बीते रविवार को अम्बर होटल लखनऊ में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन- एआईएफटीओ की राष्ट्रीय समिति की बैठक आयोजित हुई। इस दौरान संस्था के अध्यक्ष अश्विनी कुमार (हिमाचल प्रदेश), महासचिव छगनलाल रोज (राजस्थान),
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तेलंगाना के शिक्षक विधायक कोरा रघोत्तम रेड्डी, राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश मूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द पाण्डेय, प्रान्तीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कुमार गौतम , प्रान्तीय कार्यकारी महामंत्री अशोक कुमार अवाक, प्रान्तीय उपाध्यक्ष एवं एआईएफटीओ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ सालिकराम प्रजापति,
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शैक्षिक नवाचार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह के साथ विभिन्न राज्यों के शैक्षिक संगठनों के विभिन्न पदाधिकारी सम्मिलित हुए।राष्ट्रीय समिति में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित किए गए तथा एआईएफटीओ को राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त करने पर बल दिया गया।
लखनऊ। बीते सोमवार को लखनऊ, ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन की त्रिवार्षिक कार्यकारिणी के पुनर्गठन हेतु आयोजित अधिवेशन/आम चुनाव निर्विरोध सम्पन्न हुआ।
इसमें मूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द पाण्डेय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मीनाक्षी कौल, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कुमार गौतम, प्रान्तीय कार्यकारी महामन्त्री अशोक कुमार अवाक, मूल संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एआईएफटीओ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ सालिकराम प्रजापति की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
साथ ही विभिन्न मण्डलों से आए हुए पदाधिकारियों अमर सिंह जिला महामन्त्री सोनभद्र , राहुल -मण्डलीय महामन्त्री विन्ध्याचल मण्डल, रविन्द्र कुमार मण्डलीय अध्यक्ष मेरठ मण्डल, सतीश कुमार मण्डलीय महामन्त्री मेरठ मण्डल एवं सत्यपाल सिंह कर्दम , डॉ विजय भारतीय सिंह -मण्डलीय अध्यक्ष वाराणसी मण्डल, वेद प्रकाश राय मण्डलीय महामन्त्री वाराणसी मण्डल और इन्दु यादव, डॉ सुनील बिझला मण्डलीय अध्यक्ष प्रयागराज मण्डल ,
डॉ बीना गौतम-पूर्व मण्डलीय अध्यक्ष प्रयागराज मण्डल, रूपचन्द्र गौतम- राजकीय इण्टर कॉलेज प्रयागराज. शिवकिशन यादव जिलाध्यक्ष प्रतापगढ़, प्रतीक सिंह जिला महामन्त्री प्रतापगढ़, रामधन यादव पूर्व जिला महामन्त्री प्रतापगढ़, दीपक कुमार शुक्ल मण्डलीय महामन्त्री कानपुर मण्डल प्रशान्त कुमार जिलाध्यक्ष इटावा, विनोद पाल पूर्व जिलाध्यक्ष इटावा, राजीव अग्रवाल मण्डलीय अध्यक्ष अलीगढ़ मण्डल, धीरेन्द्र चौधरी मण्डलीय अध्यक्ष देवीपाटन मण्डल, गोरखपुर मण्डल से सन्तोष कुमार सिंह ,
लखनऊ मण्डल से विनोद कुमार उप-प्रधानाचार्य राजकीय जुबिली इण्टर कॉलेज लखनऊ, डॉ राजेन्द्र आर्य जिलाध्यक्ष लखीमपुर-खीरी, सत्यम शिवम सुन्दरम राजकीय इण्टर इण्टर कॉलेज निशातगंज लखनऊ , पूर्णमासी पूर्व उप- प्रधानाचार्य राजकीय इण्टर कॉलेज रायबरेली एवं सरोज गिरि रायबरेली, अयोध्या मण्डल से अंजू रानी अवस्थी, मालती देवी एवं अरविन्द प्रकाश त्रिपाठी, चित्रकूटधाम मण्डल से रामबाबू यादव व सुनील कुमार , झाॅंसी मण्डल से महेश शर्मा, बस्ती मण्डल से सचिन यादव आदि ने सोल्लास समारोह में प्रतिभाग किया।
हिमाचल प्रदेश से डॉ अश्विनी कुमार राष्ट्रीय अध्यक्ष, राजस्थान से छगनलाल रोज राष्ट्रीय महासचिव एवं मूल संघ के प्रान्तीय उपाध्यक्ष डॉ सालिकराम प्रजापति राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए। मूल संघ के प्रान्तीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कुमार गौतम को भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में स्थान दिया गया है। एनपीएस एवं यूपीएस का विरोध करते हुए ओपीस के लिए संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया गया। एआईएफटीओ के अध्यक्ष डॉ अश्विनी कुमार के राज्य हिमाचल प्रदेश में ओपीस लागू है। महासचिव छगनलाल रोज के राज्य राजस्थान में ओपीएस लागू हुआ किन्तु वर्तमान सरकार में इस पर पुनः संकट के बदले खड़े हो गए हैं। इसके लिए संघर्ष का रास्ता अपनाने की बात की गई। साथ ही सम्पूर्ण भारतवर्ष में सभी शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु समान करने , शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक समान करने, समान विद्यालय व्यवस्था जैसे अन्य मुद्दों पर भी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुए।
सोनभद्र। मगंलवार की देर शाम सोन घाटी सोन माटी के सोन धरा पर भव्य एवं दिव्य कजरी महोत्सव का आयोजन संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश,उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान लखनऊ, भारतखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ,राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सोनभद्र,जिला प्रशासन सोनभद्र के संयुक्त तत्वाधान में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज चुर्क के प्रांगण में आयोजित किया गया।
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जिसमें बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह, निदेशक उत्तर प्रदेश लोक कला एवं जनजाति संस्कृति संस्थान के अतुल द्विवेदी, इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक जी एस तोमर एवं पंडित आलोक कुमार चतुर्वेदी, डॉ अंजलि विक्रम सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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कजरी गायन में आश्रया द्विवेदी प्रयागराज व राकेश उपाध्याय गोरखपुर द्वारा प्रस्तुति दी गई। कजरी गायन एवं नृत्य फगुनी देवी मिर्जापुर, करमा, डोमकच, झूमर नृत्य नाटिका आशा देवी सोनभद्र द्वारा प्रस्तुत किया गया।
इसी प्रकार से कजरी गायन एवं नृत्य विन्ध्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा तथा नृत्य नाटिका शिवानी मिश्रा वाराणसी द्वारा प्रस्तुति की गई. सभी सम्मानित कलाकारों को जिलाधिकारी सोनभद्र बद्रीनाथ सिंह , निदेशक लोक कला एवं जनजाति संस्कृति संस्थान लखनऊ अतुल द्विवेदी , पंडित आलोक कुमार चतुर्वेदी, धनंजय पाठक, डॉ अंजलि विक्रम सिंह, जी एस तोमर, अजय कुमार सिंह के द्वारा सम्मानित किया गया
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह ने कहा की कि भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता पर आधारित ऐतिहासिक, पौराणिक, सांस्कृतिक विंध्य पर्वत की श्रृंखलाओं के हृदय तल पर स्थित पवित्र धरा पर भव्य एवं दिव्य,सुसज्जित तरीके से कजरी के महत्व को पहुंचाने का प्रयास सभी के सहयोग से किया गया।
कजरी एक ऐसा कार्यक्रम है जो कजरी पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध लोकगीत है। कजरी की उत्पत्ति सोनभद्र व मिर्जापुर से मानी जाती है। सोनभद्र व मिर्जापुर पूर्वी उत्तर प्रदेश में सोन व गंगा के किनारे बसा जिला है। यह वर्षा ऋतु का लोकगीत है। इसे सावन व भादो के महीने में गाया जाता है।
अतुल द्विवेदी ने कहा कि यह अर्ध-शास्त्रीय गायन की जीवंत शैली के रूप में भी विकसित हुआ है और यह गायन केवल बनारस घराने तक ही सिमित होता जा रहा है।कजरी गीतों में वर्षा ऋतु का वर्णन विरह-वर्णन तथा राधा-कृष्ण की लीलाओं का वर्णन अधिकतर मिलता है। कजरी की प्रकृति क्षुद्र है। इसमें श्रृंगार रस की प्रधानता होती है।
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वहीं राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक जी0एस0तोमर ने कहा की उत्तरप्रदेश पूर्वांचल में कजरी गाने का प्रचार खूब पाया जाता है। यह लोकगीतों में से जीवंत शैली है कजरी, जिसके जरिए महिलाएं अपने संबंधों को सहेजती हैं. इसमें पति-पत्नी के बीच श्रृंगार, प्रेम, विरह की बातों को गीतों के माध्यम से बताया जाता है, तो वहीं ननद-भाभी, सास-बहू, देवर-भाभी के प्रेम को भी खूबसूरत भाव के साथ प्रस्तुत किया जाता है।
पंडित आलोक कुमार चतुर्वेदी ने कहा की उत्तर प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन की अनोखी पहल है गौरव का विषय यह है कि इस बार कजरी महोत्सव सोनभद्र के चुर्क में स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज प्रांगण में आयोजित हुआ है पूरे पूर्वांचल का लोक परंपरा लोकगीतों से गहरा नाता है।
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जहां आज भी परंपराओं में लोकगीत जीवंत नजर आते हैं. इन्हीं लोकगीतों में से एक जीवंत शैली है कजरी, महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना के साथ कजरी गीत को गाती है. बताया कि कजरी एक विधा नहीं बल्कि वह जीवंत शैली है, जिसके जरिए महिला अपने प्रेम वेदना श्रृंगार को बयां करती है। कजरी को लेकर पुरानी कहानियों में अलग-अलग मान्यताएं हैं, अलग अलग स्वरूप है।
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इसमें जहां पति-पत्नी के बीच प्रेम के रिश्तों को बताया गया है, तो वहीं पति के दूर जाने पर नवविवाहिता के विवाह की भी बातें कही गई हैं। डॉ अंजलि विक्रम सिंह ने कहा कि ने कहा की कजरी के माध्यम से ननद-भाभी के नटखट रिश्ते, देवर भाभी के बीच के पवित्र संबंध, सास बहू के बीच की नोकझोंक को भी बताया गया है।
उन्होंने बताया कि कजरी की शुरुआत सोनभद्र मिर्जापुर बनारस से मानी जाती है. डेढ़ सौ साल पहले जब पति नौकरी के लिए दूर देश चले जाते थे तो ऐसे में महिलाएं अपनी विरह वेदना गीतों के जरिए गाती थीं। इसलिए उसका नाम कजरी पड़ा। यह भी कहा जाता है कजलवंती देवी चरणों में बैठकर कजरी नाम की महिला अपने दर्द को रो-रो कर बयां करती थीं,
इसलिए भी इसका नाम कजरी पड़ा. बारिश व हरियाली के मौसम को उत्सुकता से मनाने की कला को भी कजरी कहा गया है। इसकी अनेक परिभाषा हैं। लेकिन इन सब में एक परिभाषा है कि नवविवाहित के सम्बंध और रिश्तों का आईना ही कजरी है।कजरी तीज पर महिलाएं करती है कजरी तीज का अलग महत्व है। महिलाएं पति के दूर जाने से दुखी तो हैं, लेकिन उनके स्वस्थ रहने की कामना भी करती हैं।
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यही वजह है की कजरी तीज का प्रावधान है, जहां महिलाएं सोलह श्रृंगार कर अखंड सौभाग्य के कामना के साथ पूजा अर्चना करती हैं, गीत गाती हैं और अपने पति को याद करती है। वर्तमान स्वरूप में भी कजरी विद्यमान है, यही वजह है कि महिलाएं गांव में बाकायदा झूला डालकर पूरे सावन भर कजरी गीत को गाती है. कार्यक्रम अतुल द्विवेदी, जीएस तोमर, आलोक कुमार चतुर्वेदी, धनंजय पाठक, डॉ अंजलि विक्रम सिंह, अजय कुमार सिंह,शेषनाथ चौहान,रमाशंकर यादव,अपर जिला पंचायत राज अधिकारी, विनय कुमार सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर विशेष डॉ. धर्मवीर तिवारी के कलम से
नरेंद्र मोदी जी भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री हैं और उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था । वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य हैं, जो एक हिंदू राष्ट्रवादी अर्धसैनिक स्वयंसेवी संगठन है । मोदी जी ने अपने बचपन में चाय बेचने में अपने पिता की मदद की और बाद में अपना खुद का स्टाल चलाया।
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आठ वर्ष की आयु में वे आरएसएस से जुड़े, जिसके साथ एक लम्बे समय तक संघ की सेवा में रहे । मोदी जी ने गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और उन्हें विकास पुरुष के नाम से जाना जाता है । वह गुजरात राज्य के 14वें मुख्यमन्त्री रहे और उन्हें उनके अच्छे कामों के कारण गुजरात की जनता ने लगातार 4 बार (2001 से 2014 तक) गुजरात का मुख्यमन्त्री चुना । उनके नेतृत्व में भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा और 282 सीटें जीतकर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की ।
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मोदी जी ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को शुरू किया है, जैसे कि जन धन योजना, मुद्रा योजना, अटल पेंशन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, उजाला योजना, और उज्ज्वला योजना । उनके प्रशासन ने अफसरशाही में कई सुधार किये और योजना आयोग को हटाकर नीति आयोग का गठन किया ।
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मोदी जी एक राजनेता और कवि भी हैं और वे गुजराती भाषा के अलावा हिन्दी में भी देशप्रेम से ओतप्रोत कविताएँ लिखते हैं । उन्होंने 2019 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद दूसरी बार प्रधानमन्त्री पद की शपथ ली ।
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नरेंद्र मोदी जी के व्यक्तित्व को समझने के लिए, उनके जीवन और राजनीतिक करियर पर एक नज़र डालना आवश्यक है। उनकी मजबूत नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति ने उन्हें जल्द ही भाजपा के शीर्ष नेताओं में से एक बना दिया
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मोदी जी के व्यक्तित्व की खास बातें हैं उनकी मजबूत इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता, और देश के विकास के लिए उनकी प्रतिबद्धता । उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया । 2014 में उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री का पद संभाला और तब से देश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं और नीतियां लागू की हैं अति महत्वपूर्ण कार्यों में स्वच्छता अभियान नोटबंदी (विमुद्रीकरण) जीएसटी में सुधार है ।
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उनकी लोकप्रियता और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बना दिया है कश्मीर से धारा 370 को हटाकर उन्होंने अपने मजबूत सशक्त नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया मोदी जी के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं जिन्होंने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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आर्थिक विकास उनके नेतृत्व में भारत दुनिया में सर्वाधिक तेज़ी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया सामाजिक कल्याण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से पूरे जीवन-काल में शिशु लिंग अनुपात में कमी को रोकने में मदद मिली है और महिलाओं के सशक्तीकरण से जुड़े मुद्दों का समाधान हुआ है .
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कृषि विकास प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना सिंचाई की सुविधाएं सुनिश्चित कर उपज को बढ़ाएगी। इस योजना का विजन यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक खेत को किसी ना किसी तरह के सुरक्षात्मक सिंचाई के साधन उपलब्ध हों ऊर्जा स्वतंत्रता भारत ने 18,000 गांवों में बिजली पहुंचाने का महत्वाकांक्षी मिशन तय किया है। ये गांव आजादी के 7 दशक बाद आज भी अंधेरे में डूबे हुए हैं
स्वच्छता अभियान गंगा नदी की सफाई के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। गंगा नदी का न सिर्फ़ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व है बल्कि देश की 40% आबादी गंगा नदी पर निर्भर है मोदी देश के गौरव मोदी ने विश्व में भारत का मान बढ़ाया मोदी ने हर भारतीय के स्वाभिमान को उच्च स्तर दिया मोदी ने देश को सशक्त और मजबूत नेतृत्व दिया मोदी ने सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास को चरितार्थ किया मोदी जी का संकल्प विकसित भारत की ओर बढ़ने का है, जिसमें वे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और योजनाओं के माध्यम से देश के विकास को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं
उनका लक्ष्य भारत को विश्व में एक मजबूत और समृद्ध देश बनाना है, जहां हर नागरिक को समान अवसर और सुविधाएं प्राप्त हों। इस यात्रा में वे देश के युवाओं को सशक्त बनाने, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने, और देश के आर्थिक विकास को गति देने पर विशेष ध्यान दे रहे उनका संकल्प है कि 2047 में विकसित भारत होगा! देश के सबसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर विशेष डॉ धर्मवीर तिवारी पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा सोनभद्र
सोनभद्र। जिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त निर्देश के क्रम में अत्यधिक बारिश एवं जल भराव की स्थिति के दृष्टिगत सुरक्षा एवं छात्रहित में आज दिनांक 18.09.2024 को कक्षा 1-8 तक संचालित परिषदीय, राजकीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, समस्त बोर्ड के अंग्रेजी/हिंदी माध्यम के विद्यालयो में अवकाश रहेगा। यह जानकारी बीएसए मुकुल आनंद पाण्डेय ने दी।
विश्वकर्मा पूजा पर हुई काब्यगोष्ठी, दिवाकर द्विवेदी हुए सम्मानित
सोनभद्र। शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी सोनभद्र के तत्वावधान में विश्वकर्मा पूजा मंगलवार दोपहर दिवाकर द्विवेदी मेघ जन्म दिवसोत्सव के उपलक्ष्य में नगर स्थित उनके आवास पर सरस काव्य संध्या का आयोजन किया गया। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार रामनाथ शिवेंद्र व मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार ओमप्रकाश त्रिपाठी रहे।
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वाग्देवी सरस्वती को दीप जला एवं माल्यार्पण कर वाणी वंदना करते हुए संयोजक दिवाकर द्विवेदी मेघ ने,, मां शारदे वरदान दो तव स्मरण करते रहें, तेरे चरण की वंदना हम सब सदा करते रहें सुनाकर विधिवत शुभारंभ किया, संचालन कर रहे शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी सोनभद्र के निदेशक प्रदुम्न त्रिपाठी एडवोकेट ने सरहद के पहरेदारों को यह मेरा पैगाम जाये।
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देश खड़ा है साथ आपके ए मेरा पैगाम जाये। सुनाकर वीर रस का संचार किये। ओज के सशक्त हस्ताक्षर प्रभात सिंह चंदेल ने,, कर सौम्यता सरलता को स्वयं में समाहित लिखती है हिंदी प्रभुताई प्रभु राम की,,, हिंदी पर रचना सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर विबस कर दिया। दयानंद दयालू ने लोकभाषा भोजपुरी में
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विश्वकर्मा बाबा पूजीला चरनियां तोहार और पलक झपकत में दुनिया बना देले सुनाया और सराहे गये। ओज की सशक्त कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने राष्ट्रवाद की बात करते हुए, पुष्प बनकर मैं खुश्बू लुटाती रहूं कांटे दामन में अपने छिपाती रहूं शारदे शक्ति दे जागरण नित करूं राष्ट्र हित मे सदा गीत गाती रहूं सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
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धर्मेश चौहान एड ने समरसता एकता अखंडता सदभावना की बात कर देश को नमन किया लहरे तिरंगा सदा आसमान में,,,, सुना देश को प्रणाम किया। हास्य-व्यंग्य कविताएं जयराम सोनी ने सुनाया नहीं मंजिल कोई जो खुद से पास आती है सुनाया।
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दिवाकर द्विवेदी ने बीए पढे लागल बा बेटौवा सुनाया और खूब हंसाया। शायर जुल्फेकार हैदर खां ने अपनी शायरी, किसी से जीवन में उतना ही फासला रखना सामना, होने पर मिलने का हौसला रखनाइस अवसर पर मेघ का सारस्वत अभिनंदन किया गया। सुनाकर गंभीर शायरी दिया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार ओमप्रकाश खे जब
त्रिपाठी ने, ढूंढ रहे हम अपना प्यारा हिंदुस्तान सुनाया और आशीर्वाद जन्म दिन पर मेघ को दिये। अध्यक्षता करते हुए हिंदी साहित्य पत्रिका असुवि बादधा के संपादक कथाकार रामनाथ शिवेंद्र ने सफल कविगोष्ठी व मेघ के जन्म दिवस की बधाई देते हुए अपनी ,, सवाल जब धधकते है आग की तरह,,, फिर जबाबों में होते तहजीब नहीं सुनाकर आयोजन के समापन की घोषणा किए। इस अवसर पर रिषभ शिवमोचन फारुख अली हाशमी ठाकुर कुशवाहा शिखा मृत्युंजय दिलीप सिंह दीपक आदि रहे।
सोनभद्र। सदर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत लसड़ा करारी बठिगाव सहित आसपास के गांव में हो रही 24 घंटे से मूसलाधार बरसात का पानी घरों में घुस गया जिससे हुई काफी हनी रहवासी परेशान।
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बीते 24 घंटे से हो रही बरसात की वजह से जहां-था विद्युत विभाग के पल तार लाइट टूटे जिस अंधेरे में सैकड़ो गांव वहीं बाढ़ की चपेट में दर्जनों घर आए र वास इधर-उधर रहने को हो रहे दिवस संबंधित मामले में पीड़ित सुरेश गुप्ता,
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रोहित, सोमारु, राहुल, अशोक, सहित आज ग्रामीणों ने बताया कि घरों में पानी घुसने की वजह से आसपास मौजूद लोगों के घरों में डेरा डाला गया है वही किसी तरह जीव कोपार्जन चलाया जा रहा है संबंधित मामले में अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।
तहसील क्षेत्र के सभी लेखपालों को संबंधित अपने क्षेत्र में जानकारी लेने को दिया निर्देश
आंधी पानी से गिरे घर व आपदा से हुई छाती की जांच करने को दिए निर्देश
विनय श्रीवास्तव
सोनभद्र। बीते 24 घंटे से हो रही आंधी पानी के साथ बरसात से जिला मुख्यालय स्थित कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है कई गांव में पानी के बहन से घर डूब गए हैं जिससे काफी जान्हा हुई है वहीं मंगलवार को सदर उप जिलाधिकारी आईएएस उत्कर्ष द्विवेदी एवं तहसीलदार अमित कुमार सिंह द्वारा रॉबर्ट्सगंज के साथ क्षेत्र भ्रमण किया गया
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जिसमें ग्राम सिलहट, नगवा आदि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में साथ में अतिरिक्त उपजिलाधिकारी व आपदा विशेषज्ञ पवन कुमार शुक्ला निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों से वार्ता कर उनके समस्याओं का निजात करने को संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देशित किया गया वहीं श्री द्विवेदी ने बताया कि संबंधित तहसील क्षेत्र के सभी लेखपालों को ग्रुप मैसेज दे दिया गया है
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अपने-अपने क्षेत्र के आधार स्थिति को जांच कर रिपोर्ट तैयार करें जहां आपदा से जान्हा हुई है वहां तत्काल पहुंचकर सहायता उपलब्ध कारण किसी भी प्रकार से बड़ी अनहोनी ना उत्पन्न हो पाए इसके लिए ग्राम प्रधान संबंधित ग्रामीणों के सहयोग से समुचित उप उपाय व सहयोग उत्पन्न काराएँ जिस की किसी भी प्रकार से किसी भी ग्रामीण या जनमानस को मौसम की वजह से कोई कठिनाइयों का सामना करना पड़े।
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श्री द्विवेदी ने कहा कि किसी भी ग्रामीण किसी भी क्षेत्र के व्यक्ति के का घर गिरा हो या छत हुई हो तो अपना फोटोग्राफ का डिटेल संबंधित हल्का लेखपाल को उपलब्ध कारण जिससे कि उसकी सरकार द्वारा मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।
बारिश के साथ आई तेज आंधी के कारण भारी तबाही हुई है
सोनभद्र। नौगढ़ में भारी बारिश के साथ आई तेज आंधी के कारण भारी तबाही हुई है इस घटना में कई जगहों पर पेड़ गिर गए हैं उससे भारी नुकसान हुआ है पेड़ गिरने से कई लोग बाल-बाल बचे और एक बाइक चालक के ऊपर पेड़ गिरने से उसका बाइक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ में प्रथम उपचार के लिए भर्ती कराया गया ।
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बता दे की नौगढ़ के देवखत स्थित महर्षि वाल्मीकि सेवा संस्थान में तेज आंधी और बारिश के कारण लगाए गए सागौन के पेड़ गिर गए जिससे संस्थान का सोलर पैनल टूट गया इस घटना से संस्थान के पढ़ने वाले बच्चे बाल बाल बचे लेकिन बच्चे इस घटना से भयभीत हो गए हालांकि किसी बच्चे को चोट नहीं आया संस्थान के
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अधिकारियों ने बताया कि पेड़ हटाने की कोशिश की जा रही है पेड़ हटाने के बाद हुए नुकसान का अनुमान लगाया जा सकता है बता दें नौगढ़ बाघी काली माता मंदिर के पास भी एक नीम का पेड़ मंदिर के ऊपर ही गिर गया और यूनियन बैंक के पास भी एक पेड़ गिर गया है और बता दें कि बीएसएनल एक्सचेंज के पास दो पेड़ गिर गया जिससे आसपास के लोग बाल बाल बचे पेड़ हटाने की कोशिश की जा रही है
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नौगढ़ विद्युत विभाग में कल रात भरी आंधी तूफान से अनुमान लगाया जा रहा है की लगभग 50 पोल टूटने की संभावना है जिससे नौगढ़ में विद्युत सेवा बाधित हो गया है फाल्ट की मरम्मत के लिए तकनीकी टीम जुटी हुई हैं।
लगातार बारिश से हाई वोल्टेज टावर के फाउंडेशन की स्थिति हुई खराब
गुरमा, सोनभद्र। विकास खण्ड सलखन न्याय पंचायत क्षेत्र के अन्तर्गत रविवार से मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी जबरदस्त हवाओं के साथ अनरवत वर्षा से चारो तरफ जलमग्न हो गया है। वहीं आंधी तुफान से जगह-जगह पेड़ पौधों के साथ विजली पोल गिरने से विजली आपुर्ति भी 24घ़टो से प्रभावित हो गई हैं।
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वहीं मारकुंडी स्थित राजस्व गांव अवयी सोन पम्प लिफ्ट के समीप लगा एक लाख बत्तिस हजार का हाई वोल्टेज टावर मिट्टी के टीले पर काफी उचाई पर लगाया गया हैं लगातार हो रही भारी बारिश के कारण टावर के आस पास मिट्टी फिसल कर बह रही हैं।
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जिसके कारण टावर के फाउंडेशन जड़,काफी कमजोर हो गये हैं।समय रहते सम्बंधित विभागीय अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया तो भारी तबाही के साथ जनधन की क्षति से इंकार भी नहीं किया जा सकता। क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों ने सम्बंधित विभागीय अधिकारियों से अविलंब स्थलीय निरिक्षण कर उचित कार्यवाही की मांग किया है।