आनन्द पटेल दयालु के नेतृत्व में कबाड़ बिनने वाले बच्चों को प्रोत्साहित कर स्कूल जाने के लिए किया गया प्रेरित

अजीत कुमार सिंह


सोनभद्र, ओबरा। राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनन्द पटेल दयालु के नेतृत्व में हमेशा कबाड़ बिनने वाले बच्चों को स्कूल भेजने का मुहीम चलाया जाता रहा है आज एक 6 वर्ष का बच्चा जब कबाड़ बिन रहा था तभी आनन्द पटेल दयालु की निगाह उस लड़के पर पड़ी और उसको अपने पास लाकर समझा बूझाकर संकल्प दिलवाया की हर हाल में स्कूल जाएंगे।

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जब उस बच्चे से पूछा गया कि तुम कबाड़ बिनते हो तो इसको बेच कर क्या करते हो तो उसने कहा कि हम कुरकुरे खाते हैं जिसके क्रम में दयालु ने कहा गया कि जब तुम्हारा मन करे कुरकुरे खाने का तो तुम नेताजी कॉटन भंडार पर आ जाया करो लेकिन तुम्हें पढ़ने जाना होगा ।

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शक्ति नाम के बच्चे से संकल्प दिलवाया गया उसने संकल्प लिया कि मैं कबाड़ अब कभी भी नहीं बिनूगा और स्कूल जाऊंगा। राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना की तरफ से बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित करने के लिए नया वस्त्र भी पहनाया गया स्कूल चलो अभियान बहुत ही फीका साबित हो रहा है जहाँ आज भी कबाड़ बिनने वाले बच्चे कबाड़ बिन रहे हैं। दुकानों में काम करने वाले बच्चे दुकानों में काम कर रहे हैं।

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अभी हमारा देश बहुत ही पीछे है जब तक ऐसे बच्चे स्कूल नहीं जाएंगे तब तक अभियान अधूरा है और इस अभियान को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना की टीम सदैव कार्य कर रही है जब तक अभियान पूरा नहीं होगा तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

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इन बच्चों का केवल इतना ही दोष है कि यह हमारे और आपके घर में पैदा नहीं हुए अगर यह हमारे और आपके घरों में पैदा होते तो शायद इन्हें कोई भी कबाड़ बीनने नहीं देता ऐसे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना दृढ़ संकल्पित है। इस दौरान मुख्य रूप से जिला संगठन मंत्री दिनेश केसरी जी, सूरज, सोनू , लकी आदि सेना के लोग मौजूद रहे।

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छात्रा की इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी फोटो को एडिट कर अश्लील विडियो व फोटो पोस्ट करने पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

• इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर छात्रा की फोटी लगाकर एडिट कर अश्लील फोटो व विडियो डालने पर थाना ओबरा पुलिस द्वारा पंजीकृत किया गया मुकदमा

अजीत कुमार सिंह



ओबरा, सोनभद्र। स्थानीय थाना क्षेत्रान्तर्गत रहने वाली छात्रा की फेक आईडी बनाकर उसका फोटो लगाकर किसी व्यक्ति द्वारा अश्लील फोटो व विडियों एडिट करके इंस्टाग्राम पर वायरल किया जा रहा था, जिसकी शिकायत छात्रा के द्वारा स्थानीय थाना पर दी गयी,

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जिसके पश्चात् तत्काल उक्त घटना को संज्ञान में लेते हुये मु0अ0सं0 127/2024 धारा 67 आईटी एक्ट पंजीकृत किया गया तथा साईबर टीम से सम्पर्क स्थापित कर घटना की जानकारी दी गयी

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तो ज्ञात हुआ कि पीड़िता छात्रा के साथ पढ़ने वाली एक अन्य छात्रा के द्वारा आपसी बातों को लेकर नाराज होकर बदनाम करने की नियत से पीड़िता का फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाया गया तथा उस पर पीड़िता का फोटो लगाकर अश्लील फोटो व विडियो बनाकर डाला जा रहा था। उक्त मोबाइल को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर विधिक कार्यवाही की जा रही है।

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एक दिवसीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

अजीत कुमार सिंह

ओबरा, सोनभद्र। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की जयंती एवं राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर अंबेडकर स्टेडियम के बैडमिंटन कोर्ट में अखिल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ओबरा नगर इकाई के द्वारा नगर मंत्री ऋषभ राज के नेतृत्व मे एक दिवसीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया जिसमे कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और विजेता खिलाडियों को पुरस्कृत किया गया

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जिसमे  लुक्की ने  प्रथम स्थान  प्राप्त किया वही विशाल जी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया व कार्तिकेय  केशरी जी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया सभी विजेता खिलाडियों को पदक और शील्ड दे कर सम्मानित किया गया व प्रतियोगिता मे प्रतिभाग किए सभी खिलाडियों के उत्साहवर्धन के लिए मोमेंटो दे कर सम्मानित किया।

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इसी दौरान पूर्व तहसील संयोजक शिखर सोनी जी ने खिलाडियों को मेजर ध्यांचंद्र के बारे मे बताया मेजर ध्यानचंद की विरासत हॉकी के मैदान पर उनकी असाधारण उपलब्धियों से कहीं आगे है। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारतीय खेलों को पुनः परिभाषित किया, कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के युग में हॉकी में देश का प्रभुत्व स्थापित किया।

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भारतीय खेलों में उनके योगदान को न केवल उनकी जीत के लिए याद किया जाता है, बल्कि एथलीटों की भावी पीढ़ियों को उनके द्वारा दी गई प्रेरणा के लिए भी याद किया जाता है। इस दौरान पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनमोल सेठ ने बताया की मेजर ध्यानचंद के खेल के प्रति अद्वितीय कौशल और समर्पण ने हॉकी की दुनिया पर एक अमिट छाप छोड़ी।

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वर्ष 1926 से 1948 तक अपने खेल करियर के दौरान मेजर ध्यानचंद ने 1,000 से ज़्यादा गोल किए और भारत को 1928, 1932 और 1936 में लगातार तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाए। इस दौरान अनिकेत सिंह, नील प्रताप सिंह, अंशित पाठक, अभय चौहान , रक्षित राज आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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नन्हें हाथों से सधे अंदाज में वॉलीबाल में ओबरा, रेणुकूट, चोपन, डाला ने मारी बाजी

HIGHLIGHTS

  • ओबरा नगर पंचायत अध्यक्षा ने किया उद्घाटन और पुरस्कृत

अजीत कुमार सिंह

ओबरा (सोनभद्र): नन्हें हाथों से सधे अंदाज में
वॉलीबाल को खेलते देख दर्शकों ने खूब वाह-वाही की।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की आयोजित जनपद स्तरीय वॉलीबाल प्रतियोगिता के बालक संवर्ग के अंडर 19 वर्ग में ओबरा इंटर कॉलेज प्रथम, आदित्य बिरला इंटर कॉलेज रेणुकूट द्वितीय,

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आदित्य बिरला इंटर कॉलेज डाला तृतीय स्थान पर रहे, वहीं अंडर 17 वर्ग में गुरुद्वारा इंटर कॉलेज चोपन प्रथम, आदित्य बिरला इंटर कॉलेज रेणुकूट द्वितीय, शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज ओबरा तृतीय रही। अंडर 14 वर्ग में आदित्य बिरला इंटर कॉलेज डाला प्रथम, शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज ओबरा द्वितीय स्थान पर रही।

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वॉलीबाल प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि ओबरा नगर पंचायत की अध्यक्ष चांदनी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित और जिले भर से आए खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मुकुंद सिंह गौर ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। सरस्वती वंदना और स्वागत गीत मेजबान शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज की बेटियां अर्पिता, शिखा, शिवानी, महक, वर्षा ने प्रस्तुत किया।  संचालन प्रवक्ता आचार्य प्रमोद चौबे, अनिल सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
   

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प्रतियोगिता में सामाजिक कार्यकर्ता श्रवण पासवान, बिल्ली मारकुंडी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमरेश यादव, मुकेश जायसवाल, सभासद अनिल, व्यायाम शिक्षकों में अनिल सिंह, राहुल त्रिपाठी, श्वेता द्विवेदी, अनुराग पांडेय, संतोष यादव, जितेंद्र, अभिषेक श्रीवास्तव, सुमन श्रीवास्तव आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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पुरस्कृत हुए फुटबाल खिलाड़ी
वॉलीबाल प्रतियोगिता स्थल पर काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस पर सोनभद्र मुख्यालय तियरा स्टेडियम में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता में अंबेडकर स्टेडियम क्लब ओबरा की विजई टीम को नगर पंचायत अध्यक्ष चांदनी ने  5100 रूपये के नक़द देकर पुरस्कृत किया। साथ में अन्य पुरस्कारों से भी नवाजा। इसमें जिला फुटबाल एसोसियेशन के सचिव मो. नूर अहमद सहित कप्तान अनिल सिंह के नेतृत्व में पूरी टीम शामिल रही।

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ब्लॉक का चहूँमुखी विकास हमारा लक्ष्य- मान सिंह गोंड़

सन्तोष दयाल
म्योरपुर, सोनभद्र। म्योरपुर विकास खंड के अंतर्गत शिशवा ग्राम पंचायत में ब्लॉक प्रमुख मानसिंह गौंड ने शुक्रवार को 500 मीटर लंबे नाली का उद्घाटन किया।शिशवा ग्राम पंचायत में लगने वाले बाजार में सड़क के किनारे 500 मीटर लंबे नाली निर्माण का उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख ने पूजा पाठ के साथ किया।

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इस उद्घाटन समारोह में ब्लॉक प्रमुख मानसिंह गौंड ने कहा कि यह नाली निर्माण ग्राम पंचायत के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को स्वच्छता और स्वास्थ्य के मामले में बहुत लाभ होगा।इस अवसर पर ग्राम प्रधान सिसवा जनक लाल,

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ग्राम प्रधान गढ़िया प्रेमचंद यादव, ग्राम प्रधान कचन राजपती विश्वकर्मा, क्षेत्र पंचायत सदस्य बजरंगी, सफाई कर्मी रामधनी एवं मानोज सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख मानसिंह गौंड का धन्यवाद किया और कहा कि यह नाली निर्माण उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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सास-ससुर की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगा दी रोक, दहेज हत्या का है मामला

HIGHLIGHTS

  • शिकायतकर्ता को भी कोर्ट ने जारी की है नोटिस
  • दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर प्रियंका की हत्या करने का है आरोप


सोनभद्र। दहेज हत्या के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ व न्यायमूर्ति सैयद कमर हशन रिजवी की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए सास-ससुर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया। यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता ओपी पाल के जरिए एफआईआर के विरुद्ध दाखिल की गई याचिका पर कोर्ट ने दिया है।

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इसके अलावा शिकायतकर्ता को भी कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। बता दें कि 12 जून 2024 को घोरावल थाने में दी तहरीर में रामकिसुन पुत्र बलदेव निवासी खोरडीह चंदनपुर, थाना राजगढ़, जिला मिर्जापुर ने अवगत कराया था कि उसने अपनी पौत्री प्रियंका पुत्री राजबली की शादी 4 वर्ष पूर्व रमेश पुत्र कल्लू निवासी वीरकला, थाना घोरावल, जिला सोनभद्र के साथ हुई थी।

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शादी के कुछ दिन बाद से ही पति रमेश, सास इंद्रावती व ससुर कल्लू द्वारा पौत्री प्रियंका को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। कई बार ससुराल वालों को समझाया गया, लेकिन उनके ऊपर कोई असर नहीं हुआ। बल्कि कुछ दिन शांत रहने के बाद पुनः मारपीट करने लगते थे। बावजूद इसके पौत्री प्रियंका सबकुछ बर्दाश्त करती रही।

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अपनी एक वर्ष की छोटी बच्ची के लिए प्रियंका 10 जून 2024 को रात्रि में अपनी बहन के यहां फोन की थी और बताई थी कि उसका पति, सास और ससुर उसे मारपीट रहे हैं और जान मारने की धमकी भी दे रहे हैं। प्रियंका फोन पर बात करते समय रो रही थी और काफी डरी हुई थी। प्रियंका के ससुराल के गांव के किसी व्यक्ति ने फोन करके बताया कि प्रियंका की मौत हो गई है।

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यह फोन सुबह 5 बजे आया तो सुनकर स्तब्ध रह गया। इसके बाद गांव घर के लोगों को साथ लेकर वीरकला पहुंचा तो देखा कि प्रियंका की हत्या कर दी गई थी। इतना ही नहीं उसे आत्महत्या की शक्ल देने की कोशिश ससुराल वालों द्वारा की जा रही थी। जबकि प्रियंका के पैर में बांधने के निशान थे। इस घटना की सूचना ससुराल वालों द्वारा न तो हमलोगों को और न ही पुलिस को सूचना दी गई। बल्कि हमलोगों के पहुंचने के बाद किसी ने पुलिस को सूचना दे दिया। तब जाकर अंतिम संस्कार को पुलिस ने रोकवा दिया।

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इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया।  पुलिस आरोपी सास इंद्रावती और ससुर कल्लू की गिरफ्तारी करने की फिराक में पड़ गई है। गिरफ्तारी से बचने के लिए अधिवक्ता के जरिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के एडवोकेट ओपी

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पाल ने जांच अधिकारी द्वारा दर्ज किए गए गवाहों के बयान पेश किए हैं, जिससे पता चलता है कि दहेज की मांग केवल मृतिका के पति द्वारा की गई थी। 22 अगस्त 2024 को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सास इन्द्रावती और ससुर कल्लू की गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया है। वहीं शिकायतकर्ता को भी नोटिस जारी किया है।

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आत्मप्रीति से आत्म संतुष्टि की यात्रा – डॉ कंचन जैन


आत्मप्रीति  और आत्म-संतुष्टि एक सिक्के के दो पहलू होते हैं जो की एक दूसरे के पूरक हैं। फिर भी ये अलग-अलग अवधारणाएँ हैं। आत्मप्रीति , अपूर्णताओं की परवाह किए बिना, स्वयं की सराहना और स्वीकृति है। दूसरी ओर, आत्म-संतुष्टि, वह संतुष्टि और पूर्णता है जो व्यक्ति व्यक्तिगत लक्ष्यों और आकांक्षाओं को प्राप्त करने पर अनुभव करता है।

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जबकि आत्मप्रीति  एक आधारभूत तत्व है, यह आत्म-संतुष्टि की ओर यात्रा है जो वास्तव में हमारे जीवन को समृद्ध बनाती है।
आत्म-संतुष्टि का मार्ग आत्मप्रीति  से शुरू होता है। यह हमारे अंतर्निहित मूल्य को पहचानने और हमारे अद्वितीय गुणों को अपनाने के बारे में है।

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इसमें नकारात्मक आत्म-चर्चा को चुनौती देना, आत्म-करुणा का अभ्यास करना और ऐसी गतिविधियों में शामिल होना, शामिल है जो हमारे मन, शरीर और आत्मा को पोषण देती हैं।
नकारात्मक विचारों को सकारात्मक पुष्टि से बदलें। स्वयं को अपनी क्षमताओं, उपलब्धियों को सकारात्मक आधारशिला बनाएं।

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उन स्व-देखभाल गतिविधियों को प्राथमिकता दें जो तनाव मुक्ति को बढ़ावा देती हैं। इसमें ध्यान, योग, प्रकृति में समय बिताना  शामिल होना शामिल हो सकता है।
अपने जीवन के सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करके कृतज्ञता विकसित करें। यह आपके दृष्टिकोण को परिवर्तित करने में सहायता करता है और संतुष्टि की भावना को बढ़ावा देता है।

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एक बार जब हमारे पास आत्मप्रीति  की एक ठोस नींव होती है, तो हम आत्म-संतुष्टि की यात्रा शुरू कर सकते हैं। इसमें स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना और उन्हें प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास करना शामिल है।

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स्वयं  पहचानें कि आपके लिए वास्तव में क्या महत्व रखता है और विशिष्ट, मापने योग्य, प्राप्त करने योग्य, प्रासंगिक और समयबद्ध  लक्ष्य निर्धारित करें।
ऐसी किसी भी बाधा को पहचानें जो आपकी प्रगति में बाधा बन सकती है और उन्हें दूर करने के लिए एक रणनीति विकसित करें।

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अपनी उपलब्धियों को स्वीकार करें और उनका उत्सव मनाएँ, चाहे वे कितनी भी छोटी क्यों न हों। इससे आपकी प्रगति मजबूत होती है और आपकी प्रेरणा बढ़ती है एवं स्वयं को शारीरिक एवं मानसिक शांति प्राप्त होती है तथा तनाव से मुक्ति मिलती है।

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आत्म-संतुष्टि का मार्ग सदैव आसान नहीं होता। चुनौतियाँ और असफलताएँ अपरिहार्य हैं।  हम इन बाधाओं को अवसर में कैसे  परिवर्तित करते  हैं, यही हमारी अंतिम सफलता निर्धारित करता है। चुनौतियों को विकास और सीखने के अवसर के रूप में देखें।
असफलताओं पर ध्यान देने के बजाय, उनका विश्लेषण करके सबक लें और आवश्यक समायोजन करें।

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एक मजबूत सहायता प्रणाली का निर्माण करके और आत्म-करुणा का अभ्यास करके उच्च क्षमताएं विकसित करें।
आत्म-संतुष्टि की खोज करते समय, व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन के बीच एक स्वस्थ संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। खुद को ज़रूरत से ज़्यादा व्यस्त रखने से मानसिक तनाव और असंतोष हो सकता है। व्यावसाय और व्यक्तिगत समय के बीच स्पष्ट सीमाएँ स्थापित करें।

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सुनिश्चित करें कि आप पर्याप्त नींद लें और कार्य करने के लिए थोड़ा विश्राम लें। मित्रों और परिवार के साथ सार्थक संबंध विकसित करें।
आत्मप्रीति  से आत्म-संतुष्टि तक की यात्रा एक आजीवन प्रक्रिया है।

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इसके लिए समर्पण, दृढ़ता और सफलताओं और असफलताओं दोनों को स्वीकार करने की इच्छा की आवश्यकता होती है। आत्मप्रीति  विकसित करके, सार्थक लक्ष्य निर्धारित करके और अनुभवों से सीखकर, हम अपनी पूरी क्षमता को विकसित कर सकते हैं और पूर्णता और उद्देश्य से भरा जीवनयापन सकते हैं।

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जंगल में बकरी चराने गई नाबालिग लड़की के साथ हुई थी छेड़खानी, दोषी मुबारक अली को मिली 7 वर्ष की कैद

HIGHLIGHTS

  • छेड़खानी में दोषी मुबारक अली को 7 वर्ष की कठोर कैद
  • 20 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी ।
  • जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जायेगी
  • अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी
  • साढ़े छह वर्ष पूर्व बकरी चराने गई 10 वर्षीय दलित नाबालिग लड़की के साथ जंगल में छेड़खानी किए जाने का मामला

सोनभद्र। साढ़े छह वर्ष पूर्व बकरी चराने गई 10 वर्षीय दलित नाबालिग लड़की के साथ जंगल में छेड़खानी किए जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने वृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी मुबारक अली  को 7 वर्ष की कठोर कैद एवं 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।

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अभियोजन पक्ष के मुताबिक विंढमगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति पीड़िता के पिता ने विंढमगंज थाने में 26 अक्तूबर 2017 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी 10 वर्षीय दलित नाबालिग बेटी जो कक्षा 5 की छात्रा है। 11 अक्तूबर 2017 को दोपहर 12 बजे जंगल में बकरी चरा रही थी।

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तभी वहां अकेली पाकर मुबारक अली पुत्र गुलाम रसूल निवासी निमियाडीह ,थाना दुद्धी, जिला सोनभद्र पहुंच गया और बेटी को जबरन उठाकर झाड़ी में ले गया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा।

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बेटी चिल्लाने लगी तो मुबारक अली ने कहा कि 200 रुपये ले लो और चुप हो जाओ नहीं तो गला दबाकर मार डालेंगे। चिल्लाने की आवाज सुनकर कई लोग पहुंच गए तब बेटी की इज्जत बची। उधर मुबारक अली लड़की को छोड़कर भाग गया।

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इस तहरीर पर छेड़खानी, पाक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दिया और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में मुबारक अली के विरुद्ध चार्जशीट विवेचक ने दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने,

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गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी मुबारक अली को 7 वर्ष की कठोर कैद एवं 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर ले सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।

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सीएम के आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट, कमिश्नर ने लिया तैयारियो का जायजा

HIGHLIGHTS

  • मुख्यमंत्री के संभावित भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत मण्डलायुक्त, डी०आई०जी०, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक ने तैयारियों का लिया जायजा



सोनभद्र। मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल मीरजापुर डॉ० मुथुकुमार स्वामी बी0 ने जनपद में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थल संत कीनाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोढ़ी व हेलीपैड स्थल लोढ़ी का औचक निरीक्षण किये।

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निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त ने मुख्यमंत्री के हेलीपैड स्थल का स्थलीय जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं के सम्बन्ध में डी०आई०जी० आर0पी0 सिंह, जिलाधिकारी बी०एन० सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ० यशवीर सिंह से विचार- विमर्श करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश भी दियें और कहा कि सभी तैयारियां ससमय पूर्ण कर लिये जाये,

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जिससे कि किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न होने पाये, उन्होंने कहा कि हेलीपैड स्थल के आस-पास के झाड़ियों का कटान करते हुए साफ-सफाई का बेहतर प्रबन्ध किया जाये, इस दौरान डी०आई०जी० आर०पी० सिंह ने सुरक्षा के दृष्टिगत सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी भी आवश्यकतानुसार निर्धारित स्थलों पर लगाने के निर्देश दियें।

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गांधी पार्क में स्थापित कराई जाए ग्रामवासी जी की प्रतिमा: दीपक केसरवानी

HIGHLIGHTS

  • ग्रामवासी जी की 150वीं जयंती पर चोपन ग्रामवासी सेवा आश्रम में उठी मांग

सोनभद्र। स्वाधीनता के पश्चात देश में पहली बार हुए आम चुनाव में दुद्धी-रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र (संयुक्त) विधानसभा के प्रथम विधायक, अंग्रेजों के जोर,जुल्म अत्याचार, कुर्की, नीलामी, मिर्जापुर सहित अन्य जनपदों के जेलों में साढ़े तीन वर्ष कारावास की सजा भोगने वाले, निडर, निर्भीक,प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, देशभक्त, पत्रकार,

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ग्रामवासी साप्ताहिक समाचार पत्र के संस्थापक, संपादक ब्रजभूषण दास मिश्र “ग्रामवासी”की 150 वी जयंती ग्रामवासी सेवा आश्रम चोपन के प्रांगण में मनायी गयी। इस अवसर पर ग्रामवासी जी की प्रतिमा कलेक्ट्रेट स्थित गांधी पार्क में स्थापित करने की पुरजोर मांग उठाई गई।

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ग्रामवासी जी की सुपुत्री  शुभांश मिश्रा को इतिहासकार/स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिजन दीपक कुमार केसरवानी ने केंद्रीय हिंदी निदेशालय भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित कृति “भारतीय संस्कृति में सूर्य उपासना” भेंट कर दीर्घायु जीवन की कामना किया।

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श्री केसरवानी ने कहा कि-“ग्रामवासी दादा सोनभद्र के विकास पुरुष, असहयोग आंदोलन 1942 में मिर्जापुर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, कालांतर में मिर्जापुर जनपद के द्वितीय जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में इन्होंने इस क्षेत्र के विकास का कार्य किया।

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साथ  साथ मेरे पूर्वज मिर्जापुर जनपद के प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी (अहरौरा नगर) के निवासी बद्री प्रसाद ‘आजाद’,ज्वाला प्रसाद, जगन्नाथ प्रसाद, वृंदा प्रसाद, गौरी शंकर, श्री राम, रॉबर्ट्सगंज से बलराम दास केसरवानी ग्रामवासी दद्दा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर स्वाधीनता आंदोलन में भाग लिया था।

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मेरे पूर्वज मिर्जापुर जनपद के प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी (अहरौरा नगर) के निवासी बद्री प्रसाद ‘आजाद’,ज्वाला प्रसाद, जगन्नाथ प्रसाद, वृंदा प्रसाद, गौरी शंकर, श्री राम, रॉबर्ट्सगंज से बलराम दास केसरवानी ग्रामवासी दद्दा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर स्वाधीनता आंदोलन में भाग लिया था।

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मुझे भी 1996 में जब जनपद सोनभद्र का मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज से पिपरी में उद्घाटित हो  गया था, उस समय ग्रामवासी जी द्वारा सरकार के खिलाफ छेड़े गए व्यापक आंदोलन में सम्मिलित होने का सुअवसर प्राप्त हुआ था।

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उन्होंने मांग किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सोनभद्र जनपद के कलेक्ट्रेट में स्थापित गांधी पार्क में ग्रामवासी जी की आदम कद की प्रतिमा एवं जनपद सोनभद्र के 112 सेनानियों के नाम की सूची, सोनभद्र में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान घटी घटनाओं का विवरण प्रस्तर स्तंभ पर उत्कीर्ण कराया जाना चाहिए।

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