ी में किराना घराने के प्रतिनिधि, विख्यात गायक कलाकार पंडित जयतीर्थ मेउंडी ने स्वर रस धार बहायी। उन्होंने राग यमन कल्याण में निबद्ध विलम्बित एवं मध्य लय की रचना गा कर सुनाया, तत्पश्चात् रचना “जय जगदीश्वरी माता सरस्वती” गा कर आध्यात्मिक सेतु का निर्माण किया। उनको तबले पर पंजाब घराने के युवा प्रतिनिधि कलाकार यशवंत वैष्णव एवं हारमोनियम पर तन्मय देवचके ने सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति में विश्वविख्यात मोहनवीणा वादक, ग्रेमी अवार्डी एवं पद्मभूषण से सम्मानित पंडित विश्वमोहन भट्ट ने मंच सम्भाल।

उन्होंने “वन्देमातरम्” एवं “वैष्णव जन तो तेने कहिये” से मंच प्रस्तुति आरम्भ किया, तत्पश्चात् राग श्याम कल्याण की अवतारणा की ऊर्जा एवं गति युक्त प्रस्तुति दी। तबले पर बनारस घराने के प्रतिभाशाली एवं ऊर्जावान कलाकार अभिषेक मिश्र ने कुशल सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति में बनारस घराने की गायकी परम्परा का प्रतिनिधित्व करते हुए पद्मश्री से सम्मानित मालिनी अवस्थी ने मंच सम्भाला। उन्होंने बनारस की विशुद्ध रचनाओं को गा कर सुनाया।

राग मिश्र खमाज में निबद्ध ठुमरी गाकर प्रस्तुति आरम्भ किया, तत्पश्चात् दादरा, टप्पा एवं सोहर की प्रस्तुति के माध्यम से आयोजन की श्री वृद्धि की।
उनको तबले पर पंडित रामकुमार मिश्र, संवादिनी पर पंडित धर्मनाथ मिश्र एवं सारंगी पर उस्ताद मुराद अली ख़ां ने सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम का समापन पद्मश्री पं० येल्ला वेंकटेश्वर राव के कर्नाटक वाद्यवृंद की शानदार प्रस्तुति से हुआ।

अतिथियों का स्वागत पद्मश्री डॉ० राजेश्वर आचार्य के किया। कार्यक्रम का संयोजन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी डॉ० सुभाष चन्द्र यादव एव उ० प्र० संगीत नाटक अकादमी के सचिव श्री तरूण राज तथा संचालन सौरभ चक्रवर्ती ने किया। इस अवसर पर पद्मश्री रजनीकांत, डॉ० लवकुश द्विवेदी, डॉ० मन्नू यादव आदि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के संयोजन में अखिलेश यादव, प्रशान्त यादव, प्रशान्त राय, अभिषेक राय, अंगिका मिश्रा, श्रुति प्रकाश, अतुल कुमार, शिवम आदि ने सहयोग प्रदान किया।

नही थम रहे पेड़ो की अवैध कटान, जिम्मेदार मौन

डाला,सोनभद्र। पर्यावरण संरक्षण के लिए शासन-प्रशासन स्तर पर हर जतन किया जा रहा है। पौधारोपण अभियान चलाकर नए प्लांटेशन भी किया गया। जिम्मेदारों की अनदेखी से माफिया हरे पेड़ों पर आरी व टँगारी चलाकर हरियाली के सारे मंसूबे ध्वस्त करने में लगे हैं। चर्चा है कि लकड़ी माफिया व वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की साठगांठ से प्रतिबंधित हरे पेड़ों की कटान जारी है। इसका ओबरा वन प्रभाग अंतर्गत डाला रेंज में सेक्सन गुरमुरा के बिट के अहिरा डेरा, अबाड़ी एवं गुरमुरा के जंगलों में भी देखा जा रहा है,

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बृहस्पतिवार को फिर पेड़ों की अवैध कटान का मामला सामने आया हैं। जहां मोटे पेड़ तो काटे ही गए हैं और कई पेड़ों के ठूठ भी मिले हैं जो ताजे हैं।
अब सवाल यह उठता हैं कि आखिरकार वन विभाग क्यों नही लगा पा रही हैं अंकुश, जबकि गुरमुरा क्षेत्र में कई दर्जन वाचर हैं, फारेस्ट गार्ड हैं, बिट के दरोगा हैं और सबसे बड़ी बात की चोपन रेंजर की भी निगाहें इसी क्षेत्र में लगा हुआ हैं। फिर भी बेशकीमती पेड़ो की अवैध कटान जोरों से चल रहा है, जो वन विभाग पर सवालिया निशान खड़ा करता हैं कि बिना वन विभाग के मिलीभगत से यह खेल चल ही नही सकता। यही चर्चा क्षेत्र में चारों तरफ हो रहा है।

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समाजवादी पार्टी ने आयोजित किया जन चौपाल

दुद्धी, सोनभद्र। समाजवादी पार्टी ब्लॉक बभनी द्वारा ग्राम भलपहरी में आयोजित जन जागरण, जन चौपाल एवं जन संवाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मा. विजय सिंह गोंड़ पूर्व मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि BJP के सरकार को 5 वर्ष पूर्ण होने को है। जब चुनाव सर पे है तब जनता की याद आ रही है और धारा 20 के तहत पट्टा देने की बात 1 माह से BJP के लोग और सरकार आजकल कर रही है।दूसरे तरफ किसानों का लागत तक नही निकल रहा है। सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों का धान न खरीद होने के कारण आज किसान दर दर भटक रहा है, फिर भी कोई सुनने को तैयार नही है। इसलिए आपसे अनुरोध करने आया हूँ कि जुमलेबाजो के झूठ फरेब की राजनीति के चक्कर में न पड़े। अखिलेश यादव की सरकार बनाने का काम करे, उसी में आपका और हमारा हित होगा।

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इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री जुबेर आलम अध्यक्ष विधानसभा दुद्धि/जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र बघाडूं तथा जिला पंचायत सदस्य म्योरपुर श्रीमती सुषमा सिंह गोंड़ एवं जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि बभनी श्री ब्यास विश्वकर्मा जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पिछले चुनावों में बभनी के सभा में भी BJP के नेता ने जिला बनवाने का वादा किया था। हम सब जानना चाहते है की आज 5 वर्ष बीत गया जिला नही बना। आप सब मिलकर समाजवादी पार्टी की सरकार बनावे। आपके सभी समस्याओं का निदान होगा।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री गोविंद सिंह ओलके ने किया तथा संचालन श्री हसनैन भाई वरिष्ठ स पा नेता ने किया।
इस कार्यक्रम के संयोजक मंडल में श्री अशोक सिंह पूर्व प्रधान, श्री रमाशंकर ओलके, श्री कुंजलाल गोंड़ रहे। इस अवसर पर मुख्य रूप से जगदीश शर्मा, श्री मती रुकसाना खानम, श्री राजेंद्र ओइमा, साबीर हुसैन साहब, राजू शर्मा, अरबिंद कश्यप, चंद्रबली ओइमा, रामकुमार सिंह, कृष्ण
बिहारी सिंह, मो. ख्वाजा साहब, प्रहलाद गुप्ता, राजेंद्र गोंड़, रामाधार यादव, गोविंद सिंह एवं सैकड़ों के संख्या में महिलाएं एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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अवैध खनन व रास्ते के विवाद को लेकर स्थानीयों ने किया घंटो चक्का जाम

डाला, सोनभद्र। चौकी क्षेत्र के बाड़ी में अवैध खनन व रास्ते के विवाद को लेकर स्थानीयों ने घंटो चक्का जाम किया। मौके पर नही आये जिम्मेदार।

डाला स्थित बाड़ी में भारतीय जनता पार्टी के बूथ प्रभारी अरुण चन्द सिंह उर्फ प्रभाकर के नेतृत्व में गुरुवार को बाड़ी में पत्थर खनन से निकलने वाले रास्ते को घंटो रोक दिया गया। जिसमें रास्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया। भूमि आबादी के नाम राजस्व रिकार्ड में दर्ज है व सौकड़ों लोग निवास करते है। जिन्हें हैवी ब्लास्टिंग के साथ-साथ ब्लास्टिंग से उड़ कर मकानों के ऊपर गिरते हुए पत्थर की भी मार झेलनी पड़ती है। जिनका कोई सुनने वाला नही है। चर्चाओं की माने तो बाड़ी स्थित चल रहे खादानों से अवैध खनन कर बड़े पैमाने पर राजस्व की छति के साथ स्थानीयों का दोहन किया जा रहा है।
इस सम्बंध में अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि हम लोग लगभग बीसों वर्षो से खादान में काम कर जीवोंकोपार्जन किया करते थे। अब बाहरी ठेकेदार के आने से खाने तक के लाले पड़ गए है। खादान मालिक हम सभी की पुकार सुनने नही आते।
प्रभाकर ने बताया कि यहां स्थानीयों को काम नही दिया जा रहा है। बड़ी-बड़ी मशीनों से अवैध खनन किया जा रहा है।
वकील अहमद ने बताया कि माइन्स से निकलने का कोई रास्ता नही है। स्थानीयों के आबादी से निकलने वाले रास्ते को खनन का रास्ता बना दिया गया। खादान ज्यादा गहरा व हैवी ब्लास्टिंग की वजह से हमारे हैंडपम्प सुख गए है।
नईमुद्दीन ने बताया कि हम सभी इसी खादान में काम करते चले आ रहे थे। अब बाहरी को बुला कर स्थानीयों के पेट पर लात मारा जा रहा है। बब्बू सिंह ने बताया कि हैवी ब्लास्टिंग मानक के विपरीत किया जा रहा है। मौके पर अपनी मांगो को लेकर सैकड़ों स्थानीय मौजूद रहे।

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हरिशंकर चौधरी एवं उदेश्वर विश्वकर्मा के सेवानिवृत्त होने पर जूनियर इंजीनियर संगठन ने दी भावभीनी विदाई

अनपरा, सोनभद्र। अनपरा तापीय परियोजना अनपरा से सफलतापूर्वक अपनी सेवा प्रदान करने के बाद दो अभियंता इं0 हरिशंकर चौधरी एवं इं0 उदेश्वर विश्वकर्मा दिनाँक 31.12. 2021 को सेवानिवृत्त हुए। अनपरा तापीय परियोजना अनपरा के संबंधित खंड ने दोनों अभियंताओं को उनकी सेवानिवृत्ति के उपरांत परियोजना परिसर के अंदर भावभीनी विदाई दी। अपनी परंपरा के अनुसार दिनांक 05.12.2022 को जूनियर इंजीनियर संगठन अनपरा शाखा के सभी पदाधिकारी एवं सदस्यगण अवर अभियंता मनोरंजन केंद्र अनपरा में वर्तमान अध्यक्ष इंजीनियर सचिन राज की अगुवाई में पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान संरक्षक इं0 हरिशंकर चौधरी एवं इं0 उदेश्वेर विश्वकर्मा को फूल माला पहनाकर एवं बुके से सम्मानित किया गया। उपाध्यक्ष एवं संचालक इं0 सत्यम यादव ने उनके जीवन परिचय की संक्षिप्त जानकारी देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इं0 अनूप वर्मा एवं इं0 के के पांडेय ने दोनों सेवानिवृत्त अभियंताओं को शाल पहनाकर उन्हें सम्मानित किया। इं0 वशिष्ठ सिंह ने अपने संबोधन में भावभीनी व मार्मिक शब्दों से संबोधन करते हुए सबकी आंखों को नम कर दिया। आपने उनके बारे में ढ़ेर सारी खूबियों को गिनाया। इंजीनियर हरिशंकर चौधरी के दिल अजीज रहे इं0 सुरेश सिंह ने अपने चिर परिचित शायराना अंदाज में उनके बारे में कहा कि ‘हीरे करोड़ों बिखरे हैं जहां में, इसे परखे या तो जौहरी या तो चौधरी’ पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष इं आशुतोष द्विवेदी, केंद्रीय महासचिव इंजीनियर अनुप वर्मा, केंद्रीय उपाध्यक्ष इंजीनियर के के पांडेय, पूर्व सचिव इं0 रामकेश, वर्तमान अध्यक्ष इं0 सचिन राज यादव, विदाई एवं सम्मान समारोह का संचालन कर रहे उपाध्यक्ष इंजीनियर सत्यम यादव इन सभी लोगों ने इं. हरिशंकर चौधरी एवं इं. उदेश्वर विश्वकर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप दोनों ऐसे पुरोधा थे जिन्होंने परियोजना के कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं संगठन के लिए आपने अपने जोश और खरोश एवं कुशल नेतृत्व से संगठन को ऊंचाइयों पर ले गए। आप एक सरल हृदय भी रखते थे। मधुर स्वभाव के धनी एवं एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी अनपरा में आपने अपना वर्चस्व कायम रखा।

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आपके उत्कृष्ट कार्यों को परियोजना एवं संगठन हमेशा याद रखेगा। इं. हरिशंकर चौधरी एवं इं. उदेश्वर विश्वकर्मा ने संगठन का आभार प्रकट करते हुए सभी साथियों के साथ बिताए हुए पल को याद करते हुए सबका आभार प्रकट किया। सभी लोगों को यह भी आश्वस्त किया कि सेवानिवृत्ति के उपरांत मैं यहां से विदा जरूर हो रहा हूं, लेकिन मैं आप सभी लोगों के दिलों में हमेशा याद बनकर समाया रहूँगा एवं आप सब को हमारी जब भी जरूरत होगी, जब भी हमें याद किया जाएगा, मैं अनपरा की धरती पर एवं आप सब लोगों को अपनी सेवा देने के लिए हमेशा तैयार रहूंगा।

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इस अवसर पर अवर अभियंता मनोरंजन केंद्र में आयोजित विदाई एवं सम्मान समारोह में संगठन के सचिव इं ज्ञानेंद्र पटेल, वित्त सचिव इं डीएस यादव, लेखा अध्यक्ष इं0 सुरेश सिंह, संगठन सचिव इं0 मनोज पाल, प्रचार सचिव इं0 दीपक बिंद मीडिया प्रभारी इं0 अयाज अहमद एवं सदस्यों में इं0 रमाकांत यादव, इं0 गिरिजेश सिंह, इं0 एस बी राय, इं0 सुभाष चंद्र, इं0 डीके सिंह, इं0 अभिषेक कुमार सिंह के साथ सैकड़ों की संख्या में अवर अभियंता एवं प्रोन्नत अभियंता सम्मिलित हुए।

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