वर्षो से बार कौंसिल द्वारा की जा रही मनमानी पर लगी रोक
संयुक्त अधिवक्ता महासंघ ने अधिवक्ता पंजीयन शुल्क पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
सोनभद्र। नए अधिवक्ताओं के पंजीयन में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का संयुक्त अधिवक्ता महासंघ ने स्वागत किया है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने कहा है कि नए अधिवक्ताओं का बार कौंसिल में पंजीयन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है वो बहुत ही सराहनीय और स्वागत योग्य है।
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संयुक्त अधिवक्ता महासंघ इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के प्रति आभार व्यक्त करता है क्योंकि इस फैसले से विगत कई वर्षों से अधिवक्ताओं से राज्यों की बार कौंसिल द्वारा पंजीयन के Aनाम पर मनमानी शुल्क लेने पर रोक लग गई है। इस फैसले से वकालत के क्षेत्र में आने वाले हजारों आर्थिक रूप से कमजोर अधिवक्ताओं को पंजीयन कराने में बहुत बड़ी सुविधा प्राप्त हो गई है
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क्योंकि बार कौंसिल द्वारा पंजीयन के रूप में पंद्रह से बीस हजार तक की फीस लेने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर छात्र एल एल बी की डिग्री लेने के बाद भी अधिवक्ता के रूप में पंजीयन नही करवा पाते थे पर अब इस फैसले से ऐसे नए अधिवक्ताओं को वकालत के क्षेत्र में आने में अब काफ़ी राहत मिल गई है। श्री मिश्र ने बताया की एडवोकेट एक्ट की धारा 24 के अंतर्गत तय की पंजीयन फीस से अधिक फीस लेना गलत है
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और इस नियम के अंतर्गत सामान्य वर्ग से मात्र 750 रुपए एवम इसके अलावा अन्य वर्ग से केवल मात्र 125 रुपए ही लिया जाना चाहिए जबकि राज्यों की बार कौंसिल द्वारा विगत कई वर्षों से पंजीयन के नाम पर हजारों रुपए वसूला जा रहा था। जिस पर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बार कौंसिल द्वारा मनमानी पंजीयन फीस वसूली पर पूरी तरह रोक लगा दिया है जिसका सम्पूर्ण अधिवक्ता समाज दिल खोलकर स्वागत कर रहा है।
सीडब्ल्यूसी कार्यालय विकास भवन में बैठक बुलाकर तैयार की गई नशे के विरुद्ध कार्य योजना
सोनभद्र। मंगलवार को विकास भवन स्थित सीडब्ल्यूसी कार्यालय में बैठक कर नशा को रोकने एवं छोटे बच्चों तक इसकी पहुंच को रोकने तथा बच्चों को नशा मुक्त बनाने हेतु प्रभावी कार्य योजना बनाया गया। यह मीटिंग मंडल आयुक्त कार्यालय जनपद मिर्जापुर में बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ० देवेंद्र शर्मा एक्स टीके तत्वावधान में हुई समीक्षा बैठक के दिशा निर्देशों पर आधारित थी।
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बताते चलें की बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ शर्मा द्वारा निर्देशित किया गया है कि जनपद के समस्त स्कूलों के आसपास कोई भी नशे की दुकान नहीं रहेगी, आसपास जो अन्य जनरल स्टोर आदि रहेंगे उनको बच्चों को नशीले पदार्थ बेचने से प्रतिबंधित किया जाएगा।
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इसके संबंध में सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष अखिल नारायण देव पांडे द्वारा मीटिंग में बताया गया कि जनपद में *एक युद्ध नशे के विरुद्ध* अभियान चलाकर उपरोक्त बिंदुओं पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी ।मीटिंग में प्रभारी थाना एएचटी रामजी यादव द्वारा बताया गया कि जनपद में बच्चो के बेहतर भविष्य के लिए बच्चो को नशे की लत से बचाना होगा और इसके लिए हम सब प्रतिबद्ध है।
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ओआरडब्ल्यू शेषमणि दुबे द्वारा बताया गया कि इन प्रमुख बिंदुओं पर कार्य योजना तैयार कर प्रभावी कार्यवाही कराए जाने हेतु रणनीति तैयार कर ली गई है। आज की बैठक में अहम निर्णय लिए गए है। जल्द ही इसके दिशा निर्देशों को अमल में लाया जाएगा तथा अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।बैठक में बाल कल्याण समिति से अध्यक्ष अखिल नारायण देव पाण्डेय,सदस्य अमरेश चंद्र पाठक, रंजना चौबे, मांडवी सिंह,
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थाना मानव तस्करी रोधी से रामजी यादव मुख्य आरक्षी धनंजय यादव, अमन द्विवेदी ,जिला बाल संरक्षण इकाई से संरक्षण अधिकारी रोमी पाठक, गायत्री दुबे सामाजिक कार्यकर्ता आकांक्षा उपाध्याय,वीणा राव, ओ आर डब्लू शेषमणि दुबे, चाइल्ड हेल्प लाइन से प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर नीलू यादव काउंसलर अमन सोनकर सुपरवाइजर धर्मवीर सिंह ,सुधा गिरी, केस वर्कर सीमा शर्मा, अनिल यादव रविन्द्र आदि उपस्थित रहे
प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र भाई पटेल ने (उपसा)के प्रभारी शिवलाल यादव को सोनभद्र की समस्याओं को अवगत कराया
मनीष चौबे
सोनभद्र। बग़्घानाला के पास दोनों पुल को प्रारम्भ करने व शक्तिनगर मार्ग के बीच बने सभी फ़्लाई ओवर के ऊपर सुरक्षा जाली लगाने, बरसात के पानी की निकासी, ज़ेब्रा क्रासिंग, शौचालय, ब्रेकर पर रिफ़्लेक्टर लगाने एवं सुविधा के अनुसार हो टोल लिया जाये इन सभी विषयों के लिए शिकायत कर उपसा प्रभारी को अवगत कराया। दिए गए पत्र में लिखा है कि 25 जून 2024 को निम्नलिखित समस्याओं को पत्र देकर आपको अवगत कराया गया था कि नरायनपुर (मीरजापुर) से हाथीनाला (सोनभद्र) राज्यमार्ग पूर्वांचल के प्रमुख राज्यमार्ग में से एक है।
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राज्य मार्ग में नागरिकों को किसी प्रकार की जनसुविधा नहीं है परन्तु प्रतिवर्ष बढ़ रहे टोल टैक्स से सामान्य व्यक्तियों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, टैक्स को जनहित में कम करना अति आवश्यक है और निम्नलिखित बिन्दुओं पर आपका ध्यान आकृष्ट कराना है जो आम जनमानस के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
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वाराणसी शक्तिनगर मार्ग के बीच सोन नदी के ऊपर एक ही पुल चल रहा है। प्रशासन से वार्ता के पश्चात पुराने पुल को कभी कभी मात्र दो पहिया और चार पहिया के लिए ही खोला जाता है भारी वाहन उस पर से आ-जा नहीं सकता है।बग्घा नाला (डाला वैष्णो देवी मंदिर के पास) हाइवे के दोनों तरफ फ्लाई ओवर बनाना है
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जबकि एक ही पुल बना है, दूसरा काम चल रहा है और जो पुल बना है उसमें भी दरार पड़ चुके हैं।वाराणसी शक्तिनगर मार्ग पर ज्यादा स्थानों से ब्रेकर गायब हैं और जहां ब्रेकर है वहां रिफ्लेक्टर भी नहीं है, जिससे रात में चालकों को ब्रेकर नजर नहीं आता है और आये दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
भारतीय संविदा श्रमिक संगठन की खुली बैठक अंबेडकर चौराहे पर नवाज खान की अध्यक्षता में आयोजित ।
भारतीय संविदा श्रमिक संगठन का पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर चुनाव हुआ संपन्न
अध्यक्ष-नवाज खांन एवं महामंत्री- नागेन्द्र प्रताप चौहान को बनाये जाने पर संगठन के कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल
अजीत कुमार सिंह
ओबरा, सोनभद्र। भारतीय संविदा श्रमिक संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्यों द्वारा पूर्व में प्रथम बैठक कर पुरानी कार्यकारणी को भंग कर दिया गया था एवं द्विवार्षिक चुनाव एवं नई कार्यकारणी के गठन हेतु आज अम्बेडकर चौराहे पर सदस्य नवाज खान की अध्यक्षता में खुली मजदूर सभा का आयोजन किया गया,
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सभा को सम्बोधित करते हुए संगठन के महामंत्री श्री नागेन्द्र प्रताप चौहान ने सर्व प्रथम सभा में उपस्थित सदस्य एवं मजदूर साथियों को संगठन के विधान से सभी को अवगत कराने हेतु उसकी प्रति पढ़ कर सुनाई फिर कहा कि, अपर श्रमायुक्त के आदेश के अनुपालन एवं संगठन के विधान अनुसार द्विवार्षिक संगठन के चुनाव हेतु पदाधिकारी एवं सदस्यों द्वारा इस खुली मजदूर सभा का आयोजन किया गया है,
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जो भी सदस्य संगठन में पदाधिकारी पद के चुनाव हेतु भाग लेना चाहता है वो ले सकता है, चुनाव के इस सभा में आप सभी अपने संगठन के अध्यक्ष, महामंत्री एवं अन्य पदाधिकारियों के नाम के उद्धघोष पर अपने मत की स्वीकृति अपना हाथ उठा कर देंगे ,इसी क्रम में सभा की कार्यवाही आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि, संगठन के चुनाव में भाग लेने हेतु सदस्यों द्वारा निम्नलिखित पदों पर आवेदन किया गया, अध्यक्ष हेतु- नवाज खान, उपाध्यक्ष हेतु- निठुरी प्रसाद , किशन सिंह, महामंत्री हेतु- नागेन्द्र प्रताप चौहान, संयुक्त मंत्री हेतु- अशोक सिंह, संगठन मंत्री हेतु- राजू यादव, कोषाध्यक्ष हेतु- इमरान खान , सदस्यों द्वारा पदाधिकारियों के नाम के उद्धघोष पर हाथ उठाकर सर्व सम्मति से पदाधिकारी निर्वाचित किया गया।
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आपके द्वारा निर्वाचित पदाधिकारी एवं सदस्य संगठन की नई कार्यकारणी के गठन का प्रस्ताव करेंगे , तैयार प्रस्ताव पर आप सभी के हस्ताक्षर के पश्चात् संगठन की नई कार्यकारणी एवं नव निर्वाचित पदाधिकारियों की सूचि आवश्यक एवं अग्रिम कार्यवाही हेतू अपर श्रमायुक्त को प्रेषित की जायेगी ताकि, उनके द्वारा दिए गये आदेश का अनुपालन किया जा सके।
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इसी क्रम में संगठन के नव निर्वाचित उपाध्यक्ष – श्री निठुरी प्रसाद एवं किशन सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि, भारतीय संविदा श्रमिक संगठन विगत 6 वर्षों से मजदूरों के हक एवं अधिकार के लिए संघर्ष करता आ रहा है और नव निर्वाचित अध्यक्ष – श्री नवाज़ खान के नेतृत्व एवं दिशा-निर्देशों पर यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
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इसी क्रम में संयुक्त मंत्री – अशोक सिंह ने कहा कि, ओबरा सी परियोजना में जिस तरह से श्रमिकों से काम कराने के पश्चात कम्पनिया मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं कर रही है यह उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है, इस मामले को राज्य मानवाधिकार आयोग अपने संज्ञान में लेते हुए उक्त कम्पनियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करें।
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इसी क्रम में संगठन के नव निर्वाचित अध्यक्ष – नवाज खान ने कहा कि यह संगठन मजदूरों का है, यह संगठन हर पीड़ित एवं शोषित मजदूर की आवाज उठाने का कार्य करेगा, मैं इस मजदूर सभा के माध्यम से दूसान कम्पनी को चेता देना चाहता हूँ कि, जिस भी किसी कम्पनी के मजदूरों के बकाया वेतन का भुगतान नहीं हुआ है
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उनके बकाया वेतन का भुगतान तत्लाक कराया जाए , बकाया मजदूरी की मांग को लेकर श्रमिकों में भारी असंतोष व्याप्त है, संगठन बहुत जल्द मामले में कार्यवाही सुनिश्चित करेगा, इसी क्रम सभा के समाप्ति की घोषणा करते हुए अध्यक्ष द्वारा सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं सभी सदस्य और मजदूर भाइयों को संगठन के चुनाव में सम्मिलित होने हेतु आभार प्रकट किया, इस दौरान आनंद कनौजिया, अजय कुमार साहनी,चन्दन जैसवाल,सुनील पाल,विजय उरांव ,उमेश कुमार सिंह, राम चन्द्र बैठा, राहुल , उत्तम कुमार ,सलीम अहमद, संजय गुप्ता एवं अन्य सैकड़ों श्रमिक इस मजदूर सभा में उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत का होगा आयोजन 14 सितम्बर र्का-सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
अधिक से अधिक उपयुक्त प्रकरणों का किया जायेगा निस्तारण-सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
सोनभद्र। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलेन्द्र यादव (अपर जनपद न्यायाधीश) की अध्यक्षता में लोक अदालत के आयोजन के सम्बन्ध में जनपद न्यायालय के ए०डी०आर० भवन के विश्राम कक्ष में बैठक की गयी,
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बैठक के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलेन्द्र यादव (अपर जनपद न्यायाधीश) ने उपस्थित अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली से निर्देशानुसार मा० जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र द्वारा 14 सितम्बर, 2024 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
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जनपद न्यायालय एवं वाह्य न्यायालय ओबरा एवं दुद्धी के प्रांगण में तथा घोरावल एवं राजस्व सम्बन्धी वादों के लिए लोक अदालत का आयोजन सभी राजस्व न्यायालय परिसर में आयोजित किया जाना है, उपरोक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निस्तारण के सम्बन्ध में सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर प्रभावी तैयारी कर लें,
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उन्होंने बताया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक उपयुक्त प्रकरणों के निस्तारित करने का निर्देश दिया गया, इस निमित्त उनके अपेक्षा की गयी कि वे समस्त प्रशासनिक विभागों व अनुभागों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करें। बैठक में उपायुक्त उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन अधिकारी आर०पी० गौतम, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, डी०सी० मनरेगा एवं प्रभारी जिला सूचना अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।
नागिन की तरह एक लड़की की हरकत करने पर गांव में हो रही चर्चा
कोन, सोनभद्र। थाना क्षेत्र के रानीडीह पुलिस चौकी अन्तर्गत गुप्ता धाम गुफा में शंकर जी की स्थापना बहुत पुरानी है। इसी क्रम में बतातें चलें कि शिवरात्रि के दिन मेला का आयोजन होता है इस धाम पर शंकर भगवान की पूजा पाठ करते हैं जगह-जगह से लोग आकर दर्शन पूजा पाठ करते हैं।
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वहीं कुछ दिन बीतते ही श्रावण मास के दूसरे सोमवार को एक नागिन रूपी एक लड़की का दर्शन होते ही गांव में चर्चा की विषय बन गया। जानकारी के अनुसार झारखंड राज्य के करीवाडीह खरौंधी क्षेत्र की एक लड़की घर से लगभग दो-तीन महीने से गायब थी जिससे घरवालों ने उक्त लड़की को ढूढने का बहुत ही प्रयास किया गया किंतु वह नहीं मिल सकी।
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लोगों ने बताया कि दो-तीन दिन पहले घर वाले के सपने में आकर उस लड़की के द्वारा बोला गया कि मैं गुप्ता धाम ही हूं आप लोग अखंड कीर्तन करके आप हमें अपने घर ले जा सकते हैं। इसके बाद उनके घर वाले गुप्ता धाम गुफा के अंदर प्रवेश कर देखा गया किंतु वहां वह लड़की नहीं पाई गई इसके बाद वहां रविवार की रात्रि से कीर्तन किया गया जो रात्रि में वह लड़की गुफा के मुख्य द्वार पर नागिन की तरह हरकत करते हुए देखा गया और बाहर निकली बाहर आते ही कीर्तन कर रहे लोग डर गए घर के ही कुछ सदस्यों द्वारा उसे पहचान किया गया जिससे जो लड़की घर से लापता थी वही लड़की इस भेष में निकली थी।
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जिससे यह खबर सुनते ही आसपास के लोग देखने के लिए भीड़ इकट्ठा होने लगी जिससे कुछ लोगों द्वारा वीडियो बनाकर वायरल कर दिया गया धीरे-धीरे भीड़ बढ़ती गई आसपास के लोग देखने के लिए आने लगे सोमवार का दिन था जल चढ़ाने के लिए भी लोग इकट्ठा सुबह से ही होने लगे। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि यह लड़की पंछी की भेष में आई थी जो 3 महीने से गुफा के अंदर ही थी और वहीं दूसरी ओर पुजारी द्वारा बताया गया कि गुफा के अंदर घंटी की आवाज आती थी लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाता था की कोई इस गुफा के अंदर है।
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पुजारी गुफा में रोज जाता आता रहता था यह सुनकर ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना हुआ है लड़की को घर वालों ने गाजे बाजे के साथ अपने घर ले आये और घर पहुँचते ही अनेक मंदिरों में पूजा अर्चना कर घर में प्रवेश कराया गया। वही सुबह मंगलवार को फिर से गुप्ता धाम लगभग 10:00 बजे पूजा अर्चना के लिए लड़की चली गई उसके साथ उनके घर वाले भी गए लड़की द्वारा बताया गया कि सोमवार और मंगलवार को हम इसी धाम पर रहेंगे बाकी दिन घर पर रहेंगे। मंदिर पर पूजा अर्चना करते रहेंगे।
सड़कों की मरम्मत, गढ्ढा मुक्ति, साइनेज बोर्ड दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत में लाये तेजी-जिलाधिकारी
सोनभद्र। जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को सड़क सुरक्षा सम्बन्धी बैठक की गयी, बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने हेतु जनमानस को जागरूक किया जाये और दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र की सड़कों को गढ्ढा मुक्त करते हुए सड़कों की मरम्मत की जाये, उन्होंने कहा कि ओवरलोड वाहनों व बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाने वाले की जाॅच एआरटीओ,
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पुलिस विभाग आपस में समन्वय स्थापित करके अभियान चलायें, उन्होंने टोल प्लाजा से होकर जाने वाली सड़कों के गढ्ढों को गढ़्ढा मुक्त किया जाये, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये, उन्होंने कहा कि राबर्ट्सगंज नगर पालिका परिषद सोनभद्र में स्थित ओवरब्रिज के नीचे खाली पड़े स्थानों पर सौन्दर्यीकरण हेतु क्या कार्य किये जा सकते हैं, उसके सम्बन्ध में कार्ययोजना बनायी जाये, जिससे कि नगर पालिका क्षेत्र स्वच्छ और सुन्दर दिखें,
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बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता को सड़कों की मरम्मत और सड़कों के किनारे साईनेज बोर्ड लगाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दियें, उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को बेहतर ईलाज मिल सके और उसका जीवन सुरक्षित हो सके, इसके लिए बेहतर कार्ययोजना स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनायी जाये और एम्बुलेंस की संख्या को बढ़ाया जाये,
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उन्होंने ए0आर0टी0ओ0 को निर्देशित करते हुए कहा कि गाड़ियों का फिटनेस की जाॅच समय-समय पर की जाये और ड्राइवरों के आंखों की जाॅच हेतु कैम्प लगवाया जाये। उन्होंने कहा कि विद्यालय में संचालत होने वाली वाहनों की नियमित रूप से जाॅच की जाये और ड्राइवर और कन्डेक्टर की आंखों का परीक्षण भी कराया जाये,
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इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 अश्वनी कुमार, ए0आर0टी0ओ0 राजेश्वर यादव,धनवीर यादव, अधिशासी अभियन्ता निर्माण खण्ड, अधिशासी अभियन्ता प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, सड़क सुरक्षा से जुड़े सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।
सड़कों की मरम्मत, गढ्ढा मुक्ति, साइनेज बोर्ड दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत में लाये तेजी-जिलाधिकारी
सोनभद्र। जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को सड़क सुरक्षा सम्बन्धी बैठक की गयी, बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने हेतु जनमानस को जागरूक किया जाये और दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र की सड़कों को गढ्ढा मुक्त करते हुए सड़कों की मरम्मत की जाये, उन्होंने कहा कि ओवरलोड वाहनों व बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाने वाले की जाॅच एआरटीओ,
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पुलिस विभाग आपस में समन्वय स्थापित करके अभियान चलायें, उन्होंने टोल प्लाजा से होकर जाने वाली सड़कों के गढ्ढों को गढ़्ढा मुक्त किया जाये, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये, उन्होंने कहा कि राबर्ट्सगंज नगर पालिका परिषद सोनभद्र में स्थित ओवरब्रिज के नीचे खाली पड़े स्थानों पर सौन्दर्यीकरण हेतु क्या कार्य किये जा सकते हैं, उसके सम्बन्ध में कार्ययोजना बनायी जाये, जिससे कि नगर पालिका क्षेत्र स्वच्छ और सुन्दर दिखें,
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बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता को सड़कों की मरम्मत और सड़कों के किनारे साईनेज बोर्ड लगाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दियें, उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को बेहतर ईलाज मिल सके और उसका जीवन सुरक्षित हो सके, इसके लिए बेहतर कार्ययोजना स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनायी जाये और एम्बुलेंस की संख्या को बढ़ाया जाये,
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उन्होंने ए0आर0टी0ओ0 को निर्देशित करते हुए कहा कि गाड़ियों का फिटनेस की जाॅच समय-समय पर की जाये और ड्राइवरों के आंखों की जाॅच हेतु कैम्प लगवाया जाये। उन्होंने कहा कि विद्यालय में संचालत होने वाली वाहनों की नियमित रूप से जाॅच की जाये और ड्राइवर और कन्डेक्टर की आंखों का परीक्षण भी कराया जाये,
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इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 अश्वनी कुमार, ए0आर0टी0ओ0 राजेश्वर यादव,धनवीर यादव, अधिशासी अभियन्ता निर्माण खण्ड, अधिशासी अभियन्ता प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, सड़क सुरक्षा से जुड़े सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।
शिवालयों में जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं की सुख समृद्धि की कामना
मंदिरों में रही भक्तों की भारी भीड़
हर हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजयामान हो गया सोनभद्र जिला
सोनभद्र। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को सोनभद्र जनपद बोलबम और हर हर महादेव के जयकारो से भक्तिमय हो गया। इस दौरान जिले के शिवालयों में भारी भीड़ देखने को मिली। गुप्तकाशी का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले शिवद्वार में हजारो की संख्या में कांवरियों एवं श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन पूजन करने पहुंचे।
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वही इसको देखते हुए मंदिर परिसर में भारी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे और जगह-जगह बैरियर स्थापित किए गए हैं। गुप्तकाशी में रविवार की शाम से ही विजयगढ़ दुर्ग स्थित राम सरोवर एवं मिर्जापुर के बैरिया घाट गंगा नदी से जल लेकर कांवरियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
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बोल बम, बोल बम के जयकारे से समूचा इलाका भक्तिमय हो गया है। कांवरियों के सुरक्षा में तैनात सेक्टर पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहे।
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उधर श्रावण मास के पहले सोमवार को राबर्ट्सगंज नगर में स्थित वीरेश्वर महादेव मंदिर, दुग्धेश्वर महादेव मंदिर, शोभनाळा मंदिर, नल राजा महादेव, बरैला, गौरीशंकर, कंडाकोट पंचमुखी, सोभनाथ महादेव, रेणुकेश्वर महादेव, घिवही शिव मंदिर समेत सहित अन्य शिव मंदिरों में हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच श्रद्धालुओं ने शिवलिंग में जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने शिवालयों में गंगाजल, दूध, दही से जलाभिषेक कर बेलपत्र, चावल व पुष्प से भगवान शिव की पूजा की। वहीं मंदिरों के आसपास माला-फूल, प्रसाद की दुकानें भी सज गई है।
श्री मद्भागवत गीता में भगवान श्री कृष्ण ने संसार को दुःखालयम् अशाश्वतम् कहा है यानि संसार दुःखों का घर है और शाश्वत नहीं है। ये हर क्षण बदलता रहता है। आमतौर पर लोग समझते हैं कि दुःख पाप के कारण होता है या फिर भगवान के कोप के कारण लेकिन ये पूर्णतः सत्य नहीं है। भगवान तो कृपानिधान है फिर वो किसी पर रुष्ट क्यों होंगे और दुःख क्यों देंगे।
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मनुष्य स्वयं ही अपने कर्मों से अपने दुःखों का कारण बनता है।दुःख क्या है- दुःख सामान्य रूप से मन की वह अवस्था है जो आपके किसी कार्य के अपेक्षित परिणाम ना मिलने के कारण होता है। दुःख कितने प्रकार का है- शास्त्र के अनुसार दुःख तीन प्रकार के माने गए हैं। १. आध्यात्मिकः इसके अंतर्गत शारीरिक दुःख जैसे रोग, चोट, आघात, इत्यादि और मानसिक दुःख जैसे चिंता, अपमान, क्रोध, भय, शोक इत्यादि आते हैं।
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२. आधिभौतिकः ये वे दुःख है जो किसी भौतिक कारणों से होते हैं जैसे साँप, मच्छड़ आदि के काटने। उदाहरण के लिए, अगर आपके घर की बिजली चली गई और आप गर्मी से परेशान हैं तो उस कारण से होने वाला दुःख । ३.अधिदैविकः जो दुःख प्राकृतिक शक्तियों के कारण होता है, जेसे, आँधी, वर्षा, बज्रपात, शीत, ताप इत्यादि। इन्हीं तीनों को रामचरितमानस में दैहिक, दैविक और भौतिक ताप कहा गया है। दुःख को ताप कहने का कारण है कि ये आपको जलाता रहता है। ये दुःख हमारे शारीरिक और मानसिक कर्मों के फल होते हैं।
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दुःख का मूलभूत कारण क्या है। महर्षि पतंजलि ने योग सूत्र 2.3 में पांच क्लेशों का उल्लेख किया है”अविद्या-अस्मिता-राग-द्वेष-अभिनिवेश-क्लेश जो जीवन में हमारे सभी दुखों के लिए जिम्मेदार हैं। जो शाश्वत नहीं है उसे शाश्वत मानना अविद्या है। असत्य को सत्य मानना अविद्या है। अनित्य को नित्य मानना अविद्या है।उदाहरण के लिए हम अपने शरीर को नित्य मान लेते हैं, हालाँकि जन्म से मृत्यु पर्यन्त ये प्रतिक्षण बदलता रहता है।
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सत्य ये है कि जब जन्म हुआ है तो मृत्यु अवश्य होगी। लोग अपने बारे में भी एक धारणा बना लेते हैं कि मैं ऐसा हूँ या में वैसा हूँ । जैसे मैं बहुत बड़ा अभियंता, डाक्टर या कोई पदाधिकारी हूँ, ये सब अविद्या ही है। वास्तव में हमें पता ही नहीं कि हम क्या हैं। अपने बारे में एक निश्चित धारणा हमें तबाह कर देती है और दुःख के गहरे कुएँ में ढकेल देती है। अस्मिता एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ होता है अहंकार। मनुष्य में होनेवाला यह ज्ञान या धारणा कि “मैं हूँ” या “मैं करता हूँ” तथा “मेरी औरों से पृथक एवं स्वतंत्र सत्ता है”। ये अहं भाव ही अस्मिता है।
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आत्मा और चित्त / बुद्धि को एक मान लेना ही अस्मिता है। जब किसी व्यक्ति में अहं भाव उत्पन्न हो और दूसरा व्यक्ति उसके अनुसार कोई काम न करें तो पहले व्यक्ति को उसके अहंकार के चलते दुःख प्राप्त होगा। दुःख का तीसरा कारण राग है। किसी भी पदार्थ या व्यक्ति विशेष के प्रति आसक्ति या प्रेम होने को राग कहते है। इसके लिए महर्षि पतंजलि ने कहा है” सुखानुशयी रागः” अर्थात् राग सुख का अनुसरण करता है। उदाहरण के लिए अगर आपको किसी व्यक्ति या वस्तु के साथ सुख की अनुभूति होती है तो आपको उसके साथ राग उत्पन्न हो जाएगा।
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जब वह व्यक्ति या वस्तु आपके पास नहीं होगा तो आपको दुःख प्राप्त होगा। दुःख का चौथा कारण द्वेष है। द्वेष का अर्थ होता है घृणा या अत्यधिक कटुता। महर्षि पतंजलि के अनुसार द्वेष दुःख का अनुसरण करता है ” दुखानुशयी द्वेषः”। जैसे किसी कार्य को करने से आपको दुःख की अनुभूति हुई तो उस कार्य को आप नहीं करना चाहेंगे और उस कार्य से आपको घृणा हो जाएगी। “राग-द्वेष” एक द्वैत का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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ये हमें विभिन्न दिशाओं में खींचते हैं-स्वीकृति और अस्वीकृति। सबसे बड़ी बात यह है कि वे केवल वैकल्पिक नहीं होते बल्कि वे एक- दूसरे में बदल भी जाते हैं। जो हमें एक पल में पसंद होता है,वह दूसरे पल में नापसंद हो सकता है, और इसके विपरीत भी। दुःख का पाँचवाँ कारण अभिनिवेश है। जब किसी भी व्यक्ति को अपनी मृत्यु का भय सताने लगे या वह अपनी मृत्यु से भयभीत हो जाये उसे ही अभिनिवेश कहते हैं।उपरोक्त सभी क्लेश हमारे जीवन में दुःखों को उत्पन्न करते हैं।गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कामना को ही पाप का कारण बताया है। संसारमें जितने भी दुःखी हैं, उन सबका कारण एक कामना ही है। कामना प्रत्येक अवस्था में दुःख का अनुभव करती रहती है-जैसे धन के न होने पर धन प्राप्त करने की लालसा का दुःख, धन प्राप्त करने लिए ग़लत काम करना और उसके कारण उत्पन्न होने वाले तनाव का दुःख, धन मिल जाने पर उसके रखने या चोरी होने की चिन्ता का दुःख और धन ख़त्म होने पर अभाव का दुःख होता है। अब महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि दुःख से छुटकारा कैसे मिले।
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प्राणिमात्र की प्रवृत्ति का एकमात्र लक्ष्य तो सुख की प्राप्ति और दुःख का निवारण ही तो है। हम सुख चाहते हैं और उसके प्राप्ति के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहते हैं फिर भी वह प्राप्त नही होता। इसके उलट हम दुःख नहीं चाहते और उससे बचने की चेष्टा भी करते हैं फिर भी हम दुखी रहते हैं। दुःख से उद्विग्न रहकर सुख की कामना करते रहना ही हमारा स्वभाव है। अब इस परिस्थिति से कैसे निकला जाये, इसकी चर्चा अगले अंक में: