सलखन, सोनभद्र। नाग पंचमी के अवसर पर दंगल समिति सलखन (शिवाला टोला मंदिर) द्वारा रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के सलखन गांव में स्थित शिवाला मंदिर पर दंगल का आयोजन कराया गया। बताते चलें कि सलखन गांव शिवाला मंदिर पर दंगल की परंपरा महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिवनाथ प्रसाद गोंड ने “नाग पंचमी” पर शुरुआत की थी तभी से यहां दंगल का खेल हर नाग पंचमी के अवसर पर समिति द्वारा कराया जाता है।
Advertisement (विज्ञापन)
आयोजित दंगल में चंचल पहलवान, शैलेन्द्र यादव पहलवान, मोहम्मद इजराइल, सुगवंता भारती, अजमल अली सहित अन्य पहलवानों ने भी भाग लिया, इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में समिति के संरक्षक अरविन्द कुमार सिंह गोंड जी (ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सलखन) ने दंगल का शुभारम्भ पहलवानों का हाथ मिलाकर किया। वही अध्यक्षता सोनू सिंह ने किया।
Advertisement (विज्ञापन)
इस अवसर पर मुख्य रूप से समिति के कोषाध्यक्ष विष्णुधर दुबे, मजनू शाह (पूर्व प्रधान), रामजी लाल, विकास पटेल, असलम खां, चंद्रमणि भारती, सुनील कुमार भारती, ओमप्रकाश सिंह गोंड, रेफरी रामलखन सहित आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संचालन सेवा नेता ने किया
सोनभद्र। जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह ने मंगलवार को जिला खनिज कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पोर्टल पर जारी आर0सी0 की वास्तविक स्थिति को कम्प्यूटर के माध्यम से देखा तो यह तथ्य संज्ञान में आया कि आर0सी0 के डिटेल भेजने का विवरण अधुरा पाया गया तो सम्बन्धित पत्रावली का परीक्षण करने के निर्देश दिये और वास्तविक स्थिति की जानकारी हेतु निदेशालय से पत्राचार करने के लिए निर्देशित किये।
Advertisement (विज्ञापन)
इस दौरान उन्होने कहा कि आर0टी0ओ0 और खनन विभाग आपस में समन्वय बनाकर पोर्टल से सम्बन्धित समस्याओं का निस्तारण समय से करना सुनिश्चित करें जिससे की आर0सी0 से सम्बन्धित समस्याओं का समय निस्तारण किया जाये। इस दौरान जिलाधिकारी ने सम्मन हेतु भेजे गये पत्रावलियों का भी जायजा लिया सम्मन हेतु भेजी गयी पत्रावलियों की स्थिति स्पष्ट न होने पर उसका डिस्पैच रजिस्टर के माध्यम से मिलान कराया गया।
Advertisement (विज्ञापन)
इसके बावजूद भी स्थित स्पष्ट नहीं हो सकी जिस पर जिलाधिकारी ने वरिष्ठ सहायक अब्दुल वारी गनी के वेतन भुगतान का रोक लगाने हेतु जयेष्ठ खान अधिकारी को निर्देशित किये कि जब तक पत्रावलियों का निस्तारण नहीं हो जाता तब तक इनके वेतन का भुगतान न किया जाये। इस दौरान जिलाधिकारी ने अवैध परिवहन के दौरान अवैध वाहन के खिलाफ की गयी कार्यवाही से सम्बन्धित रजिस्टर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जयेष्ठ खान अधिकारी को निर्देशित किये कि जो भी पत्रावलिया अधुरी है उसे एक सप्ताह में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
सोनभद्र। धर्म और सनातन संस्कृत में नाग पंचमी पर्व का अत्यंत धार्मिक महत्व है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि पर पड़ने वाला नाग पंचमी का यह पर्व हमारी संस्कृति और परंपरा को सास्वत बनाता है। इस दिन अखाड़ों में कुश्ती लड़ने, लम्बी कूद के अखाड़े कूदने, सन्ने से गुड़िया पीटने,पटना को लम्फाने व झूलने , झूला झूलने , कजरी गाने और सुनने, गुड़ व सोंठ के गोझे खाने की पारंपरिक रीति रिवाज हम सनातन संस्कृत के उपासक सार्थकता प्रदान करते हैं। ग्रामीण परिवेश में रहने वाले लोगों को गुड़िया के पावन पर्व की ये यादें आज मस्तिष्क पटल पर सहज ही चित्रित हो उठती हैं।
Advertisement (विज्ञापन)
इस त्यौहार पर पहलवान दंगल में लड़कर ईनाम जीतने के लिए लालायित रहते हैं, तो लड़कियां गुड़िया पीटने और सावन के गीत गाने के लिए उत्सुक रहती हैं । यह बात है मंगलवार को नाग पंचमी पर्व की महकता पर प्रकाश डालते हुए श्री सिद्धेश्वर महादेव सेवा संस्थान महुआंव पाण्डेय, घोरावल के संस्थापक राम अनुज धर द्विवेदी ने कहीं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित परम्परानुसार लोग सुबह उठकर गाय व बैलों को सींग में कंधे पर हल्दी युक्त सरसों का तेल लगाकर खरी नमक खिलाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। साथ ही गाय के गोबर से पूरे घर को गोंठा जाता है और घर की साफ सफाई पुताई आदि भी गृहणियों द्वारा किया जाता है। तदुपरांत स्नान करने के बाद कुछ लोगों द्वारा नाग देवता को लावा दूध चढ़ाया जाता है।
Advertisement (विज्ञापन)
साथ ही गो शाला में हूम कर नाग देवता की आराधना की जाती है। इस दिन लोगों द्वारा अपने घरों में व शिवालयों में भगवान शिव का दर्शन पूजन अभिषेक आदि कार्यक्रम भी किया जाता है। इसके बाद आज घर में अच्छे पकवान जैसे कड़ी,बरी,इड़हल,रसाज, आदि अनेकों प्रकार के व्यंजन अपने सुविधानुसार गृहणियां बनाती है। इस दिन सभी वर्ग के लोग कुरी डाकने, कुश्ती लड़ने, पूजा पाठ, ख़ान पान पर्यटन आदि में अपनी रूचिनुसार कार्यक्रम करते हैं। इस पर्व को लोग बड़े ही उत्साह से मनाते हैं।
नगर में तीन सेनानियों ने लिया था अंग्रेजों से मोर्चा।
आजादी के 75 वर्षों बाद भी आज तक नहीं बना इनके नाम का कोई स्मारक।
राबर्ट्सगंज (सोनभद्र): संपूर्ण देश- प्रदेश- में आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, इसके अंतर्गत स्वतंत्र संग्राम सेनानियों के सम्मान में स्मारक, स्मृति द्वार, सड़कों- भवनों का नामकरण, स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े स्थलों का जीर्णोद्धार, सेनानियों के गांव तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में तब्दील करने का जहां एक और तेजी के साथ जिला प्रशासन द्वारा कार्य कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के सेनानियों की अभी तक उपेक्षा की जा रही है। स्वतंत्र भारत का इतिहास में यह बताता है कि मिर्जापुर के दक्षिणांचल के आंदोलन का नेतृत्व सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी व्यापारी रईस नेता बलराम दास केसरवानी ने आदिवासी, जंगली इलाकों में पद यात्राएं कर आम जनता में आजादी का अलख जगाया था।
राबर्ट्सगंज स्थित चाचा नेहरू पार्क में लगा स्तंभAdvertisement (विज्ञापन)
आजादी के रजत जयंती वर्ष में जब वर्तमान सोनभद्र मिर्जापुर जनपद का भूभाग था, उस समय नगर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम की पट्टिका चाचा नेहरू बाल उद्यान में लगाई गई थी लेकिन दुर्भाग्य रहा कि इस प्रस्तर पट्टीका से जनपद मिर्जापुर के सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी देशभक्त सेनानी सन 1921 से लेकर 1947 तक स्वाधीनता आंदोलन में अपना तन- मन- धन न्योछावर करने वाले, 15 अगस्त 1947 को नगर में उच्च शिक्षण संस्थान की नीव रखने वाले, स्वतंत्र भारत के रॉबर्ट्सगंज टाउन एरिया के प्रथम अध्यक्ष बलराम दास केसरवानी इनके सहयोगी सरकारी नौकरी से त्यागपत्र देकर नगर से स्वतंत्रता आंदोलन की लड़ाई लड़ने वाले दिल्ली,झांसी, मिर्जापुर जेल में अंग्रेजों की क्रूरता, अत्याचार सहने वाले, सजा काटने वाले, जुर्माना झेलने वाले क्रांतिकारी चंद्रशेखर वैद्य, ब्रिटिश हुकूमत में पटवारी पद से इस्तीफा देकर आंदोलन में कूद पड़ने वाले एवं सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन नगर से सक्रिय भूमिका का निर्वहन करने वाले अली हुसैन उर्फ बेचू के निडरता, निर्भयता की कहानी आज भी लोगों में प्रचलित है कि पराधीनता मे भी राबर्ट्सगंज नगर के दरोगा पुरुषोत्तम सिंह के घर/थाना के सामने खड़े होकर भारत माता की जय का नारा लगाते हुए देश भक्ति गीत गाते थे।
ऐसे इतिहास पुरुषों को जिला प्रशासन मिर्जापुर वर्तमान प्रशासन सोनभद्र भूल चुका है। इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी ने बताया है कि आजादी की 75 वीं वर्षगांठ जिला प्रशासन सोनभद्र द्वारा हर्ष उल्लास के साथ मनाने का निर्णय लिया है। जिला प्रशासन द्वारा अपनी कार्य योजना में जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के चाचा नेहरू बाल उद्यान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, क्रांतिकारी बलराम दास केसरवानी की मूर्ति, यहां पर अवस्थित गौरव स्तंभ में नगर के सेनानियों का नाम अंकित कराते हुए इनके नाम पर स्मृति द्वार, चौराहा का नामकरण, सेनानियों के आवास के आसपास स्थित तालाबों को अमृत सरोवर में तब्दील करने जैसा कार्य करना चाहिए। ताकि भावी पीढ़ियां इन क्रांतिकारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों सदकर्मों से शिक्षा प्राप्त कर देश सेवा कर सके।
राबर्ट्सगंज स्थित चाचा नेहरू पार्क में लगा स्तंभAdvertisement (विज्ञापन)
आधार संख्या प्राप्त करने का उद्देश्य मतदाता सूची में उनकी प्रविष्टियों का प्रमाणीकरण और भविष्य में उन्हें बेहतर चुनावी सेवाएं प्रदान करना है- जिलाधिकारी
हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)
सोनभद्र। सोमवार को उरमौरा स्थित विन्ध्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आधार नम्बर एकत्रीकरण अभियान कार्यक्रम का अयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह द्वारा मां सरस्वती की तस्वीर पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्राओं ने सरस्वती वन्दना व मनमोहक गीत प्रस्तुत किया गया और मतदाता जागरूकता पर भाषण के माध्यम से मतदान के महत्व को बताया गया।
Advertisement (विज्ञापन)
वही अयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय की 5 छात्राओं ने आधार एकत्रीकरण के लिए फार्म-6 ख भरकर जिलाधिकारी को उपलब्ध कराया। इस दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि आधार नम्बर एकत्रीकरण अभियान का शुरूआत हो चुका है और बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर आधार नम्बर की सूचना फार्म-6बी में भरकर एकत्रित की जाएगी, प्राप्त सभी आफलाईन फार्म-6बी को बीएलओ द्वारा गरूण ऐप का प्रयोग करके या ईआरओ द्वारा ईआरओ नेट का प्रयोग करके फार्म प्राप्त होने के 7 दिनों के भीतर डिजिटाईन फार्म किया जाएगा। सम्बन्धित मतदाता, मतदाता सेवा पोर्टल तथा वोटर हेल्पलाईन ऐप पर आनलाईन फार्म 6बी भर सकता है तथा यूआईडीएआई में पंजीकृत अपने मोबाईल नंबर पर प्राप्त होने वाली ओटीपी का उपयोग करके आधार को स्वयं प्रमाणित कर सकता है। आधार नंबर एकत्र करने की विशेष अभियान की तिथियां 7 अगस्त, 2022 (रविवार) तथा 21 अगस्त,2022 (रविवार) निर्धारित की गयी है। आधार नम्बर उपलब्ध कराना पूरी तरह से स्वैच्छिक है।
Advertisement (विज्ञापन)
आधार संख्या प्राप्त करने का उद्देश्य मतदाता सूची में उनकी प्रविष्टियों का प्रमाणीकरण और भविष्य में उन्हें बेहतर चुनावी सेवाएं प्रदान करना है। यदि किसी मतदाता के पास आधार नम्बर नहीं है, तो वह मतदाता फार्म-6बी में उल्लिखित 11 प्रकार के दस्तावेजों में से जैसे- मनरेगा जाॅब कार्ड, बैंक/डाकघर द्वारा जारी पासबुक, श्रम मंत्रालय की स्कीम के अधीन जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाईसेंस, पैन कार्ड इत्यादि का विवरण उपलब्ध करा सकता है। किसी भी परिस्थिति में आधार नम्बर को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। मतदाता सूची में पंजीकृत सभी मतदाताओं से आधार नंबर एकत्रित करने की कार्यवाही 31 मार्च, 2023 तक पूर्ण की जानी है। उन्होंने बताया कि मतदाताओं द्वारा आधार उपलब्ध कराना स्वैच्छिक है और इस आधार पर उनका नाम मतदाता सूची के डेटाबेस से अपमार्जित नहीं किया जाएगा कि उनके द्वारा आधार नहीं उपलब्ध कराया गया है। जिलाधिकारी ने आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 के टीकाकरण के लिए 17 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले लोगों को प्रेरित करें, ताकि कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रह सके। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घर के आस-पास गढ्ढों में पानी इकठ्ठा न होने दें, इसका पूरी तरह से ध्यान रखें, ताकि गढ्ढों में पानी इकठ्ठा होने के कारण ही मच्छर आदि पनपते हैं, जो लोगों को काटने से मलेरिया, डेंगूं, जैसे बीमारी को दावते देते हैं।
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने पर महाविद्यालय के प्राचार्या, उनकी टीम, विद्यालय के छात्राओं व अन्य सम्बन्धितों को आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य रुप से अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) सहदेव कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी सदर रमेश कुमार, तहसीलदार सदर सुनील कुमार, सहायक निर्वाचन अधिकारी जगरूक सिंह, खण्ड विकास अधिकारी राबर्ट्सगंज उमेश सिंह, विन्ध्य कन्या महाविद्यालय के प्राचार्या अंजली विक्रम सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
TMC की महिला सांसद काकोली घोष दस्तीदार आज गुस्से में बोलीं कि क्या सरकार चाहती है कि हम कच्ची सब्जियां खाएं. सांसद ने कहा कि सिलेंडर की दरों को कम किया जाना चाहिए. विरोध में उन्होंने संसद में कच्चा बैंगन खाकर दिखाया.
Monsoon Session: संसद में इस वक्त मॉनसून सत्र चल रहा है. ऐसे में आज महंगाई पर चर्चा हुई. इस दौरान TMC की महिला सांसद काकोली घोष दस्तीदार (Kakoli Ghosh Dastidar) ने लोकसभा में खड़े होकर एक कच्चा बैगन खाया. दरअसल यह टीएमसी सांसद का महंगाई पर विरोध जताने का अपना तरीका था. इसके साथ उन्होंने कहा कि रसोई गैस इतनी महंगी है कि कच्ची सब्जियां ही खानी पड़ेंगी.
सिलेंडर के दाम बढ़ने से नाराज थीं सांसद
कच्चा बैंगन खाकर महंगाई का विरोध करने वाली TMC सांसद काकोली घोष ने LPG सिलेंडर के दाम करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में रसोई गैस सिलेंडर के दाम 4 बार बढ़ाए गए हैं. पहले रसोई गैस 600 रुपये थी, जो अब 1,100 रुपये है. वे गुस्से में बोलीं कि क्या सरकार चाहती है कि हम कच्ची सब्जियां खाएं. सांसद ने कहा कि सिलेंडर की दरों को कम किया जाना चाहिए.
नहीं खाया बैंगन
हालांकि विरोध के दौरान उन्होंने बैंगन को खाया नहीं बल्कि सिर्फ दांत से काटा और दर्शाया कि वो इसे खा रही हैं. उन्होंने कहा कि ये सब्जी मैं कच्चा खाने की बात कर रही हूं. उन्होंने संसद में अपनी बात रखते हुए कहा कि आज के समय में गरीब और मजबूर किस तरह से इतना महंगा सिलेंडर खरीद पाएगा. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये जो कच्चा खान खिलाने की आदत डलवाना चाहते हैं इसे बंद करना होगा.
इस दौर को किया याद
काकोली घोष (Kakoli Ghosh Dastidar) ने पुराने दौर को भी याद किया. उनके मुताबिक एक जमाने में सिलेंडर (Cylinder) के दाम जब बढ़ाए गए थे तो इसी सरकार के एक नेता खाली सिलेंडर लेकर परिसर (Parliament) पर आए और सिलेंडर के बढ़े हुए दामों का विरोध किया था लेकिन आज कोई विरोध करता है तो उसकी आवाज को दबा दिया जाता है.
रामगढ़ गुरौटी रोड पर शिव सरोवर स्थित शिव मंदिर प्रांगण में चल रहा कार्यक्रम
सोनभद्र। सर्व धर्म सम भाव के संकल्प के साथ भिखारी आश्रम रामगढ़ के गुरौटी रोड पर शिव सरोवर स्थित शिव मंदिर प्रांगण में सोमवार को दूसरे दिन शिव पुराण महायज्ञ में भक्तगणों ने ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप किया। वहीं शिव पुराण कथा में शिवजी की महिमा का बखान सुनकर भक्तगण भाव-विभोर हो गए। इस दौरान चल रहे अखंड भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
Advertisement (विज्ञापन)
कार्यक्रम के आयोजक भिक्षुक भिखारी जंगली बाबा ने बताया कि यज्ञाचार्य एवं अन्य आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के जरिए सोमवार को दूसरे दिन विधिवत पूजन-अर्चन के बाद शिव पुराण महायज्ञ शुरू की गई। वातावरण शुद्ध बनाए रखने के लिए जड़ी बूटियों एवं हवन सामग्री से हवन किया गया। जिससे लोग निरोग रहें। काशी से आए आचार्य पंडित योगेश ब्रम्हचारी जी महाराज के जरिए शिव पुराण कथा सुनाई गई। जिसमें शिवजी की महिमा का बखान सुनकर भक्तगण भाव-विभोर हो गए।यज्ञ के यजमान रेवती तिवारी, उनकी धर्मपत्नी रामा देवी एवं संदीप दीवान के द्वारा यज्ञ मंडप का विधिवत पूजन-अर्चन करने के बाद रुद्राभिषेक किया गया।
यज्ञ मंडप की परिक्रमा भी भक्तगणों द्वारा की गई। भिक्षुक भिखारी जंगली बाबा ने भगवान भोलेनाथ से बारिश के लिए याचना किया। कहा कि आशुतोष तुम औघड़दानी आरति हरहु दीन जन जानी। आशुतोष सब को संतुष्ट करने वाले हैं। अखंड भंडारे में भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया । आचार्य दिनेश कुमार पांडे, शैलेंद्र तिवारी, प्रमोद तिवारी,रेवती तिवारी, आशा देवी, कालो देवी, मुन्ना बाबा, बच्चन महाराज,परमानंद महाराज आदि लोग मौजूद रहे।
रेनुकूट, सोनभद्र। सोनभद्र जिला किसी जान-पहचान का मोहताज नहीं है ये सभी को मालूम है लेकिन सोनभद्र और उसके रहवासियों को जबरदस्त लूटा जा रहा है। जी हां आपने सही सुना जब से मिर्जापुर से अलग होकर सोनभद्र जिला बना है तब से यहां की संपत्ति को बस लूटा ही जा रहा है। जिससे करोड़ो की राजस्व की क्षति राज्य सरकार को उठानी पड़ती है। बात की जाए यहां के स्थानीय कामगारों की तो उनका शोषण इस कदर होता है कि वो न तो उगल सकते है और न ही पूरी तरह निगल सकते है। उर्जांचल के रेणुकूट स्थित हिंडाल्को में कार्यरत मज़दूरों का शोषण लगातार होता आ रहा। जिसको लेकर कई बार मज़दूर लामबंद भी हुए लेकिन स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ। फिर एक बार मज़दूरों के हित के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष निशा बबलू सिंह आगे आई है और उनका प्रयास है कि मज़दूर को उनका वास्तविक हक मिल कर रहे।
Advertisement (विज्ञापन)
इसी सिलसिले में हिंडालको मेन गेट पर मज़दूर भाइयों के हित के लिए उनके द्वारा एक नोटिस चस्पा किया गया था। लेकिन ये बात हिंडाल्को प्रबंधन को इतनी न गवार गुज़री की बिना कुछ सोचे अपने बाउंसर और कुछ सिक्योरिटी गार्डों के द्वारा उस नोटिस को नोटिस बोर्ड से फाड़ कर हटावा दिया गया। जब कंपनी के आदमी को रंगे हांथो पकड़ा गया तो निशा बबलू सिंह के टीम के सदस्यों से लड़ने लगा और देख लेने की धमकी देने लगा। वहीं टीम के सदस्यों का कहना है कि, हम तो मजदूरों की हक को दिलाने में मदद की मकसद से नोटिस चस्पा किया गया था लेकिन हिंडाल्को मैनेजमेंट नहीं चाहता कि मज़दूर अपने हक के लिए हिंडाल्को के सामने अपनी आवाज उठाए इसीलिए कंपनी के द्वारा नोटिस को फाड़ दिया गया। इस कृत्य के लिए कंपनी व मैनेजमेंट के बाउंसर सिक्योरिटी की घोर निंदा किया है। टीम की यह भी कहना हैं कि हम निशा बबलू सिंह के टीम के सदस्य है हम किसी भी तानाशाही के खिलाफ है मज़दूरों के हक के लिए हम निरंतर कोशिश करते रहेंगे।
सांस्कृतिक प्रतिभा खोज कार्यक्रम में स्थानीय करमा नृत्य व गायक कलाकारों ने की सुन्दर प्रस्तुति
सांस्कृतिक प्रतिभा खोज द्वारा स्थानीय लोक कलाओं के संरक्षण एवं संबर्धन पर दिया जाये बल- एडीएम नमांमि गंगे
हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)
सोनभद्र। आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत छपका स्थित राजकीय महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय ‘सांस्कृतिक प्रतिभा खोज’ कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नमांमि गंगे) आशुतोष दूबे, प्राचार्य वन्दना सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, विजय शंकर चतुर्वेदी, दीपक कुमार केसरवानी, सुनील तिवारी, अजय प्रताप कटियार नामित सदस्यगण उपस्थित रहेें।
Advertisement (विज्ञापन)
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सोनभद्र जनपद की सांस्कृतिक विधाओं-लोक गायन, लोकनाट्य, भजन, लोक गीत बिरहा पार्टी व विभिन्न विधाओं के लगभग 50 से अधिक प्रतिभावान कलाकारों का चयन निर्णायक मण्डल कमेटी द्वारा किया गया। उन्होंने आगे कहा कि इस कार्यक्रम के द्वारा सोनभद्र के लोक कलाकारों द्वारा प्राचीन भारतीय लोक गायन एवं संगीत के विविध आयामों के जीवंत किया गया। ये सांस्कृतिक विधाएं ही किसी भी देश समाज की सशक्त अर्मूत धरोहर होती है। अपर जिलाधिकारी नमांमिम गंगे ने कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ऐसे कार्यक्रमों द्वारा जनपद की सांस्कृतिक मानवीय धरोहर को प्रोत्साहित कर राष्ट्रीय पटल पर पहुॅचाने का कार्य करती है। इन्ही कलाकारों में से आगे बढ़ते हुए पदमश्री पुरस्कारों को सुशोभित करते है।
Advertisement (विज्ञापन)
राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्या ने सभी कलाकारों की प्रस्तुति का गहनता से अवलोकन करते हुए उनकी अन्दर छुपी हुए प्रतिभा को निखारने पर बल दिया, उन्होंने सभी कलाकारों के शानदार अभिनव एवं मंचन बधाई दी। इस अवसर पर अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिह ने आये हुये कलाकारों व समिति के सदस्यगणों कार्यक्रम मेें महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कार्मिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस मौके पर नेसार अहमद, युवराज सिंह संरक्षक सूचना केन्द्र, मुकेश कुमार, जगदीश प्रसाद, आर्यभट्ट सहित अन्य उपस्थित रहें।
महोत्सव के समापन समारोह का आयोजन प्रेमचंद जी के पैतृक गांव लमही में प्रेमचंद स्मारक और रामलीला मैदान में भव्यता के साथ आयोजित हुआ।
संस्कृति विभाग ने विद्वानों को किया सम्मानित
वाराणसी। क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र वाराणसी एवम संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर आयोजित त्रिदिवसीय मुंशी प्रेमचंद लमही महोत्सव 2022 के अन्तर्गत विविध कार्यक्रमों का आयोजन शहर में 29 से 31 जूलाई तक किया गया। रविवार को महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन मुख्य कार्यक्रम का आयोजन प्रेमचंद जी के पैतृक गांव लमही में प्रेमचंद स्मारक और रामलीला मैदान, लमही में भव्यता के साथ आयोजित हुआ।
इसके अंतर्गत प्रात: शहर के विद्वानों, साहित्य प्रेमियों, जन सामान्य द्वारा प्रेमचंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि का वृहद आयोजन हुआ तदोपरांत संस्कृति विभाग द्वारा विद्वानों का सम्मान किया गया। इस क्रम में हरेराम द्विवेदी, प्रो० शाहिना रिज़वी, डा दयानंद जी का पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार व प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया।
महोत्सव के अगली कड़ी में रामलीला मैदान पर संस्कृति आयोजन भी किया गया। इसमें शहर की विविध संस्थाओं, विद्यालयों द्वारा प्रेमचंद की रचनाओं सवासेर गेहूं, सद्गति, ठाकुर का कुंआ, मंत्र, पंच परमेश्वर पर आधारित कठपुतली वा नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक संदेश देने का प्रयास किया गया, इसके अतिरिक्त लोकगायन बिरहा, कजरी आदि प्रस्तुतियां भी हुई, दर्शक और श्रोताओं ने आयोजन को खूब पसंद किया गया। महोत्सव का समापन प्रेमचंद जी के स्मारक, पैतृक निवास, कुएं और तालाब पर दीपोत्सव के रूप में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर प्रो० राजाराम शुक्ल, पूर्व कुलपति, डॉ संपूर्णानंद संस्कृत विश्ववियालय ने किया। समस्त कार्यक्रमों का संयोजन और अतिथियों का स्वागत प्रभारी, क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी डा सुभाष चन्द्र यादव ने किया, समारोह का संचालन डा सुजीत कुमार चौबे, सौरभ चक्रवर्ती और आयुषी ने किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में ग्रामप्रधान प्रतिनिधि लमही संतोष कुमार, अमित गुप्ता, सहायक निदेशक भारत पर्यटन,राजीव गौण, शैज खान, डा हरेंद्र नारायण सिंह, कुमार आनंद पाल, पंचबहादुर, बलराम यादव, आशुतोष श्रीवास्तव, सुरेश दुबे, प्रदीप कुमार आदि ने बहुविध सहयोग प्रदान किया। इस अवसर डा मुक्ता, डा श्रद्धानंद, डा रामसुधार सिंह, अत्रि भारद्वाज, गिरीश चंद्र द्विवेदी, उपजिलाधिकारी, राजातालाब, पुष्पेंद्र पटेल, उपजिलाधिकारी, पिंड्रा, हिमांशु भारद्वाज, संगीता श्रीवास्तव, विश्वनाथ दुबे, दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।