बूथ संख्या 14 पर सुनी गई पीएम मोदी की मन की बात

मनीष चौबे

सोनभद्र।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात को सोनभद्र नगर के बूथ संख्या 14 पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मवीर तिवारी जी के नेतृत्व में सुना गया। जिसमें प्रधानमंत्री  ने कहा कि  मेरे प्यारे देशवासियो, ‘मन की बात’ में आपका स्वागत है, अभिनंदन है | इस समय पूरी दुनिया में Paris Olympics छाया हुआ है | Olympics, हमारे खिलाड़ियों को विश्व पटल पर तिरंगा लहराने का मौका देता है, देश के लिए कुछ कर गुजरने का मौका देता है | आप भी अपने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाइए, Cheer for Bharat!! साथियो, Sports की दुनिया के इस Olympics से अलग, कुछ दिन पहले maths की दुनिया में भी एक Olympic हुआ है | International Mathematics Olympiad. इस Olympiad में भारत के students ने बहुत शानदार प्रदर्शन किया है | इसमें हमारी टीम ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चार Gold Medals और एक Silver Medal जीता है | International Mathematics Olympiad इसमें 100 से ज्यादा देशों के युवा हिस्सा लेते हैं और Overall Tally में हमारी टीम top five में आने में सफल रही है | देश का नाम रोशन करने वाले इन students के नाम हैं –

पुणे के रहने वाले आदित्य वेंकट गणेश, पुणे के ही सिद्धार्थ चोपरा , दिल्ली के अर्जुन गुप्ता, ग्रेटर नोएडा के कनव तलवार, मुंबई के रुशील माथुर और गुवाहाटी के आनंदो भादुरी |

साथियो, आज ‘मन की बात’ में मैंने इन युवा विजेताओं को विशेष तौर पर आमंत्रित किया है | ये सभी इस समय फोन पर हमारे साथ जुड़े हुए हैं |

प्रधानमंत्री जी :- नमस्ते साथियो | ‘मन की बात’ में आप सभी साथियों का बहुत बहुत स्वागत है | आप सभी कैसे हैं?

Students: – हम ठीक हैं सर |

प्रधानमंत्र :- अच्छा साथियों, ‘मन की बात’ के जरिए देशवासी आप सभी के experiences जानने को बहुत उत्सुक हैं | मैं शुरुआत करता हूँ आदित्य और सिद्धार्थ से | आप लोग पुणे में हैं, सबसे पहले मैं आप से ही शुरू करता हूँ | Olympiad के दौरान आपने जो अनुभव किया उसे हम सभी के साथ share कीजिए |

आदित्य :- मुझे maths में छोटे से interest था | मुझे 6th standard Math ओमप्रकाश sir, मेरे Teacher ने सिखाया था और उन्होंने मेरे math में Interest बढ़ाया था, मुझे सीखने मिला और मुझे opportunity मिला था |

प्रधानमंत्री :- आपके साथी का क्या कहना है ?

सिद्धार्थ :- sir, मैं सिद्धार्थ हूँ, मैं पुणे से हूँ | मैं अभी class 12th pass किया हूँ | ये मेरा second time था IMO में, मुझे भी छोटे से बहुत interest था Maths में और आदित्य के साथ जब मैं 6th में था ओमप्रकाश sir ने हम दोनों को train किया था और बहुत help हुआ था हमको और अभी मैं college के लिए CMI जा रहा हूं और Maths & CS pursue कर रहा हूं |

प्रधानमंत्री :- अच्छा मुझे बताया गया है कि अर्जुन इस समय गांधीनगर में हैं और कनव तो ग्रेटर नोएडा के ही हैं | अर्जुन और कनव, हमने, Olympiad को लेकर जो चर्चा की, लेकिन आप दोनों हमें अपनी तैयारी से जुड़ा कोई विषय, और कोई विशेष अनुभव, अगर बताएंगे, तो, हमारे श्रोताओं को अच्छा लगेगा |

अर्जुन :- नमस्ते Sir, जय हिन्द, मैं अर्जुन बोल रहा हूं |

प्रधानमंत्री :- जय हिन्द अर्जुन |

अर्जुन :- मैं दिल्ली में रहता हूं और मेरी mother श्रीमती आशा गुप्ता physics की professor हैं Delhi University में, और मेरे father, श्री अमित गुप्ता chartered accountant हैं | मैं भी बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ कि मैं अपने देश के प्रधानमंत्री से बात कर रहा हूँ, और सबसे पहले, मैं, अपनी सफलता का श्रेय, अपने माता-पिता को देना चाहूँगा | मुझे लगता है कि , जब एक परिवार में कोई सदस्य एक ऐसे competition की तैयारी कर रहा होता है तो, केवल वो सदस्य का संघर्ष नहीं होता पूरे परिवार का संघर्ष होता है |

Essentially हमारे पास जो हमारा paper होते हैं उसमें हमारे पास तीन problems के लिए साढ़े चार घंटे होते हैं, तो एक problem के लिए डेढ़ घंटा – तो हम समझ सकते हैं कि कैसे हमारे पास एक problem को solve करने के लिए कितना समय होता है! तो हमें, घर पे, काफी मेहनत करनी पड़ती है | हमें problems के साथ घंटों लगाने पड़ते हैं, कभी-कभार तो एक एक problem के साथ, एक दिन, या यहां तक कि, 3 दिन भी लग जाते हैं |

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तो इसके लिए हमें online problems ढूँढ़नी होती हैं | हम पिछले साल की problem try करते हैं, और ऐसे ही, जैसे हम, धीरे-धीरे मेहनत करते जाते हैं, उससे हमारा experience बढ़ता है, हमारी सब से जरूरी चीज, हमारी problem solving ability बढ़ती है, जो, ना कि हमें mathematics में, बल्कि जीवन के हर एक क्षेत्र में मदद करती है |

प्रधानमंत्री: अच्छा मुझे कनव बता सकते हैं कि कोई विशेष अनुभव हो, ये सारी तैयारी में कोई खास जो हमारे नौजवान साथियों को बड़ा अच्छा लगे जानकर के |

कनव तलवार : मेरा नाम कनव तलवार है, मैं ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश में रहता हूँ और कक्षा 11वीं का छात्र हूँ | Maths मेरा पसंदीदा subject है | और मुझे बचपन से maths बहुत पसंद है | बचपन में मेरे पिता मुझे puzzles कराते थे | जिससे मेरा interest बढ़ता गया | मैंने Olympiad की तैयारी 7th Class से शुरू की थी | इसमें मेरी sister का बहुत बड़ा योगदान है | और मेरे parents ने भी हमेशा मुझे support किया | ये Olympiad HBCSE conduct कराता है | और ये एक 5 stage process होता है | पिछले साल मेरा team में नहीं हुआ था और मैं काफी करीब था और ना होने पर बहुत दुखी था | तब मेरे parents ने मुझे सिखाया कि या हम जीतते हैं या हम सीखते हैं | और सफर मायने रखता है सफलता नहीं | तो मैं यही कहना चाहता हूँ कि – ‘Love what you do and do what you love’ | सफर मायने रखता है सफलता नहीं और हमें success मिलते रहेगा | अगर हम अपने subject से प्यार करें | और journey को enjoy करें |

प्रधानमंत्री: तो कनव आप तो mathematics में भी interest रखते हैं और बोलते हैं ऐसे जैसे आपको साहित्य में भी रुचि है !

कनव तलवार : जी सर ! मैं बचपन में debates और orating भी करता था |

प्रधानमंत्री: अच्छा अब आइए हम आनंदों से बात करते हैं | आनंदों, आप अभी गुवाहाटी में हैं और आपका साथी रुशील आप मुंबई में हैं | मेरा आप दोनों से एक question है | देखिये, मैं परीक्षा पे चर्चा तो करता ही रहता हूँ, और परीक्षा पे चर्चा के अलावा अन्य कार्यक्रमों में भी मैं students से संवाद करता रहता हूँ | बहुत से छात्रों को maths से इतना डर लगता है, नाम सुनते ही घबरा जाते हैं | आप बताइए कि maths से दोस्ती कैसे की जाए?

रुशील से भी माथुर : सर ! मैं रुशील माथुर हूँ | जब हम छोटे होते हैं, और हम पहली बार addition सीखते हैं – हमें carry forward समझाया जाता है | पर हमें कभी ये समझाया नहीं जाता कि carry forward होता क्यों हैं? जब हम compound interest पढ़ते हैं, हम ये question कभी नहीं पूछते कि compound interest का formula आता कहाँ से हैं ?

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एचggghhhमेरा मानना ये है कि maths actually एक सोचने और problem solving की एक कला है | और इसलिए मुझे ये लगता है कि अगर हम सब mathematics में एक नया question जोड़ दें, तो ये question है कि हम ये क्यों कर रहे हैं ? ये ऐसा क्यों होता है ? तो I think इससे maths में बहुत interest बढ़ सकता है, लोगों का !। क्योंकि जब किसी चीज को हम समझ नहीं पाते उससे हमें डर लगने लगता है | इसके अलावा मुझे ये भी लगता है कि maths सब सोचते हैं कि एक बहुत logical सा subject है | पर इसके अलावा maths में बहुत creativity भी important होती है | क्योंकि creativity से ही हम out of the box solutions सोच पाते हैं, जो Olympiad में बहुत useful होते हैं | और इसलिए maths Olympiad का भी बहुत important relevance है Maths के interest बढ़ाने के लिए |

प्रधानमंत्री : आनंदो कुछ कहना चाहेंगे!

आनंदो भादुरी : नमस्ते PM जी ! मैं आनंदो भादुरी गुवाहाटी से | मैं अभी-अभी 12वीं कक्षा पास किया हूँ | यहाँ के local Olympiad मैं 6th और 7th में करता था | वहाँ से रुचि हुई ये मेरी दूसरी IMO थी | दोनों IMO बहुत अच्छे लगें | मैं रुशील जो था उससे मैं सहमत हूँ | और मैं ये भी कहना चाहूँगा कि जिन्हें maths से डर है उन्हें धैर्य की बहुत जरूरत है | क्योंकि हमें maths जैसे पढ़ाया जाता है | क्या होता है एक formula दिया जाता है वो रटा जाता है फिर उस formula से ही 100 (सौ) सवाल ऐसे पढ़ने पढ़ते हैं | लेकिन formula समझे कि नहीं वो नहीं देखा जाता सिर्फ सवाल करते जाओ, करते जाओ | formula भी रटा जाएगा और फिर exam में अगर formula भूल गया तो क्या करेगा ? इसलिए मैं कहूँगा कि formula को समझो, जो रुशील कहा था, फिर धैर्य से देखो ! अगर formula ठीक से समझे तो 100 सवाल नहीं करने पड़ेंगे | एक-दो सवाल से ही हो जाएंगे और maths को डरना भी नहीं है |

प्रधानमंत्र :- आदित्य और सिद्धार्थ, आप जब शुरू में बात कर रहे थे तब ठीक से बात हो नहीं पाई, अब इन सारे साथियों को सुनने के बाद आपको भी जरूर लगता है कि आप भी कुछ कहना चाहते होंगे | क्या आप अपने अनुभव अच्छे ढंग से शेयर कर सकते हैं?

सिद्धार्थ :- बहुत सारे दूसरे देशों से interact किया था, बहुत सारे cultures थे और बहुत अच्छा था दूसरे students से interact connect, और बहुत सारे famous mathematician थे

प्रधानमंत्री जी :- हाँ आदित्य

आदित्य:- बहुत अच्छा experience था और हमें उन्होंने Bath city को घुमा के दिखाया था और बहुत अच्छे-अच्छे views दिखे थे, parks लेके गए थे और हमें oxford University को भी लेके गए थे | तो वो एक बहुत अच्छा अनुभव था |

प्रधानमंत्री जी :- चलिए साथियों, मुझे बहुत अच्छा लगा, आप लोगों से बात करके, और मैं आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ, क्योंकि, मैं जानता हूँ इस प्रकार के खेल के लिए काफी focus activity करनी पड़ती है, दिमाग खपा देना पड़ता है, और परिवार के लोग भी कभी-कभी तंग आते हैं – ये क्या गुणा-भाग, गुणा-भाग करता रहता है | लेकिन मेरी तरफ से आप को बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं | आपने देश का मान बढ़ाया, नाम बढ़ाया है | धन्यवाद दोस्तों |

Students:- Thank You, धन्यवाद |

प्रधानमंत्री जी :- Thank You.

Students:- Thank You Sir, जय हिन्द |

प्रधानमंत्री जी :- जय हिन्द – जय हिन्द |

आप सभी Students से बात करके आनंद आ गया | ‘मन की बात’ से जुड़ने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद | मुझे विश्वास है कि maths के इन युवा महारथियों को सुनने के बाद, दूसरे युवाओं को maths को enjoy करने की प्रेरणा मिलेगी |
मेरे प्यारे देशवासियो, ‘मन की बात’ में, अब मैं उस विषय को साझा करना चाहता हूं, जिसे सुनकर हर भारतवासी का सिर गर्व से ऊंचा हो जाएगा | लेकिन इसके बारे में बताने से पहले मैं आपसे एक सवाल करना चाहूंगा | क्या आपने चराईदेउ मैदाम का नाम सुना है? अगर नहीं सुना, तो अब आप ये नाम बार-बार सुनेंगे, और बड़े उत्साह से दूसरों को बताएंगे | असम के चराईदेउ मैदाम को UNESCO World Heritage Site में शामिल किया जा रहा है | इस लिस्ट में यह भारत की 43वीं, लेकिन Northeast की पहली साइट होगी |

साथियो, आपके मन में ये सवाल जरूर आ रहा होगा कि चराईदेउ मैदाम आखिर है क्या, और ये इतना खास क्यों है | चराईदेउ का मतलब है shining city on the hills, यानी पहाड़ी पर एक चमकता शहर | ये अहोम राजवंश की पहली राजधानी थी | अहोम राजवंश के लोग अपने पूर्वजों के शव और उनकी कीमती चीजों को पारंपरिक रूप से मैदाम में रखते थे | मैदाम, टीले नुमा एक ढांचा होता है, जो ऊपर मिट्टी से ढका होता है, और नीचे एक या उससे ज्यादा कमरे होते हैं | ये मैदाम, अहोम साम्राज्य के दिवंगत राजाओं और गणमान्य लोगों के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है | अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रकट करने का ये तरीका बहुत यूनिक है | इस जगह पर सामुदायिक पूजा भी होती थी|

साथियो, अहोम साम्राज्य के बारे में दूसरी जानकारियां आपको और हैरान करेंगी | 13वीं शताब्दी के शुरू होकर ये साम्राज्य 19वीं शताब्दी की शुरुआत तक चला | इतने लंबे कालखंड तक एक साम्राज्य का बने रहना बहुत बड़ी बात है | शायद अहोम साम्राज्य के सिद्धांत और विश्वास इतने मजबूत थे, कि उसने इस राजवंश को इतने समय तक कायम रखा | मुझे याद है कि, इसी वर्ष 9 मार्च को मुझे अदम्य साहस और शौर्य के प्रतीक, महान अहोम योद्धा लसित बोरफुकन की सबसे ऊंची प्रतिमा के अनावरण का सौभाग्य मिला था | इस कार्यक्रम के दौरान, अहोम समुदाय आध्यात्मिक परंपरा का पालन करते हुए मुझे अलग ही अनुभव हुआ था | लसित मैदाम में अहोम समुदाय के पूर्वजों को सम्मान देने का सौभाग्य मिलना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है | अब चराईदेउ मैदाम के World Heritage Site बनने का मतलब होगा कि यहां पर और अधिक पर्यटक आएंगे | आप भी भविष्य के अपने travel plans में इस site को जरूर शामिल करिएगा |

साथियो, अपनी संस्कृति पर गौरव करते हुए ही कोई देश आगे बढ़ सकता है | भारत में भी इस तरह के बहुत सारे प्रयास हो रहे हैं | ऐसा ही एक प्रयास है – Project PARI…अब आप परी सुनकर confuse मत होईएगा.. ये परी स्वर्गीय कल्पना से नहीं जुड़ी बल्कि धरती को स्वर्ग बना रही है | PARI यानि Public Art of India | Project PARI, public art को लोकप्रिय बनाने के लिए उभरते कलाकारों को एक मंच पर लाने का बड़ा माध्यम बन रहा है | आप देखते होंगे.. सड़कों के किनारे, दीवारों पर, underpass में बहुत ही सुंदर paintings बनी हुई दिखती हैं | ये paintings और ये कलाकृतियाँ यही कलाकार बनाते हैं जो PARI से जुड़े हैं | इससे जहां हमारे सार्वजनिक स्थानों की सुंदरता बढ़ती है, वहीं हमारे Culture को और ज्यादा popular बनाने में भी मदद मिलती है | उदाहरण के लिए, दिल्ली के भारत मंडपम को ही लीजिए | यहां देश भर के अद्भुत art works आपको देखने को मिल जाएंगे | दिल्ली में कुछ underpass और flyover पर भी आप ऐसे खूबसूरत Public Art देख सकते हैं | मैं कला और संस्कृति प्रेमियों से आग्रह करूंगा कि वे भी Public Art पर और काम करें | ये हमें अपनी जड़ों पर गर्व करने की सुखद अनुभूति देगा |

मेरे प्यारे देशवासियो, ‘मन की बात’ में, अब बात, ‘रंगों की’ – ऐसे रंगों की, जिन्होंने हरियाणा के रोहतक जिले की ढ़ाई-सौ से ज्यादा महिलाओं के जीवन में समृद्धि के रंग भर दिए हैं | हथकरघा उद्योग से जुड़ी ये महिलाएं पहले छोटी-छोटी दुकानें और छोटे-मोटे काम कर गुज़ारा करती थी | लेकिन हर किसी में आगे बढ़ने की इच्छा तो होती ही होती है | इसलिए इन्होंने ‘UNNATI Self Help Group’ से जुड़ने का फैसला किया, और इस group से जुड़कर, उन्होंने block printing और रंगाई में training हासिल की | कपड़ों पर रंगों का जादू बिखेरने वाली ये महिलाएं आज लाखों रुपए कमा रही हैं | इनके बनाए Bed Cover, साड़ियाँ और दुपट्टों की बाजार में भारी मांग है |

साथियो, रोहतक की इन महिलाओं की तरह देश के अलग-अलग हिस्सों में कारीगर, Handloom को लोकप्रिय बनाने में जुटी हैं | चाहे ओडिशा की ‘संबलपुरी साड़ी’ हो, चाहे MP की ‘माहेश्वरी साड़ी’ हो, महाराष्ट्र की ‘पैठाणी’ या विदर्भ के ‘Hand block prints’ हों, चाहे हिमाचल के ‘भूट्टिको’ के शॉल और ऊनी कपड़े हों, या फिर, जम्मू-कश्मीर के ‘कनि’ शॉल हों | देश के कोने-कोने में handloom कारीगरों का काम छाया हुआ है | और आप ये तो जानते ही होंगे, कुछ ही दिन बाद 7 अगस्त को हम ‘National Handloom Day’ मनाएंगे | आजकल, जिस तरह handloom उत्पादों ने लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई है, वो वाकई बहुत सफल है, जबरदस्त है | अब तो कई निजी कंपनियां भी AI के माध्यम से handloom उत्पाद और Sustainable Fashion को बढ़ावा दे रही हैं | Kosha AI, Handloom India, D-Junk, Novatax, Brahmaputra Fables, ऐसे कितने ही Start-Up भी handloom उत्पादों को लोकप्रिय बनाने में जुटे हैं | मुझे ये देखकर भी अच्छा लगा कि बहुत से लोग अपने यहाँ के ऐसे local products को popular बनाने में जुटे हैं | आप भी अपने local products को ‘हैशटैग माई प्रॉडक्ट माई प्राइड’ के नाम से Social Media पर upload करें | आपका ये छोटा सा प्रयास, अनेकों लोगों की जिंदगी बदल देगा |

साथियो, handloom के साथ-साथ मैं खादी की बात भी करना चाहूँगा | आप में से ऐसे कई लोग होंगे जो पहले कभी खादी के उत्पादों का उपयोग नहीं करते थे, लेकिन आज बड़े गर्व से खादी पहनते हैं | मुझे ये बताते हुए भी आनंद आ रहा है – खादी ग्रामोद्योग का कारोबार पहली बार डेढ़ लाख करोड़ रुपए के पार पहुँच गया है | सोचिए, डेढ़ लाख करोड़ रुपए !! और जानते हैं खादी की बिक्री कितनी बढ़ी है ? 400% (परसेंट) | खादी की, handloom की, ये बढ़ती हुई बिक्री, बड़ी संख्या में रोजगार के नए अवसर भी बना रही है | इस industry से सबसे ज्यादा महिलाएं जुड़ी हैं, तो सबसे ज्यादा फायदा भी, उन्हीं को हो रहा है | मेरा तो आपसे फिर एक आग्रह है, आपके पास भांति-भांति के वस्त्र होंगे, और आपने, अब तक खादी के वस्त्र नहीं खरीदे, तो, इस साल से शुरू कर लें | अगस्त का महीना आ ही गया है ये आजादी मिलने का महीना है, क्रांति का महीना है | इससे बढ़िया अवसर और क्या होगा – खादी खरीदने के लिए |

मेरे प्यारे देशवासियो, ‘मन की बात’ में मैंने अक्सर आपसे Drugs की चुनौती की चर्चा की है | हर परिवार की ये चिंता होती है कि कहीं उनका बच्चा drugs की चपेट में ना आ जाए | अब ऐसे लोगों की मदद के लिए, सरकार ने एक विशेष केंद्र खोला है, जिसका नाम है – ‘मानस’ | Drugs के खिलाफ लड़ाई में ये बहुत बड़ा कदम है | कुछ दिन पहले ही ‘मानस’ की Helpline और Portal को launch किया गया है | सरकार ने एक Toll Free Number ‘1933’ जारी किया है | इस पर call करके कोई भी जरूरी सलाह ले सकता है या फिर rehabilitation से जुड़ी जानकारी ले सकता है | अगर किसी के पास Drugs से जुड़ी कोई दूसरी जानकारी भी है, तो वो, इसी नंबर पर call करके ‘Narcotics Control Bureau’ के साथ साझा भी कर सकते हैं I ‘मानस’ के साथ साझा की गई हर जानकारी गोपनीय रखी जाती है I भारत को ‘Drugs free’ बनाने में जुटे सभी लोगों से, सभी परिवारों से, सभी संस्थाओं से मेरा आग्रह है कि MANAS Helpline का भरपूर उपयोग करें I

मेरे प्यारे देशवासियो, कल दुनियाभर में Tiger Day मनाया जाएगा I भारत में तो Tigers ‘बाघ’, हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है I हम सब बाघों से जुड़े किस्से–कहानियाँ सुनते हुए ही बड़े हुए हैं I जंगल के आसपास के गाँव में तो हर किसी को पता होता है कि बाघ के साथ तालमेल बिठाकर कैसे रहना है I हमारे देश में ऐसे कई गाँव है, जहां इंसान और बाघ के बीच कभी टकराव की स्थिति नहीं आती I लेकिन जहाँ ऐसी स्थिति आती है, वहाँ भी बाघों के संरक्षण के लिए अभूतपूर्व प्रयास हो रहे हैं I जन-भागीदारी का ऐसा ही एक प्रयास है “कुल्हाड़ी बंद पंचायत” I राजस्थान के रणथंभौर से शुरू हुआ “कुल्हाड़ी बंद पंचायत” अभियान बहुत दिलचस्प है | स्थानीय समुदायों ने स्वयं इस बात की शपथ ली है कि जंगल में कुल्हाड़ी के साथ नहीं जाएंगे और पेड़ नहीं काटेंगे | इस एक फैसले से यहाँ के जंगल, एक बार फिर से हरे-भरे हो रहे हैं, और बाघों के लिए बेहतर वातावरण तैयार हो रहा है |

साथियो, महाराष्ट्र का Tadoba-Andhari Tiger Reserve बाघों के प्रमुख बसेरों में से एक है | यहाँ के स्थानीय समुदायों, विशेषकर गोंड और माना जनजाति के हमारे भाई-बहनों ने Eco-tourism की ओर तेजी से कदम बढ़ाए हैं | उन्होंने जंगल पर अपनी निर्भरता को कम किया है ताकि यहाँ बाघों की गतिविधियाँ बढ़ सके | आपको आंध्र प्रदेश में नल्लामलाई की पहाड़ियों पर रहने वाले ‘चेन्चू’ जनजाति के प्रयास भी हैरान कर देंगे | उन्होंने Tiger Trackers के तौर पर जंगल में वन्य जीवों के movement की हर जानकारी जमा की | इसके साथ ही, वे, क्षेत्र में, अवैध गतिविधियों की निगरानी भी करते रहे हैं | इसी तरह उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में चल रहा ‘बाघ मित्र कार्यक्रम’ भी बहुत चर्चा में है | इसके तहत स्थानीय लोगों को ‘बाघ मित्र’ के रूप में काम करने की training दी जाती है | ये ‘बाघ मित्र’ इस बात का पूरा ध्यान रखते हैं कि बाघों और इंसानों के बीच टकराव की स्थिति ना बने | देश के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह के कई प्रयास जारी हैं | मैंने, यहाँ, कुछ ही प्रयासों की चर्चा की है लेकिन मुझे खुशी है कि जन-भागीदारी बाघों के संरक्षण में बहुत काम आ रही है | ऐसे प्रयासों की वजह से ही भारत में बाघों की आबादी हर साल बढ़ रही है | आपको ये जानकर खुशी और गर्व का अनुभव होगा कि दुनियाभर में जितने बाघ हैं उनमें से 70 प्रतिशत बाघ हमारे देश में हैं | सोचिए ! 70 प्रतिशत बाघ!! – तभी तो हमारे देश के अलग-अलग हिस्सों में कई Tiger Sanctuary है |

साथियो, बाघ बढ़ने के साथ-साथ हमारे देश में वन क्षेत्र भी तेजी से बढ़ रहा है | इसमें भी सामुदायिक प्रयासों से बड़ी सफलता मिल रही है | पिछले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आपसे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ कार्यक्रम की चर्चा की थी | मुझे खुशी है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं | अभी कुछ दिन पहले स्वच्छता के लिए प्रसिद्ध, इंदौर में, एक शानदार कार्यक्रम हुआ | यहाँ ‘एक पेड़ माँ के नाम’ कार्यक्रम के दौरान एक ही दिन में 2 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए | अपनी माँ के नाम पर पेड़ लगाने के इस अभियान से आप भी जरूर जुड़ें और Selfie लेकर Social Media पर भी post करें | इस अभियान से जुड़कर आपको, अपनी माँ, और धरती माँ, दोनों के लिए, कुछ special कर पाने का एहसास होगा |

मेरे प्यारे देशवासियो, 15 अगस्त का दिन अब दूर नहीं है | और अब तो 15 अगस्त के साथ एक और अभियान जुड़ गया है, ‘हर घर तिरंगा अभियान’ | पिछले कुछ वर्षों से तो पूरे देश में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के लिए सबका जोश high रहता है | गरीब हो, अमीर हो, छोटा घर हो, बड़ा घर हो, हर कोई तिरंगा लहराकर गर्व का अनुभव करता है | तिरंगे के साथ Selfie लेकर Social Media पर post करने का craze भी दिखता है | आपने गौर किया होगा, जब colony या society के एक-एक घर पर तिरंगा लहराता है, तो देखते ही देखते दूसरे घरों पर भी तिरंगा दिखने लगता है | यानी ‘हर घर तिरंगा अभियान’ – तिरंगे की शान में एक Unique Festival बन चुका है | इसे लेकर अब तो तरह-तरह के innovation भी होने लगे हैं | 15 अगस्त आते-आते, घर में, दफ्तर में, कार में, तिरंगा लगाने के लिए तरह-तरह के product दिखने लगते है | कुछ लोग तो ‘तिरंगा’ अपने दोस्तों, पड़ोसियों को बांटते भी है | तिरंगे को लेकर ये उल्लास, ये उमंग हमें एक दूसरे से जोड़ती है |

साथियो, पहले की तरह इस साल भी आप ‘harghartiranga.com’ पर तिरंगे के साथ अपनी Selfie जरूर upload करेंगे और मैं, आपको एक और बात याद दिलाना चाहता हूँ | हर साल 15 अगस्त से पहले आप मुझे अपने ढ़ेर सारे सुझाव भेजते हैं | आप इस साल भी मुझे अपने सुझाव जरूर भेजिए | आप MyGov या NaMo App पर भी अपने सुझाव भेज सकते हैं | मैं ज्यादा से ज्यादा सुझावों को 15 अगस्त के सम्बोधन में cover करने की कोशिश करूंगा |

मेरे प्यारे देशवासियो, ‘मन की बात’ के इस episode में आपसे जुड़कर बहुत अच्छा लगा | अगली बार फिर मिलेंगे, देश की नई उपलब्धियों के साथ, जनभागीदारी के नए प्रयासों के साथ, आप, ‘मन की बात’ के लिए अपने सुझाव जरूर भेजते रहें | आने वाले समय में अनेक पर्व भी आ रहे हैं | आपको, सभी पर्वों की ढ़ेर सारी शुभकामनाएं | आप अपने परिवार के साथ मिलकर त्योहारों का आनंद उठाएं | देश के लिए कुछ न कुछ नया करने की ऊर्जा निरंतर बनाए रखे | बहुत-बहुत धन्यवाद | नमस्कार |
और बूथ के सभी कार्यकर्ता सभासद विनोद सोनी  अजीत सिंह राहुल सूरज संदेश पटेल कृष्णा डब्लू तिवारी ओम प्रकाश बजरंगी सोनी नीरज और भूत के सभी कार्यकर्ताओं ने मिलकर साथ में माननीय मोदी जी के मन की बातों को सुना और यह प्रण लिया कि एक पेड़ मां के नाम पर लगाना है।

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दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष बने अदालत वर्मा व अविनाश सिंह सचिव

HIGHLIGHTS

  • बैठक में धूमधाम से दुर्गा पूजा मानने का लिया गया निर्णय


अनपरा, सोनभद्र। दुर्गा पूजा के आयोजन की तैयारियों को लेकर शुक्रवार देर शाम को नव युवक सेना श्री दुर्गा पूजा समिति की बैठक बस स्टैंड अनपरा में दुर्गा पंडाल प्रांगण में की गई जिसमे विगत वर्ष 2023 दुर्गा पूजा के आय व्यय का लेखा जोखा प्रस्तुत किया गया और आगामी अक्टूबर माह में शुरू होने वाले नव रात्रि दुर्गा पूजा को सफल बनाने के लिए नई कमेटी का पुनर्गठन भी किया गया।

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जिसमे सर्वसम्मति से इं अदालत वर्मा को अध्यक्ष तथा श्री अविनाश सिंह को सचिव चुना गया।वही अन्य पदों के लिए श्री प्रकाश उर्फ ‘ श्री ‘ को कार्यवाहक अध्यक्ष श्री राकेश वर्मा,माधवेंद्र सिंह व धीरेंद्र चौबे को वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री इंद्र कुमार सिंह, प्रवेश राज सिंह उर्फ ‘ गमगम’ व राजाजी पांडेय को उपाध्यक्ष, उदय नारायण सिंह व सुनील पाल को

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उपसचिव, प्रभार श्रीवास्तव उर्फ ‘ सेतु’ व राकेश जायसवाल को प्रचार सचिव, मुकेश जायसवाल को उप प्रचार सचिव, दीपक मिश्रा को कोषाध्यक्ष, बिंदेश कुमार सिंह को सह कोषाध्यक्ष, विशाल साही व प्रशांत
उपाध्याय को जांच अधिकारी, वीरेन्द्र कुमार सिंह उर्फ ‘रिंकू’ ,सौरभ कुमार ,सुजीत कुमार सोनी व मनोज कुमार को सांस्कृतिक सचिव, अंबरीश शर्मा उर्फ ‘निक्कू’ को मीडिया प्रभारी बनाया गया।

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बैठक में अध्यक्ष इं अदालत वर्मा ने समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों से कहा कि अभी से तैयारी में जुट जाएं और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें।
बैठक का संचालन श्री विष्णुदेव झा ने किया और इस दौरान मुख्य रूप से इं अदालत वर्मा, इं आलोक सिंह, इं धीरेंद्र चौबे,  उदय नारायण सिंह,शिव प्रकाश , माधवेंद्र सिंह, प्रवेश राज सिंह, विष्णु देव झा, इंद्र कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, बिन्देश सिंह, राकेश जायसवाल, प्रशांत उपाध्याय, मुकेश जायसवाल, श्याम बिहारी सिंह, पुष्कर सिंह,सुजीत सोनी,राकेश वर्मा, मनोज शर्मा, मनोज कुमार,अभिषेक कुमार सिंह, अंसनी कुमार, वीरेंद्र प्रताप सिंह, ताज मास्टर, सुनील पाल,मधुकर, अंबरीश शर्मा, विशाल शाही आदि उपस्थित थे।

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ठेकेदार द्वारा सी परियोजना काम दिलाने के नाम पर हो रही 3000 से 5000 की वसुली, काम कर रहे मजदूरों को भी नहीं मिलरहा वेतनa

HIGHLIGHTS

  • ठेकेदार जीतेन्दर प्रजापति द्वारा मजदूरों को सी परियोजना मे काम दिला कर 3000 से 5000 कि वसुली

अजीत कुमार सिंह

सोनभद्र। ओबरा में बन रहे 1320 मेगावॉट के ओबरा परियोजना सी प्लांट का काम मजदूरों ने ठप कर दिया। मजदूरों ने कार्यदायी संस्था पर 3 महीने से वेतन न देने का आरोप लगाया। वेतन न मिलने से नाराज मजदूरों ने सुबह 3 बजे तक हड़ताल की।इस बीच कार्य बहिष्कार कर कई घंटे मजूदरों ने प्रदर्शन कर प्लांट जाने वाला रास्ता रोके रखा।

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वेतन को लेकर मजदूर पिछले कई दिनों से लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी भी जिम्मेदार ने उनकी सुध नहीं ली। जिससे नाराज होकर मजदूरों ने काम रोक दिया और वो हड़ताल पर चले गए। मजदूरों ने आरोप लगाया कि, कोरिया के दुसान कंपनी के ठेकेदारों ने उनको 3 महीने से वेतन नहीं दिया है।

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जिसको लेकर मजदूर आंदोलनरत हैं। इसके बाद भी अभी तक कोई उनसे मिलने  नहीं आया। इसी वजह से मजदूरों ने कार्य बहिष्कार कर काम ठप करा दिया।पेमेंट को लेकर बौखलाये मजदूरो ने झरिया नाला दुसान गेट पर इकठा होकर नारेबाजी करने लगे।प्राप्त जानकारी के अनुसार मजदूरों ने बताया कि ठेकेदार जेपी उर्फ़ जीतेन्दर प्रजापति  द्वारा मजदूरों को कंपनी में काम दिलाने के नाम  उनसे 3500 से ₹5000 तक वसूले जब जाकर मजदूरों को कम्पनी  में  काम मिला है।

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और यही नहीं दुसान कम्पनी में दुसान के रखे गए ठेकेदारों द्वारा उन मजदूरों से कम कर कर उन मजदूरों का 2 से 3 महीने का पेमेंट ना देने का धंधा बदस्तूर जारी है।  मजदूरों के बौखलाने पर ओबरा प्रशासन द्वारा दुशान परियोजना और बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक में यह तथ्य सामने आया कि जब तक दुसान के ठेकेदारों द्वारा बोर्ड के अधिकारियों को बेडशीट और पेमैंट स्लिप नहीं दी जाती है

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तब तक मजदूरों का पेमेंट होने में समस्या होती रहेगी। मजदूरों को कहना है कि ठेकेदार की लापरवाही और मनमाने रवाइये के चलते मजदूर काम रोककर हड़ताल करने को मजबूर है।

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CDO ने विकास भवन में स्थित विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण

HIGHLIGHTS

  • शनिवार को विकास भवन में स्थित विभिन्न कार्यालयों का सीडीओ किया निरीक्षण, 8 कर्मचारी अनुपस्थिति मिले।

सोनभद्र। मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गंगवार ने शनिवार को विकास भवन में स्थित विभिन्न कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किये, इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक मत्स्य, कौशल विकास, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला सहायक निबन्धक सहकारिता, जिला जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण कार्यालय सहित अन्य विभागों का आकस्मिक निरीक्षण किये।

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सुबह 10.10 बजे के निरीक्षण में पाया गया कि विभिन्न कार्यालय के 8 कर्मचारी अनुपस्थित रहें और विलम्ब से कार्यालय में आते रहें, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धितों को सचेत किया कि समय से पहले हर हाल में कार्यालय में उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि कार्यालय में समय से आने के बाद जन समस्याओं की सुनवाई करते हुए,

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जन मानस की समस्याओं का निस्तारण किया जाये, इस कार्य में किसी भी स्तर से शिथिलता व लापरवाही न बरती जाये अन्यथा की दशा में सम्बन्धित के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। इसके अतिरिक्त समस्त कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने कार्यालय की साफ-सफाई, अभिलेखों का रख-रखाव आदि व्यवस्थाओं को अपने देख-रेख में कराना सुनिश्चित करेंगें।

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निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्साधिकारी, अपर साख्यिकीय अधिकारी राजकरन गुप्ता, वरिष्ठ सहायक रामकरन सिंह यादव, कनिष्ठ सहायक कुलदीप कुमार भाष्कर, मत्स्य निरीक्षक सुनील कुमार पाल, वरिष्ठ सहायक विवेक कुमार सिंह, वरिष्ठ सहायक गोविन्द कुमार गुप्ता, ज्येष्ठ मत्स्य निरीक्षक राकेश कुमार ओझा अनुपस्थित रहें। निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी शेषनाथ चैहान, परियोजना निदेशक आर0एस0 मौर्या, जिला समाज कल्याण रमाशंकर यादव, डी0सी0 मनरेगा सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।

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बैंक मित्र शक्ति पाल ने जिले का बढ़ाया मान, बैंकिंग क्षेत्र में प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने पर किया गया सम्मानित

HIGHLIGHTS

  • सोनभद्र: बैंकिंग क्षेत्र में प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने पर  बैंक मित्र शक्ति पाल ने जिले का बढ़ाया मान



सोनभद्र|अटल पेंशन योजना को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को लीड बैंक की ओर से लखनऊ के एक रिसोर्ट में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लखनऊ लीड बैंक के आए उप महाप्रबंधक सची ने अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह व बैंक मित्रों की ओर से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण भी किया

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इस योजना में सोनभद्र जिले के रहने वाले शक्ति पाल ने अटल पेंशन योजना  कैंप में  बढ़ चढ़ हिस्सा लिया, इस कैंप में केनरा बैंक के बैंक मित्र ने उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया इस कैंप में दूसरा स्थान हासिल करने पर लखनऊ लीड बैंक के द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया

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वही दूसरे ओर इस कैंप में दूसरा स्थान हासिल करने पर क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी द्वारा शील्ड देकर सम्मानित किया गया,
क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी नवनियुक्त डी आर एम लंका लंकेश ने बताया ने बैंक की वित्तीय समायोजन से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी तथा अटल पेंशन योजना को प्रोन्नत करने के लिए विस्तृत रूप से चर्चा की।

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इसके साथ ही अच्छा कार्य करने वाले शाखा प्रबंधकों व बैक मित्रो को पुरस्कृत किया। इस कार्यक्रम में आयोजित डी आर एम लंका लंकेश, क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के डी एम राघवेंद्र सर, मनोज सिंह, विनय सिंह के साथ ओ पी सिंह, शिवानी सिंह के साथ क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के आधिकारी, अन्य शाखाओ के प्रबंधक व कर्मचारी मौजुद रहे

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उद्योग बंधु की बैठक में कौशल शर्मा ने जिले की स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवस्था पर उठाया सवाल

HIGHLIGHTS

  • सरकारी अस्पताल ही बीमार है और लोगों का जीवन राम भरोसे चल रहा है- कौशल शर्मा

सोनभद्र। शनिवार को जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने नवागत जिला अधिकारी का स्वागत करते हुए कहा कि जनपद सोनभद्र नीति आयोग के आकांक्षी जिलों में शामिल है जिसका उद्देश्य पिछड़े जिलों के विकास को गति देना एवं विकास के विभिन्न मापदंडों पर सुधार हेतु अग्रसर करना है

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नीति आयोग के आकांक्षी जिलों में जिन बिंदुओं पर सबसे ज्यादा जोर है उसमें स्वास्थ्य एवं शिक्षा प्रमुख है उन्होंने कहा कि जिले में लगभग 1429 गांव है और उनके बीच एकमात्र जिला अस्पताल में इलाज हेतु ग्रामीण जनता आती है परंतु सरकारी अस्पताल ही बीमार है और लोगों का जीवन राम भरोसे है

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उसमें से कुपोषण भी एक है उन्होंने कहा कि कई प्राइवेट अस्पतालों में  प्रसव के दौरान लापरवाही के कारण  जच्चा, बच्चा की मौत हो चुकी है जिला मुख्यालय के साथ  दुद्धी तहसील के एक निजी अस्पताल मे 15 जून को ओटी सील कर दिया गया था परंतु 2 जुलाई को उसी में प्रसव के बाद जच्चा बच्चा की मौत हो गई आश्चर्य जनक है की सील किये अस्पतालों में पुनः संचालन कैसे शुरू हो जाता है उन्होंने कहा स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में पहले से पंजीकृत 98 अस्पतालों को छोड़ भी दिया जाए तब भी जिले में अवैध अस्पतालों की संख्या करीब डेढ़ सौ से अधिक है निजी अस्पताल एवं क्लिनिक ऐसे हैं

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जिनका कहीं पंजीयन नहीं है बोर्ड पर किसी चिकित्सक का नाम लिखकर अस्पताल संचालित हो रहे हैं जबकि 50 बेड से कम क्षमता वाले अस्पतालों के पंजीकरण व नवीनीकरण हेतु नेशनल मेडिकल काउंसिल द्वारा जो मापदंड निर्धारित किया गया है उन मानकों को ज्यादातर प्राइवेट हॉस्पिटल पूरा नहीं करते  जिला महामंत्री प्रितपाल सिंह एवं नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन ने कहा कि जिले में हर घर नल जल योजना से 1317 गांव में पाइपलाइन बिछानी जानी थी अब तक आधे से भी कम गांव में पाइपलाइन बिछाई जा सकी है

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रिहंद जलाशय से सटे गांव मकराबारी, कुसुंम्हा, रासपहरी गोविंदपुर, गंभीरपुर, खैराही, बेलादह, बेलहत्थी आदि गांव में पानी में  फ्लोराइड, आयरन की मात्रा अधिक होने के कारण लोग फ्लोरोसिस रोग से ग्रस्त हो रहे हैं इन रोगों से हड्डियां कमजोर एवं गलने लगती है इस संबंध में यह भी उल्लेखनीय है कि 2022-23 में फ्लोरोसिस से  जहां 94 मामले प्रकाश में आए हुए जो 2023 24 में 48 मामले प्रकाश में आए।     

  

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वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल रवि जायसवाल राजू जायसवाल ने कहा कि बरसात के कारण संचारी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं परंतु जिला मुख्यालय पर नहीं एंटी लार्वा का छिड़काव नही कराया जा रहा है न हीं कीटनाशक दवाई ही छिड़की गई जबकि जिला खनिज निधि से 40000 मच्छरदानी स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हुई है परंतु धरातल पर कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा है उन्होंने कहा कि जिला

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चिकित्सालय के आसपास दलालों का जमावड़ा रहता है विगत 13 मई को मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में उपचार के लिए ले जाने को लेकर मारपीट भी हो चुकी है जिसकी प्राथमिकी  भी दर्ज है जिला जिला मंत्री शिवनाथ मेहता एवं
धर्मेंद्र प्रजापति ने कहा कि नगरवासी विगत एक दशक से सिटी अस्पताल की मांग कर रहे हैं जिला अस्पताल की शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूरी होने के कारण रात्रि में कोई साधन उपलब्ध नहीं हो पाता जिससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है जिला कोषाध्यक्ष शरद जायसवाल एवं कृष्णा सोनी  ने कहा कि सरकारी ब्लड बैंक में विभिन्न ब्लड ग्रुप की उपलब्धता के बारे में साइन बोर्ड पर विवरण प्रदर्शित करना आवश्यक है जिससे मरीजों के परिजनों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को त्वरित निर्णय लेने में मदद मिल सके एवं ब्लड बैंक में उपलब्धता की स्थिति को नियमित रूप से अपडेट करना भी आवश्यक है ताकि सही जानकारी हर समय पर उपलब्ध हो

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सके नगर मंत्री अमित वर्मा ,शिवम केसरी ,एवं जिला मंत्री नरेंद्र मोदनवाल ने कहा  कि जिले में 200 एलटी ग्रेड के और 25 लेक्चरर पद के रिक्त है शिक्षकों की कमी से जूझ रहे माध्यमिक विद्यालय की स्थिति अत्यंत दयनीय है जिले में 190 से अधिक माध्यमिक विद्यालय में 46 राजकीय हैं एवं 10 विद्यालय सरकार के अनुदान पर चलते हैं यदि पिछले तीन सालों में यूपी बोर्ड की 10वीं 12वीं जिला स्तरीय मेरिट सूची में देखा जाए तो सिर्फ एक छात्रा ने जगह बनाई इससे इतर 10 ऐडेड एवं अन्य विभिन्न विद्यालयों में सबसे ज्यादा प्रतिभाएं निकली है बैठक में मुख्य रूप से कौशल शर्मा, प्रितपाल सिंह, प्रशांत जैन ,रवि जायसवाल ,प्रदीप जायसवाल, राजू जायसवाल, राजेश जायसवाल, शरद जायसवाल, धर्मेंद्र प्रजापति ,नागेंद्र मोदनवाल, कृष्णा सोनी, शिवनाथ मेहता, प्रमोद कुमार गुप्ता,  अमित वर्मा ,प्रतीक केसरी ,शिवम केसरी, आदि लोग उपस्थित रहे

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मनाया गया 15 वां सीएससी दिवस

सोनभद्र।  सूचना एवं प्रौद्योगिकीय मंत्रालय भारत सरकार के उपक्रम कॉमन सर्विस केंद्र के 15 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय विकास सोनांचल उत्थान समिति के कार्यालय पर आनंद प्रकाश गुप्ता द्वारा संचालित कॉमन सर्विस सेंटर पर शनिवार को वार्षिक उत्सव धूमधाम से मनाया गया है, जिसमे मिठाई बांटते हुए और केक काटकर इस समारोह का आयोजन किया गया। इसी कार्यक्रम का मुख्य आयोजन सीएससी प्रदेश कार्यालय में भी संपन्न हुआ। 

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कॉमन सर्विस सेंटर के द्वारा विगत 15 वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सरकारी सेवाओं को आम जनमानस को प्रदान करने में अव्वल रही है। जिसमें डिजिटल साक्षरता, विभिन्न सरकारी योजनाएं जैसे आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन, E-श्रम किसान सम्मान निधि, आधार सेवा प्रमुख रहे, एवं भारत सरकार के  संख्याकी विभाग के द्वारा के द्वारा 7th  इकोनामिक सर्वे का कार्य भी CSC के द्वारा किया गया।

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कॉमन सर्विस सेंटर सोनभद्र के जिला प्रबंधक आशीष पांडे के द्वारा बताया गया कि CSC के 15 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले के 1000 से ज्यादा कॉमन सर्विस सेंटर पर सीएससी दिवस धूमधाम से मनाया गया।
सीएससी संचालक  आनंद गुप्ता के द्वारा सीएससी द्वारा मुफ्त में आभा कार्ड पंजीकरण किया गया।

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इस मौके पर महेश कुमार मिश्रा, चंदन सोनी , अभय कुमार, आर्यन वर्मा, प्रिया वर्मा ,अमन कुमार, रामबाबू गुप्ता , रोली सिंह, अनुपमा, दुर्गा कुमारी, आंचल कुमारी, प्रतिमा , साक्षी , पलक विश्वकर्मा एवं अन्य मौजूद थे।

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ग्रामीणों ने की अत्यधिक बारिश से किसानों के नुकसान के क्षतिपूर्ति की माँग

संतोष कुमार दयाल


म्योरपुर, सोनभद्र। म्योरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पडरी में अत्यधिक बरसात से  जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है लगभग 20 वर्ष बाद इतनी भयंकर बारिश होने के कारण ग्राम पंचायत पड़री के 80 आधे से अधिक किसानों के सरकारी व निजी बंधी और क्यारियाँ टूट कर बह गई तो कही सड़क टूटने से  दूसरे खेत से मिट्टी और पत्थर पट जाने से काफी नुकसान हुआ है

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जिससे किसान बहुत चिंतित है की आखिर इन्हें बांधा कैसे जाऐ किसान के पास इतना पैसा नहीं है कि लाखों रुपया लगा करके क्यारी में पड़े मिट्टी और पत्थर को हटवा करके उसमें तुरंत धान  की नर्सरी करके धान की रोपाई कर सके या रोपाई लायक क्यारियों को बना सकें जिससे किसान के सामने रोजी-रोटी का बहुत बडी समस्याऐं  खडी़ हो गई और गांव के तमाम पुलिया और कई जगह सड़के भी टूट गई है।

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हम जिलाधिकारी  का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जिलाधिकारी महोदय से यह मांग करते हैं की गांव के जो रोड और पुलिया बंधी टूटे हैं उन्हें अभिलंब मरम्मत कराते हुए आवागमन बहाल किया जाय तथा किसानों के समस्या को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें क्षतिपूर्ति की जाए/  युवा समाजसेवी जिला उपाध्यक्ष युवजन सभा अजय यादव , क्षेत्र पंचायत सदस्य दीनबंधु यादव, सन्त कुमार, अजय गौतम, उमाकान्त यादव, राम सुशील, राम अवध, लालता प्रसाद, दिनेश यादव इत्यादि ने  संबंधित अधिकारियों से जांच कराकर तत्काल मुआवजा दिये जाने की माँग की/

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खनन अधिकारी को ज्ञापन सौप कर नवनिर्माण सेना ने खनिज निधि से सड़क बनाने की मांग की

अजीत कुमार सिंह

सौनभद्र। राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद पटेल दयालु के नेतृत्व में एक महीने से लगातार तेलगुड़वा से लेकर कोन-कचनरवा रोड बनाने के लिए चलाए जा रहे मुहिम की कड़ी में जिला खनिज अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में कहा गया कि खनिज निधि से उक्त मार्ग का निर्माण कराया जाए।आनंद दयालु द्वारा कहा गया कि तेलगुड़वा से लेकर कोन तक की रोड विगत 13 वर्षों से नहीं बनी है। इस मार्ग से लाखों लोगों का आवागमन है, जो सरकार की छवि खराब करने जैसा है।

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इन क्षेत्रों में लगातार बालू खनन का कार्य होता है। साथ ही 10 किलोमीटर दूरी पर ग्राम पंचायत बिल्ली मारकुंडी और डाला में पत्थर खनन होता है। यहां से मात्र तीन किलोमीटर दूरी पर अल्ट्राटेक कंपनी है जिसके सीएसआर का पैसा भी रोड पर लगाया जा सकता है। पत्थर और बालू खनन का जिला खनिज निधि में अरबों रुपए बेकार में पड़ा हुआ है। अगर इस खनिज निधि से उक्त रोड बनना जनहित में होगा। यह रोड लगभग 35 किलोमीटर की है, जिसमें से 5 से 7 किलोमीटर की रोड बन चुकी है।

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लगभग 25 से 28 किलोमीटर की रोड बनना बाकी है। यह रोड झारखंड प्रदेश से भी मिलती है इसके बाद भी यह रोड नहीं बन पा रही है।उन्होंने बताया कि उपजिलाधिकारी को पत्र दिया गया था उपजिला अधिकारी ने अपनी कार्यवाही करते हुए जिला अधिकारी महोदय को पत्र अग्रसारित किया था।संघर्ष समिति का गठन कर लगातार हो रहा है प्रयास -7 जुलाई 2024 को राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना द्वारा तेलगुड़वा से लेकर कोन तक की रोड बनाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया। यह रोड जब तक नहीं बनेगी,

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तब तक संघर्ष जारी रहेगा। जुलाई 2024 को प्रथम चरण में तेलगुड़वा में हस्ताक्षर अभियान ,14 जुलाई 2024 को कोन में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें सैकड़ो लोगों ने अपना हस्ताक्षर किया। इसके बाद 16 जुलाई को सोनभद्र के जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया था।21 जुलाई को कोटा और सलैयाडीह में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया और विरोध प्रदर्शन भी हुआ।

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रोड नही बना तो होगा बड़ा आंदोलन-संघर्ष समिति ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह रोड अगर नहीं बनाई गई तो आने वाले दिनों में एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा जिसमें भूख हड़ताल, धरना प्रदर्शन शामिल होगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। आम आदमी को उसका अधिकार दिलाना ही राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना का उद्देश्य है।

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अतः तत्काल बजट दिया जाए जिससे रोड बन सके।सरकार की छवि बिगाड़ रहे कुछ अधिकारी आपको बताते चलें अंजनी पटेल प्रदेश अध्यक्ष,श्रमिक मंच अपना दल (एस) ने कहा कि सामाजिक संगठन राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना सड़क बनवाने हेतु लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की छवि को खराब कुछ अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है,

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जिसे बचाने की जिम्मेदारी आपकी है। चाहे जिस किसी भी प्रकार का धरना प्रदर्शन आंदोलन ना हो और आम आदमी को अच्छी रोड भी मिल जाए, यह जिम्मेदारी आप जैसे उच्च अधिकारियों की है।इस दौरान मुख्य रूप से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नागेश मनी पाठक, जनाब महताब आलम राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना, प्रदेश सचिव श्रमिक मंच अपना दल एस विनोद यादव, सिब्बू शेख प्रदेश प्रवक्ता, जिला अध्यक्ष संतोष कनौजिया, चंद्रशेखर सिंह, विकास कुमार गौड़, प्रवीण त्रिपाठी, अरुण पटेल, अंशु तिवारी, प्रदीप जी आदि लोग मौजूद रहे।

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कारगिल विजय दिवस सेना के वीर जवानों के शौर्य के अटूट संकल्प,अदम्य साहस का प्रतीक- कैप्टन नीरज अम्बा

HIGHLIGHTS

  • कारगिल विजय दिवस सेना के वीर जवानों के शौर्य के अटूट संकल्प,अदम्य साहस का प्रतीक – ग्रुप कैप्टन नीरज अम्बा
  • कारगिल विजय दिवस गौरव का दिन – विजय कुमार अपर महानिदेशक पीआईबी



वाराणसी। 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी बीएचयू एवं सीबीबी द्वारा रजत जयंती कार्यक्रम का आयोजन
वाराणसी,26 जुलाई,2024
कारगिल विजय दिवस  रजत जयंती के अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो, वाराणसी एवं 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी बीएचयू वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में  आयोजित रजत जयंती कार्यक्रम  को सम्बोधित करते हुए।

  मुख्य अतिथि कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन नीरज अम्बा ने कहा कि कारगिल विजय दिवस सेना के  वीर जवानों के शौर्य के अटूट संकल्प,अदम्य साहस का प्रतीक है। कारगिल के युद्ध में वीर जवानों ने कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों में पराक्रम की पराकाष्ठा का परिचय देते हुए दुश्मन की सेना को घुटने टेकने पर मजबूर किया और कारगिल में पुन: तिरंगा लहराकर देश को गौरवान्वित किया। आज हम उन वीर जवानों को नमन करते हैं  कारगिल युद्ध में स्वयं योग दान देने बाले नीरज अम्बा ने कहा कि हमारे लिए आज गौरव का दिवस हैl

इस अवसर पर पत्र सूचना कार्यालय ( पी आई बी ) और केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी ) लखनऊ के अपर महानिदेशक निदेशक श्री विजय कुमार  ने  ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव, राइफलमैन संजय कुमार, कैप्टन मनोज कुमार पांडे और कैप्टन विक्रम बत्रा की शहादत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि  आने वाली पीढी उनसे प्रेरणा लेकर अपनी मातृभूमि के लिये सर्वस्व न्यौछावर करने को तैयार रहेगी ।

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उन्होंने कहा कि आज का यह गौरवपूर्ण दिवस भारत के वीर जवानों के अद्वितीय शौर्य, पराक्रम और निष्ठा की अमिट गाथा का साक्षी है।
अपनी वीरता और बलिदान से मातृभूमि की रक्षा करने वाले शूरवीरों को  हम कोटि -कोटि नमन करते हैं
इस अवसर पर एन सी सी  कैडेटों ने रैली निकाली  पोस्टर पेंटिंग एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई लिए पोस्टर प्रतियोगिता में दीक्षा सिंह, को प्रथम, अंकिता को द्वीतीय और सिद्धि उपाध्याय एंव राज सोनकर को तृतीय स्थान मिला विजेताओं  को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया लिए, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में शिवम, अंकिता, विजया पाण्डेय, प्रशांत कुमार,, उमंग, लोकेश, संधना, प्रियांशु और शाश्वत रघुवंशी  विजेता रहेलिए
कार्यक्रम को प्रो बाला लखेद्र, ने भी सम्बोधित किया  इस अवसर पर एयर क्रॉफ्ट का उड़ान कर प्रदर्शन किया गया l
कार्यक्रम का संचालन एम डब्लू ओ,एजूटेन्ट दिनेश कुमार मिश्र और क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी डा. लालजी  ने किया लिए कार्यक्रम में सहायक एनसीसी ऑफिसर प्रो. पीपी सोलंकी  सहायक एजूटेन्ट डी के  यादव, पीआईबी  के मिडिया एवं संचार अधिकारी प्रशांत कक्कड सहित  7 यूपी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी बीएचयू  अनुदेशक सहित अनेक लोग उपस्थित रहेl

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