राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत होकर लोग अपने घरों पर तिरंगा जरूर लगाए- जनपद न्यायाधीश

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  • जनपद न्यायाधीश ने हर घर तिरंगा यात्रा रैली को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
हर्षवर्धन केसरवानी
(संवाददाता)

सोनभद्र। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/ जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार यादव प्रथम ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा यात्रा रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किए। इस दौरान जनपद न्यायाधीश ने कहा कि पूरे भारत में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है इसके तहत हर घर तिरंगा का अभियान जनपद के सुदूर गांव में प्रचार वाहन व रैली के माध्यम से यह अभियान आज से चलाया जा रहा है यह अभियान 11 अगस्त से 17 अगस्त तक चलेगा। जनपद न्यायाधीश ने लोगो से अपील करते हुए बोले कि देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत होकर लोग अपने घरों पर तिरंगा जरूर लगाए।

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उन्होंने यह भी बताया कि 13 अगस्त को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किए गए वादों से कोई पक्षकारों की जीत और हार नहीं होती है बल्किआपस में प्रेम सौहार्द बनी रहती है व परिवार के बच्चों पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता इस अदालत के माध्यम से वादों को निस्तारण से समय व धन दोनों की बचत होती हैं चुकी सोनभद्र जनपद आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है यहा शिक्षा का स्तर कम होने के कारण ज्यादातर लोग अंधविश्वास के पचड़े में पड़ कर अनावश्यक विवादों में पड़ जाते हैं।

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इसको लेकर विवाद उत्पन्न हो जाता है इसलिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य न्याय सबके लिए है समाज के अंतिम पायदान तक गरीब और जरूरतमंदों को न्यायालय पहुंचाया जा रहा है । इस अवसर पर संजीव कुमार त्यागी प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, मो.अली अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत, सूरज मिश्रा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट समेत कई न्यायिक अधिकारी व पीएलवी मौजूद रहे।

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हर घर तिरंगा अभियान के तहत ओबरा इण्टर कालेज के छात्रों ने निकाली प्रभात फेरी

HIGHLIGHTS

  • प्रभात फेरी प्रतिदिन 17 अगस्त तक निकाली जायेगी- प्रधानाचार्य विजय कुमार
अजीत कुमार सिंह

ओबरा, सोनभद्र। आजादी के 75 वें वर्षगांठ पर पूरे भारतवर्ष में मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के उपलक्ष में ओबरा इण्टर कालेज में भी अमृत महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 1500 छात्र/छात्राओं द्वारा प्रधानाचार्य विजय कुमार के नेतृत्व में झंडा गान के बाद पूरे ओबरा शहर में प्रभात फेरी के जरिये लोगों को जागरूक किया। प्रभात फेरी आर्यसमाज से होते हुए सुभाष चौराहे व कॉन्वेंट स्कूल से होते हुए कालेज परिसर में आकर समाप्त हुआ। इस दौरान हर घर तिरंगा को लेकर प्रभात फेरी में छात्र छात्राओं में बहुत जोस था।

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प्रधानाचार्य विजय कुमार ने बताया कि, प्रभात फेरी प्रतिदिन 17 अगस्त तक निकाली जायेगी। प्रभात फेरी में अनिल सिंह, अनिल PTI, रवीश कुमार, गरिमा मित्तल, स्वाती सिंह अलका सिंह, सरिता सिंह, अखिलेश चन्द्र, संजय गिरी, धर्मेंद्र उपाध्याय, अनिल सचान इत्यादी अध्यापक एवं स्टाफ उपस्थित थे।

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ओबरा थाना अध्यक्ष के नेतृत्व में निकाला गया तिरंगा यात्रा

HIGHLIGHTS

  • तिरंगा यात्रा थाना परिसर से गैस गोदाम होते हुए चोपन रोड, वीआईपी रोड होते हुए राम मंदिर ग्राउंड तक निकाली गई।
अजीत कुमार सिंह

ओबरा, सोनभद्र। हर घर तिरंगा अभियान के तहत गुरुवार को कोतवाल मिथिलेश मिश्रा के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा निकाली गई। तिरंगा यात्रा थाना परिसर से गैस गोदाम होते हुए चोपन रोड, वीआईपी रोड होते हुए राम मंदिर ग्राउंड तक निकाली।
जहां कोतवाल प्रभारी मिथिलेश मिश्रा ने आजादी के अमृत महोत्सव की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में उन वीर सपूतों को याद किया जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमारे देश को स्वतंत्र कराया और हमें आजादी का तोहफा दिया।

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इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज हम जिस आजादी से जी रहे हैं, खुली हवा में सांस ले रहे हैं उसका श्रेय हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को जाता है। जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि “आजादी के अमृत महोत्सव” कार्यक्रम के तहत “हर घर तिरंगा अभियान” को सफल बनाकर हम अपने वीर स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त किया।

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भाजपाइयों ने निकाली तिरंगा प्रभात फेरी

राबर्ट्सगंज, सोनभद्र। हर घर तिरंगा अभियान के तहत बृहस्पतिवार को भाजपा नगर अध्यक्ष बलराम सोनी के नेतृत्व में व भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत चौबे के मुख्यआतिथ्य में “रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीता राम” भजन व “वन्दे मातरम् ” गीत गाते हुए तिरंगा प्रभात फेरी निकाली गई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ने आम जनमानस से आग्रह करते हुए कहा कि नगर के सभी लोग 13 से 15 अगस्त के बींच में अपने अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लगाने का पुनित कार्य अवश्य ही करें,
और देश के आजादी के अमृत महोत्सव का आनन्द लें।

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प्रभात फेरी के दौरान कृष्ण मुरारी गुप्ता, संजय जायसवाल, दिलिप चौबे, अभिषेक श्रीवास्तव, बिनोद सोनी, अशोक भारती, दुर्गेश केडिया, सन्तोष भारती, मनीष वर्मा, अविनाश शुक्ला, ब्रिजेश तिवारी, अखिलेश कश्यप सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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सेनानी बुद्धिसागर शुक्ला की प्रतिमा का हुआ अनावरण

HIGHLIGHTS

  • पराधीनता से स्वाधीनता तक का दौर देखा था सेनानी बुद्धि सागर शुक्ला ने
  • महात्मा गांधी के आवाहन पर कूद पड़े थे स्वतंत्रता आंदोलन में
  • डौमखरी गांव का पीपल का पेड़ अंग्रेजों के अत्याचार का गवाह है
हर्षवर्धन केसरवानी
(संवाददाता)

घोरावल (सोनभद्र): अंग्रेजों के हौसले पस्त करने करने वाले प्रखर सेनानी बुद्धिसागर शुक्ल की प्रतिमा का अनावरण गांधी कहे जाने वाले प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित महादेव प्रसाद चौबे एवं पंडित प्रभा शंकर चौबे के पौत्र व कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे विजय शंकर चतुर्वेदी ने प्रतिमा का अनावरण कर माल्यर्पण किया। इस दौरान उन्होंने अंग्रेजों के ज़ुल्म की चर्चा करते हुए कहां कि-” जब बुद्धिसागर शुक्ल सत्याग्रह कर रहे थे तो गांव में स्थित बरगद के पेड़ में बांधकर उन्हें मारा पीटा जाता था। अंग्रेज सिपाहियों का लोगो को डर इतना होता था कि बुद्धिसागर शुक्ला कई घंटों से बंधे रहते थे लेकिन कोई भी ग्रामवासी अंग्रेजों की प्रताड़ना के डर से उन्हें पेड़ से नहीं खोलता था।

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वही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिजन एवं इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी ने सेनानी के त्याग का उल्लेख करते हुए कहां कि- बुद्धिसागर शुक्ल का जन्म 30 अगस्त 1930 ईस्वी को ग्राम डोंमखरी में हुआ था और महात्मा गांधी के आवाहन पर सन 1941 में व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन में भाग लिए तत्पश्चात 16 अप्रैल 1941 को इन्हें गिरफ्तार कर 3 महीने और ₹50 जुर्माने की सजा दी गई, सेनानी बुद्धिसागर शुक्ल ने पराधीनता से स्वाधीनता तक का भी दौर देखा।

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जिसके अंतर्गत अपनी लोकप्रियता के कारण सन 1949 से लेकर 1972 तक ग्राम प्रधान पद पर निर्वाचित हुए। और 2 नवंबर 2000 को इनका निधन हुआ था। समाजसेवी शशिभूषण पांडेय ने आजादी के संघर्ष के दौरान विचारों के सम्प्रेषण में प्रयुक्त संसाधनों की चर्चा करते हुए परिवर्तन नामक समाचार पत्र का उल्लेख किया, उन्होंने बताया की बुद्धिसागर शुक्ल शहीद उद्यान से अखबार लेकर घोरावल क्षेत्र में वितरित कर दिया करते थे।
इस दौरान नवयुवक मंगल दल के जिलाध्यक्ष सौरभकान्त पति तिवारी ने डोमख़री की मिट्टी को नमन करते हुए कहा कि- आने वाली पीढियां बुद्धिसागर शुक्ल जी से प्रेरणा लेंगी।

इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक, पत्रकार भोलानाथ मिश्र ने आजादी के अमृत महोत्सव पर प्रकाश डालते हुए कहां कि सेनानी बुद्धिसागर का देश स्वतंत्रा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और आगे वाली आगे आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को याद करेंगी।
वही बुद्धि सागर शुक्ला के पौत्र अजीत शुक्ला और अरविंद शुक्ला ने अतिथियों को गांधी टोपी और तिरंगा गमछा भेंट किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान भान सिंह ने किया। मूर्ति अनावरण समारोह में मुख्य रूप से अमृतसर दुबे, परमेश्वर शुक्ला, प्रभा शंकर शुक्ला, दशरथ शुक्ला, प्रमोद शुक्ला, सरोज सिंह, रुद्र प्रताप सिंह, मनोज कुमार सिंह, सुनील चौबे, प्रेम शंकर पांडे, उदय बहादुर सिंह, नंद किशोर ओझा, मारकंडेय सिंह, तपेश्वरी सिंह, सिद्धनाथ दुबे, हरिदास विश्वकर्मा, रामजी रोहित पांडे दुर्गावती, इंद्रावती, अंकित सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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सरकारी नौकरी छोड़कर कूद पड़े थे स्वतंत्रता आंदोलन में सैयद सखावत हुसैन

HIGHLIGHTS

  • अंग्रेज सरकार ने जप्त कर ली थी इनकी सारी संपत्ति
  • जेल से छूटने के 1 माह बाद स्वतंत्रता की बलिवेदी पर शहीद हो गए थे
  • जेल में इनको दी गई थी भयानक यातनाएं

सोनभद्र। आदिवासी बाहुल्य जनपद सोनभद्र के दुद्धी क्षेत्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की अमर गाथा से ज्यादातर लोग अपरिचित है।
सेनानी परिजन एवम इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-” स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में सैयद सखावत हुसैन का नाम अग्रणी है।आज़ादी के इस दीवाने अपनी सरकारी नौकरी, सम्पत्ती , अपनी जान देश पर न्योछावर कर दिया। इनका जन्म सन 1870 ई. मे दमगडा ग्राम जज़ला इलाहाबाद के सैय्यद वंश मे हुआ था । आपके पिता का नाम सय्यद मीर अली मुहम्मद था । पराधीनता के काल में दुद्धी ब्रिटिश हुकूमत का एक स्टेट था, युवा सैय्यद सख़ावत हुसैन पटवारी बनाकर के भेजे गए बाद में मास्टरी,अरायज़ नवीसी, और स्टाम्प फ़रोश हुये । सरकारी नौकरी में होने के बावजूद उन्होंने महात्मा गांधी से प्रेरणा ग्रहण कर अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ़ आंदोलन में स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लेने लगे महात्मा गांधी जी द्वारा चलाए गए स्वदेशी प्रचार, विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार लगानबंदी, नशाबंदी आंदोलनों में भाग लेने के कारण ब्रिटिश हुकूमत के आंखों की किरकिरी बन चुके थे।

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उस समय दुद्धी घने वनों एवं वन्य जीवों से भरा एक पहाडी क्षेत्र था जिसमें आवागमन के कोई संसाधन नहीं था एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना बडा ही दुष्कर कार्य था था बावजूद इसके दुद्धी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी युसुफ़ मसीह, रामानंद पांडे, बेनी माधव पांडे, पुरुषोत्तम सिंह, सुक्खन अली एवं सुखलाल खैरवार आदि के साथ अंग्रेज़ी हुकूमत के विरुद्ध आंदोलन का प्रचार प्रसार करते रहे।
सन 1921 में आपने असहयोग आंदोलन में भाग लिया जिसके परिणाम स्वरूप 22 अप्रैल सन
1922 को लगानबंदी आंदोलन करते समय आप को गिरफ्तार कर लिया गया। सरकारी कर्मचारी होने के कारण इन्हें जेल में भयंकर शारीरिक मानसिक यातनाएं दी गई सरकार ने दुद्धी में उनकी समस्त संपत्ति जप्त कर कर उस पर पशु चिकित्सालय एवं सरकारी आवास बनवा दिया।

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1925 ई. मे 55 की आयु मे उनका स्वगतवास हुआ । इनके पौत्र एवं वाररस “हसन सोनभद्री” (सय्यद क़मरुल हसन) के अनुसार देश के जाने माने शायर एवं लेखक है सय्यद सख़ावत हुसैन के अनुसार जेल में भयंकर शारीररक यातनाओं से उनका शरीर पूरी तरह से
टूट चुका था जिसके कारण जेल से वापस आने के बाद एक वर्ष बाद इनकी मृत्यु हो गई।
आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में जब हम आजादी की 75 वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं ऐसे वक्त में देश पर अपनी जान निछावर करने वाले महान देशभक्त बलिदानी सैयद सखावत हुसैन भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।

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देश का गौरव है सोनभद्र का क्रांतिपथ- डॉक्टर अनिल कुमार मौर्य

HIGHLIGHTS

  • सेनानियों के इतिहास से सदैव मिलती रहेगी प्रेरणा
  • क्रांति दिवस के दिन क्रांति वीरों की स्मृति में क्रांति पथ प्रवेश द्वार का लोकार्पण
हर्षवर्धन केसरवानी
(संवाददाता)

सोनभद्र। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में क्रांतिपथ प्रवेश द्वार का भव्य लोकार्पण किया गया। मुख्य अतिथि डॉक्टर अनिल कुमार मौर्य ने क्रांति पथ को देश का गौरव बताते हुए इस मार्ग से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र किया, उन्होंने कहा कि इस पथ से जुड़े सेनानियों के त्याग और बलिदान के किस्से हमे सदैव प्रेरित करते रहेंगे।

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आजादी के अमृत महोत्सव में सेनानियों की स्मृतियों को संजोने के लिए उन्होंने कई योजनाएं बनायी हैं जिसका वे शीघ्र क्रियान्वयन करेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी ने नागरिकों से अपील किया कि वे आजादी की वर्षगांठ को धूमधाम से मनाएं लेकिन इस बात का विशेष ख्याल रखें कि तिरँगे का अपमान न हो ।क्रांति पथ के सेनानियों के देशप्रेम के किस्से स्वर्णिम इतिहास के अध्याय बन गए हैं जिससे आनेवाली पीढ़ियों को भी सीख मिलती रहेगी ।
वरिष्ठ पत्रकार विजय शंकर चतुर्वेदी ने क्रांति पथ की ऐतिहासिकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए आजादी के समय इस मार्ग से जुड़ी घटनाओं का विस्तार से जिक्र करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उल्लेखनीय क्रांति पथ, राबर्ट्सगंज – घोरावल मुख्य मार्ग के छठवें किलोमीटर पर स्थित है जो ऊँचडीह से शुरू होकर करकी में समाप्त होता है।

इस मार्गपर कुल दस सेनानियों के घर हैं। पँ महादेव चौबे, प्रभाशंकर शर्मा, देवेन्द्रनाथ चौबे, गौरीशंकर देव पांडेय, बाल गोविंद पांडेय, अछैवर उपाध्याय, राधाप्रसाद शर्मा, यज्ञनारायण सिंह, गुलाब सिंह व रामप्रताप सिंह भारत माँ की आजादी के लिए सिर पर कफ़न बांध कर निकल पड़े थे।
भाजपा के जिलाध्यक्ष अजीत चौबे ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए क्रांतिपथ की महत्ता पर प्रकाश डाला। राबर्ट्सगंज के ब्लाक प्रमुख ने क्रांतिपथ के सेनानियों को नमन करते हुए इस मार्ग के महत्व को दर्शाती परिचय पट्टिका लगाने की घोषणा की।
सभा की अध्यक्षता कर रहे किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य व शिक्षाविद ओमप्रकाश त्रिपाठी ने अपनी कविता के द्वारा क्रांतिपथ की खूबियों को रेखांकित किया ।

कार्यक्रम का आरंभ मंत्रोच्चार और वेदमंत्रों के बीच नारियल फोड़कर विधिवत पूजन के बाद फीता काटकर क्रांतिपथ द्वार का लोकार्पण किया गया । सैकड़ों लहराते तिरँगे के बीच अतिथियों ने जब तिरँगा रंग के गैस के गुब्बारों को हवा में उड़ाया तो भारत माता की जयकारे और सेनानियों की स्मृति में लग रहे नारों से पूरा परिवेश राष्ट्रीय भावना से ओत प्रोत हो उठा। अतिथियों का स्वागत स्वागत समाजसेवी राकेश त्रिपाठी, अतिथियों का सम्मान ऊंचडीह की ग्राम प्रधान अर्चना त्रिपाठी ने पौधा एवं मुख्य विकास अधिकारी को माँ दुर्गा की प्रतिमा भेंट करके किया। सफाई कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रांति सिंह ने भी अतिथियों को पौधा,अंगवस्त्रम भेंटकर सम्मानित किया।

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इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम परिजनों कृपा शंकर चौबे, विजय शंकर चतुर्वेदी, रमा शंकर, शशिभूषण पांडेय, राजेश उपाध्याय , विवेक पांडेय, चंद्रकांत शर्मा सम्मानित किए गए।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक/इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी, समाजसेवी विजय प्रकाश पांडेय, चंद्रकांत शर्मा, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक सहित सैकड़ों की संख्या में स्कूली छात्र और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार भोला नाथ मिश्रा एवं अतिथियों का आभार ज्ञापन समाजसेवी अनुपम त्रिपाठी ने किया।

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मायुम ने प्राथमिक विद्यालय के सौ बच्चो को कराया भोजन, कपड़े का किया गया वितरण

सोनभद्र। मारवाड़ी युवा मंच सोनभद्र द्वारा रक्षाबंधन पर्व को मद्देनजर रखते हुए बुधवार को बिच्छी गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय के लगभग 100 विद्यार्थियों को भोजन कराकर कपड़े का वितरण किया गया।

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इस दौरान संगठन के अध्यक्ष सचिन अग्रवाल एवम पूर्व अध्यक्ष पंकज कनोडिया ने सयुक्त रूप से बताया कि आज के अयोजित इस कार्यक्रम से बच्चो में काफी उत्साह देखा गया साथ ही विद्यालय के प्रबंधक एवं शिक्षकों ने इस कार्यक्रम की बहुत सराहना की एवं विद्यालय पर उचित व्यवस्था कराने में अपना योगदान दिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से संगठन के सचिव शिखर केडिया, रितेश अग्रवाल, सुयश कनोडिया, संजय जैन, निक्की कनोडिया, अर्पिता कनोडिया,अरविंद सिंह सहित आदि लोग उपस्थित आदि उपस्थित रहे।

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जय आदिवासी युवा संगठन ने धूमधाम से मनाया विश्व आदिवासी दिवस

HIGHLIGHTS

  • कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रुप में रहे उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़
  • आदिवासी नृत्य गीत का हुआ आयोजन
अजीत कुमार सिंह

चोपन,सोनभद्र। विश्व आदिवासी दिवस, आदिवासी आबादी के अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा के लिए प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व के आदिवासी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। यह घटना उन उपलब्धियों और योगदानों को भी स्वीकार करती है जो आदिवासी लोग पर्यावरण संरक्षण जैसे विश्व के मुद्दों को बेहतर बनाने के लिए करते हैं। यह पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर 1994 में घोषित किया गया था, 1982 में मानव अधिकारों के संवर्धन और संरक्षण पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह की मूलनिवासी आबादी पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह की पहली बैठक का दिन खासकर, इसे भारत के आदिवासियों द्वारा धूम धाम से मनाया जाता है। इसी क्रम मेंको विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बुधवार को जय आदिवासी युवा संगठन सोनभद्र के द्वारा ग्राम बाड़ी दुर्गा टोला चोपन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उत्तर प्रदेश राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़, विशिष्ट अतिथि अपना दल एस राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दिनेश बिहार और पूर्व सांसद छोटेलाल खरवार उपस्थित रहे। आदिवासी गायक बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के प्रतिमा पर आदिवासी संस्कृति में चावल हल्दी से चंदन पान करके अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया करमा नृत्य सांस्कृतिक कार्यक्रम से अथितियों का स्वागत किया गया।

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मुख्य अतिथि श्री गौड़ ने मारिया टोपों के जीवनवृत्त पर प्रकाश डालते हुए सोनभद्र सहित संपूर्ण उत्तर प्रदेश के आदिवासियों के हक अधिकार के लिए सदैव तत्पर रहने की बात की विशिष्ट अतिथि श्री बियार ने कहा कि प्रत्येक आदिवासी भाई-बहन अपनी संस्कृति वेशभूषा एवं धार्मिक कार्य धर्माचार्य ही कराएं विश्व आदिवासी दिवस के दिन संपूर्ण भारत में सरकारी अवकाश घोषित कराने के प्रयास करने का आश्वासन भी दिया वहीं पूर्व सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि आदिवासी समाज अमृत महोत्सव के तहत अपने घरों में 13 से 15 अगस्त 2022 तक तिरंगा फहराए कार्यक्रम में मुख्य रूप से दीना खरवार, देवनारायण गौंड, द्वारिका बियार, जिला पंचायत प्रतिनिधि संजीव त्रिपाठी, प्रभुनाथ खरवार, लव-कुश भारती, संजीव सिंह उपस्थित रहे वहीं कार्यक्रम का संचालन संयोजक नागेश्वर प्रसाद गौड़ ने किया।

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मोहर्रम पर निकाला गया ताजिया का जुलूस

सोनभद्र। मोहर्रम की दसवीं पर बुधवार को जिले भर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ताजिया निकाली गई। या हसन, या हुसैन की सदाएं गूंज उठीं। इस दौरान युवाओं ने विभिन्न तरह के करतब दिखाए। शाम को ताजिया कर्बला में दफन की गई। इस दौरान चप्पे-चप्पे पर पीएसी तैनात रही। जगह-जगह पुलिस और पीएसी जवान सुरक्षा को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए गश्त करते रहे।

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राबर्ट्सगंज में दोपहर बाद करीब दो बजे ताजिया निकलनी शुरू हुई। सबसे पहले नई बस्ती से ताजिया निकली। इसके बाद जगह-जगह बैठाई गई ताजिया नगर पालिका कार्यालय के सामने स्थित पार्क में पहुंची, जहां सभी का मिलान किया गया। शाम को ताजिया विभिन्न मार्गों से होकर कर्बला पहुंच जहां दफन की गई। इसमें युवाओं ने नौहा ख्वानी, सीनाजनी और जंजीरी मातम किया।

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राबर्ट्सगंज में हमीद नगर से शौकत जाफरी के घर से दसवें का ताजिया अलम जुलूस निकला। उधर न्यू मार्केट में मरहूम सैयर अख्तर अब्बा रिवजी के निवास से ताजिया अलम जुलूस निकला। अंजुमने हैदरी शिया कमेटी के नव युवक व मासूम बच्चों ने जंजीर, छूरी, चाकू से मातम किया। दीपनगर से दुलदुल का जुलूस अलम और ताजिया निकाला गया। मेन चौक पर ताजिया का मिला हुआ जहां नात शरीफ पढ़ी गई। इस दौरान हिदायल उल्ला खां, फतेह मोहम्मद, एहसान उल्ला खां, दानिश जाफरी, जाफर हुसैन, कौसर हुसैन, असलम रिजवी, साबिर जैदी, अब्बास मौजूद रहे। उधर ताजिया और अलम जुलूस के दौरान कोतवाली, चौकी पुलिस के साथ ही पीएसी के जवान सुरक्षा में लगे रहे।

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