सम्मानित हुए गायत्री महायज्ञ के मुख्य व्यास सूरत सिंह अमृते एवं जेल अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव

HIGHLIGHTS

  • नारी जागो अभियान को सतत आगे बढ़ाएंगी सोनभद्र की नारियां- सुरत सिंह अमृते
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देशन में आयोजित रामलीला मैदान में 24 कुंडली गायत्री महायज्ञ के अंतिम दिन गायत्री परिवार से दीक्षित आदिवासी लोक कला केंद्र की सचिव/साहित्यकार प्रतिभा देवी एवं विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी द्वारा संयुक्त रूप से शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे दल नायक सुरत सिंह अमृते एवं उनकी टीम के सदस्यों और महायज्ञ मुख्य अतिथि रहे जिला कारागार अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव को तिलक लगाकर माल्यार्पण कर अंगवस्त्रम प्रदान कर और उपहार स्वरूप प्रतिभा देवी द्वारा लिखित आदिवासी जीवन पुस्तक प्रदान किया गया।

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इस अवसर पर गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे नारी जागो अभियान पर अपना विचार व्यक्त करते हुए दल नायक सूरत सिंह अमृते ने कहा कि-” सारी दुनिया में नारी सशक्तिकरण हो रहा है उसमें सोनभद्र हमारा आगे।
सोनभद्र जनपद की निवासनी गायत्री परिवार मैं दीक्षित साहित्यकार प्रतिभा देवी की पुस्तक आदिवासी जीवन इसका अध्यक्ष प्रमाण है। अखिल भारतीय गायत्री परिवार को यह आशा और विश्वास है कि सोनभद्र जनपद की साहित्यकार प्रतिभा देवी जैसी स्त्रियां गायत्री परिवार से जुड़कर नारी जागो अभियान को शतक आगे बढ़ाएंगी।

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आदिवासी हमारे समाज का अंग है लेकिन आज भी वह पिछड़ा और दलित है इस पुस्तक पर आदिवासियों की स्थिति पर प्राचीन काल से आधुनिक काल तक विचार किया गया है और यह पुस्तक निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी।
इस अवसर पर गायत्री परिवार सोनभद्र के जिला समन्वयक राजकुमार तरुण, उप समन्वयक अरविंद सिंह, प्रकाश केसरी, गोविंद उमर, प्रदीप बालाजी, सरिता जयसवाल, उर्मिला देवी, मंजू देवी सहित गायत्री परिवार के पदाधिकारी, सदस्यगण जनपद के सभी साहित्यकार, पत्रकार समाज सेवी उपस्थित रहे।

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महात्मा गाँधी और सरदार पटेल का जीवन दर्शन हमारे लिये प्रेरणा स्रोत- उप जिला अधिकारी

HIGHLIGHTS

  • पटेल जी की दूरदर्शिता से राष्ट्र मजबूत हुआ- नीरज
  • दो दिवसीय जन जागरूकता कार्यक्रम का हुआ समापन
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

घोरावल, सोनभद्र। लौह पुरुष सरदार बल्ल्भ भाई पटेल का स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा, आज़ादी के बाद नये भारत के निर्माण में उनकी बहुत बड़ी भूमिका रही वह हमारे आदर्श हैं। महात्मा गाँधी और सरदार पटेल का जीवन दर्शन हमारे लिये प्रेरणा स्रोत हैं।

उक्त विचार मंगलवार को उप जिला अधिकारी श्याम प्रताप सिंह ने केंद्रीय संचार ब्यूरो वाराणसी द्वारा राजकीय इंटर कालेज परिसर में आज़ादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित दो दो दिवसीय जन जागरूकता कार्यक्रम के समापन दिवस के प्रथम सत्र में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किया।

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उन्होंने विद्यार्थियों से कहा की आपकी सामजिक और आर्थिक स्तर अलग अलग हो सकते है परन्तु शिक्षा से यह गैरसमानता, समानता में बदल सकती है। ऐसे में निष्ठा और लगन से पढ़ाई करें साथ में जो अन्य भी कार्य करें उसमें भी गुणवत्ता की झलक होनी चाहिए।

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श्री सिंह ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा क ग्रामीण क्षेत्र में ज्ञान और राष्ट्रबाद का संदेश देंनें वाली है, लोक कला कठपुतली और जादू की प्रस्तुति को भी सराहनीय बताया।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर उत्साहवर्धन किया।
समापन समरोह के चीफ गेस्ट जिला पंचायत सदस्य नीरज कुमार श्रीवास्तव नें पटेल जी की दूरदर्शिता, निडरता, कर्मठता और साहस की चर्चा करते हुए कहा कि आजादी के बाद हमें एक अनोखा संबिधान मिला जो समता, समरसता और समानता पर आधारित है।

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उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर ने शिक्षा का , वोट देने का अधिकार दिया तो पटेल जी किसानों, मजदूरों और गरीबों के लिए आजीवन संघर्ष किया। युवा पीढ़ी को गांधी,पटेल, सुभाष और अम्बेडकर के बताये मार्ग पर चल कर देश के विकास में अपना योगदान देना चाहिए।

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वही चित्र प्रदर्शनी में लौह पुरूष सरदार पटेल जी के जीवन पर आधरित चित्रों का प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्य रूप से अनिल यादव, डॉ रंजन चतुर्वेदी, राजेंद्र प्रसाद प्रजापति, मान बहादुर सिंह, पत्रकार एवं साहित्यकार वीरेंद्र कुमार मिश्र, डॉ. परमेश्वर दयाल पुष्कर, अमरेशचंद्र, शिक्षक तिलकधारी सिंह, हदीस आलम, मुमताज़ अली आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ लालजी क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी वाराणसी ने किया।

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डीएम ने रोगी कल्याण समिति की बैठक में की स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा

HIGHLIGHTS

  • मरीजों को उपलब्ध कराये जा रहे भोजन की स्थिति व आयुष्मान भारत योजना की प्रगति आदि के बारे में की समीक्षा
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। मंगलवार को जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह ने कैम्प कार्यालय में रोगी कल्याण समिति के अन्तर्गत शासी निकाय की बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधा, मरीजों को उपलब्ध कराये जा रहे भोजन की स्थिति व आयुष्मान भारत योजना की प्रगति आदि के बारे में समीक्षा की।

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वही बैठक में जिलाधिकारी ने अस्पताल में मरीजों के इलाज की सुविधा हेतु क्रय किये गये उपकरणों का सत्यापन करने के लिए निर्देशित किया तथा मरीजों के उपयोग में आने वाले बेड, चादरों आदि का जायजा भी लेते रहने का संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने उपकरणों के क्रय हेतु जारी बजट व उपभोग करने की स्थिति की जानकारी प्राप्त की, परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था, एक्सरे मशीन, जनरेटर, बिजली, ब्लड डोनेशन कैम्प आदि स्थितियों के बारे में सम्बन्धितों से बारी-बारी से गहनता पूर्वक जानकारी प्राप्त की।

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इस दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि मरीजों के बेहतर इलाज के लिए डाॅक्टर व सम्बन्धित अधिकारीगण पूरे मनोयोग व क्षमता के साथ कार्य करें, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सके।
उन्होंने रोगी कल्याण समिति के शासी निकाय की पिछली बैठक की भी पुष्टि की और कहा कि मरीजों के इलाज हेतु लगे उपकरणों को ठीक रखा जाये ताकि मरीजों का बेहतर तरीके से इलाज किया जा सके।

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इस दौरान जिलाधिकारी ने आयुष्मान कार्ड के संबंध में निर्देशित करते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को आयुष्मान कार्ड के जरिये बेहतर इलाज कराकर लाभान्वित किया जाये। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ0 के0 कुमार, वनवासी सेवा आश्रम म्योरपुर के सुभा, लायंस क्लब के अध्यक्ष डाॅ0 किशोरी सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहें।

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यातायात माह नवंबर 2022 का हुआ भव्य शुभारंभ

HIGHLIGHTS

  • सदर विधायक एवम पुलिस अधीक्षक ने किया यातायात माह नवंबर 2022 का फीता काटकर शुभारंभ
  • हरी झंडी दिखाकर यातायात जागरूकता रैली को किया गया रवाना
  • रैली में शामिल स्कूली बच्चों ने लोगों यातायात के नियमों का पालन करने के लिए किया जागरूक
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। मंगलवार को जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज स्थित रामलीला मैदान में यातायात माह का भव्य शुभारंभ सदर विधायक भूपेश चौबे, एसपी डॉ0 यशवीर सिंह, एडीएम (नमामि गंगे) आशुतोष द्विवेदी तथा एएसपी कालू सिंह ने फीता काटकर व दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद सदर विधायक भूपेश चौबे और एसपी डॉक्टर यशवीर सिंह ने यातायात जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वही रैली में शामिल स्कूली बच्चों ने नगर में भ्रमण कर लोगों को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया और वाहन चालकों से सीट बेल्ट, हेलमेट लगाने और नियमों के पालन करने की अपील किया।

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इस अवसर पर सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए। कहा कि यातायात के नियमों को अनदेखा करना दुर्घटना को दावत देते हैं इसलिए यातायात के नियमों का गंभीरता से पालन करें और दूसरों को भी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें।

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एसपी डॉ0 यशवीर सिंह ने कहा कि “यातायात नियमों की अनदेखी से हादसे होते हैं। सड़क हादसें में दुनिया में सबसे अधिक मौतें होती हैं। इसके बावजूद लोग सचेत नहीं होते हैं। इसलिए यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि खुद की लापरवाही से कभी जीवन को खतरे में नहीं डालना चाहिए। हमेशा सीट बेल्ट और हेलमेट का प्रयोग करें। यातायात नियमों का पालन कर हादसों से बचा जा सकता है।

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उन्होंने स्कूली बच्चों से अपील करते हुए कहा कि घर में बड़े-बुजुर्गों को यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूक करें। बच्चे अपने माता-पिता व भाई-बहन को इसके लिए प्रेरित करें तथा बताएं कि यातायात नियमों के पालन से जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि खुद की लापरवाही से लोग हादसों के शिकार बनते हैं। सड़क दुर्घटनाओं में उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ती है।

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यदि यातायात नियमों को लेकर लोग जागरूक हो जाएं, तो हादसों पर काफी हद तक लगाम लग जाएगी। इस पुरे माह की एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गयी है, जिसमें पुलिस द्वारा अलग-अलग स्कूल व कालेजों में जाकर छात्र व छात्राओं को जागरुक किया जायेगा तथा वाहन चालकों का चिकित्सकीय परिक्षण कराकर उन्हें यातायात नियमों के बारे में जागरुक कर उनकी काउसंलिंग की जायेगी।

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कार्यक्रम में मुख्य रूप से अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) आशुतोष दूबे, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) कालू सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर राहुल पाण्डेय, यातायात प्रभारी प्रमोद कुमार यादव, प्रभारी निरीक्षक राबर्ट्सगंज दिनेश प्रकाश पांडेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

हार्टफुलनेस ध्यान एवं प्रार्थना का हुआ आयोजन

सोनभद्र। चुर्क पुलिस लाइन में सोमवार को प्रातः 7.45 बजे से 8.15 बजे तक तीन दिवसीय हार्टफुलनेस कार्यक्रम के तीसरे सत्र में 75 पुलिस के अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को हार्टफुलनेस प्रार्थना एवं ध्यान कराया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम सम्पन्न हो गया।

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सत्र की शुरुआत भाई गोपाल द्वारा किया गया, जिन्होंने जिज्ञासुओं को बताया कि यदि ईश्वर हर जगह है तो वह हमारे भीतर भी होगा। इस विचारधारा का अनुशरण करते हुए हम जिस ईश्वर की पूजा करते हैं उन्हीं का अस्तित्व अपने भीतर ध्यान के माध्यम से महसूस करते हैं। हार्टफुलनेस प्रार्थना में हम ईश्वर से अपनी इच्छाओं को पूरा करने की याचना नहीं करते।

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हम अपने भीतर मौजूद दिव्य प्रकाश के स्रोत को ही नाथ कह कर संबोधित करते हैं और उन्हें मनुष्य जीवन का असली उद्देश्य के रूप में स्वीकार करते हैं। हार्टफुलनेस प्रार्थना अपने उच्चतर स्व से संवाद है जिसमें हम उनसे जुड़ने में अपनी दिक्कतों और परेशानियों को भी बताते हैं कि हमारी इच्छाएं अनंत है जिसकी हम गुलामी करते हैं अर्थात हम उनके दास हो गए हैं इसलिए आप तक पहुंचने के मार्ग में हम अग्रसर नहीं हो पा रहे हैं। हम अंत में उस स्रोत के प्रति पूरी तरह समर्पित होकर विनम्र भाव से यह प्रार्थना करते हैं कि वह एक मात्र आप ही हैं जो हमें आप तक पहुंचा सकते हैं। इस प्रकार हार्टफुलनेस प्रार्थना में हम ईश्वर से ईश्वर को ही मांग लेते हैं।

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अगर वह हमारे भीतर हर पल है तो क्या हमें उनसे कुछ मांगने की जरूरत है? हार्टफुलनेस प्रार्थना में मैं और मेरा कहीं नहीं है बल्कि इसमें हम और हमारे शब्दों का प्रयोग किया गया है। अर्थात इसमें वर्णित भाव हम सभी के हैं किसी व्यक्ति विशेष का नहीं।
भाई गोपाल जी द्वारा ही हार्टफूलनेस प्रार्थना की प्रक्रिया का अनुभव कराया गया। इसके बाद हार्टफुलनेस प्रशिक्षक राजकुमार एवं भाई रवि जी द्वारा योगिक ट्रांसमिशन के साथ सभी को ध्यान कराया गया।

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सत्र के दौरान हार्टफुलनेस संस्था के वॉलिंटियर भाई अशोक कुमार जी ,भाई संजीव, मदन मोहन जी ने सक्रिय रूप से कार्यक्रम के आयोजन में योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी जिज्ञासु द्वारा सप्ताह में एक दिन इसका अभ्यास कराते रहने की इच्छा व्यक्त की गई।

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प्लाटून कमांडर पीएससी दुलारे राम कनौजिया ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि हम जैसा सोचते हैं वैसे ही भावना हमारे ह्रदय मैं बन जाते हैं। इसलिए हम हमेशा सकारात्मक ही सोचे। अंत में सभी को धन्यवाद देते हुए हार्टफुलनेस टीम द्वारा कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की गई ।

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एमएसीटी के पीठासीन अधिकारी ने बीमा कंपनियों के पदाधिकारियो व अधिवक्ताओ के साथ की बैठक

सोनभद्र। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सयुक्त तत्वाधान में सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार प्रथम के आदेशानुसार आगामी 12 नवम्बर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मोटर दुर्घटना से सम्बंधित वादों के लिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) के पीठासीन अधिकारी संजय हरि शुक्ला ने बीमा कंपनियों के पदाधिकारियो व अधिवक्ताओ के साथ बैठक कर अधिक से अधिक वादों का निस्तारण के लिए उचित दिशा निर्देश दिया गया।

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बैठक में मोटर वाहन दुर्घटना दावा के मुकदमो को समझौते के आधार निपटाए जाने पर जोर दिया गया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विनय कुमार सिंह ने उपस्थित दावेदारों के विद्वान अधिवक्ताओ को भी बताया कि बीमा कम्पनी से समझौते के आधार पर राशि प्राप्त कर मुकदमा निस्तारित करवाये ताकि लोगो को कम समय मे दावा की राशि मिल जाये।

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उन्होंने आगे बताया कि न्यायालय में लंबित वाद को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में शीघ्र निस्तारित कराये। सुलह समझौते के आधार पर लोक अदालत में मुकदमो के शीघ्र निस्तारण से श्रम और धन दोनों की बचत होती है । साथ ही किसी भी पक्षकार की हार व जीत नही होती है। अतः आम जनमानस से अपील है कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में समय से प्रतिभाग सुनिश्चित करे।

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24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के समापन के अवसर पर सम्मान समारोह का किया गया आयोजन

HIGHLIGHTS

  • हवन की पूर्णाहुति के साथ गायत्री महायज्ञ का हुआ समापन।
  • जिला कारागार अधीक्षक रहे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि।
  • सदर विधायक,साहित्यकार, पत्रकार, समाजसेवी हुए सम्मानित।
  • गायत्री शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे सूरत सिंह अमृते की हुई विदाई।
  • भंडारे में सैकड़ों भक्तों ने किया प्रसाद ग्रहण।
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

राबर्ट्सगंज, सोनभद्र। नगर स्थित रामलीला मैदान में शां‍ति कुंज हरिद्वार के तत्वावधान में चल रहे चार दिवसीय 24 कुण्डीय नवचेतना जागरण गायत्री महायज्ञ के अंतिम हवन के साथ पूर्णाहुति दी गई। इस अवसर पर महायज्ञ मंडप में लोगों को शिक्षा प्रदान की गई तथा भक्तों को दीक्षा प्रदान की गई।

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वही महायज्ञ में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कारागार अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव उपस्थित रहे। वही शांतिकुंज हरिद्वार से आए दल नायक मुख्य व्यास सूरत सिंह अमृते द्वारा सदर विधायक भूपेश चौबे, जिला कारागार अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव, वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर, विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक /इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी, जिला उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश गुप्ता,रमेश जायसवाल, उत्सव ट्रस्ट के आशीष पाठक,

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जिला युवक मंगल दल के अध्यक्ष सौरभ कांतपति त्रिपाठी, डॉक्टर हर्षवर्धन प्रजापति, प्रेमचंद गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार विजय शंकर चतुर्वेदी, रविंद्र केसरी, राम प्रसाद यादव, शशिकांत चौबे विकास द्विवेदी, मुनि महेश शुक्ला, प्रमोद चौबे, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विजय जैन, कृष्ण मुरारी गुप्ता, हाजी फरीद, राजेश त्रिवेदी, हर्षवर्धन केसरवानी सहित गायत्री परिवार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों एवं सदस्यों को तिलक चंदन लगाकर अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह का सफल संचालन गायत्री परिवार के जिला समन्वयक राजकुमार तरुण ने किया।

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इस अवसर पर मुख्य रूप से गायत्री परिवार के प्रकाश केसरी, गोविंद कुमार उमर, प्रदीप बालाजी, अरविंद कुमार सिंह, वासुदेव यादव, सरिता जायसवाल, प्रतिभा देवी, रामदुलारे विश्वकर्मा, बालमुकुंद शुक्ला, प्रदीप गुप्ता, गोपाल अग्रहरि, शुग्रीव मौर्या, लल्लन प्रसाद, अनिल कुमार, डा सी बी दूबे,लालता विश्वकर्मा, रामदेव जी, कालीदास जायसवाल, प्रदीप जयसवाल, राजेन्द्र जायसवाल, महिला स्वयं सेवी कार्यकर्ता सरोज देवी जयसवाल, सरिता देवी, मन्जू देवी, रानी देवी, आशा देवी, ऊषा देवी, शशी देवी श्रीवास्तव, गीता देवी, शोभा देवी, अमरावती देवी, शकुन्तला देवी, प्रज्ञा सहित गायत्री परिवार के अन्य पदाधिकारी सदस्य गण एवं भक्त गण उपस्थित रहे।

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उदितमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने छठ पूजा किया सम्पन्न

हे सुरुज देव पूरा कर द अरजिया हमार, की विनती के साथ लोक आस्था का चार दिनी महापर्व छठ का गुरुवार को उगते सूर्य को अ‌र्घ्य देने के साथ समापन हो गया। कार्तिक शुक्ल सप्तमी की सुबह उगते सूर्य को अ‌र्घ्य देने के बाद व्रतियों ने कच्चे दूध का शरबत पीकर पारण किया

HIGHLIGHTS

  • घाटों पर हजारों की सख्या में जुटे श्रद्धालु।
  • व्रतियों ने विधि विधान से पूजन- अर्चन‌ कर दिया भगवान भास्कर को अ‌र्घ्य
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। हे सुरुज देव पूरा कर द अरजिया हमार. की विनती के साथ लोक आस्था का चार दिनी महापर्व छठ का सोमवार को उगते सूर्य को अ‌र्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ।
कार्तिक शुक्ल सप्तमी की सुबह उगते सूर्य को अ‌र्घ्य देने के बाद व्रतियों ने कच्चे दूध का शरबत पीकर पारण किया। इस दौरान सोनांचल के सभी छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। पूरी रात रतजगा कर छठ मइया की आराधना एवं छठ गीतों के गाने का दौर चलता रहा। जगह-जगह घाटों पर भोजपुरी छठ गीतों की सरिता बहाई गई। बिरहा मुकाबला, देवी जागरण, झांकी जैसे कार्यक्रमों से भी पर्व को यादगार बनाया गया।


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राब‌र्ट्सगंज नगर स्थित राम सरोवर तालाब, अकड़हवा पोखरा, बढ़ौली तालाब, मेहुड़ी नहर, मरकरी नहर समेत जिले के तमाम जलाशयों के तटों पर बनाए गए पूजा घाटों पर सूर्योपासना के शाम ढलते सूर्य को अ‌र्घ्य देकर जो आराधना शुरु हुई वह सिलसिला सोमवार की सुबह तक जारी रहा। व्रतियों ने पूजा वेदी के पास रतजगा कर भोर होते ही व्रती महिलाएं और पुरुष पानी में खड़े होकर भगवान सूर्य का इंतजार करते हुए पूजन-वंदन करने लगे।

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सूर्य उदय होने तक छठ गीत गान एवं छठ मइया के आराधना का क्रम जारी रहा। जैसे ही सूर्यदेव की लालिमा बादल से बाहर आई, व्रतियों के परिवार के लेाग पूजन सामग्री लेकर पानी के किनारे पहुंच गए, कमर भर पानी में खड़े होकर उपवास रखने वालों को सूरज देव को अ‌र्घ्य अर्पित किया। इसके बाद सुख-समृद्धि एवं खुशहाली का आर्शीवाद मांगते हुए, खुशी-खुशी घर को लौट आए। पर्व को सकुशल संपन्न होने से सुरक्षा में लगे पुलिस के जवानों ने राहत की सांस ली। इसी तरह वैनी, मधुपुर, सांगोबांध, व गुरमा में भी महिलाओं ने सूर्य को अ‌र्घ्य दिया।

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ऊर्जांचल के छठ घाटों पर प्रसाद लेने को उमड़ी भीड़

अनपरा। सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा ऊर्जांचल में सोमवार को उगते सूर्य को अ‌र्ध्य देकर व्रतियों ने अपना व्रत पूरा किया। डिबुलगंज पुलिया छठघाट, अनपरा शिवमंदिर, कहुआनाला छठघाट, परासी, रेणुसागर, ककरी, बीना, शक्तिनगर स्थित चिल्काझील, खड़िया चैतन्यवाटिका, कोटा बस्ती बोर्ड प्वाइंट आदि छठ घाटों पर सुबह में मेले जैसा माहौल रहा। छठ घाटों पर सुबह चार बजे से ही आने का सिलसिला व्रतधारियों का शुरू हो गया। कुछ महिलाओं ने रात भर छठ घाट पर ही जागरण किया। चहुंओर बज रहे ढोल, नगाड़े व आतिशबाजी से पूरा इलाका श्रद्वा से सराबोर रहा। भाष्कर भगवान की लालिमा देखते ही व्रतधारियों में उत्साह भर गया। विधि-विधान से सूर्य भगवान को अ‌र्घ्य अर्पित किया।

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रिहंद मनाया गया छठ पर्व

बीजपुर। एनटीपीसी की रिहंद स्टेशन के आवासीय कालोनी परिसर में स्थित लेक पार्क में बने सूर्य कुंड व शिव मंदिर प्रांगण में सादगीपूर्वक वातावरण में छठ पर्व मनाया गया। लोगों ने बड़े ही हर्षोल्लास के साथ इस पर्व को मनाया। सूर्य कुंड व तालाब को लाइटों व झालरों के जरिए काफी आकर्षित बनाया गया था। उक्त स्थानों पर श्रद्धालुओं को नहाने, पूजा करने, वस्त्र बदलने आदि हेतु समुचित व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा सोमवार की सुबह क्षेत्र के जरहा दुदहिया मंदिर, बीजपुर बाजार, अजीरेश्वर धाम, डोडहर, सिरसोती आदि स्थानों पर नदी, तालाबों, नहरों तथा जलाशय किनारे बने घाटों पर व्रतियों ने उगते सूर्य देव को दूसरा अ‌र्घ्य दिया।

इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार- “हमारी संस्कृति में उगते हुए सूर्य को अर्घ देने की परंपरा सदियों से कायम है कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी को ढलते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
लोक मान्यता है कि-सुबह, दोपहर और शाम तीन समय सूर्य देव विशेष रूप से प्रभावी होते हैं।
सुबह के वक्त सूर्य की आराधना से सेहत के लिए बेहतर होता है। दोपहर में सूर्य की आराधना से नाम और यश बढ़ता है. शाम के समय सूर्य की आराधना से जीवन में संपन्नता आती है।

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उन्होंने बताया कि शाम के समय सूर्य अपनी दूसरी पत्नी प्रत्यूषा के साथ रहते हैं। इसलिए प्रत्यूषा को अर्घ्य देना तुरंत लाभ देता है.जो डूबते सूर्य की उपासना करते है,अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा इंसानी जिंदगी हर तरह की परेशानी दूर करने की शक्ति रखती है। फिर समस्या सेहत से जुड़ी हो या निजी जिंदगी से। ढलते सूर्य को अर्घ्य देकर कई मुसीबतों से छुटकारा पाया जा सकता है। जो लोग बिना कारण मुकदमे में फंस गए हों,जिन लोगों का कोई काम सरकारी विभाग में अटका हो। जिन लोगों की आँखों की रौशनी घट रही हो,जिन लोगों को पेट की समस्या लगातार बनी रहती हो,जो विद्यार्थी बार-बार परीक्षा में असफल हो रहे हों।

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आगे बताया कि इस व्रत में सूर्य देवता की पूजा की जाती है, जो प्रत्‍यक्ष दिखते हैं और सभी प्राणियों के जीवन के आधार हैं… सूर्य के साथ-साथ षष्‍ठी देवी या छठ मैया की भी पूजा की जाती है।
छठ पूजा को षष्ठी देवी माता को कात्यायनी माता के नाम से भी जाना जाता है। नवरात्रि के दिन में हम षष्ठी माता की पूजा करते हैं षष्ठी माता कि पुजा घर परिवार के सदस्यों के सभी सदस्यों के सुरक्षा एवं स्वास्थ्य लाभ के लिए करते हैं षष्ठी माता की पूजा, सुरज भगवान और मां गंगा की पूजा देश में एक लोकप्रिय पूजा है। यह प्राकृतिक सौंदर्य और परिवार के कल्याण के लिए की जाने वाली एक महत्वपूर्ण पूजा है। इस पुजा में गंगा स्थान या नदी तालाब जैसे जगह होना अनिवार्य हैं यही कारण है कि छठ पूजा के लिए सभी नदी तालाब कि साफ सफाई किया जाता है और नदी तालाब को सजाया जाता है प्राकृतिक सौंदर्य में गंगा मैया या नदी तालाब मुख्य स्थान है।

साहित्यकार प्रतिभा देवी के अनुसार-“छठ से जुड़ी पौराणिक लोक कथाएँ भारतीय लोक में बहु प्रचलित है -“
रामायण के अनुसार लंका विजय के बाद रामराज्य की स्थापना के दिन कार्तिक शुक्ल षष्ठी को भगवान राम और माता सीता ने उपवास किया और सूर्यदेव की आराधना की। सप्तमी को सूर्योदय के समय पुनः अनुष्ठान कर सूर्यदेव से आशीर्वाद प्राप्त किया था।

महाभारत के अनुसार छठ पर्व की शुरुआत महाभारत काल में हुई थी। सूर्यपुत्र कर्ण ने सूर्यदेव की पूजा शुरू की। कर्ण भगवान सूर्य के परम भक्त थे। वह प्रतिदिन घण्टों कमर तक पानी में ख़ड़े होकर सूर्यदेव को अर्घ्य देते थे। सूर्यदेव की कृपा से ही वे महान योद्धा बने थे। आज भी छठ में अर्घ्य दान की यही पद्धति प्रचलित है।

10 लाख रुपये कैशलेस इलाज योजना हो लागू: जयनारायण पांडेय

HIGHLIGHTS

  • अधिवक्ताओं व उनके परिवार के इलाज के लिए प्रदेश सरकार करे प्रबंध
  • प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा मंत्री बृजेश पाठक को पत्रक भेज यूपी बार काउंसिल के उपाध्यक्ष ने की मांग
  • अधिवक्ताओं ने मांग को जायज बता किया समर्थन
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। यूपी बार काउंसिल के उपाध्यक्ष एवं एडवोकेट हाईकोर्ट लखनऊ जयनारायण पांडेय ने अधिवक्ताओं एवं उनके परिवार के लिए 10 लाख रुपये के कैशलेस इलाज की योजना लागू किए जाने की मांग प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/ स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से की है। अधिवक्ताओं ने मांग को जायज बताते हुए समर्थन किया है।

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उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/ स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को 20 अक्तूबर को भेजे पत्रक में यूपी ब काउंसिल के उपाध्यक्ष एडवोकेट हाईकोर्ट जयनारायण पांडेय ने अवगत कराया है कि प्रदेश सरकार द्वारा अधिवक्ताओं एवं उनके परिवार के इलाज के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया है,

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जिसकी वजह से समुचित एवं बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल पाती है। उन्होंने पत्र में कहा है कि यूपी बार काउंसिल आपसे अनुरोध करती है कि प्रदेश भर के प्रत्येक अधिवक्ता एवं उनके परिवार के बेहतर इलाज के लिए 10 लाख रुपये के कैशलेस इलाज की योजना लागू करने हेतु उचित दिशा-निर्देश जारी करें, ताकि आपके स्वास्थ्य मंत्री पद पर रहने के दौरान प्रदेश भर के अधिवक्ताओं एवं उनके परिवार के लोगों को समय से बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया कराई जा सके।

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इसके लिए अधिवक्ता समाज सदैव आभारी रहेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश शरण मिश्र, राजीव कुमार सिंह गौतम, राजेश कुमार पाठक, राम प्रसाद यादव, परवेज अख्तर खां, संजय कुमार श्रीवास्तव, शुधी नारायण देव पांडेय, धर्मेंद्र देव पांडेय, वीरेंद्र कुमार मिश्र, आलमगीर आदि अधिवक्ताओं ने मांग को जायज बताते हुए कहा कि इससे अधिवक्ताओं एवं उनके परिवार के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।

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24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन अन्नप्राशन, दीक्षा व विद्यारंभ संस्कार हुए सम्पन्न

HIGHLIGHTS

  • मुख्य यजमान दीपक कुमार केसरवानी पत्नी प्रतिभा देवी के साथ हुए दीक्षित
  • दल नायक सूरत सिंह अमृते नेतृत्व में चल रहा 24 कुंडीय महायज्ञ
  • गायत्री महायज्ञ में रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। नगर स्थित रामलीला मैदान में शां‍ति कुंज हरिद्वार के तत्वावधान में चल रहे चार दिवसीय 24 कुण्डीय नवचेतना जागरण गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन मुख्य यजमान वरिष्ठ साहित्यकार दीपक कुमार केसरवानी पत्नी प्रतिभा देवी, राजेश द्विवेदी पत्नी रानी देवी, प्रदीप केसरी पत्नी मंजू देवी, अरुण कुमार शास्त्री पत्नी शकुंतला देवी व अन्य भक्तों को गुरु मंत्र संस्कार से संस्कारित किया गया।

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इस दौरान महायज्ञ में हवन यज्ञ के साथ ही उपनयन संस्कार, दीक्षा विद्यारंभ संस्कार, नामकरण संस्कार, पुंसवन संस्कार सहित अन्य कार्यक्रम किए गए। संस्कारशाला में कुमारी तृप्ति केसरवानी, हर्षवर्धन,सोनाली अग्रहरि,मनु, खुशी दीक्षा संस्कार से संस्कारित हुई

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इस अवसर पर हरिद्वार से पधारे दल नायक सूरत सिंह अमृते ने कहा कि-” मनुष्य को अपने जीवन में एक ही गुरु बनाना चाहिए। मनुष्य का सच्चा मार्गदर्शक सच्चा गुरु ही होता है। जिस प्रकार हजारों तारों के प्रकाश से बढ़कर एक चंद्रमा का प्रकाश होता हैं। उसी प्रकार जीवन में अनेक गुरुओं से भला तो एक सतगुरु ही होता हैं।

यज्ञ करने से मनुष्य के मानसिक शारीरिक विकार नष्ट होते हैं। मनुष्य को सांसारिक दुखों से छुटकारा मिलता हैं। जिसने यज्ञ को आत्मसात कर लिया उसका जीवन सफल हो गया। मुख्य जजमान दीपक कुमार केसरवानी एवं प्रतिभा देवी ने गायत्री माता की आरती उतारी और इसके पश्चात श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया।

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इस अवसर कार्यक्रम में राजकुमार तरूण, अरविन्द कुमार सिंह, राधेश्याम त्रिपाठी, शिवशंकर कुशवाहा, रामदुलारे, वासुदेव यादव, बालमुकुंद शुक्ला, प्रदीप गुप्ता, गोविंद उमर गोपाल अग्रहरि, प्रकाश केशरी, सुमन केसरी, शुग्रीव मौर्या, लल्लन प्रसाद, अनिल कुमार, डा सी बी दूबे, लालता विश्वकर्मा, रामदेव जी, कालीदास जायसवाल, प्रदीप जयसवाल, राजेन्द्र जायसवाल, महिला स्वयं सेवी कार्यकर्ता सरोज देवी जयसवाल, सरिता देवी,मन्जू देवी,रानी देवी, आशा देवी, ऊषा देवी, शशी देवी श्रीवास्तव, गीता देवी, शोभा देवी, अमरावती देवी, शकुन्तला देवी, प्रज्ञा सहित आदि भक्तगण भारी संख्या में उपस्थित रहे।

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