सोनभद्र। सिख धर्म के 9वें गुरु तेग बहादुर सिंह साहिब की शहीदी दिवस जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज स्थित गुरुद्वारे में मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष जसवीर सिंह ने बताया कि गुरु तेग बहादुर सिंह साहिब की सन 1675 ई. में मृत्यु हई थी। उन्होंने बताया कि मुगल शासक औरंगजेब ने उन्हें जान के बदले अपना धर्म बदल कर इस्लाम कबूल करने के लिए कहा था, जिसके बाद उन्होंने हंसते-हंसते जान देना चुना था। औरंगजेब को बिलकुल पसंद नहीं था, कि कोई उसका हुकम को ना मानें, इसलिए उसने 1675 में दिल्ली के लाल किले के सामने चांदनी चौक पर गुरु तेग बहादुर का सिर कलम करवा दिया था। तब से इस दिन को हर साल गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है और उनकी शहादत को याद किया जाता है।
Advertisement (विज्ञापन)
इस अवसर पर षबद कीर्तन का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम का समापन लंगर व प्रसाद वितरण से हुआ। इस मौके पर हरमीत सिंह, सरदार दया सिंह, सुखविंदर सिंह जसवीर सिंह, रंजीत सिंह अजीत सिंह, कमलेश सिंह बलकार सिंह, लखबीर सिंह, मनमीत सिंह, गणेश अग्रवाल, मनीष अग्रहरि, हर्षवर्धन केसरवानी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय सारस्वत परिषद ने शिमला में आयोजित समारोह में किया सम्मानित
सोनभद्र की मिट्टी का सम्मान है यह उपलब्धि: डॉ मार्कंडेय राम पाठक
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
Advertisement (विज्ञापन)
सोनभद्र। जनपद के प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व विधायक स्मृति शेष पंडित रामनाथ पाठक के सुयोग्य पुत्र डॉ मार्कंडेय राम पाठक को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए अखिल भारतीय सारस्वत परिषद द्वारा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में सारस्वत सम्मान से विभूषित किया गया। गौरतलब हो कि भारतरत्न महामना मदन मोहन मालवीय की बगिया काशी हिंदू यूनिवर्सिटी में लंबे समय तक विभिन्न पदों पर सेवारत रह कर उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्य करने के लिए उपरोक्त संस्था ने डॉ मार्कंडेय राम पाठक को सम्मानित किया है।
उक्त सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्रीय बौद्धिक प्रमुख राष्ट्र ऋषि स्वांत रंजन जी एवं समारोह की अध्यक्षता कर रहे हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संत प्रकाश बंसल द्वारा अंगवस्त्रम, सारस्वत सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह देकर डॉ मार्कंडेय राम पाठक को सम्मानित किया गया। इस दौरान देश भर के विभिन्न प्रांतों से सैकड़ों की संख्या में शिक्षाविद व भारतीय सनातन संस्कृति के उपासक प्रबुद्ध जन सम्मान समारोह के साक्षी बने।
Advertisement (विज्ञापन)
सारस्वत सम्मान से विभूषित होने के बाद हर्षित मनसे डॉ पाठक ने दूरभाष पर इस संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि महामना मालवीय जी के विद्या मंदिर काशी हिंदू विश्वविद्यालय की सेवा के परिणाम स्वरूप प्राप्त होने वाला यह सम्मान विंध्याचल मंडल के सोनभद्र की मिट्टी का सम्मान है। वही डॉ पाठक का सारस्वत सम्मान किए जाने पर अखिल भारतीय सारस्वत परिषद के प्रति वरिष्ठ पत्रकार मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी, राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत सेवानिवृत्त शिक्षाविद डॉक्टर ओम प्रकाश त्रिपाठी, सोन साहित्य संगम के संयोजक एवं अधिवक्ता राकेश चरण मिश्र, इंजीनियर अनिल कुमार मिश्र,कांग्रेस के कद्दावर नेता राजेश द्विवेदी और कौशलेश पाठक ने आभार व्यक्त करते हुए डॉ पाठक को इस महान उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
सन 1666 ईस्वी में गुरु नानक देव के मिशन के प्रचार प्रसार के लिए आए थे
प्रयागराज त्रिवेणी संगम से शुरू किया था विंध्य क्षेत्र की यात्रा
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
सोनभद्र। सिख धर्म के नौवें गुरु तेग बहादुर सिंह साहिब सिख धर्म के प्रथम गुरु नानक देव साहिब के धर्म के सत्य- ज्ञान के प्रचार- प्रसार एवं लोक कल्याणकारी कार्य के लिए सोनभद्र जनपद के पूर्वर्ती जिला मिर्जापुर मे आए थे। इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-“सन 1666 (45 वर्ष की अवस्था) गुरुजी ने कश्मीरी पंडितों एवं हिंदुओं को जबरन मुसलमान बनाने पर मुस्लिम शासक औरंगजेब का विरोध किया और पंजाब के आनंदपुर से किरतपुर, रोपड़, सैफाबाद, खंडल, दमदमा साहब पहुंचे और यहां से यमुना के किनारे होते हुए उत्तर प्रदेश के कड़ामानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर बनारस पटना (बिहार) आसाम आदि जगह पर गए जहां उन्होंने आध्यात्मिक सामाजिक आर्थिक उन्नयन आदि के कई रचनात्मक कार्य किए। सोनभद्र जनपद के मिर्जापुर जिला के चुनार, भूईली, अहरौरा, आदि नगरों में उनका पदार्पण हुआ था और इस क्षेत्र के लोगों ने गुरुजी से प्रभावित होकर सिख धर्म को अपनाया था।
पटवा समाज के संत निहाल सिंह द्वारा अकाली संगत (गुरु तेग बहादुर सिंह जी) का गुरुद्वारा की स्थापना की गई। मान्यता यह है कि गुरु तेग बहादुर सिंह इस स्थल पर आए थे और अपने हाथों से वृक्ष रोपित किया था। अहरौरा नगर के निवासी एवं वनस्थली महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य सिद्धनाथ गुप्ता ने अपनी कृति नानक गुरु गोविंद सिंह लिखते हैं कि-“धन धन से समृद्ध व्यापारिक नगर अहरौरा में निवास करने वाले केसरवानी, अग्रहरी, पटवा, हलवाई समाज के लोगों ने सिख धर्म को अपनाकर अपने अपने समाज की गुरुद्वारा स्थापित किया। प्रत्येक पर्व, सिख धर्म के गुरु जयंती और शहीदी दिवस पर विविध प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन सिख समाज द्वारा किया जाता है।”
Advertisement (विज्ञापन)
क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी वाराणसी के सुभाष चंद्र यादव के अनुसार-“गुरु तेग बहादुर सिंह विंध्य क्षेत्र से काशी की ओर प्रस्थान किया और काशी के नीची बाग निवासी कल्याण सिंह जी के यहां प्रतिदिन संगत, प्रवचन, कड़ा प्रसाद वितरण आदि का कार्यक्रम होता था और दूर-दूर से लोग इसमें शामिल हुआ करते थे। गुरु तेग बहादुर सिंह यहां पर 7 महीना 13 दिन तक निवास किया और काशी से प्रस्थान करते समय उन्होंने अपना एक मलमली चोला एवं चरण पादुका छोड़ कर गए। गुरु जी की यह निशानी आज गुरुद्वारे में रखी हुई है और श्रद्धालु दूर-दूर से आकर इसका दर्शन कर निहाल होते हैं। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार समन्वय समिति के संस्थापक सरदार दिलावर सिंह उत्तर प्रदेश शासन से यह मांग किया कि संगत द्वारा निर्मित गुरुद्वारा को तत्काल संरक्षित किया जाए और सिखों के धार्मिक स्थल के रूप में विकसित किया जाए। उत्तर भारत पर सिख धर्म की स्थापना एवं प्रचार- प्रसार सिख धर्म के नौवे गुरु तेग बहादुर सिंह साहिब द्वारा किया गया।
रामायण कल्चर मैपिंग योजना के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के नामित सदस्य /इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी इनकी पत्नी वरिष्ठ साहित्यकार एवं आदिवासी लोककला केंद्र उत्तर प्रदेश की सचिव/साहित्यकार प्रतिभा देवी ने 1 नवंबर 2014 को बीएचयू वाराणसी के मानव विज्ञान संस्थान में देहदान एवं आरएम नेत्र बैंक इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बनारस शाखा को नेत्रदान कर दिया है। प्रस्तुत है महादान कर चुके आदर्श दंपत्ति का साक्षात्कार-
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
साक्षात्कार- हमने बचपन में महर्षि दधीची की कहानी है जरुर पड़ी होगी। जिन्होंने देवताओं की असुरों से रक्षा के लिए अपने तप के बल पर प्राण त्याग दिया और अपनी अस्थियां देवताओं को बज्र बनाने के लिए दान दे दिया था। इसी बज्र से देवताओं ने दानवो पर विजय प्राप्त की। यह प्राचीन अंगदान की कहानी आज के वर्तमान वैज्ञानिक युग में सार्थक है । 27 नवंबर को भारतीय अंगदान दिवस मनाया जाता है इस अवसर पर जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के निवासी रामायण कल्चर मैपिंग योजना के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के नामित सदस्य /इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी इनकी पत्नी वरिष्ठ साहित्यकार एवं आदिवासी लोककला केंद्र उत्तर प्रदेश की सचिव/साहित्यकार प्रतिभा देवी ने 1 नवंबर 2014 को बीएचयू वाराणसी के मानव विज्ञान संस्थान में देहदान एवं आरएम नेत्र बैंक इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बनारस शाखा को नेत्रदान कर दिया है। प्रस्तुत है महादान कर चुके आदर्श दंपत्ति का साक्षात्कार-
Advertisement (विज्ञापन)
आज 27 नवंबर है और इस दिवस को भारतीय अंगदान दिवस के रूप में मनाया जाता है इस बारे में आपका क्या कहना है? -आपने सही कहा बड़े गौरव की बात है कि भारत सरकार अंगदान के प्रोत्साहन के लिए एक तिथि निश्चित किया है, इसके लिए सरकार बधाई के पात्र हैं। आप द्वारा पत्नी सहित अंगदान एवं नेत्रदान किया है इसके बारे में बताएं? -मैंने बीएचयू के मानव विज्ञान संस्थान से प्राप्त संकल्प पत्र को मैं और मेरी पत्नी प्रतिभा देवी ने भरकर हस्ताक्षर युक्त संकल्प पत्र संबंधित संस्थान में 1 नवंबर 2014 को शपथ पत्र के साथ जमा कर दिया। मेरा अंगदान पंजीकरण संख्या -1 प्रतिभा देवी का पंजीकरण संख्या- 2 है। साथ ही साथ उसी दिन आरएम नेत्र बैंक इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बनारस शाखा को नेत्रदान किया। मेरा नेत्रदान पंजीकरण संख्या 1168 एवं प्रतिभा देवी का नेत्रदान पंजीकरण संख्या 1169 है। केंद्र सरकार अंगदनियों को सुविधाएं प्रदान करने जा रही है इस संबंध में आपका क्या विचार है? -मेरे लगातार पत्र व्यवहार से केंद्रीय स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा संचालित राष्ट्रीय अंग उत्तक प्रत्यारोपण संस्थान (नोटों) द्वारा अंगदान देने वाले महादानियों को प्रतिवर्ष 27 नवंबर (भारतीय अंगदान दिवस) पर सम्मानित करने, उनके परिजनों को निशुल्क रेल यात्रा, स्वास्थ्य बीमा की सुविधाएं प्रदान करने की घोषणा की गई है लेकिन अभी तक इस घोषणा को अमल में लाया जाना बाकी है।
Advertisement (विज्ञापन)
अंगदानदानियो एवं नेत्रदानियों को क्या- क्या सुविधाएं सरकार की ओर से मिलनी चाहिए? -कोई भी व्यक्ति अंगदान अथवा नेत्रदान किसी लालच अथवा सरकारी सुविधा प्राप्त करने की मंशा से नहीं करता, यह स्वदान हैं, स्वस्थ, मन- मस्तिष्क से व्यक्ति इस महादान का संकल्प लेता है। लेकिन अंगदान और नेत्रदान देने वाले महादानियों को सरकार की ओर से सुविधाएं प्राप्त होंगी। तो निश्चित रूप से अन्य लोगों के लिए इस महादान के प्रति प्रेरणा प्राप्त होंगी। हमारा देश गांवो का देश है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की यहां बाढ़ है। गांवो मैं निवास करने वाले गरीब तबके के लोग अपने परिजनों का दाह संस्कार ज्यादातर स्थानीय स्तर पर ही कर देते हैं, ऐसे में दान देने वाला व्यक्ति अगर संकल्प पर पत्र भरा भी है तो सुविधाओं एवं जानकारी के अभाव में उसकी दान देने की मनसा अधूरी रह जाती है क्योंकि जिला स्तर, तहसील स्तर पर इस संकल्प पत्र को भरे जाने की उपलब्ध नहीं है। इसलिए सरकार को यह चाहिए कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय में अंगदान एवं नेत्रदान संकल्प पत्र भरने एवं अंग दानियों को निकट के मानव विज्ञान संस्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था निशुल्क रूप से करनी चाहिए। इससे अंगदान, नेत्रदान महादान को प्रोत्साहन मिलेगा और अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकेंगे। अंगदान एवं नेत्रदान के संबंध में व्यापक प्रचार- प्रसार होना चाहिए ताकि लोग निडर होकर महादान कर सकें। अंगदान की प्रेरणा आपको कैसे मिली? -बचपन में हमने अपनी पाठ्य पुस्तक हमारे पूर्वज में महर्षि दाधीची की कहानी बाल पत्रिका पराग में एक कहानी पढा था, जिसका शीर्षक था “एक मुर्दा16 जिंदा” इस कहानी मैं एक युवती की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है और उसके मृत शरीर के अंगों को 16 व्यक्तियों में प्रत्यारोपित कर चिकित्सकों द्वारा जीवनदान दिया जाता है। बचपन में पढ़ी गई यह दोनों प्रेरणादायक कहानियां मुझे अंगदान के लिए प्रेरित किया।
शिक्षा और भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी बढ़ती निष्ठा को देख किया गया सम्मानित
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
सोनभद्र। झारखंड प्रदेश के यशस्वी युवा छात्र आदर्श तिवारी पुत्र मनोज कुमार तिवारी को उनकी शिक्षा और भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था -निष्ठा को देखते हुए रविवार को उन्हें एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र के समाचार संपादक पंडित मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी द्वारा ‘यूपी रत्न अलंकरण सम्मान- 2022’ से विभूषित किया गया।
Advertisement (विज्ञापन)
होनहार युवा छात्र आदर्श को अंगवस्त्रम और यूपी रत्न अलंकरण मेडल प्रदान कर भविष्य की कामना की गई। इस मौके पर मिर्जापुर के प्रमोद दुबे, वाराणसी के राधेश्याम चौबे श्रृंगेश आनंद द्विवेदी, गौरव दीप, अभिनव ज्योति, अनुपम पांडेय, आयुष्मान आनंद द्विवेदी, आर्या आनंद, राजलक्ष्मी चौबे, सुनीता द्विवेदी, मोहिता तिवारी, मनोज तिवारी, अंजू द्विवेदी समय दर्जनों गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
राजराजेश्वर श्री सहस्त्रार्जुन रत्न से सम्मानित हुए कई समाजसेवी
वायस ऑफ़ जयसवाल परिवार ने किया संगोष्ठी का आयोजन
वक्ताओं ने डॉक्टर काशी प्रसाद जायसवाल के व्यक्तित्व कृतित्व पर डाला प्रकाश
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
सोनभद्र। वॉयस ऑफ जायसवाल परिवार के द्वारा रविवार को भारत के प्रसिद्ध इतिहासकार, पुरातत्व के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के विद्वान् एवं हिन्दी साहित्यकार डॉ काशी प्रसाद जायसवाल जी की 142 वीं जयंती के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें वहां उपस्थित वक्ताओं ने साहित्यकार के व्यक्तित्व कृतित्व प्रकाश डालते हुए उनकी उपलब्धियों को बताया। इस अवसर पर संगोष्ठी के बतौर मुख्य अतिथि रहे जय प्रकाश गुप्ता एडवोकेट ने काशी प्रसाद जयसवाल जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
Advertisement (विज्ञापन)
वही संस्था के अध्यक्ष संदीप जायसवाल ने डॉ काशी प्रसाद जायसवाल जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने प्राचीन भारतीय संस्कृति की खोज की, काल निर्णय, सिक्कों के अध्ययन एवं शिला लेखों के संबंधों में प्रामाणिक रूप से प्रकाश डाला। सन् 1915 में भारतीय इतिहास के शोध, अन्वेषण एवं अनुसंधान के लिए जायसवाल जी ने ‘बिहार उड़ीसा रिसर्च सोसाइटी’ की न्यू डाली, जो आगे चलकर ‘डा.काशी प्रसाद जायसवाल रिसर्च इंस्टीट्यूट’ के नाम से प्रसिद्ध हुई और आज भी उसके माध्यम से बहुत से शोध कार्य होते रहते हैं।
Advertisement (विज्ञापन)
वॉयस ऑफ जायसवाल के द्वारा जय प्रकाश गुप्ता एडवोकेट, इंजीनियर रमेश चन्द्र जायसवाल एवं मरणोपरांत जुगल किशोर जायसवाल के पुत्र डॉ सुमन जायसवाल को राजराजेश्वर श्री सहस्त्रार्जुन रत्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से मनोज जायसवाल, रमेश जायसवाल, आनन्द प्रताप जायसवाल, रूपेश जायसवाल, अंश जायसवाल, डिम्पल जायसवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
योग शिविर में प्रशिक्षित हुए इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्र- छात्राएं
शिविर में प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न प्रकार के योग प्राणायाम का अभ्यास कराया गया
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
चुर्क, सोनभद्र। इंजिनियरिंग कालेज चुर्क में युवा भारत के तत्वाधान चल रहे 11 दिवसीय योग शिविर का समापन रविवार को हुआ। इस अवसर पर युवा भारत के जिला महामंत्री योगी संकट मोचन एवं योग शिक्षिका अर्चना ने हास्य आसन, शीर्ष आसन, चक्रासन, हलासन, सर्वांग आसान, वृक्ष आसान सहित तमाम प्रकार के योगासन व प्रणायाम प्रथम वर्ष के छात्र छात्राओं को कराया।
Advertisement (विज्ञापन)
योग शिविर में अतिथि के रूप में गायत्री परिवार के संयोजक स्वामी अरविंद सिंह ने छात्र – छात्राओं के साथ भजन, कीर्तन कर समारोह को दिव्यता प्रदान की एवं उपस्थित लोगों में गायत्री परिवार की पुस्तकों व स्टिकर आदि का वितरण कर प्रशिक्षुओं एवं वहां के कर्मचरियों का सम्मान किया। वही अतिथि के रूप में उपस्थित राजकुमार केसरी ने प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति अपनी कविताओं से प्रेरित किया।
Advertisement (विज्ञापन)
इस अवसर पर युवा भारत के जिला प्रभारी आशीष पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए योग, आर्थिक लाभ के लिए उद्योग एवं समाज को स्वस्थ्य रखने के लिए आपसी सहयोग बेहद आवश्यक है अतः जब भी अवसर मिले समाज को स्वस्थ्य रखने हेतु प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य रूप से अभिनव, राहुल, आंशिका, अंकिता, आरती, चांदनी, गौरी, कुमकुम, काजल, रुपाली, साक्षी, श्रेया, कविता, सौम्या, ऋचा, वंशिका, समृद्धि, अर्पिता, शिल्पा, प्रिया, कौशिका, सलोनी, निशांत, अंकित, लोकेश, हर्षित, आयुष्मान, आरजीत, अनूप, दीपेंद्र, कमल, अर्थ, मुकुल, अबुजार, देवेश, विनीत, सौरभ, आदर्श, शिवम सहित अन्य छात्र-छात्रा एवं अध्यापकगण अनुपस्थित रहे।
ओबरा नगर पंचायत क्षेत्र में जिलामंत्री कन्हैयालाल जायसवाल का सघन संपर्क
ओबरा, सोनभद्र। संघ और प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को समय पर मूर्त रूप देने के लिए हम सभी संकल्पित हैं। हमारा कर्तव्य है कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, नगरीय परिवहन, दीन दयाल उपाध्याय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना, स्मार्ट सिटी मिशन जैसे सरकार की सौ से भी अधिक योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की पूरी कोशिश करें।
Advertisement (विज्ञापन)
जरूरतमंदों को चिह्नित करें और उन योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। हम इस पर लगातार कार्य कर रहे हैं और भविष्य में भी पूरा प्रयास होगा कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर मूर्त रूप देने में मददगार सिद्ध हो सकें। उक्त बातें ओबरा नगर पंचायत के वार्ड दो इंदिरा बस्ती और वार्ड एक संत रविदास नगर में घर-घर पहुंचकर भाजपा जिलामंत्री कन्हैयालाल जायसवाल ने कहा।
Advertisement (विज्ञापन)
जन संपर्क में जिला मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चलाए गए जन कल्याणकारी योजनाओं और उससे लाभान्वित लोगों के बारे में जिलाध्यक्ष अजीत चौबे के निर्देशन में जागरूक किया जा रहा है। आज़ादी का अमृत महोत्सव डबल इंजन की भाजपा सरकार के प्रयास से स्मार्ट होते शहर के मूल में सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास- सबका प्रयास है। बता दें कि संघ और प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं से संदर्भित पत्रक भी नागरिकों में वितरित किया गया।
बालू माफिया सक्रिय स्थानीय प्रशासन मौन लीज की आड़ में किया जा रहा अवैध बालू खनन
अजीत कुमार सिंह
चोपन, सोनभद्र। सेंचुरी एरिया सोन नदी चौरा गांव, बिजोरा, अगोरी से अवैध बालू खनन बालू माफियाओं द्वारा प्रशासन के बिना डर भय के धड़ल्ले से किया जा रहा है उत्तर प्रदेश शासन के राजस्व को प्रतिदिन लगभग लाखों रुपए के राजस्व की हानि है खनन विभाग, वन विभाग, स्थानीय प्रशासन के लिए चौरा गांव के बालू माफिया चुनौती बने हुए हैं।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार नियंत्रण, अपराध नियंत्रण, अवैध खनन नियंत्रण, नशा नियंत्रण की कितने भी दावे कर लें लेकिन बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश का सीमावर्ती जिला सोनभद्र जो सोनांचल के नाम से प्रसिद्ध है सारे दावे खोखले साबित हो रहे हैं ऐसा इसलिए क्योंकि जिले के सोन नदी को दबंग बालू माफिया अपने स्वार्थ सिद्ध के लिए दिन-रात पोकलेन और बड़ी-बड़ी जेसीबी मशीनों से अवैध बालू खनन कर नदी को छलनी किए जा रहे हैं, सोन नदी के सेंचुरी एरिया सहित चौरा, बिजोरा, अगोरी क्षेत्र में बालू माफिया पूर्ण रूप से सक्रिय होकर एनजीटी के नियमों को ताक पर रखकर दिन-रात बेकौफ होकर बालू निकालें जा रहें हैं।
Advertisement (विज्ञापन)
बालू निकलती हैं 3 नं० से और परमिट कटता हैं 1 नं० से,सीमा से बढ़कर नदी के बीच धारा से आगे बढ़कर करगरा सीमा में जंगलों में बोल्डर का रास्ता बना कर अवैध बालू खनन किया जा रहा है और यह काम न्यू इंडिया मिनरल्स कंपनी द्वारा किया जा रहा है तथा अवैध बालू उत्खनन का पूरा काम प्रशासन के नजरों के सामने हो रहा हैं, जिससे यह विदित होता हैं कि खनन विभाग, स्थानीय पुलिस प्रशासन,राजस्व विभाग और वन विभाग का बालू माफियाओं से अच्छी सॉठ-गॉठ हैं। सूत्रों की जानकारी से गांव वासियों का कहना है कि सीमा से बाहर जाकर अवैध बालू खनन किया जा रहा है।समाचार पत्रों में खबर लगने पर प्रशासन अपनी नाक बचाने के लिए दिखावे के तौर पर 1-2 पोकलैन मशीन और 1-2 हाईवा,पड़कर खानापूर्ति कर देती हैं, जब विभाग द्वारा अवैध साइडों पर छापेमार कार्यवाही की जाती है तो विभाग के अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही अवैध बालू उत्खनन में लगी हुई बड़ी-बड़ी पोकलेन ,जेसीबी मशीनें और सैकड़ों हाईवा, ट्रक, डंपर, टीपर वहां से गायब कर दिए जाते हैं जो प्रशासन के सॉठ-गॉठ के बिना संभव नहीं है।
नदी की धारा प्रवाह को अवरूद्ध कर हो रहा अवैध बालू खनन
अघोरी क्षेत्र के जंगलों से वन विभाग कार्यालय से मात्र तीन चार किलोमीटर की दूरी पर बालू माफिया ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध बोल्डर निकालकर सोन नदी की जलधारा को अवरुद्ध कर पोकलेन जेसीबी नाव द्वारा 40 से 50 फीट गहराई तक बालू खनन का कार्य कर रहे हैं मुख्यमंत्री महोदय जलीय जीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नदियों में मछलियों के बीज डलवा रहे हैं लेकिन बालू माफियाओं के इस प्रकार के अवैध उत्खनन से जलीय जीव जंतुओं को भारी नुकसान हो रहा है और वर्तमान में सोन नदी के जलीय जीव-जंतु निरंतर मर रहे हैं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार समरजीत सिंह उर्फ सरदार जी और धर्मेंद्र तिवारी यह दो बालू माफिया इस समय पूरे क्षेत्र में सक्रिय होकर अवैध बालू उत्खनन का कार्य जोरों शोरों से कर रहे हैं।
अघोरी की पहाड़ियों से यह बालू माफिया जब अवैध रूप से बोल्डर निकालते हैं तो यह पूरा काम वन विभाग के कर्मचारियों की निगरानी में होता है जिससे यह साफ जाहिर होता है कि प्रशासन के कर्मचारी और अधिकारी सभी इस प्रकार के बालू माफियाओं के साथ अच्छी सांठगांठ है, सोनभद्र जिले से राजस्व विभाग को अच्छा खासा लाभ होता है लेकिन इस प्रकार के बालू माफिया और प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से राजस्व को काफी क्षती हो रही है ,अब खबर के प्रकाशन के बाद देखने वाली बात यह होगी कि क्या बुलडोजर बाबा का बुलडोजर इन बालू माफियाओं के आलिशान आशियाने पर चलेगा या फिर बालू माफियाओं का बुलडोजर सोन नदी के सीने को छलनी करता रहेगा।
सविधान के मार्ग पर चलकर राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने का किया आवाहन
संविधान दिवस के अवसर पर जिले के सभी सरकारी कार्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित हुए विविध कार्यक्रम, दिलाया गया संकल्प
हर्षवर्धन केसरवानी (जिला संवाददाता)
सोनभद्र। जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह के निर्देशन में शनिवार को संविधान दिवस के अवसर पर सर्वप्रथम अपर जिलाधिकारी सहदेव कुमार मिश्र ने संविधान की उद्देशिका हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्वसम्पन्न समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता, सुनिश्चित करने वाली बन्धुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई. (मिति मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी, संवत दो हजार छह विक्रमी) को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं का वाचन किया।
Advertisement (विज्ञापन)
अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) ने उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों को शपथ दिलायी कि हम सत्य निष्ठा से प्रतिज्ञान करते है कि भारत के संविधान में दिए गए मूल कर्तव्यों का पालन करेंगे। संवैधानिक आदर्शो, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज व राष्ट्रीय प्रतीकों का आदर करेंगे। देश की संप्रभुता अखण्डता की रक्षा करेंगे। महिलाओं का सम्मान करेंगे। हिंसा से दूर रहकर बंधुता बढ़ाएगें। सामासिक संस्कृति का संवर्द्धन व पर्यावरण का संरक्षण करेंगे। वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करेंगे। सार्वजनिक सम्पत्ति की रक्षा करेंगे। व्यक्तिगत व सामूहिक गतिविधि में उत्कृष्टता बढ़ाएगें। सबको शिक्षा के अवसर प्रदान करेंगे एवं स्वतंत्रता आन्दोलन के आदर्शो को बढ़ावा देंगे तथा सविधान के मार्ग पर चलकर राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने का आवाहन किया।
अपर जिलाधिकारी ने संबोधित करते हुए कहा कि संविधान दिवस के दिन आप सबके साथ यहाँ उपस्थित होकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। हम सब जानते हैं कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र देश हैं। 73 वर्ष पहले हमारे संविधान निर्माताओं ने स्वाधीन भारत के उज्जवल भविष्य के दस्तावेज को यानी हमारे संविधान को अंगीकार किया था तथा भारत की जनता के लिए आत्मार्पित किया था। लगभग 7 दशक की अल्प अवधि में भारत के लोगों ने लोकतांत्रिक विकास की एक ऐसी अद्भुत गाथा लिख दी, जिसने समूची दुनिया को विस्मिृृत कर दिया। उन्होने कहा कि हर वर्ष 26 नवंबर का दिन देश में संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
Advertisement (विज्ञापन)
26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में भी जाना जाता है। 26 नवंबर, 1949 को ही देश की संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था। हालांकि इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया था। भारतीय संविधान में सभी वर्गो के हितों के मद्देनजर विस्तृत प्रावधानों को शामिल किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय की विभिन्न व्याख्याओं के माध्यम से भी बदलती परिस्थितियों के अनुसार विभिन्न अधिकारों को इसमें सम्मिलित किया गया।
उन्होने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को समता का समान अवसर संविधान ही देता है तथा हम सभी को संविधान की मूल भावना का आदर करतेहुए मिल जुलकर रहना चाहिए ताकि हमारा देश प्रदेश दिन प्रतिदिन उन्नति व प्रगति के मार्ग पर निरन्तर अग्रसर होता रहें। अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) सहदेव कुमार मिश्र ने कहा कि संविधान देश में शासन के लिए आधार प्रदान करता है, जो यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि सभी के हितों और जरूरतों को ध्यान में रखा जाए। भारत विविधताओं का देश है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक फैले विशाल भारत देश में सैकड़ों भाषाएं, बोली, पहनावे, खान-पान और अन्य विविधताएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में संविधान ही वह एक कड़ी है जो हर भारतवासी को एक साथ पिरोती है। संविधान देश के हर नागरिक को एक समान अधिकार देता है और एक समान नियमों में बांधता भी है।
इसी प्रकार से विकास भवन में जिला विकास अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी कार्यालयों में उप जिलाधिकारियों द्वारा संविधान की उद्देशिका का पाठन किया गया। इसी प्रकार से राजकीय इण्टर कॉलेज, सिरसिया ठकुराई खैरपुर, सोनभद्र में विविध कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा बड़ी धूमधाम के संविधान दिवस मनाया गया। सर्वप्रथम समस्त शिक्षक-शिक्षणेत्तर कर्मचारी व छात्र-छात्राओं को संविधान की उद्देशिका की शपथ दिलायी गयी। तत्पश्चात संवैधानिक मूल्यों एवं मूलभूत सिद्धान्तों पर एक संगोष्ठी का भी आयोजन कराया गया। इसी प्रकार से राजकीय बालिका हाई स्कूल चतरा में 26 नवंबर संविधान दिवस के अवसर पर छात्र छात्राओं के द्वारा वाद विवाद प्रतियोगिता,पोस्टर प्रतियोगिता, प्रतियोगिता एवं संविधान के उद्देशिका का पाठन किया गया एवं संविधान के बारे में छात्र-छात्राओं को जानकारी दी गई। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि अधिकारी सुशील कुमार सिंह, प्र0 उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र आर0पी0 गौतम, सहायक निर्वाचन अधिकारी जगरूप सिंह पटेल, नाजिर अमूल कुमार वर्मा, प्रशासनिक अधिकारी रामलाल यादव, राजीव शुक्ला सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी व कार्मिकगण उपस्थित रहें।