जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न सड़कों की मरम्मत और सड़क के किनारे लाईट लगाने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को किया गया निर्देशित
सोनभद्र। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) सुभाष चन्द्र यादव ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा माह सम्बन्धी समन्वय बैठक की, बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी ने सड़कों की मरम्मत और सड़कों के किनारे साईनेज बोर्ड लगाने, सड़कों की मरम्मत,
गड्ढा मुक्ति, साइनेज बोर्ड दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों की सड़कों पर किये जाने वाले कार्यों की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी ली और सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दियें। उन्होंने कहा कि पी०डब्ल्यू०डी० निर्माण खण्डों द्वारा सड़कों की मरम्मत आदि कार्यों में शिथिलता न बरती जाये,
उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा प्रतिनिधि से मारकुण्डी घाटी के नीचे सड़क पर रोड लाईट लगाने व स्पिड ब्रेकर पर कैट आई, रेडियम टेप लगाने आदि के कार्यों के प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दियें। उन्होंने कहा कि दुर्घटना होने की स्थिति में घायल व्यक्ति को नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जिस पर ईलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो, वहीं पर ले जाया जाये,
जिससे कि समय रहते घायल व्यक्ति को बेहतर ईलाज मिल सके और उसका जीवन सुरक्षित हो सके, इसके लिए बेहतर कार्ययोजना स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनायी जाये और सम्बन्धित थाने पर इसके सम्बन्ध में सूचना उपलब्ध करायी जाये, ए०आर०टी०ओ० को निर्देशित करते हुए कहा कि गाड़ियों का फिटनेस की जॉच समय- समय पर की जाये और ड्राइवरों के आँखों की जॉच हेतु कैम्प लगवाया जाये।
उन्होंने सम्बन्धित को निर्देशित करते हुए कहा कि सड़कों पर लगायी गई लाईटों का एक सप्ताह में रिपोर्ट उपलब्ध कराया जाये, जगह- जगह पर एम्बुलेंस के नम्बर लगाया जाये, कम उम्र के बच्चें अगर बिना लाईसेंस व कम उम्र के बच्चें बाईक, स्कूटी चलाते पाये जाते हैं, उचित कार्यवाही की जाये।
पुलिस कार्यालय पर मासिक समन्वय गोष्ठी का हुआ आयोजन
सोनभद्र। शासन की मंशा के अनुरुप आज पुलिस अधीक्षक डॉ० यशवीर सिंह द्वारा पुलिस लाइन चुर्क स्थित पुलिस कार्यालय में जनपद के जनप्रतिनिधियों के साथ मासिक समन्वय गोष्ठी आयोजित कर उनसे विभिन्न बातों पर विचार- विमर्श किया गया। इस दौरान सांसद छोटेलाल खरवार, अवध नरायण यादव जनप्रतिनिधि विधायक दुद्धी, विकास मिश्रा जनप्रतिनिधि विधायक रॉबर्ट्सगंज उपस्थित रहे
सोनभद्र। धन्वंतरी पतंजलि योग संस्थान द्वारा सूर्य नमस्कार प्रतियोगिता का भव्य आयोजन कराया गया। बतादें कि योग के प्रचार प्रसार के लिए धन्वंतरी पतंजलि योग संस्थान द्वारा पूरे प्रदेश भर में इस प्रतियोगिता की शुरुआत की गई है इस प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग किया।
सूर्य नमस्कार प्रतियोगिता में पूरे उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखण्ड,मध्यप्रदेश, दिल्ली,पश्चिम बंगाल, मुंबई ,राजस्थान से देशभर से कुल 779 बच्चों ने हिस्सा लिया | इस प्रतियोगिता में 05 -15 उम्र, 16 – 28 उम्र, 29 – 40 उम्र तक के सभी बच्चे,पुरुष और महिला वर्ग के लोगो ने प्रतिभाग किया |
धन्वंतरी पतंजलि योग संस्थान की संस्थापक सदस्य अनामिका अग्निहोत्री,स्नेहा दिनेश तिवारी,गरिमा पाठक एवं पल्लवी सोमनाथ ने कहा कि धन्वंतरी पतंजलि योग संस्थान इस प्रतियोगिता के माध्यम से लोगो मे योग जनजागृति फैलाने के साथ उत्तम स्वास्थ के लिए सूर्य नमस्कार क्रिया को सम्पूर्ण योग बताया है, सिर्फ 12 सूर्य नमस्कार आसन करने मात्र से पूरा शरीर स्वस्थ्य रहता है , इसलिए संस्थान ने इस प्रतियोगिता का आयोजन कराया ।
इस प्रतियोगिता में सभी 05 से 15 उम्र के बच्चों में प्रथम स्थान कोमल उत्तर प्रदेश, द्वितीय स्थान रानी चौहान झारखण्ड, तीसरा स्थान डिवीत सक्सेना उत्तर प्रदेश, चौथा स्थान कार्तिक कुमार उत्तर प्रदेश, पाँचवा स्थान अध्ययन छत्तीसगढ़ को मिला।
इसी क्रम में सभी 16 से 28 उम्र के पुरुष और महिला वर्ग में प्रथम स्थान राहुल बजाज हरिद्वार उत्तराखंड, द्वितीय स्थान सीमा बिस्वास उत्तर प्रदेश, तीसरा स्थान आणव शाह ऋषिकेश उत्तराखंड, चौथा स्थान धारवी तिवारी हरिद्वार उत्तराखंड, पांचवा स्थान देबोजीत बिस्वास झारखण्ड ने जीता |
इसी क्रम में 29 से 40 वर्ग के सभी पुरुष और महिला वर्ग में प्रथम स्थान आरती कुमारी छत्तीसगढ़, द्वितीय स्थान गणेश उत्तर प्रदेश, तीसरा स्थान ऋतू कुमारी झारखण्ड, चौथा स्थान रौनीता बनर्जी उत्तर प्रदेश, पांचवी स्थान राहुल दास उत्तर प्रदेश ने प्राप्त किया।
धन्वंतरी पंतजलि योग संस्थान की तरफ से ~ प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को गोल्ड मैडल + सर्टिफिकेट+ टी शर्ट और कैश प्राइज के रूप में + Rs. 2100/- + स्मृति चिन्ह,
द्वितीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को सिल्वर मैडल + सर्टिफिकेट+ टी शर्ट और कैश प्राइज के रूप में + Rs.1500/- + स्मृति चिन्ह,
सूर्य नमस्कार प्रतियोगिता में निर्णायक समिति के रूप में बहुत ही सराहनीय कार्य किया गया । कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्थान सह ट्रस्त्री विनय श्रीवास्तव ने सम्पूर्ण योगदान से कार्यक्रम सफल हुया |
निर्णायक समिति की सूची में – स्नेहा दिनेश तिवारी , मुंबई,अनामिका अग्निहोत्री , फ़िजी , आयरलैंड ,पल्लवी सोमनाथ , महाराष्ट्र,प्रतिमा मौर्य ,उत्तर प्रदेश,आकृति पोखरियाल, उत्तराखंड,अंजलि सिंह,श्रीनगर,पूजा पांडेय , दिल्ली – उत्तर प्रदेश,गौरव भारद्वाज,
तीसरा स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को ब्राउनज़ मैडल + सर्टिफिकेट+ टी शर्ट और कैश प्राइज के रूप में + Rs.1000/- + स्मृति चिन्ह,
चौथा स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को टी-शर्ट + सर्टिफिकेट + Rs.500/- नगद धनराशि,
पांचवा स्थान प्राप्त काटने वाले को टी -शर्ट + सर्टिफिकेट + Rs.500/- नगद धनराशि दिया गया |
शाहजहांपुर ,उत्तर प्रदेश,आयुष बंसल , उत्तर प्रदेश,विजय यादव , उत्तर प्रदेश,सन्दीप मदेशिया , उत्तर प्रदेश, वर्णिका आर्य , उत्तर प्रदेश के समस्त संस्थान के लोगो ने उक्त प्रतियोगिता में सम्पूर्ण समपर्ण से राष्ट्रहित में यह भव्य कार्यक्रम का आयोजन में सहयोग दिया ।
ग्रामवासी दादा की 125 वी जयंती प र हुआ भव्य आयोजन, अवध ग्रामवासी पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह
सोनभद्र। प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित बृजभूषण मिश्र ग्रामवासी जी की 125वीं जयंती ग्रामवासी सेवा आश्रम में धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि लक्ष्मीकांत त्रिपाठी एडिशनल कमिश्नर वस्तु एवम सेवा कर सोनभद्र ने कहा कि ग्रामवासी जी के पांच सूत्र ग्रामवासी जी के दर्शन का ज्ञान कराते हैं ग्रामवासी जी का संपूर्ण जीवन समाज के लिए प्रेरणा श्रोत और अनुकरणीय है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संजीव गिरी ने कहा कि मैं ग्रामवासी दादा के जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करके अपने को बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। कार्यक्रम की शुरुआत मंचासीन अतिथियों द्वारा ग्रामवासी दादा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन तथा वंदे मातरम गान के साथ किया गया।
इसके बाद ग्राम वासी सेवा आश्रम परिवार के सदस्य राजेश अग्रहरी द्वारा मंचासीन अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत सम्मान किया गया। तत्पश्चात ग्रामवासी सेवा आश्रम की संस्थापिका
शुभाशा मिश्रा द्वारा स्वागत संबोधन के उपरांत मुख्य अतिथि का अंगवस्त्रम एवम ग्रामवासी जी के जीवन पर आधारित पुस्तक भेंट करके सम्मान किया गया। साथ ही परंपरा अनुसार ग्रामवासी जी के जयंती के अवसर पर मंचासीन अतिथियों के हाथो कार्यक्रम में साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार कवि दिवाकर मेघ विजय गढ़ी एवं
पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे विंध्य ज्योति समाचार पत्र के ब्यूरो चीफ संतोष मिश्र को अंगवस्त्र,प्रशस्ति पत्र एवं ग्रामवासी आश्रम की पुस्तिका भेंट कर सारस्वत सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों में मुख्य रूप से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेश कुमार दिवेदी, नशा उन्मूलन के क्षेत्र में कार्य करनें वाले अखिलेश कुमार पांडेय, समाज सेवी सुरेश तिवारी, विंध्य संस्कृति शोध समिति के निदेशक दीपक केसरवानी,
वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र नीरव ने अपनी अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए ग्रामवासी दादा के जीवन चरित्र पर अपने अपने विचार रखते हुए उन्हें युग पुरुष बताया। साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान से सम्मानित होने वाले कवि दिवाकर दिवेदी मेघ ने दादा जी पर लिखी कविता सुनाकर लोगो को आनंदित कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में राजेश अग्रहरी ने आए हुए सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता एवम सोन साहित्य संगम के संयोजक राकेश शरण मिश्र ने किया कार्यक्रम में मुख्य रूप से बंगलौर से सौरभ कपूर,भोपाल से चलकर आई मृणाल अवस्थी, नित्या पांडेय, किरन पांडेय, अर्चना दुबे,वाराणसी से चलकर आए भूपेंद्र सिंह, ओमप्रकाश,बंटी सिंह,
जे पी पांडेय,दुद्धी से मिथिलेश मसीह,अजीत शुक्ला, संजय चेतन,धुरंधर शर्मा, ओबरा से साध्वी सरिता गिरी, डाला से पत्रकार सनोज तिवारी, शेखर सिंह,ओम प्रकाश तिवारी,राजेश गोस्वामी, मनमोहन,संतोष गुप्ता, सहित सैकड़ो लोगों ने ग्रामवासी दादा को श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
धूमधाम से मनाया गया श्री कृष्ण जन्मोत्सव, सोहर व कजरी में झूमे श्रोता
संतोष दयाल
म्योरपुर, सोनभद्र। म्योरपुर थाना क्षेत्र अन्तर्गत शिव मंदिर के पास पड़री विगत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी शिवशक्ति सेवा समिति के देखरेख में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव व बिरहा मुकाबला गायक / भोजपुरी फिल्म अभिनेता देवनाथ यादव वाराणसी व गायिका कविता बागी ओबरा सोनभद्र के मध्य सकुशल सम्पन्न हुआ।
शाम को ही ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोंड़ व प्रेम चन्द यादव ने कार्यक्रम का जायजा लिया व शिव शक्ति सेवा समिति का कार्यक्रम सकुशल सफल कराने का आशीर्वाद दिया शाम से रामचरितमानस पाठ शुरू हुआ जो श्री कृष्ण जन्मोत्सव तक चलता रहा दूसरी तरफ बिरहा मुकाबला की शुरुआत रात्रि 10 बजे से देवनाथ यादव के सरस्वती वन्दना से हुआ
व श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर आधारित कजरी से हुआ साथी गायिका कविता बागी ने भी शुरुआत सरस्वती वन्दना व सोहर, भोजपुरी की प्रस्तुति दी रात भर बीच- बीच में बूंदा- बूदीं के बाद भी कार्यक्रम रात भर चला श्रोताओं द्वारा देवनाथ यादव के विर रस बिरहा व स्टाईल को खूब पसन्द किया गया व अनपरा की गायिका कविता के गायकी को भी सराहा गया कार्यक्रम का सफल आयोजन शिव शक्ति सेवा समिति द्वारा किया गया
मौके पर शिव शक्ति के संयोजक कृष्ण गोविन्द यादव व अध्यक्ष बृजेश राजा , उपाध्यक्ष जुगेश यादव, लाल बाबू , कपिल देव, कोषाध्यक्ष राम अवध, समिति मंत्री श्रवण यादव, रवि गुप्ता,ग्राम प्रधान करोड़ पतिया देवी, दीनबंधु यादव, सुभाष यादव,लोकगायक अशोक यादव,जमुना प्रसाद,मीडिया प्रभारी संतोष दयाल ,
विजय यादव, विकास यादव ,आनंद चंद गुप्ता , श्रवन कुमार, पवन कुमार, मनोज कुमार, राधे श्याम एवं समिति के समस्त पदाधिकारी व ग्रामीण काफी तादाद में उपस्थित रहें/संचालन का कार्य युवा कवि यथार्थ विष्णु जी ने किया ।
श्री राम जानकी संकट मोचन पर धूमधाम के साथ मनाई गई श्री कृष्ण जन्माष्टमी
रात 12:00 बजते ही हुआ श्री कृष्ण का जन्म, होने लगा शंखनाद, बजने लगे मंदिरों और घरों में घंट घड़ियाल
धूमधाम के साथ बनाई गई श्री कृष्ण जन्माष्टमी
सोनभद्र। नगर के श्री राम जानकी संकट मोचन मंदिर पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दिव्या झांकी सजाई गई है। जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लग रही है। बतादें कि सोमवार के रात के 12:00 बजते ही पूरा मंदिर परिसर नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की। हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की। के स्वर से गुंजायमान हो गया।
श्री कृष्ण का जन्म होते ही मंदिर में शंखनाद होने लगा और घड़ी घंट घड़ियाल बजने लगे। इस अवसर पर पुजारी राजकुमार पांडे ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी का एक दिन का व्रत रखने से कई व्रतों का फल मिल जाता है।हमारे शास्त्रों में कृष्ण जन्माष्टमी को सभी व्रत का राजा यानि ‘व्रतराज’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन बाल गोपाल को झूला झुलाने का बहुत ही महत्व है, लोगों में कृष्ण भगवान को झूला झुलाने का बहुत उत्साह रहता है।
कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति पालने में भगवान को झुला दे तो उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इस अवसर पर शशिकांत चौबे, संतोष चतुर्वेदी, दादे चौबे, शिवपूजन दुबे, राजा, राहुल केसरी,सनी मोदनवाल, अभिषेक जैसवाल, सचिन, शिवा पाण्डेय, आशुतोष मोदनवाल,केतन मोदनवाल, हिमांशु श्रीवास्तव, दिनेश शुक्ला, अवधेश, सोनू जैसवाल, रमन मोदनवाल आदि लोग उपस्थित रहे।
जिले में धूमधाम के साथ मनाई गई श्री कृष्ण जन्माष्टमी
रात 12:00 बजाते ही हुआ श्री कृष्ण का जन्म, होने लगा शंखनाद, बजने घण्ट घड़ियाल
सोनभद्र। जिले में सोमवार को श्री कृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान जिले के हर थानों, मंदिरों, घरों में श्री कृष्ण जन्म उत्सव की भव्य झांकी सजाई गई। रात के 12:00 बजते ही पूरा जनपद नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की। हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की। के स्वर से गुंजायमान रहा। इस दौरान महिलाओं ने सोहर गाकर श्री कृष्ण के जन्म की खुशियां मनाई।
बतादें कि चुर्क पुलिस लाइन, जिला कारागार सहित जिले के हर थानों में श्री कृष्ण जन्म उत्सव धूमधाम के साथ गया।वही जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में श्री कृष्ण जन्म उत्सव की भव्य झांकी सजाई गई इस दौरान भजन कीर्तन बिरहा का आयोजन किया गया और इसके पश्यात भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर जितेंद्र सिंह, पवन जैन, राकेश, प्रमोद गुप्ता, आनंद मिश्रा, रविंद्र केसरी, कृष्ण मुरारी गुप्त, चंदन केसरी, सहित अन्य भक्तजन उपस्थित रहे।
दूसरी ओर नगर के राम जानकी, संकट मोचन मंदिर पर पुजारी राजकुमार पांडे के नेतृत्व में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की मंदिर परिसर में भव्य झांकी सजाई गई। अर्धरात्रि होते ही श्री कृष्ण का जन्म हुआ और पूरा मंदिर प्रांगण श्री कृष्ण के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
इस अवसर पर पुजारी राजकुमार पांडे ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी का एक दिन का व्रत रखने से कई व्रतों का फल मिल जाता है।हमारे शास्त्रों में कृष्ण जन्माष्टमी को सभी व्रत का राजा यानि ‘व्रतराज’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन बाल गोपाल को झूला झुलाने का बहुत ही महत्व है, लोगों में कृष्ण भगवान को झूला झुलाने का बहुत उत्साह रहता है।
कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति पालने में भगवान को झुला दे तो उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।इस अवसर पर शशिकांत चौबे, संतोष चतुर्वेदी, दादे चौबे, शिवपूजन दुबे, राजा, राहुल केसरी,सनी मोदनवाल, अभिषेक जैसवाल, सचिन, शिवा पाण्डेय, आशुतोष मोदनवाल,केतन मोदनवाल, हिमांशु श्रीवास्तव, दिनेश शुक्ला, अवधेश, सोनू जैसवाल, रमन मोदनवाल आदि लोग उपस्थित रहे।
दूसरी ओर नगर के उत्तर मोहाल स्थित दूग्धेश्वर धाम के बगल में श्री कृष्ण जन्म उत्सव की भव्य झांकी सजाई गई। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु श्री कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी देखने के लिए पहुंचे। इस अवसर पर गोविंद केसरी, अनुराग, प्रियांशु सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। नगर के श्री साईं बाबा मंदिर व नई बस्ती के श्री राम जानकी मंदिर के समीप भी भव्य श्री कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी सजाई गई।
सोनभद्र| ओबरा डैम में विभिन्न जल स्त्रोतों से लगातार पानी आने की वजह से जिसके कारण डैम के जलस्तर काफी बढ़ गया है। डैम का जल स्तर 193.24 रेडियस लेवल पहुंचने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से दो फाटक को खोलकर जल निकासी शुरू कर दी है।
फाटक खोले जाने से पहले डैम प्रशासक द्वारा रात में ही पूरे क्षेत्र में अनाउंसमेंट कर रेणुका नदी के आसपास रहने वालों को नदी में ना जाने की अपील की गई और ऐतिहातन अपने सामानों को सुरक्षित करने की अपील की। फिलहाल डैम का जलस्तर 193 मीटर पर स्थिर है।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए XEN AE और JE डैम की पानी पर नज़र बनाये हुए है। ओबरा डैम के जलस्तर में भारी वृद्धि को देखते हुए डैम प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। सोमवार देर रात डैम का जलस्तर खतरे के निशान से 193.24 ऊपर पहुंचा गया था। डैम प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वरा वार्त्तालाप कर डैम का जलस्तर को कंट्रोल करने के लिए।
9 में से डैम का 2 फाटक खोलकर जलस्तर कंट्रोल किया गया। 1 cm घण्टे की रफ्तार से पानी की राइजिंग ट्रेंड होनी की वजह से फाटक नंबर 6 और 8 से पानी छोड़कर जलस्तर को 193 पर लाया गया है। फाटक खुलने से रेणुका नदी क्षेत्र के जद में आने वाले 7 गांवों को प्रभावित देखकर अलर्ट जारी किया गया था।
रात में ही डैम प्रशासन ओबरा पुलिस और ग्राम प्रधान द्वारा लोगों को सूचना देकर आगाह कर दिया था। डैम खुलने से लगातार रेणुका और सोन नदी का जलस्तर बढ़ता देखा गया। हालांकि किसी भी तरह का नदी क्षेत्र के निचले इलाकों में निवास करने वाले लोगों को किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा।
डैम प्रशासन के महेश बाबू ने बताया कि के दो फाटक खुला है 8 और 9 193. 05 होने के बाद गेट का एक फाटक फिलहाल बंद कर दिया गया। 193.24 एफआरएल होता है फिलहाल 193 लेवल पर जलस्तर बना हुआ है। फाटक खोलने से रेणु नदी में कोई ज्यादा इफेक्ट नहीं पड़ेगा। सोन बिजुल नदी का लेवल हाई होने पर रेणुका नदी का लेवल बढ़ जाता है और नुकसान होने के चांस ज्यादा होता है।
कम से 5 से 6 फाटक खोलने पर स्थित भयावक हो सकती थी। फिलहाल अधिशासी अभियंता रूपेश कुमार खरे पूरी स्थिति पर नज़र बनाये हुए है। सभी स्विफ्ट बाई स्विफ्ट ड्यूटी में रहते है। AE कंट्रोलिंग में लगे रहते हैं और JE शिफ्ट में रहते हैं। टेक्निकल सिविल के सभी लोग बरसात के मौसम तक ड्यूटी के दौरान सघन निगरानी रखते है। अगर रिहंद डैम खुलता है तो उसका पानी ओबरा डैम में आएगा जिससे जलस्तर में वृद्धि हो जाएगी।
रिहंद डैम का फाटक 2011 में डिस्चार्ज किया गया था और ओबरा डैम का फाटक 2016-17 में डिस्चार्ज किया गया था। पिछले कई वर्षों से उतनी ज्यादा बरसता नहीं हुई कि डैम का फाटक डिस्चार्ज करने की नौबत आती। फिलहाल नज़र बनी हुई है अगर कोई बात होगी तो सूचना दी जाएगा। वही लोगों का आरोप है कि डैम खुलने की सूचना कम से कम 24 घण्टे पहले देनी चाहिए।
प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण जनपद सोनभद्र जिसकी सीमाएं चार प्रदेश से जुड़ती हैं तथा भारत के प्रमुख बांधों में शुमार रिहंद बांध, ओबरा बांध यहां स्थित है। कई वर्षों के सूखा और कम बारिश की वजह से डैम का जलस्तर मेंटेन नहीं हो पा रहा था। लगातार हो रहे मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, झारखंड और सोनभद्र में मूसलाधार बरसात के कारण रिहंद और ओबरा बांध लबालब भर रहे हैं। भारी मात्रा में पानी के आवक को देखते हुए 26 अगस्त की रात्रि में ओबरा बांध के गेट न. 6 व 8 को खोला गया।
बीजपुर, सोनभद्र। विश्वहिन्दू परिषद स्थापना दिवस सप्ताह कार्यक्रम के तहत हिन्दू समाज को संगठित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से बीजपुर स्थित पंचायत भवन पर मंगलवार शाम विश्वहिंदू परिषद का 60वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया।
Advertisement
कार्यक्रम में नरसिंह त्रिपाठी प्रांत धर्म प्रसार प्रमुख विश्वहिंदू परिषद काशी प्रांत के मौजूदगी में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए नरसिंह त्रिपाठी ने कहा कि हिंदू समाज की सेवा सुरक्षा संस्कार उत्कर्ष के लिए1964 में विहिप की स्थापना हुई थी इसका उद्देश्य हिन्दू समाज को एकजुट करना मजबूत करना हिन्दू धर्म की सेवा और सुरक्षा करना साथ ही गौहत्या और धर्मांतरण जैसे मामलों को रोकना है।
Advertisement
उन्होंने विहिप के श्रीराम सेतु आंदोलन श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति में सक्रियता के बारे में भी जानकारी दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी जयराम शर्मा की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखण्ड अध्यक्ष यशवंत सिंह ने की तथा संचालन की जिम्मेदारी प्रखण्ड मंत्री राजेश कांत गुर्जर ने निभाई।
Advertisement
कार्यक्रम में जिला संगठन मंत्री आंनद जी जिला मंत्री उपेंद्र प्रताप सिंह बजरंग दल जिला संयोजक शशि कांत दुबे सह संयोजक विश्वजीत पाठक जिला समरसता प्रमुख आरएसएस अनिल त्रिपाठी प्रखंड उपाध्यक्ष चंदन कुमार गुप्ता प्रखंड सह मंत्री प्रेम लाल प्रखंड सत्संग प्रमुख राजेश कुमार विश्वकर्मा दुर्गा वाहिनी संयोजिका सुमित्रा देवी जरहां खण्ड अध्यक्ष रोहित सिंह बघेल जरहां खंड मंत्री प्रदीप कुमार गुर्जर प्रवीन सिंह बघेल परमात्मा सेठ कन्हैया
Advertisement
लाल वर्मा रविन्द्रर गुप्ता, पुनीत सिंह, जयराम ठाकुर, आशीष तिवारी, सुनील सिंह, पंकज कुमार गुप्ता,वीरेश कुमार गुर्जर, दिनेश गुप्ता, राम प्रवेश गुप्ता, मातृ शक्ति प्रतिमा ठाकुर, सिंधु मिश्रा, सुषमा जयसवाल, दुर्गा वती देवी एवं प्रखण्ड तथा खण्ड के समस्त पदाधिकारी कार्यकर्ता और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
स्थानीय महिलाओं द्वारा जन्म से छठी तक होता था बधाईयां, सोहर का गायन।
उत्तर मोहल में होता था बिरहा का मुकाबला
आरटीएस क्लब की झांकी में 6 दिन तक वितरित किया जाता था अलग-अलग प्रसाद।
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज नगर मे श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर झांकी सजाने की परंपरा प्राचीन है। भगवान योगेश्वर श्री कृष्ण के 5251 वे अवतरण दिवस पर आज भी जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के विभिन्न क्षेत्रों में झांकी सजाने की परंपरा का पालन स्थानीय नागरिकों द्वारा किया जा रहा है।
वरिष्ठ साहित्यकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-” श्री राधा कृष्ण मंदिर का निर्माण नगर के रईस, व्यापारी, आजाद भारत के नोटिफाइड एरिया के प्रथम अध्यक्ष बलराम दास केसरवानी ने कराया था और सार्वजनिक रूप से इस मंदिर से श्री कृष्ण जन्माष्टमी की झांकी मनाने की परंपरा का आरंभ हुआ जो आज भी कायम है। सात दशक पूर्व नगर के उत्तर मुहाल के निवासी शिवशंकर प्रसाद, पार्वती देवी द्वारा सार्वजनिक रूप से छोटे स्तर पर छह दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी की झांकी का शुभारंभ किया गया,
इस अवसर पर श्री कृष्ण जन्म से छठी तक उत्तर मोहाल की भक्त चमेली देवी, मोबत देवी, फुला देवी, ललिता देवी, अमरावती देवी, सुशीला देवी, गुलाबी देवी प्रतिदिन शाम को पारंपरिक लोक वाद्य यंत्र ढोलक की थाप पर प्रतिदिन सोहर का गायन करती थी।
पकालांतर में इस मोहल्ले में मिर्जापुर जनपद से आए राम सूरत सिंह यादव ठेकेदार द्वारा इस झांकी का विस्तार किया गया। यहां पर बड़े ही मनोयोग से झांकी को सजाया जाता था, इस सजावट में स्वर्गीय गुलाब प्रसाद केसरी, जवाहिर सेठ, माता प्रसाद सोनी,साधु मिस्त्री, महेश मिस्त्री नानक चंद आदि टेक्नीशियनो का महत्वपूर्ण योगदान रहता था।
झांकी में खिलौनों को चलता फिरता दिखाने के लिए मैनुअल तरीके से पंखे के मोटर, साइकिल की रीम व दफ्ती पर कृष्ण आदि के चित्रों की कटिंग कर धागे और पेच के सहारे जोड़कर इन चित्रों को चलचित्र का रूप देते थे इनमें नृत्य करती हुई मीरा बाई, गोपियों संग नृत्य करते हुए श्री कृष्ण,शिव पार्वती के पीछे चलता हुआ चक्र,रूई का पहाड़, चलता झरना,पथरचट्टी आदि झांकी लोगों के लिए आश्चर्यजनक और विस्मयकारी होती थी, सांचे के माध्यम से रंगोली,केले के पेड़ से झांकी का द्वार आदि की सजावट पुरूष ही करते थे।”
श्री कृष्ण भक्त जवाहिर सेठ के अनुसार-“कार्यक्रम की तैयारी पंद्रह दिन पूर्व ही शुरू हो जाती थी, जिसके अंतर्गत मोहल्ले के बच्चों द्वारा झंडियां बनाना, चिपकाना और दफ्ती पर कागज चिपका कर उस पर क्रीच और स्याही से बिरहा मुकाबला की सूचना लिख कर सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जाता था और रिक्शे के द्वारा कार्यक्रम का एलाउंसमेंट, विजयगढ़ टॉकीज में फिल्म से मध्यातर में स्लाइड शो चलवाया जाता था।
बिरहा के मुकाबले के लिए सड़क पर ही ड्रम पर चौकी रखकर मंच बनाया जाता था,आमने- सामने दो मंच बनाए जाते थे जिस पर वाराणसी के रेडियो लोकगीत गायक बुल्लू यादव, हीरा यादव, रामदेव यादव आदि गायक श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन बिरहा का गायन करते थे, यह रॉबर्ट्सगंज नगर का सबसे बड़ा मेला होता था,नगर के आसपास के ग्रामीणजन बिरहा का आनंद रात भर लेते थे स्थानीय निवासी अपने छतों, घरों के बरामदे से बिरहा सुनते थे,इन सुनने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा होती थी, क्योंकि उसमें पर्दा प्रथा का प्रचलन ज्यादा था।
समाजसेवी रामराज सर्राफ बताते हैं कि-“नवाब चन्द सेठ द्वारा अपने आवास पूरब मोहाल में भव्य झांकी का शुभारंभ किया गया और एक साल शीशे से आकर्षक झांकी की सजावट हुई थी इसकी याद आज भी नगर के बुजुर्गों को है।” शीतला मंदिर चौराहे पर लखन सेठ द्वारा श्री कृष्ण जन्माष्टमी की झांकी आकर्षक ढंग से सजवाई जाती थी।
आरटीएस क्लब के संरक्षक डॉक्टर कुसुमाकर श्रीवास्तव का बताते हैं कि-“आरटीएस क्लब के पदाधिकारी डॉक्टर जय राम लाल श्रीवास्तव, सेनेटरी इंस्पेक्टर ललित मोहन श्रीवास्तव,राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रुद्र प्रसाद श्रीवास्तव, शंभू सेठ,बलराम दास केसरवानी, शिव शंकर प्रसाद केसरवानी भोला सेठ,बी एन बाबू,इंटरेशिया इत्यादि नगर के सभ्रांत व्यापारियों द्वारा नगर के आरटीएस क्लब में झांकी शुरू कराया गया,इस झांकी में आधुनिकता का पुट देखने को मिलता था।
अध्यक्ष प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष प्रभाकर श्रीवास्तव, सचिव प्रदीप बगड़िया, दिवाकर श्रीवास्तव एवं और युवाओं के सहयोग से छह दिन तक चलने वाले कार्यक्रम में छह प्रकार के प्रसाद, छह प्रकार की झांकियों का प्रदर्शन और छह प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन होता था।
शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बिरजू महाराज, गुदई महाराज सहित देश के नामचीन कलाकार गायन/ वादन की प्रस्तुति देकर अपने आपको धन्य समझते थे, इसके अलावा आधुनिक ढंग पर आधारित आर्केस्टा, पर्दे पर भक्ति में फिल्म का प्रदर्शन आदि का भी आयोजन श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर किया जाता था। नगर के प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर,साई मंदिर,दुग्धेश्वर मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, राम जानकी मंदिर, बांके बिहारी मंदिर आदि मंदिरों एवं भगवान श्री कृष्ण के भक्तों द्वारा अपने व्यक्तिगत आवासों पर भगवान श्री कृष्ण की झांकी सजाई जाती है, और जन्माष्टमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।