सोनभद्र। पत्रकारों के समन्वित विकास एवं कल्याण के लिए समर्पित पत्रकार संगठन भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार समन्वय समिति एवं सोशल मीडिया पत्रकार महासंघ ने पत्रकार एकता यात्रा को अपना राष्ट्रीय कार्यक्रम घोषित किया है। उक्त आशय की सूचना संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार दिलावर सिंह ने संयुक्त रूप से देते हुए रविवार को बताया कि पूरे देश में सैकड़ों पत्रकार संगठन पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए अपने स्तर से प्रयासरत तो हैं किन्तु एक जुट नहीं हैं।
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उन्होंने यह भी कहा है कि सभी का उद्देश्य अपने संगठन के पत्रकार सदस्यों के हितों की रक्षा करना है। उनके प्रयासों को गति और ताकत देने के उद्देश्य से ही भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार समन्वय समिति व सोशल मीडिया पत्रकार महासंघ ने पत्रकार एकता यात्रा को अपना राष्ट्रीय कार्यक्रम घोषित किया है। उल्लेखनीय है कि संगठन द्वारा अब तक यूपी के सोनभद्र, मिर्जापुर, गाजीपुर, कुशीनगर, रामकोला, खड्डा, चौरीचौरा, बेल्थरा रोड, बलिया के रसड़ा और राजस्थान के ग्वालियर जैसे अनेक स्थानों पर इन यात्राओं को विभिन्न पत्रकार संगठनों द्वारा बेहतर समन्वय एवं सहयोग प्राप्त हो चुका है और यह यात्राएं अपने उद्देश्य में सफल रही हैं। दोनों वरिष्ठ पत्रकारों ने बताया है कि पूरे देश में पत्रकार संगठनों का एक साझा मंच बनाया जा रहा है ताकि देश प्रदेश में निरंतर बढ़ते पत्रकार उत्पीड़न की घटनाओं पर अंकुश लग सके और देश में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए जाने को लेकर सरकार को प्रेरित किया जा सके। उन्होंने विश्वास दिलाया है कि शीघ्र ही इसका स्वरूप सामने आएगा।
योग साधकों ने कठिन से कठिन योग का किया गया प्रदर्शन
राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित एसबीए सभागार में हुआ सम्मान समारोह का आयोजन
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित सोनभद्र बार सभागार सोनभद्र के नियमित योग कक्ष में रविवार की सुबह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर योग साधकों द्वारा कठिन से कठिन योग का प्रदर्शन किया गया।पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी रवि प्रकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता मे परम पूज्य श्रद्धेय स्वामी बाबा रामदेव जी के सपनों को साकार करने के आशय से भारत स्वाभिमान के सह राज्य प्रभारी परम आदरणीय संदेश योगी जी का कार्यक्रम दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ।
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मुख्य अतिथि द्वारा उपस्थित योग साधकों को वैज्ञानिक तरीके से बहुत ही सरलता पूर्वक योगाभ्यास कराया गया। साथ ही योग से होने वाले लाभ की बारीकियों को बतलाया गया। संदेश योगी जी ने कहा कि पतंजलि परिवार सोनभद्र के सभी संगठनों के पदाधिकारी बहुत ही ऊर्जावान होकर जिले को योगमय बना रहे हैं । बहुत जल्द ही पतंजलि योग परिवार की टीम प्रत्येक गांव -गांव जाकर लोगों को नि:शुल्क योग सिखाकर योग शिक्षक भी तैयार करेगी , ताकि आने वाले समय में प्रत्येक व्यक्ति योग के माध्यम से अपने आप को स्वस्थ बना सके।
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पतंजलि योग परिवार सोनभद्र के योग साधक व पदाधिकारी अपने बीच मुख्य अतिथि को पाकर काफी गौरवान्वित महसूस किए तथा मुख्य अतिथि का स्वागत अंग वस्त्र व पगड़ी देकर किया। मुख्य अतिथि द्वारा जिले में सक्रिय रूप से नि:स्वार्थ सेवा करते रहने के लिए किसान सेवा समिति के जिला प्रभारी आदरणीय अरुण जी का अंग वस्त्र ,पगडी व योग संदेश देकर सम्मानित किया गया। दूरदराज से आए योग साधकों, पदाधिकारियों को योग संदेश व अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। महिला पतंजलि योग समिति संगठन मंत्री बहन पूनम जी द्वारा स्वागत गीत व दयानंद मौर्य द्वारा बहुत ही सुंदर योग गीत प्रस्तुत किया गया। सूरज चौबे , अनिल चौरसिया , प्रतीक चौरसिया द्वारा कठिन से कठिन योगाभ्यास दिखलाया गया ,वही 76 वर्ष की उम्र में मुख्य योग शिक्षक पन्नालाल सोनी द्वारा कठिन से कठिन योगाभ्यास प्रस्तुत किया गया।
इस मौके पर भारत स्वाभिमान के जिला कोषाध्यक्ष जितेंद्र जी ,भारत स्वाभिमान के जिला महामंत्री सुनील कुमार चौबे, वरिष्ठ योग शिक्षक ओम प्रकाश जी यादव, वरिष्ठ योग शिक्षक सुनील कुमार श्रीवास्तव,बरिष्ठ समाजसेवी मिठाई लाल सोनी, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राज बहादुर सिंह, पतंजलि योग परिवार के नियमित योग साधक बनाधिकारी जे पी सिंह जी ,वरिष्ठ योग शिक्षक चंद्र बहादुर सिंह ,वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेश चंद्र त्रिपाठी, पतंजलि योग समिति तहसील प्रभारी दिलीप कुमार सिंह ,योग शिक्षक गोपालदास केसरी, बलदाऊ श्रीवास्तव, उमेश तिवारी ,धनंजय मिश्रा ,विनोद कुमार मिश्रा ,प्रेम प्रकाश शुक्ला , दिनेश कुमार श्रीवास्तव, रूप नारायण सिंह ,राजू सोनी, रामसेवक पांडेय, रामबाबू,अधिवक्ता संजय श्रीवास्तव ,माता चरण, वीरेंद्र, चिंतामणि, दीपक केसरी, दीपक सोनी, मुकेश सोनी ,राजकुमार सोनी, पुरुषोत्तम प्रजापति, ह्रदय नारायण पाठक, देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, धर्मेंद्र चौरसिया समेत तमाम योग साधक उपस्थित रहे।
डाला, सोनभद्र। स्थानीय नगर के वनवासी महाविद्यालय में शनिवार को 96 बच्चों में स्मार्टफोन का वितरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी जिला मंत्री संतोष शुक्ला रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में मंडल अध्यक्ष दीपक दूबे ने दीप प्रज्वलन कर कार्यों का शुभारंभ किया। दीपक दुबे ने कहाकि स्मार्टफोन से समस्याओं का निवारण और भविष्य संवारने के लिए छात्र छात्राओं को बेहतरीन अवसर मिलेगा। युवा तकनीकी रूप से सक्षम एवं मजबूत हो सकेंगे।
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उन्होंने कहा कि तकनीकी मजबूती के कारण समय के साथ छात्र छात्राओं को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। इससे छात्र कालेज व परिवार का भी नाम रोशन करेंगे। उक्त कार्यक्रम में 96 छात्र छात्राओं को स्मार्टफोन दिया गया और सरकार की महत्वकांक्षी योजना के बारे में विस्तार पूर्वक छात्र छात्राओं को व स्थानीय लोगों को बताया गया। स्मार्टफोन पाकर छात्र व छत्राओं के चेहरे खिल उठे। इस अवसर पर अध्यक्ष के. एन. पांडेय , श्री निवास दुबे, संतोष कुमार उर्फ गुड्डू अभिषेक दुबे,अजीत दुबे आदि लोग मौजूद रहे।
सोनभद्र। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वधान में 12 नवंबर को होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए माननीय जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार यादव प्रथम अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व अपर जनपद न्यायाधीश निहारिका चौहान नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत के अध्यक्षता में जनपद न्यायाधीश के विश्राम कक्ष में उप जिलाधिकारी व तहसीलदार, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग व नायब तहसीलदार के साथ बैठक आयोजित की गई।
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उक्त बैठक में जनपद न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अशोक कुमार यादव प्रथम ने कहा कि पीड़ित वंचित एवं असहाय लोगों के लिए लगने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत को महोत्सव की तरह बनाने में आम जनमानस का सहयोग करें तथा जनपद न्यायाधीश ने यह भी कहा कि अधिक से अधिक वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से पीड़ितों वंचितों को शुभम न्याय दिलाया जिससे राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाया जा सके
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वहीं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी व अपर जनपद सत्र न्यायाधीश पाक्सो निहारिका चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश न्याय सबके लिए हैं और न्याय से कोई असहाय वंचित न रहे इसलिए आम जनमानस से अपील है कि आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें ताकि बढ़ते हुए मुकदमे के बोझ को कम किया जा सके उक्त बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव विनय कुमार सिंह, सदर उप जिलाधिकारी रमेश कुमार, श्याम प्रताप सिंह, उप जिला अधिकारी घोरावल, राजेश कुमार सिंह, उप जिला अधिकारी ओबरा, एसके सिंह एक्सईएन बिजली विभाग, बृजेश कुमार वर्मा तहसीलदार दुद्धी, सुशील कुमार तहसीलदार ओबरा ,जैनेंद्र कुमार यादव तहसीलदार घोरावल, रजनीश यादव नायब तहसीलदार ओबरा उपस्थित रहे।
सोनभद्र। जिले की चारों तहसीलों में ‘‘सम्पूर्ण समाधान दिवस ‘‘ का आयोजन अक्टूबर महीने के तीसरे शनिवार को किया गया। मुख्य सम्पूर्ण समाधान दिवस राबर्ट्सगंज में जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह, अपर आयुक्त विन्ध्याचल मण्डल रमेश चन्द्र ने शिकायतकर्ताओं की शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध तरीके से कराने के साथ ही क्षेत्रों में भी टीम भेजकर प्रकरणों का निस्तारण कराया गया। इस मौके पर सम्बन्धित को निर्देशित भी किया गया कि इसमें किसी प्रकार की शिथिलता व लापरवाही न बरती जाये।
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रकरणों का समाधान सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस के मौके पर विभागीय कार्मिकों की टीम द्वारा किया जायेगा और जो मामले एक या दो दिन के अन्दर निस्तारित नहीं होंगे, उनका निस्तारण उच्च स्तरीय अधिकारी द्वारा मौके पर जाकर निस्तारित किया जायेगा। सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह अपर आयुक्त विन्ध्याचल मण्डल रमेश चन्द्र व उप जिलाधिकारी राबर्ट्सगंज रमेश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह व अन्य अधिकारियों ने 67 शिकायतें सुनते हुए, मौके पर ही 05 मामलें निस्तारित किये गये और 04 टीमों को क्षेत्र में भेजकर 04 प्रकरणों को निस्तारित किये गये। इस प्रकार तहसील दिवस राबर्ट्सगंज में कुल 09 मामले निस्तारित हुए, बाकी 58 प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने की कार्यवाही अमल में लायी जा रही है। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी शेशनाथ चैहान, परियोजना निदेशक आर0एस0 मौर्या, डी0सी0 एन0आर0एल0एम0 ए0के0 जौहरी, जिला पूर्ति अधिकारी गौरी शंकर शुक्ला, जिला पंचायत राज अधिकारी विशाल सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहें।
वहीं सम्पूर्ण समाधान दिवस घोरावल का आयोजन अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) सहदेव कुमार मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ, इस अवसर पर तहसील में आये शिकायतकर्ताओं की शिकायतों का निस्तारण किया गया, इस दौरान क्षेत्रों में भी टीम भेजकर प्रकरणों का निस्तारण कराया गया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी सहदेव कुमार मिश्र व उप जिलाधिकारी घोरावल श्याम प्रताप सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी घोरावल संजीव कटियार व तहसीलदार घोरावल आदि ने 55 शिकायतें सुनते हुए मौके पर ही 06 मामलें निस्तारित किये गये और 02 टीमों को क्षेत्र में भेजकर 02 प्रकरणों को निस्तारित किये गये। इस प्रकार तहसील दिवस घोरावल में कुल 08 मामले निस्तारित हुए, बाकी 47 प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण के लिए निर्देश सम्बन्धित को दिए गए।
वहीं सम्पूर्ण समाधान दिवस ओबरा का आयोजन मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गंगवार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी व उप जिलाधिकारी ओबरा श्री राजेश कुमार सिंह व तहसीलदार ओबरा, सी0ओ0 ओबरा,खण्ड विकास अधिकारी ओबरा आदि ने 35 शिकायतें सुनते हुए मौके पर ही 02 मामलें निस्तारित किये गये और 01 टीमों को क्षेत्र में भेजकर 01 प्रकरणों को निस्तारित किये गये। इस प्रकार तहसील दिवस ओबरा में कुल 03 मामले निस्तारित हुए, बाकी 32 प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण के लिए निर्देश सम्बन्धित को दिए गए।
दुसरी ओर सम्पूर्ण समाधान दिवस दुद्धी का आयोजन उप जिलाधिकारी दुद्धी शैलेन्द्र मिश्रा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर उप जिलाधिाकरी दुद्धी व तहसीलदार आदि ने 42 शिकायतों को सुनते हुए मौके पर ही 03 मामलें निस्तारित किये गये और 02 टीमों को क्षेत्र में भेजकर 02 प्रकरणों को निस्तारित किये गये। इस प्रकार तहसील दिवस दुद्धी में कुल 05 मामले निस्तारित हुए, बाकी 37 प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण के लिए निर्देश सम्बन्धित को दिए गए।
ओबरा, सोनभद्र : गांधी मैदान में गांधी की मूर्ति के सामने छात्रों ने ओबरा इंटर कालेज बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में शांति पूर्ण प्रदर्शन किया। छात्रों ने कहा कि हुकूमत का कार्य शिक्षा देना है न कि शिक्षा से वंचित करना। सोनभद्र के गिने चुने विद्यालयों में नि:शुल्क या कम पैसे में शिक्षा मिलती है, उनमें ओबरा इंटर कालेज भी एक है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम शक्ति भवन के एक निर्णय ने पूरा माहौल बिगाड़ दिया है। इसके लिए ओबरा और आस – पास के लोगों को एकजुट होना पड़ेगा। ओबरा इंटर कालेज को उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम खुद चलाए या उत्तर प्रदेश सरकार को सौप दे, जिससे इसकी व्यवस्था सरकारी स्तर पर हो सके। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार को पहल करनी चाहिए। अभाव ग्रस्त इलाके की शिक्षा व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश ने पूरे ओबरा नगर का माहौल बिगाड़ कर रख दिया है।
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छात्र शांति पूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद भी अनदेखी की जा रही है। एक तरफ सरकार सोनभद्र जिले में नक्सल के नाम पर धन खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा की व्यवस्था के बजाय उससे वंचित करने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान संयोजक आनंद, सुरेंद्र, कृष्णा, मो शमी, अनुज, सुजीत, प्रयांशु तिवारी, श्याम सहित आदि मौजूद रहे।
ओबरा, सोनभद्र: दस सूत्री मांगों को लेकर राजकीय पीजी कालेज गेट पर 41 दिनों से चल रहा आंदोलन शनिवार को सम्माप्त हो गया। बतादे कि मांगों को मान लिए जाने पर हरि ओम यादव, आदर्श गुप्ता, रीतेश मिश्र, विकांक रंजन शुभम, ठाकुर प्रसाद गोंड, धीरज कुमार यादव का बेमियादी भूख हड़ताल पर शनिवार को समाप्त हो गया है। इस दौरान उपजिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह, प्राचार्य डा. प्रमोद कुमार, तहसीलदार सुशील कुमार, पुलिस उपाधीक्षक शंकर प्रसाद ने जूस पिलाकर आंदोलन समाप्त कराया।
दस सूत्री मांगों में कुलसचिव ने स्नातक, स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष हेतु सीट की वृद्धि कर दी गई है। महाविद्यालय में रिक्त पदों हेतु शिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा को पत्र प्रेषित कर दिया गया है। स्नातकोत्तर स्तर पर अंग्रेजी, गणित, वनस्पति विज्ञान विषय हेतु पद सृजन के साथ कक्षाएं चलाएं जाने हेतु पत्र लिखा गया है। शासन से प्राप्त बजट से शीघ्र ही पुस्तक मंगा लिया जाएगा। छात्रावास के मरम्मत हेतु जिलाधिकारी स्तर से कार्रवाई की जा रही है। कालेज कैंपस में वाई फाई की व्यवस्था दीपावली बाद कर दिया जाएगा।
बालिका छात्रावास के लिए शिक्षा निदेशक को पत्राचार कर दिया गया है। दस नवम्बर तक कैंपस में कैंटीन की व्यवस्था हो जाएगी। छात्र संघ का चुनाव प्रवेश पूर्ण होने पर 15 दिन में चुनाव की प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। साफ सफाई का कार्य तेजी से पूर्ण करा लिया जाएगा। आंदोलन में प्रमुख रूप प्रदीप यादव, रीसू राजपूत, विशाल गौतम, योगेश शुक्ला, अमन सिंह, विमल यादव, सतेंद्र यादव, प्रिंस शर्मा, अभिषेक यादव, विशाल निषाद, राजू, सरोज आदि बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल रहे। छात्र नेताओं ने कहा कि लिखित आश्वासन पर समय बद्ध मांगों को पूरा नहीं करने पर छात्र फिर से आंदोलन करने हेतु बाध्य होंगे। बता दें कि पिछले 41 दिनों से धरना, क्रमिक अनशन, बेमियादी भूख हड़ताल चल रहा था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिनांक 13 अक्टूबर 22 को कड़ा रुख दिखाते हुए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश को निर्देश दिया है कि उ.प्र. प्रेस मान्यता समिति गठित कर 15 नवंबर 2022 को कोर्ट को सूचित करें।
राम अनुज धर द्विवेदी
सोनभद्र। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उ.प्र. की ओर से दिनांक 16 जून 2020 को प्रेस मान्यता समिति गठित करने के लिए एक विज्ञापन जारी किया गया था। उक्त के संदर्भ में प्रदेश के सभी लोगों के साथ पत्रकारो के मान सम्मान एवं उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन (ऐप्रवा) ने भी उक्त समिति के गठन के लिए दावा किया था। उक्त समिति के गठन में हो रही देरी के सम्बन्ध में ऐप्रवा की ओर से मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के आला अधिकारियों को पत्र भेजा गया था। जिसमें उत्तर प्रदेश शासन ने ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन (ऐप्रवा) को सम्मिलित करने के लिए एक पत्र निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उ.प्र. को भेजा था।
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जिसके बावजूद भी कोई कार्यवाही न होने पर, ऐप्रवा की ओर से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में फरवरी 2022 में एक याचिका दाखिल की गई। जिसमें उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश शासन से मान्यता समिति के गठन के लिए जवाब मांगा ।जिसमें शासन की ओर से यह बताया गया था कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के कारण नई सरकार बनने के बाद प्रेस मान्यता समिति का गठन करने की कार्यवाही कर ली जाएगी। इस पर कोर्ट ने उनसे शपथ पत्र लेकर यह कहते हुए याचिका निस्तारित किया था कि यदि नयी सरकार बनने के बाद मान्यता समिति गठित नहीं होता तो याची फिर से याचिका दायर कर सकता है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज गुप्ता व न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खंडपीठ ने दिया था। नई सरकार बनने पर ऐप्रवा के अधिवक्ता संतोष कुमार त्रिपाठी की ओर से अनुस्मारक/स्मरण पत्र शासन को भेजा गया जिसके बावजूद भी उ.प्र.मान्यता समिति का गठन नहीं हो पाया।, तत्पश्चात कोर्ट के आदेश के क्रम में पुनः आंल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन (ऐप्रवा) के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार आचार्य श्रीकांत शास्त्री की तरफ से याचिका दाखिल किया गया।
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जिसमें न्यायमूर्ति मनोज मिश्र एवं न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खण्डपीठ ने पहले तो सरकार से पूछा था की अभी तक उ.प्र. प्रेस मान्यता समिति का गठन हुआ है कि नहीं और साथ ही नियमावली के जवाब मांगते हुए तिथि नियत कर दी। जिसमें विभाग द्वारा हिला हवाली किया जाता रहा। जिसको दृष्टिगत रखते हुए न्यायमूर्ति मनोज मिश्र एवं न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने दिनांक 13 अक्टूबर 22 को कड़ा रुख दिखाते हुए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश प्रेस मान्यता समिति को गठित कर दिनांक 15 नवंबर 2022 को कोर्ट को सूचित करें।
इस प्रकरण को सूचना विभाग ने इसी प्रकार से लगभग 28 महीनों से लटका रखा है जिस पर मा. उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने अपने तल्ख तेवर दिखाते हुए समिति गठित कर न्यायालय में सूचित करने को कहा है। इस आदेश से सोनभद्र जिले में ऐप्रवा के पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है।
50 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद
चार वर्ष पूर्व जमीन विवाद में हुई थी हत्या
अर्थदंड में से 40 हजार रुपये की धनराशि मृतक के पिता को मिलेगी
सोनभद्र। चार वर्ष पूर्व जमीन विवाद में हुई अतुल की हत्या के मामले में सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव की अदालत ने शनिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी कल्पनाथ उर्फ छांगुर को उम्रकैद एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। वहीं अर्थदंड में से 40 हजार रुपये मृतक के पिता को मिलेगी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक बभनी थाने में 6 जून 2018 को दी तहरीर में असनहर गांव निवासी विश्वनाथ पुत्र स्वर्गीय अमरजीत ने आरोप लगाया था कि उसका 8 वर्षीय बेटा अतुल 6 जून 2018 को शहम 7:30 बजे घर के बाहर खेल रहा था कि कल्पनाथ उर्फ छांगुर पुत्र कृष्ण सहाय साइकिल पर बैठाकर उसे ले गया। उसके बाद से उसका कहीं पता नहीं चल रहा है, जबकि उसे साइकिल पर बैठाकर ले जाते समय कई लोगों ने देखा था। बेटे को हर सम्भावित जगह खोजबीन की गई, लेकिन कहीं पता नहीं चला। शाम 4 बजे पता चला कि एक बालक का शव बहरा में फेका गया है। जब देखा गया तो बेटे का ही शव था। इस तहरीर पर अभियुक्त कल्पनाथ उर्फ छांगुर समेत तीन लोगों के विरुद्ध धारा 364, 302, 201 आईपीसी में मुकदमा पंजीकृत किया गया। विवेचना के उपरांत अभियुक्तगण के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किए जाने के उपरांत विचारण सत्र न्यायालय सोनभद्र द्वारा किया गया।
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मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी कल्पनाथ उर्फ छांगुर को उम्रकैद एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड जमा किए जाने के उपरांत उसमें से 40 हजार रुपये मृतक के पिता को बतौर प्रतिकर मिलेगा। वहीं दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शरण राय राज्य सरकार की ओर से अपने तर्क रखे।
नगर के संभ्रांत लोगों द्वारा आकर्षक झांकियां निकाली जाती थी।
आकर्षक झांकियों को प्रथम- द्वितीय- तृतीय पुरस्कार प्रदान किया जाता था।
उत्तर मोहाल से हुई इस परंपरा की शुरुआत।
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
सोनभद्र नगर का उत्तर मुहाल सांस्कृतिक धार्मिक स्थलों की अधिकता के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रमों का गढ़ माना जाता था। नगर के संभ्रांत नागरिक, पत्रकार, साहित्यकार इस क्षेत्र में निवास करते थे, लाग निकालने की परंपरा का शुभारंभ मिर्जापुर जनपद के निवासी स्वर्गीय रामसूरत ठेकेदार द्वारा किया गया था। रामायण कल्चर मैपिंग योजना के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर एवं संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के नामित सदस्य दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-“भरत मिलाप वाले दिन नगर में उत्तर मोहाल से लाग निकाला जाता था और यह आकर्षक, आश्चर्यजनक झांकी की सजावट, लाग का निर्माण नगर के सधधू मिस्त्री, माता प्रसाद, जवाहिर सेठ, गुलाब प्रसाद केसरी आदि द्वारा किया जाता था और यह लाग पूरे नगर में भ्रमण करता था।
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आज से लगभग 40 वर्ष पूर्व जरनेटर इत्यादि की व्यवस्था नहीं थी लोग ठेलें, सगड़ी आदि पर लाग निकालते थे और लाग पर रोशनी के लिए में बिजली के तार लोगों के घरों में लगाए जाते थे तब कहीं जाकर लाग में रोशनी होती थी और लोग लाग का आनंद लेते थे। लाग के आकर्षक झांकियों भगवान श्री कृष्ण बांसुरी बजाते हुए, भगत सिंह फांसी पर लटकते हुए, मां काली का रौद्र रूप आदि आकर्षक झांकियां होती थी, इस लाग में पात्र की भूमिका निभाते थी इंदर गुरु, रामा पंडित, आनंद सोनी आदि स्थानीय जन।
तत्पश्चात रामलीला कमेटी द्वारा लाग के आयोजन में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले लोगों को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाता था। वरिष्ठ साहित्यकार एवं नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय शेखर के अनुसार -“रॉबर्ट्सगंज नगर में नाट्य परंपरा प्राचीन प्राचीन है। इसमें स्थानीय लोग अभिनय करते थे जिनमें बद्रीनारायण, बलराम दास, विश्वनाथ प्रसाद ‘खादिम”नगर के युवा अभिनय करते थे। खादिम साहब की खजडी पर गाई जाने वाली कजली उस समय लोगों में काफी चर्चित थी। धरमादा नाटक में मैंने स्वयं अभिनय किया था। रामलीला कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र सिंह के अनुसार-रामलीला समाप्त होने के पश्चात रामलीला के कलाकारों द्वारा भक्त पूरणमल, राजा भरथरी, शीत बसंत, सुल्ताना डाकू, कफन आदि नाटक का मंचन किया जाता था मैं स्वयं कफन नाटक में मुख्य पात्र की भूमिका निभाता था।
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साहित्यकार प्रतिभा देवी के अनुसार-“स्कूलों में राष्ट्रीय पर्वों, वार्षिक उत्सव पर विभिन्न प्रकार के नाटक का आयोजन किया जाता था जिनमें ज्यादातर नाटक का मंचन पाठ्य पुस्तकों में वर्णित कहानी के आधारित होता था। स्वामी विवेकानंद बाल विद्यालय के पूर्व छात्र दीपक कुमार केसरवानी बताते हैं कि-“सन 1982 में जब मैं कक्षा 5 का छात्र था उस समय राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज रॉबर्ट्सगंज में जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें हमारी पाठ्यपुस्तक राखी के मर्यादा पर आधारित नाटक का मंचन हम लोगों ने किया था जिसमें मैं हिंदूवेग, कमलेश कुमार चौरसिया तातार खा, लखविंदर कौर हुमायूं का अभिनय किया था। उस कार्यक्रम में हमारा नाटक द्वितीय स्थान पर रहा जिसके पुरस्कार स्वरूप मुझे एक प्रमाण पत्र और बाहदार गंजी उपहार में मिला था। यह मेरे छात्र जीवन का प्रथम पुरस्कार था। इसके अलावा हमारे स्कूल में अनेकों प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित होती थी। लाग की परंपरा वाराणसी मिर्जापुर की परंपराओं पर आधारित थी जो पूर्ण रूप से बंद है आजकल के वैज्ञानिक इलेक्ट्रॉनिक युग में लकी आकर्षक झांकियों के आकर्षण से दर्शक दूर हो चुके हैं, इलेक्ट्रॉनिक सजावट ओके चकाचौंध में आंखें चौधिया गई है।
लेकिन स्थानी कलाकारों द्वारा देसी तकनीक से सजाई गई आकर्षक झांकियां आज भी पुराने लोगों के जेहन में है लेकिन यह परंपरा समाप्त हो गई है अपने रॉबर्ट्सगंज नगर से समाप्त हो गई है रंगमंच की परंपरा अब रामलीला के मंच पर शिक्षाप्रद नाटक नहीं खेले जाते और ना ही इसमें लोगों के प्रतिभाग करने में रुचि रह गई है, हां अभी थोड़ी बहुत मंचीय कला शिक्षण संस्थानों में बची है, लेकिन इन मंचों पर शिक्षाप्रद नाटक तो बहुत कम ही देखने को मिलते हैं, ज्यादातर फिल्मी धुन पर छात्र-छात्राएं मर्यादित तरीके से नृत्य करते नजर आते हैं। आज की यही परंपरा है।