डाला, सोनभद्र। स्थानीय चौकी क्षेत्र के अंतर्गत बाड़ी में स्थित वैष्णो मंदिर के सामने वाराणसी शक्तिनगर मुख्य मार्ग पर मजदूरों को लेकर जा रही पिकअप को पीछे से आ रही हाईवा ने धक्का मार दिया। जिसमें 4 महिला सहित कुल 10 लोग घायल हो गए।
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प्रभारी निरीक्षक थाना चोपन लक्ष्मण पर्वत ने बताया कि चौकी क्षेत्र डाला के अंतर्गत बाड़ी में स्थित वैष्णो मंदिर के सामने वाराणसी शक्तिनगर मुख्य मार्ग पर सोमवार की देर रात को बीजपुर से मजदूरों को बैठा कर ले आ रही पिकअप को पीछे से आ रही हाइवा ट्रक ने धक्का मार दिया, जिसमें सोनू कुमार पुत्र रामचरण निवासी झिलो थाना बीजपुर जनपद सोनभद्र उम्र 16 वर्ष,
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रिंकी कुमारी पुत्री राम चरण उम्र 20 वर्ष निवासी झिलो थाना बीजपुर, सुकमा पुत्री शोभित लाल उम्र 18 वर्ष, शुकवरीया पत्नी दिग्गज उम्र 55 वर्ष, दिलदार पुत्र रामनरेश निवासी खमरिया थाना बभनी उम्र 25 वर्ष, रामबदन पुत्र राम दुलारे निवासी झीला थाना बीजपुर उम्र 40 वर्ष, वीरमत पुत्र सूरज लाल निवासी खमरिया थाना बीजपुर उम्र 15 वर्ष, रासमणि पुत्र रामनाथ निवासी खमरिया थाना बीजपुर उम्र 15 वर्ष, विजय पुत्र हवाई लाल निवासी झीलों थाना बीजपुर उम्र 18 वर्ष, सोनमती पत्नि शोभित लाल पता झीलों थाना बीजपुर उम्र 25 वर्ष घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को सीएससी चोपन भेजवाया।
चोपन, सोनभद्र। गुरमा रेंजर सीपी त्रिपाठी द्वारा मंगलवार की भोर मे रेड़िया वन क्षेत्र स्थित सोन नदी के तट पर बालू बोरी में भरकर लादते समय एक पिकअप को पकड़कर उसे रेंज कार्यालय में लाकर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 5/26व 41/42व 52क के तहत सीज किया गया। गुरमा रेंजर सीपी त्रिपाठी द्वारा आए दिन अवैध खनन के खिलाफ अभियान से अवैध खनन कर्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा, जो भी अवैध खनन करते पकड़ा जाएगा, उसके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनजाति गौरव दिवस पर सीएम योगी ने सोनभद्र को दी बड़ी सौगात, किया 575 करोड़ की 233 लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
मानर वाद्य यंत्र में थाप मारकर जय जोहार के उद्घोष के साथ मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुण्डा को किया नमन
प्रदेश की 15 सूचीबद्ध जनजातियों में 13 जनजातिया सोनभद्र में करती हैं निवास – मुख्यमंत्री
कार्यक्रम में जनजातीय भौगोलिक विविधता, संस्कृति, रीति रिवाज, खानपान, वेशभूषा व जीवन शैली से जुड़ी प्रदर्शनी एवं डाक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई
आयोजन में परंपरागत जनजातीय उत्पाद, वनोत्पाद, हस्तशिल्प, काष्ठकला, जैविक उत्पाद आदि के लगाए गए स्टाल
सीएम योगी ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा का किया अनावरण
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हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
सोनभद्र। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे जनजातीय गौरव दिवस पर सेवा कुंज आश्रम के बिरसा मुंडा वनवासी विद्यापीठ के प्रांगण भव्य “बनवासी समागम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। इस अवसर पर सीएम योगी ने जनपद सोनभद्र में 575 करोड़ की 233 लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं लोकार्पण/ शिलान्यास किया।
इस अवसर मुख्यमंत्री के स्वागत में गोरखपुर से वनटगियाँ जनजाति की टीम, चित्रकूट से कोल जनजाति की टीम, बहराइच पीलीभीत लखीमपुर से थारू जनजाति की टीम, बुंदेलखंड की टीम व सोनभद्र से खरवार गोड़ घसिया, धाँगर, चेरो, बैगा की टीम ने अपने अपने कला का प्रदर्शन किया।
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वही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनपद के लिए गौरव की बात है कि उत्तर प्रदेश में सूची बद्ध 15 जन जातियों में से 13 जनजातियां निवास करती हैं। उन्होंने कहा कि देश के आज़ादी के आंदोलन में भगवान बिरसा मुण्डा का विशेष योगदान रहा अजादी के आंदोलन में उन्होंने स्वयं का बलिदान केवल 24 वर्ष की उम्र में दे दिया। पूरे देश में सोनभद्र एक मात्र ऐसा जनपद है जहाँ 13 आदिवासी जातियाँ एक साथ निवास करती हैं। अन्य किसी भी एक जनपद में इतनी जन जातियाँ निवास नहीं करती हैं। उन्होंने कहा कि सृष्टि की रचना के साथ ही प्रकृति के उतार चढ़ाव के साथ तमाम संघर्षों को झेलते हुए जीवन जीने और धरती से जुड़े रहने का सोनभद्र एवं यहाँ जनजाति के लोग साक्षी हैं।
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हम प्रधानमंत्री के आभारी हैं जिन्होंने बिरसा मुंडा की जयंती को जनजाति गौरव दिवस के रूप में मान्यता दी। यह दिवस अतीत की परम्पराओं से जुड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहाकि जनजातियों के लोगों ने स्वयं को धरती माता से हमेशा जोड़े रखा और स्वयं को धरती माता का पुत्र माना। इन लोगों ने वनों की सुरक्षा , संरक्षण किया तथा हर प्रकार का योगदान दिया जिससे वन सुरक्षित रहें और बढ़ें। आज़ादी की लड़ाई में भारत की जनजातियों पर अनेक अत्याचार हुए जिसने रानी दुर्गावती और भगवान बिरसा मुण्डा को बलिदान देना पड़ा इनके अलावा भी अनेक आदिवासी समाज के लोगों ने बलिदान दिया। उत्तर प्रदेश में 2017 में भाजपा की सरकार आने के बाद हमने जनजातियों के विकास के लिए अनेक कार्य किए जिससे प्रत्येक तबके को लाभ मिला।
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उन्होंने कहाकि ऐसे गाँव जहाँ विकास की कोई किरण नहीं पहुँची थी, उनको राजस्व गाँव का दर्जा देकर वहाँ के लोगों को पी एम और सी एम आवास योजनाओं से पक्का मकान, पानी, बिजली , राशन आदि की सुविधाओं से सीधा जोड़ा। उन्होंने वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आपका अधिकार आपको मिलना ही चाहिए और मिलेगा भी। जन जाति भाईयों को वनाधिकार क़ानून के अंतर्गत पट्टा और आवास योजनाओं के तहत आवास मिलेगा साथ ही हर घर नल योजना का भी सभी को लाभ मिलेगा। जहाँ बिजली ले जाने में दिक्कत थी वह सोलर पैनलों से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
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उन्होंने कहा कि सड़कों का निर्माण मिशन मोड पर किया जा रहा है। 2006 में वनाधिकार क़ानून में संशोधन किया गया लेकिन अधिकार देने का कार्य भाजपा की सरकार ने किया उसके पूर्व किसी सरकार ने कोई कार्य जनजातियों के हित में नहीं. किया। उन्होंने सेवा समर्पण संस्था के लोगों का आह्वान किया कि जनजाति के लोगों को ईको टूरिज़्म से गाइड के रूप में जोड़ें तथा वनस्पतियों के मामले में उनके ज्ञान को आयुर्वेद के लोगों के साथ साझा करके एक दूसरे की जानकारी का लाभ देश और समाज को दिलवाएँ। कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि जनजातीय संस्कृति भारतीय विविधता में एकता का वास्तविक प्रतिनिधित्व करती है, इसे संजोकर रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
इसके पूर्व समाज कल्याण, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति राज्यमंत्री संजीव सिंह गोंड़ द्वारा स्वागत अभिभाषण दिया गया। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, उपलब्धियों के साथ परंपरागत जनजातीय उत्पाद, वनोत्पाद, हस्तशिल्प, काष्ठकला, जैविक उत्पाद आदि के स्टाल भी लगाए गाय तथा जनजातीय भौगोलिक विविधता, संस्कृति, रीति रिवाज, खानपान, वेशभूषा व जीवन शैली से जुड़ी प्रदर्शनी एवं डाक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई। जनजातीय संस्कृति को सहेजने एवं आमजन को इससे परिचित कराने के लिए ‘जनजातीय जीवन के इंद्रधनुषी रंग’ काफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति के बालक बालिकाओं के अध्ययन के लिए निर्मित एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया।
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इस अवसर पर संजीव कुमार गौंड़ राज्यमंत्री, असीम अरूण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं कल्याण, सांसद पकौड़ी लाल कोल, सांसद राज्यसभा रामसकल, विधायक डाॅ0 अनिल कुमार मौर्य, भूपेश चौबे, रामदुलारे, सदस्य विधान परिषद श्याम नाराण सिंह/विनीत सिंह, आशुतोष सिन्हा, लाल बिहारी यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल, सेवा समर्पण संस्थान के अध्यक्ष एस0एन0राय, प्रमुख सचिव समाज कल्याण डाॅ0 हरिओम कुमार, ए0जी0डी0 वाराणसी जोन राम कुमार, विन्ध्याचल मण्डलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र, पुलिस उप महानिरीक्षक आर0पी0 सिंह, जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह, पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गंगवार, अपर जिलाधिकारी सहदेव कुमार मिश्र, आशुतोष दूबे की गौरवमयी उपस्थिति रहीं।
सोनभद्र। सोमवार को बाल दिवस के शुभ अवसर पर जिला कारागार के शिशु गृह का शुभारंभ हुआ तथा कारागार में निरूद्ध महिला बंदियों के साथ रह रहे 6 वर्ष से कम आयु के 12 बच्चों के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा सराहनीय कार्य किया गया।
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जिसमें अल्ट्राट्रेक द्वारा शिशु गृह का चित्रों सहित वाल पेंटिंग कराया गया व रेडक्रास द्वारा बच्चों के लिए चेयर टेबिल उपलब्ध कराया गया, वाराणसी की बाबा जी की पाठशाला सेवा समिति द्वारा बच्चों के यूनीफार्म एवं शिक्षाप्रद सामग्री उपलब्ध कराई गई तथा वाराणसी की अनमोल सेवा समिति एवं उत्सव ट्रस्ट फाउन्डेशन द्वारा बच्चों को किट्स एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध कराया गया।
जेल अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव ने विजेता टीम को ट्रॉफी एवम आकर्षक पुरस्कार प्रदान कर किया सम्मानित
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
सोनभद्र। सोमवार को बाल दिवस के अवसर पर जिला कारागार, गुरमा में बंदियों के बीच जेल प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेन्ट का फाईल मैच टीम गुरमा 11 एवं टीम पीएचसीसी के मध्य खेला गया। जिसमें गुरमा – 11 विजेता तथा पी०एच०सी०सी० उप विजेता घोषित हुई। वही जेल अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव द्वारा विजेता एवं उप विजेता टीम को आकर्षक उपहार भेटकर सम्मानित किया गया। इस दौरान क्रिकेट मैच देखने वाले दर्शकों एवं बंधुओं द्वारा दोनों टीमों के खेलों को खूब सराहा गया। अन्त में बंदियों द्वारा इसी तरह से अन्य विभिन्न तरह के खेलों का आयोजन आगे भी कारागार में कराये जाने की इच्छा प्रकट की गयी।
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बतादें कि मैच के प्रायोजक अनमोल सेवा समिति वाराणसी थी। इस अवसर मुख्य रूप से जेलर जगदंबा प्रसाद दुबे, उप जेलर सुरेश सिद्धार्थ, शशांक पटेल, गौरव कुमार एवं अनमोल सेवा समिति के पदाधिकारियों सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
नन्हे मुन्हे बच्चों ने विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा नृत्य प्रस्तुत कर जमाया रंग
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
सोनभद्र। जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज के धर्मशाला रोड पर स्थित हेलो किड्स प्ले स्कूल में सोमवार को स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु की जयंती बाल दिवस के रूप मनाई गई। जहां नन्हे मुन्हे बच्चों ने विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा नृत्य प्रस्तुत कर रंग जमाया।
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इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक चंद्र प्रकाश सिंह ने बच्चो को बधाई संदेश देते हुए यह बताया की पंडित नेहरू को बच्चों के साथ बहुत ज्यादा लगाव था और बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरू बुलाते थे। उन्होंने कहा कि बच्चों के प्रति नेहरू जी का प्रेम जगजाहिर है इस कारण जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन को बच्चों के नाम समर्पित कर दिया गया हर साल नेहरू जयंती को भारत में बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
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उन्होंने कहा कि बाल दिवस को लेकर बच्चे बहुत उत्साहित होते हैं पहले ही बाल दिवस पर कोई सार्वजनिक अवकाश नहीं होता लेकिन बाल दिवस को बच्चों के लिए बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। जो लोग बड़े हो गए हैं वह अपने बचपन के दिनों को अक्सर याद करते हैं उन्हें पता है कि बचपन कितना प्यारा बेफिक्र और खूबसूरत हुआ करता था। आगे कहा कि बच्चे हमारे राष्ट्र का भविष्य हैं उनके बेहतरीन शिक्षा और खुशहाल जीवन के लिए हमें साथ आने की जरूरत है।
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इस दौरान विद्यालय में बच्चों को कई तरह के गिफ्ट भी बांटे गए तथा मिठाई भी खिलाई गई। इस अवसर पर शिक्षका पूजा सिंह अंजलि, मीनू, रजनी अग्रहरी सहित अन्य शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
जनजाति गौरव दिवस पर वनवासी समागम कार्यक्रम का होगा भव्य आयोजन
अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं का गहनता लिया जायजा
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र भ्रमण के दौरान विकास खण्ड बभनी में स्थापित सेवा समर्पण संस्थान सेवाकुंज कारीडाड़ चपकी में कल 15 नवम्बर दिन मंगलवार को जनजाति गौरव दिवस पर आयोजित वनवासी समागम कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगमन होगा।
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जिसको लेकर सोमवार को कार्यक्रम स्थल की तैयारियों का ए0डी0जी0 रामकुमार, मण्डलायुक्त मीरजापुर योगेश्वर राम मिश्र, डी0आई0जी0 आर0पी0 सिंह, जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह व पुलिस अधीक्षक यसवीर सिंह द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य मंच, हेलीपेड स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, वी0आई0पी0 स्थान, प्रतिमा स्थापित स्थल, प्रेस मीडिया स्थल, बैरिकेटिंग, वाहनों के आवागमन, वाहन पार्किंग, साफ सफाई सहित आदि व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया गया।
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इस दौरान उच्चधिकारीयों ने संयुक्त रूप से गहन पूर्वक विचार विमर्श कर जिम्मेदार सम्बंधित अधिकारिओं को उनके दायित्वबोध से अवगत कराते हुए ड्यूटी के प्रति मुस्तैद रहने की हिदायत दी गयी। उच्चधिकारीयों ने संयुक्त रूप से अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग को हेलीपैड स्थल पर समस्त तैयारियों को समय से पूर्ण करने हेतु निर्देेशित किये गए।
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इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर बनने वाले मंच, सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल, प्रदर्शनी, लगाने हेतु की जा रही तैयारियों के सम्बन्ध में अधिशासी अभियन्ता से जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियां निर्धारित समय अवधि में पूर्ण कर ली जाये, सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने के साथ ही कार्यों को पूर्ण करने के लिए तैयारियों के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देेशित किया गया।
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इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गंगवार, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) सहदेव कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे ) आशुतोष मिश्र, उप जिलाधिकारी दुद्धी, उप जिलाधिकरी सदर रमेश कुमार, सेवा समर्पण संस्थान कारीडाड़ चपकी के आनन्द सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सेवा कुंज आश्रम में विरसा मुंडा बनवासी विद्यापीठ स्थापित है
आंदोलन के समय सोनभद्र का दक्षिणांचल बंगाल राज्य से जुड़ा था
देशभर में होने वाले आंदोलनों से सोनभद्र के आदिवासी प्रभावित थे
बिरसा मुंडा के आंदोलन में सोनभद्र के आदिवासियों की रही सक्रिय की भूमिका
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
सोनभद्र। बीसवीं शताब्दी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णायक आंदोलन का नेतृत्व करने अप अल्प जीवन काल में ही भगवान की उपाधि प्राप्त करने वाले बिरसा मुंडा सोनभद्र जनपद में अंग्रेजो के खिलाफ होने वाले ससस्त्र आंदोलन से प्रेरित थे। यह दावा इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी का है।
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ब्रिटिश सरकार से काशी नरेश के पक्ष में युद्ध करते सैकड़ों आदिवासी सैनिकों का बलिदान, 1857 में वीर कुंवर सिंह के नेतृत्व में संगठित अंग्रेज सरकार के खिलाफ विद्रोह, 1870- 71 में जुरा महतो, बुधु भगत का अंग्रेजो के खिलाफ विद्रोह आदि घटनाएं बिरसा मुंडा के जन्म के पूर्व क्षेत्र में आंदोलन का रंगमंच तैयार कर चुकी थी। सर्वप्रथम भगवान बिरसा मुंडा ने ईसाइयत और अपने स्कूल के खिलाफ विद्रोह शुरू किया जिसके परिणाम स्वरूप उन्हें स्कूल से बाहर निकाल दिया गया जिसके परिणाम स्वरूप सोनभद्र के दक्षिणांचल एवं आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी जातियों के नौजवान अंग्रेजो के खिलाफ एकत्रित होने लगे थे।
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बिरसा मुंडा ने अपने आंदोलन को धर्म से जोड़कर जगह- जगह सभाएं करके लोगों को अंग्रेजो के खिलाफ खड़ा किया और कर न देने का ऐलान किया। और अपने क्षेत्र के आसपास अंग्रेजो के खिलाफ होने वाले ससस्त्र आंदोलनों का गहन अध्ययन किया और उसके अनुसार रणनीति तैयार किया। अंग्रेज सरकार जनता को बरगलाने के जुर्म में 18 95 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया और हजारीबाग के केंद्रीय कारागार में 2 साल कारावास की सजा दी गई।
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भगवान बिरसा मुंडा के गिरफ्तारी से आंदोलन में कोई कमी नहीं आई मुंडा नौजवान जगह- जगह पर गुप्त तरीके से आंदोलन का प्रचार- प्रसार करते रहे। वर्तमान सोनभद्र के दक्षिणांचल एवं आसपास के आदिवासी इलाकों में रहने वाले आदिवासी अंग्रेजो के खिलाफ संगठित हो उठे जगह- जगह पर मुंडा नौजवानों की बैठको मे अंग्रेजो के खिलाफ विद्रोह की रणनीति तैयार होने लगी, भगवान बिरसा मुंडा के आंदोलन के समय सोनभद्र के आदिवासी आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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1897 मे वीरसाइत युवा मुंडा 400 सैनिकों ने तीर कमान से लैस होकर खूटी थाने पर धावा बोला दिया और 1998 में तांगा नदी के किनारे मुंडाओं की भिड़ंत अंग्रेज सेनाओं से हुई अंग्रेज सेना हार गई। कालांतर में अंग्रेज सैनिकों ने मुंडा सैनिकों उनके परिजनों को ।काफी क्षति पहुंचाई। बिरसा मुंडा के आंदोलन ने अंग्रेजों को नाकों में चने चबवा दिए अंग्रेजों ने इनकी गिरफ्तारी के लिए चारों तरफ जाल बिछा दिए थे। जनवरी 1900 में डोंगरी पहाड़ पर एक और संघर्ष हुआ जिसमें बहुत सी औरतें वह बच्चे मारे गए 3 फरवरी ,1900 को चक्रधरपुर के घने जंगलों के बीच बिरसा मुंडा अपने सहयोगियों के साथ आराम कर रहे थे उनके ही एक गद्दार सैनिक के द्वारा अंग्रेज सेना को सूचित किया गया और उन्हें गिरफ्तार रांची के जेल में रखा गया।
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9 जून 1900 को उन्हें जहर देकर मार दिया गया। उनकी मौत के पश्चात सोनभद्र सहित वर्तमान झारखंड पूर्व बिहार राज्य में तेजी के साथ क्रांति फैली लेकिन अंग्रेजों ने इस क्रांति को कुचल दिया। भगवान बिरसा मुंडा के आंदोलन को समझने के लिए सोनभद्र के इतिहास का अध्ययन आवश्यक है। आज भगवान बिरसा मुंडा की समाधी रांची के कोकर के निकट डिसिटलरी पुल के पास स्थित है, वहीं पर उनका स्टेचू लगा हुआ है, रांची में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार तथा बिरसा मुंडाअंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र भी स्थापित है। बिरसा मुंडा के सम्मान में सोनभद्र जनपद के म्योरपुर ब्लाक के सेवा कुंज आश्रम बिरसा मुंडा विद्यापीठ की स्थापना आदिवासी जातियों के भगवान कहे जाने वाले बिरसा मुंडा को सम्मान दिया गया है।
सन 1921 में भारत सरकार ने 15 नवंबर यानी बिरसा मुंडा की जयंती को जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। 15 नवंबर 2022 को सोनभद्र जनपद के म्योरपुर ब्लाक के शांतिकुंज सेवा आश्रम में बिरसा मुंडा की जयंती जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस कार्यक्रम में आगमन एवं वनवासी समागम का आयोजन से जनपद सोनभद्र एवं आसपास के राज्यों से पधारने वाले विविध आदिवासी जातियों के कला, संस्कृति, साहित्य, इतिहास को समझने का स्वर्णिम अवसर है।
सोनभद्र मानव सेवा आश्रम ट्रस्ट कार्यालय पर आयोजित हुआ सम्मान समारोह
सोनभद्र। जनपद के करमा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सुकृत स्थित सोनभद्र मानव सेवा आश्रम ट्रस्ट के केंद्रीय कार्यालय पर बाल दिवस के अवसर पर सोमवार को एक सम्मान समारोह आयोजित कर मेधावी छात्र/ छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम विश्वकर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री चाचा नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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ट्रस्ट द्वारा घोषित निर्णय अनुसार माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश सत्र 2021-22 में मंडल विन्ध्याचल व वाराणसी के मेधावी व छात्र- छात्राओं को ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा माला पहना, मिठाई खिला मोमेंटो व प्रशस्ति – पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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सम्मानित छात्र/ छात्राओं में सोनभद्र जिले की हाईस्कूल यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 की टापर रही मेधावी छात्रा ममता कुमारी 92.5 व मेधावी छात्रा संजना 90.83 तथा प्रीति प्रजापति 90.17 रहीं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया है कि जो छात्र व छात्रा उपस्थित नहीं हो पाये उन्हें संस्था द्वारा ऑनलाइन प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर अरुण कुमार गुप्ता, दिनेश कुमार प्रजापति, सूरज मणि, पंकज कुमार, मदन लाल यादव, तथा सरवरे अख्तर, शैलेश यादव, गोपाल यादव, अभिभावक गण व बच्चे मौजूद रहे।
सोनभद्र। जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज स्थित राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज में सोमवार को बाल दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चो ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुचे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विनय कुमार सिंह ने बच्चो को शिक्षा की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में मैं उनका नमन करता हूं उनका योगदान देश में शैक्षणिक वैज्ञानिक आर्थिक एवं बुनियादी विकास के रूप में सदैव याद किया जाएगा स्वतंत्रता आंदोलन में कई बार जेल यात्रा की एवं देश को आगे लाने में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था वहीं समाज में महिलाओं की भूमिका मजबूत व सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
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वही विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि विद्यालय में प्रत्येक वर्ष बाल दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है जिसमें जवाहरलाल नेहरू के योगदानों को याद किया जाता है। कार्यक्रम के समापन के दौरान विद्यालय परिवार के तरफ से सदर ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत ने इस अवसर जवाहरलाल नेहरू जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशे की चपेट में निरंतर आगे बढ़ रही है।
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जिससे उनके शैक्षणिक, सामाजिक पतन हो रहा है इसलिए नशे से दूर रहने के लिए संकल्प ले। क्योंकि बच्चे हैं बच्चे ही देश का भविष्य होते हैं। इस पर मुख्य रूप से अध्यापक जितेंद्र सिंह, दिवाकर सिंह, अभिजात सिंह, अर्चना सिंह, कविता यादव, सुजाता सिंह पैरा लीगल वालंटियर राजन चौबे, मनोज दीक्षित सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।