शक्ति उपासना का केंद्र है जनपद सोनभद्र

HIGHLIGHTS

  • जिल में शक्ति उपासना की परंपरा आदिकालीन से चली आ रही है।
  • तंत्र साधना का केंद्र रहा है सोनभद्र
  • नवरात्रि में होती है विशेष पूजा अर्चना
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। सोनभद्र जनपद शिव और शक्ति की उपासना का प्रमुख केंद्र रहा है विंध्याचल पर्वत पर अवस्थित मां विंध्यवासिनी, मां अष्टभुजा, मां काली का प्राचीन मंदिर अवस्थित होने के कारण इस क्षेत्र में शक्ति पूजा प्रचलन प्राचीन काल से है।
इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-“नवरात्र के महीने में सोनभद्र जनपद के घरों में मंदिरों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा- आराधना एवं अपनी मनोकामना ओं को पूरा करने के लिए, मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए महिलाओं द्वारा मंदिरों, घरों में ढोलक की थाप पर पचरा, देवी गीत, भजन गाने की परंपरा है।

Advertisement (विज्ञापन)

आदिवासी क्षेत्र होने के कारण सोनभद्र जनपद में नवरात्र में विशेषकर तंत्र साधकों द्वारा तंत्र मंत्र के माध्यम से लोक कल्याण का कार्य किया जाता है और कुछ तांत्रिक, ओझा देवी मंदिरों में अपना दरबार लगाकर ओझाई का भी कार्य करते हैं और यह आदिवासी मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए मदल व अन्य वाद्य यंत्रों की धुन पर देवी नृत्य करते हैं और सांगा से अपने जीभ,बाहर में छिद्र करके सांगा पहन लेते हैं और तंत्र- मंत्र, भक्ति का यह प्रभाव होता है कि इन आदिवासियों के शरीर से न तो रक्त की एक बूंद निकलती है नही इन्हें दर्द होता है।”

Advertisement (विज्ञापन)

साहित्यकार प्रतिभा देवी के अनुसार-“सोनभद्र जनपद सहित विंध्य क्षेत्र में शीतला माता के प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा है ,इन्हें महारानी देवी भी कहा जाता है और नीम के वृक्ष पर इनका स्थान माना जाता है चेचक निकलने पर तथा नवरात्रि के 9 दिन नीम के वृक्ष पर जल, फूल, माला ,दीपक आदि चढ़ाया जाता है,शीतला माता की कृपा बनी रहे इसलिए चुना एवं ऐपन से भरे हाथों के छाप घरों दीवारों, मंदिरों की दीवारों पर लगाती है। माता को खटोला, चूड़ी, फुलेरा, चोटी, कंघी तथा सिंदूर आदि श्रृंगार की वस्तुएं भी चढ़ाई जाती हैं।

शीतला मंदिर के पुजारी प्रशांत कुमार शुक्ल के अनुसारक -” सोनभद्र जनपद के मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के मुख्य चौराहे पर अवस्थित मां शीतला का मंदिर भक्तजनों के आस्था और विश्वास का केंद्र है आज से लगभग 100 वर्ष पूर्व वर्तमान मंदिर स्थल पर नीम के पेड़ के नीचे मां शीतला की मूर्ति स्थापित थी और भक्तजनो द्वारा मां शीतला की पूजा- आराधना किया जाता था, नगर के पूर्व चेयरमैन एवं व्यापारी भोला सेठ द्वारा इस मंदिर को अपनी भूमि दान में दिया गया और सन 1973 में मंदिर का निर्माण आरंभ हुआ और आज दानदाताओं के सहयोग से इस मंदिर का भव्य रूप दिखाई देता है ।”

भक्त गुलाबी देवी के अनुसार-“शारदीय नवरात्र में लोग प्रथम दिवस पर भूमि को साफ कर ऐपन से गोलाकार चौक बनाते हैं और उस पर ताम्र कलश स्थापित कर उसमें जल भरकर उस पर आम्र पत्र रखकर लाल कपड़े में नारियल को लपेट कर घट पर रखते हैं और घट पर रोली से स्वास्तिक का अंकन कर दीपक जलाते हैं, मिट्टी के अन्य पात्रों में भी जौ बोया जाता है तथा 9 दिन तक श्रद्धा, विश्वास एवं शुद्धता के साथमां भगवती का आवाहन करते हैं और विधिवत गंध, अक्षत, पुष्प, दीप, नवोदय, तांबूल व आरती द्वारा उनकी पूजा करते हैं ।”
शिक्षिका तृप्ति केसरवानी के अनुसार-“हर दिन पूजा के स्थान के दीवार पर ऐपन लगाया जाता है, एक वर्गाकार स्थान को ऐपन लगा कर घट के ठीक सामने देवी का स्थान मान लिया जाता है तथा दाहिने हाथ से पूजा करने वाला ऐपन लगाया जाता है और नवरात्र के अष्टमी नवमी के दिन कुंवारी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उन्हें भोजन कराया जाता है और उन्हें उपहार भी दिया जाता है उपहार में मुख्य रूप से खिलौने, फल, रुपए दिए जाते हैं, सोनभद्र जनपद में नवरात्र में देवी की पूजा, शतचंडी पाठ, दुर्गा सप्तशती पाठ स्वयं अथवा पुरोहितों के माध्यम से कराया जाता है, कुछ परिवारों में 9 दिन तक साविधि पूजन उपरांत कथा भी सुनाए जाने की प्रथा है।

” सोनभद्र में प्रचलित लोककथा के अनुसार-” एक समय महिषासुर नामक असुर हुआ जिसके आतंक से भयभीत इंद्र आदि राजाओं ने देवी का संस्मरण किया देवी का एक प्रकाश पुंज ज्योति के रूप में प्रकट हुई और उन्होंने मूर्तिमान रूप धारण किया, उस मूर्ति के तीन नेत्र और आठ भुजाएं थी सभी देवों ने मूर्ति पूजा की, विष्णु ने अपना चक्र,कमंडल, शिव ने त्रिशूल, इंद्रदेव अपनी शक्ति, आयुष यमराज ने खड़्क अग्निदेव ने धनुष- बाण, लक्ष्मी ने अपना सिंगार व हिमालय ने सवारी हेतु सिंह प्रदान किया।
इस प्रकार सज्जित होकर युद्ध मे शक्ति ने महिषासुर का सिर खड़क से काट डाला तथा शुंभ निशुंभ राक्षसों का मर्दन किया।
रामलीला समिति रॉबर्ट्सगंज की अध्यक्ष पवन कुमार जैन के अनुसार-” शरदीय नवरात्र का अपना एक अलग महत्व होता है, इसी नवरात्र में दुर्गा महोत्सव का भी आयोजन होता है नगर के विभिन्न मोहल्लों में मां दुर्गा का पंडाल स्थापित किया जाता है।
दुर्गा पांडाल में सप्तमी के दिन मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की जाती है और 3 दिन तक भव्य महोत्सव मनाया जाता है और दसवें दिन स्थानीय रामलीला मैदान में दशहरा के मेले का आयोजन होता है और मर्यादा पुरुषोत्तम राम द्वारा दशानन का वध किया जाता है एकादशी के दिन मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन स्थानीय नदियों में किया जाता है।

  • Advertisement

भाजपा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों का किया आयोजन

HIGHLIGHTS

  • पुष्पांजलि और संगोष्ठी के कार्यक्रम का हुआ आयोजन
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व सादगी के प्रतीक पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जयन्ती पर भाजपा ने विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये। जिसमे भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत चौबे की अध्यक्षता मे जिला कार्यालय पर दोनो महापुरुषों के चित्र पर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत चौबे, सदर विधायक भूपेश चौबे, घोरावल विधायक अनिल कुमार मौर्य, क्षेत्रीय अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा अजीत रावत सहित सभी कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया।

Advertisement (विज्ञापन)

तत्पश्चात् नगर के स्वामी विवेकानन्द प्रेक्षागृह मे स्थापित स्वामी विवेकानन्द जी के प्रतिमा स्थल पर स्वच्छता अभियान चलाकर लोगो को स्वच्छता के प्रति जागरुक किया व नगर पालिका परिसर मे स्थापित महात्मा गांधी जी के प्रतिमा पर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत चौबे, सदर विधायक भूपेश चौबे, अजीत रावत, कृष्णमुरारी गुप्ता, विजय जैन, नगर अध्यक्ष बलराम सोनी ने माल्यार्पण किया।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत चौबे ने कहा कि 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्मे महात्मा गांधी की अहिंसक नीतियों, नैतिक आधारों, अद्भुत नेतृत्व क्षमता ने और अधिक लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा। उन्होंने सभी धर्मों को एकसमान मानने, सभी भाषाओं का सम्मान करने, पुरुषों और महिलाओं को बराबर का दर्जा देने और दलितों-गैर दलितों के बीच की युगों से चली आ रही खाई को पाटने पर जोर दिया।

स्वच्छता का संदेश देते हुए कहा कि सभी लोग देश व समाज को स्वच्छ और स्वस्थ्य रखने के लिए स्वच्छता को प्राथमिकता दें अपने आस पास साफ सफाई रखें साथ ही स्वास्थ्य के प्रति सजग रहे व स्वच्छता हेतु अपना पूर्ण सहयोग करें नये भारत के निर्माण मे भागीदार बनें। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हमेशा रचनात्मक और सामाजिक काम करते है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने के लिए भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता समर्पित है।

Advertisement (विज्ञापन)

इस अवसर पर सदर विधायक भूपेश चौबे व घोरावल विधायक अनिल कुमार मौर्य ने संयुक्त रूप से कहा कि भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं सत्य अहिंसा व प्रेम का संदेश देता बापू का जीवन समरस समाज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करता है। भारतीय राजनीति को मानवीय मूल्यों एवं लोकतांत्रिक आदर्शाे से अभिसिंचित करने वाले जननायक जय जवान जय किसान उद्घोषक पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लालबहादुर शास्त्री जी को उनके जयन्ती पर कोटिशः नमन।

इस अवसर पर मुख्य रूप से कैलास बैसवार, जिला उपाध्यक्ष उदयनाथ मौर्य, जिला महामंत्री कृष्णमुरारी गुप्ता, जिला मंत्री संतोश शुक्ला, गुडिया वर्मा, अनूप तिवारी, विजय जैन, रविन्द्र केशरी, बलराम सोनी, मिठाई लाल सोनी, सुरेश शुक्ला, कमलेश चौबे, राहुल पटेल, महेन्द्र पाण्डेय, यादवेन्द्र द्विवेदी, पुष्पा सिंह, गुडिया त्रिपाठी, रुबी गुप्ता, आशीष केशरी, अंशू अग्रहरी, सरोज केशरी, धर्मवीर त्यागी, धु्रवकांत द्विवेदी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

  • Advertisement

गांधी जयंती पर होगा संगोष्ठी का आयोजन

HIGHLIGHTS

  • शहीद उद्यान परासी में लगेगा गांधी विचारकों का महाकुंभ
  • कार्यक्रम में स्कूली बच्चे भी करेंगे प्रतिभाग
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। आज़ादी के अमृत महोत्सव वर्ष पर 2 अक्टूबर को गांधी की प्रासंगिकता पर शहीद उद्यान परासी में संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।
इस अवसर पर देश के गांधीवादी चिंतक और विचारक अपना अपना विचार प्रस्तुत करेंगे।
वही स्कूली बच्चे बच्चे भी गांधी वेशभूषा में बापू के संदेश को प्रदर्शित करेंगे और गौरव स्तम्भ पर अध्यापिकाओं द्वारा रंगोली भी सजाई जाएगी। इस अवसर पर बनवासी सेवा आश्रम द्वारा गांधी चरखे द्वारा धागा बनाने की विधि को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

Advertisement (विज्ञापन)

संगोष्ठी में नेहरु ग्राम भारती विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और गांधीवादी चिंतक प्रोफेसर राममोहन पाठक और देश के जाने माने चिंतक विजय नारायण गोष्ठी में उपस्थित रहेंगे। संगोष्ठी की अध्यक्षता वनवासी सेवा आश्रम के अध्यक्ष अजय शेखर करेंगे। कार्यक्रम के आयोजक वरिष्ठ पत्रकार विजय शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि गांधी से संबंधित विभिन्न विषयों पर वक्ताओं द्वारा अलग- अलग विचार प्रस्तुत किये जायेंगे।

Advertisement (विज्ञापन)

गांधी और आंदोलन विषय पर प्रख्यात साहित्यकार रामनाथ शिवेंद्र, गांधी और स्वावलम्बी भारत पर पूर्व विधायक तीरथराज , गांधी के आर्थिक भारत पर भोलानाथ मिश्रा, गांधी के ब्रम्हचर्य प्रयोग पर राजेश द्विवेदी, गांधी के नारी दर्शन पर अमृता सिंह, गांधी और अहिंसा पर कौसरजहाँ सिद्धकी, गांधी और पर्यावरण पर राहुल श्रीवास्तव व गांधी के खादी दर्शन पर चंद्रकांत शर्मा अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। संगोष्ठी में साहित्यकार पारसनाथ मिश्र , जगदीश पंथी, प्रद्युम्न त्रिपाठी, कमलनयन तिवारी और जयश्री राय द्वारा काव्य पाठ किया जाएगा। कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य ओमप्रकाश त्रिपाठी, संगोष्ठी के संयोजक समाजसेवी राहुल श्रीवास्तव, सोनभद्र बार एसोसिएसन के पूर्व अध्यक्ष चंद्रप्रकाश द्विवेदी, राकेश त्रिपाठी, क्रांति सिंह व अभिषेक मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित रहेंगे।

  • Advertisement

दुर्गा देवी की कृपा से ही वीर लोरिक ने जीता था अघोरी किला

HIGHLIGHTS

  • मारकुंडी घाट पर है मां दुर्गा का शक्तिपीठ
  • वीर लोरिक गौ रक्षक समुदाय का सिद्ध तांत्रिक था
  • लोरिकायन में वर्णित है लोरिक की वीर गाथा
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। शोण महानद किनारे अवस्थित सोनभद्र के अंचलों में गाए जाने वाला लोरिकायन का महानायक वीर लोरिक महाशक्तियों का पुजारी था,मारकुंडी घाट पर अवस्थित दुर्गा मंदिर एवं शोण महानद के किनारे अवस्थित बंसला देवी के मंदिर का उल्लेख लोरिकायन महाकाव्य में कई बार आया है देवी बंसला देवी, दुर्गा माता ने विपत्ति और युद्ध के समय वीर लोरिक की अनेकों माध्यमों से सहायता किया जिसके कारण वीर लोरिक अगोरी पर विजय प्राप्त कर पाए थे।

Advertisement (विज्ञापन)

लोक इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-“वीर लोरिक महा शक्तियों के उपासक था और उन्होंने कठिन तपस्या पर तंत्र सिद्धि प्राप्त किया था, वीर लोरिक अगोरी के रहने वाले अहिर महरा की पुत्री से मंजरी विवाह करने आए थे परंतु अत्याचारी राजा मोलागत जो मंजरी को अपने रनिवास रानी बनाकर ले लाना चाहता था,लोरिक ने राजा मोलागत का विरोध किया और राजा मोलागत के युद्ध के आमंत्रण को स्वीकार भी किया, तत्पश्चात राजा मोलागत और वीर लोरिक में भयंकर युद्ध हुआ अगोरी के राजा मोलागत के पास असीम शक्ति एवं एक बड़ी सेना थी दूसरी ओर वीर लोरिक के साथ के कुछ वीर शक्तिशाली लोग थे जो बाराती बनकर अगोरी आए थे, जिसके कारण वीर लोरिक को कई बार महसूस हुआ कि वे युद्ध हार जाएंगे लेकिन उन्होंने मां बऺसला देवी का संस्मरण करके युद्ध लड़ते रहे युद्ध में अपने वीरता शौर्य पराक्रम का परिचय देते हुए मां दुर्गा एवं वऺसला देवी के बल पर विजयश्री प्राप्त किया, अघोरी राज्य की प्रजा को राजा मोलागत के अत्याचारों से मुक्त कराया, वही अगोरी की सुंदरी मंजरी से विवाह करके जहां एक ओर उसने भारतीय संस्कृति का पालन किया वही जीते हुए राज्य के राजा के सिंहासन पर अधिकार न जमा कर उनकी संपत्ति, स्त्रियों को जप्त न करके अपनी उदारता का परिचय दिया।”

लोक गायक दूधनाथ यादव के अनुसार-“वीर लोरिक एक तांत्रिक था और उसके पास अनेको तांत्रिक शक्तियां थी, लोरिकायन में वर्णित कई ऐसे प्रसंग आते हैं जहां पर वीर लोरिक के अद्भुत, साहस, वीरता का उल्लेख है जो किसी सामान्य योद्धा द्वारा संभव नहीं लगता है वीर लोरिक गौ रक्षक समुदाय का तांत्रिक था उसकी पत्नी अथवा शिष्य मंजरी उसके तंत्र सिद्धि में सहायिका थीऔर विवाह के पूर्व और विवाह के बाद वीर लोरिक ने इन महाशक्तियों की कठोर आराधना किया विवाह के पश्चात जब लोरिक अपनी पत्नी एवं बारातियों सहित मिर्जापुर जनपद के गौरा गांव के लिए प्रस्थान किया और जब बारात मारकुंडी घाट पर पहुंची तो मंजरी का डोला मां दुर्गा मंदिर के पास का रुका, वीर लोरिक और मंजरी ने मां दुर्गा की पूजा अर्चना किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।”

Advertisement (विज्ञापन)

लोरिकायन के संकलनकर्ता लोक साहित्यकार डॉक्टर अर्जुनदास केसरी के अनुसार-“वर्तमान मारकुंडी घाट पर स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे एक प्रतीकात्मक पत्थर का बना हुआ म मंजरी का डोला है, मंजरी को अपना मायका छोड़े जाने का दुख था और उससे वीर लोरिक से निवेदन किया कि महाराज अब तो हमारा अगोरी छूटा जा रहा है आप इस स्थान पर अपने वीरता और पराक्रम से कोई ऐसा प्रतीकात्मक चिन्ह अंकित कीजिए जिससे कि आने वाली पीढ़ियां हमारी प्रेमगाथा को याद रखें, मंजरी के कथन पर वीर लोरिक ने एक विशाल पाषाण खंड को अपनी अद्भुत, पराक्रमी तलवार से काट डालाऔर प्रस्तर खंड दो भागों में विभाजित होकर गिर पड़ा, मंजरी ने कहा महाराज ऐसे नहीं आप पाषाण खंड को काटे और यह दोनों खंड आपस में जुड़े रहे वीर लोरिक ने एक हाथ पाषाण खंड पर लगाया और दूसरे हाथ से पाषाण खंड को अपनी तलवार से विशाल पाषाण खंड को काट डाला और दोनों खंड आपस में जुड़े भी रहे इस प्रकार वीर लोरिक ने अपनी पत्नी मंजरी के कथनानुसार वीरता और पराक्रम का परिचय दिया ।
बारात आगे के लिए प्रस्थान करती है पंचमुखी पहाड़ी पर स्थित की गुफा कोहबर भी कहा जाता है यह स्थान है जहां पर नवविवाहित दंपत्ति प्रथम रात्रि विश्राम करते हैं ऐसा माना जाता है कि वीर लोरिक और मंजरी ने अपनी प्रथम रात्रि यही पर गुजारा था।

  • Advertisement

वीर लोरिकायन पर शोध कार्य कर रहे पत्रकार राम प्रसाद यादव कथन है कि- “लोरिक अगोरी से अपनी पत्नी को विदा कराकर गौरा के लिए प्रस्थान करते हैं और वहां जाकर लोरिक और मंजरी सुख पूर्वक रहते हुए संतति प्राप्त कर सुख पूर्वक अपना जीवन बिताते हैं।
अहीरो के महाकाव्य लोरिकायन में वर्णित स्थान, युद्ध, घटनाक्रम इत्यादि सोनभद्र जनपद में अवस्थित है। प्रतिवर्ष वीर लोरिक पत्थर पर गोवर्धन पूजा का आयोजन होता है एवं अगोरी गांव में मंजरी माता के मंदिर में प्रतिवर्ष पूजा-पाठ, आराधना भी किया जाता है वीर लोरिक पत्थर आज पर्यटन एवं श्रद्धालुओं का केंद्र बना हुआ है और इस शौर्य, पराक्रम, प्रेम का प्रतीक वीर लोरिक पत्थर पर स्त्रियां अपनी सौभाग्य के लिए मान्यताएं करती हैं पूजा-अर्चना करती हैं और सिंदूर चूड़ियां इत्यादि चढ़ाती है।”

महाकाव्य के गायक रामवृक्ष यादव निवासी ग्राम अमोखर के अनुसार-“लोरिकायन महाकाव्य का गायन मुख्य रूप से अहीर जाति के लोगों द्वारा गाया जाता है और इस लोकगायन में वीर लोरिक के जन्म से लेकर युद्ध, विजय एवं पुत्रों की प्राप्ति और उनके पराक्रम का वर्णन किया जाता है,मिर्जापुर जनपद का गौरा गांव और सोनभद्र जनपद का अगोरी जनपद इस महाकाव्य से जुड़ा हुआ है और इन दोनों जनपदों के मध्य लोरीकायन की सारी घटनाएं घटित होती हैं इसलिए दोनों जनपदों में लोरिकायन मुख्य रूप से इन जनपदों में गाया जाता है।

जनपद में महा शक्तियों की पूजा का प्रश्न आज भी है अघोरी स्थित बंसरा देवी मारकुंडी पहाड़ी पर स्थित दुर्गा देवी शक्ति नगर में स्थित ज्वालामुखी देवी, रॉबर्ट्सगंज मुख्यालय की शीतला माता, रामगढ़ की काली मंदिर, घोरावल स्थित कुंडवासिनी देवी, अमिला भवानी, अमरा भगवती सहित जनपद सोनभद्र के ग्रामीण शहरी अंचलों में अवस्थित देवी मंदिरों में नवरात्र में जहां एक और तंत्र साधक अपनी तंत्र सिद्धि के लिए जप- तप करते हैं, वही श्रद्धालुजन पूजा- पाठ करके अपनी मनोकामना पूर्ण होने की देवी से प्रार्थना करते हैं।

  • Advertisement

वर्ग से अर्जित ज्ञान को करें साझा- हर्ष अग्रवाल

HIGHLIGHTS

  • आरएसएस के प्राथमिक शिक्षा वर्ग का हुआ समापन
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। भारतीय इण्टर कालेज घोरावल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सात दिन से चल रहे प्राथमिक शिक्षा वर्ग का शुक्रवार को जिला संघ चालक हर्ष अग्रवाल के आशीर्वचन से समापन हो गया। अपने आशीर्वचन में श्री अग्रवाल शिक्षार्थियों से कहा कि वर्ग में शारीरिक, बौद्धिक और विभिन्न विषयों पर आयोजित चर्चाओं, बैठकों व 14 संघ स्थानों से अर्जित ज्ञान और अनुभवों को घर जाकर अन्य स्वयंसेवकों से साझा करें। क्योंकि संघ स्थापना के सहस्त्राब्दी लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए जिले की सभी पांच खण्डों की 37 मंडलों तथा एक नगर व दो उपनगरों में निर्धारित मानक के अनुरूप शाखाओं का विस्तार करना है। हमें स्वाधीनता के साथ स्वतंत्रता को न केवल पूर्ण रूप से प्राप्त करना है, बल्कि अपनी संस्कृति, संस्कार व जीवन मूल्यों को भी पुनर्स्थापित करने के लिए संकल्पित होना है।

Advertisement (विज्ञापन)

आशीर्वचन के पूर्व परिचय के साथ अमृत वचन, एकल गीत वातावरण को अनुशासित बना दिया था इसके बाद प्रार्थना व परम पवित्र भगवा ध्वज सम्मान पूर्वक उतारा गया। इस दौरान सभी शिक्षार्थी, शिक्षक और व्यवस्थापक समेत अभ्यागत दक्ष की स्थिति में रह कर संघ के गुरु स्थान पर स्थापित भगवा ध्वज के प्रति आदर निवेदित किए। समापन समारोह में सह जिला संघ चालक भोलानाथ, जिला कार्यवाह बृजेश, वर्ग कार्यवाह दिनेश, सह जिला कार्यवाह पंकज, बौद्धिक प्रमुख रमेश राम, भारतीय इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य गणेश देव , सम्पर्क प्रमुख महेश, खण्डसंघ चालक गोपी, घोरावल नगर संघ चालक रमेश शर्मा, जिला प्रचारक दीपक, अनिल, तारकेश्वर, जिला शारीरिक प्रमुख राम लगन, मुख्य शिक्षक राकेश, गण शिक्षक राजीव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वर्ग कार्यवाह दिनेश ने किया

Advertisement (विज्ञापन)
  • Advertisement

याद किये गए मज़दूरों के दिवंगत नेता बबलू सिंह, कैंडल मार्च निकालकर दी गई श्रधांजलि

HIGHLIGHTS

  • रेणुकूट के साथ-साथ जनपद के अन्य नगरों में भी निकाली गई कैंडल मार्च

अजीत कुमार सिंह

सोनभद्र। 30 सितंबर 2019 की वो काली रात जब बबलू सिंह की हत्या साजिसन कर दी गई थी। जिनकी याद में शुक्रवार को उनके भाई के सानिध्य परिवार के समस्त लोग कैंडल मार्च निकालकर अपने भगवान स्वरूप भाई को याद किया। जिसमें रेणुकूट के सम्मानित जनता भी सामिल रही। कैंडल मार्च शाम 6:00 बजे से श्री हनुमान सिंह मार्केट से रेणुकूट पुलिस चौकी तक निकाला गया इस दौरान कैंडल मार्च नगर के अलावा मुर्धवा मोड, खाड़ पाथर और पिपरी की सम्मानित जनता कैंडल मार्च में शामिल हुई व प्रभु रूपी बबलू सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।

Advertisement (विज्ञापन)

आपको बता दे कि बबलू सिंह रेणुकूट के साथ-साथ पूरे जिले में अपनी समाजसेवी कार्यों व निर्धन और मज़दूरों के हित के लिए आवाज़ उठाने के लिए प्रसिद्ध थे।इसलिए उनकी याद में जिले के कई नगर में भी उनके चाहने वालों के साथ-साथ मज़दूरों ने भी कैंडल मार्च निकाला। अनपरा,शक्ति नगर,ओबरा,डाला,चोपन में भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आपको बता दे कि,30 सितंबर की तारीख जब आती है तो सोनभद्र के रेणुकूट में मायूसी छा जाती है। हर कोई की आंखे नम ही जाती है। 30 सितंबर 2019 की वो मनहूस पल लोगों की जेहन में आज भी तरोताजा है। जी हां हम बात कर रहे रेणुकूट के तत्कालीन नगर अध्यक्ष बबलू सिंह की। जिनकी रात में हत्या कर नगर की जनता को असहाय छोड़ दिया गया।मज़दूर हित व अपने कार्यों के लिए लगातार प्रसिद्धि हासिल करना उनके दुश्मनों को खटकने लगा। ऐसे समाजसेवी को अपने रास्ते से हटाने के लिए साजिश रची गई थी। बाहर से भाड़े के सूटर बुला कर बबलू सिंह की निर्मम हत्या करवा दी गई। हालांकि हत्या में शामिल और साजिश करने वाले आज अपने गुनाहों की सजा काट रहे है। लेकिन क्या गुनहगार को सजा मात्र से ही समाज का भला हो जाएगा क्या परिवार के लोग वो हँसी के पल दोबारा हासिल कर पाएंगे नहीं न पर उनके सपनों को साकार कर उनको सच्ची श्रधांजलि देने की कोशिश तो हो सकती है। इसलिए निशा बबलू सिंह व परिवार का हर सदस्य रेणुकूट की जनता की भलाई के लिए सदा तटपर दिखाई देती है।

Advertisement (विज्ञापन)

रेणुकूट में दिवंगत बबलू सिंह ने जो ख्वाब देखा था उस ख़्वाब को पूरा करना रेणुकूट की नगर अध्यक्षा और उनकी टीम साथ-साथ नगर की जनता का भी कर्तब्य बनता है। हा विरोधी खेमा हमेशा कोई न कोई अड़ंगा डाल विकास के कार्यों में परेशान तो करता ही है। साथ ही परिवार वालों को अनजान लोगों द्वारा लगातार धमकी भी दी जाती है। नगर की जनता का कर्तब्य बनता है कि दिवंगत बबलू सिंह के सपनों को साकार करने में निशा बबलू सिंह व उनकी टीम का सहयोग करते रहते हैं। जिससे उनकी आत्मा को शांति प्रदान हो।

  • Advertisement

सोनांचल की दीक्षा पटेल हुई सम्मानित, लोगों ने दी बधाई

HIGHLIGHTS

  • प्रदेश की राजधानी में अपनी गायिकी का दीक्षा ने मनवाया लोहा

हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)

सोनभद्र। आजादी के 75वी वर्षगाँठ पर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अमृत महोत्सव के तहत संस्कृति विभाग, संगीत नाटक एकेडमी एवं वाइब्रेट फोक आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी की ओर से आयोजित मेगा कंसल्ट में जनपद सोनभद्र के डाला नगर की युवा गायिका दीक्षा पटेल ने अपनी गायकी से सोनांचल को गौरवान्वित करने का काम किया है।

ज्ञातव्य हो कि उक्त मेगा कंसल्ट में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से एक -एक प्रतिष्ठित गायिकाओं का चयन किया गया था, जिसमे सोनभद्र जिले के डाला नगर निवासी दीक्षा पटेल ने जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए बेहतरीन प्रस्तुति देकर जनपद का नाम रोशन किया है। अपनी गायकी का लोहा मनवाने के लिए दीक्षा पटेल को सम्मानित भी किया गया । कार्यक्रम संयोजिका वंदना मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम में प्रभु श्रीराम जी के जीवन के विविध पहलुओं पर आधारित पारंपरिक गीतों की सुंदरतम प्रस्तुति 75 जिलों की चयनित गायिकाओं द्वारा दी गयी।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व वर्तमान जलशक्ति मंत्री स्वतन्त्र देव सिंह व विशिष्ट अतिथि नम्रता पाठक रही। इस मौके पर हजारों की संख्या में संगीत प्रेमियों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।उधर सोनांचल की गायिका दीक्षा पटेल को सम्मानित किए जाने पर जनपद वासियों ने हर्ष व्यक्त कर उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी है।

जिला कारागार में आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित

हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

गुर्मा, सोनभद्र। गुरमा स्थित जिला कारागार में विगत 14 सितंबर को हिंदी दिवस पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता जिसका शीर्षक आजादी का क्या अर्थ है। जिसका परिणाम बृहस्पतिवार को घोषित किया गया। इस अवसर पर जिला कारागार अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव द्वारा प्रथम पुरस्कार के विजेता हेमचंद, द्वितीय पुरस्कार प्रदीप सिंह और तृतीय पुरस्कार जितेंद्र कुमार को प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रभारी जेलर सुरेश कुमार सिद्धार्थ, डिप्टी जेलर शशांक पटेल, कारागार प्रधानाचार्य गोविंद मिश्र उपस्थित रहे।

Advertisement (विज्ञापन)
Advertisement (विज्ञापन)
  • Advertisement

जनता के संगठन से देश की विराट शक्ति का निर्माण- दीपक

हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। ‘तन सपर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित, चाहता हूँ , माँ तुझे कुछ और दूँ’ इसी संकल्प के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक दीपक ने शुक्रवार को विशेष संवाददाता से स्वल्पाहार के साथ अपने विचार साझा किये। उन्होंने कहा कि जनता के संगठन से देश की विराट शक्ति का निर्माण होता है।

Advertisement (विज्ञापन)

हम जनता को संगठित करने के काम में जुटे हुये हैं। एक घण्टे की प्रतिदिन की शाखा से व्यक्ति का निर्माण होता हैं। समाज में कुछ लोगों के राष्ट्रीय दृष्टि से जाग्रत और खूब सक्रिय होने से शास्वत परिवर्तन नहीं आते। सामान्य व्यक्ति की राष्ट्रीय चेतना का स्तर थोड़ा भी ऊंचा उठता है तो बड़े बड़े परिवर्तन होते हैं। इस लिए संघ दैनंदिन शाखा में एक घण्टे के लिए समय देकर आने के लिए भारतीय युवाओं से आग्रह करता रहता है। उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपना घर परिवार छोड़ कर सामाजिक सेवा में जुटे जीवन ब्रती प्रचारक दीपक ने कहा- ” हम कंचन हैं कांच नही हैं, ले लो अग्नि परीक्षा, सुख की नहीं कष्ट, सहने की हमने ली है दीक्षा “

Advertisement (विज्ञापन)
  • Advertisement

शिवा एकेडेमी में पेन्टिंग प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

सुकृत, सोनभद्र। जिले के कर्मा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा सुकृत में स्थित विद्यालय शिवा एकेडमी में शुक्रवार को “सोनभद्र मानव सेवा आश्रम ट्रस्ट” के तत्वाधान मे बच्चों के कला कौशल को विकसित करने के लिए एक दिवसीय पेन्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों नें बढ़- चढ़ कर हिस्सा लिया।

Advertisement (विज्ञापन)

इस पेन्टिंग प्रतियोगिता में कक्षा 5 से लेकर कक्षा 8 तक के बच्चों नें प्रतिभाग किया। इस दौरान बच्चों द्वारा विभिन्न प्रकार के चित्र बनाये गये जैसे- राष्ट्रीय पुष्प कमल, स्वच्छ घर, टहलता हुआ बालक, प्राकृतिक दृश्य इत्यादि। प्रतियोगिता में कक्षा 5 में अनुराधा यादव प्रथम, इरफ़ान अली द्वितीय व आशु तृतीय, कक्षा 6 में श्रेया गुप्ता प्रथम, अंकित गुप्ता द्वितीय व अर्पित सिंह तृतीय, कक्षा 7 में खुशी सिंह प्रथम, मोहन पटेल द्वितीय व अवधेश कुमार बिन्द तृतीय तथा कक्षा 8 में रविशंकर प्रथम, अनिल यादव द्वितीय व बंदना तृतीय स्थान प्राप्त किया।

Advertisement (विज्ञापन)

प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करनें वाले सभी छात्र- छात्राओं को ट्रस्ट की ओर से विद्यालय के प्रधानाचार्य गौतम विश्वकर्मा व शिक्षक गणों द्वारा प्रमाण- पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर ट्रस्ट के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता, विद्यालय के प्रधानाचार्य गौतम विश्वकर्मा, सहायक अध्यापक गण दीपक प्रजापति, राजीव रंजन त्रिपाठी, माया प्रजापति, कृति पाठक, सपना चौहान सहित अन्य लोग उपस्थित हैं।

  • Advertisement
Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें