जिले में फिर चला तबादला एक्सप्रेस, कई चौकी इंचार्ज हुये इधर से उधर

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सोनभद्र पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने ला एंड आर्डर बनाए रखने के लिए कई दरोगाओं को किया इधर से उधर



वंश नारायण राय बागेसोती चौकी इंचार्ज बनाए गए

चंद्रभान सिंह सुकृत चौकी इंचार्ज बनाए गए

सुकृत चौकी इंचार्ज रहे अरविंद गुप्ता गैर जनपद गए

रेणुकूट चौकी इंचार्ज रहे राजेश सिंह रेनुसागर चौकी इंचार्ज बनाए गए

रेनुसागर चौकी इंचार्ज रहे मनीष द्विवेदी गैर जनपद गए

सर्विलांस प्रभारी रहे राजेश जी चौबे रेणुकूट चौकी इंचार्ज बनाए गए

नागेश सिंह सर्विलांस प्रभारी बनाए गए

एसआई संजय सिंह एडिशनल एसपी पेशी बनाए गए

दुद्धी एसआई मक्खनलाल साइबर थाना गए

एसआई राजेश सिंह सीओ नगर पेशी बनाए गए

एसआई विरेन्द्र राय रामपुर बरकोनिया गए

एसआई अशोक सिंह अनपरा गए

एसआई राजेश पांडेय दुद्धी गए

एसआई शिव प्रकाश सिंह पन्नूगंज गए

एसआई राम ज्ञान सिंह यादव घोरावल गए

एसआई अशोक तिवारी घोरावल गए

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शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण तरीके किया जाए: रूबी प्रसाद

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  • सम्भव दिवस पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके स्व करे निस्तारणः रूबी प्रसाद




सोनभद्र। जन शिकायतों की सुनवाई तथा उनका गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण के लिये प्रत्येक सोमवार को नगरीय निकायों में समाधान दिवस सम्भव का आयोजन हेतु दिये गये आदेश के क्रम में सोमवार को नगर पालिका परिषद सोनभद्र में अध्यक्ष रुबी प्रसाद नगर पालिका परिषद सोनभद्र एवं विजय कुमार यादव अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सोनभद्र की अध्यक्षता में जनसुनवाई (सम्भव) दिवस का आयोजन किया गया।

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तत्कम में जनपद की समस्त नगरीय निकायों में सोमवार को जनसुनवाई (सम्भव) दिवस में प्राप्त शिकायतें क्रमशः नगर पालिका परिषद सोनभद्र में 5, नगर पंचायत घोरावल में 2, नगर पंचायत चुर्क घुर्मा में 2, नगर पंचायत चोपन में 3, नगर पंचायत ओबरा में 5, नगर पंचायत रेनुकूट में 2, नगर पंचायत पिपरी में 2. नगर पंचायत

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दुद्धी में 2, नगर पंचायत डाला बाजार में 1. नगर पंचायत अनपरा में 3, समस्त निकायों में कुल 27 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें मुख्य रूप से साफ-सफाई, पेयजल व मार्ग प्रकाश इत्यादि से सम्बन्धित सभी शिकायतों का तत्काल निस्तारण कराया गया। विजय कुमार यादव, अधिशासी अधिकारी/नोडल अधिकारी,

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नगर पालिका परिषद सोनभद्र द्वारा बताया गया कि जनता की समस्याओं से रूबरू होने व उसका समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की शीर्ष प्राथमिकता पर है इस पर तत्परतापूर्वक कार्यवाही की जा रही है। इस दौरान सभासद अनवर अली, दिनेश कुमार, सुजीत कुमार, अजीत कुमार, बिमलेश कुमार, शन्त कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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गैंगस्टर एक्ट के दोषी गैंग लीडर समेत दो को 2-2 वर्ष की कठोर कैद

HIGHLIGHTS

  • 5-5 हजार रूपये अर्थदंड , अर्थदंड न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी 
  • जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी



सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर कोर्ट सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी गैंग लीडर लालचंद बिंद व सक्रिय गैंग सदस्य मनीलाल बिंद को 2-2 वर्ष की कठोर कैद एवं 5-5 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।  अर्थदंड न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी।

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अभियोजन पक्ष के मुताबिक प्रभारी निरीक्षक जटा शंकर प्रसाद ने बीजपुर थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 3 अगस्त 2000 को पुलिस बल के साथ देखभाल क्षेत्र में था तो पता चला कि लालचंद बिंद पुत्र रामलखन निवासी मुई, थाना हड़िया,  जिला इलाहाबाद का एक सक्रिय गैंग है, जिसका वह गैंग लीडर है। इसके अलावा गैंग का सक्रिय सदस्य मनीलाल बिंद पुत्र रामलखन निवासी बख्तियारा, थाना हड़िया,

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जिला इलाहाबाद के साथ अन्य सदस्य शामिल हैं। ये पेट्रोल पंप पर खड़ी ट्रक का टायर चोरी करने की योजना बना रहे हैं। इनके विरुद्ध चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमा विचाराधीन है।  लोगों में भय पैदा कर आर्थिक लाभ हेतु कार्य करना इनका एकमात्र कार्य है। यहीं वजह है कि इनके विरुद्ध कोई भी मुकदमा लिखवाने अथवा गवाही देने की जुर्रत नहीं करता है। जिसकी वजह से इनका वर्चस्व कायम है।

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इस तहरीर पर 3  अगस्त 2000 को बीजपुर थाने में गैंगस्टर एक्ट में एफआईआर दर्ज किया गया था। विवेचना के उपरांत पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में गैंग लीडर लालचंद बिंद एवं सक्रिय सदस्य मनीलाल बिंद के विरूद्ध चार्जशीट दाखिल किया था।

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मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी गैंग लीडर लालचंद बिंद और सक्रिय सदस्य मनीलाल बिंद को 2-2 वर्ष की कठोर कैद एवं  5-5 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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अर्थदंड न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से  शासकीय अधिवक्ता गैंगस्टर कोर्ट धनंजय शुक्ला ने बहस की।

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श्रावण मास के तीसरे सोमवार पर शिव भक्ति में रम गया सोनांचल

HIGHLIGHTS

  • शिवालयों में जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं की सुख समृद्धि की कामना
  • मंदिरों में रही भक्तों की भारी भीड़
  • हर हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजयामान हो गया सोनभद्र जनपद
  • श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा करने से पूरी होती है सारी मनोकामनाएं- पंo राजकुमार

हर्षवर्धन केसरवानी

सोनभद्र। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को सोनभद्र जनपद बोलबम और हर हर महादेव के जयकारो से भक्तिमय हो गया।  इस दौरान जिले के शिवालयों में भारी भीड़ देखने को मिली। गुप्तकाशी का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले शिवद्वार में हजारो की संख्या में कांवरियों एवं श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन पूजन करने पहुंचे।

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वही इसको देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जगह जगह पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे और जगह-जगह बैरियर स्थापित किए गए हैं।

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गुप्तकाशी में रविवार की शाम से ही विजयगढ़ दुर्ग स्थित राम सरोवर एवं मिर्जापुर के बैरिया घाट गंगा नदी से जल लेकर कांवरियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
बोल बम, बोल बम के जयकारे से समूचा इलाका भक्तिमय हो गया है। कांवरियों के सुरक्षा में तैनात  सेक्टर पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहे।

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उधर श्रावण मास के तीसरे सोमवार को राबर्ट्सगंज नगर में स्थित वीरेश्वर महादेव मंदिर, दुग्धेश्वर महादेव मंदिर, शोभनाळा मंदिर, नल राजा महादेव, बरैला, गौरीशंकर, कंडाकोट पंचमुखी, सोभनाथ महादेव, रेणुकेश्वर महादेव, घिवही शिव मंदिर समेत सहित अन्य शिव मंदिरों में हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच श्रद्धालुओं ने शिवलिंग में जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।

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इस दौरान श्रद्धालुओं ने शिवालयों में गंगाजल, दूध, दही से जलाभिषेक कर बेलपत्र, चावल व पुष्प से भगवान शिव की पूजा की।
इस दौरान वीरेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी राजकुमार पाण्डेय ने बताया कि श्रावण मास का महीना काफी ज्यादा पवित्र माना जाता है। इस महीने में ही भगवान शिव और पार्वती का मिलन हुआ था ऐसे में इस महीने को लेकर काफी ज्यादा मान्यताएं है। मान्यता है कि इस महीने में भगवान शंकर की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाए तो वह अत्यंत प्रसन्न होते हैं ओर मनोवांछित सभी कामनाओं की पूर्ति करते हैं।

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SDM ने गौशाला का किया निरीक्षण, जताई नाराजगी

अजीत कुमार सिंह


ओबरा,सोनभद्र। स्थानीय नगर पंचायत द्वारा खैरटिया गांव में बनवाए गए गौशाला का निरीक्षण रविवार को एसडीएम ओबरा द्वारा किया गया। इस दौरान गौशाला की व्यवस्था को देखकर एसडीएम विवेक सिंह द्वारा भारी नाराजगी व्यक्त की गई। निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री सिंह ने बताया कि गौशाला में 64 जानवर मौजूद थे।

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जिनमें एक बछड़ा मरा हुआ था। जबकि मात्र 57 जानवरों पर ही टैग लगाया गया था। वही खली, चूनी में मात्र 10 किलो खरीदी चूनी मिली, जो दो बोरी में रखी हुई थी। गौशाला में गायों के खाने हेतु हरा चारा एकदम उपलब्ध नहीं था, साथ ही चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ था। बताया कि हाजिरी रजिस्टर 16 जुलाई के बाद से अपूर्ण था।

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निरीक्षण के दौरान गौशाला से संबंधित कोई भी कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था।वहीं भंडार रूम के ऊपर टूटी हुई सीट को देखकर एसडीएम श्री सिंह ने नाराजगी जताते हुए बताया कि नगर पंचायत की देखरेख में चलाई जा रही गौशाले की स्थिति बहुत ही खराब है। निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार शुशील कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय लेखपाल अमित कुमार सिंह, सभासद राकेश मिश्रा, विकास सिंह आदि मौजूद रहे।

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अंगूठे का क्लोन बनाकर आधार से पैसा निकालने वाले शातिर CSC केंद्र संचालक गिरफ्तार

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  • सीएससी संचालक ग्राहकों के अंगूठे के क्लोन बना निकालने वाले दो गिरफ्तार
  • दो बायोमेट्रिक मशीन, दो मोबाइल, 6 अंगूठे के क्लोन और 44800 रुपये नगद बरामद किया

सोनभद्र। जनपद के घोरावल कोतवाली पुलिस ने दो ऐसे लोगो को गिरफ्तार किया है जो ग्राहक सेवा केन्द्र संचालित करने के साथ ही अंगूठे के क्लोन बनाकर ग्राहकों के खाते से पैसा निकाल लेते है। पुलिस ने इनके पास इलेक्ट्रॉनिक सामान और अंगूठे के क्लोन व नगदी बरामद किया है।

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पुलिस अधीक्षक डॉ यशवीर सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि शिवनरायन विश्वकर्मा पुत्र प्रेमनाथ विश्वकर्मा ग्राम करीबराव थाना घोरावल द्वारा लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया कि लवकुश यादव पुत्र प्रभु यादव व मनोज यादव पुत्र शिवनरायण यादव निवासीगण ग्राम करीबराव द्वारा ग्राहक सेवा केन्द्र का संचालन कर आधार कार्ड के माध्यम से पैसा निकालने का कार्य किया जाता है।

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10 जुलाई को लवकुश यादव के पास दस हजार रुपये व 11 जुलाई को मनोज यादव के पास पांच हजार रुपये निकलवाने के लिए गया तो बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठा लगवाकर बताया कि सर्वर डाउन है पैसा नहीं निकलेगा तथा बगल में रखी पिघली हुयी मोमबत्ती पर अंगूठा लगवा लिया और बोला कि पैसा निकालकर आपको दे दूंगा, परन्तु उनके द्वारा शिव नारायण की सर्वर डाउन होने का बहाना बताकर पैसा नहीं दिये।

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जब शिव नारायण अपने बैंक जाकर खाता की जांच करवाया तो 10 जुलाई को दस हजार रुपये व 11 जुलाई को पांच हजार रुपये निकाला जा चुका था। उक्त घटना के सम्बन्ध में जांच कर घटना में संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्षेत्राधिकारी घोरावल राहुल पाण्डेय के नेतृत्व में एक टीम गठित किया गया।

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थाना घोरावल पुलिस द्वारा उपरोक्त घटना में संलिप्त लवकुश यादव पुत्र प्रभु यादव और मनोज यादव पुत्र शिव नारायण निवासी करीबराव को गिरफ्तार कर लिया गया तथा आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त इलेक्ट्रानिक सामान, अंगूठे का क्लोन व 44800 नगद रुपये बरामद किया गया।

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इस बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर थाना घोरावल पर धारा-319 (2), 318(4), 338, 336(3), 340 (2) बीएनएस व 66सी आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस को गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि हम लोग मोबाइल व बायोमैट्रिक मशीन का उपयोग कर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करके अपने वायलेट में पैसा ट्रांसफर कर लेते है

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तथा पिघली हुई मोमबत्ती पर ग्राहकों का अंगूठा लगवाकर बाद में फेविकोल डालकर अंगूठे का क्लोन तैयार कर बाद में उसी अंगूठे के क्लोन का उपयोग करके ग्राहकों के खाते से पैसा निकालते थे। इसी तरीके से इनके द्वारा कुल 07 लोगों के साथ क्रमशः 2800, 6300, 3000, 4200, 5000, 10000, 6000 रुपये (कुल 37300 रुपये) का धोखाधड़ी किया गया है।

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श्वांस रोग के ईलाज के लिए आधुनिक चिकित्सा प्रणाली समय की जरूरत हैं: डॉ० एस० के पाठक

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  • श्वांस रोग के ईलाज के लिए आधुनिक चिकित्सा प्रणाली समय की जरूरत हैं: डॉ० एस० के पाठक


सोनभद्र। ब्रेथ ईजी चेस्ट सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, अस्सी, वाराणसी द्वारा (शनिवार देर शाम) को एक चिकित्सकीय संगोष्ठी का आयोजन “होटल अरिहंत, रोबर्ट्सगंज सोनभद्र” में किया गया, जिसमे सोनभद्र व आस-पास के सम्मानित चिकित्सक सम्मलित थे। इस चिकित्सीय संगोष्ठी के मुख्य वक्ता के रूप में ब्रेथ ईजी के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस. के पाठक उपस्थित थे।

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डॉ. एस. के पाठक वाराणसी के जाने-माने श्वांस, टी.बी एवं, फेफड़ा रोग विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने अपनी पढाई के. जी. एम्.सी (लखनऊ) से किया हैं। डॉ. पाठक के चिकित्सा क्षेत्र में किये उलेखनीय योगदान के लिए, प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी से, उनके वाराणसी प्रवास के दौरान मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिसमे प्रधानमन्त्री ने उनके कार्यों की सराहना की। इस चिकित्सकीय संगोष्ठी में प्रदेश के नीमा अध्यक्ष डॉ. ओ.पी सिंह, घोरावल के डॉ. राकेश पाण्डेय, डॉ. नीरज मिश्र, डॉ आर. आर सिंह,

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डॉ एस. एम् शुक्ल, डॉ. राकेश सिंह, डॉ एच.ए त्रिपाठी, दुद्धी के डॉ. संजय गुप्ता तथा ओबरा के डॉ रुपेश बाजपेयी आदि सामिलित थे। ब्रेथ ईजी द्वारा आयोजित इस चिकित्सीय संगोष्ठी में डॉ. पाठक ने आधुनिक पद्दति द्वारा चेस्ट एक्सरे को समझना, अस्थमा, टी.वी, एलर्जी, खर्राटा व चेस्ट संक्रमण जैसे गंभीर बिमारियों के इलाज के बारे में चिकित्सको को जानकारी दी।

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डॉ. पाठक ने श्वांस की बीमारी की चर्चा करते हुए बताया कि “साँस फूलने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमे अस्थमा, दमा, निमोनिया मुख्य हैं, ईसके अलावा कभी-कभी खून की कमी (Anemia), हार्ट एवं किडनी की बीमारी की वजह से भी सांस फूल सकती हैं।” डॉ. पाठक ने ये भी बताया कि “अस्थमा में मरीजो को बार बार खांसी आना, सास फूलना, धुल-धुएं से एलर्जी, प्रायः कई बार छीक आना, बलगम के साथ कफ़ आना इत्यादि मुख्य लक्षण होते हैं। डब्लू.एच.ओ के अनुसार अस्थमा के कारण दुनिया में हर साल लगभग 2.5 लाख से ज्यादा लोगो की मृत्यु होती हैं।

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डॉ पाठक ने बताया कि “अस्थमा में मुख्यतः श्वांस नलियों में सूजन हो जाता हैं, जिसके कारण बाद में उन नालियों में सिकुडन भी हो जाता हैं, जो साधारण दवाइयों से नहीं ठीक हो पता हैं। इसके लिए एक विशेष प्रकार की थेरेपी का इस्तमाल किया जाता हैं, जिसे इन्हेलेशन थेरेपी कहतें हैं। अस्थमा की बीमारी फेफड़ो से सम्बंधित हैं, इसलिए इसमें इन्हेलेशन थेरेपी का ही उपयोग होना चाहिए जोकि सीधे फेफड़ो में जाकर अपना काम करती हैं, जिससे अस्थमा के मरीज को 2-3 मिनट में ही आराम मिल जाता हैं।

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” डॉ. पाठक ने बताया कि एलर्जिक दमा को पता लगाने के लिए पी.एफ.टीद्वारा फेफड़े की कार्य-क्षमता के साथ-साथ एलर्जी की जाँच कराना भी अत्यधिक जरुरी होती हैं, जिससे एक चिकित्सक को अपने मरीज के बारे में यह पता चलता हैं कि कौन से एलर्जी के कारण मरीज की साँस को इम्युनोथेरेपि द्वारा वैकसीनेशन कराने में सहायता मिलती हैं।

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फूल रही हैं, जिसके उपरान्त मरीजों डॉ. पाठक के ने बताया टी. बी के कारण भी सांस फूल सकती हैं, सही समय पर सही ईलाज से सांस की बीमारी से छुटकारा भी मिल सकता हैं। डॉ. पाठक ने बताया “ब्रेथ इजी टी. बी चेस्ट, एलर्जी केयर सेंटर वाराणसी का एक अग्रणी अस्पताल हैं, जिसमे आधुनिक श्वास, फेफड़ा, एलर्जी रोग सम्बंधित विशेष चिकित्सा प्रदान की जाती हैं।

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” आगे डॉ. पाठक ने बताया कि खर्राटा भी एक गंभीर साँस की बीमारी है, जिसके कारण हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी हो सकती है। स्वरटि के विशेष जाँच व ईलाज की सुविधा ब्रेथ ईजी चेस्ट सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल अस्सी वाराणसी के सा Safe charging Onमहल, रामनगर में भी उपलब्ध हैं।

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“काशी के विद्वत जनो के द्वारा गुप्तकाशी तीर्थ यात्रा संपन्न”

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  • “काशी के विद्वत जनो के द्वारा गुप्तकाशी तीर्थ यात्रा संपन्न”



सोनभद्र : रविवार को काशी के विद्वानों (विद्वत् सदस्यगण, चिकित्सक गण, व्यवसायी गण, शोधकर्ता गण, चिंतक गण, समाजिक कार्यकर्ता गण) द्वारा  विगत वर्षों की भांति पौराणिक,वैदिक काल से मानव सभ्यता के विकास में अपना योगदान दर्ज कराने वाले भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता पर आधारित  ऐतिहासिक,पौराणिक,सांस्कृतिक विंध्य पर्वत की श्रृंखला में स्थित विंध्य क्षेत्र का पृष्ठ भाग जहाँ सोन गंगा सीमांकन करती,

जहाँ देव ऋषियों की तपोभूमि सिद्ध पीठ अवस्थित ,सोन घाटी,सोन माटी अपने सुंदरता ,मनोरमता ,ऊर्जा ,खनिज संपदा से परिपूर्ण,पर्यटन के सौंदर्यता के दृश्य के लिए विख्यात सोनभद्र में “तीर्थायन यात्रा” 2024 सम्पन्न हुई.
          इस यात्रा के संयोजक अखिल भारतीय भगवान श्री परशुराम अखाड़ा परिषद के पंडित आलोक चतुर्वेदी ने कहां की मैं धन्य हुआ इस गुप्तकाशी के धन्य धरा पर, मेरा भी जन्म हुआ सोनभद्र भारत का एकमात्र जिला है जो मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ झारखंड और बिहार के चार राज्यों से सटा है।सोनभद्र जिला एक औद्योगिक क्षेत्र है और इसमें बॉक्साइट, चूना पत्थर, कोयला, सोना आदि जैसे बहुत सारे खनिज हैं। सोनभद्र को भारत की ऊर्जा राजधानी कहा जाता है.
      

यात्रा आयोजक ‘तीर्थायन’ के पंडित अवधेश दीक्षित ने कहा कि काशी से गुप्त काशी की यात्रा प्रारंभ करने के पीछे का यह स्पष्ट मकसद है कि
धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण रामायण और महाभारत के साक्ष्य के आधार पर, यहां मिले हुये  सांस्कृतिक प्रतीक हैं। जरासंध द्वारा महाभारत युद्ध में कई शासकों को यहां कैदी बनाए रखा गया था। सोन नदी की घाटी गुफाओं में प्रचलित है जो प्राचीन निवासियों के सबसे शुरुआती घर थे।

ऐसा कहा जाता है कि ‘भार’ के पास 5 वीं शताब्दी तक जिले में चेरोस, सीरीस, कोल्स और खेरवार समुदायों के साथ समझौता हुआ था, विजयगढ़ किले पर ‘कोल’ राजाओं का शासन था। यह जिला 11 वीं से 13 वीं शताब्दी के दौरान दूसरी काशी के रूप में प्रसिद्ध था। 9वीं शताब्दी ईसा पूर्व में, ब्राह्मणत्त वंश को नागास द्वारा विभाजित किया गया था। 8 वीं और 7 वीं शताब्दी ईसा पूर्व में, जिले का वर्तमान क्षेत्र कौशला और मगध में था। गुप्ता काल के आगमन से पहले कुशंस और नागा भी इस क्षेत्र में सर्वोच्चता रखते थे। 7 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हर्षवर्धन की मृत्यु के बाद, यह गजनी के महमूद द्वारा संचालित किए जाने से पहले 1025 तक गुर्जर और प्रतिहारों के नियंत्रण में रहा। यह क्षेत्र मुगल सम्राटों के विभिन्न गवर्नरों के प्रशासन में था और यहां की संपूर्ण सभ्यता रहन-सहन पूजा पाठ काशी  आधारित है.
      यात्रा का नेतृत्व करते हुए संजय शुक्ला ने कहा गुप्तकाशी’ नाम, जिसका अर्थ है ‘छिपा हुआ बनारस’, महाभारत के महाकाव्य से इसके संबंध को दर्शाता है, जहाँ युद्ध के बाद पांडवों द्वारा भगवान शिव के प्रथम दर्शन यहीं हुए थे। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाकाव्य महाभारत के पांडवों ने भगवान शिव को गुप्तकाशी  में छिपे हुए पाया था, जब वे उनका आशीर्वाद लिए  थे।
     प्रो. सिद्धनाथ उपाध्याय  पूर्व निदेशक आईआईटी बीएचयू ने कहा गुप्तकाशी  के प्राकृतिक वैभव के बीच छिपे हुए आश्चर्यों का खजाना है, जो आपकी खोज का इंतजार कर रहा है। पवित्र तीर्थस्थल से इसकी निकटता के अलावा, यहाँ कई अन्य दर्शनीय स्थल भी हैं।यहाँ के शिव मंदिर प्राचीन किंवदंतियों, शांत परिदृश्यों और आध्यात्मिक ज्ञान की एक दुनिया है, जिसे खोजा जाना बाकी है। गुप्तकाशी के हर कोने में एक कहानी छिपी है, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत की समृद्ध झलक पेश करती है।
        प्रो. प्रदीप कुमार मिश्रा  पूर्व कुलपति अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी लखनऊ ने कहा आइए गुप्तकाशी के शांत परिदृश्य, प्राचीन मंदिरों और दिव्य वातावरण के माध्यम से रोमांच की शुरुआत करें। और जब आप अपनी यात्रा की योजना बनाते हैं, तो गुप्तकाशी के सर्वश्रेष्ठ पहाड़ो पर आराम और शांति का आनंद लेने का मौका लें। हमारे साथ जुड़ें क्योंकि हम गुप्तकाशी के दिल में गहराई से उतरते हैं, जहाँ हर कदम एक नए रोमांच को उजागर करता है, और हर पल खोज के वादे से भरा होता है।
   प्रो. अरविन्द जोशी काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने कहा की प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक के रूप में, गुप्तकाशी पिछली पीढ़ियों की स्थायी आस्था और भक्ति का प्रमाण है। गुप्तकाशी की खूबसूरत दुनिया में कदम रखें, जहाँ कालातीत स्मारक एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के रूप में खड़े हैं।
   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग बौद्धिक प्रमुख धनंजय पाठक ने कहा कि गुप्तकाशी में प्राकृतिक सुंदरता के समस्त रूप विराजमान हैं यहां रेगिस्तान की तरह  दिखने वाला सोन नदी की बालू का क्षेत्र है तो उत्तराखंड की तरह दिखने वाली पहाड़ियां भी विराजमान है किसनो की कृषि को समृद्ध करने वाले कृषि भूमि भी है.
  प्रवीण चंद पाण्डेय , सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा की धन्य धरा जहां एक साथ इतने अलौकिक केंद्र उपस्थित है इस जिले की मुख्य प्राण वायु हैं गुरु कृपा आश्रम जो संपूर्ण जिले की सुंदरता को अपने में समेटे हुए हैं जिसने सोनभद्र में गुरु कृपा आश्रम नहीं देखा उसने सोनभद्र को नहीं देखा.
     संपूर्ण यात्रा सर्किट हाउस से प्रारंभ होकर वीर लोरिक पत्थर,इको पॉइंट, फॉसिल्स पार्क, शिव मंदिर गोठानी, अगोरी किला, दुअरा घाटी अमर गुफा,अंचलेश्वर महादेव मंदिर होते गुरु कृपा आश्रम पहुंची जहां पर सोनभद्र के कला संस्कृति का प्रदर्शन आदिवासी समाज ने किया तत्पश्चात सहभोज कार्यक्रम संपन्न हुआ फिर वहां से यात्रा प्रारंभ होकर हाथी नाला हनुमान मंदिर, बायोडायवर्सिटी पार्क, वैष्णो मंदिर डाला होते हुए गुप्तकाशी से काशी के लिए रवाना हो गई. यात्रा को अखिल भारतीय भगवान परशुराम अखाड़ा परिषद, तीर्थायन वाराणसी, दुर्गा भूषण फाउंडेशन, काशी कथा आश्रम,अंतरराष्ट्रीय काशी घाट वाक विश्वविद्यालय, के सहयोग से सम्पन्न हुयी. यात्रा में संयोजक अखिल भारतीय भगवान श्री परशुराम अखाड़ा परिषद के पंडित आलोक चतुर्वेदी,आयोजक ‘तीर्थायन’ के पंडित अवधेश दीक्षित,प्रो. सिद्धनाथ उपाध्याय  पूर्व निदेशक आईआईटी बीएचयू,प्रो. प्रदीप कुमार मिश्रा  पूर्व कुलपति अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी लखनऊ,प्रो. विजय नाथ मिश्र विश्व के जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट,पूर्व चिकित्सा अधीक्षक काशी हिंदू विश्वविद्यालय, धनंजय पाठक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग बौद्धिक प्रमुख,प्रवीण चंद्र पांडे, धनंजय पाठक, मनोज चौबे, गणेश तिवारी, रामभरोस यादव, दिग्विजय सिंह व्यवस्थापक के रूप में उपस्थित रहे. यात्रा के दौरान मृत्युंजय मालवीय,डॉ अनिल गुप्ता चिकित्साधिकारी वाराणसी,डॉ प्रभाष झा जिला विद्यालय निरीक्षक वाराणसी,तापस दास जनरल मैनेजर शैलेश तिवारी, डॉ धर्मजंग,रवि विश्वकर्मा,अभिषेक यादव, अमित राय सहित विविध क्षेत्रों के १०० गणमान्य लोग शामिल रहे.

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सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कारखासो का लिस्ट वायरल, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप


सोनभद्र। जनपद सोनभद्र पुलिस की कारखासो का लिस्ट वायरल होने से हड़कंप मचा दी है। जिले के थानों में कारखासों के जरिए वसूली की सूची वायरल हुई है। एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेट फार्म एक्स पर कारखासो का लिस्ट पोस्ट कर करीब 34 लोगो का नाम लिख कर लिस्ट वायरल किया है।

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पुलिसकर्मियों को बतौर थाने के कारखास अवैध कार्यों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। हालांकि संस्कृति लाइव इस वायरल लिस्ट का पुष्टि नहीं करता है। हालांकि पुलिस अधीक्षक डॉ यशवीर सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।

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एक्स पर किए गए पोस्ट में शिकायतकर्ता ने जिले के विभिन्न थानों-चौकियों और विशेष प्रकोष्ठ में तैनात पुलिसकर्मियों के नाम के साथ उन्हें कारखास ठहराते हुए वसूली का आरोप लगाया है। इसी शिकायतकर्ता ने एक दिन पहले भी एक्स पर पोस्ट करते हुए आठ पुलिसकर्मियों के जरिए वसूली होने की बात लिखी थी। इस पोस्ट में सोनभद्र पुलिस के अलावा सीएम ऑफिस और डीजीपी को भी टैग किया गया है। एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया है। जांच के लिए एसपी ने निर्देशित किया गया है।

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अजय मिश्रा की ओर से किया गया था टीयूट कर शनिवार की शाम चार बजकर तीन मिनट पर वायरल किया गया लिस्ट को जहां यूपी पुलिस सहित अन्य को टैग किया गया है। वहीं, इस लिस्ट में कथित कारखासों की सूची नाम शामिल है।

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पंकज राय, बृजेश यादव को रॉबर्ट्सगंज, सर्वेश यादव को चोपन, सतेंद्र भारती को डाला, अनिलेश सिंह को पन्नूगंज, विनोद यादव, तरेशू यादव को हाथीनाला, सुरेंद्र यादव, जितेंद्र यादव, मुनेंद्र यादव को शाहगंज, योगेंद्र यादव को अनपरा, राजेंद्र यादव, शैलेंद्र मिश्रा को ओबरा, सतीश पटेल, रितेश पटेल को एसओजी, अनिल सिंह को जुगैल, सुधाकर यादव को म्योरपुर, आलोक सिंह,

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विलेश कुमार को घोरावल, अवनीश सिंह को करमा, प्रद्युम्न राय को रॉबर्ट्सगंज, अशोक सिंह को रामपुर बरकोनिया, भरत यादव को बभनी, सुशील, जयप्रकाश यादव को को शक्तिनगर, सतीश सिंह को बीना, रूद्रकांत यादव को चोपन, सत्यजीत यादव को रायपुर 112, शशिकांत यादव को ट्रैफिक, बृजेश यादव, विनोद यादव को करमा, महेंद्र कुमार, अमर कटियार को करमा, संतोष कन्नौजिया को शक्तिनगर में तैनात बताया गया है।

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जड़ी बूटी दिवस के रूप में मनाया गया आचार्य बाल कृष्ण का जन्मदिन

HIGHLIGHTS

  • रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में हुआ आयोजन
  • पतंजलि योग समिति की ओर से प्रातःकालीन योग कक्षा में किया गया योगाभ्यास


सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में रविवार को आयुर्वेद शिरोमणि आचार्य  बालकृष्ण जी का जन्म दिन  व जड़ी बूटी दिवस हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।
पतंजलि योग परिवार सोनभद्र के तत्वाधान में सोनभद्र बार सभागार के नियमित योग कक्षा में प्रातः कालीन सामूहिक योग के पश्चात पतंजलि किसान सेवा समिति जिला संगठन मंत्री मोहर देव पांडेय व भारत स्वाभिमान के नगर संरक्षक  शेष मणी तिवारी  के मार्गदर्शन में आयुर्वेद शिरोमणि आचार्य  बालकृष्ण जी का जन्म दिन व जड़ी बूटी दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।

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प्रमुख योग शिक्षक विमल कुमार सिंह व गोपाल दास केसरी जी द्वारा अपने शरीर को जड़ी बूटी के माध्यम से कैसे स्वस्थ बनाया जा सकता है, पर विस्तृत चर्चा की गई।
    भारत स्वाभिमान के जिला महामंत्री सुनील कुमार चौबे ने कहा कि आयुर्वेद शिरोमणि आचार्य बालकृष्ण जी स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज व विश्व कल्याण के लिए परम पूज्य स्वामी जी के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर जड़ी बूटी की खोज में लगे रहते हैं,

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जड़ी बूटी के माध्यम से हर व्यक्ति अपने आप को स्वस्थ रख सकता है।
    वरिष्ठ योग साधक चंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी होती जा रही है, जिसके चलते तमाम बीमारी पैदा हो रही है, इसलिए एक पेड़ अवश्य लगाने का संकल्प लेना चाहिए।
    

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इस मौके पर प्रमुख रूप से पतंजलि योग समिति जिला प्रभारी रवि प्रकाश त्रिपाठी, भारत स्वाभिमान जिला महामंत्री सुनील कुमार चौबे ,नगर संयोजक दिनेश लाल श्रीवास्तव ,वरिष्ठ योग साधक चंद्र बहादुर सिंह, रूप नारायण सिंह ,वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेश चंद्र त्रिपाठी, देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, नागेंद्र नाथ चौबे ,गोविंद नारायण सिंह, राजू प्रसाद सोनी, पुरुषोत्तम प्रजापति, लक्ष्मी नारायण पांडेय , तेज नारायण मिश्रा, विनोद कुमार मिश्रा, धनंजय कुमार मिश्रा, उमेश तिवारी ,रामसेवक पांडेय ,गोपाल दास केसरी, पन्नालाल सोनी, धर्मेंद्र कुमार चौरसिया, हेमंत कुमार जैन ,प्रेम प्रकाश शुक्ला ,सुबोध कुमार मिश्रा,

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पुरुषोत्तम जायसवाल , सुमित तमाम योग साधक उपस्थित रहे, वरिष्ठ योग साधक पन्नालाल सोनी द्वारा कठिन से कठिन योगाभ्यास भी कराया गया।
   नगर संयोजक दिनेश लाल श्रीवास्तव जी द्वारा आचार्य बाल कृष्ण के जन्मदिवस पर सभी योग साधकों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई, नगर महामंत्री अजय कुमार पांडेय जी द्वारा मिष्ठान वितरण किया गया।

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