बिजली कटौती हुई तो होगा आंदोलन – सुरेंद्र अग्रहरि

HIGHLIGHTS

  • सरकार की छवि धूमिल कर रहे अधिकारी

दुद्धी, सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों को बिजली प्रदाता जनपद सोनभद्र बिजली कटौती से त्राहि-त्राहि कर रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी का आदेश है कि प्रदेश में कहीं पर भी बिजली कटौती ना हो, फिर भी बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी बिजली ना देने पर तुले हुए हैं, जो ठीक नहीं है। बिजली विभाग के अधिकारी मनमानी पर उतर आए हैं।

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गर्मी का दिन होने के कारण लोग घरों में ही रहते हैं। बिजली न रहने पर बच्चे और महिलाओं को ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सिर्फ और सिर्फ लोगों का कनेक्शन काटने पर तुले हुए हैं। भाजपा नेता डीसीएफ चेयरमैन सुरेंद्र अग्रहरि ने कहां की बिजली विभाग के एक्सईएन और एसडीओ और जेई की मनमानी के कारण लोगों को बिजली नहीं मिल पा रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि इस संबंध में इनसे ऊपर के अधिकारियों को यह पता होता है कि बिजली की आपूर्ति सही ढंग से दी जा रही है। जब उनसे बिजली कटौती के संबंध में दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया जाता है, तब उनको पता चलता है कि इस क्षेत्र में बिजली नहीं है।

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बिजली विभाग के अधिकारी सरकार की छवि धूमिल करने पर पड़े हुए हैं। विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि ऐसे जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी जानबूझकर परेशान करते हैं और लाइट काट देते हैं जो उचित नहीं है। अग्रहरी ने कहा कि यदि इसी प्रकार की मनमानी चलती रही तो कभी भी सड़क पर उतरा जा सकता है। उसके साथ साथ धरना और प्रदर्शन भी होगा, अधिकारियों का घेराव भी होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।

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डाला नवनिर्माण सेना ने लगवाया प्याऊ

डाला, सोनभद्र। बुधवार सुबह कड़कती धूप और भीषण गर्मी को देखते हुए राहगीरों व नगरवासियों की प्यास बुझाने हेतु डाला नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा नगर में विभिन्न स्थानों पर मिट्टी के घड़े व प्याऊ लगवाए गए। डाला नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अंशु पटेल ने बताया कि इस भीषण गर्मी और धूप में जहां एक तरफ जिला प्रशासन द्वारा एडवाइजरी जारी कर लोगों से दोपहर की धूप में बाहर ना निकलने की अपील की जा रही है, वहीं समाज का एक बहुत बड़ा हिस्सा ऐसा भी है जो अपने रोजगार यापन व रोजमर्रा के काम काज के चलते कड़ी धूप में भी बाहर निकलने और मेहनत भरे काम करने को मजबूर हैं।

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ऐसे में समाज के इन सभी मेहनती लोगों के लिए हम ज्यादा कुछ तो नहीं कर पाते, किंतु इस बेहोश कर देने वाली धूप में उनकी प्यास बुझाने का एक छोटा सा प्रयास तो कर ही सकते हैं और कहा कि डाला नवनिर्माण सेना सदा ही समाज के ऐसे मेहनती और खुद्दार तबके के प्रति मददगार और समर्पित रही है और सदा रहेगी।

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इस दौरान नवनिर्माण सेना के संरक्षक छात्र संघ के पूर्व महामंत्री अनिकेत श्रीवास्तव ने बताया कि संगठन द्वारा स्थानीय शहीद स्थल के पास, लाल बत्ती, टैंपो स्टैंड, सेक्टर बी तिराहा, अंसारी चक्की मोड़ और पंजाब नेशनल बैंक पर ठंडे पानी हेतु पानी के घड़े रखवाए गए हैं। इस दौरान समाजसेवी इब्राहिम इदरसी, समाजसेवी गोविंद भारद्वाज, अवनीश पांडे, मोहित पाठक, यासिफ, सलीम, अमित सिंह, संजय गुप्ता, विनोद चौधरी, राकेश पासवान, अर्जुन आदि मौजूद रहे।

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सोनभद्र में विश्वविद्यालय स्थापित कराने हेतु युवाओं ने मुहिम की तेज

सोनभद्र। शासन द्वारा स्वीकृत विंध्याचल मंडल में विश्वविद्यालय स्थापना को लेकर सोनभद्र के युवाओं ने जनपद सोनभद्र में राज्य विश्वविद्यालय खोले जाने के लिए मुहिम को तेज कर दिया है। कई दिनों से पत्राचार करने के साथ अब मुहिम को आगे बढ़ाते हुए नए सिरे से अभियान सोशल मीडिया पर शुरू कर दिया है।

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इसी क्रम में सोनांचल स्थित टीम 50 से जुड़े युवा कार्यकर्ता विंध्याचल मंडलायुक्त को ज्ञापन देने के बाद फेसबुक ट्विटर पर सोनभद्र को राज्य विश्वविद्याल देने की मांग करते नहीं थक रहे है। टीम 50 के इस मुहिम को सोशल मीडिया पर हर वर्ग के लोगों का सहयोग और समर्थन मिल रहा है। टीम50 के कार्यकर्ता नीतीश कुमार चतुर्वेदी ने हैज टैग के साथ ‘सोनभद्र को विश्वविद्यालय दो’ स्लोगन के साथ टि्वटर पर अभियान तेज कर दिया है। उनके इस अभियान को जनपद के युवाओं के साथ ही वरिष्ठ नागरिकों,साहित्यकारों और व्यापारियों द्वारा सराहा भी जा रहा है।

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वही टीम 50 के राम अनुज धर द्विवेदी, सनातनी दीपक पंडित, सुनील आदिवासी,अनुराग पांडेय,
लोकेश उपाध्याय,चंदन महादेव, सूरज प्रसाद चौबे,
करुणा त्रिपाठी आदि युवा लगातार उनके फेसबुक और ट्विटर पर ट्वीट कर विश्वविद्यालय सोनभद्र में स्थापित करने के लिए सक्रियता से लगे हुए हैं।
इस मुहिम को धार देने में डाला नव निर्माण सेना के संरक्षक एवं ओबरा पीजी कालेज के पूर्व महामंत्री अनिकेत श्रीवास्तव भी जुट गए हैं। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश का सबसे आखिरी जनपद जो चार राज्यों से घिरा है। ऐसे में राज्य विश्वविद्यालय जनपद सोनभद्र में बनेगा तो सीमावर्ती राज्यों के भी लोगों को उच्च शिक्षा से जुड़कर मुख्य धारा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
अंशु पटेल, श्रीकांत पांडेय, प्रशांत पाल सहित सैकड़ों छात्र इस मुहिम को अपने भविष्य के रूप में देख रहे है।

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सामाजिक कार्यकर्ता एवं आदिवासियों के हक के लिए कई वर्षों से संघर्षरत अंकुश दुबे भी सोनभद्र में राज्य विश्वविद्यालय की मांग को लेकर लोगों का समर्थन प्राप्त करने में जुट गए हैं। उनका कहना है कि सोनभद्र आदिवासी बाहुल्य जनपद है जहां बहुतायत जनसंख्या आदिवासी गिरिवासी निवास करती है, जिनके पास आजीविका का मात्र एक साधन मजदूरी है। ऐसी स्थिति में अपने बच्चों की उच्च स्तरीय पढ़ाई के लिए उनका सोचना भी चांद पर जाने के बराबर है। उन्होंने कहा है कि यदि शासन द्वारा विंध्याचल मंडल में स्वीकृत राज्य विश्वविद्यालय सोनभद्र में स्थापित हो जाए तो आदिवासियों के बच्चों के भविष्य उच्च शिक्षा से जुड़कर संवर जाएंगे।

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उनके इस मुहिम में शिवानन्द यादव, ज्योति प्रकाश दुबे, दया सागर दुबे, शक्ति आनन्द कनौजिया, विनोद शर्मा, हरिनाथ खरवार, शिवलाल, मनोज, जनेश्वर दुबे समेत क्षेत्रीय लोग जुड़कर उन्हें अपना सम्बल प्रदान कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता मनीष देव, विवेक देव, सुनील पांडेय,अतुल पाल, ऋतिक चतुर्वेदी,उत्कर्ष पांडेय,अनूप कुमार मिश्रा राज्य विश्वविद्यालय सोनभद्र में बनाए जाने को लेकर जनसंपर्क अभियान चलाते हुए लोगों को जागरूक करने में लगे हुए हैं। इन सभी लोगों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को इस जनपद ने चारों विधानसभा क्षेत्रों की सीटों पर भाजपा के जनप्रतिनिधियों को इसी उम्मीद के साथ जिताया है कि उन्हें सोनांचल के युवाओं के भविष्य को विकसित करने में उनका सहयोग प्राप्त होगा।

सब मिलाकर अब यह देखना है कि सोनभद्र के युवाओं को राज्य विश्वविद्यालय स्थापित करा पाने में कहां तक शासन प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग प्राप्त हो पाता है और वह अपने इस पुनीत मकसद में कहां तक सफल हो पाते हैं।

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मारवाड़ी युवा मंच ने कराया रक्तदान शिविर का आयोजन

HIGHLIGHTS

  • ब्लड बैंक सोनभद्र में आयोजित रक्तदान शिविर में 22 लोगो ने कराया रजिस्ट्रेशन
  • अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच द्वारा पूरे देश भर में मनाया जा रहा है रक्तदान अमृत महोत्सव
हर्षवर्धन केसरवानी
(संवाददाता)
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सोनभद्र। अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच द्वारा पूरे देश भर में रक्तदान अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी क्रम में मारवाड़ी युवा मंच सोनभद्र द्वारा बुधवार को जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन कराया गया।

इस अवसर पर मंच के शाखा अध्यक्ष सचिन अग्रवाल ने बताया की हर वर्ष मारवाड़ी युवा मंच द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है और जरूरतमंदों की मदद की जाती है। उन्होने कहा कि सभी को आगे बढ़ कर रक्तदान करना चाहिए क्योंकि रक्त्कोष में निरंतर रूप से रक्त की आवश्यकता पड़ती रहती है।

वही मंच के शाखा सचिव शिखर केडिया ने बताया कि अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच द्वारा 01 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक रक्तदान अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है जिसके अंतर्गत पूरे देश भर में 365 दिन रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। सत्र 2022- 23 में अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच द्वारा पूरे राष्ट्र में 1 हजार रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा जिसमें की कुल 75000 यूनिट रक्तदान कराया जाना है।

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कार्यक्रम के संयोजक तरुण केडिया ने बताया कि अमृत रक्तदान महोत्सव के अंतर्गत बुधवार को मारवाड़ी युवा मंच सोनभद्र द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कि 22 रजिस्ट्रेशन किए गए और उसमें से 10 यूनिट रक्तदान किया गया। मारवाड़ी युवा मंच ने सभी नगर वासियों से अपील किया है कि जिस प्रकार इस वर्ष रक्तदान किया गया। उसी प्रकार प्रत्येक वर्ष रक्तदान शिविर में अपना योगदान दें एवं दूसरो को भी रक्तदान करने हेतु प्रेरित करे।

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मंच के पूर्व अध्यक्ष पंकज कनोडिया ने सफल कार्यक्रम हेतु सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप लोग आगे भी इसी तरह समाज में कार्य करते रहे। आयोजित रक्तदान शिविर में विजय शंकर शुक्ला (प्रधान), शिखर केडिया, राकेश जलान, संदीप त्रिपाठी, पंकज कनोडिया, रवि शंकर सराफ, संजय कुमार अग्रवाल संजय कुमार सिंह, तरुण केडिया, हर्षित चौधरी रक्तदान किया। इस अवसर पर मंच के संरक्षक विमल अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष प्रदीप खेतान, सोनी गुप्ता सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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राजकीय इंटर कालेज गुरमुरा हुआ प्रारंभ, क्षेत्र में खुशी का माहौल

डाला, सोनभद्र। विकास खण्ड चोपन के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटा के टोला परासपानी में स्थित नवनिर्मित राजकीय इंटर कालेज गुरमुरा को प्रारंभ कर दिया गया। जिससे आसपास के क्षेत्रों में हर्ष का माहौल बना हुआ हैं। मिली जानकारी के मुताबिक राजकीय इंटर कालेज गुरमुरा कोटा में प्रभारी प्रधानाचार्य देवेंद्र प्रसाद सिंह सहायक अध्यापक हिंदी, मूचकुन्द दुबे सहायक अध्यापक अंग्रेजी अमर सिंह आयोग से नियुक्ति शिक्षितर कर्मी विजय कुमार मौर्या को नियुक्त किया गया है।

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वहीं इंटर कालेज में अभी कक्षा छः से इंटर के बच्चों का एडमिशन 18 अप्रैल प्रातः सात बजे से प्रारम्भ कर दिया गया है, जो की एक मई से बीस मई तक इस वर्ष की एडमिशन कार्य पूर्ण किया जायेगा।
आपको बतादूँ कि राजकीय इंटर कालेज गुरमुरा कोटा परासपानी जो लगभग पांच वर्ष पहले बन चुका था।

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जिसको लेकर प्रमुखता से भारत एकता टाइम्स ने कई बार विद्यालय चालू करने को लेकर प्रकाशित किया था। आसपास के गांव के लोगों से बात चित किया गया तो उन्होंने बताया कि हम लोगों के क्षेत्र में इंटर कालेज नहीं होने की वजह से हमारे बच्चों को पढ़ने के लिए दूर दराज जाना पड़ता था और हम लोगों के पास उचित संशाधन व प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए पैसे नहीं होने के कारण हर वर्ष क्षेत्र में सैकड़ों बच्चों हाईस्कूल व इंटर की पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे और वह शिक्षा से दूर होते जा रहे थे। यह क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है।

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यहां के लोग आसपास क्षेत्रों में जाकर मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा राजकीय इंटर कालेज खोलने के निर्देश जारी होते ही लोगों में हर्ष का माहौल बन गया है, वहीं बड़े ही तेजी के साथ इंटर कालेज की साफ सफाई, बिजली के ट्रांसफार्मर जो जल गए थे, उसे भी बदलवा दिया गया, ताकि बिजली की सुविधा विद्यालय को प्राप्त हो सके।

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स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि डाला तेलगुड़वा, परासपानी जवाडीडाड़, गुरमुरा, मालोघाट और रानीताली तक के बच्चे इस राजकीय इंटर कालेज में पढ़कर अपना भविष्य संवार सकेंगे। वही स्थानीय ग्रामीणों विद्यालय खुल जाने से खुश नजर आए।

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बिजली कटौती से जनता परेशान

HIGHLIGHTS

  • बाहर लू और घर पर गर्मी ने छीना लोगों का चैन
  • सूबे के मुखिया ने आदेश जारी किया हैं कि तेज गर्मी/लू का मौसम चल रहा है। ऐसे में गांव हो या शहर, कहीं भी अनावश्यक बिजली कटौती न हो
  • जरूरत हो तो अतरिक्त बिजली खरीदने की व्यवस्था करें
  • ट्रांसफार्मर जलने/तार गिरने जैसी समस्याओं का बिना विलंब निस्तारण किया जाए

डाला, सोनभद्र। नगर और ग्रामीण क्षेत्र में गर्मी बढ़ते ही बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है। दिन के अलावा रात में भी बिजली की अघोषित कटौती हो रही है। इससे उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में बिजली न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि बिजली कटौती न हो इसके लिए सीएम ने ट्वीट कर कहा था।लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी का खामियाजा जनता भुगत रही है।

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एक तरफ जहां तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ बिजली कटौती भी बढ़ गई है। इससे शहर से लेकर गांव तक उपभोक्ताओं को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। इसके साथ ही लोकल फाल्ट और लो वोल्टेज की समस्या ने उपभोक्ताओं की मुसीबत और बढ़ा दी है। इसे लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ रहा है।

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मंगलवार को क्षेत्र में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। कूलर, पंखा के जरिए उपभोक्ताओं को गर्मी से राहत की उम्मीद है, लेकिन इधर अघोषित कटौती बढ़ गई है। शासन का निर्देश है कि जनपद मुख्यालय को 22 से 24 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र को 18 से 20 घंटे बिजली सप्लाई दी जाए, लेकिन कई दिनों से शहर से लेकर गांव तक बिजली की कटौती हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र में महज 12 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। दिन में आपूर्ति बाधित रहती है। जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो जा रही है, वहीं लोग गर्मी से जूझने के लिए मजबूर हैं।

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वहीं कटौती के बीच लोकल फाल्ट की समस्या भी बढ़ गई है। रात के समय लो-वोल्टेज के चलते पंखा, कूलर अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। गुरमुरा क्षेत्र के निवासी आकाश जायसवाल, परमहंस पटेल आदि ने कहा कि अभी अप्रैल का महीना है और गर्मी काफी बढ़ गई है। बिजली कटौती बढ़ने से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि लोकल फाल्ट व लो वोल्टेज की समस्या से निजात के साथ ही बिजली आपूर्ति निर्धारित शिड्यूल के मुताबिक दी जाए।

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अधिशासी अभियंता ने कहा कि कि इमरजेंसी रोस्टिंग रात में व दिन में भी चल रही हैं और बिजली की आपूर्ति निरंतर बनाए रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लोकल फाल्ट की समस्या को दूर करने के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। बहरहाल इस अघोषित कटौती की मार उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है, शासन से लेकर अधिकारियों के सारे दावें फेल नजर आ रही हैं।

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मलिया नदी सुख जाने से जीव जन्तु कर रहे त्राहिमाम,मचा हाहाकार

HIGHLIGHTS

  • पशु पक्षी व मवेशियों के ऊपर आया पानी के भारी संकट
  • फुलवार,महुली,जोरुखाड़,पतरीहा सहित दर्जनों गांवों के पशुपालको की बढ़ी मुसीबत
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विंढमगंज, सोनभद्र। विकास खण्ड दुद्धी के थाना विंढमगंज अंतर्गत गांवों के बीच से होकर लगातार बहने वाली मालिया नदी को पूरी तरह से सुख जाने से मवेशियों व पशु पक्षियों के ऊपर पानी के भारी संकट आ गया है। पानी के समस्या को लेकर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए ग्रामीणों ने कहा कि यहाँ पानी की घोर क़िल्लत के बावजूद भी ग्राम पंचायत या सक्षम अधिकारियों द्वारा कोई कदम नही उठाया गया। जिससे क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।

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ग्रामीणों दसई यादव,मुकेश,अवधेश,वीरेन्द्र कुमार,संजय,अरुण कुमार ने बताया कि मलिया नदी पूरी तरह से सुख गई हैं। जिससे हम सभी ग्रामीण व पशुपालको के सामने पशुओं के लिय पानी की बड़ी समस्या खड़ी हो गई हैं। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से तत्काल पानी की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।

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नहरों के सुधार, निर्माण सहित वांछित जल भण्डारण हेतु बांधों के निर्माण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया विशेष बल

सोनभद्र। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश का सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग किसानों को फसलों की सिंचाई हेतु भरपूर पानी मुहैया करा रहा है। नहरे प्रदेश के कृषि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए नहरें अमूल्य निधि है। फसलों की सिंचाई के संसाधनों में नहरों से सिंचाई को सबसे अच्छा साधन माना गया है।

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नहर प्रणाली से कई लाभ होते हैं। नहरों के पानी से धरती में वाटर रिचार्ज होता रहता है। पशु-पक्षियों, वन्य जीवों को पीने का पानी मिलता रहता है। नहरों के किनारे वृक्षारोपण कर वनाच्छादन बढ़ाया जाता है। मछली व अन्य जलीय जीवों की संख्या में वृद्धि होती है। तालाब, पोखरों में पानी भरा जाता है। किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलता है। इसीलिए विभिन्न लाभों को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने नहरों के सुधार, निर्माण सहित वांछित जल भण्डारण हेतु बांधों के निर्माण पर विशेष बल दिया है।

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उत्तर प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 240.93 लाख हे0 है। जिसमें कुल कृषि योग्य क्षेत्रफल 188.40 लाख हे0 है तथा 165.73 लाख हे0 पर कृषि होती है। रबी एवं खरीफ फसलों को मिलाकर प्रदेश का बोया गया क्षेत्रफल 259.65 लाख हे0 होता है। किसानों को सिंचाई के लिए प्रदेश में 74660 किमी0 लम्बी नहर प्रणालियों एवं 34401 राजकीय नलकूपों, 29 पम्प नहरों, 253 लघु डाल नहरों एवं 69 जलाशयों से लगभग 93.92 लाख हे0 क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। प्रदेश में ऊपरी गंगा नहर, पूर्वी गंगा नहर, निचली गंगा नहर, मध्यगंगा नहर, शारदा नहर, गण्डक नहर, शारदा सहायक नहर, अपर यमुना नहर, सरयू नहर, बेतवा नहर, अपर आगरा नहर प्रमुख नहर प्रणालियॉ हैं।

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सिंचाई साधनों में उत्तरोत्तर वृद्धि हेतु प्राकृतिक जल संसाधनों का उपयोग कर वृहद, मध्यम एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं के सृजन एवं निर्माण हेतु प्रदेश सरकार निरन्तर प्रयासरत है। वर्तमान सरकार के पूर्व 2016-17 तक प्रतिवर्ष उपलब्ध होने वाली अल्प धनराशि से मात्र लगभग 30,000 किमी0 नहरों की सिल्ट सफाई ही हो पाती थी। किन्तु विगत तीन वर्षों में वर्ष 2019-20 में 46822 किमी0 व वर्ष 2020-21 में 45942 किमी0 एवं वर्ष 2021-22 में 50891 किमी0 नहरों की सिल्ट सफाई कराई गई जो कि अब तक का रिकार्ड है।

इन तीन वर्षों में नहरों की सिल्ट सफाई का अभूतपूर्व अभियान चलाकर सुनिश्चित की गई तथा टेल तक पानी पहुॅचाया गया। सरकार के इस कार्य से किसानों द्वारा प्रशंसा की गई है। प्रदेश में वर्ष 2016-17 में सिंचाई विभाग द्वारा प्रदेश के कुल 82.58 लाख हे0 क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई थी, जिसे विगत पॉच वर्षों में बढ़ाकर वर्ष 2020-21 में 93.92 लाख हे0 तक पहुंचाया गया। निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं के पूर्ण होने पर प्रदेश में 21.37 लाख हे0 भूमि की अतिरिक्त सिंचन क्षमता में वृद्धि हुई है और इस वृद्धि से प्रदेश के 37.35 लाख कृषक लाभान्वित हुए हैं। विभाग में नहरों पर निर्मित पुल-पुलियों के जीर्णोद्धार, मरम्मत के लिए अलग से कोई धनराशि की व्यवस्था न होने के कारण पुल-पुलिया उत्तरोत्तर क्षतिग्रस्त होते जा रहे थे, जिससे कृषि कार्यों एवं सामान्य आवागमन में व्यवधान उत्पन्न होने लगा था।

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वर्तमान सरकार द्वारा प्रदेश में नहरों पर निर्मित क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों के लिए प्रथम बार रू0 300 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराकर प्रदेशव्यापी महाअभियान चलाकर 25050 पुल-पुलियों का जीर्णोद्धार, पुर्ननिर्माण व नवनिर्माण कराया गया। प्रदेश में स्थित नालों, गड्ढो की सफाई अल्प उपलब्ध धनराशि के कारण पहले मात्र 1500 से 1600 किमी0 प्रतिवर्ष ही हो पाती थी। वर्तमान सरकार द्वारा प्रथम बार सभी नालों की पूरी लम्बाई में सफाई कराने के लक्ष्य के अंतर्गत लगभग छः गुना धनराशि की व्यवस्था से विगत दो वर्षों में 25975 किमी0 की लम्बाई में नालों की सफाई कराई गयी।

वर्ष 2021-22 में भी कुल 23043 किमी0 लम्बाई में नालों की सफाई कराई गई है। विगत वर्षों में विभाग द्वारा 2248 नये राजकीय नलकूपों का निर्माण किया गया है। जिससे लगभग एक लाख हे0 अतिरिक्त सिंचन क्षमता का सृजन किया गया। प्रदेश सरकार किसानों को अधिक से अधिक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराते हुए कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी करा रही है।

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प्रदीप हत्याकांड के आरोपियों को बचाने के लिए जबरन तैयार किये जा रहे गवाह, भुक्तभोगियों ने सीओ को सौंपा ज्ञापन

HIGHLIGHTS

  • 21 मार्च को रात्रि में कथित तौर पर हत्या कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था शव
  • पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 19 अप्रैल को चार नामजद अभियुक्तों के खिलाफ 302 का मुकदमा हुआ था दर्ज

दुद्धी, सोनभद्र। जोरुखाड़ के प्रदीप हत्याकांड में मुकदमा पंजीकृत होने के उपरान्त आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस द्वारा विपक्षियों से मिलकर जबरन गवाह तैयार कर उन्हें बचाने का प्रयास किया जाने लगा है, ऐसा आरोप भुक्तभोगी गवाहों ने लगाया है। मंगलवार को जोरुखाड़ निवासी 7 ग्रामीणों ने पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुँच कर ज्ञापन सौंपा है।

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भुक्तभोगियों ने ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया है कि हम सभी लोग शाम के समय जोरुखाड़ एनएच 75 रोड पर कुछ सामान लेने के लिए गए थे कि जोरुखाड़ के युवक प्रदीप कुमार का हत्यारोपित रामकुमार यादव पुत्र मुंद्रिका यादव थाना विंढमगंज सोनभद्र ने हम सभी लोगों को धोखा देकर अपने बोलेरों में यह कह कर बैठाया कि चलिए विंढमगंज मार्किट से घूमकर आते है और वह मार्किट ना जाकर सीधे हम सभी को थाने ले गया। वहाँ जाने के बाद थाना में हम लोगों से बिना बताए सादे पेज पर हस्ताक्षर बारी बारी से बनवाया और कहा कि कुछ नहीं होगा। आप लोग क्यों डर रहे है, बाद में हम लोगों को यह पता चला कि रामकुमार यादव अपने पक्ष में हस्ताक्षर करवा लिया है।

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जानकारी मिलने पर जब हमलोग थाने पर गए और सादे पेज पर जो हस्ताक्षर किये है वो वापस ले ले लेकिन हम लोगों को वह पेपर नही दिया गया। सभी ग्रामीणों ने पुलिस क्षेत्राधिकारी से हस्ताक्षरित पेज व आधार कार्ड दिलवाए जाने की मांग किया है। साथ ही प्रकरण की जांच का मांग किया है। बता दे कि स्थानीय थाना क्षेत्र में बीते कुछ दिन पहले जोरुखाड़ रेलवे ट्रेक पर एक शव मिला था जिसका पहचान प्रदीप कुमार पुत्र रामकेश्वर निवासी जोरुखाड़ के रूप में हुआ था। जिस पर परिजनों ने पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को लिखित तहरीर देकर हत्या कर रेलवे ट्रेक पर फेकने का आरोप लगाया था।

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जिस घटना को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने थाना विंढमगंज को मुकदमा दर्ज कर जांच करने को निर्देशित किया। जिस पर स्थानीय थाना में 19 अप्रैल को चार लोगों के खिलाफ अधिनियम भा द सं 1860 के तहत धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

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बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ने वन स्टाप सेन्टर का किया औचक निरीक्षण

HIGHLIGHTS

  • निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई के साथ व्यवस्थाओं को बेहतर करने हेतु सीएमएस को किया निर्देशित
हर्षवर्धन केसरवानी
(संवाददाता)

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ई0 अशोक कुमार यादव ने सोमवार को जिला अस्पताल के पीकू वार्ड, एनआरसी वार्ड, वन स्टाफ सेन्टर का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वार्ड में साफ-सफाई के साथ व्यवस्थाओं को बेहतर करने हेतु सीएमएस को निर्देशित किया।

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इसके बाद बाल गृह बालक उरमौरा, खुला अल्प आश्रय गृह गुरमुरा, बाल गृह बालिका, बाल गृह, शिशु व आंगनबाड़ी केन्द्र उरमौरा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बेहतर ढंग से व्यवस्थाएं करने एवं साथ ही दिए गए निर्देशों की अनुपालन आख्या जिला प्रोबेशन कार्यालय को उपलब्ध कराने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया तथा कोविड-19 से प्रभावित बच्चे एवं एकल परिवारों के आवास पर जाकर मुलाकात भी किया।

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निरीक्षण के दौरान सीएमओ डाॅ0 आर0एस0 ठाकुर, सीएमएस डाॅ0 कान्ति कुमार,प्रशान्त शुक्ला, जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुनीत टण्डन, राजेश सिंह, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी रामचंद्र, बाल विकास परियोजना अधिकारी रावटसगंज सुजीत सिंह, दुद्धी शैलेश राम, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अखिल नारायण देव पांडे सदस्य अमित सिंह चन्देल,मांडवी सिंह,रंजना चौबे, अमरेश चंद्र पाठक किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य ओम प्रकाश त्रिपाठी, शीला सिंह, जिला समन्वयक सुश्री साधना मिश्रा, वन स्टॉप सेंटर प्रभारी सीमा द्विवेदी, संरक्षण अधिकारी गायत्री दुबे, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी नेहा अग्रहरि, सामाजिक कार्यकर्ता रोमी पाठक, वीणा राव, विपिन कुमार कनौजिया, रविता मौर्या, ओ•आर डब्ल्यू शेषमणि दुबे, सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहे।

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