अहरौरा के यजमान दम्पती ने किया रुद्राभिषेक

HIGHLIGHTS

  • जयकारे लगाते हुए भक्तगणों ने की यज्ञ मंडप की परिक्रमा
  • अखंड भंडारे में श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण
  • रामगढ़ गुरौटी रोड पर शिव सरोवर स्थित शिव मंदिर प्रांगण में चल रहा कार्यक्रम

सोनभद्र। सर्व धर्म सम भाव के संकल्प के साथ भिखारी आश्रम रामगढ़ के गुरौटी रोड पर शिव सरोवर स्थित शिव मंदिर प्रांगण में शनिवार को सातवें दिन शिव पुराण महायज्ञ में अहरौरा से आए दम्पती ने रुद्राभिषेक किया। इसके अलावा जयकारे लगाते हुए भक्तगणों ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा की। साथ ही शिव पुराण की कथा सुनकर भक्तगण भाव-विभोर हो गए। इस दौरान चल रहे अखंड भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

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कार्यक्रम के आयोजक भिक्षुक भिखारी जंगली बाबा ने बताया कि यज्ञाचार्य एवं आचार्यों योगेश तिवारी व कौशल तिवारी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के जरिए विधिवत पूजन-अर्चन के बाद शिव पुराण महायज्ञ शुरू कराई गई। वातावरण शुद्ध बनाए रखने के लिए जड़ी बूटियों के मिश्रण से बनी हवन सामग्री से हवन किया गया। ताकि लोग निरोग रहें। आचार्य पंडित उमाशंकर त्रिपाठी जी महाराज ने कहा कि चाहे कितनी ही विषम परिस्थिति हो भगवान शंकर की तरह हमेंशा मुस्कुराते रहना चाहिए। क्योंकि इससे चाहे कितना भी बड़ा संकट हो संकट कट जाता है। जिसे सुनकर भक्तगण भाव विभोर हो गए। आचार्य कौशल तिवारी द्वारा रुद्राभिषेक कराया गया।

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यजमान अहरौरा निवासी प्रहलाद मौर्य व उनकी धर्मपत्नी ऊषा देवी के अलावा भिखारी भोले सेवा ट्रस्ट की उपाध्यक्ष चिंता मौर्या व उनकी सास विमला देवी ने रुद्राभिषेक किया। रामा देवी, कालो देवी, प्रेमावती,आशा देवी, भिखारी बाबा, रेवती तिवारी, हीरा, सत्यनारायण जायसवाल आदि भक्तगणों ने जयकारे लगाते हुए यज्ञ मंडप की परिक्रमा की। अंत मे हवन-पूजन के बाद आरती की गई। वहीं अखंड भंडारे में भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया । आचार्य दिनेश कुमार पांडे, शैलेंद्र तिवारी, प्रमोद तिवारी, मुन्ना बाबा, बच्चन महाराज, परमानंद महाराज, संत सुखराम, अजय कुमार सिंह, संगीता, मनोज केसरी, रमेश उम्र बैश्य आदि लोग मौजूद रहे।

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एसडीएम रमेश कुमार ने कांवरियों के लिए लगाए गए मेडिकल हेल्थ कैंप का किया निरीक्षण

HIGHLIGHTS

  • असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है- एसडीएम
  • कावड़ियों के यात्रा के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत न हो इसलिए जिला प्रशासन ने की है पुलिस के जवानों की जगह जगह तैनाती
हर्षवर्धन केसरवानी
(संवाददाता)

सोनभद्र। कावड़ मार्ग पर लगाए जाने वाले निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का सदर एसडीएम रमेश कुमार ने शनिवार को निरीक्षण किया है। बताते चलें कि जलाभिषेक के लिए जाने वाले कांवरियों के लिए यात्रा के दौरान आने वाले स्वास्थ्य समस्याओं के निजात के लिए मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया है।

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बता दें कि कावड़ यात्रा में कोई भी व्यवधान उत्पन्न ना हो इसके लिए प्रशासन ने भी कमर कस ली है और विभाग ने कावड़ियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी से बचाने की खास व्यवस्था भी की है। इस दौरान एसडीएम सदर ने कहा कि कावड़ियों के यात्रा के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत न हो इसलिए जिला प्रशासन ने पुलिस के जवान जगह जगह पर तैनात किए गए है तथा असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

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आशा हत्याकांड मामले में दोषी पति को हुई उम्रकैद, ससुर समेत दो आरोपी साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त

सोनभद्र। सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव की अदालत ने शनिवार को सुनवाई करते हुए आशा हत्याकांड के मामले में दोषसिद्ध पाकर दोषी पति आनंद कुमार दुबे उर्फ पंडित को उम्रकैद एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं साक्ष्य के अभाव में ससुर समेत दो आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।

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अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोन थाना क्षेत्र के केवाल गांव निवासी श्याम बिहारी तिवारी पुत्र स्वर्गीय राम आधार तिवारी ने राबर्ट्सगंज कोतवाली में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी बेटी आशा की शादी रायपुर थाना क्षेत्र के गोटीबांध गांव निवासी आनंद कुमार दुबे उर्फ पंडित पुत्र सम्पूर्णानन्द दुबे के साथ हुई थी। ससुराल जाने पर दहेज में मोटरसाइकिल की मांग की जाने लगी। जिसके लिए बेटी आशा को प्रताड़ित किया जाने लगा। इसकी जानकारी 27 जुलाई 2013 को बेटी द्वारा मोबाइल से दी गई तो बेटी के पति को समझाया गया, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इसीबीच 31 जुलाई 2013 को आशा के मौत की सूचना मिली। बेटी की हत्या कर उसकी लाश को ससुराल वाले छुपाना चाहते हैं।

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जिससे साफ जाहिर होता है कि बेटी आशा की हत्या करके साक्ष्य को छुपाने का कार्य किया गया है। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी पति आनन्द कुमार दुबे उर्फ पंडित को उम्रकैद एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन
माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं ससुर सम्पूर्णानन्द दुबे व सुरेश चौबे को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने बहस की।

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सोनभद्र: राष्ट्र भक्ति के रंग में रंग जाएं, चलो हर घर तिरंगा फहराएं – डीएम चंद्र विजय सिंह

HIGHLIGHTS

  • 13 से 15 अगस्त हर घर में तिरंगा फहराने व प्रयोग करने विषयक जिलाधिकारी ने दिया सुझाव
  • अपने घर और अपनों के घर पर, हमारा प्यारा तिरंगा फहरेगा – जिलाधिकारी

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

सोनभद्र। जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह ने शुक्रवार को जनपदवासियों से आत्मीय सम्बोधन में कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगाठ के अवसर पर इस 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की अमृत बेला पर हम सभी जनपदवासियों को बहुत अद्भूत पल के गवाह होने जा रहे है। देशव्यापी 13 से 15 अगस्त हर घर तिरंगा अभियान में जनपदवासी शामिल होकर देश की आजादी का अमृत महोत्सव मनाने की जिलाधिकारी ने अपील की।

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उन्होंने कहा कि राष्ट्र ध्वज के लिए हर देशवासी के लिए सम्मान का प्रतीक है। आइएं हम सभी इस 13 से 15 अगस्त तक अपने घरों पर तिरंगा फहराएं और हर घर तिरंगा अभियान में भागीदार बनें। जिलाधिकारी ने जनमानस को भारतीय ध्वज को फहराने व प्रयोग करने के विषयक सुझावध्निर्देश की कई शार्ट वीडियों क्लिप प्रसारित करते हुए बताया कि कैसे फहराएं तिरंगा। छड़ी हो, राड़ हो, या हो पेड़ की किसी डाली, घर पर उपलब्ध चीजों -पिन, क्लिप, रस्सी आदि चीजों का इस्तेमाल करके अपने घर पर भी फहराएं तिरंगा। झण्डा फहराते समय ध्यान रखे कि आकाश पर ऊचॉ लहराएं, धरती न छुने पाएं, राष्ट्रीय ध्वज है मान देश का, इसकी छवी धूमिल न होने पाए। उन्होंने बताया कि तिरंगे को घर की बालकनी, दरवाजे, या खिड़की पर, ध्वज को फहराएं ऊचॉ। भगवॉ ऊपर, फिर सफेद, और सबसे नीचे हो हरा। सही क्रम में लहराएं तिरंगा। भारतीय ध्वज को फहराने व प्रयोग करने के निर्देश, ध्वज को सम्मानपूर्ण तरीके से ऐसी जगह लगाया जाय , जहां से वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे ।

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ध्वज का केसरिया रंग सदैव ऊपर की ओर हो। ध्वज झुका हुआ न हो। फटा या मैला ध्वज नहीं फहराया जाता। किसी दूसरे ध्वज या पताका को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचा या ऊपर नहीं लगाया जायेगा, न ही बराबर में रखा जायेगा। ध्वज पर कुछ भी लिखा या छपा नहीं होना चाहिए। झण्डे को किसी वस्तु को प्राप्त करने, देने, पकड़ने अथवा ले जाने के पात्र के रूप में प्रयोग नहीं किया जायेगा। झण्डे को जान बूझकर जमीन अथवा फर्श को छूने अथवा पानी में घसीटने नहीं दिया जायेगा। झण्डे का प्रयोग किसी भवन में परदा लगाने के लिए नहीं किया जायेगा। झण्डे को किसी अन्य झण्डे अथवा झण्डों के साथ एक ही ध्वज दण्ड से नहीं फहराया जाय। जब ध्वज फट जाये या मैला हो जाये तो उसे एकान्त में दफनाकर पूरा नष्ट किया जायेगा। ऐसा करते समय फोटो ग्राफी या विडियों ग्राफी न करवाया जाय। हर घर तिंरगा अभियान 13 से 15 अगस्त झण्डारोहण का समय बीत जाने के बाद उसे सम्मानपूर्वक उतार कर तहपूर्वक अपारदर्शी थैले में आलमारी के सबसे ऊपर वाले खाने में रखा जाना चाहिये।

ध्वज के ऊपर अन्य कोई सामान नही रखा जाना चाहिये। विशेष परिस्थितियों में झण्डा रात्रि में फहराया जा सकता है । हर घर पर झण्डा विधिवत तरीके से लगाया जाना चाहिए। झण्डे को यदि सरकारी परिसर में फहराया जाता है तो सूर्योदय के उपरान्त ध्वजारोहण किया जाना चाहिए तथा सूर्यास्त के साथ ही सम्मान के साथ इसे उतारना चाहिए।

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आकाशीय वज्रपात से होने वाली जनहानि व पशुहानि से बचने के लिए अपने मोबाइल में डाउनलोड करें दामिनी ऐप – जिलाधिकारी

सोनभद्र। जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह ने जानकारी देेते हुए बताया कि बरसात के मौसम
में प्रायः आकाशीय विद्युत/वज्रपात से अत्यधिक जनहानि व पशुहानि की घटनाएं होती हैं। उक्त जनहानि/पशुहानि एवं अन्य प्रकार की क्षति को रोके जाने के सम्बन्ध में अल्पकाल में किए जाने वाले प्रयासों सें दामिनी ऐप के माध्यम से वज्रपात/आकाशीय विद्युत की पूर्व चेतावनी/अलर्ट को अधिक से अधिक व्यक्ति तक दामिनी ऐप पहुंचाने के उद्देश्य जागरूकता फैलाई जाये। जिलाधिकारी ने बताया कि इसी क्रम में जनपद के समस्त खण्ड विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के संबंधित ग्रामों के अपने ब्लाक के अंतर्गत आकाशीय विद्युत से प्रभावित होने वाले अतिसंवेदनशील/संवेदनशील ग्रामों में सचिवों के माध्यम से लोगों को इस ऐप के बारे में जानकारी दी जाये।

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उन्होंने कहा कि समस्त उप जिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी अपने-अपने तहसील व खण्ड विकास कार्यालयों पर समस्त लेखपालों व ग्राम पंचायत सचिवों के साथ बैठक कर दामिनी ऐप समस्त कार्मिकों के मोबाइल में अपलोड कराकर उसकी सूचना निर्धारित प्रारूप में जिला आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण,सोनभद्र को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

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उन्होंने आगे कहा कि समस्त लेखपाल/ग्राम पंचायत सचिव दामिनी ऐप अपने मोबाइल में अपलोड करने के पश्चात आपसी समन्वय स्थापित कर ग्राम पंचायत स्तर पर समस्त ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों के साथ बैठक कर जन जागरूकता करते हुए उनके मोबाइल में दामिनी ऐप डाउनलोड कर उसकी निर्धारित प्रारूप पर जिला आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण,सोनभद्र को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगें, जिसमें आम जनमानस को दामिनी ऐप द्वारा आकाशीय विद्युत से बचाव की पूर्व जानकारी प्राप्त हो सके, जिससे कि लोगों का जीवन सुरक्षित रहें।

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जयकारे लगाते हुए भक्तगणों ने की यज्ञ मंडप की परिक्रमा

HIGHLIGHTS

  • अखंड भंडारे में श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण
  • रामगढ़ गुरौटी रोड पर शिव सरोवर स्थित शिव मंदिर प्रांगण में चल रहा कार्यक्रम

सोनभद्र। सर्व धर्म सम भाव के संकल्प के साथ भिखारी आश्रम रामगढ़ के गुरौटी रोड पर शिव सरोवर स्थित शिव मंदिर प्रांगण में शुक्रवार को छठवें दिन शिव पुराण महायज्ञ में जयकारे लगाते हुए भक्तगणों ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा की। साथ ही शिव पुराण की कथा सुनकर भक्तगण भाव-विभोर हो गए। इस दौरान चल रहे अखंड भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के आयोजक भिक्षुक भिखारी जंगली बाबा ने बताया कि यज्ञाचार्य एवं आचार्यों योगेश तिवारी व कौशल तिवारी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के जरिए विधिवत पूजन-अर्चन के बाद शिव पुराण महायज्ञ शुरू कराई गई। वातावरण शुद्ध बनाए रखने के लिए जड़ी बूटियों के मिश्रण से बनी हवन सामग्री से हवन किया गया। ताकि लोग निरोग रहें।

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आचार्य पंडित उमाशंकर त्रिपाठी जी महाराज के जरिए शिव पुराण कथा सुनाई गई। जिसे सुनकर भक्तगण भाव विभोर हो गए। आचार्य कौशल तिवारी द्वारा रुद्राभिषेक कराया गया। भिखारी भोले सेवा ट्रस्ट की उपाध्यक्ष चिंता मौर्या, विमला देवी, रामा देवी, कालो देवी, प्रेमावती,आशा देवी, भिखारी बाबा, रेवती तिवारी, हीरा, सत्यनारायण जायसवाल आदि भक्तगणों ने जयकारे लगाते हुए यज्ञ मंडप की परिक्रमा की। अंत मे हवन-पूजन के बाद आरती की गई। वहीं अखंड भंडारे में भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया । आचार्य दिनेश कुमार पांडे, शैलेंद्र तिवारी, प्रमोद तिवारी, मुन्ना बाबा, बच्चन महाराज, परमानंद महाराज आदि लोग मौजूद रहे। भिखारी बाबा ने बताया कि अगला कार्यक्रम प्रदेश की राजधानी लखनऊ में होगा। जहां पर गोमती नगर में कन्याओं की शादी एवं यज्ञ कराने का संकल्प लिया गया है।

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कल संकट मोचन मंदिर पर भव्य भजन संध्या का होगा आयोजन

राबर्ट्सगंज, सोनभद्र। जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज स्थित राम जानकी संकट मोचन मंदिर पर कल दिनांक 6 अगस्त दिन शनिवार को शाम 5:30 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। आयोजक मंदिर के पुजारी राजकुमार पांडे ने बताया है कि वाराणसी से आ रही न्यू बनारस जागरण मंच की टीम द्वारा भगवान भोलेनाथ की एक से बढ़कर एक भजनों एवं कजरी का गायन किया जाएगा। उन्होंने शिव भक्तों से अपील करते हुए कहा है कि अधिक से अधिक संख्या में आकर भजन संध्या का आनंद लें।

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रामलीला कलाकारों को रोजगार परक बनाने के लिए चलाई जा रही है रामायण कल्चर मैपिंग योजना -दीपक कुमार केसरवानी

आज आप रामलीला देखकर रोमांचित जरूर हो जाते होंगे, बचपन की खट्टी मीठी यादें ताजा हो जाती होंगी। उत्तर प्रदेश का अयोध्या जनपद भगवान श्री राम की जन्मभूमि- कर्मभूमि होने के कारण रामलीला मंचन की परंपरा आज भी गांव, शहर, कस्बों में कायम है। लोककला रामलीला
स्वस्फूर्त होकर रामलीला का मंचन करने वाले लोक कलाकारों के आर्थिक प्रोत्साहन एवं इस कला को जीवंत बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार द्वारा रामायण कल्चर मैपिंग योजना संचालित किया जा रहा है।
संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के अयोध्या शोध संस्थान लखनऊ निदेशक डॉक्टर लव कुश द्विवेदी द्वारा इस योजना के अंतर्गत सोनभद्र जनपद के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर/उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के नामित विशेषज्ञ/ इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी से लिए गए साक्षात्कार का मुख्य अंश-

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आप हमारे पाठको को रामायण कल्चर मैपिंग योजना के बारे में बताएं?
इस योजना की शुरुआत देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रामलीला के उन कलाकारों के लिए किया गया है जो कोरोना संक्रमण काल के कारण 2 वर्षों तक आर्थिक तंगी के शिकार हो गए थे, अर अर्थोपार्जन के लिए कलात्मक रामलीला मंचन विधा को छोड़कर अन्य कार्यों में लग गए थे, ऐसे कलाकारों को रामलीला मंचन से पुनः जोड़ने, कलाकारों को रोजगार परक बनाने के उद्देश्य रामायण कल्चर मैपिंग योजना की शुरुआत की गई है।
क्या इस योजना की शुरुआत अपने उत्तर प्रदेश में हो चुकी है?
जी हां! इस योजना की शुरुआत संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के अयोध्या शोध संस्थान लखनऊ द्वारा गोंडा जनपद से शुरू हो चुकी है, इस योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद के ग्रामीण, नगरी, शहरी, क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर स्थानीय रामलीला मंडली में स्थानीय कलाकारों द्वारा रामलीला में श्री राम से वानर तक की भूमिका का निर्वहन करने वाले कलाकारों की यथास्थिति का पता लगाना है, इसके लिए प्रदेश के मथुरा, मेरठ, बलिया, कौशांबी, अमेठी, फतेहपुर, सोनभद्र जनपद के कलाकारों के अभिलेखीकरण का कार्य अभिलेखीकरण हेतु डिस्टिक कोऑर्डिनेटर अयोध्या शोध संस्थान लखनऊ के निदेशक डॉ लवकुश द्विवेदी द्वारा नामित किया गया है और कलाकारों केअभिलेखीकरण का कार्य आरंभ हो चुका है, अब तक सो संस्थान द्वारा जारी प्रथम सूची में श्री रामलीला परिषद रेणुकूट, रामलीला समिति कुसुम्हा, सोनभद्र आदर्श रामलीला समिति करारी, रामलीला परिषद तरावा का नाम सूचीबद्ध किया जा चुका है। निश्चित अवधि के बाद कलाकारों की सूची अयोध्या शोध संस्थान लखनऊ को प्रेषित की जाएगी तत्पश्चात कलाकारों के कलात्मक प्रतिभा को संस्कृति विशेषज्ञों द्वारा स्थानीय स्तर पर परखा जाएगा। इन कलाकारों को अलग-अलग श्रेणीवार सूची बनाकर उनको रोजगार परक बनाया जाएगा, कलाकारों की योग्यता के आधार पर देश-विदेश में होने वाले आयोजनों में प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर प्राप्त होगा। संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा कलाकारों की ई-बुक प्रकाशन की योजना है जिसमें प्रदेश के 75 जनपद के कलाकारों का बायोडाटा, मोबाइल नंबर, ईमेल एड्रेस, दर्ज होगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभाग कलाकारों से सीधा संपर्क स्थापित कर सकेगा।

इस योजना के पूर्व कलाकारों का अभिलेखीकरण हुआ था?
जी नहीं! 4 मार्च 1989 को मिर्जापुर जनपद को विभाजित कर सोनभद्र जनपद की स्थापना हुई थी, तब से लेकर आज तक जनपद, मंडल, प्रदेश, देश स्तर पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा है। जनसंपर्क के आधार पर कार्यक्रम की सूचना कलाकारों तक पहुंचाई जाती रही है, इसी आधार पर कलाकारों का चयन भी होता था, मंडल में विंध्य महोत्सव जनपद में आदिवासी लोक कला महोत्सव, सोन महोत्सव आदि समितियों का मैं सदस्य हूं, यूपी महोत्सव के लिए कलाकार चयन समिति का मंडलीय सदस्य मुझे नियुक्त किया गया है। कलाकारों तक पहुंचने में काफी धन खर्च हो जाता था,ई-बुक तैयार हो जाने के बाद कलाकारों से संपर्क करने में काफी सुविधा होगी।

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जनपद में आयोजित होने वाले रामलीला पर प्रकाश डालें?
उत्तर प्रदेश का अयोध्या जनपद भगवान श्री राम की जन्मभूमि रही है और रामायण से जुड़े ज्यादातर स्थल उत्तर प्रदेश में अवस्थित है। रामकथा यहीं से निकलकर विश्व भर में फैली, पौराणिक नाम वाले विंध्य पर्वत के दक्षिण में बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाओं से घिरा उत्तर प्रदेश के अंतिम छोर पर बसा सोनभद्र जनपद आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के हृदय में भगवान राम बसते हैं, दुख में हे राम, पीड़ा मे हरे राम आश्चर्य मे अरे राम, लज्जा में हाय राम, शपथ में राम दुहाई, अनिश्चितता में राम जाने, अचुकता में रामबाण, मृत्यु में राम नाम सत्य है, सुशासन में राम राज्य राम सास्वत, पुनर्नवा होते हुए आराम, विराम, अभिराम, उपराम, निर्बल के बल राम है ऐसी विशेषताओं से युक्त सोनभद्र के ग्रामीण, नगरी, शहरी इलाकों में स्थानीय कलाकारों द्वारा राधेश्याम रामायण, श्री रामचंद्रिका, साकेत, प्रियप्रवास, रघुराज रामायण, रामचरितमानस सहित स्थानीय ग्रंथों के आधार पर तैयार गद्य और पद्य शैली में संवाद लोक वाद्य यंत्रों पर संगीतमय पाठ को कलाकार प्रसंगवश लोकगीत, लोक कहावतें, मुहावरे, लोकोक्तियो को अपने संवाद में समाहित कर दर्शकों को रामकथा के लोक रंग में रंग देते हैं, रामलीला में व्यास के निर्देशन में रामलीला का मंचन होता है, रामलीला के सभी पात्र पुरुष होते हैं लेकिन रेणुकूट में आयोजित रामलीला में स्त्री पात्रों की भूमिका स्त्रियां ही निभाती हैं यहां की रामलीला में शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य की मुख्य भूमिका होती है, नारद मोह,सीता हरण, राम जन्म का प्रसंग नृत्य नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है, रामलीला के सभी पात्र अव्यवसायी,शौकिया, हर धर्म- मजहब, जाति के होते हैं उनमें कलात्मक बोध होना चाहिए।

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रामायण कल्चर मैपिंग योजना में कलाकारों को सम्मिलित होने के लिए क्या करना होगा?

सोनभद्र जनपद में निवास करने वाले रामलीला सहित किसी भी सांस्कृतिक विधा के कलाकार, रामलीला मंडली के संचालक एक सादे कागज पर विधा, दल नायक का नाम, राम लीला मंडली के संचालक, अध्यक्ष का नाम, पिता का नाम, पात्र, पता, मोबाइल न०, ई-मेल एड्रेस, पैन कार्ड, आधार कार्ड नंबर, पासपोर्ट साइज की फोटो चिपका कर विवरण हाथ से लिखे अथवा टाइप कराएं। रामलीला मडली के अध्यक्ष एक सादे कागज पर पात्र, कलाकारों का नाम अथवा अन्य सांस्कृतिक विधाओं के दल नायक कलाकारों का अलग पन्ने पर नाम लिखकर फॉर्म के साथ प्रमाण पत्र संलग्न कर जिला सूचना कार्यालय में जमा करें अथवा फॉर्म सहित अन्य प्रमाण की फोटो खींचकर मेरे व्हाट्सएप नंबर 91 25 56 8353 पर सेंड कर सकते हैं।
मेरा आप सभी कलाकार भाइयों से बहनों से निवेदन है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना का लाभ उठाएं और रोजगारपरक बने।

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आम जनमानस को भेंट किया गया तिरंगा

सोनभद्र। आजादी की 75वी वर्षगांठ के अवसर पर भारत सरकार द्वारा पूरे देश भर में चलाए जा रहे हैं हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत बृहस्पतिवार को जिले के सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) केंद्रों पर आम जनमानस को तिरंगा भेंट किया गया साथ ही साथ सीएससी द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं/ योजनाओं के बारे में लोगों को अवगत कराया गया।

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इस अवसर पर सीएससी के जिला प्रबंधक आशीष पांडे एवं अभय कुमार ने बताया कि इस वर्ष देश में 15 अगस्त के अवसर पर आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है जो राष्ट्रप्रेम के प्रति समर्पित है। हर घर तिरंगा भारत की आन, मान, शान है, जनपद वासियों से हर्ष एवं उल्लास के साथ स्वतंत्रता सप्ताह मनाते हुए भारत की एकता एवं अखंडता का प्रतीक तिरंगे को हर घर में सुशोभित, फहराया जाना सुनिश्चित कराए जाने को लेकर लोगों को तिरंगा झंडा देकर जागरूक किया जा रहा है, इस अवसर पर सीएससी के जिला समन्वयक कन्हैयालाल एवं गांव के अन्य बुद्धिजीवी लोग उपस्थित रहे।

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ग्रामीण खेल मैदान का भूमि पूजन कर विधायक ने किया शिलान्यास

दुद्धी, सोनभद्र। क्षेत्रीय विधायक रामदुलार गोंड ने डूमरडीहा गांव में वृहस्पतिवार को 30 लाख 38 हजार की लागत से बनवाये जाने वाले ग्रामीण खेल मैदान का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया। इस अवसर पर बीडीओ मनीष मिश्रा भी उपस्थित रहे। विधायक रामदुलार गोंड ने कहा कि यह दुद्धी विधान सभा का पहला ग्रामीण खेल मैदान होगा, जो यहां के ग्रामीण बच्चों के लिए हितकारी साबित होगा। बच्चों के शारीरिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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उन्होंने आगे कहा कि गांव में जरूरत पड़ने पर स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही मैदान में हाई मास्ट लाइट भी लगवाया जाएगा। बता दें कि डूमरडीहा गांव में मनरेगा व 15वाँ वित्त योजना से 4 बीघा का एक खेल का मैदान का निर्माण कराया जाएगा, जिसके चारों तरफ चाहरदीवारी का भी निर्माण कराया जाएगा। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राजन चौधरी, एडीओ पंचायत समर बहादुर, सेक्रेटरी सुषमा तिवारी, रमाशंकर गोंड, रूपराम, रमेश कुशवाहा, मीरा सिंह गोंड के साथ काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहें।

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