विराट गोवर्धन पूजा में बाबा ने गर्म दूध से स्नान कर किया सबको अचंभित‌

HIGHLIGHTS

  • यादव महासभा ने दुद्धी कराया 12 वां विराट गोवर्धन पूजा
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। यादव महासभा के तत्वावधान में शुक्रवार को जनपद सोनभद्र के दुद्धी तहसील में 12 वां गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया जिसमें गाजीपुर के बाबा सुरेंद्र पंथी ने देखते ही देखते सूखे उपले में मंत्र शक्ति से अग्नि प्रज्वलित कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। इसके बाद उसी अग्नि में दूध गर्म किया गया तथा खीर पकाई गई। बाबा ने आग पर खौलते गर्म दूध से स्नान कर भविष्य के बारे में बताया।

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श्रद्धालुओं का मानना है कि पुजारी के अंदर चमत्कारिक शक्तियां हैं। मान्यता के अनुसार पुजारी और यजमान द्वारा खौलते दूध से स्नान करने पर ही लोगों का कल्याण होता है। पुजारी बाबा द्वारा आग प्रज्वलित कर दूध को खौलाया जाता है। मंत्रोचार के साथ इस दूध को तब तक खौलाया जाता है, जब तक कि मंत्र पूरा नहीं हो जाता है। उसके बाद इस खौलते दूध से न सिर्फ पुजारी, बल्कि पूजा पर बैठे यजमान को भी स्नान कराया जाता है।

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पुजारी का दावा है कि इस दूध से नहाने पर सिर्फ वहीं जलते हैं जो छली – कपटी होते हैं। पुजारी अपने दावे को साबित करने के लिए खौलते ढूध में अपने सिर और शरीर पर डालता है और वहीं यजमान के शरीर पर भी गर्म दूध डाल देता है। इतना ही नहीं पुजारी अपने दावे को पुख्ता करने के लिए शक्ति का ऐसा प्रदर्शन करता है, जिसे देख कर आपके भी रोंगटे खड़े हो जायेंगे।

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वही सुरेंद्र पंथी चमत्कारी बाबा ने कहा कि यह प्रकृति की पूजा इंद्र भगवान का घमंड तोड़ने के लिए श्रीकृष्ण भगवान ने किया था। वहीं गर्म दूध से स्नान और आंखों में डालने पर बताया कि देने में दूध गर्म दिखता है, लेकिन शरीर पर डालते ही ठंडा हो जाता है। पूजा में बहुत शक्ति है।
इस अवसर पर पूजा का पूरा कार्यक्रम पं० शिवपूजन मिश्र ने सम्पन्न कराया और यजमान की भूमिका में जगतनारायण यादव ने पत्नी के साथ निभाई। गोवर्धन पूजा शुरू होने से पहले वहा उपस्थित सभी ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह को श्रद्धांजलि दी और उनके कार्यो को याद करके भावुक हो गए। कार्यक्रम समाप्ति पर सभी ने श्रधेय नेता जी के सम्मान में दो मिनट का मौन धारण किया।

वही गोवर्धन पूजा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे चंदौली के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस पूजा से हमे प्रकृति पूजा का ज्ञान होता है तथा गोवर्धन पूजा घमंड को दूर करने का सन्देश देता है।भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के घमंड को तोड़ने के लिए गोवर्धन पर्वत की पूजा की थी। अंत में उन्होंने समाज को एकजुट होने का संदेश दिया और कहा कि समाज के लिए शिक्षा जरूरी है। आज हमारा समाज तीसरे और चौथे स्तंभ में कमजोर है।

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कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहे डॉ रामजीत यादव पूर्व हिंदी विभागध्यक्ष बीआरडी पीजी कॉलेज दुद्धी ने नेता जी को श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गांधी, लोहिया, जय प्रकाश के प्रतिमूर्ति थे और इनमें समाजवाद कूट कूट कर भरा था, इसलिए इन्हें भारतीय इतिहास दूसरे नेता जी की संज्ञा दी गई। उन्होंने आगे गोवर्धन पूजा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अहंकार दूर करने का नाम भगवान कृष्ण हैं,  जिन्होंने इंद्र का घमंड दूर करते हुए गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाकर आमजन की रक्षा की थी।

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इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत गाजे बाजे के साथ निकली कलश यात्रा से हुई ।लड़कियों व महिलाओं ने पूजा स्थल से कलश उठाया और प्राचीन शिवाजी तालाब से जल उठाकर पुनः पूजा स्थल पहुँचे और पूजा की शुरुआत हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान विजय यादव ने किया। इस दौरान डॉ रामलोचन यादव पूर्व प्राचार्य बीआरडी पीजी कॉलेज दुद्धी, सपा जिलाध्यक्ष विजय यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव, संजय यादव, जगदीश प्रसाद यादव, प्रधान संघ अध्यक्ष दिनेश यादव, म्योरपुर ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोंड, जे ई छविनाथ यादव, रामेश्वर राय,यदुनाथ यादव,नकछेदी यादव, बुध्दी नारायण यादव, हरिशंकर यादव, सरजू यादव, अवधनारायण यादव, प्रभु सिंह कुशवाहा, अवधेश यादव, वरिष्ठ बिरहा गायक अशोक यादव, सुभाष यादव, श्रवण यादव बचरा प्रधान, राम आशीष प्रवक्ता सहित अन्य पूजा से जुड़े लोग मौजूद रहे।

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जबकि सुरक्षा की दृष्टि से कोतवाल श्रीकांत राय, महिला थाना प्रभारी सविता सरोज, कस्बा इंचार्ज संजय सिंह समेत हजारों श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा तथा रात्रि में बिरहा दंगल का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम का सफल संचालन सत्यनारायण यादव एडवोकेट ने किया।

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कलश यात्रा के साथ 24 कुंडीय नवचेतना जागरण गायत्री महायज्ञ का हुआ शुभारंभ

HIGHLIGHTS

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  • कलश यात्रा में भारी संख्या में सम्मिलित हुई महिलाएं
  • गायत्री परिवार के सदस्यो एवं पदाधिकारियों ने कलश यात्री महिलाओं का किया पुष्प वर्षा से स्वागत
  • 31 अक्टूबर तक चलेगा 24 कुंडीय महायज्ञ।
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वाधान में जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के रामलीला मैदान में 24 कुंडीय नवचेतना जागरण गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ शुक्रवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। यह कलश यात्रा रामलीला मैदान से प्रारंभ हुआ और नगर भ्रमण करते हुए पुनः रामलीला मैदान में जाकर समाप्त हुआ।

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कलश यात्रा के दौरान महिलाएं सिर पर कलश धारण किए हुए गायत्री माता की भजन और जयकारा लगाते हुए रामलीला मैदान में पहुंची जहां पर गायत्री परिवार के जिला समन्वयक राजकुमार तरुण ने बताया कि-कार्यक्रम में ध्यान साधना एवं प्रज्ञा को योग यज्ञ का ज्ञान विज्ञान देव पूजन एवं गायत्री महायज्ञ कार्यकर्ता गोष्ठी नारियों जागो स्वयं को पहचानो के अलावा 24 यज्ञ कुंड पर दंपत्ति हवन एवं पूजन करेंगे एवं उपस्थित दंपत्ति को दीक्षा भी दिया जाएगा।

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इस क्रम में रामायण कल्चर मैपिंग योजना के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के नामित सदस्य दीपक कुमार केसरवानी पत्नी साहित्यकार प्रतिभा देवी के साथ दीक्षित होंगे।
वही कार्यक्रम स्थल पर उप समन्वय अरविंद सिंह, रामाधार चौबे, बासुदेव यादव, राम दुलारे विश्वकर्मा, अरुण शास्त्री, आचार्य गोपाल अग्रहरी, गोविंद कुमार उमर, सरिता जयसवाल, सरोज केसरी, लक्ष्मी देवी, विभा देवी, गीता देवी, सुमन, उर्मिला देवी, सीमा अग्रहरि आदि सदस्यो एवं पदाधिकारियों पुष्प वर्षा कर कलश यात्रियों का स्वागत किया गया।

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इस अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार से आए हुए विकास भाई ब्रह्मभट्ट ने कलश यात्रा में सम्मिलित 251 बहनों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।
वही मंच पर विकास ब्रह्मभट्ट का स्वागत शिव शंकर कुशवाहा, संगीतकार जय सिंह, अभय सिंह अभय श्रीवास्तव, सुनील सिंह का स्वागत अरविंद सिंह, प्रकाश केसरी, प्रदीप बाला ने किया।
इस अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार से आए हुए संगीतकारों ने भजन प्रस्तुत किया और उपस्थित सभी माताओं एवं बहनों ने आरती के बाद प्रसाद ग्रहण किया।

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तीन दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता का हुआ भव्य शुभारंभ

डाला, सोनभद्र। बुधवार शाम स्थानीय रामलीला मैदान में डाला नवनिर्माण सेना के तत्वावधान में तीन दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। इस दौरान नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अंशु पटेल ने बताया कि प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में नगर के प्रबुद्ध शिक्षकगण व खिलाड़ी बसंत सिंह,सौरभ कुमार,सुभाष शर्मा,धीरज जायसवाल व उमेश चौधरी रहे।

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पहले दिन कुल 64 प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। जिसमें से 16 प्रतिभागी विजायी होकर क्वाटर फाइनल में गए। प्रतियोगिता के दूसरे दिन क्वाटर फाइनल में पहुंचे सभी प्रतिभागी फाइनल्स में अपनी जगह बनाने हेतु प्रतियोगिता करेंगे। इस दौरान नवनिर्माण सेना के संरक्षक व छात्र संघ के पूर्व महामंत्री अनिकेत श्रीवास्तव,सर्वेश पटेल,अवनीश पांडे,संजय गुप्ता,विक्की गुप्ता,आदि लोग मौजूद रहे।

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वन विभाग ने संरक्षित किये 180 करोड़ वर्ष प्राचीन पत्थर वाला क्षेत्र

म्योरपुर, सोनभद्र। म्योरपुर विकास खण्ड क्षेत्र के मुर्धवा नाले व रनटोला के जमतिहवा नाले में मौजूद 180 वर्ष पुराने पत्थरों को सहेजने का कार्य गुरुवार को वन विभाग द्वारा राज्यमंत्री उत्तरप्रदेश सरकार संजीव गोड़ व दुद्धी विधायक रामदुलार गोड़ ने संयुक्त रूप से फीता काट पत्थर वाले क्षेत्र को संरक्षित किये जाने के कार्य का शुभारंभ किया। इस दौरान वन विभाग द्वारा मौके पर दो बोर्ड लगाये गए तथा लाल रस्सी के द्वारा समूचे क्षेत्र चिन्हित भी किया गया।

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प्रभागीय वनाधिकारी मनमोहन मिश्र ने कहा कि विश्व के शिर्ष भूवैज्ञानिकों ने बताया कि यह क्षेत्र पर अति प्राचीन है एक सौ अस्सी करोड़ वर्ष पूर्व यह क्षेत्र महा कौशल नामक समुद्रीय क्षेत्र था जो भौगोलिक उथल पुथल के कारण वर्तमान समय मे इस स्वरूप में है इन चट्टानों में सृष्टि के रहस्य छुपे हुए है जो शोध के दौरान नई -नई जानकारियां देंगे इस रहस्य की जानकारी काफी अध्ययन के पश्चात प्राप्त हुई है।

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मुख्य अतिथि राज्यमंत्री संजीव गोड़ ने कहा कि सोनभद्र जनपद विभिन्न खनिज पदार्थों से भरा है गतदिनों 65 वैज्ञानिकों का दल इस रहस्य से पर्दा उठा कर मुर्धवा रनटोला को विश्व पटल पर स्थापित कर दिया है यह हम सब की जिम्मेदारी है कि इसे संरक्षित करें ताकि प्राचीन रहस्यों से पर्दा हट सके विशिष्ट अतिथि दुद्धी विधायक रामदुलार गोड़ ने कहा कि हमारे विधानसभा में 180 करोड़ वर्ष पुराना स्लेटी पत्थर व उसका पहाड़ मिला है।

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वैज्ञानिकों ने अपने शोध के दौरान बताया था कि पृथ्वी का कई बार भौगोलिक उथल पुथल हुई है कभी यह पत्थर पहाड़ अमेरिका,जापान,दुबई में रहें होंगे जो चौथी बार के उथल पुथल में हमारे विधानसभा क्षेत्र में स्थिर हो गयी है आने वाले समय मे पर्यटन का केंद्र बनेगा देश विदेश के वैज्ञानिक शोध के लिये यहाँ आएंगे जो इस क्षेत्र के लिये गर्व की बात है।इस दौरान ब्लाक प्रमुख मान सिंह गोड़, पर्यावरण कार्यकर्ता जगतनारायण विश्वकर्मा,सुधीर कुमार,अजय राय ,ग्राम प्रधान ख़ाड़पाथर गुड्डू यादव, प्रधानसंघ अध्यक्ष प्रेमचंद यादव, रनटोला ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल, पत्रकार इत्यादि मौजूद रहे।

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छठ महापर्व के मद्देनजर घाटों की सफाई का दौर जारी

दुद्धी, सोनभद्र। प्राचीन शिवाजी तालाब पर छठ महापर्व के पूर्व घाटों की साफ-सफाई रंग रोगन युद्ध स्तर पर नगर पंचायत दुद्धी द्वारा किया जा रहा है। जय बजरंग अखाड़ा समिति दुद्धी जहाँ अग्रणी भूमिका में रहकर पूजन सामग्री आदि निःशुल्क वितरण का कार्य करती है, वही उत्तर प्रदेश जिला उद्योग व्यापार मंडल, स्वर्णकार संघ, कांस्यकार समाज भक्तजनों को सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।

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युवाओं का जोश भी इन दिनों आस्था के महापर्व पर हाई है। रामनगर में चन्द्रवंशी समाज व स्वर्णकार समाज सहित विभिन्न लोग पावन पर्व के मद्देनजर उपयोग में लाने वालीं मैंट आदि की साफ सफाई स्वयं कर पुण्य के भागी बन रहें है। प्राचीन शिवाजी तालाब पर सत्येंद्र कुमार चंद्रवंशी, राजू शर्मा, अजय कुमार चन्द्रवंशी , बबलू कश्यप, रोहित चन्द्रवंशी, राजकुमार सोनी, बीरेंद्र अग्रहरी आदि लोगों द्वारा तालाबों की साफ-सफाई स्वयं कर रहे हैं।

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पर्यटन का केंद्र कैलाश कुंज पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि निरंजन कुमार जयसवाल, प्रभाकर प्रजापति, शिव शंकर, गणेश प्रसाद जयसवाल एवं मंदिर के प्रबंधक डॉ लवकुश प्रजापति ने स्वयं साफ सफाई कई घंटों तक युद्ध स्तर पर किया। उधर हिरेश्वर महादेव मन्दिर के प्रबंधक रविंद्र कुमार जयसवाल हनुमान मंदिर के प्रबंधक कमलेश मोहन आदि जी व्यवस्थाओं को लेकर युद्ध स्तर पर कार्य कर रहें हैं। आसपास क्षेत्रों में भी पावन पर्व को लेकर उत्साह जबरजस्त देखा जा रहा है।

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नगर पंचायत अध्यक्ष एवं महारुद्र सेवा समिति आयोजक प्रबंधक अध्यक्ष ने किया छठ घाट का स्थलीय निरीक्षण किया

सोनभद्र। ओबरा महारुद्र सेवा समिति द्वारा संचालित रेणुका नदी स्थित छठ घाट पर आगामी छठ पर्व को लेकर गुरुवार को महारुद्र सेवा समिति के प्रबंधक रामआश्रय बिंद, अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह(टीपू) व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रानमती देवी, संजय कुमार सिंह एवं देव दीपावली आयोजक सुशील मिश्रा संग्राम ने छठ घाट का स्थलीय निरीक्षण किया।

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बता दें कि दशकों से ओबरा छठ घाट पर महारुद्र सेवा समिति द्वारा संचालित छठ पूजा का कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जिसमें ओबरा नगर पंचायत के अध्यक्ष ही मेला समिति के नामित अध्यक्ष होते हैं,जिनके देखरेख में ही छठ पर्व का भव्य मेला संपन्न होता है। छठ घाट की साफ-सफाई नगर पंचायत महारुद्र सेवा समिति द्वारा दिन रात लग करके पूजा स्थल ,बेदी, का निर्माण, श्रद्धालुओं व व्रतियों के लिए पूजा स्थल पर टेंट व लाइट, भंडारा ,वाहन पार्किंग, देवी जागरण,आने जाने वाले मार्ग का मरम्मत आदि व्यवस्थाओं को किया जाता है।

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इस दौरान महारुद्र सेवा समिति के प्रबंधक रामआश्रय बिंद ,अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह टीपू व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रानमती देवी संजय कुमार सिंह, एस के भंडारी,ने कार्यो का जायजा लिया और निर्देशित किया। मौके पर उपस्थित देव दीपावली परिषद के आयोजक सुशील मिश्रा, संग्राम मिश्रा, शाश्वच मंच श्याम जी मिश्रा, बाबू महेंद्र सिंह, कर्मचारी मुन्नू नारायण, मंडल कुमार सिंह, उपस्थित रहे।
बताते चलें कि ओबरा नगर पंचायत अध्यक्ष प्रानमती देवी द्वारा सेक्टर 8 खेल मैदान में, सेक्टर 9, करूणेश्र्वर मंदिर बगल में, बिल्ली पोखरा,सेक्टर 10,मालवी नगर राखी पुल के पास आदि जगह पर छठ महापर्व को लेकर व्यवस्था किया जाता है।

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मिशन शक्ति के तहत जिले के समस्त थानों के एंटी रोमियो टीम द्वारा अपने- अपने क्षेत्र में चला गया जागरूकता अभियान

HIGHLIGHTS

  • एण्टीरोमियों टीम ने महिलाओं व बालिकाओं को आत्मसुरक्षा के लिये किया जागरूक
  • विभिन्न तरीकों से होने वाले साइबर अपराधों की दी गई जानकारियां
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। मिशन शक्ति के तहत जिले के समस्त थानों की एण्टीरोमियों टीमों द्वारा गुरूवार को अपने-अपने थाना क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले बाजारो, चौराहों कोचिंग सेन्टरों, स्कूल व कॉलेजो में महिलाओं व बालिकाओं को आत्मसुरक्षा के लिये जागरुक किया गया तथा उनकी सुरक्षा के सम्बंध में वार्ता कर उन्हें महिलाओं की सुरक्षा हेतु विभिन्न हेल्पलाइन नम्बरों एवं नियमों तथा महिलाओं के विरुद्ध घटित होने वाले अन्य अपराधों पर कानूनी कार्रवाई के सम्बंध में विस्तृत रुप से जानकारी देकर उन्हें जागरुक किया गया।

वही वर्तमान समय मे हो रहे विभिन्न तरीकों के साइबर अपराधों के बारे में भी बताया गया। साथ ही साथ यह भी बताया गया कि अपने साथ-साथ आप अपने आस-पास के लोगों को भी साइबर अपराधों के बारे में‌ बताकर जागरूक करें तथा कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है तो उसकी सूचना तत्काल हेल्पलाइन नम्बर 1930/112 पर दें जिससें समय रहते ही अग्रिम कार्रवाई की जा सके।

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हर्षोल्लास के साथ बहनों ने मनाया भैया दूज का पर्व

HIGHLIGHTS

  • गाय के गोबर से बनाई गई विविध आकृतियां
  • बहनों ने किया लोकगीत, लोक कथाओं का गायन और वाचन।
  • बहनों ने चना, मिठाई खिलाकर भाईयो के दीर्घायु होने की किया प्रार्थना।
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हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। कार्तिक शुक्ल द्वितीया को स्त्रियों द्वारा भैया दूज का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर बहनों ने अपने भाई के लिए व्रत रखा और सार्वजनिक का स्थान, आंगन, पोखरा, तालाब, नदी के किनारे खुले स्थान पर गोबर से जमीन पर अलंकरण बनाया, इस अलंकरण में मुख्य रूप से गोदना और उसके पुत्र की आकृति होती है, इन चित्रों में गोवर्धन भगवान‌ गोपिया, ६ नारायण, सूरज, चांद अन्य प्राकृतिक दृश्य स्त्रियां गोबर से करती है इसके साथ-साथ चौकीदार, ओखली मे गोबर से बने एक अलंकृत चौकियां बनाई जाती है जो सफेद रूई तथा सिंदूर से बनता है।

इससे संबंधित कहानियां कहती हैं, लोकगीत गाती हैं और एक विचित्र परंपरा है कि अपने प्रिय को सकती हैं भैया खाऊं आदि गालियां देती है।

साहित्यकार प्रतिभा देवी के अनुसार-“आज के दिन जिसको जितना सरापा जाएगा उसकी उतनी ही उम्रअधिक होगी वह अपने भाइयों का नाम का नाम लेकर उनके चिरायु होने तथा भाभी के सौभाग्य की कामना करती हैं, अलंकरण के मध्य में एक मूर्ति बनाती हैं,इसे गोधन कहते हैं, गोदना बनाने से जो गोबर बच जाता है उसे सभी बांट दिया जाता है स्त्रियां उस गोबर का गोल गोल पिंड बनाकर अपने घर ले जाती हैं तथाअनाज भंडार में उसे रखी है ऐसी मान्यता है कि इससे अनाज बढ़ता है, खराब नहीं होता।

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इस पर्व पर अनेकों प्रकार की लोक कथाएं लोकगीत कहने, गाने की परंपरा हैभाई दूज से जुड़ी पौराणिक कथा: शिक्षिका तृप्ति केसरवानी का मानना है कि-“मान्यताओं अनुसार इस दिन मृत्यु के देवता यमराज अपनी बहन यमुना के अनेकों बार बुलाने के बाद उनके घर गए थे। यमुना ने यमराज को भोजन कराया और तिलक कर उनके खुशहाल जीवन की प्रार्थना की। प्रसन्न होकर यमराज ने बहन यमुना से वर मांगने को कहा। यमुना ने कहा आप हर साल इस दिन मेरे घर आया करो और इस दिन जो बहन अपने भाई का तिलक करेगी उसे आपका भय नहीं रहेगा। यमराज ने यमुना को आशीष प्रदान किया। कहते हैं इसी दिन से भाई दूज पर्व की शुरुआत हुई।

एक कथा के अनुसार भैया दूज वाले दिन यमुना अपने भाई से मिलने गई थी और यमराज ने उनसे प्रसन्न होकर उसे वर दिया था कि जो व्यक्ति इस दिन यमुना में स्नान करेगा, वह यमलोक नहीं जाएगा है।
पूजा में भाग लेने वाली रीना देवी के अनुसार-” नरक चतुर्दशी एवं भैया दूज यमराज से संबंधित त्यौहार है और इस दिन यमराज को प्रसन्न करने के लिए पूजा पाठ हवन इत्यादि श्रद्धालुओं द्वारा किया जाता है। भारतीय लोक में यम के पूजा का विधि विधान है जो अपने आप में लोकजीवन, लोक कला, लोक साहित्य, लोक धर्म में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

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गीता देवी का मानना है कि-“भारतीय मृत्यु के देवता यमराज की पूजा करते हैं यह परंपरा सिर्फ हमारे देश में ही कायम है और अनंत काल तक कायम रहेगी। दूज का पर्व भाई-बहन के प्यार का प्रतीक है। इस त्योहार को भाई टीका, यम द्वितीया आदि नामों से भी जाना जाता है। ये पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करती हैं। मान्यता है कि इस दिन मृत्यु के देवता यम अपनी बहन यमुना के बुलावे पर उनके घर भोजन के लिए आये थे।

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बिहार में भाई दूज पर एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है। इस दिन बहनें भाइयों को डांटती हैं और उन्हें भला बुरा कहती हैं और फिर उनसे माफी मांगती हैं। दरअसल यह परंपरा भाइयों द्वारा पहले की गई गलतियों के चलते निभाई जाती है। इस रस्म के बाद बहनें भाइयों को तिलक लगाकर उन्हें मिठाई खिलाती हैं।
कथा वाचिका अमरावती देवी के अनुसार-” भाई दूज के दिन भगवान श्री कृष्ण नरकासुर राक्षस का वध कर द्वारिका लौटे थे। इस दिन भगवान कृष्ण की बहन सुभद्रा ने फल,फूल, मिठाई और अनेकों दीये जलाकर उनका स्वागत किया था। सुभद्रा ने भगवान श्री कृष्ण के मस्तक पर तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु की कामना की थी।

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इस अवसर पर बहनों ने पूजा आरती लोकगीत, भजन का गायन किया एवं रोली, फल, फूल, सुपारी, चंदन और मिठाई की थाली सजाईऔर चावल के मिश्रण से एक चौक तैयार कर किया, चावन से बने इस चौक पर भाई को शुभ मुहूर्त में बहनो ने भाई को तिलक लगा कर गोला, पान, बताशे, फूल, काले चने और सुपारी दिया और भाई की आरती उतारकर चना एवं मिठाई खिलाकर उनके दीर्घायु होने की प्रार्थना किया बदले में भाइयों ने अपनी बहन को उपहार भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।उपहार भेंट किया।

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जय प्रभा मंडपम में मनाई गई चित्रगुप्त जयंती

HIGHLIGHTS

  • चित्रगुप्त महाराज की गई पूजा अर्चना
  • चिकित्सकों, अधिवक्ताओं समाजसेवियों ने पूजा में लिया भाग
  • चित्रगुप्त पूजन के संबंधित कथाओं का किया गया वाचन
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। बृहस्पतिवार को चित्रगुप्त जयंती के अवसर पर जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के जयप्रभा मंडपम में सोनभद्र जनपद के हैनीमैन कहे जाने वाले होम्योपैथ चिकित्सक, समाजसेवी डॉक्टर जयराम लाल श्रीवास्तव के स्मृति में निर्मित अतिथि गृह में चित्रगुप्त जयंती का आयोजन बड़ेहर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।

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इस अवसर पर उपस्थित होम्योपैथ चिकित्सक डॉक्टर कुसमाकर श्रीवास्तव, दिवाकर श्रवास्तव, प्रभाकर श्रीवास्तव, साधना श्रीवास्तव, विनीता श्रीवास्तव लक्ष्मी, श्रीवास्तव, राहुल श्रीवास्तव, दीपाली श्रीवास्तव, शुभम श्रीवास्तव, कुशांक श्रीवास्तव, कृति, श्रीवास्तव, पंखुड़ी प्रभाकर, नितिशा श्रीवास्तव, दिव्यांशी श्रीवास्तव, समर्थ श्रीवास्तव, आदित्य श्रीवास्तव, दिव्यम श्रीवास्तव, सहित अन्य सजातीय बंधुओं, स्त्रियों, पुरुषों, बच्चों ने भाग लिया और भगवान चित्रगुप्त के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा, पाठ, हवन इत्यादि का कार्यक्रम आयोजित हुआ।

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लोक मान्यताओं के अनुसार कायस्थ बंधु दीपावली के दिन अपनी कलम का प्रयोग बंद कर देते हैं और दीपावली के लगभग 24 घंटे बाद यमराज के लेखाकार चित्रगुप्त की पूजा अर्चना करते हैं इसके साथ-साथ कलम दवात की पूजा करते हुए लेखन कार्य करते हैं।
चित्रगुप्त जयंती के अवसर पर उपस्थित कायस्थ बंधुओं ने एक दूसरे से गले मिलकर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए लोक मंगल की कामना किया।

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पत्रकारों ने मनाई गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती

HIGHLIGHTS

  • जयंती पर पत्रकारो ने उनकी राष्ट्रहित एवं समाज हित में किए गए योगदान को आत्मसात करने की बात कही, अर्पित किया श्रद्धा सुमन
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सोनभद्र। महान पत्रकार एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती पर बुधवार को देर शाम जनपद के वरिष्ठ पत्रकार मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी के अखाड़ा मोहाल स्थित आवास पर एक गोष्ठी आयोजित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें शत-शत नमन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय पार्षद राजेश द्विवेदी ने और संचालन पत्रकार व अधिवक्ता राकेश शरण मिश्र ने किया।

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वरिष्ठ पत्रकार दीपक कुमार केसरवानी ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि-” गणेश शंकर विद्यार्थी देश और सामाजिक सद्भाव के लिए निर्भीक पत्रकारिता धर्म का निर्वहन करते हुए उन्होंने अपनी प्राणों की आहुति दिया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षक, पत्रकार, संपादक गणेश शंकर विद्यार्थी के व्यक्तित्व- कृतित्व से हमें प्रेरणा लेकर वर्तमान परिस्थिति के अनुसार हमें पत्रकारिता करनी चाहिए।

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अधिवक्ता/पत्रकार राजेश कुमार पाठक ने कहा कि-” हमे अगर सही मायने में पत्रकारिता करनी हैं तो ऐसे महान पत्रकारो की लेखनी का अनुकरण करना होगा और उनकी क्रांतिकारी विचारधारा को आत्मसात करते हुए समाज के लिए कलम का प्रयोग करना होगा तभी राष्ट्र और समाज का हित हो सकेगा।

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वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया फोरम ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मिथिलेश द्विवेदी ने कहा कि-” गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपनी लेखनी से पत्रकारिता के इतिहास में एक ऐसा अनुकरणीय आयाम स्थापित किया जिसे कभी भुलाया नही जा सकता। ऐसे महान शलाका पुरुष एवं क्रांतिकारी पत्रकार की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए यहॉं उपस्थित पत्रकार साथियो से अपील करता हूँ कि उनकी राष्ट्रीय समुन्नति एवं सामाजिक सद्भाव स्थापित करने वाली पत्रकारिता का अनुसरण कर उसे अपने जीवन में उतारे और देश, काल तथा समाज के लिए निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता को जीवंतता प्रदान करें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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आल प्रेस एंड राईटर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव राकेश शरण मिश्र ने कहा कि महान क्रांतिकारी पत्रकार गणेश शंकर जी ने एक योद्धा की भाँति अपने पत्रकारिता धर्म का आजीवन देश व समाज सेवा के लिए पूरी ईमानदारी से पालन किया और 5 बार इस हेतु अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें जेल भी भेजा तमाम प्रकार की यातनाएं दी पर उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नही किया और बिना डरे निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता धर्म का निर्वहन करते हुए अपने आप को पत्रकारिता व देश के लिए बलिदान कर दिया।

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आगे कहा कि उनकी यही राष्ट्र हितकारी भावना आज भी हम पत्रकारो को नई स्फूर्ति और ऊर्जा का संचरण करता है। उनकी जयंती के अवसर पर आज हम पत्रकारो को उनके अनुकरणीय पत्रकारिता को आत्मसात करने का संकल्प लेना चाहिए।

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पत्रकार एवं उत्तर प्रदेश व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि-” गणेश शंकर जी ने अपनी अल्प कॉल की पत्रकारिता में कई नामचीन पत्रिकाओं व समाचार पत्रों में पत्रकारिता करते हुए अपनी पत्रकारिता में राष्ट्रीयता को सदैव शिखर पर रखा। पत्रकारिता में वे सादगी और ईमानदारी की प्रतिमूर्ति थे।

वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि निर्भीक पत्रकारिता के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी जी को सदैव याद किया जाएगा।
सार्थकता सिद्ध सकेगी।
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे राजेश द्विवेदी ने कहा कि-” गणेश शंकर विद्यार्थी जी ने अपनी लेखनी का प्रयोग देश सेवा के लिए किया और अपनी ईमानदार पत्रकारिता के धर्म और कर्तव्य को निभाते हुए अपने आप को देश व समाज के लिए कुर्बान कर दिया। आज उनकी जयंती पर हम उन्हें सभी पत्रकारो की तरफ से श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। सभा को संबोधित करते हुए

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वही बैठक में उपस्थित दर्जनों पत्रकारो ने एक स्वर में कहा कि गणेश शंकर जी ने पत्रकारिता में अपनी देश भक्ति,सादगी और ईमानदारी से एक मिसाल कायम किया है जो पत्रकारिता के इतिहास में हजारो वर्षो तक याद किया जाता रहेगा।
सँयुक्त अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश सचिव वरिष्ठ अधिवक्ता उमापति पांडेय ने कहा कि देश व पत्रकारिता के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर करने वाले ऐसे महान पत्रकार को मैं अपना श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ।

वही मान्यता प्राप्त पत्रकार मोइनुद्दीन मिंटू और युवा पत्रकार इमरान बख्शी ने भी गणेश शंकर विद्यार्थी को महान देशभक्त, निर्भीक व निष्पक्ष कलमकार बताते हुए उन्हें अपनी पुष्पांजलि अर्पित किया।
इस दौरान पत्रकारो ने गणेश शंकर विद्यार्थी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें महान राष्ट्र वादी पत्रकार बताया।
इस अवसर पर दर्जनों अन्य कलमकार उपस्थित रहे।

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